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झारखंड

दीप प्रज्वलन में नहीं बुलाए जाने पर शुरू हुआ विवाद:योग दिवस कार्यक्रम...

कोडरमा जिले के डोमचांच प्रखंड स्थित सीएम प्लस टू हाई स्कूल के खेल मैदान में आयोजित 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम के दौरान उस समय विवाद खड़ा हो गया, जब स्थानीय विधायक को मंच पर दीप प्रज्वलन के लिए आमंत्रित नहीं किया गया। कार्यक्रम में कोडरमा की सांसद सह केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी, भाजपा जिलाध्यक्ष अनूप जोशी, उपायुक्त सहित कई प्रशासनिक अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद थे। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन से हुई, जिसमें केवल चुनिंदा अतिथियों को मंच पर बुलाया गया। इसी दौरान विधायक डॉ. नीरा यादव को नजरअंदाज किए जाने से मामला गरमा गया। विधायक ने जताई कड़ी आपत्ति मंच से अलग रखे जाने पर विधायक डॉ. नीरा यादव ने इसे प्रोटोकॉल का उल्लंघन बताते हुए नाराजगी जताई। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहा कि वह पिछले 12 वर्षों से लगातार योग दिवस कार्यक्रम में भाग लेती रही हैं, लेकिन इस तरह का व्यवहार पहले कभी नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि यह एक सरकारी कार्यक्रम था। इसके बावजूद न तो मंच पर उनका नाम प्रदर्शित किया गया और न ही उनकी तस्वीर लगाई गई। विधायक ने इसे व्यक्तिगत अपमान बताते हुए कहा कि इस तरह की लापरवाही प्रशासनिक स्तर पर गंभीर सवाल खड़े करती है। कार्यक्रम का सम्मान करते हुए रुकीं डॉ. नीरा यादव ने स्पष्ट कहा कि वह इस व्यवहार से आहत होकर कार्यक्रम छोड़कर जा सकती थीं, लेकिन यह प्रधानमंत्री से जुड़ा महत्वपूर्ण आयोजन था, इसलिए उन्होंने कार्यक्रम में बने रहना उचित समझा। उन्होंने कहा कि किसी भी जनप्रतिनिधि के साथ इस प्रकार का व्यवहार न केवल असम्मानजनक है, बल्कि प्रोटोकॉल की अनदेखी भी है। विधायक ने चेतावनी दी कि वह इस मामले को उच्च स्तर पर उठाएंगी ताकि भविष्य में इस तरह की स्थिति दोबारा न उत्पन्न हो। कार्यक्रम के दौरान कुछ देर के लिए माहौल तनावपूर्ण रहा, हालांकि बाद में योगाभ्यास का कार्यक्रम सामान्य रूप से संपन्न कराया गया। Source link

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लातेहार में पिकअप वैन पलटी:टांगीनाथ धाम से लौट रहे सात लोग घायल;...

लातेहार में शनिवार देर रात एक बड़ा सड़क हादसा हो गया, जिसमें सात लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना कोटाम मोड़ के समीप की है, जहां एक पिकअप वैन अनियंत्रित होकर पलट गई। बताया जा रहा है कि सभी घायल लातेहार प्रखंड के तरवाडीह गांव के निवासी हैं। टांगीनाथ धाम से पूजा-अर्चना कर अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान कोटाम मोड़ के पास चालक का संतुलन बिगड़ गया। वाहन सड़क पर पलट गया। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास के लोग मदद के लिए जुट गए। तीन को रिम्स किया गया रेफर इस दुर्घटना में बजरंग प्रसाद, सविता देवी, रोहित कुमार, रम्भा देवी, अनिता देवी, सोनी देवी और संतोष प्रसाद घायल हुए हैं। सभी घायलों को तत्काल इलाज के लिए सदर अस्पताल लातेहार लाया गया, जहां चिकित्सकों की देखरेख में उनका उपचार चल रहा है। घायलों में बजरंग प्रसाद, रोहित कुमार और अनिता देवी की हालत गंभीर बताई जा रही है। जिन्हें बेहतर इलाज के लिए रांची स्थित रिम्स रेफर कर दिया गया है। घटना की जानकारी मिलते ही लातेहार प्रखंड के उपप्रमुख राजकुमार प्रसाद मौके पर पहुंचे और स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को एंबुलेंस के माध्यम से अस्पताल भिजवाया। पुलिस ने वाहन जब्त कर शुरू की जांच सदर अस्पताल में घायलों का हालचाल जानने के लिए कई जनप्रतिनिधि और नेता भी पहुंचे। जिला कांग्रेस मीडिया प्रभारी पंकज तिवारी, झारखंड प्रदेश कांग्रेस के संयुक्त सचिव आफताब आलम, सरयू मंडल कांग्रेस अध्यक्ष सुनील प्रसाद और संजय शर्मा सहित अन्य लोगों ने घायलों के इलाज की जानकारी ली और उनके परिजनों को हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया। इधर, घटना की सूचना मिलने पर सदर थाना पुलिस भी अस्पताल पहुंची और घायलों से दुर्घटना के संबंध में पूछताछ की। थाना प्रभारी प्रमोद सिन्हा ने बताया कि दुर्घटनाग्रस्त पिकअप वैन को जब्त कर लिया गया है। पूरे मामले की जांच की जा रही है। Source link

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उज्जैन की क्षिप्रा आरती बनी पर्यावरण अभियान, ढाई लाख श्रद्धालुओं ने लिया...

Last Updated:June 21, 2026, 13:09 IST देशभर में नदियों की सफाई पर करोड़ों खर्च हो रहे हैं, लेकिन उज्जैन की क्षिप्रा पर बिना अतिरिक्त बजट एक अनोखी पहल मिसाल बन रही है.श्रीराम घाट की संध्या आरती में रोज हजारों श्रद्धालु संकल्प ले रहे हैं कि पूजा सामग्री नदियों में प्रवाहित नहीं करेंगे 50 दिनों में ढाई लाख लोग जुड़ चुके हैं, और क्षिप्रा में इसका सकारात्मक असर भी दिखने लगा है. धार्मिक नगरी उज्जैन मे रोजाना लाखो की संख्या मे श्रद्धांलु का आगमन होता है. यहां मोक्षदयनी दायनी माँ शिप्रा का वास है. जो खास महत्व रखती है. यहां होने वाली आरती अपने एक अलग ही अनुभव के लिए पहचानी जाती है. देखा जा रहा है कि देशभर में नदियों की सफाई पर करोड़ों खर्च हो रहे हैं, लेकिन उज्जैन का एक अनोखा मॉडल बिना अतिरिक्त बजट के मिसाल बन रहा है. मां क्षिप्रा की संध्या आरती अब पर्यावरण संरक्षण का अभियान बन चुकी है. श्रद्धालुओं को संकल्प दिलाया जा रहा है कि वे पूजन सामग्री नदियों में प्रवाहित नहीं करेंगे. 50 दिनों में ढाई लाख से अधिक लोग इस मुहिम से जुड़ चुके हैं. इसका सकारात्मक असर क्षिप्रा घाटों पर साफ दिखाई देने लगा है. पंडा समिति के अध्यक्ष राजेश त्रिवेदी ने बताया कि उज्जैन के श्रीराम घाट पर हर शाम होने वाली क्षिप्रा आरती अब पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दे रही है. तीर्थ पुरोहित श्रद्धालुओं से संकल्प कराते हैं कि पूजा के बाद बची सामग्री नदी में प्रवाहित नहीं करेंगे. फूल-पत्तियों जैसी जैविक सामग्री को गमलों या बगीचों में उपयोग करने और अन्य कचरे का उचित निपटान करने की सीख दी जाती है. लोगों की सोच बदलने वाली यह पहल देश के लिए प्रेरणादायक मिसाल बन रही है. जानिए कब से शुरू हुई अनोखी अपील पंडा समिति के अध्यक्ष राजेश त्रिवेदी के अनुसार, 25 अप्रैल 2026 से शुरू हुए इस जनजागरण अभियान से 15 जून तक करीब ढाई लाख श्रद्धालु जुड़ चुके हैं. संध्या आरती में प्रतिदिन आने वाले लगभग 15 हजार श्रद्धालुओं को नदी-तालाब संरक्षण का संकल्प दिलाया जाता है. पंडे-पुजारी, नगर निगम और होमगार्ड भी लोगों को जल स्रोतों को प्रदूषित न करने के लिए जागरूक कर रहे हैं, जिसका सकारात्मक असर अब घाटों पर साफ नजर आने लगा है. हमने देश के विभिन्न राज्यों से उज्जैन पहुंचे श्रद्धालुओं से बातचीत की. हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश से आए श्रद्धालुओं का कहना था कि यदि लोग अपनी धार्मिक आस्था के साथ पर्यावरण संरक्षण की जिम्मेदारी भी निभाएं, तो नदियों और तालाबों को प्रदूषण से बचाने की दिशा में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है. लोगो ने लिया संकल्प उज्जैन की पावन क्षिप्रा आरती अब सिर्फ आस्था का नहीं, बल्कि जनजागरण का भी माध्यम बन गई है. हरियाणा, राजस्थान और बुंदेलखंड व अन्य राज्यों से आए श्रद्धालुओं ने संकल्प लिया कि वे नदियों में पूजा सामग्री, कचरा और खंडित वस्तुएं प्रवाहित नहीं करेंगे तथा दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करेंगे. नदी विशेषज्ञों का मानना है कि सरकारी योजनाओं के साथ जनभागीदारी जुड़ जाए तो नदी संरक्षण का लक्ष्य तेजी से हासिल किया जा सकता है. पंडा समिति के अनुसार, संध्याकालीन आरती में लिया गया यह संकल्प नदियों के प्रति सम्मान और जिम्मेदारी का संदेश देता है, जो देशभर में मिसाल बन सकता है. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Ujjain,Madhya Pradesh Source link

झारखंड

गद्दार कौन? घायल कांग्रेस की दर्द भरी आवाज मुख्यमंत्री आवास की दीवारों...

Last Updated:June 21, 2026, 12:51 IST Jharkhand Politics: राज्यसभा चुनाव के परिणाम ने झारखंड की राजनीति में उथल-पुथल पैदा कर दिया है. कांग्रेस प्रत्याशी की हार के बाद गठबंधन की दीवारों पर दरार साफ नजर आने लगी है. वहीं, राजद और कांग्रेस के बीच तल्खी की गूंज अब मुख्यमंत्री आवास की दीवारों से भी टकरा रही है. वहीं, राज्यसभा चुनाव के लिटमस टेस्ट में फेल होने के बाद अब झारखंड की सत्ता और सियासत पर इसका बड़ा असर पढ़ने की बात कही जा रही है. झारखंड राज्यसभा चुनाव के बाद सियासी घमासान, कांग्रेस के आरोप, RJD का पलटवार, JMM की बढ़ी चिंता रांची. झारखंड राज्यसभा चुनाव के नतीजों ने प्रदेश की सत्ताधारी महागठबंधन में शामिल दलों की एकजुटता की चूलें हिलाकर रख दी हैं. संसद के उच्च सदन की दूसरी सीट पर प्रियंका गांधी के करीबी कांग्रेस प्रत्याशी प्रणव झा की करारी शिकस्त के बाद सत्ताधारी महागठबंधन यानी INDIA ब्लॉक की दीवारें पूरी तरह दरकती दिख रहीं हैं. इस चुनावी मुकाबले ने गठबंधन के भीतर चल रहे अविश्वास का एक ऐसा ‘एनकाउंटर’ किया है, जिसके जख्म के निशान अब मुख्यमंत्री आवास की दीवारों पर नजर आ रहे हैं. चुनाव के इस लिटमस टेस्ट में बुरी तरह जख्मी नजर आ रही कांग्रेस ने राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और वामपंथी दल माले (CPI-ML) पर खुलेआम क्रॉस वोटिंग और भितरघात का आरोप मढ़ा है. वहीं राजद ने भी अब पलटवार करते हुए कांग्रेस को ही असली ‘गद्दार’ बता दिया है और उसे गठबंधन से बाहर का रास्ता दिखाने की मांग तेज कर दी है. भरोसे का हुआ ‘एनकाउंटर’, राजद-कांग्रेस में खुलेआम जंग वरिष्ठ राजनीतिक पत्रकार बैजनाथ मिश्रा का मानना है कि यह चुनाव परिणाम महज एक सीट की हार नहीं, बल्कि महागठबंधन के भीतर आपसी भरोसे का पूरी तरह अंत है. ऐसे में चुनाव के बाद घायल अवस्था में पड़ी कांग्रेस के नेता जहां तल्ख तेवर अपनाए हुए हैं, वहीं राजद भी पूरी तरह आक्रामक है. राजद के राष्ट्रीय महासचिव भोला प्रसाद यादव ने कांग्रेस के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि कांग्रेस अपनी खुद की अंदरूनी कलह और कमजोरी को छिपाने के लिए सहयोगियों पर ठीकरा फोड़ रही है. उन्होंने कहा कि जो दल अपने विधायकों को संभाल नहीं सकता, उसे दूसरों पर उंगली उठाने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है. राजद विधायक दल की मांग, कांग्रेस को गठबंधन से बाहर करें हेमंत महागठबंधन के भीतर यह खाई कितनी गहरी हो चुकी है, इसका अंदाजा राजद विधायक दल के नेता सुरेश पासवान के बयान से साफ तौर पर लगाया जा सकता है. सुरेश पासवान ने बेहद सख्त लहजे में कहा कि कांग्रेस हमेशा बड़े भाई की भूमिका में रहने का दिखावा करती है, लेकिन चुनाव के मैदान में वह गठबंधन धर्म निभाने में पूरी तरह फेल साबित हुई है. राजद विधायक दल के नेता ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मांग की है कि ऐसे धोखेबाज और अस्थिर सहयोगी को तुरंत गठबंधन से बाहर का रास्ता दिखाया जाना चाहिए. राजद के इस तीखे तेवर से साफ है कि सत्ता पक्ष में अब ऑल इज वेल बिल्कुल नहीं है. बीजेपी की जीत से ज्यादा अपनों के भितरघात का दर्द दूसरी ओर, झारखंड कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने इस पूरे विवाद पर पार्टी का दर्द और गुस्सा जाहिर किया है . उन्होंने कहा कि आज सत्ताधारी खेमे में चर्चा इस बात को लेकर नहीं है कि बीजेपी समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी परिमल नथवाणी ने कैसे जीत हासिल की, बल्कि दर्द और गुस्सा इस बात का है कि अपनों ने ही परदे के पीछे से खेल किया. राजेश ठाकुर के मुताबिक, कांग्रेस प्रत्याशी प्रणव झा की हार के पीछे जिन सहयोगियों ने भितरघात की पटकथा लिखी है, उनके चेहरों को पार्टी आलाकमान के सामने बेनकाब किया जाएगा, क्योंकि कांग्रेस इस गद्दारी को चुपचाप सहने के मूड में बिल्कुल नहीं है. फैसले की घड़ी में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, क्या बचेगी सरकार? झारखंड की सत्ता और सियासत पर इस चुनावी खींचतान का बहुत बड़ा और दूरगामी असर पड़ने की बात कही जा रही है. गठबंधन में आई इस बड़ी खाई को अब कैसे पाटना है और सरकार को आगे कैसे बढ़ाना है, इस पर अंतिम और कड़ा फैसला अब मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को ही लेना है. एक ओर जेडीयू विधायक सरयू राय ने जेएमएम, राजद और माले के 41 विधायकों को मिलाकर ‘कांग्रेस मुक्त सरकार’ चलाने का फॉर्मूला दे दिया है, तो दूसरी तरफ कांग्रेस सरकार से मंत्रियों को हटाने की जिद पर अड़ी है. देखना दिलचस्प होगा कि हेमंत सोरेन इस सियासी भंवर से अपनी सरकार को कैसे बचाते हैं. About the Author Vijay jha पत्रकारिता क्षेत्र में 22 वर्षों से कार्यरत. प्रिंट, इलेट्रॉनिक एवं डिजिटल मीडिया में महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन. नेटवर्क 18, ईटीवी, मौर्य टीवी, फोकस टीवी, न्यूज वर्ल्ड इंडिया, हमार टीवी, ब्लूक्राफ्ट डिजिट…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Ranchi,Jharkhand Source link

झारखंड

जेपीएससी सदस्यों ने नहीं किया हस्ताक्षर, फिर भी रिजल्ट जारी

झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) द्वारा जारी सहायक लोक अभियोजक (एपीपी) नियुक्ति की प्रारंभिक परीक्षा (पीटी) का रिजल्ट विवादों में आ गया है। 134 नियमित पदों के लिए हुई इस परीक्षा का रिजल्ट शुक्रवार को जारी हुआ। इसमें 2515 अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा के लिए सफल घोषित किया गया। लेकिन रिजलट जारी करने से पहले ही आयोग के भीतर ही इस पर असहमति दिखी। जेपीएससी के तीन में से दो सदस्यों ने रिजल्ट से संबंधित फाइल पर लिखित आपत्ति दर्ज की। सदस्यों ने लिखा कि रिजल्ट विज्ञापन में निर्धारित प्रावधानों के अनुरूप तैयार नहीं किया गया है। इसलिए नियमों के अनुसार तैयार किया जाए। इन्होंने रिजल्ट पर हस्ताक्षर करने से भी इनकार कर दिया। हालांकि आयोग के सदस्यों की टिप्पणी के बाद भी एपीपी पीटी का रिजल्ट जारी कर दिया गया। गौरतलब है कि रिजल्ट जारी करने से पहले परीक्षा नियंत्रक को आयोग के सदस्यों की सहमति लेनी पड़ती है। लेकिन असहमति दर्ज होने के बाद भी कुछ नहीं हुआ। वहीं भर्ती की अतिरिक्त अर्हता में शामिल कंप्यूटर दक्षता प्रमाणपत्र को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। ऐसे में हजारों अभ्यर्थियों की उम्मीदों से जुड़ी यह बहाली अब केवल परीक्षा और परिणाम तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता, पात्रता मानकों के पालन और आयोग की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठ गए हैं। आयोग का विवादों से पुराना नाता एपीपी भर्ती पर उठे सवालों के साथ ही जेपीएससी का पुराना रिकॉर्ड भी फिर चर्चा में आ गया है। राज्य गठन के बाद आयोग द्वारा आयोजित दर्जनभर नियुक्ति परीक्षाएं विवादों में रही हैं। राज्य सिविल सेवा, झारखंड पात्रता परीक्षा, असिस्टेंट प्रोफेसर नियुक्ति समेत अन्य नियुक्ति प्रक्रियाओं पर बड़े पैमाने पर गड़बड़ी हुई थी। कई मामलों की जांच अभी भी चल रही है। पात्रता शर्तों का पालन जरूरी भर्ती प्रक्रिया से जुड़े जानकारों का कहना है कि किसी भी प्रतियोगी परीक्षा में पात्रता संबंधी शर्तों का समान रूप से पालन होना आवश्यक है। आयोग की ओर से इस विषय पर अभी तक कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी नहीं किया गया है। इसलिए यह स्पष्ट नहीं है कि राज्य के बाहर के कंप्यूटर संचालन प्रमाणपत्रों को किस आधार पर मान्यता दी जाएगी। 134 पदों के लिए शुक्रवार को जारी रिजल्ट पर विवाद एपीपी पीटी में कुल 2515 अभ्यर्थी सपल हुए हैं। इसमें अनारक्षित श्रेणी के 902 उम्मीदवार हैं, जिसमें लगभग 830 अभ्यर्थी राज्य के बाहर के हैं। इसी बिंदु को लेकर आयोग के भीतर सवाल उठाए गए हैं कि इन अभ्यर्थियों ने ही राज्य के बाहर कंप्यूटर संचालन प्रमाण पत्र जमा किए हैं। रिजल्ट जारी होने के बाद अब आयोग के सामने सबसे बड़ी चुनौती चयन प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब देना है। अभ्यर्थियों का एक वर्ग चाहता है कि आयोग मुख्य परीक्षा से पहले कंप्यूटर प्रमाणपत्र और परिणाम निर्धारण से जुड़े सभी बिंदुओं पर स्थिति स्पष्ट करे। ताकि भविष्य इस नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर किसी प्रकार का विवाद नहीं हो। एपीपी भर्ती विज्ञापन में विधि स्नातक डिग्री के साथ कंप्यूटर संचालन संबंधी योग्यता अतिरिक्त अर्हता के रूप में शामिल था। इसमें कहा गया गया कि राज्य सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त संस्थान का प्रमाण पत्र मान्य होगा। लेकिन अभ्यर्थियों ने राज्य के बाहर के संस्थानों का सर्टिफिकेट दिया और वे भी सफल रहे। पीटी में 2515 अभ्यर्थी सफल मुख्य परीक्षा से पहले आयोग पर दबाव कंप्यूटर प्रमाणपत्र बना नया मुद्दा विज्ञापन जारी : जून 2025 विज्ञापन संख्या : 06/2025 कुल नियमित पद : 134 आवेदन अवधि : 29 जून से 21 जुलाई 2025 प्रारंभिक परीक्षा : 20 दिसंबर 2025 पीटी रिजल्ट जारी : 19 जून 2026 मुख्य परीक्षा के लिए सफल : 2515 अभ्यर्थी वर्तमान विवाद : आयोग सदस्यों की असहमति परीक्षा के छह माह बाद आया पीटी का रिजल्ट Source link

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लेबर कोड के खिलाफ मजदूरों को एकजुट होने की जरूरत : त्रिपाठी

सिटी रिपोर्टर | बोकारो झारखंड इंटक के चंद्रशेखर दूबे गुट एवं केके तिवारी गुट का संयुक्त एक दिवसीय अधिवेशन शनिवार को सेक्टर-3बी स्थित यूनियन कार्यालय में झारखंड सरकार के पूर्व श्रम मंत्री केएन त्रिपाठी की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। अधिवेशन की शुरुआत दिवंगत प्रख्यात मजदूर नेता स्व. चंद्रशेखर दूबे के चित्र पर श्रद्धांजलि अर्पित कर की गई। इसके बाद यूनियन की मजबूती एवं राज्य कमेटी के गठन को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में इंटक नेता वरुण सिंह ने झारखंड इंटक के अध्यक्ष पद के लिए पूर्व सांसद स्व. चंद्रशेखर दूबे के पुत्र अभय कुमार दूबे के नाम का प्रस्ताव रखा, जिसे सर्वसम्मति से पारित किया गया। साथ ही अभय कुमार दूबे को झारखंड इंटक का नया अध्यक्ष चुना गया। अध्यक्षीय संबोधन में पूर्व मंत्री केएन त्रिपाठी ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से लागू किए जा रहे चार लेबर कोड मजदूरों के हितों के खिलाफ हैं। सरकार मजदूरों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करना चाहती है। मजदूर विरोधी नीतियों और लेबर कोड के खिलाफ सभी श्रमिक संगठनों को एकजुट होकर संघर्ष करना होगा। Source link

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NEET UG 2026 LIVE: नीट यूजी परीक्षा को लेकर देशभर में हाई...

नई दिल्ली (NEET UG 2026 Exam Day LIVE). देश के लाखों युवाओं और उनके माता-पिता की धड़कनें बढ़ी हुई हैं. देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट यूजी आज आयोजित की जाएगी. नीट यूजी पेपर लीक विवाद के बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी और देशभर के जिला प्रशासन ने सुरक्षा के ऐसे पुख्ता इंतजाम किए हैं कि परिंदा भी पर न मार सके. दोपहर 2 बजे से देश-विदेश के हजारों केंद्रों पर परीक्षा शुरू होगी. हर क्लासरूम में AI कैमरे, जैमर्स और बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन का इस्तेमाल किया जा रहा है. NEET UG 2026 LIVE: पाली में 5 केंद्रों पर 2079 अभ्यर्थी देंगे परीक्षा नीट यूजी 2026 लाइव: राजस्थान के पाली शहर में 5 केंद्रों पर 2,079 परीक्षार्थी मेडिकल प्रवेश परीक्षा देंगे. परीक्षा को निष्पक्ष और लीक-प्रूफ बनाने के लिए बेहद सख्त सुरक्षा घेरे और पुलिस बल की मौजूदगी में गोपनीय प्रश्न पत्रों को परीक्षा केंद्रों तक सुरक्षित पहुंचाया गया है. दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:15 बजे तक चलने वाली इस परीक्षा के सफल संचालन के लिए पांचों केंद्रों पर भारी पुलिस तैनात की गई है. अभ्यर्थियों को फ्रिस्किंग और आइडेंटिटी वेरिफिकेशन की प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही एंट्री की अनुमति दी जा रही है. NEET UG 2026 LIVE: गुरुग्राम में 18 केंद्रों पर धारा 163 लागू नीट यूजी 2026 लाइव: हरियाणा के गुरुग्राम जिले में 18 केंद्रों पर 6,804 परीक्षार्थी परीक्षा देंगे. जिलाधीश और डीसी उत्तम सिंह ने परीक्षा को पारदर्शी और नकलविहीन बनाने के लिए सख्त कदम उठाए हैं. सभी केंद्रों के आस-पास भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी है. इसके तहत परीक्षा केंद्रों के पास सभी कोचिंग सेंटर्स और फोटो स्टेट की दुकानें बंद रखने के आदेश हैं. प्रक्रिया पर नजर रखने के लिए 8 ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किए गए हैं. प्रशासन ने परीक्षार्थियों की सहूलियत के लिए हरियाणा राज्य परिवहन की बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा दी है. NEET UG 2026 LIVE: अजमेर में 15 केंद्रों पर बीएसएफ, सीआरपीएफ और पुलिस का पहरा नीट यूजी 2026 लाइव: राजस्थान के अजमेर जिले में 15 केंद्रों पर 6,000 से अधिक पंजीकृत अभ्यर्थी नीट परीक्षा देंगे. सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं, जिसके तहत BSF और CRPF के आला अधिकारियों सहित 300 से अधिक पुलिसकर्मी सभी केंद्रों पर पैनी नजर रख रहे हैं. धांधली और पेपर लीक जैसी गड़बड़ियां रोकने के लिए प्रशासन ने सख्त नियम लागू किए हैं. परीक्षा केंद्रों के 300 मीटर के दायरे में आने वाले सभी ई-मित्र और फोटोकॉपी की दुकानें बंद रखी गई हैं. प्रश्न पत्रों को लाने-ले जाने से लेकर परीक्षा केंद्रों के अंदर की प्रक्रिया की वीडियोग्राफी और रिकॉर्डिंग कराई जा रही है. NEET UG 2026 LIVE: दौसा में री-नीट परीक्षा को लेकर ग्राउंड पर उतरे कलेक्टर-एसपी: 12 केंद्रों पर धारा 163 लागू, त्रिस्तरीय सुरक्षा जांच के बाद अभ्यर्थियों को प्रवेश नीट यूजी 2026 लाइव: राजस्थान के दौसा जिले में नीट यूजी पुनर्परीक्षा को लेकर जिला प्रशासन बेहद सख्त है. जिला कलेक्टर सौम्या झा और एसपी पीयूष दीक्षित सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लेने फील्ड में उतरे हुए हैं. जिले के कुल 12 केंद्रों पर परीक्षा होगी. किसी भी तरह की गड़बड़ी या बाहरी दखल को रोकने के लिए जिले में धारा 163 (निषेधाज्ञा) लागू कर दी गई है. इसके तहत सभी केंद्रों के 300 मीटर के दायरे में आम लोगों की आवाजाही पर प्रतिबंध है. केंद्रों पर सुबह 11:00 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक ही परीक्षार्थियों को एंट्री मिलेगी. मेटल डिटेक्टर और दस्तावेजों की ‘त्रिस्तरीय’ गहन जांच और सत्यापन प्रक्रिया से गुजरने के बाद ही परीक्षा कक्ष के अंदर जाने की अनुमति मिल रही है. NEET UG 2026 LIVE:सीएपीएफ की निगरानी में बंटे प्रश्न पत्र नीट यूजी 2026 लाइव: परीक्षा को पारदर्शी और सुरक्षित माहौल में कराने के लिए CAPF की निगरानी में प्रश्न पत्रों का वितरण सुनिश्चित किया गया है. पहले परीक्षा में धांधली कराने वाले गिरोहों और नकल माफिया से जुड़े रहे लोगों पर पुलिस ने विशेष शिकंजा कसा है और उनकी हर गतिविधि की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है. परीक्षा के दिन शहर में कानून व्यवस्था बनाए रखने और दूर-दराज से आने वाले छात्रों की सहूलियत के लिए रेलवे स्टेशनों, बस स्टैंडों और प्रमुख टेंपो स्टैंडों पर भारी पुलिस फोर्स को अलर्ट मोड पर रखा गया है, जिससे यातायात व्यवस्था सुचारु रहे और परीक्षा के दौरान किसी भी स्तर पर गड़बड़ी की कोई गुंजाइश न रहे. NEET UG 2026 LIVE: कानपुर में 40 से ज्यादा टीमें मुस्तैद नीट यूजी 2026 लाइव: नीट को लेकर कानपुर कमिश्नरेट पुलिस अलर्ट मोड पर है. परीक्षा केंद्रों के साथ-साथ शहर के सभी प्रमुख रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और टेंपो स्टैंड पर भारी पुलिस फोर्स तैनात की गई है. परीक्षा में नकल और किसी भी संदिग्ध गतिविधि को रोकने के लिए इतिहास में पहली बार अत्याधुनिक तकनीक का सहारा लिया जा रहा है. 60 से ज्यादा हाईटेक ड्रोन कैमरों से केंद्रों की लाइव मॉनिटरिंग की जा रही है. किसी भी आपात स्थिति से निपटने या त्वरित कार्रवाई के लिए पुलिस की 40 से अधिक विशेष टीमें लगातार मुस्तैद और एक्टिव मोड में हैं. NEET UG 2026 LIVE: कानपुर में 41 केंद्रों पर नीट परीक्षा, 20 हजार से ज्यादा अभ्यर्थी शामिल नीट यूजी 2026 लाइव: उत्तर प्रदेश के कानपुर में नीट यूजी 2026 के लिए दुरुस्त सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं. जिले के कुल 41 परीक्षा केंद्रों पर 20,484 अभ्यर्थी शामिल हो रहे हैं. इस बार नीट के इतिहास में पहली बार परीक्षा केंद्रों और उनके आस-पास के संवेदनशील इलाकों की निगरानी हाईटेक ड्रोन कैमरों से की जा रही है. इसके साथ ही पुलिस ने केंद्रों के पास स्थित हाईराइज (बहुमंजिला) इमारतों की छतों पर भी पुलिसकर्मियों को तैनात किया है. इससे किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत नजर रखी जा सकेगी. परीक्षा की तैयारियों और इन सुरक्षा इंतजामों को लेकर न्यूज़18 संवाददाता अमित गंजू ने जॉइंट पुलिस कमिश्नर विपिन टाडा से खास बातचीत की, जिसमें उन्होंने स्पष्ट किया कि सुरक्षा व्यवस्था से कोई समझौता नहीं किया जाएगा. NEET UG 2026 LIVE: राजस्थान में 27 जिलों के 577 केंद्रों पर परीक्षा नीट यूजी 2026 लाइव: राजस्थान के 27 जिलों में नीट यूजी के 577 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं. राजधानी

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मुर्ग-मुसल्लम, अफगानी टिक्का, चिकन विंग्स या स्मोकी कबाब…लेना है स्वाद तो यहां...

होमफोटोलाइफ़फूड मुर्ग-मुसल्लम, अफगानी टिक्का या स्मोकी कबाब…लेना है स्वाद तो यहां आएं जनाब Last Updated:June 20, 2026, 09:45 IST Jamshedpur’s Famous Non-Veg Food Joints: जमशेदपुर में खाने-पीने की बहुत सी जगहें हैं जो अपने खास स्वाद से ग्राहकों का दिल जीतती हैं लेकिन नॉनवेज फूड की बात करें तो लिस्ट में ये नाम सबसे ऊपर आते हैं. चिकन विंग्स हों, अफगानी टिक्का, मुर्ग-मुसल्लम या टंगड़ी चिकन इनका स्वाद ऐसा ही शाम को ये स्टॉल फूडीज की जन्नत बन जाते हैं. जमशेदपुर केवल उद्योग नगरी ही नहीं है, बल्कि अपने बेहतरीन स्ट्रीट फूड और नॉन-वेज व्यंजनों के लिए भी काफी प्रसिद्ध है. खासकर शाम के समय शहर के कई फूड स्पॉट चिकन प्रेमियों से गुलजार हो जाते हैं. तंदूरी चिकन, चिकन टिक्का, बिरयानी और फ्राइड चिकन के शौकीनों के लिए शहर में कई ऐसे ठिकाने हैं जहां का स्वाद लोगों को बार-बार खींच लाता है. अगर आप भी शाम के समय बेहतरीन चिकन का आनंद लेना चाहते हैं तो ये जगहें आपके लिए शानदार विकल्प साबित हो सकती हैं. सबसे पहले नाम आता है साकची स्थित डायमंड खाऊ गली के प्रसिद्ध सरदार जी चिकन वाले का. यह जगह अपने खास अफगानी चिकन टिक्का और हरियाली चिकन टिक्का के लिए जानी जाती है. शाम होते ही यहां ग्राहकों की लंबी कतारें देखने को मिलती हैं. कोयले की धीमी आंच पर तैयार होने वाला चिकन और उसमें इस्तेमाल होने वाले मसालों का अनोखा मिश्रण इसे बाकी दुकानों से अलग बनाता है. युवा वर्ग के साथ-साथ परिवारों की भी यहां अच्छी खासी भीड़ देखने को मिलती है. इसके बाद साकची स्थित बसंत सेंट्रल मॉल के ठीक सामने मौजूद बलबीर तंदूरी चिकन का नाम आता है. यहां शाम शुरू होते ही ग्राहकों की भीड़ उमड़ पड़ती है. दुकान की सबसे बड़ी पहचान इसका तंदूरी टंगड़ी चिकन और कुरकुरा चिकन पकौड़ा है. मसालों में अच्छी तरह मेरिनेट किया गया चिकन जब तंदूर से निकलता है तो उसकी खुशबू दूर तक लोगों को आकर्षित करती है. कई लोग इसे जमशेदपुर के सबसे लोकप्रिय तंदूरी चिकन स्पॉट्स में गिनते हैं. Add News18 as Preferred Source on Google अगर आप तंदूरी के साथ-साथ शाही अंदाज में चिकन बिरयानी या मुर्ग मुसल्लम का स्वाद लेना चाहते हैं तो दिल्ली दरबार एक बेहतरीन विकल्प है. यहां की दम बिरयानी, मसालेदार चिकन करी और मुर्ग मुसल्लम लंबे समय से लोगों की पसंद बने हुए हैं. खास बात यह है कि यहां पारंपरिक मुगलई स्वाद का अनुभव मिलता है, जिसके कारण शहर के साथ-साथ बाहर से आने वाले लोग भी यहां पहुंचते हैं. वहीं जुबली पार्क के समीप मिलने वाली बारबेक्यू टैक्सी अपने अनोखे कॉन्सेप्ट के कारण युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय है. टैक्सी की डिक्की में तैयार किए जाने वाले गरमा-गरम तंदूरी चिकन, चिकन विंग्स और तंदूरी प्रॉन लोगों को अलग अनुभव देते हैं. शाम के समय यहां कॉलेज छात्रों और युवाओं की अच्छी-खासी भीड़ देखने को मिलती है. स्मोकी फ्लेवर और मसालों का संतुलित स्वाद इसकी खास पहचान है. अगर आपको फ्राइड चिकन पसंद है तो आमबागान स्थित HFC (हिंदुस्तान फ्राइड चिकन) जरूर जाना चाहिए. यहां के चिकन पॉपकॉर्न, चिकन विंग्स, चिकन लेग पीस, चिकन ब्रेस्ट और चिकन बर्गर काफी मशहूर हैं. क्रिस्पी कोटिंग और जूसी चिकन का स्वाद फास्ट फूड प्रेमियों को बेहद पसंद आता है. जमशेदपुर के ये सभी फूड स्पॉट शाम के समय चिकन प्रेमियों के लिए किसी जन्नत से कम नहीं हैं, जहां हर स्वाद के लिए एक खास विकल्प मौजूद है. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। Source link

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प्रांतीय यादव महासभा कार्यालय में प्रतिभा सम्मान समारोह आयोजित

दुमका| दुमका प्रांतीय यादव महासभा, झारखंड की जिला इकाई दुमका के तत्वावधान में शनिवार को महासभा कार्यालय, कानू पाड़ा में प्रतिभा सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में मैट्रिक एवं इंटरमीडिएट परीक्षा-2026 में 80 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले यादव समाज के मेधावी छात्र-छात्राओं को प्रशस्ति-पत्र एवं स्मृति-चिह्न देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महासभा के जिलाध्यक्ष शिवनारायण दर्बे ने की, जबकि संयोजन जिला महासचिव डॉ. अमरेन्द्र कुमार यादव ने किया। मुख्य अतिथि खिरोधर प्रसाद यादव ने कहा कि शिक्षा ही समाज की वास्तविक पूंजी है और शिक्षित समाज ही सशक्त समाज का निर्माण करता है। अतिविशिष्ट अतिथि प्रो. डॉ. यदुवंश यादव ने कहा कि प्रतिभा का सम्मान किसी भी समाज के उज्ज्वल भविष्य का आधार होता है और ऐसे आयोजन बच्चों में आत्मविश्वास पैदा करते हैं। विशिष्ट अतिथि अश्विनी प्रसाद यादव ने कहा कि शिक्षा के माध्यम से ही सामाजिक, आर्थिक एवं बौद्धिक विकास संभव है तथा अभिभावकों को बच्चों की शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए। महासभा के संरक्षक दिवाकर महतो, अनंतलाल खिरहर, मणिकांत लायक, अनंतलाल पंजियारा एवं दयामय माजी ने भी इस पहल की सराहना करते हुए विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दीं। शिवनारायण दर्बे ने कहा कि महासभा भविष्य में भी शिक्षा एवं प्रतिभा सम्मान जरिए समाज को जागरूक बनाती रहेगी। Source link

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केयू में पीएचडी नामांकन की बाधा दूर, कल से होगा दाखिला

भास्कर न्यूज| चाईबासा कोल्हान विश्वविद्यालय (केयू) के अनुसंधान एवं विकास प्रकोष्ठ ने शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए पीएचडी नामांकन की आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। इसके तहत विभिन्न विषयों में चयनित कुल 89 अभ्यर्थियों का दाखिला 22 जून से 7 जुलाई 2026 तक संबंधित स्नातकोत्तर (पीजी) विभागों में किया जाएगा। विश्वविद्यालय प्रशासन ने पीएचडी नामांकन शुल्क 10000 रुपए निर्धारित किया है। इस सत्र की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि चयनित अभ्यर्थियों में 30 से अधिक जेआरएफ (जूनियर रिसर्च फेलोशिप) धारक शामिल हैं। इतनी बड़ी संख्या में जेआरएफ धारकों का चयन विश्वविद्यालय की शोध गुणवत्ता और अकादमिक उत्कृष्टता को दर्शाता है। कुलपति डॉ अंजिला गुप्ता ने सभी चयनित शोधार्थियों को बधाई दी है। ^सत्र में एक साल की देरी अवश्य हुई है, जिसे पटरी पर लाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। एडमिशन कमेटी की बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय के बाद नोटिफिकेशन जारी किया गया है। चांसलर पोर्टल को सुचारू रूप से एक्टिव रखने के लिए तकनीकी टीम को निर्देश दे दिए गए हैं, ताकि स्टूडेंट्स को आवेदन में कोई परेशानी न हो। पारदर्शी और त्वरित मेरिट लिस्ट के आधार पर जल्द से जल्द नामांकन प्रक्रिया पूरी कर कक्षाएं शुरू कराई जाएंगी। संध्या रानी, डीएसडब्ल्यू, कोल्हान विश्वविद्यालय { नामांकन का समय और स्थान : नामांकन प्रक्रिया प्रत्येक कार्यदिवस को सुबह 10.30 बजे से दोपहर 2.30 बजे तक विश्वविद्यालय मुख्यालय (चाईबासा) स्थित संबंधित यूनिवर्सिटी पीजी डिपार्टमेंट में संपन्न होगी। स्टूडेंट्स को किसी कॉलेज के चक्कर नहीं काटना पड़ेगा। {जरूरी दस्तावेज : स्टूडेंट्स को सभी मूल प्रमाण पत्रों के साथ उनकी 2 सेट स्व-अभिप्रमाणित (सेल्फ अटेस्टेड) फोटोकॉपी लाना अनिवार्य है। { शैक्षणिक व पात्रता पेपर : 10वीं, 12वीं, स्नातक व स्नातकोत्तर की मार्कशीट व मूल डिग्री सर्टिफिकेट। पीएचडी परीक्षा का एडमिट कार्ड या नेट/जेआरएफ/गेट उत्तीर्ण होने का प्रमाण पत्र। { अन्य अनिवार्य कागजात : अनिवार्य पहचान पत्र, 5 हालिया पासपोर्ट साइज फोटो, जाति प्रमाण पत्र (आरक्षण के लिए), माइग्रेशन सर्टिफिकेट (यदि पीजी अन्य विवि से हो), कॉलेज लीविंग सर्टिफिकेट (सीएलसी) और नौकरीपेशा लोगों के लिए नियोक्ता से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी)। नामांकन मुख्य रूप से चार संकायों के अंतर्गत आने वाले निम्नलिखित विषयों में होगा : { मानविकी: हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत, उड़िया, बांग्ला, दर्शनशास्त्र, उर्दू। { सामाजिक विज्ञान: इतिहास, राजनीति विज्ञान, अर्थशास्त्र, भूगोल, मनोविज्ञान, गृह विज्ञान, मानवशास्त्र। { विज्ञान: भौतिकी, रसायन शास्त्र, गणित, वनस्पति विज्ञान, जंतु विज्ञान, भूगर्भशास्त्र। { वाणिज्य: कॉमर्स। Source link

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