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झारखंड

बैद्यनाथ धामः देवघर नहीं… यहां का पेड़ा है फेमस, बाबा मंदिर से...

Last Updated:June 21, 2026, 08:22 IST देवघर बाबा बैद्यनाथ धाम के पेड़े बहुत प्रसिद्ध हैं. मंदिर से 30 किलोमीटर दूर घोरमारा बाजार को ‘पेड़ा नगरी’ कहते हैं. यहां शुद्ध खोए से पारंपरिक तरीके से पेड़े बनते हैं. श्रद्धालु बासुकीनाथ जाते समय यहां जरूर रुकते हैं. सावन में यहां रोज़ 100 क्विंटल से अधिक पेड़े बिकते हैं. ख़बरें फटाफट देवघर: देवघर देश के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक पवित्र तीर्थ स्थल है. हर साल लाखों श्रद्धालु यहां बाबा बैद्यनाथ पर जलाभिषेक और पूजा-अर्चना करने पहुंचते हैं. खासकर श्रावण महीने में देवघर की रौनक देखने लायक होती है. दूर-दूर से आने वाले कांवरिया और श्रद्धालु बाबा के दर्शन के बाद यहां के प्रसिद्ध प्रसाद और स्थानीय स्वाद का आनंद लेना नहीं भूलते. देवघर की पहचान जितनी बाबा बैद्यनाथ धाम से है, उतनी ही यहां के पेड़े से भी जुड़ी हुई है. मंदिर के आसपास आपको पेड़े की कई दुकानें मिल जाएंगी, लेकिन देवघर से करीब 30 किलोमीटर दूर बासुकीनाथ मुख्य मार्ग पर स्थित घोरमारा बाजार की बात ही कुछ और है. यही वजह है कि इस जगह को लोग प्यार से ‘पेड़ा नगरी’ के नाम से जानते हैं. घोरमारा पार करते ही मिलेंगे पेड़े की सैकड़ों दुकानेंघोरमारा बाजार में प्रवेश करते ही सड़क के दोनों किनारों पर पेड़े की सैकड़ों दुकानें नजर आने लगती हैं. यहां का माहौल ही अलग दिखाई देता है. सुबह से लेकर देर शाम तक दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ लगी रहती है. स्थानीय लोगों के अनुसार कई दशकों से यहां पेड़ा बनाने और बेचने का काम हो रहा है. श्रावण मेले के दौरान तो यहां की रौनक कई गुना बढ़ जाती है. एक दिन में 100 क्विंटल से भी अधिक पेड़े की बिक्री होने की बात दुकानदार बताते हैं. यही नहीं, इस व्यवसाय से हजारों स्थानीय परिवारों की रोजी-रोटी भी जुड़ी हुई है. इसलिए घोरमारा का पेड़ा सिर्फ एक मिठाई नहीं, बल्कि यहां की पहचान और लोगों की आजीविका का भी अहम हिस्सा बन चुका है. कई राज्यों के श्रद्धालु यहां रुककर लेते हैं पेड़ा बाबा बैद्यनाथ धाम में पूजा करने के बाद अधिकांश श्रद्धालु बासुकीनाथ भी जाते हैं. इसी रास्ते में पड़ने वाला घोरमारा बाजार यात्रियों का पसंदीदा पड़ाव बन जाता है. लोग यहां रुककर पेड़ा खरीदते हैं और अपने घरों के लिए प्रसाद के रूप में लेकर जाते हैं. कई श्रद्धालु बताते हैं कि देवघर और बासुकीनाथ की यात्रा तब तक पूरी नहीं मानी जाती, जब तक घोरमारा का पेड़ा साथ न ले लिया जाए. यही कारण है कि झारखंड ही नहीं, बिहार, पश्चिम बंगाल,उत्तरप्रदेश,ओडिशा और देश के कई अन्य राज्यों तक यहां का पेड़ा पहुंचता है. क्या कहते हैं ग्राहक?बिहार से आये ग्राहक टुनटुन जी बताते है कि घोरमारा के पेड़े की सबसे बड़ी खासियत इसकी शुद्धता है. यहां पेड़ा बनाने में मुख्य रूप से दूध से तैयार खोवा का उपयोग किया जाता है. स्थानीय कारीगर आज भी पारंपरिक तरीके से हाथों से खोवा तैयार करते हैं. मशीनों के बजाय पुराने तरीके को प्राथमिकता दी जाती है, जिससे स्वाद और गुणवत्ता बरकरार रहती है. पेड़े में मिलावट न के बराबर होती है और इसकी सोंधी खुशबू लोगों को खूब पसंद आती है. यही वजह है कि एक बार इसका स्वाद चखने वाला व्यक्ति दोबारा यहां से पेड़ा खरीदना नहीं भूलता. घोरमारा का पेड़ा आज सिर्फ एक मिठाई नहीं, बल्कि श्रद्धा, परंपरा और स्थानीय मेहनत की पहचान बन चुका है. बाबा की नगरी आने वाले श्रद्धालुओं के लिए यह प्रसाद आस्था का प्रतीक है. वहीं स्थानीय लोगों के लिए रोजगार का मजबूत आधार. शायद यही वजह है कि सालों से घोरमारा की मिठास लोगों के दिलों में अपनी खास जगह बनाए हुए है. About the Author Prashun Singh मीडिया में 6 साल का अनुभव है. करियर की शुरुआत ETV Bharat (बिहार) से बतौर कंटेंट एडिटर की थी, जहां 3 साल तक काम किया. पिछले 3 सालों से Network 18 के साथ हूं. यहां बिहार और झारखंड से जुड़ी खबरें पब्लिश करता हूं. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Deoghar,Jharkhand Source link

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उद्योगपतियों के सुझाव के अनुरूप बनेगी झारखंड में नई उद्योग नीति

झारखंड सरकार उद्योगपतियों के सुझाव के अनुरूप उद्योग नीति बनाएगी। इसके लिए अगले माह दिल्ली में स्टेक होल्डर्स मीटिंग और आउटरीच प्रोग्राम होगा। इसमें विदेशी निवेशक और देश के नामी-गिरामी औद्योगिक घराने के लोग शामिल होंगे। इसमें राज्य सरकार द्वारा बनाई जा रही नई औद्योगिक नीति और वर्तमान में लागू विभिन्न नीतियों में उनके कारगर सुझाव को शामिल किया जाएगा। जानकारी के मुताबिक उद्योग विभाग की छह पॉलिसी में बदलाव करने की रूपरेखा तैयार हो रही है। जिन पॉलिसी में बदलाव होगा, उसमें औद्योगिक व निवेश संवर्धन नीति, निर्यात नीति, खाद्य प्रसंस्करण नीति, ईवी पॉलिसी, टेक्सटाइल्स पॉलिसी, एमएसएमई पॉलिसी शामिल हैं। अध्ययन यात्रा से सामने आए सुझावों के बाद विदेशी पूंजी निवेश को आकर्षित करने के लिए सरकार ने यह उठाया कदम है। इसके साथ ही यूरोपीय कंपनियों के लिए राज्य उद्योग विभाग में एक विशेष कोषांग बनाने की प्रक्रिया भी चल रही है। बहरहाल राज्य में औद्योगिक विकास और विदेशी पूंजी निवेश के लिए देश के अन्य राज्यों लागू नीतियों से बेहतर और आकर्षक पॉलिसी तैयार करने की योजना है। ये कंपनियां बैठक में शामिल होंगी सरकार आईटी सेक्टर की कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, इंफोसिस, विप्रो, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, टेक महिंद्रा, एलटीआईमाइंडट्री, कॉग्निजेंट, एक्सेंचर,आईबीएम इंडिया, कैपजेमिनी इंडिया के साथ कई विषयों पर मंथन करेगी। इसके अलावा बड़ी औद्योगिक कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड, टाटा स्टील, लार्सन एंड टुब्रो, महिंद्रा एंड महिंद्रा, टाटा मोटर्स, हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड, मारुति सुजुकी इंडिया,जेएसडब्ल्यू स्टील,अल्ट्राटेक सीमेंट, ग्रासिम इंडस्ट्रीज के लोग भी बैठक में शामिल होंगे। Source link

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रांची में RSS कार्यालय पर पेट्रोल बम फेंकने का मामला:2022 में मुंबई...

आरएसएस कार्यालय पर पेट्रोल बम फेंकने वाला अमन अंसारी उर्फ गोलू 7वीं कक्षा तक ही पढ़ाई किया है। घर की आर्थिक स्थिति खराब होने की वजह से वर्ष 2022 में जॉब करने के लिए घर छोड़कर लोहरदगा से मुंबई चला गया। मुंबई के डंकनरोड नागपाड़ा में रहकर अमन अंसारी पहले एसी बनाने का काम सीखा। फिर कुछ दिनों तक मुंबई में ही जॉब किया। पुलिस जांच में इस बात की जानकारी मिली है कि वर्ष 2024 में मुंबई का एजेंट जिशान शेख ने विजिट वीजा बनावाकर अमन अंसारी को ओमान भेजा। वहां जॉब नहीं मिला तो वापस लौट गया। वर्ष 2025 में जिशान फिर जॉब करने के लिए अमन को दुबई भेजा। वहां जाने के बाद इस बार आबुधाबी के मरमुम स्टार टेक्निकल सर्विस एलएलसी कंपनी में एसी बनाने का काम मिला। कंपनी में ही सीवान का रहने वाला सुलेमान अंसारी, आजमगढ़ का मो. आजम और कंपनी मैनेजर अहमद अली से संपर्क हुआ। बीजा हुआ खत्म को पहुंचे भारत यहीं काम करने के बाद सभी साथ रहने लगे। जब बीजा समाप्त हो गया तो कंपनी 1 जनवरी 2026 को वापस इंडिया भेज दिया। पुलिस जांच में इस बात की भी जानकारी मिली है कि इंडिया लौटने के बावजूद कंपनी मैनेजर अहमद अली अक्सर अमन के संपर्क में रहता था। कंपनी मैनेजर अहमद अली ने अमन को बताया था कि आवेश राजपूत उर्फ राणा और सहजाद उर्फ शहनबाज आलम उर्फ भट्टी को तुम्हारा मोबाइल नंबर दिया गया है। जल्द ही तुमसे संपर्क करेंगे। पुलिस को दिए गए बयान के मुताबिक इसके बाद 5 जून को राणा ने फोन कर अमन से लंबी बातचीत की और घटना का अंजाम देने के लिए 3 लड़कों का व्यवस्था करने को कहा। फिर राणा और भट्ठी के इशारे पर पूरी प्लानिंग के साथ 16 जून की रात चुटिया स्थित निवारणपुर में आरएसएस कार्यालय पर पेट्रोल बम से हमला किया। अमन से पूछताछ में पुलिस को अन्य कई महत्वपूर्ण जानकारी मिली है। जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। कैब से पहुंचा था आरएसएस कार्यालय हमला करने से पहले आरोपियों ने पुलिस से बचने के लिए पूरी तैयारी की थी। सीसीटीवी कैमरे से बचने के लिए सभी ने होटल में रखा उजले रंग का तौलिया और बेडशीट का इस्तेमाल किया था। सायम सुजान ने सैफ के मोबाइल से एक कैब बुक कर चालक को बुलाया था। इसी कैब में सभी सवार होकर चुटिया स्थित निवारणपुर पहुंचा था। हालांकि तीनों आरोपी सड़क पर उतरने से पहले ही तौलिया से खूद का चेहरा ढक लिया था। आरएसएस कार्यालय से 50 मीटर पहले गाड़ी रोक सायम सुजान बैठा रहा रहा और वहां से आने-जाने वालों पर नजर रख रहा था। वहीं सैफ और अमन गाड़ी से उतरकर पैदल पहुंचा और कार्यालय पर 2 बम फेंका। कपड़े बदलकर भागे 2 आरोपी 17 जून की सुबह लगभग 10 बजे तीनों आरोपी होटल से निकले और 150-150 रु. में 2 सेट नया कपड़ा खरीदा। पुलिस से बचने के लिए सैफ और अमन घटना के समय पहना गया कपड़ा बदल लिया। घटना के समय पहने गए कपड़े को सुजान को दे दिया। सायन सुजान उस कपड़े की गठरी बनाकर खादगढ़ा बस स्टैंड के पास नगर निगम का निर्माणाधीन विल्डिंग के पीछे फेक दिया। होटल के रूम नंबर 202 में देर तैयार किया पेट्रोल बम 16 जून की देर शाम तीनों आरोपी कांटाटोली स्थित होटल रॉयल इन पहुंचा। अमन अंसारी ने आईडी प्रुफ देकर एक हजार रुपए में होटल में कमरा नंबर 202 बुक कराया। कमरे में जाने के बाद रात 10 बजे सभी बाहर निकले और बगल के चाउमिन दुकान गए। वहां सॉस की 2 खाली बोतले मांगी। चाउमिन दुकान संचालक ने पूछा कि किसी से लड़ाई तो नहीं हुई है। ऐसा हुआ भी है तो किसी को मारना नहीं। लड़ाई-झगड़ा नहीं होने की बात पर आश्वस्त होने के बाद दुकान संचालक ने 10 रु. में सॉस की 2 खाली बोतलें दे दी। इसे लेकर सभी होटल चले गए और कमरा नंबर 202 में बैठकर पेट्रोल बम तैयार किया। Source link

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IMD आज 21 जून का मौसम: साइक्‍लोन दिखाने लगा असर, भारी बारिश...

होमताजा खबरदेश साइक्‍लोन का असर, भारी बारिश से हालात होंगे गंभीर, पूरे सप्‍ताह तक राहत नहीं Last Updated:June 21, 2026, 08:54 IST IMD 21 June Weather Update: दक्षिण भारत में मानसून धीरे-धीरे रफ्तार पकड़ रहा है. साइक्‍लोनिक सर्कुलेशन की वजह से इसे और रफ्तार मिल रहा है. भारतीय मौसम विभाग ने तमिलनाडु कम से कम 6 जिलों में भारी बारिश होने की बात कही है. IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, इस पूरे सप्‍ताह बारिश के लिए अनुकूल महौल बना हुआ है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने तमिलनाडु में भारी बारिश होने की संभावना जताई है. (फाइल फोटो/PTI) IMD 21 June Weather Update: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग यानी IMD ने मौसम को लेकर ताजा पूर्वानुमान जारी किया है. देश के कई हिस्‍सों में मानसून सक्रिय हो चुका है. दक्षिण भारत के कई राज्‍यों में इसका असर भी दिख रहा है. तमिलनाडु में दक्षिण-पश्चिम मानसून की सक्रियता के बीच मौसम ने फिर करवट ली है. क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र (आरएमसी), चेन्नई ने रविवार को राज्य के 6 जिलों में भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है. इससे प्रभावित इलाकों में हालात गंभीर भी हो सकते हैं. मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर केरल के ऊपर बना चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) दक्षिण भारत के मौसम को प्रभावित कर रहा है, जिसके असर से तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल क्षेत्र में बारिश की गतिविधियां तेज होने की संभावना है. विभाग ने संकेत दिया है कि अगले एक सप्ताह तक राज्य के कई हिस्सों में व्यापक वर्षा का दौर बना रह सकता है. IMD के मुताबिक, रविवार को तिरुनेलवेली जिले के पहाड़ी इलाकों के साथ नीलगिरि, कोयंबटूर, डिंडीगुल, थेनी और कन्याकुमारी जिलों के कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है. इन इलाकों में तेज हवाएं चलने की भी आशंका जताई गई है. मौसम विभाग का कहना है कि पश्चिमी घाट और उससे सटे क्षेत्रों में दक्षिण-पश्चिम मानसून की सक्रियता बनी हुई है, जिससे इन जिलों में वर्षा की तीव्रता बढ़ सकती है. मौसम विभाग ने बताया कि केवल इन 6 जिलों तक ही बारिश सीमित नहीं रहेगी. पश्चिमी घाट से लगे अन्य हिस्सों, कावेरी डेल्टा क्षेत्र और उत्तर तमिलनाडु के कई इलाकों में रविवार और सोमवार को मध्यम बारिश होने की संभावना है. मौसम विज्ञानियों के अनुसार, मौजूदा वायुमंडलीय परिस्थितियां राज्य के अनेक जिलों में रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला बनाए रखेंगी. इससे बीते दिनों की उमस और गर्मी से लोगों को कुछ राहत मिलने की उम्मीद है. भारी बारिश की चेतावनी सोमवार के लिए भी मौसम विभाग ने पश्चिमी और दक्षिणी तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है. IMD के अनुसार, कोयंबटूर जिले के पहाड़ी क्षेत्रों के अलावा नीलगिरि, डिंडीगुल, थेनी, मदुरै और शिवगंगा जिलों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं. मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि उत्तर केरल के ऊपर बना चक्रवाती परिसंचरण और मानसूनी परिस्थितियां मिलकर राज्य में वर्षा की गतिविधियों को अगले कम से कम एक सप्ताह तक सक्रिय बनाए रख सकती हैं. आमलोगों को सतर्क रहने की सलाह मौसम विभाग ने भारी बारिश की चेतावनी वाले जिलों के निवासियों को सतर्क रहने की सलाह दी है. विशेष रूप से पहाड़ी और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से कहा गया है कि वे जलभराव, फिसलन, छोटे भूस्खलन या स्थानीय स्तर पर यातायात बाधित होने जैसी स्थितियों को देखते हुए सावधानी बरतें. प्रशासन और स्थानीय एजेंसियों को भी संवेदनशील क्षेत्रों पर नजर बनाए रखने को कहा गया है. चेन्‍नई के आसमान में बादलों का डेरा राजधानी चेन्नई में रविवार को आसमान आंशिक रूप से बादलों से घिरा रहने का अनुमान है. शहर के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ मध्यम बारिश हो सकती है. हालांकि चेन्नई के लिए फिलहाल कोई बड़ी चेतावनी जारी नहीं की गई है, लेकिन छिटपुट बारिश से लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिल सकती है. मौसम विभाग ने कहा है कि अगले दो दिनों के दौरान जिन जिलों में भारी बारिश और तेज हवाओं की संभावना है, वहां के लोग आधिकारिक मौसम बुलेटिन और स्थानीय प्रशासन की सलाह पर नजर बनाए रखें. विभाग लगातार मौसम की स्थिति पर नजर रखे हुए है और जरूरत पड़ने पर ताजा अपडेट जारी करेगा. About the Author Manish Kumar बिहार, उत्‍तर प्रदेश और दिल्‍ली से प्रारंभिक के साथ उच्‍च शिक्षा हासिल की. झांसी से ग्रैजुएशन करने के बाद दिल्‍ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में PG डिप्‍लोमा किया. Hindustan Times ग्रुप से प्रोफेशनल कॅरियर की शु…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Chennai,Tamil Nadu Source link

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56 में 6 विधायक कहां गायब हो गए? सवाल जीत-हार का नहीं,...

Last Updated:June 21, 2026, 08:54 IST राज्यसभा चुनाव खत्म हो गया, लेकिन झारखंड की सियासत में असली मुकाबला अब शुरू हुआ है. महागठबंधन के भीतर आरोप, पलटवार और सफाई का दौर जारी है. एक ओर जहां कांग्रेस धोखे की बात कर रही है, वहीं राजद जवाबी हमला बोल रहा है. जबकि, झामुमो कह रहा है कि अब सबको एक कमरे में बैठकर सच का सामना करना होगा. लेकिन, सवाल तो 56 में 6 विधायकों के वोट गायब होने का है. ऐसे में झारखंड महागठबंधन में यह सवाल सिर्फ एक सीट का नहीं, बल्कि महागठबंधन के भरोसे और भविष्य का भी बन गया है. राज्यसभा चुनाव में हार के बाद झारखंड महागठबंधन में खींचतान जारी. रांची. झारखंड राज्यसभा चुनाव के नतीजों के बाद महागठबंधन के भीतर सियासी खींचतान खुलकर सामने आ गई है. कांग्रेस और राजद के बीच शुरू हुई बयानबाजी अब सार्वजनिक टकराव का रूप ले चुकी है. कांग्रेस जहां अपनी हार के लिए सहयोगी दलों पर धोखा देने का आरोप लगा रही है, वहीं राजद कांग्रेस नेतृत्व पर सवाल उठा रहा है. इस बीच झामुमो ने पूरे घटनाक्रम को गंभीर बताते हुए गठबंधन के शीर्ष नेताओं से समीक्षा बैठक बुलाने की मांग की है. हालांकि तीनों दल सरकार पर किसी खतरे से इनकार कर रहे हैं, लेकिन लगातार बढ़ रही बयानबाजी ने महागठबंधन की एकजुटता पर सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं. इस बीच झारखंड मुक्ति मोर्चा ने पूरे मामले को लेकर बड़ा बयान दिया है. JMM ने कहा-समीक्षा होनी चाहिए झारखंड मुक्ति मोर्चा के प्रदेश महासचिव विनोद पांडे ने कहा कि राज्यसभा चुनाव के दौरान जो कुछ हुआ, वह चिंता का विषय है और इसकी गंभीर समीक्षा होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि गठबंधन के सभी शीर्ष नेताओं को एक साथ बैठकर पूरे घटनाक्रम पर चर्चा करनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा पैदा न हो. उन्होंने कहा कि समीक्षा के बाद यदि किसी विधायक की भूमिका संदिग्ध पाई जाती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई पर भी विचार किया जाएगा. हालांकि उन्होंने साफ किया कि इस विवाद से सरकार की सेहत पर कोई असर नहीं पड़ेगा. लेकिन लगातार चल रही बयानबाजी गठबंधन की छवि को नुकसान पहुंचा रही है. कांग्रेस ने विधायकों को बुलाया, एकजुटता दिखाने की कोशिश दूसरी ओर राज्यसभा चुनाव में हार के बाद कांग्रेस ने अपने सभी विधायकों को प्रदेश कार्यालय तलब किया. शनिवार को पार्टी की प्रेस कॉन्फ्रेंस में 16 में से 13 विधायक मौजूद रहे. इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि सभी विधायकों ने पार्टी प्रभारी को मतपत्र दिखाकर ही मतदान किया था. प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने कहा कि राजद की ओर से लगाए जा रहे आरोप पूरी तरह निराधार हैं. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जीत और हार होती रहती है, लेकिन कांग्रेस विधायकों की निष्ठा पर सवाल उठाना गलत है. उन्होंने यह भी कहा कि महागठबंधन के 56 वोट होने के बावजूद 6 वोट कहां गए, इसका विश्लेषण पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व कर रहा है. प्रभारी के राजू के बचाव में उतरी कांग्रेस कांग्रेस नेताओं ने पार्टी के झारखंड प्रभारी के राजू का बचाव करते हुए कहा कि उनके लंबे राजनीतिक अनुभव और ईमानदारी पर कोई सवाल नहीं उठाया जा सकता. मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी प्रणव झा की हार केवल कांग्रेस की हार नहीं, बल्कि पूरे महागठबंधन की हार है. उन्होंने कहा कि संख्या बल होने के बावजूद हार होना इस बात का संकेत है कि कहीं न कहीं चूक हुई है, जिसकी समीक्षा जरूरी है. प्रदीप यादव ने BJP पर लगाया आरोप दूसरी ओर कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने कहा कि महागठबंधन पूरी तरह एकजुट है और उसकी लड़ाई भाजपा जैसी बड़ी राजनीतिक ताकत से है. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा पहले से ही हॉर्स ट्रेडिंग की रणनीति बनाकर आई थी और उसी का असर चुनाव परिणाम में दिखाई दिया. उन्होंने कहा कि सभी कांग्रेस विधायकों ने एकजुटता का परिचय दिया है और पार्टी के प्रत्याशी को ही वोट दिया है. महागठबंधन में तनाव, लेकिन सरकार पर संकट से इनकार राज्यसभा चुनाव के बाद कांग्रेस, राजद और झामुमो के बीच बयानबाजी जरूर तेज हो गई है, लेकिन फिलहाल कोई भी दल सरकार पर संकट की बात नहीं कर रहा है. झामुमो ने जहां समीक्षा की जरूरत बताई है, वहीं कांग्रेस भी आत्ममंथन की बात कर रही है. हालांकि जिस तरह सहयोगी दल एक-दूसरे पर सार्वजनिक रूप से सवाल उठा रहे हैं, उससे यह साफ है कि राज्यसभा चुनाव का असर महागठबंधन की अंदरूनी राजनीति पर गहरा पड़ा है. वर्तमान राजनीति में स्पष्ट है कि झारखंड की सत्ता में साथ-साथ चल रहे महागठबंधन के सहयोगी अब राज्यसभा चुनाव के नतीजों के बाद आमने-सामने नजर आ रहे हैं. कांग्रेस “धोखे” की बात कर रही है, राजद कांग्रेस पर ही सवाल उठा रहा है और झामुमो गठबंधन की छवि बचाने के लिए समीक्षा बैठक की वकालत कर रहा है. साफ है कि एक राज्यसभा सीट की हार ने सहयोगी दलों के बीच भरोसे पर ऐसा सवाल खड़ा कर दिया है, जिसकी गूंज अब सरकार के गलियारों तक सुनाई देने लगी है. About the Author Vijay jha पत्रकारिता क्षेत्र में 22 वर्षों से कार्यरत. प्रिंट, इलेट्रॉनिक एवं डिजिटल मीडिया में महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन. नेटवर्क 18, ईटीवी, मौर्य टीवी, फोकस टीवी, न्यूज वर्ल्ड इंडिया, हमार टीवी, ब्लूक्राफ्ट डिजिट…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Ranchi,Jharkhand Source link

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आजसू के 40वें स्थापना दिवस को लेकर निकाला गया मशाल जुलूस

सिटी रिपोर्टर | बोकारो धनबाद में आयोजित होने वाली आजसू पार्टी की जन आक्रोश रैली व 40वें स्थापना दिवस समारोह को सफल बनाने के उद्देश्य से शनिवार को मशाल जुलूस निकाला गया। इस दौरान आजसू नेताओं ने जनता से धनबाद में आयोजित स्थापना दिवस समारोह एवं जन आक्रोश रैली में शामिल होने की अपील की। पूरे मार्ग में कार्यकर्ताओं ने पार्टी के समर्थन में नारे लगाए और जनहित से जुड़े मुद्दों को लेकर अपनी आवाज बुलंद की। पूर्व विधायक डॉ. लंबोदर महतो ने कहा कि आजसू पार्टी का 40 वर्षों का संघर्ष, त्याग और जनहित की राजनीति का गौरवशाली इतिहास रहा है। उन्होंने कहा कि स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित जन आक्रोश रैली झारखंड की जनता की भावनाओं, अधिकारों और आकांक्षाओं की सशक्त अभिव्यक्ति बनेगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं एवं समर्थकों से बड़ी संख्या में धनबाद पहुंचकर कार्यक्रम को सफल बनाने का आह्वान किया। वहीं केंद्रीय महासचिव अजय सिंह, जिलाध्यक्ष सचिन महतो ने भी संबोधित किया। मौके पर केंद्रीय सदस्य महेंद्र चौधरी, सांसद प्रतिनिधि सुरेश महतो, अशोक महतो, बंकु बिहारी, कमलेश महतो, करण महतो आदि थे। Source link

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मांडर जमीन घोटाला की जांच ईडी करेगा, सीओ ने राजस्वकर्मी पर कार्रवाई...

मांडर अंचल में 14.34 एकड़ सरकारी जमीन घोटाले की जांच अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) करेगा। जमीन घोटाले से जुड़े पहले से दर्ज ईसीआईआर में इस मामले को भी शामिल किया जाएगा। इधर, अंचल अधिकारी चंचला कुमारी ने राजस्व कर्मचारी पुना उरांव के खिलाफ कार्रवाई के लिए डीसी मंजूनाथ भजंत्री को पत्र भेजा है। आरोप है कि मौजा हेसमी के खाता संख्या 152, प्लॉट संख्या 1163 की गैरमजरुआ सरकारी जमीन को फर्जी तरीके से पंजी-2 में नारायण मिस्त्री के नाम दर्ज कर दिया गया। स्पष्टीकरण मांगे जाने पर कर्मचारी ने आरोपों से इनकार किया है।जमीन की दावेदार महिला आई सामने: रांची-लोहरदगा हाईवे स्थित इस बेशकीमती 14.34 एकड़ जमीन को मांडर की रहने वाली सरोज लकड़ा ने अपनी जमीन होने का दावा किया है। भास्कर से बातचीत में सरोज लकड़ा ने बताया कि उक्त जमीन 1939 में मेरे दादा ससुर ने खरीदी थी। मेरे पति राजेश जेराल्ड एक्का के नाम से रसीद कट रही है। गलत जमाबंदी करने में सिर्फ कर्मचारी की भूमिका नहीं है। बड़े अधिकारी भी शामिल हैं। पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए। इसके लिए मैं कोर्ट भी जाऊंगी। आगे क्या: नारायण मिस्त्री का नाम पंजी टू से हटेगा उप समाहर्ता प्रवीण कुमार सिंह ने बताया कि राजस्व रेकर्ड में मिलीभगत, जालसाजी कर किसी व्यक्ति का नाम गलत तरीके से दर्ज कर दिया जाता है या रसीद कट जाती है तो भी उक्त भूमि पर कोई वैध मालिकाना हक प्राप्त नहीं होता। जालसाजी के आधार पर की गई जमाबंदी को प्रशासनिक और न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से समाप्त किया जा सकता है। इसका अधिकार डीसीएलआर या अपर समाहर्ता के पास है। Source link

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बंगाल की खाड़ी में नेवी का ‘त्रिदेव’, ब्रह्मोस की ताकत से लैस,...

Last Updated:June 21, 2026, 08:01 IST Indian Navy Warship Commissioning: भारत अपने डिफेंस सिस्‍टम को लगातार अपग्रेड कर रहा है. जमीन से लेकर आसमान और समंदर तक को अभेद्य बनाया जा रहा है. समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में रविवार 21 जून 2026 का दिन काफी अहम रहा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंडियन नेवी के हवाले 3 वॉरशिप किया. इन तीनों युद्धपोतों की खासियत एक-दूसरे से काफी अलग है. डिफेंस एक्‍सपर्ट का मानना है कि इन तीनों वॉरशिप के भारतीय नौसेना में शामिल होने से हिन्‍द से लेकर प्रशांत महासागर तक भारत का दबदबा होगा. इसके साथ ही चीन जैसे देशों की मनमानी पर भी नकेल कसा जा सकेगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीन देसी वॉरशिप इंडियन नेवी को समर्पित किया है. इन तीनों की खासियत एक से बढ़कर एक हैं. इससे हिन्‍द महासागर से लेकर प्रशांत महासागर तक भारतीय नौसेना की ताकत बढ़ेगी. (फोटो: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फेसबुक अकाउंट से साभार) Indian Navy Warship Commissioning: इंडियन आर्मी और एयरफोर्स के साथ ही भारतीय नौसेना को भी एडवांस वेपन सिस्‍टम से लैस करने की प्रक्रिया चल रही है. बदले हालात में मैरीटाइम सिक्‍योरिटी को दुरुस्‍त करना अनिवार्य हो चुका है. ईरान जंग ने पूरी दुनिया को एक बार फिर से बताया कि समुद्री ताकत का होना कितना जरूरी है. हालात को देखते हुए भारत भी अपनी नेवी को मजबूत बनाने में जुटा है. भारत का लक्ष्‍य आने वाले 10 साल में नेवी की पावर को नेक्‍स्‍ट लेवल तक ले जाना है. इसी टार्गेट के साथ इंडियन नेवी में एक साथ तीन वॉरशिप को शामिल किया जा रहा है. हालांकि, सुपरपावर नेवी के लिए वॉरश‍िप के साथ ही एयरक्राफ्ट कैरियर की भी जरूरत है, ताकि ब्‍लू वाटर नेवी के कॉन्‍सेप्‍ट को जमीन पर उतारा जा सके. बता दें कि भारत के पास फिलहाल दो विमानवाहक पोत (INS विक्रांत और INS विक्रमादित्‍य) हैं. दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को कोलकाता में भारतीय नौसेना के तीन स्वदेशी प्लेटफॉर्म (INS दुनागिरि, INS संशोधक और INS अग्रय) को औपचारिक रूप से नौसेना में शामिल करेंगे. इस समारोह को भारत की समुद्री सैन्य क्षमता, स्वदेशी रक्षा उत्पादन और ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान की दिशा में एक अहम पड़ाव माना जा रहा है. रक्षा मंत्रालय और नौसेना के अनुसार, तीनों प्लेटफॉर्म भारतीय नौसेना की डिजाइन क्षमताओं और घरेलू शिपबिल्डिंग इकोसिस्टम की बढ़ती ताकत का प्रतीक हैं. कोलकाता स्थित गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (GRSE) में निर्मित इन तीनों पोतों को नेवी की अलग-अलग ऑपरेशनल जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है. इनमें INS दुनागिरि एक अत्याधुनिक स्टील्थ गाइडेड-मिसाइल फ्रिगेट है, INS संशोधक एक सर्वेक्षण पोत है, जबकि INS अग्रय को तटीय इलाकों में पनडुब्बी रोधी अभियानों के लिए डिजाइन किया गया है. नौसेना का कहना है कि इन तीनों प्लेटफॉर्म का एक साथ शामिल होना उसकी वॉर कैपेबिलिटी, समुद्री सर्वेक्षण और तटीय सुरक्षा तंत्र को एक साथ मजबूती देगा. INS दुनागिरि  INS अग्रय INS संशोधक भारतीय नौसेना के आधुनिकीकरण अभियान को और मजबूती देते हुए स्वदेशी युद्धपोत INS दुनागिरि को एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है. प्रोजेक्ट 17A के तहत निर्मित यह पांचवां फ्रिगेट है, जबकि गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (GRSE) में बना अपनी श्रेणी का दूसरा युद्धपोत है. यह वॉरशिप अत्याधुनिक हथियार प्रणालियों से लैस है. इसमें ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल, सरफेस-टू-एयर मिसाइल और क्लोज-इन वेपन सिस्टम लगाए गए हैं, जो इसे समुद्री युद्ध क्षमता के लिहाज से बेहद ताकतवर बनाते हैं. INS दुनागिरि को 80 महीनों में तैयार कर नौसेना को सौंपा गया, जबकि इस परियोजना के प्रमुख पोत INS नीलगिरि को बनने में 93 महीने लगे थे. इंडियन नेवी के तटीय रक्षा बेड़े को और मजबूत करने वाले INS अग्रय को पनडुब्बी रोधी क्षमता से लैस आधुनिक युद्धपोत के रूप में तैयार किया गया है. यह 16 युद्धपोतों वाले अर्नाला क्लास एंटी-सबमरीन वॉरफेयर शैलो वॉटर क्राफ्ट कार्यक्रम का पांचवां पोत है, जिसे 2013 में मंजूरी दी गई थी. तटीय और उथले समुद्री इलाकों में अभियान के लिए डिजाइन किए गए INS अग्रय में हल्के टॉरपीडो, स्वदेशी एंटी-सबमरीन रॉकेट लॉन्चर और अत्याधुनिक सोनार सिस्टम लगाए गए हैं. यह पोत खास तौर पर उथले तटीय जलक्षेत्रों में दुश्मन पनडुब्बियों का पता लगाने और उन्हें निशाना बनाने के लिए तैयार किया गया है. पाकिस्तान नौसेना द्वारा हंगोर क्लास पनडुब्बियों सहित अपने पनडुब्बी बेड़े को लगातार मजबूत किए जाने के बीच INS अग्रय की यह क्षमता भारत की समुद्री सुरक्षा के लिहाज से बेहद अहम मानी जा रही है. भारतीय नौसेना की सर्वेक्षण क्षमता को मजबूत करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज कोलकाता में INS संशोधक को नौसेना में शामिल किया. यह संधायक श्रेणी के सर्वेक्षण पोत कार्यक्रम का चौथा और अंतिम जहाज है. करीब 110 मीटर लंबे और लगभग 3,300 टन वजनी इस पोत को अत्याधुनिक हाइड्रोग्राफिक सर्वे सिस्टम, ऑटोनॉमस अंडरवॉटर व्हीकल्स (AUVs) और रिमोटली ऑपरेटेड व्हीकल्स (ROVs) से लैस किया गया है. इन सिस्‍टम्‍स की मदद से समुद्र तल की मैपिंग, नेविगेशन चार्ट तैयार करने और समुद्री क्षेत्रों का सटीक सर्वेक्षण किया जा सकेगा. INS संशोधक के शामिल होने से हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की समुद्री निगरानी, सुरक्षित नौवहन और सामरिक सर्वेक्षण क्षमताओं को और मजबूती मिलेगी. यह पोत नौसेना के आधुनिकीकरण और स्वदेशी समुद्री बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देने की दिशा में एक अहम उपलब्धि माना जा रहा है. INS दुनागिरि क्‍यों इतना खास? INS दुनागिरि को इस कमीशनिंग का सबसे अहम आकर्षण माना जा रहा है. यह प्रोजेक्ट 17A के तहत तैयार नीलगिरि श्रेणी का स्टील्थ फ्रिगेट है और इस श्रेणी का पांचवां पोत बताया गया है. INS दुनागिरि रडार को चकमा देकर ऑपरेशन को अंजाम देने में सक्षम है. इसमें एडवांस वेपन और सेंसर सिस्‍टम, बेहतर स्टील्थ विशेषताएं तथा आधुनिक वॉर ऑपरेशन कैपेबिलिटी शामिल है. रिपोर्टों के मुताबिक, यह पोत ब्रह्मोस जैसी सुपरसोनिक मिसाइलों, एयर डिफेंस सिस्टम और एंटी-सबमरीन क्षमताओं से लैस है. हिंद महासागर क्षेत्र और व्यापक इंडो-पैसिफिक में बढ़ती सामरिक चुनौतियों के बीच दुनागिरि भारतीय नौसेना की ब्लू-वॉटर क्षमता को और मजबूत करेगा. INS दुनागिरी प्रोजेक्ट 17A का पांचवां फ्रिगेट है और इस श्रेणी का दूसरा युद्धपोत है, जिसका निर्माण गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (GRSE) में किया गया है. यह फ्रिगेट ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों, सतह से हवा

झारखंड

आंधी-तूफान, वज्रपात! रांची, रामगढ़… झारखंड के 16 जिलों में होगी बारिश, IMD...

रांची: झारखंड में मानसून अब तेजी से सक्रिय हो चुका है और आज रविवार को झारखंड के अधिकांश जिलों में मौसम का मिजाज बदला-बदला रहने की संभावना है. IMD के अनुसार कई जिलों में आज हल्की से मध्यम बारिश, मेघगर्जन, वज्रपात और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. वहीं, मानसून के प्रभाव से कई जिलों में तापमान में गिरावट दर्ज होगी और लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिलेगी. आज रांची, खूंटी, सिमडेगा, गुमला समेत 16 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. वहीं, पलामू, गढ़वा, चतरा जिलों में सबसे ज्यादा गर्मी रह सकती है. इन जिलों का तापमान अधिकतम 35 से 38 डिग्री तक पहुंच सकता है. झारखंड के इन जिलों में आंधी-तूफान का अलर्ट रांची मौसम विभाग ने रांची, रामगढ़, बोकारो, धनबाद, गिरिडीह, देवघर, दुमका, जामताड़ा, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, खूंटी, सिमडेगा और गुमला समेत कई जिलों में मेघगर्जन और तेज हवाओं को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी है. कुछ इलाकों में बिजली गिरने की घटनाएं भी हो सकती हैं, इसलिए खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है. झारखंड के इन जिलों में बारिश का अलर्ट आज रांची, खूंटी, सिमडेगा, गुमला, लोहरदगा, पश्चिमी सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, बोकारो, धनबाद, गिरिडीह, देवघर, जामताड़ा, दुमका, पाकुड़, गोड्डा और साहिबगंज में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है. कई स्थानों पर गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं. वहीं, मानसूनी बादलों की सक्रियता के कारण कोल्हान और संथाल परगना क्षेत्र में बारिश की गतिविधियां अधिक रहने का अनुमान है. इन जिलों का मौसम रहेगा सुहावना आज झारखंड की राजधानी रांची, खूंटी, गुमला, सिमडेगा, लोहरदगा और पश्चिमी सिंहभूम में दिनभर बादल छाए रहने और बीच-बीच में बारिश होने की संभावना है. इन जिलों में अधिकतम तापमान 28 से 32 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है. वहीं, बारिश और ठंडी हवाओं के कारण यहां का मौसम सबसे ज्यादा सुहावना रहने वाला है. हालांकि इस दौरान लोगों को सावधान रहना चाहिए. पलामू में रह सकती है सबसे ज्यादा गर्मी आज झारखंड के उत्तर-पश्चिमी हिस्सों, खासकर पलामू, गढ़वा, चतरा और लातेहार में बारिश की गतिविधियां अपेक्षाकृत कम रह सकती हैं. इन जिलों में अधिकतम तापमान 35 से 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है. डाल्टनगंज और आसपास के जिलों में उमस के साथ गर्मी लोगों को परेशान कर सकती है. शनिवार को झारखंड के इन जिलों में हुई बारिश शनिवार को मानसून की सक्रियता के कारण रांची, जमशेदपुर, चाईबासा, सरायकेला, देवघर, दुमका, पाकुड़, साहिबगंज और आसपास के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई. वहीं, संथाल परगना और कोल्हान क्षेत्र में कई स्थानों पर गरज के साथ वर्षा हुई, जिससे तापमान में गिरावट आई और लोगों को राहत मिली. इसके अलावा मानसून अब लगभग पूरे झारखंड में प्रभावी हो चुका है और आने वाले दिनों में बारिश का दायरा और बढ़ने की संभावना है. Source link

झारखंड

सहकारिता से जुड़े किसान दोगुनी कर सकते हैं अपनी आमदनी: सत्येंद्र चौहान

भास्कर न्यूज | दुमका संथाल परगना मंडल दुमका स्थित संयुक्त सहकारिता सभागार भवन में शुक्रवार को झारखंड स्टेट कोऑपरेटिव फेडरेशन लिमिटेड का एक दिवसीय प्रशिक्षण सह सेमिनार कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में फेडरेशन के चेयरमैन सत्येंद्र चौहान शामिल हुए। विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रबंध निदेशक अफ्रेम जॉर्ज कुजूर, जिला सहकारिता पदाधिकारी, जिला परिषद उपाध्यक्ष सुधीर मंडल मौजूद रहे। अतिथियों का अंगवस्त्र व पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया गया। संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान संथाल परगना प्रमंडल अंतर्गत संचालित सहकारी समितियों के पदाधिकारियों एवं सचिवों को समितियों के बेहतर संचालन, आर्थिक मजबूती, सरकारी योजनाओं से जुड़ाव को लेकर मार्गदर्शन दिया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए चेयरमैन सत्येंद्र चौहान ने कहा कि दुमका प्रमंडल झारखंड राज्य की रीढ़ है। इसे ताकत देने वाली शक्ति यहां के किसान हैं। ये पैक्स और लैम्प्स के माध्यम से जुड़े हुए हैं। उन्होंने बताया कि राज्य के कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्रालय के सचिव अबू बकर सिद्दीकी तथा विभागीय मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की की सोच को आगे बढ़ाते हुए झारखंड कोऑपरेटिव फेडरेशन हर जिले व प्रमंडल में समिति सदस्यों को प्रशिक्षण के माध्यम से जागरूक बनाने के अभियान में जुटा है। सत्येंद्र चौहान ने कहा कि भारत के निर्माण में सहकारिता का अहम योगदान रहा है। सहकारिता से जुड़कर किसान अपनी आमदनी दोगुनी कर सकते हैं। उन्होंने महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर भी जोर दिया। महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ का उदाहरण देते हुए चेयरमैन ने कहा कि उन राज्यों में लैम्प्स और पैक्स इतने प्रगतिशील व सक्रिय हैं कि वहां हर तरफ किसान सफलता की नई कहानियां गढ़ रहे हैं। मौके पर अशोक सिन्हा, विवेक कुमार, उपेंद्र कुमार यादव, महादेव मुर्मू समेत दुमका सहित पूरे प्रमंडल से पैक्स और लैम्प्स से जुड़े सदस्य व पदाधिकारी बड़ी संख्या में मौजूद थे। Source link

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