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जल जीवन मिशन में गड़बड़ी : पिंडाटांड़ में 60 जलमीनारें, पर 11...




भास्कर न्यूज|गिरिडीह सदर प्रखंड की पिंडाटांड़ पंचायत में जल जीवन मिशन के तहत हर घर शुद्ध पेयजल देने की योजना में भारी गड़बड़ी सामने आई है। वर्ष 2023-24 में हर घर नल-जल योजना के तहत पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल-2 ग्रामीण क्षेत्र ने पंचायत के 9 गांवों में सोलर पैनल वाली 60 जलमीनारें लगाई। इनमें 18 जलमीनारें ऐसे स्थानों पर लगाई गईं, जहां इलाका पूरी तरह ड्राई जोन था। बोरिंग में पानी ही नहीं निकला। इसके बाद भी सोलर पैनल और टंकी लगा दी गई। लोगों को आज तक एक बूंद पानी नहीं मिला। बाकी 40 जलमीनारों में प्राक्कलन के मुताबिक बोरिंग नहीं कराई गई। नतीजा यह हुआ कि छह माह के भीतर 19 जलमीनारों ने काम करना बंद कर दिया। एक साल के भीतर 37 जलमीनार मृत हो चुकी हैं। कुछ जलमीनार मामूली खराबी के कारण बंद पड़ी हैं। अभी स्थिति यह है कि पूरी पंचायत में सिर्फ 11 जलमीनारों से लोगों को पानी मिल रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि न विभाग गंभीर है, न एजेंसी। योजना के एवज में एजेंसी को 75 फीसदी से अधिक भुगतान हो चुका है। उद्देश्य नियमित और सुरक्षित पेयजल देना था, जमीनी हालात उलट हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि कई जगह डीप बोरिंग में पानी नहीं मिलने के बाद भी जलमीनार का ढांचा खड़ा कर दिया गया। कुछ जगह निजी बोरिंग के सहारे जलमीनार लगा दी गई। इससे आम लोगों को लाभ नहीं मिल रहा। पंचायत के अधिकतर जलमीनार असरदार तरीके से काम नहीं कर रही। कुछ जलमीनारों में 50 लीटर पानी भी जमा नहीं हो पाता। कई पूरी तरह सूखी पड़ी हैं। आरोप है कि कुछ जगह पर ठेकेदार ने प्रभावशाली लोगों से मिलीभगत कर निजी परिसर या बाउंड्री के अंदर बोरिंग कर जलमीनार लगा दी। इससे लोगों की पहुंच सीमित हो गई। कई जलमीनारों पर गिने-चुने लोगों का कब्जा है। वे दूसरों को पानी नहीं लेने देते। लोग पानी के लिए भटक रहे हैं। कई बार विभाग और अधिकारियों से शिकायत के बाद भी समाधान नहीं हुआ। जल्द होगी मामले की जांच,गड़बड़ी सुधारी जाएगी : अंबाला पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता अविक अंबाला ने कहा कि उनके योगदान के पूर्व की यह योजना है। उनके कार्यकाल में एजेंसी को कोई भुगतान नहीं हुआ है। कहा कि पहले के अभियंता ने यदि गलत भुगतान किया है तो उसकी जांच होगी​। सबसे पहले पिंडाटांड़ का दौरा जल्द कर पूरी जांच की जाएगी। जहां गड़बड़ी है उसमें सुधार किया जाएगा। तकनीकी खराबी, जलस्रोत की समस्या या अतिक्रमण मिलेगा, वहां सुधारात्मक कार्रवाई होगी। धांधली पुष्टि होने पर एजेंसी पर भी कार्रवाई की जाएगी। गड़बड़ी को दुरुस्त करना होगा : मुखिया मुखिया पुष्पा देवी ने कहा कि पंचायत में पेयजल किल्लत की शिकायतें लगातार मिल रही हैं। कुछ स्थानांे पर तकनीकी गड़बड़ी या संचालन में दिक्कत है, उसकी जानकारी विभाग को दे दी गई है। सभी ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल देना प्राथमिकता है। इसलिए गड़बड़ी को दुरुस्त करना होगा।



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