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झारखंड

AI के दौर में भी हुनर का जादू… जमशेदपुर में घड़ियों के...

Last Updated:June 02, 2026, 09:38 IST jamshedpur Watch Doctor : जमशेदपुर के इरशाद अली पिछले पांच दशक से घड़ियों की मरम्मत कर रहे हैं. वह विदेशी और रोलेक्स घड़ियां भी ठीक करते हैं, लोग उन्हें घड़ियों का डॉक्टर कहते हैं. वह घड़ी की मरम्मत फीस 150 रुपचे लेते हैं. आइये जानते हैं उनके बारे में. ख़बरें फटाफट जमशेदपुर: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और आधुनिक तकनीक के इस दौर में जहां अधिकांश काम मशीनों और डिजिटल उपकरणों के जरिए किए जा रहे हैं. वहीं, जमशेदपुर में आज भी कुछ लोग अपनी पारंपरिक कला और वर्षों के अनुभव के दम पर लोगों का भरोसा कायम रखे हुए हैं. ऐसे ही एक शख्स हैं, 52 नंबर गली निवासी इरशाद अली, जिन्हें शहर भर में ‘घड़ियों के डॉक्टर’ के नाम से जाना जाता है. वह पिछले 5 दशकों से वे घड़ियों की मरम्मत और सर्विसिंग का काम कर रहे हैं और आज भी उसी लगन, मेहनत और बारीकी के साथ हर घड़ी को नया जीवन देने में जुटे हुए हैं. इरशाद अली ने बताया कि उन्होंने यह काम कई दशक पहले शुरू किया था. उस समय एक घड़ी की सर्विसिंग के लिए मात्र तीन रुपये मिलते थे. समय के साथ तकनीक बदली, घड़ियों के डिजाइन बदले और बाजार में नए-नए ब्रांड आए, लेकिन उनके काम करने का जुनून कभी नहीं बदला. आज वे एक घड़ी की फुल सर्विसिंग के लिए लगभग 150 रुपये लेते हैं और हर घड़ी को पूरी सावधानी के साथ ठीक करते हैं. विदेशी घड़ियों की कर लेते हैं मरम्मत उनकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि वह केवल स्थानीय या भारतीय घड़ियां ही नहीं, बल्कि विदेशी और महंगी इंपोर्टेड घड़ियों की भी मरम्मत कर लेते हैं. वर्षों के अनुभव ने उन्हें घड़ियों की ऐसी समझ दी है कि खराब से खराब घड़ी की समस्या को वे आसानी से पहचान लेते हैं. चाहे पुरानी मैकेनिकल घड़ी हो या आधुनिक डिजाइन वाली घड़ी, उनके लिए हर घड़ी का इलाज संभव है. रोलेक्स घड़ी की भी कर चुके हैं मरम्मत इरशाद अली बताते हैं कि कई साल पहले टाटा स्टील के एक वरिष्ठ अधिकारी अपनी महंगी रोलेक्स घड़ी लेकर उनके पास आए थे. उस समय उस घड़ी की कीमत लगभग एक लाख रुपये थी. उन्होंने बड़ी सावधानी से घड़ी की सर्विसिंग की और जब घड़ी पूरी तरह ठीक हो गई तो अधिकारी उनकी कला से इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने मेहनताना के अलावा एक हजार रुपये अतिरिक्त इनाम भी दिया. यह घटना आज भी उनके लिए गर्व का विषय है. वहीं, घड़ी की सर्विसिंग कराने आए ग्राहक हरिंदर सिंह बताते हैं कि इरशाद अली का काम बेहद साफ-सुथरा और भरोसेमंद है. उनके अनुसार, सिर्फ स्थानीय ही नहीं, बल्कि महंगी विदेशी घड़ियों की मरम्मत भी वे बड़ी कुशलता से करते हैं. यही वजह है कि जमशेदपुर ही नहीं, आसपास के इलाकों से भी लोग अपनी पसंदीदा घड़ियां लेकर उनके पास पहुंचते हैं. लोग कहते हैं घड़ियों का डाक्टर आज जब अधिकांश लोग खराब घड़ी को बदलना ज्यादा आसान समझते हैं, तब इरशाद अली जैसे कारीगर अपनी मेहनत और हुनर से पुरानी घड़ियों को फिर से चलाकर समय के साथ एक अनोखा रिश्ता बनाए हुए हैं. यही कारण है कि शहर में उन्हें सम्मान के साथ ‘घड़ियों का डॉक्टर’ कहा जाता है. About the Author Brijendra Pratap Singh बृजेंद्र प्रताप सिंह डिजिटल-टीवी मीडिया में (2021) लगभग 5 सालों से सक्रिय हैं. मेट्रो न्यूज 24 टीवी चैनल मुंबई, ईटीवी भारत डेस्क, दैनिक भास्कर डिजिटल डेस्क के अनुभव के साथ 14 मई 2024 से News.in में सीनियर कंटें…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Jamshedpur,Purbi Singhbhum,Jharkhand Source link

झारखंड

Unfunded education… Demand for amendment in the draft Rules-2026, warning of a...

Hindi News Local Jharkhand Ranchi Unfunded Education… Demand For Amendment In The Draft Rules 2026, Warning Of A Massive Protest In Front Of Lok Bhavan On The 12th रांची3 घंटे पहले कॉपी लिंक रांची| वित्त रहित शिक्षा संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने झारखंड माध्यमिक विद्यालय (कक्षा 9 से 12) स्थापना अनुमति एवं प्रस्वीकृति शर्त एवं बंधेज नियमावली-2026 के ड्राफ्ट का विरोध करते हुए 2 जून को राज्य के सभी वित्त रहित शिक्षण संस्थानों के मुख्य द्वार पर इसकी प्रतियां जलाने का निर्णय लिया है। मोर्चा ने सरकार से ड्राफ्ट में अविलंब संशोधन की मांग की है। सोमवार को आयोजित अध्यक्ष मंडल की बैठक में मोर्चा नेताओं ने कहा कि नई शिक्षा नीति-2020 के तहत तैयार की जा रही नियमावली में भवन, भूमि, सुरक्षा कोष, प्रयोगशाला और शिक्षकों से संबंधित ऐसे प्रावधान जोड़े गए हैं, जिन्हें राज्य की अधिकांश वित्त रहित संस्थाएं पूरा नहीं कर पाएंगी। मोर्चा ने वित्त रहित संस्थानों के लिए दो एकड़ भूमि की अनिवार्यता को भेदभावपूर्ण बताते हुए इसे एक एकड़ करने की मांग की। साथ ही प्रयोगशाला और अन्य आधारभूत सुविधाओं से जुड़े मानकों को भी व्यावहारिक बनाने पर जोर दिया। मोर्चा ने कहा कि यदि ड्राफ्ट में संशोधन नहीं किया गया तो 12 जून को लोक भवन के समक्ष विशाल महाधरना आयोजित किया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर उच्च न्यायालय की शरण लेने की भी चेतावनी दी गई। बैठक में रघुनाथ सिंह, गणेश महतो, अरविंद सिंह, संजय कुमार, रघु विश्वकर्मा, नरोत्तम सिंह, फजलुल कादरी अहमद, हरिहर प्रसाद कुशवाहा और रणजीत मिश्रा सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे। बैठक की जानकारी मोर्चा के मनीष कुमार ने दी। साथ ही 75 प्रतिशत अनुदान बढ़ोतरी से संबंधित संचिका पर सरकार से शीघ्र निर्णय लेने की मांग भी की गई। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ Source link

शिक्षा

CBSE OSM Tender Probe | Rahul Allegations; Govt Demands Report

नई दिल्लीकुछ ही क्षण पहले कॉपी लिंक CBSE के ओएसएम प्रोसेस में गलतियों को लेकर NSUI ने 1 जून को दिल्ली में बोर्ड के ऑफिस के बाहर प्रदर्शन किया। CBSE ने छात्रों की आंसरशीट बदले जाने और कम नंबर के विवाद में एक्‍शन लेना शुरू कर दिया है। शिक्षा मंत्रालय ने COEMPT को टेंडर देने को लेकर बोर्ड से रिपोर्ट मांगी है। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि शिक्षा मंत्रालय ने दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की सिफारिश का मन बना लिया है। हालांकि CBSE अधिकारियों ने गड़बड़ी के आरोपों से इनकार किया और कहा है कि टेंडर सामान्य वित्तीय नियमों (जीएफआर) और सरकारी खरीद प्रक्रियाओं के अनुसार ही दिया गया था। गौरतलब है कि CBSE ने यह ठेका 5 दिसंबर को कोएम्प्ट एडु टेक को दिया गया था। यानी 17 फरवरी को पहली बोर्ड परीक्षा शुरू होने से ठीक 74 दिन पहले। राहुल गांधी भी लगातार बोर्ड और शिक्षा मंत्री पर हमलावर हैं। एक दिन पहले ही उन्होंने आरोप लगाया था कि OSM के लिए टेंडर प्रक्रिया से किसी खास वेंडर को फायदा पहुंचाया गया है। पोर्टल आज से फिर चालू, कल दिनभर नहीं खुला बोर्ड की रीवैल्युएशन साइट सोमवार देर शाम तक नहीं खुल सकी। इससे लाखों छात्र परेशान हुए। बोर्ड की तरफ से दिनभर यही कहा गया कि ‘पोर्टल विल गो लाइव सून’। इतना ही नहीं बोर्ड से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, पोर्टल पर लगातार ‘अनॉथराइज इंटरफियरेंस’ जारी है यानी हैकिंग की कोशिशें की जा रही हैं। हालांकि मंगलवार को बोर्ड ने घोषणा की कि 12वीं कक्षा के छात्रों के लिए उसका बहुप्रतीक्षित वेरिफिकेशन और री-इवैल्यूएशन पोर्टल अब लाइव हो गया है। अभी तक क्या-क्या हुआ…. 13 मई- CBSE ने 12वीं बोर्ड परीक्षा के नतीजे घोषित किए। 19 मई- पोस्ट रिजल्ट शिकायतों के समाधान के लिए पोर्टल खोला, लेकिन पहले ही दिन क्रैश हो गया। 22 मई- तीन बार एक-एक दिन के लिए आंसरशीट की फोटोकॉपी लेने की तारीख बढ़ाई गई। 25 मई- पोर्टल दुरुस्त करने के लिए देश के दो आईआईटी से मदद मांगी गई। 1 जून- OSM का रीवैल से जुड़ा पोर्टल दिन भर नहीं खुल सका। 2 जून- बोर्ड ने पोर्टल लाइव करने की घोषणा की, यह 6 जून तक ओपन रहेगा। CBSE-ओएसएम में गड़बड़ी के व्हिसिल ब्लोअर कौन हैं सार्थक: रांची के 17 साल के सार्थक सिद्धांत टेक रिसर्चर हैं। उन्होंने भी परीक्षा दी थी। उन्होंने एक आम छात्र से आगे बढ़कर एक खोजी पत्रकार/डेटा साइंटिस्ट की तरह काम किया। सीबीएसई की तरफ से जारी पिछले 576 दस्तावेजों का बारीकी से अध्ययन और तुलना कर टेंडर में गड़बड़ी का खुलासा किया। कौन हैं वेदांत: दिल्ली के वेदांत श्रीवास्तव ने भी 12वीं की परीक्षा दी थी। फिजिक्स में 65 नंबर मिले तो उन्होंने आवाज उठाई। रीवैल्युएशन में कॉपी मिली तो गड़बड़ी का पता चला। पहले उन्हें ​सोशल मीडिया पर ट्रोल किया गया। ट्रोलर्स ने उन्हें देशद्रोही तक कहा, बाद में बोर्ड ने गलती मानी और माफी मांगी। COEMPT पर तेलंगाना बोर्ड एग्जाम में गड़बड़ी के आरोप COEMPT एडुटेक तेलंगाना के हैदराबाद की कंपनी है। ये फर्म तेलंगाना, कर्नाटक और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों मे डिजिटल इवैल्यूएशन का काम करती है। 2019 में इसका नाम ग्लोबरेना टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड था। तब इस पर तेलंगाना में 12वीं के बोर्ड एग्जाम में डेटा प्रोसेसिंग में गड़बड़ी के आरोप लगे थे। उस साल राज्य में 9.74 लाख में से 3 लाख से ज्यादा बच्चे फेल हो गए थे। यूथ कांग्रेस देशव्यापी विरोध प्रदर्शन तेज करेगा इंडियन यूथ कांग्रेस (IYC) ने परीक्षाओं में अनियमितताओं को लेकर अपने देशव्यापी आंदोलन को तेज करने की योजना की घोषणा की है। कांग्रेस की यूथ विंग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को हटाने की अपनी मांग कर रही है। विरोध प्रदर्शनों में मशाल जुलूस, छात्र संपर्क कार्यक्रम, प्रदर्शन और घेराव शामिल होंगे। इस अभियान में महाराष्ट्र, तेलंगाना, असम, हरियाणा, मध्य प्रदेश, झारखंड, राजस्थान, छत्तीसगढ़, गुजरात, पंजाब और तमिलनाडु सहित अन्य राज्य शामिल होंगे। हालांकि इसकी तय तारीख के बारे में नहीं बताया है। ————————- ये खबर भी पढ़ें… कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर 6 जून को भारत लौटेंगे: शिक्षा मंत्री के इस्तीफे को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करेंगे कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके 6 जून को भारत लौटेंगे। इसके बाद वे दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करेंगे। इस प्रदर्शन में वे शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग करेंगे। दिपके ने इसकी जानकारी अपने X अकाउंट ‘कॉकरोच इज बैक’ पर दी है। कॉकरोच जनता पार्टी एक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म है, जो भारत के चीफ जस्टिस सूर्यकांत की हालिया कॉकरोच टिप्पणी के बाद सामने आया। पढ़ें पूरी खबर… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं… Source link

झारखंड

सार्वजनिक उपयोग के लिए दान में दी गई जमीन पर नहीं लगेगा...

स्टांप व निबंधन शुल्क में राहत रांची | सरकारी कार्यों और सार्वजनिक उपयोग के लिए जमीन दान करने वालों को राज्य सरकार ने बड़ी राहत दी है। अब ऐसे मामलों में स्टांप शुल्क और निबंधन शुल्क नहीं देना होगा। राजस्व, निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग ने सोमवार को इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी।यह निर्णय 27 मई को हुई राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में लिया गया था। अधिसूचना के अनुसार, राज्य सरकार, उसके सार्वजनिक उपक्रमों तथा सरकारी प्रयोजनों के लिए नागरिक सुविधाओं, शहरी विकास, ग्रामीण विकास, सड़क, पार्क, पुस्तकालय समेत अन्य सार्वजनिक कार्यों के लिए दान पत्र के माध्यम से दी जाने वाली जमीन पर स्टांप और निबंधन शुल्क नहीं लगेगा। पुनर्वास नीति के तहत राज्य सरकार द्वारा चिन्हित और अधिसूचित भूमि से संबंधित दस्तावेजों को भी स्टांप एवं निबंधन शुल्क से मुक्त कर दिया गया है। Source link

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OMG! कोटा का कमाल जारी, शुभम कुमार AIR 1 और कबीर छिल्लर...

Last Updated:June 02, 2026, 08:46 IST JEE Advanced 2026 Result: जेईई एडवांस्ड 2026 के परिणामों ने एक बार फिर कोटा कोचिंग हब की प्रतिष्ठा को मजबूत कर दिया है, जहां से ऑल इंडिया रैंक 1 और 2 हासिल करने वाले छात्रों की सफलता की कहानियां सामने आई हैं. कोटा की प्रमुख कोचिंग संस्थाओं जैसे एलन और रेजोनेंस में पढ़ने वाले छात्रों ने अपनी मेहनत और मार्गदर्शन के दम पर यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है. इन टॉपर्स की सफलता ने लाखों इंजीनियरिंग अभ्यर्थियों को प्रेरित किया है और यह साबित किया है कि सही दिशा और निरंतर अभ्यास से बड़े से बड़ा लक्ष्य हासिल किया जा सकता है. कोचिंग संस्थानों ने भी छात्रों को बेहतरीन स्टडी मटेरियल, टेस्ट सीरीज और मेंटरशिप प्रदान की. ख़बरें फटाफट कोटा। जेईई एडवांस्ड 2026 के घोषित परिणामों में कोटा कॅरियर इंस्टीट्यूट ने एक बार फिर ऐतिहासिक सफलता हासिल करते हुए लगातार तीसरे वर्ष ऑल इंडिया रैंक-1 देने का कीर्तिमान बनाया है. कोटा कोचिंग सेंटर में पढ़ाई कर स्टूडेंट शुभम कुमार ने ऑल इंडिया रैंक-1 हासिल की. वहीं कबीर छिल्लर ने ऑल इंडिया रैंक 2 अपने नाम की है कोटा ने अपने इतिहास में दूसरी बार ऑल इंडिया रैंक 1, 2 और 3 एक साथ देने की उपलब्धि हासिल की है। देखिए इन स्टूडेंट्स की सक्सेस स्टोरी कोटा से. शुभम कुमार ने जेईई-एडवांस्ड 2026 में 360 में से 330 अंक प्राप्त कर ऑल इंडिया रैंक-1 हासिल की. शुभम ने जेईई मेन में 100 पर्सेंटाइल स्कोर किया था और ऑल इंडिया रैंक-6 प्राप्त की थी. मूलतः गया (बिहार) के साधारण परिवार से आने वाले शुभम की सफलता लाखों विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा बन गई है. पिछले दो वर्षों की कड़ी मेहनत, सही मार्गदर्शन, अनुशासन, नियमित अभ्यास और आत्मविश्वास के बल पर उन्होंने यह उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की. शुभम की इस सफलता के बाद परिवार, रिश्तेदारों और पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल है. पिता शिवकुमार गया में हार्डवेयर की दुकान संचालित करते हैं, जबकि मां कंचन देवी गृहिणी हैं। शुभम की बड़ी बहन वर्तमान में IIT Patna में कंप्यूटर साइंस से बीटेक कर रही हैं. घर का शैक्षणिक माहौल और परिवार का निरंतर सहयोग शुभम की सफलता की मजबूत नींव बना. अनुशासन के साथ पढ़ाई करेंशुभम ने बताया कि उनकी सफलता का सबसे बड़ा कारण उनके शिक्षकों और परिवार का त्याग व विश्वास रहा. पिता ने हमेशा पढ़ाई के लिए प्रेरित किया, जबकि मां ने हर परिस्थिति में भावनात्मक और मानसिक संबल दिया. उन्होंने शिक्षकों की हर बात को गंभीरता से सुना और उनके बताए तरीकों का पालन किया. जब भी कोई विषय कठिन लगता था, वे बार-बार अपने संदेह दूर करते थे. शिक्षकों द्वारा कॉन्सेप्ट्स को मूलभूत स्तर से समझाए जाने से उनकी नींव मजबूत हुई. उनका मानना है कि यदि विद्यार्थी अपने शिक्षकों पर भरोसा रखते हुए अनुशासन के साथ पढ़ाई करें, तो बड़ी से बड़ी सफलता प्राप्त कर सकते हैं. अपना पूरा ध्यान लक्ष्य पर केंद्रित रखाशुभम रोजाना 6 से 8 घंटे सेल्फ स्टडी करते थे. कक्षा में पढ़ाए गए विषयों का उसी दिन पुनरावर्तन करना उनकी दिनचर्या का हिस्सा था. वे प्रतिदिन प्रश्नों का अभ्यास करते और कमजोर विषयों पर विशेष ध्यान देते थे. जेईई की तैयारी के दौरान कई बार दबाव की स्थिति बनी, लेकिन उन्होंने उसे कभी अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया. हर चुनौती को उन्होंने प्रेरणा में बदला और अपना पूरा ध्यान लक्ष्य पर केंद्रित रखा. अब उनका लक्ष्य IIT Bombay की कंप्यूटर साइंस शाखा से बीटेक करना है. कबीर छिल्लर ने जेईई-एडवांस्ड में ऑल इंडिया रैंक-2वहीं कोटा के क्लासरूम स्टूडेंट कबीर छिल्लर ने जेईई-एडवांस्ड में ऑल इंडिया रैंक-2 प्राप्त की है. परिवार मूलतः दिल्ली-एनसीआर गुरूग्राम से है. पिछले दो वर्षों से कोटा में रहकर स्टूडेंट कबीर की यह उपलब्धि लगातार मेहनत, सटीक रणनीति और सेल्फ एनालिसिस का परिणाम है. कबीर के पिता मोहित छिल्लर आईआईटीयन हैं और वर्तमान में दिल्ली एनसीआर में एक निजी कंपनी में कार्यरत हैं, जबकि मां प्रियंका छिल्लर प्राइवेट स्कूल में टीचर हैं. कबीर ने जेईई-मेन में 300 में से 300 अंक प्राप्त कर आॅल इंडिया रैंक-1 प्राप्त की. इससे पहले 10वीं कक्षा 98 प्रतिशत अंकों से उत्तीर्ण कर चुके हैं. कबीर आईआईटी मुम्बई से कम्प्यूटर साइंस ब्रांच में बीटेक करने के बाद वल्र्ड की नंबर-1 मैसाच्युसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलाॅजी (एमआईटी) से उच्च शिक्षा प्राप्त करना चाहता है. हर टॉपिक को समझना और उसे एप्लाई करनाकबीर ने बताया कि मेरी सक्सेस का मुख्य कारण कोटा में फैकल्टीज का गाइडेंस मानता हूं, साथ ही मैंने अपने पढ़ाई करने के तरीके को भी अलग बनाया है, क्योंकि मैं सेल्फ स्टडीज में अटेंशन स्पान और क्वालिटी देखता हूं. हर टेस्ट के बाद खुद का एनालिसिस किया और जहां कमी थी, उसी पर सबसे ज्यादा फोकस किया. मैं एग्जाम से पहले स्टडी स्ट्रेटेजी को फाइन ट्यून करता हूं. नियमित मॉक टेस्ट देने के साथ-साथ हर पेपर का गहराई से एनालिसिस किया, जिससे मेरी एक्यूरेसी और टाइम मैनेजमेंट दोनों बेहतर होते चले गए. कॉन्सेप्ट क्लियर होना सबसे जरूरी है. रटने की बजाय हर टॉपिक को समझना और उसे एप्लाई करना ही मेरी सबसे बड़ी ताकत रही. पढ़ाई को छोटे-छोटे टारगेट्स में विभाजित किया, शॉर्ट नोट्स बनाए और नियमित रिवीजन को अपनी आदत बनाया. गलतियों को दोहराने से बचने के लिए मैं हर टेस्ट के बाद कमजोरियों पर फोकस करता था. मैं दोस्तों के साथ समय बिताता हूं, जिससे मानसिक रूप से रिफ्रेश रहने में मदद मिलती है. About the Author Jagriti Dubey Hi, I am Jagriti Dubey, a media professional with 6 years of experience in social media and content creation. I started my career with an internship at Gbn 24 news channel in 2019 and have worked with many repu…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Source link

झारखंड

सिर्फ आटे से बनाएं ये देसी कुरकुरा, बच्चों को आएगा खूब पसंद,...

Last Updated:June 02, 2026, 08:39 IST Desi Kurkure Recipe: रांची में लोकल लोग आटे से देसी कुरकुरे जैसा स्नैक्स बनाते हैं. इसके बारे में कुकिंग एक्सपर्ट उषा बताती हैं कि यह हेल्दी होता है. सात ही महीनों तक खराब भी नहीं होता है. बच्चे इसे खूब पसंद करते हैं. आइये जानते हैं इसकी रेसिपी के बारे में. ख़बरें फटाफट रांची: झारखंड की राजधानी रांची के लोकल लोग खासतौर पर एक खास तरह का स्नैक्स बनाते हैं, जो सिर्फ आटा से बनता है और खाने में काफी स्वादिष्ट लगता है. इसको यहां के लोग देसी कुरकुरे भी कहते हैं. जहां आटे में रिफाइन, नमक और कई सारी चीज मिलाकर लोग बनाते हैं और लास्ट में तरह-तरह के मसाले के साथ मेरीनेट किया जाता है. आइये जानते हैं इसकी रेसिपी के बारे में. रांची की कुकिंग एक्सपर्ट उषा बताती हैं कि इसके लिए सबसे पहले आपको आटा लेना होगा. आप अगर बच्चों को खिलाना चाहते हैं तो सिर्फ आटा लें तो बहुत ही बढ़िया है. क्योंकि यह बहुत ही हेल्दी होता है. आप इसे सफर में भी ले जा सकते हैं या बच्चे अगर बाहर पढ़ते हैं तो उनको भी बांधकर दे सकते हैं. यह महीनों भर खराब नहीं होता है. बस 3 स्टेप में बनकर होगा तैयार सबसे पहले आपको आटा लेना है और उसमें रिफाइंड डालना है, साथ ही अजवाइन, मंगरैला और नमक डालना है. इन सभी को डालकर अच्छे से मिला लें, आप चाहें तो इसमें दो-तीन तरह के मसाले भी मिला सकते हैं. जैसे धनिया पाउडर, लाल मिर्च पाउडर, थोड़ा सा मिक्स मसाला. इन सभी को डालकर अच्छे से मिला लेना है, फिर आटा पूरी तरह से गूथ लेना है. इसके बाद आपको छोटा-छोटा लोई बनाना है और बेलन की मदद से इसको एक बड़ी रोटी में बेल लेना है. फिर इसको चाकू की मदद से छोटे-छोटे पतले पीस में काट देना है. आप थोड़ा मोटा चाहते हैं तो मोटा बेल सकते हैं, पतला चाहते हैं तो पतला. यह आपके ऊपर है कि आप कितना पतला या मोटा चाहते हैं और फिर रिफाइन को गर्म कर लीजिए और इसे तेल में डालकर फ्राई कर लीजिये. लीजिये बनकर है आपका देसी कुरकुरा जब ये गोल्डन कलर में फ्राई हो जाए तो इसे नीचे उतार लीजिए और जब आप नीचे उतार लेंगे तो इसको मैरिनेड करने के लिए आप लाल मिर्च पाउडर, ओरिगैनो व अपने मनपसंद मसाले में मिला सकते हैं या फिर अगर आप एकदम सादा चाहते हैं, तो आप यह नहीं भी मिलाये तो भी खाने में यूं ही बहुत टेस्टी लगता है. बस इन तीन स्टेप में ही है बनकर रेडी है. About the Author Brijendra Pratap Singh बृजेंद्र प्रताप सिंह डिजिटल-टीवी मीडिया में (2021) लगभग 5 सालों से सक्रिय हैं. मेट्रो न्यूज 24 टीवी चैनल मुंबई, ईटीवी भारत डेस्क, दैनिक भास्कर डिजिटल डेस्क के अनुभव के साथ 14 मई 2024 से News.in में सीनियर कंटें…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Ranchi,Jharkhand Source link

झारखंड

मूल झारखंड आंदोलनकारियों को मिले सम्मान और पेंशन

सिटी रिपोर्टर|बोकारो चिह्नित मूल झारखंड आंदोलनकारी मोर्चा की बैठक सोमवार को पुपुनकी ब्रिज स्थित झामुमो जिला शाखा कार्यालय में आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता झामुमो नेता सह झारखंड आंदोलनकारी लंबोदर महतो ने की, जबकि संचालन अख्तर अंसारी ने किया। बैठक में मोर्चा के संयोजक लुकमान अंसारी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। बैठक के दौरान झामुमो नेता अख्तर अंसारी ने सभी झारखंड आंदोलनकारियों को हरा गमछा ओढ़ाकर सम्मानित किया। बैठक को संबोधित करते हुए मोर्चा के संयोजक लुकमान अंसारी ने कहा कि झारखंड सरकार को मूल झारखंड आंदोलनकारियों को उचित सम्मान देना चाहिए। यह केवल सम्मान का विषय नहीं, बल्कि उनकी पहचान और अस्तित्व से जुड़ा मुद्दा है। उन्होंने कहा कि जिस उम्मीद और समर्पण के साथ आंदोलनकारियों ने अलग झारखंड राज्य के गठन के लिए संघर्ष किया था, आज उन्हीं मूल आंदोलनकारियों की पहचान पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में पेंशन के लालच में फर्जी आंदोलनकारियों की संख्या बढ़ी है, जिससे वास्तविक आंदोलनकारियों के अधिकार प्रभावित हो रहे हैं। सरकार को मूल झारखंड आंदोलनकारियों की सही पहचान सुनिश्चित करनी चाहिए। Source link

झारखंड

पंचशील नगर में अतिक्रमण कर बने 6 दुकान और शेड तोड़े गए

पोकलेन से हो रही सफाई, 3 दिन में 30 ट्रैक्टर गाद निकला मानसून से पहले पंचशील नगर में जलजमाव की समस्या को लेकर नगर निगम ने अभियान तेज कर दिया है। निगम ने इलाके में जलजमाव की बड़ी वजह अतिक्रमण को माना है। ऐसे 23 भवन मालिकों को निगम ने नोटिस जारी किया था, जिसके बाद सोमवार को 6 अस्थायी दुकान और शेड को तोड़ कर हटा दिया गया। इधर, मुख्यमंत्री की नाराजगी के बाद निगम के अधिकारियों ने वार्ड संख्या-32 के इस इलाके में नालियों की सफाई और जल निकासी व्यवस्था सुधारने का काम युद्धस्तर पर शुरू किया है। पिछले तीन दिनों में नालियों से करीब 30 ट्रैक्टर गाद निकाला जा चुका है। नगर आयुक्त के निर्देश पर 15 सफाई मित्रों की विशेष टीम तैनात की गई है। बड़े नालों की सफाई के लिए पोकलेन मशीन और संकरी गलियों की नालियों को साफ करने के लिए सुपर शकर मशीन का उपयोग किया जा रहा है। जहां मशीनें नहीं पहुंच पा रही हैं, वहां मैनुअल सफाई कराई जा रही है। निगम ने 10 करोड़ रुपए की ड्रेनेज योजना तैयार की नगर निगम ने पंचशील नगर की ड्रेनेज व्यवस्था को स्थायी रूप से दुरुस्त करने के लिए विस्तृत सर्वे और तकनीकी मूल्यांकन शुरू किया है। क्षेत्र के लिए करीब 10 करोड़ रुपए की ड्रेनेज योजना भी तैयार की गई है। जल्द ही इस पर काम शुरू होगा। Source link

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सड़क छोड़िए! मारवाड़ जंक्शन में नाले के अंदर दौड़ा ट्रैक्टर, वायरल वीडियो...

Last Updated:June 02, 2026, 07:45 IST Marwar Junction Viral Video: राजस्थान के मारवाड़ जंक्शन से एक हैरान कर देने वाला वीडियो सामने आया है, जिसमें एक ट्रैक्टर को सड़क पर चलने के बजाय सीधे नाले के अंदर दौड़ते हुए देखा गया. यह अनोखा नजारा देखकर स्थानीय लोग दंग रह गए और कुछ लोगों ने इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया. बताया जा रहा है कि क्षेत्र में सड़क की स्थिति खराब होने या पानी भराव की वजह से चालक ने यह अनोखा रास्ता चुना. हालांकि, इस घटना ने स्थानीय प्रशासन की व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं. वीडियो में ट्रैक्टर का नाले के अंदर चलना लोगों के लिए आकर्षण और चर्चा का विषय बन गया है. कुछ लोग इसे जुगाड़ बता रहे हैं तो कुछ इसे लापरवाही करार दे रहे हैं. ख़बरें फटाफट पाली. अब तक आपने सड़कों और खेतों में ट्रैक्टर को दौड़ते देखा होगा, लेकिन क्या कभी किसी गहरे नाले के भीतर ट्रैक्टर को सफाई करते देखा है? जी हां, कुछ ऐसा ही अनोखा और हैरान कर देने वाला नजारा इन दिनों मारवाड़ जंक्शन में देखने को मिल रहा है. आगामी मानसून में शहर को जलभराव के संकट से बचाने के लिए नगरपालिका प्रशासन ने इस बार अपनी पूरी ताकत झोंक दी है. पारंपरिक तरीकों को छोड़, इस बार सीधे नाले के भीतर ट्रैक्टर और जेसीबी उतारकर ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ की जा रही है, ताकि मारवाड़ जंक्शन के लोगों को इस बार पानी भरने की समस्या से हमेशा के लिए निजात मिल सके. अभियान के पहले चरण में रेलवे प्लेटफार्म संख्या चार के पास स्थित सबसे महत्वपूर्ण और मुख्य नाले की सफाई का काम शुरू किया गया. यह नाला बेहद संवेदनशील माना जाता है, जो डीएफसी से होकर सीधे काजीपुरा की ओर जाता है. नाले की अत्यधिक गहराई और उसमें सालों से जमा भारी गंदगी व सिल्ट को देखते हुए प्रशासन ने एक अनूठा प्रयोग किया. सफाई को गति देने के लिए सीधे ट्रैक्टर को ही नाले के भीतर उतार दिया गया. इसके साथ ही, विशालकाय जेसीबी मशीन की मदद से नाले में उगी भारी कटीली घास और जमा मलबे को बाहर निकाला गया. नाले के अंदर ट्रैक्टर चलते देख वहां से गुजरने वाले राहगीर भी हैरान रह गए. रेलवे प्लेटफार्म के पास मुख्य नाले से शुरुआत मारवाड़ जंक्शन नगरपालिका प्रशासन ने मानसून के दस्तक देने से पहले ही पानी निकासी के पुख्ता इंतजाम करने के लिए एक विशेष और सघन सफाई अभियान का शंखनाद कर दिया है. इस अभियान के तहत मुख्यालय पर लंबे समय से गंदगी और मलबे से अटे पड़े मुख्य नालों की सफाई युद्ध स्तर पर की जा रही है. जिससे लोगो को मानसून के दौरान परेशानी का सामना नही करना पडे. जहरीले जीवों के खतरे के बीच काम जारीकेवल रेलवे क्षेत्र ही नहीं, बल्कि उपखण्ड अधिकारी कार्यालय के पास बने नाले की भी पूरी मुस्तैदी से सफाई की जा रही है ताकि बारिश के दिनों में प्रशासनिक क्षेत्र में पानी का भराव न हो. सफाई के दौरान जमी हुई सिल्ट और कचरा हटने से कई जहरीले जीव और सांप भी बाहर निकलते देखे गए, जिससे एक बारगी काम करने वाले मजदूरों में हड़कंप मच गया, लेकिन सुरक्षा मानकों का ध्यान रखते हुए काम को लगातार जारी रखा गया है. सभी मुख्य नालों का होगा कायाकल्पमारवाड़ जंक्शन नगरपालिका के अधिशाषी अधिकारी विक्रमसिंह राठौड़ ने मामले की गंभीरता को बताते हुए कहा कि आगामी मानसून को देखते हुए शहर के सभी छोटे-बड़े नालों की मुस्तैदी से सफाई करवाई जा रही है, जिससे इस बार जलभराव की स्थिति पैदा ही न हो. कब्रिस्तान के पास स्थित नाले की सफाई हमने ईद से पहले ही पूरी कर ली थी. अब हमारा ध्यान शहर के बाकी मुख्य नालों पर है. इस बार दरिया नही बनेगी सडके रेलवे प्लेटफार्म और एसडीएम ऑफिस के बाद अब जल्द ही बेरवा बस्ती के पास का नाला, सोजत बाईपास स्थित नाला और कोर्ट चौराहा से अंडर ब्रिज नहर की भी पूरी तरह मशीनों द्वारा सफाई करवा दी जाएगी. प्रशासन का यह सख्त और अनूठा रुख देखकर स्थानीय निवासियों ने भी राहत की सांस ली है और उम्मीद जताई है कि इस बार बारिश में मारवाड़ जंक्शन की सड़कें दरिया नहीं बनेंगी. About the Author Jagriti Dubey Hi, I am Jagriti Dubey, a media professional with 6 years of experience in social media and content creation. I started my career with an internship at Gbn 24 news channel in 2019 and have worked with many repu…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Source link

झारखंड

सांपों की दुनिया का रहस्य! सांप अंडे देते हैं या सीधे बच्चे...

Last Updated:June 02, 2026, 06:49 IST Monsoon Snake Activity: बरसात आने के साथ ही हर जगह सांपों की हलचल बढ़ जाती है. ऐसे में पलामू के सर्प विशेषज्ञ डीएस श्रीवास्तव ने बताया ज्यादातर सांप अंडे देते हैं. हालांकि वाइपर सांप सीधे बच्चे को जन्म देते हैं. वहीं, किंग कोबरा घोंसला बनाकर अंडे देते हैं. आइये जानते हैं इन सांपों के बारे में. ख़बरें फटाफट पलामू: बरसात का मौसम शुरू होते ही जंगलों, खेतों और गांवों में सांपों की हलचल अचानक बढ़ जाती है. लोग अक्सर इसे केवल डर और खतरे से जोड़कर देखते हैं, लेकिन इसी मौसम में सांपों की जिंदगी का सबसे महत्वपूर्ण दौर भी शुरू होता है. यही वह समय होता है. जब अधिकांश सांप प्रजनन यानी मैटिंग करते हैं और नई पीढ़ी को जन्म देने की प्रक्रिया शुरू होती है. सांप स्तनधारी जीव नहीं होते हैं, बल्कि वे ‘रेप्टाइल’ यानी सरीसृप प्रजाति के जीव हैं. इस समूह में छिपकली भी आती है और दोनों की प्रजनन प्रक्रिया काफी हद तक एक जैसी मानी जाती है. सर्प एस्सपर्ट ने बताया पलामू जिले के सर्प विशेषज्ञ डॉ. डीएस श्रीवास्तव ने लोकल 18 को बताया कि अधिकांश सांप अंडे देकर बच्चे पैदा करते हैं. मादा सांप सुरक्षित और गर्म स्थान खोजकर वहां अंडे देती है. इसके बाद कई प्रजातियों के सांप अंडों के चारों ओर लिपटकर उन्हें सुरक्षित रखते हैं. ताकि तापमान बना रहे और अंडे सही तरीके से विकसित हो सकें. अंडों से बच्चे निकलने में अलग-अलग प्रजातियों के अनुसार 15 दिन से लेकर करीब दो महीने तक का समय लग सकता है. कुछ सांप देते हैं बच्चों को जन्म उन्होंने आगे कहा कि सभी सांप अंडे नहीं देते. वाइपर समूह के कुछ सांप सीधे बच्चे को जन्म देते हैं, लेकिन यह प्रक्रिया स्तनधारी जीवों से अलग होती है. इन सांपों के शरीर के अंदर ही अंडे विकसित होते हैं और वहीं फूट जाते हैं, जिसके बाद बच्चे बाहर आते हैं. यानी बच्चे को मां के शरीर से भोजन नहीं मिलता, बल्कि अंडा शरीर के अंदर ही सुरक्षित रहता है. यही कारण है कि कई लोग इसे बच्चा जन्म देना समझते हैं. किंग कोबरा बनाते हैं घोषला उन्होंने यह भी बताया कि सांपों की दुनिया में सबसे दिलचस्प व्यवहार किंग कोबरा का माना जाता है. किंग कोबरा नर और मादा मिलकर घोंसला बनाते हैं, जो सूखे पत्तों और टहनियों से तैयार होता है. मादा उसमें अंडे देती है और घोंसले की गर्मी से अंडों का विकास होता है. सबसे खास बात यह है कि किंग कोबरा अपने अंडों की सुरक्षा भी करता है, जो सांपों में बेहद दुर्लभ व्यवहार माना जाता है. अपने ही बच्चों को खा लेते हैं सांप  उन्होंने कहा कि गर्मी और बरसात के बीच का समय सांपों के प्रजनन के लिए सबसे अनुकूल माना जाता है. एक बार में सांप आमतौर पर 3 से 10 तक बच्चे या अंडे दे सकते है. अंडों से बाहर आने के बाद बच्चे पूरी तरह स्वतंत्र हो जाते हैं और खुद शिकार करना सीख जाते हैं. कई बार भोजन की कमी या प्राकृतिक व्यवहार के कारण सांप अपने ही बच्चों को खा भी लेते हैं. प्रकृति की यह दुनिया जितनी रहस्यमयी है, उतनी ही अद्भुत भी. About the Author Brijendra Pratap Singh बृजेंद्र प्रताप सिंह डिजिटल-टीवी मीडिया में (2021) लगभग 5 सालों से सक्रिय हैं. मेट्रो न्यूज 24 टीवी चैनल मुंबई, ईटीवी भारत डेस्क, दैनिक भास्कर डिजिटल डेस्क के अनुभव के साथ 14 मई 2024 से News.in में सीनियर कंटें…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Palamu,Jharkhand Source link

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