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BSTC vs BTech: 12वीं के बाद बीएसटीसी करें या बीटेक? दोनों की...

Last Updated:June 15, 2026, 09:13 IST BSTC vs BTech Difference: 12वीं के बाद सही करियर ऑप्शन चुनना आसान नहीं होता है. कई युवा कंफ्यूज रहते हैं कि बीएसटीसी करें या बीटेक. कौन सा कोर्स जल्दी नौकरी दिलवाएगा और तगड़ी सैलरी भी? जानिए बीएसटीसी और बीटेक कोर्स की फीस, करियर स्कोप और दोनों के बीच का हर अंतर. BSTC vs BTech: बीएसटीसी और बीटेक कोर्स की फीस और सैलरी में काफी अंतर है नई दिल्ली (BSTC vs BTech Difference). 12वीं की परीक्षा खत्म होते ही ज्यादातर स्टूडेंट्स स्ट्रेस में आ जाते हैं कि अब आगे क्या करें. इन दिनों साइंस और अन्य स्ट्रीम के स्टूडेंट्स 2 कोर्स की बहुच चर्चा कर रहे हैं- BSTC (जिसे अब D.El.Ed भी कहा जाता है) और बीटेक. बीएसटीसी को स्कूल में मास्टर जी बनने का सबसे आसान शॉर्टकट माना जाता है, वहीं बीटेक इंजीनियरिंग की वो दुनिया है, जहां लाखों-करोड़ों के पैकेज और बड़ी-बड़ी टेक कंपनियों में काम करने का सपना पूरा होता है. कई स्टूडेंट्स बिना सोचे-समझे या दोस्तों की देखा-देखी किसी भी कोर्स में एडमिशन ले लेते हैं और बाद में पछताते हैं. किसी भी कोर्स में एडमिशन लेने से पहले बजट और करियर स्कोप की सही जानकारी होना जरूरी है. एक कोर्स मात्र 2 साल में सरकारी नौकरी दिलवा सकता है, वहीं दूसरा कोर्स 4 साल की मेहनत और कोडिंग-मशीनों की दुनिया से गुजरने के बाद ग्लोबल टेक लीडर बना सकता है. जानिए बीएसटीसी और बीटेक के बीच का अंतर, फीस, नौकरी और सैलरी का हर पहलू. BSTC vs BTech Difference: बीएसटीसी और बीटेक कोर्स में क्या अंतर है? BSTC (Basic School Teaching Certificate) यानी बेसिक स्कूल टीचिंग सर्टिफिकेट 12वीं के बाद होने वाला 2 साल का डिप्लोमा कोर्स है. यह मुख्य रूप से उन स्टूडेंट्स  के लिए है जो प्राइमरी स्कूलों (कक्षा 1 से 5वीं) में सरकारी शिक्षक बनना चाहते हैं. वहीं, बीटेक यानी बैचलर ऑफ टेक्नोलॉजी 4 साल की अंडरग्रेजुएट प्रोफेशनल डिग्री है. इसमें कंप्यूटर साइंस, मैकेनिकल या सिविल जैसी ब्रांचेस में इंजीनियरिंग की बारीकियां सिखाई जाती हैं. BSTC vs BTech: एडमिशन की योग्यता और फीस बीएसटीसी: इसे किसी भी स्ट्रीम (आर्ट्स, साइंस, कॉमर्स) के स्टूडेंट्स कर सकते हैं. बस 12वीं में 50% मार्क्स होने चाहिए और इसके लिए एक प्री-एग्जाम पास करना होता है. इसकी सालाना फीस 15,000 से 25,000 रुपये के आस-पास होती है. बीटेक: इसके लिए 12वीं में साइंस-मैथ (PCM) होना अनिवार्य है. आईआईटी (IIT) या एनआईटी (NIT) जैसे टॉप संस्थानों में जाने के लिए JEE Main/Advanced जैसी कठिन परीक्षाएं पास करनी होती हैं. प्राइवेट कॉलेज में बीटेक की फीस 1 लाख से 3 लाख रुपये सालाना तक जा सकती है. BSTC vs BTech: नौकरी और करियर स्कोप बीएसटीसी के बाद: कोर्स पूरा करते ही आप रीटी (REET Level-1) या अन्य राज्यों की शिक्षक पात्रता परीक्षा देने के योग्य हो जाते हैं. इसे पास करते ही सरकारी प्राइमरी स्कूल में ‘थर्ड ग्रेड टीचर’ बन जाते हैं. इसमें 100% सरकारी नौकरी की सुरक्षा मिलती है. बीटेक के बाद: कॉर्पोरेट सेक्टर के दरवाजे खुल जाते हैं. सॉफ्टवेयर इंजीनियर, डेटा साइंटिस्ट या प्रोजेक्ट मैनेजर के तौर पर Google, TCS, Infosys जैसी दिग्गज कंपनियों में काम कर सकते हैं. इसके अलावा GATE परीक्षा देकर सरकारी पीएसयू (PSUs) में भी अफसर बन सकते हैं. BSTC vs BTech Salary: किसमें ज्यादा सैलरी मिलेगी? सैलरी की बात करें तो दोनों में बहुत अंतर है. बीएसटीसी करने के बाद सरकारी शिक्षक बनने पर शुरुआती सैलरी 35,000 से 40,000 रुपये प्रति महीना के बीच होती है, जो समय के साथ धीरे-धीरे बढ़ती है. वहीं, बीटेक में सैलरी की कोई सीमा नहीं है. अगर आप किसी सामान्य कॉलेज से हैं तो शुरुआत 25,000 से 35,000 रुपये महीने से हो सकती है, लेकिन अगर आपके पास गजब की स्किल्स हैं या टॉप कॉलेज से हैं तो शुरुआती पैकेज ही 10 से 15 लाख रुपये सालाना (यानी 1 लाख रुपये महीना से ज्यादा) का मिल सकता है. BSTC vs BTech: कौन सा कोर्स है बेस्ट? अगर आपका बजट कम है, जल्दी और सुरक्षित सरकारी नौकरी चाहते हैं और बच्चों को पढ़ाना पसंद है तो बीएसटीसी बेस्ट है. लेकिन अगर आपको टेक्नोलॉजी से प्यार है, कोडिंग या मशीनों के साथ दिन-रात बिता सकते हैं और कॉर्पोरेट जगत में मोटा पैसा कमाना चाहते हैं तो बीटेक से बेहतर कुछ नहीं. About the Author Deepali PorwalSenior Sub Editor Deepali Porwal is a seasoned bilingual journalist with 11 years of experience in the media industry. She currently works with News18 Hindi, focusing on the Education and Career desk. She is known for her versat…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Source link

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रणजी के हीरो विराट सिंह अब झारखंड प्रीमियर लीग में छोटानागपुर रॉयल्स...

Last Updated:June 15, 2026, 09:02 IST Virat Singh Becomes Captain Of Chotanagpur Royals: झारखंड टी-20 लीग में जमशेदपुर के विराट सिंह ने फिर से जिले का नाम रोशन कर दिया है. उन्हें छोटानागपुर रॉयल्स का कप्तान बनाया गया है और वे नीलामी में 13 लाख रुपये में बिके. उनसे अधिक बोली केवल दो खिलाड़ियों रॉबिन मिंज और ईशान किशन की लगी है. टीम से खिताब जीतने की उम्मीद है. झारखंड की औद्योगिक नगरी जमशेदपुर ने देश को कई प्रतिभाशाली क्रिकेटर दिए हैं, लेकिन जिन खिलाड़ियों ने अपने प्रदर्शन से सबसे अधिक पहचान बनाई है उनमें विराट बिनोद सिंह का नाम मुख्य है. बाएं हाथ के इस शानदार बल्लेबाज ने रणजी ट्रॉफी, विजय हजारे ट्रॉफी और सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में लगातार बेहतरीन प्रदर्शन कर झारखंड क्रिकेट को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है. आज विराट सिंह केवल एक बल्लेबाज नहीं, बल्कि झारखंड क्रिकेट के एक बड़े चेहरे के रूप में स्थापित हो चुके हैं. वर्ष 2026 में पहली बार आयोजित हो रही झारखंड टी-20 लीग (Jharkhand T20 League) में विराट सिंह को छोटानागपुर रॉयल्स टीम का कप्तान बनाया गया है. लीग के उद्घाटन मुकाबले में भी विराट सिंह की कप्तानी वाली छोटानागपुर रॉयल्स मैदान पर उतरी, जिससे उनके नेतृत्व पर झारखंड क्रिकेट संघ का भरोसा साफ दिखाई देता है. यह लीग राज्य के क्रिकेटरों को बड़ा मंच देने के उद्देश्य से शुरू की गई है और इसमें छह फ्रेंचाइजी टीमें हिस्सा ले रही हैं. झारखंड टी-20 लीग की नीलामी में विराट सिंह को 13 लाख रुपये की कीमत पर चुना गया, जिससे वे टूर्नामेंट के सबसे महंगे खिलाड़ियों में शामिल हो गए. उनसे ऊपर केवल रॉबिन मिंज (15.25 लाख रुपये) और ईशान किशन (14.7 लाख रुपये) रहे. विराट पर इतनी बड़ी बोली लगने का मुख्य कारण उनका अनुभव, लगातार प्रदर्शन और टीम को नेतृत्व देने की क्षमता है. घरेलू क्रिकेट में वर्षों से शानदार प्रदर्शन करने वाले विराट युवा खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणा बने हुए हैं. Add News18 as Preferred Source on Google विराट सिंह का क्रिकेट सफर जमशेदपुर से शुरू हुआ था. बहुत कम उम्र में उन्होंने झारखंड अंडर-19 टीम में जगह बनाई और बाद में भारत अंडर-19 तथा अंडर-23 टीम का भी प्रतिनिधित्व किया. उन्होंने आईपीएल में सनराइजर्स हैदराबाद के लिए खेलते हुए राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई. उनके नाम कई महत्वपूर्ण पारियां दर्ज हैं, जिनमें रणजी ट्रॉफी के शतक और सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी की मैच जिताऊ पारियां शामिल हैं. वर्तमान समय में विराट सिंह झारखंड क्रिकेट के सबसे अनुभवी खिलाड़ियों में गिने जाते हैं. उनकी कप्तानी में छोटानागपुर रॉयल्स से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है. हाल ही में खेले गए मुकाबलों में उनकी टीम ने जीत भी दर्ज की है, जिससे टीम का मनोबल काफी ऊंचा है. क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि विराट का अनुभव और शांत नेतृत्व टीम को खिताब की दौड़ में बनाए रख सकता है. जमशेदपुर के लिए यह गर्व की बात है कि शहर का एक खिलाड़ी आज राज्य की सबसे बड़ी टी-20 लीग में कप्तानी कर रहा है. विराट सिंह की सफलता यह साबित करती है कि प्रतिभा, मेहनत और अनुशासन के दम पर किसी भी मुकाम तक पहुंचा जा सकता है. आने वाले मुकाबलों में क्रिकेट प्रेमियों की निगाहें उनके बल्ले और कप्तानी दोनों पर टिकी रहेंगी, क्योंकि विराट सिंह आज झारखंड क्रिकेट की नई पहचान बन चुके हैं. Source link

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रोहितश्य रॉय बनाए गए झारखंड के नए महाधिवक्ता:राजीव रंजन का इस्तीफा हुआ...

झारखंड के महाधिवक्ता (एजी) राजीव रंजन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपने त्यागपत्र में निजी और स्वास्थ्य संबंधी कारणों का उल्लेख किया है। राजीव रंजन फरवरी 2020 में राज्य के महाधिवक्ता नियुक्त किए गए थे। तब से इस संवैधानिक पद पर कार्यरत थे। राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया। इसके साथ ही राज्य सरकार ने झारखंड हाईकोर्ट के अधिवक्ता रोहितश्य रॉय को नया महाधिवक्ता नियुक्त किया है। वहीं, अपर महाधिवक्ता अचुत्य केशव को पदोन्नत कर वरीय अपर महाधिवक्ता बनाया गया है। इस घटनाक्रम ने राज्य के राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज कर दी है। इस्तीफे को लेकर सियासी अटकलों का दौर तेज राजीव रंजन के इस्तीफे के बाद कई तरह की अटकलें सामने आ रही हैं। चर्चा है कि उनकी नियुक्ति कांग्रेस की नजदीकी और राहुल गांधी की पहल पर हुई थी। कहा जाता है कि उन्होंने राहुल गांधी से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले की पैरवी कर उन्हें राहत दिलाई थी। जिसके बाद उन्हें यह पद मिला। अब उनके अचानक इस्तीफे को लेकर राजनीतिक गलियारों में सवाल उठ रहे हैं। कुछ विश्लेषक इसे आगामी राज्यसभा चुनाव से जोड़कर देख रहे हैं, जबकि अन्य का मानना है कि महागठबंधन के भीतर चल रहे मतभेद भी इसकी एक वजह हो सकते हैं। हाई प्रोफाइल केस और सरकार से दूरी की चर्चा इस्तीफे के पीछे एक हाई प्रोफाइल केस में अपेक्षित सफलता नहीं मिलने की बात भी सामने आ रही है। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन राजनीतिक चर्चाओं में यह मुद्दा प्रमुखता से उठ रहा है। इसके अलावा, राज्य सरकार और कांग्रेस के बीच बढ़ती दूरी को भी एक अहम कारण माना जा रहा है। प्रशासनिक हलकों में भी इस फैसले को लेकर अलग-अलग व्याख्याएं सामने आ रही हैं, जिससे स्थिति और अधिक जटिल होती नजर आ रही है। भाजपा बोली- म्यूजिकल चेयर का खेल चल रहा महाधिवक्ता के इस्तीफे पर भाजपा ने हेमंत सरकार पर तीखा हमला बोला है। पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता अजय साह ने कहा कि झारखंड में शासन नहीं, बल्कि “म्यूजिकल चेयर” का खेल चल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों का भविष्य सुरक्षित नहीं है। भाजपा ने सरकार से राजीव रंजन के पूरे कार्यकाल का श्वेत पत्र जारी करने की मांग की है। पार्टी ने पूछा है कि उनके कार्यकाल में कितने मुकदमे जीते और हारे गए, बाहरी वकीलों पर कितना खर्च हुआ और राज्य को इससे क्या लाभ मिला। भाजपा ने यह भी सवाल उठाया कि यदि उनका कार्यकाल संतोषजनक था तो इस्तीफा क्यों लिया गया और यदि नहीं था तो उन्हें इतने लंबे समय तक पद पर क्यों बनाए रखा गया। Source link

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गोण्डामारा गांव जाकर मृतक के परिवार से मिले पूर्व सीएम, मदद का...

राजनगर| पूर्व मुख्यमंत्री सह स्थानीय विधायक चंपाई सोरेन रविवार को गोण्डामारा गांव जाकर वज्रपात से मरे व्यक्ति के परिजनों से मिलकर हर संभव मदद का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि वह हमेशा सहायता करते रहेंगे। उन्होंने बीडीओ को आदेश देते हुए कहा कि मृतक के परिवार को जो भी सरकारी सहायता मिलनी चाहिए, आप अपने स्तर से परिवार को मदद पहुंचाएं। इस दौरान बीडीओ मलई कुमार ने कहा कि जो भी सरकारी प्रक्रिया के तहत सरकारी लाभ होगा, परिवारों को निश्चित रूप से दिलाने का काम करेंगे। इस दौरान वकील सोरेन गुरु प्रसाद महतो दिलीप रावत विष्णु मुर्मू करमू पान आदि अनेक लोग उपस्थित थे | Source link

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सब्जी एक और फायदे अनेक! डायबिटीज-कैंसर से बचाए, वजन घटाए, जानिए सहजन...

Last Updated:June 15, 2026, 08:13 IST Sahjan Ke Fayde: सहजन के तना, पत्ती, जड़ और फल-हर एक चीज काफी लाभकारी है. इस वजह से सहजन की मांग हमेशा बनी रहती है. हेल्थ एक्सपर्ट्स मानते हैं कि सहजन सेहत के लिए बेहद फायदेमंद सब्जी है. इसमें विटामिन बी, विटामिन बी12, विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट्स की अच्छी मात्रा पाई जाती है. जिससे कई तरह की स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों से छुटकारा पाया जा सकता है. सहजन पचने में आसान है और फाइबर का स्त्रोत होने के चलते पाचन प्रक्रिया को आसान बनाता है. डायबिटीज रोगियों के लिए यह सब्जी किसी वरदान से कम नहीं है. सहजन का पौधा, जिसे मोरिंगा या ड्रमस्टिक के नाम से भी जाना जाता है. सहजन अपने औषधीय गुणों के कारण लंबे समय से आयुर्वेद में इस्तेमाल किया जाता रहा है. इसकी पत्तियां, फलियां, फूल, बीज और छाल तक का उपयोग विभिन्न घरेलू और पारंपरिक उपचारों में किया जाता है. यही कारण है कि सहजन को स्वास्थ्य के लिए बेहद उपयोगी पौधा माना जाता है. आयुर्वेद विशेषज्ञ वैद्य विष्णुदत्त प्रजापति के अनुसार सहजन में विटामिन ए, विटामिन सी, कैल्शियम, आयरन, पोटैशियम और एंटीऑक्सीडेंट जैसे कई पोषक तत्व पाए जाते हैं. ये तत्व शरीर को पोषण देने के साथ-साथ कई स्वास्थ्य समस्याओं से बचाने में मदद कर सकते हैं. सहजन का उपयोग अक्सर शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए किया जाता है. इसकी पत्तियों का सेवन करने से शरीर को आवश्यक पोषक तत्व मिलते हैं, जिससे कमजोरी और थकान जैसी समस्याओं में राहत मिल सकती है. कई लोग इसकी पत्तियों के चूर्ण के रूप में सेवन करते हैं. Add News18 as Preferred Source on Google <strong>पाचन समस्या में फायदेमंद:</strong> पारंपरिक रूप से सहजन का उपयोग पाचन संबंधी समस्याओं में भी किया जाता है. इसकी फलियों की सब्जी खाने से पाचन क्रिया बेहतर रहने में मदद मिलती है. इसके अलावा कुछ लोग कब्ज और पेट से जुड़ी अन्य सामान्य परेशानियों में भी इसका उपयोग करते है. सहजन की पत्तियों और फलियों को हड्डियों के स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी माना जाता है. इनमें कैल्शियम और अन्य खनिज तत्व मौजूद होते हैं, जो शरीर को आवश्यक पोषण प्रदान करते हैं. इसी वजह से कई लोग इसे अपने नियमित आहार में शामिल करते है. विष्णुदत्त प्रजापति बताते है कि आयुर्वेद में सहजन का उपयोग जोड़ों के दर्द और सूजन से जुड़ी समस्याओं में भी बताया गया है. इसके विभिन्न हिस्सों का प्रयोग पारंपरिक उपचारों में किया जाता रहा है. हालांकि किसी भी गंभीर बीमारी में केवल घरेलू उपायों पर निर्भर रहने के बजाय डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है. सहजन के फूल और बीज भी उपयोगी माने जाते है. इनके विभिन्न उपयोगों का उल्लेख आयुर्वेदिक ग्रंथों में मिलता है. इसके बीजों से निकाला गया तेल त्वचा और बालों की देखभाल में भी इस्तेमाल किया जाता है. कई हर्बल उत्पादों में सहजन का उपयोग किया जाता है. विशेषज्ञ वैद्य विष्णुदत्त प्रजापति का कहना है कि सहजन पोषण से भरपूर पौधा है. लेकिन इसे किसी बीमारी का निश्चित इलाज नहीं माना जाना चाहिए. यह एक पौष्टिक खाद्य पदार्थ और पारंपरिक औषधीय पौधा है जो संतुलित आहार का हिस्सा बन सकता है. किसी भी स्वास्थ्य समस्या या औषधीय उपयोग से पहले योग्य चिकित्सक या आयुर्वेद विशेषज्ञ की सलाह लेना आवश्यक है.<br /><br /> न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। Source link

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हाथों से बनी राखियों ने दिलाई रांची की पूर्णिमा को अलग पहचान,...

Last Updated:June 15, 2026, 06:30 IST Ranchi Purnima Success Story: रांची की पूर्णिमा हाथ से यूनिक राखियां बनाकर अपना ब्रांड चलाती हैं. उन्होंने बताया कि जुलाई-अगस्त महीने में ही उनकी अच्छी कमाई हो जाती है. इसके अलावा वह मेले में स्टॉल लगाती हैं. साथ ही इंस्टाग्राम -फेसबुक पर प्रचार करती हैं. इसकी वजह से बेंगलुरु, दिल्ली और कोलकाता शहर तक से ऑर्डर मिलते हैं. ख़बरें फटाफट रांची: झारखंड की राजधानी रांची की रहने वाली पूर्णिमा बताती हैं कि रक्षाबंधन के 2 महीने पहले ही वह काफी सक्रिय हो जाती हैं. वह अपने हाथों से राखी बनाने का काम करती हैं और इतना यूनिक कलेक्शन बनाती हैं कि ऐसा दूसरा पीस आपको शायद ही देखने को मिले और दाम भी मात्र ₹40 से शुरू होता है. उन्होंने बताया हमारे पास मांगटीका राखी भाभी के लिए है तो भैया के लिए शिवलिंग और गणेश राखी है. आइये जानते हैं उनकी सफलता के बारे में. पूर्णिमा बताती हैं कि यह सारा कुछ वह अपने हाथों से बनाती हैं. उन्होंने अपना ब्रांड भी बनाया है, जिसके तहत ये बेचने का काम करती हैं. उनके ब्रांड का आलम यह है कि सिर्फ यह दो महीने में ही जुलाई व अगस्त में ही अच्छी खासी इनकम दे जाता है. इसके लिए सबसे जरूरी है कि आपके पास सबसे यूनिक कलेक्शन होना चाहिए. मतलब ऐसा दूसरा कलेक्शन किसी और के पास बिल्कुल भी नहीं होना चाहिए. सबसे अलग हटकर होना चाहिए कलेक्शन पूर्णिमा बताती हैं लोग राखी में अक्सर सिर्फ और सिर्फ यूनीक चीज ढूंढते हैं. उनको यूनिक थाली व राखी चाहिए. इसलिए उन्होंने शिवलिंग राखी बनाया है. अब आप बताइए ऐसा दूसरा आपको कहां पर मिलेगा. अब क्या है कि जो भी कस्टमर आते हैं. वह एक नजर में देखकर उठा लेते हैं. अगर आपको इस तरह का बिजनेस करना है तो यूनिक में कोई समझौता नहीं होना चाहिए. वहीं, दूसरी चीज, इसमें आपको बहुत ज्यादा ब्रांडिंग या फिर मार्केटिंग की जरूरत नहीं पड़ती है. साधारण तौर पर अगर आपके पास यूनिक कलेक्शन है तो आप बाजार में भी दे सकते हैं व मॉल में भी दे सकते हैं. उन्हें इतने यूनिक कलेक्शन की काफी जरूरत होती है और दूसरी बात आप मेले में अपना स्टॉल लगा सकते हैं. जैसे वह लगाती हैं. जहां पर एक-एक बार में लोग एक-एक दो-दो हजार की शॉपिंग करते हैं. इंस्टाग्राम और फेसबुक का लें सहारा आजकल सोशल मीडिया का जमाना है. ऐसे में आप इंस्टाग्राम पर पेज बनाकर अपने राखी का वीडियो डालें या फिर फेसबुक में भी इस तरह का वीडियो डाल सकते हैं. वहां से जल्दी ऑर्डर आते हैं. वहां से क्या है कि बेंगलुरु, दिल्ली व कोलकाता जैसे शहरों से आर्डर आते हैं, जैसे मुझे आते हैं. एक बात का ध्यान रखना है कि वीडियो क्वालिटी शानदार होनी चाहिए, बढ़िया से एडिट करवा लीजिए और फिर देखिए कैसे आपको ऑर्डर मिलने शुरू होते हैं. About the Author Brijendra Pratap Singh बृजेंद्र प्रताप सिंह डिजिटल-टीवी मीडिया में (2021) लगभग 5 सालों से सक्रिय हैं. मेट्रो न्यूज 24 टीवी चैनल मुंबई, ईटीवी भारत डेस्क, दैनिक भास्कर डिजिटल डेस्क के अनुभव के साथ 14 मई 2024 से News.in में सीनियर कंटें…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Ranchi,Jharkhand Source link

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नल जल योजना पर ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, मंत्री-विधायक पर साधा निशाना

भास्कर न्यूज|लोहरदगा लोहरदगा जिले के कैरो प्रखंड अंतर्गत हनहट पंचायत के ग्राम हनहट में नल-जल योजना की बदहाल स्थिति को लेकर ग्रामीणों ने नाराजगी जताई। ग्रामीणों का आरोप है कि योजना के तहत संवेदक द्वारा 5000 लीटर क्षमता का मिनी वाटर टावर व सिंटेक्स टैंक तो स्थापित कर दिया गया है, लेकिन अब तक किसी भी लाभुक को शुद्ध पेयजल उपलब्ध नहीं कराया गया है। इस संबंध में सामाजिक कार्यकर्ता पवन तिग्गा ने कहा कि नल-जल योजना झारखंड सरकार के मंत्री और विधायक की भेंट चढ़ गई है। करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद ग्रामीणों को इसका लाभ नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी के बीच लोग पेयजल संकट से जूझ रहे हैं, जबकि जिम्मेदार विभाग और जनप्रतिनिधि मौन हैं। मौके पर मौजूद भाजपा युवा नेता व जिला अध्यक्ष अजय पंकज ने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीणों को बिजली, पानी, दवा और एम्बुलेंस जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने में विफल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि जनता मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशान है, जबकि मंत्री और विधायक अपनी जिम्मेदारियों से दूर हैं। अजय पंकज ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि पीएचईडी विभाग द्वारा 15 दिनों के भीतर ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध नहीं कराया गया, तो भारतीय जनता पार्टी चरणबद्ध आंदोलन शुरू करेगी। उन्होंने कहा कि आंदोलन के दौरान उत्पन्न होने वाली किसी भी स्थिति की पूरी जिम्मेदारी विभाग की होगी। इस अवसर पर मिथुन तमैड़, गोविंद महतो, रामचंद्र गिरी, बालेश्वर महतो, जसवंत ठाकुर, उखज साहू, दुजीत ठाकुर, उमेश ठाकुर, गोपाल महतो, बबलू कुमार, सुरेंद्र महतो, उमेश साहू, दिलेश्वर भगत, मोहन साहू, श्रवण मुंडा, रामदयाल भगत, नंदकिशोर भगत, मनोज कुमार, दुर्गा देवी, बसंती देवी, वर्षा देवी, रीता देवी, नंदकिशोर नाथ शाहदेव, चंदन कुमार यादव, सीताराम यादव, कृष्णमणि यादव, सत्यनारायण महतो सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे। Source link

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आज रांची समेत 11 जिलों में बारिश की संभावना:राज्य में बीते 24...

झारखंड में पिछले 24 घंटे के दौरान मानसून की सक्रियता बढ़ने के साथ राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। सबसे अधिक बारिश कोडरमा के तिलैया में 46.4 मिमी रिकॉर्ड की गई, जबकि चंदवा में 45.2 मिमी और रांची के कांके में 42.5 मिमी बारिश हुई। इसके अलावा पूर्वी सिंहभूम में करीब 24 मिमी बारिश दर्ज की गई। रांची, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां और बोकारो समेत कई जिलों में भी बारिश हुई, जिससे तापमान में गिरावट आई और लोगों को गर्मी से राहत मिली। रांची में शाम को बदला मौसम, कई इलाकों में जलजमाव रविवार को राजधानी रांची में दिनभर तेज धूप रही और तापमान लगभग 35 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना रहा। हालांकि शाम छह बजे के बाद अचानक मौसम बदला और तेज बारिश शुरू हो गई। देर रात तक गर्जन के साथ बारिश होती रही। भारी बारिश के कारण शहर के कई इलाकों जैसे सेवा सदन पथ, जयपाल सिंह स्टेडियम के आसपास, मेन रोड और स्टेशन रोड में जलजमाव की स्थिति बन गई। वहीं, सुरक्षा के दृष्टिकोण से कई क्षेत्रों में आधे से एक घंटे तक बिजली आपूर्ति भी बाधित रही। आज 11 जिलों में बरसेंगे बादल मौसम विभाग के अनुसार सोमवार को झारखंड के दक्षिणी, मध्य और पूर्वी जिलों में बादल छाए रहेंगे और कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक हो सकती है। रांची, खूंटी, गुमला, सिमडेगा, लोहरदगा, पश्चिमी एवं पूर्वी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, रामगढ़, बोकारो और हजारीबाग में बारिश की संभावना है। कुछ स्थानों पर वज्रपात और 50-60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। लोगों को खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है। यहां उमस भरी गर्मी का अधिक रहेगा असर वहीं, राज्य के उत्तर-पश्चिमी जिलों जैसे पलामू, गढ़वा, चतरा, लातेहार, कोडरमा, गिरिडीह, देवघर, गोड्डा, पाकुड़ और साहिबगंज में बारिश की गतिविधियां अपेक्षाकृत कम रहने के कारण उमस भरी गर्मी का असर देखने को मिल सकता है। इन इलाकों में अधिकतम तापमान 37-38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है। खासकर पलामू प्रमंडल में दिन का तापमान अन्य जिलों की तुलना में अधिक रहने की संभावना है। अगले कुछ दिन जारी रहेगा बारिश मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार झारखंड में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं। समुद्र तल पर मौसमी ट्रफ पश्चिम राजस्थान से गंगेटिक पश्चिम बंगाल तक झारखंड होते हुए गुजर रही है, जिससे एक सक्रिय सिस्टम बना हुआ है। इसका असर अगले चार से पांच दिनों तक राज्य में देखने को मिल सकता है। इस दौरान कई जिलों में बारिश जारी रहने की संभावना है। जिससे तापमान में गिरावट और मौसम सुहावना बना रह सकता है। Source link

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गर्मी में घट रहा गाय-भैंस का दूध? पशु डॉक्टर ने बताया गुड़-सेंधा...

होमवीडियोकृषि गर्मी में घट रहा गाय-भैंस का दूध? पशु डॉक्टर ने बताया गुड़-सेंधा नमक वाला देसी X गर्मी में घट रहा गाय-भैंस का दूध? पशु डॉक्टर ने बताया गुड़-सेंधा नमक वाला देसी   जून-जुलाई के मौसम में गाय और भैंसों का दूध उत्पादन कम होना आम समस्या है, लेकिन सही देखभाल से इसे काफी हद तक रोका जा सकता है. पशु चिकित्सक डॉ. पूनम शॉरेन के अनुसार, दुधारू पशुओं को नियमित रूप से हरा चारा, गुड़ और पर्याप्त मात्रा में साफ पानी देना चाहिए. डिहाइड्रेशन से बचाने के लिए गुड़, सेंधा नमक और खाने वाला सोडा मिलाकर घोल पिलाना फायदेमंद होता है. पशुओं को छायादार जगह पर रखें और तेज धूप से बचाएं. सुबह-शाम चारा खिलाने और पानी की पर्याप्त व्यवस्था करने से पशु स्वस्थ रहते हैं, जिससे गर्मी में भी दूध उत्पादन बेहतर बना रहता है. Source link

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Aaj Ka Mausam Live | Today Weather Live | 70KMPH की तूफानी...

Today Weather News Live: जून का आधा महीना गुजरने को है, लेकिन देश के कई हिस्सों में मानसून अभी भी अपनी पूरी रफ्तार नहीं पकड़ पाया है. एक तरफ पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में बादल जमकर बरसने की तैयारी में हैं, तो दूसरी तरफ उत्तर-पश्चिम भारत के कई इलाकों में आंधी, धूलभरी हवाएं और बढ़ती गर्मी लोगों की मुश्किलें बढ़ा सकती हैं. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक, आज देशभर में मौसम के कई रंग देखने को मिलेंगे. बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, जबकि राजस्थान, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा और पंजाब में तेज आंधी और गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है. वहीं महाराष्ट्र के विदर्भ और मराठवाड़ा क्षेत्रों में लू का प्रकोप जारी रह सकता है. मौसम विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिनों में मानसून महाराष्ट्र, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बाकी हिस्सों में आगे बढ़ सकता है, जिससे कई राज्यों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है. हालांकि उत्तर-पश्चिम भारत में अभी भी मानसून की रफ्तार सुस्त बनी हुई है और यहां लोगों को गर्मी और उमस दोनों का सामना करना पड़ सकता है. बारिश तो आज यहां कहर ढाएगा मौसम विभाग के मुताबिक, पूर्वोत्तर भारत में सबसे अधिक बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है. अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भारी बारिश होने की संभावना है. मौसम विभाग ने अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय सहित कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. अरुणाचल प्रदेश और असम-मेघालय के कुछ इलाकों में बहुत भारी बारिश भी हो सकती है, जिससे निचले क्षेत्रों में जलभराव और भूस्खलन का खतरा बढ़ सकता है. वहीं पूर्वी भारत की बात करें तो बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में बारिश और गरज-चमक का दौर बना रहेगा. बिहार और झारखंड के कई इलाकों में बिजली गिरने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है. ओडिशा में भी गरज-चमक के साथ बारिश और 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है. पश्चिम बंगाल के उप-हिमालयी क्षेत्रों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है. बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में बारिश और गरज-चमक का दौर बना रहेगा. मध्य भारत में छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और विदर्भ क्षेत्र में मौसम सक्रिय रहेगा. यहां कई जगहों पर गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है. पश्चिम और पूर्वी मध्य प्रदेश में तेज आंधी के साथ 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाएं चलने की संभावना है. छत्तीसगढ़ और विदर्भ में भी बारिश के साथ बिजली गिरने का खतरा बना रहेगा. राजस्थान में 70KMPH की तूफानी हवा राजस्थान में मौसम सबसे ज्यादा उग्र रूप दिखा सकता है. मौसम विभाग ने पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान में थंडरस्क्वॉल यानी तेज आंधी का अलर्ट जारी किया है. यहां 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जिनके झोंके 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं. पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों में धूलभरी आंधी की भी संभावना जताई गई है. ऐसे में लोगों को खुले स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी गई है. महाराष्ट्र में दोहरी स्थिति देखने को मिलेगी. एक तरफ कोंकण और गोवा के कुछ इलाकों में उमस भरा मौसम बना रहेगा, वहीं दूसरी तरफ विदर्भ और मराठवाड़ा में हीटवेव का असर जारी रहने की संभावना है. मौसम विभाग ने मराठवाड़ा और विदर्भ के अलग-अलग इलाकों में लू चलने का अलर्ट जारी किया है. वहीं मध्य महाराष्ट्र में गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश हो सकती है. दक्षिण भारत में केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का सिलसिला जारी रहेगा. केरल और तटीय कर्नाटक में व्यापक वर्षा होने की संभावना है. तमिलनाडु और पुडुचेरी में गरज-चमक के साथ बारिश का अनुमान है. तेलंगाना और रायलसीमा में तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है. दक्षिणी राज्यों में मानसून की सक्रियता लगातार बढ़ रही है. दिल्ली में बादलों का डेरा, 60KMPH से चल सकती है आंधी राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 15 जून को आसमान आंशिक रूप से बादलों से घिरा रहेगा. मौसम विभाग के अनुसार दोपहर या शाम के समय बहुत हल्की से हल्की बारिश हो सकती है. इसके साथ ही गरज-चमक और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जिनके झोंके 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं. हालांकि बारिश की संभावना के बावजूद दिल्लीवासियों को गर्मी से तत्काल राहत मिलने की उम्मीद कम है. मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले सात दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है. न्यूनतम तापमान भी 3 से 5 डिग्री तक बढ़ सकता है, जिससे उमस और गर्मी दोनों में इजाफा होगा. यूपी में आंधी और उत्तराखंड में बारिश के आसार उत्तर प्रदेश में मौसम का मिजाज अलग-अलग क्षेत्रों में अलग रहेगा. पश्चिमी उत्तर प्रदेश में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश और तेज हवाओं की संभावना है. वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में आंधी और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है. मौसम विभाग ने 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाओं का अलर्ट जारी किया है. उत्तराखंड में अगले 24 घंटे मौसम काफी उथलपुथल वाला रहेगा. पर्वतीय जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. कई स्थानों पर गरज-चमक और बिजली गिरने की भी संभावना है. चारधाम यात्रा मार्गों पर जाने वाले यात्रियों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है क्योंकि पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और सड़क बाधित होने की आशंका बनी हुई है. बिहार-झारखंड में मानसून का असर बिहार में मानसूनी गतिविधियां धीरे-धीरे मजबूत होती दिखाई दे रही हैं. राज्य के कई हिस्सों में बादल छाए रहेंगे और गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है. कुछ इलाकों में तेज हवाएं भी चल सकती हैं. मौसम विभाग ने लोगों को बिजली गिरने के खतरे को देखते हुए सावधानी बरतने की सलाह दी है. झारखंड में भी मौसम का मिजाज बदला हुआ रहेगा. राज्य के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम

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