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किसान डेयरी फार्मिंग के तहत धान के पुआल को सूखे चारे के...

लखीमपुर खीरी: जिले में किसान और युवा खेती के साथ-साथ डेयरी फार्मिंग की ओर भी तेजी से आकर्षित हो रहे हैं. पशुपालन ग्रामीण क्षेत्रों में आमदनी का एक महत्वपूर्ण जरिया बनता जा रहा है. कई किसान गाय और भैंस पालकर दूध बेचने से अपनी आय बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं. हालांकि, डेयरी फार्मिंग में अच्छा मुनाफा कमाने के लिए पशुओं की सही देखभाल और उनके खानपान पर विशेष ध्यान देना जरूरी है. पशुओं को पौष्टिक और संतुलित आहार न मिलने पर उनके स्वास्थ्य के साथ-साथ दूध उत्पादन पर भी असर पड़ सकता है. ऐसे में धान की कटाई के बाद खेतों में बचने वाली पराली यानी पुआल किसानों के लिए उपयोगी साबित हो रहा है. इसका सही तरीके से इस्तेमाल करके किसान चारे की समस्या को कुछ हद तक कम कर सकते हैं और पशुपालन पर होने वाले खर्च को नियंत्रित कर सकते हैं. धान का पुआल पशुओं के लिए कितना उपयोगी इन दिनों जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में धान की कटाई का काम चल रहा है. कटाई के बाद खेतों में बड़ी मात्रा में पुआल बच जाता है. आमतौर पर किसान इसे खेतों से हटाने या निस्तारित करने की चिंता करते हैं, लेकिन पशुपालन करने वाले किसान इसका उपयोग सूखे चारे के रूप में कर सकते हैं. धान के पुआल में रेशा यानी फाइबर पाया जाता है, जो पशुओं के पाचन तंत्र के सामान्य कामकाज में मदद करता है. हालांकि, इसमें प्रोटीन, ऊर्जा और कई जरूरी पोषक तत्वों की मात्रा हरे चारे तथा अच्छे गुणवत्ता वाले दूसरे पशु आहार की तुलना में कम होती है. धान के पुआल को पशुओं के आहार में सीमित मात्रा में शामिल करना चाहिए. इसके साथ हरा चारा, दाना, खली, चोकर और जरूरत के अनुसार खनिज मिश्रण उपलब्ध कराना जरूरी है. इससे पशुओं को आवश्यक पोषक तत्व मिलते हैं और पशुओं का स्वास्थ्य बेहतर बनाए रखने में मदद मिलती है. हरे चारे की कमी में बन सकता है सहारा ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन करने वाले किसानों के सामने साल के अलग-अलग समय पर हरे चारे की उपलब्धता की समस्या आती है. गर्मियों में सूखे की स्थिति, बाढ़ के दौरान खेतों में पानी भरने और मौसम में बदलाव के कारण कई बार हरे चारे की पर्याप्त उपलब्धता नहीं हो पाती. ऐसी स्थिति में किसान सूखे चारे के रूप में धान के पुआल का इस्तेमाल कर सकते हैं. पुआल को सूखी और सुरक्षित जगह पर रखने से इसे लंबे समय तक इस्तेमाल के लिए बचाकर रखा जा सकता है. इससे किसानों को चारे की कमी के समय कुछ राहत मिलती है. जिन किसानों के पास पर्याप्त भंडारण की सुविधा है, वे धान की कटाई के समय पुआल को इकट्ठा करके रख सकते हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर पशुओं को खिलाया जा सके. पुआल को खुले में बारिश और नमी से बचाना जरूरी है. गीला, सड़ा हुआ या फफूंद लगा पुआल पशुओं के स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है. इसलिए पशुओं को खिलाने से पहले उसकी गुणवत्ता की जांच करनी चाहिए. संतुलित आहार से बढ़ सकती है दूध देने की क्षमता डेयरी फार्मिंग में पशुओं से अधिक दूध प्राप्त करने के लिए केवल अधिक मात्रा में चारा देना पर्याप्त नहीं है. पशु को उसकी उम्र, वजन, दूध उत्पादन और शारीरिक स्थिति के अनुसार संतुलित आहार देना जरूरी होता है. यदि पशु को केवल पुआल खिलाया जाता है, तो उसे पर्याप्त प्रोटीन, ऊर्जा और खनिज नहीं मिल पाएंगे. इससे दूध उत्पादन प्रभावित हो सकता है. हरे चारे की कमी से निपटने के लिए किसान साइलेज बनाने की तकनीक का भी इस्तेमाल कर सकते हैं. साइलेज बनाने में आमतौर पर मक्का, ज्वार और अन्य उपयुक्त हरे चारे को उचित नमी और हवा से सुरक्षित परिस्थितियों में किण्वित करके संरक्षित किया जाता है. इससे चारे को लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकता है. पशु चिकित्सक ने दी संतुलित आहार की सलाह इस संबंध में बातचीत करते हुए पशु चिकित्सक डॉ. हेमंत सिंह ने बताया कि इस समय धान की कटाई चल रही है. ऐसे में किसान अपने पशुओं को पुआल खिला रहे हैं. उन्होंने कहा कि पशुओं को पुआल सीमित मात्रा में खिलाना चाहिए. इसके साथ उन्हें संतुलित आहार देना भी जरूरी है, जिससे पशुओं के स्वास्थ्य को बनाए रखने और दूध उत्पादन में मदद मिल सकती है. डॉ. सिंह के अनुसार, पशुओं की खुराक में केवल सूखे चारे पर निर्भर नहीं रहना चाहिए. हरा चारा और जरूरत के मुताबिक दाना उपलब्ध कराना आवश्यक है. पशुओं को पर्याप्त पानी देना चाहिए और उनके रहने की जगह को साफ-सुथरा रखना चाहिए. यदि पशु के दूध उत्पादन में अचानक कमी आती है, वह खाना कम कर देता है या उसके स्वास्थ्य में कोई बदलाव दिखाई देता है, तो पशु चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए. Source link

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ब्रेकफास्ट में खाएं यह हेल्दी स्प्राउट सलाद, लंबे समय तक भरा रहेगा...

Last Updated:October 28, 2026, 06:54 IST Recipe: सुबह के ब्रेकफास्ट में स्प्राउट सलाद खाना सेहत के लिए बहुत फायदेमंद है. यह सिर्फ दो मिनट में बनकर तैयार हो जाता है. इसे खाने से पेट लंबे समय तक भरा रहता है. साथ ही यह वजन को कंट्रोल करने में भी मदद करता है. ख़बरें फटाफट रांचीः अगर आप ब्रेकफास्ट में कुछ टेस्टी और हेल्दी खाना चाहते हैं. जिससे वजन भी कंट्रोल रहे, तो यह स्प्राउट सलाद आपके लिए सबसे परफेक्ट है. यह सलाद मात्र 2 मिनट में बनकर तैयार हो जाता है और इसे खाने से लंबे समय तक पेट भरा रहता है. वजन घटाने और पेट के लिए फायदेमंद यह स्प्राउट सलाद न केवल खाने में स्वादिष्ट है, बल्कि सेहत के लिए भी बहुत गुणकारी है. इसे खाने से आपका पेट लंबे समय तक भरा रहता है. इसके साथ ही, यह कब्ज की समस्या को दूर करता है और आपके गट सिस्टम को भी पूरी तरह स्वस्थ रखता है. नोट करें बनाने की विधिरांची में रहने वाली दिव्या बताती हैं कि इस हेल्दी सलाद को बनाने का तरीका बहुत ही आसान है। इसे बनाने के लिए आपको नीचे दिए गए स्टेप्स को फॉलो करना होगा: चना और मूंग भिगोएं: सबसे पहले आप हरी मूंग और काले चने को रातभर पानी में भिगोकर रख दें, ताकि सुबह आप इनका इस्तेमाल आसानी से कर सकें. मूंगफली तैयार करें: इसके बाद मूंगफली लें. आप चाहें तो मूंगफली को रातभर भिगोकर भी रख सकती हैं. जिससे इसका फैट निकल जाता है. अगर आपको थोड़ा ज्यादा स्वाद चाहिए, तो आप मूंगफली को तवे पर बिना तेल के सूखा ही अच्छे से भून लें. आप अपने स्वाद के अनुसार इन दोनों में से कोई भी तरीका अपना सकती हैं. सभी चीजें मिलाएं: अब एक साफ कटोरा लें. इस कटोरे में भीगे हुए हरी मूंग, काले चने और तैयार की गई मूंगफली को अच्छी तरह मिला लें. मसाले और सब्जियां डालें: इसमें बारीक कटा हुआ प्याज, टमाटर और कटी हुई हरी मिर्च अपनी पसंद के अनुसार मिला लें. इसके ऊपर से नींबू का रस निचोड़ दें. स्वाद बढ़ाने के लिए आप इसमें थोड़ा सा सेव भुजिया भी डाल सकती हैं. हालांकि, सेव भुजिया डालना पूरी तरह ऑप्शनल है, आप चाहें तो इसे छोड़ भी सकती हैं. अब सर्व करेंअब इन सभी चीजों को आपस में अच्छी तरह मिला लें. लीजिए, आपका सिर्फ 2 मिनट में बनने वाला हेल्दी और टेस्टी स्प्राउट सलाद बिल्कुल तैयार है. About the Author Prashun Singh प्रसून सिंह को मीडिया में 7 साल काम करने का अनुभव है. खबरों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर रोचक अंजाद में पेश करना खासियत है. दैनिक भास्कर अखबार में इंटर्नशिप के साथ करियर की शुरुआत हुई. इसके बाद ETV Bharat (बिहार)… और पढ़ें Location : Ranchi,Jharkhand First Published : October 28, 2026, 06:54 IST Source link

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झारखंड में चक्रवाती तूफान अर्नब का असर:आज और कल भारी बारिश का...

बंगाल की खाड़ी में उठा चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ का प्रभाव झारखंड में बुधवार की सुबह से ही दिखने लगा है। राजधानी रांची में तड़के मेघ गर्जन और तेज हवा के साथ बारिश हुई। इसके बाद से रुक-रुक कर बारिश का दौर जारी है। न केवल राजधानी रांची, बल्कि हजारीबाग, कोडरमा, चाईबासा, देवघर, गिरिडीह, बोकारो सहित तमाम जिलों में घने काले बादल छाए हुए हैं। चक्रवात की गंभीरता को देखते हुए सभी स्कूलों में आज और कल के लिए छुट्टी घोषित कर दी गई है। रांची समेत कई जिलों में ऑरेंज-यलो अलर्ट चक्रवाती तूफान के प्रभाव को देखते हुए मौसम विभाग ने रांची सहित झारखंड के विभिन्न जिलों के लिए ऑरेंज और यलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान भारी बारिश के साथ 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवा चलने की आशंका है। लगातार बारिश से निचले इलाकों में जलजमाव और आवागमन प्रभावित होने का खतरा है। तेज हवा से पेड़ और बिजली के खंभे गिरने की आशंका भी बनी हुई है। मौसम के बदलते मिजाज को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। विशेष रूप से खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचने की जरूरत है। मौसम विभाग के अलर्ट के मद्देनजर जिला प्रशासन ने भी तैयारियां तेज कर दी हैं। स्कूल बंद, अस्पतालों में बेड रिजर्व; प्रशासन अलर्ट मोड में रांची के डीसी मंजूनाथ भजंत्री ने जिला आपदा समिति की बैठक बुलाकर अधिकारियों को अगले तीन दिनों तक अलर्ट रहने का निर्देश दिया है। एहतियात के तौर पर सभी सरकारी और निजी स्कूलों में बुधवार और गुरुवार को छुट्टी घोषित की गई है। रिम्स और सदर अस्पताल में 10-10 बेड रिजर्व रखने के साथ पर्याप्त मात्रा में खून उपलब्ध रखने का निर्देश दिया गया है। बिजली विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को भी ड्यूटी पर मुस्तैद रहने को कहा गया है, ताकि खराब मौसम के दौरान बिजली आपूर्ति बाधित होने पर जल्द बहाल की जा सके। नगर निगम को जलजमाव की स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा गया है। प्रशासन ने लोगों से मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने और आपात स्थिति में संबंधित विभागों से संपर्क करने की अपील की है। 53 वार्ड चार जोन में बंटे, 8 क्यूआरटी संभालेंगी मोर्चा रांची में चक्रवाती तूफान के प्रभाव से भारी बारिश और जलजमाव की आशंका को देखते हुए नगर निगम ने तैयारी की है। शहर के सभी 53 वार्डों को चार जोन में बांटा गया है। प्रत्येक जोन में दो-दो क्विक रिस्पॉन्स टीम (क्यूआरटी) तैनात की गई हैं। इस तरह कुल आठ टीमें 24 घंटे सक्रिय रहेंगी। इसके अलावा प्रत्येक जोन में स्वच्छता शाखा और हॉर्टिकल्चर शाखा की एक-एक नाइट टीम भी तैनात रहेगी। सफाई व्यवस्था दुरुस्त रखने और जलजमाव से निपटने के लिए 500 अतिरिक्त सफाईकर्मियों की तैनाती की गई है। नगर निगम के कंट्रोल रूम को 24 घंटे चालू रखने का निर्देश दिया गया है। टीमें निचले इलाकों, जलजमाव वाले क्षेत्रों, नदियों और बड़े नालों के जलस्तर पर नजर रखेंगी। सभी जोन में नालियों की सफाई कराई जाएगी। तेज हवा से पेड़ गिरने या डालियां झुकने की स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जाएगी। शिकायतों के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी नगर निगम ने लोगों से बारिश के दौरान जलजमाव, भरी नालियों, खुले बड़े नालों, पेड़ गिरने और अन्य नुकसान की सूचना संबंधित हेल्पलाइन पर देने की अपील की है। जिला प्रशासन के अबुआ साथी वाट्सऐप नंबर 9430328080 और नगर निगम के टोल फ्री नंबर 1800 5701235 पर सूचना दी जा सकती है। वहीं, बिजली संबंधी शिकायतों के लिए विभाग ने कंट्रोल रूम नंबर 9431135682 जारी किया है। समस्या निवारण के लिए 9031110118, 9031110119 और 9031110120 पर संपर्क कर सकते हैं। बिजली विभाग के कॉल सेंटर नंबर 1912, 18003456570, 9031110121, 9431135504 और 0651-271002 भी जारी किए गए हैं। Source link

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दिव्यांग व खास बच्चों को सुरक्षित स्नेहपूर्ण परिवार दिलाने पर मंथन

रांची|महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के केंद्रीय दत्तक ग्रहण प्राधिकरण (सीएआरए) ने झारखंड सरकार के सहयोग से रांची में पांचवीं पूर्वी क्षेत्रीय परामर्श कार्यशाला का आयोजन किया। “विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के गैर-संस्थागत पुनर्वास” विषय पर आधारित इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य दिव्यांग बच्चों को सुरक्षित और स्नेहपूर्ण परिवार उपलब्ध कराना था। इसमें पांच राज्यों के लगभग 115 जिलों से 175 से अधिक हितधारकों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में सीएआरए की सीईओ भावना सक्सेना और सचिव उमाशंकर सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यशाला के दौरान स्वास्थ्य और बाल संरक्षण प्रणालियों के बीच समन्वय मजबूत करने तथा चिकित्सकीय व कानूनी चुनौतियों को दूर करने पर मंथन किया गया। वक्ताओं ने जोर दिया कि दिव्यांग बच्चों को केवल संस्थागत देखभाल नहीं, बल्कि एक स्थायी परिवार मिलना चाहिए। Source link

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Cyclone Arnab Landfall Live | अर्नब तूफान लाइव अपडेट: साइक्लोन अर्नब का...

होमताजा खबरदेश साइक्लोन अर्नब का तांडव शुरू, 135 Kmph की रफ्तार से हवाएं, कहां-कहां तबाही? Last Updated:October 28, 2026, 06:44 IST Cyclone Arnab Landfall Live Updates: चक्रवात अर्नब ने पुडुचेरी के यानम के पास दस्तक देनी शुरू कर दी है. मौसम विभाग के मुताबिक, इसके बुधवार तड़के 2 से 4 बजे के बीच तट पार करने की संभावना है. इस दौरान आंध्र प्रदे…और पढ़ें चक्रवात अर्नब का लैंडफॉल शुरू, आंध्र प्रदेश में भारी बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट (फाइल फोटो) अर्नब तूफान LIVE अपडेट्स: साइक्लोन अर्नब का रौद्र रूप अब दिखने लगा है. बंगाल की खाड़ी से उठा चक्रवात अर्नब आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में तबाही मचाने लगा है. पुडुचेरी के यानम के पास चक्रवात का लैंडफॉल शुरू हो चुका है. मौसम विभाग के मुताबिक, साइक्लोन अर्नब के लैंडफॉल के साथ 125 से 135 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जबकि हवा के झोंकों की गति 150 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका है. तटीय इलाकों में भारी बारिश और समुद्र में ऊंची लहरें उठने का खतरा है. निचले इलाकों में समुद्र का पानी घुसने की चेतावनी भी दी गई है. चक्रवात के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी तेज कर दी है. आखिर चक्रवात अर्नब का कितना असर होगा और किन इलाकों पर सबसे ज्यादा खतरा है? चक्रवात को लेकर नागरिक उड्डयन मंत्रालय अलर्ट, आंध्र-ओडिशा में उड़ानें प्रभावित चक्रवाती तूफान अर्नब के 28 अक्टूबर को आंध्र प्रदेश के तट से टकराने की आशंका के बीच नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने विमानन सुरक्षा और परिचालन तैयारियों की समीक्षा की है. मौसम विभाग के मुताबिक, तूफान के अति गंभीर चक्रवाती तूफान में बदलने की आशंका है. इस दौरान हवा की रफ्तार 125 से 135 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जबकि झोंकों की रफ्तार 150 किलोमीटर प्रति घंटे तक रहने का अनुमान है. तूफान के कारण विशाखापत्तनम, विजयवाड़ा और राजमुंदरी एयरपोर्ट पर उड़ानें प्रभावित हुई हैं. भुवनेश्वर में भी उड़ानों पर असर पड़ने की आशंका है. तूफान की दिशा के आधार पर हैदराबाद, वाराणसी, प्रयागराज और गोरखपुर में भी उड़ानों में देरी हो सकती है. चक्रवात के खतरे को देखते हुए एयर इंडिया ने दिल्ली-विशाखापत्तनम और दिल्ली-विजयवाड़ा रूट की उड़ानों सहित कुल छह उड़ानें रद्द की हैं. एयर इंडिया एक्सप्रेस ने भी 13 उड़ानें रद्द की हैं, जबकि इंडिगो ने विशाखापत्तनम में सभी उड़ानों का संचालन निलंबित कर दिया है. अकासा एयर ने 28 अक्टूबर की दिल्ली-भोगापुरम और वापसी की उड़ान रद्द की है. वहीं, एलायंस एयर का संचालन सामान्य बताया गया है. नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने AAI, DGCA, BCAS, मौसम विभाग, एयरलाइंस, एयरपोर्ट ऑपरेटरों और NDRF समेत संबंधित एजेंसियों को आपसी समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए हैं. मंत्रालय ने यात्रियों से अपील की है कि एयरपोर्ट जाने से पहले संबंधित एयरलाइन से अपनी उड़ान का ताजा स्टेटस जरूर जांच लें. पढ़ें इससे जुड़े सभी LIVE अपडेट्स: October 28, 202606:44 IST तूफान अर्नब लाइव: ओडिशा में 313 रेस्क्यू टीमें तैनात, 2,037 राहत शिविर तैयार Cyclone Arnab Landfall LIVE: तूफान अर्नब के खतरे के बीच ओडिशा सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं. भुवनेश्वर स्थित स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर तैयारियों और एहतियाती उपायों की समीक्षा की. उन्होंने बताया कि तूफान का लैंडफॉल बुधवार तड़के करीब 1:30 बजे आंध्र प्रदेश के काकीनाडा में शुरू हुआ. फिलहाल सिस्टम स्थिर है और इसके उत्तर तथा उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ते हुए ओडिशा के मलकानगिरी पहुंचने की संभावना है. मंत्री के मुताबिक, स्थिति से निपटने के लिए अलग-अलग इलाकों में 313 बचाव दल तैनात किए गए हैं. इनमें ODRF की 60, NDRF की 9 और दमकल एवं आपातकालीन सेवाओं की 244 टीमें शामिल हैं. सुरेश पुजारी ने बताया कि चक्रवात से प्रभावित होने की आशंका वाले लोगों के लिए 2,037 राहत शिविर तैयार रखे गए हैं. जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं को भी सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है और सभी मछली पकड़ने वाली नौकाएं तट पर लौट आई हैं. संभावित भूस्खलन को देखते हुए एहतियाती कदम उठाए गए हैं और कुछ सड़कों पर आवाजाही रोक दी गई है. मंत्री ने कहा कि अभी तक किसी की मौत या लोगों को परेशानी होने की सूचना नहीं मिली है. उन्होंने भरोसा जताया कि तूफान के ओडिशा की ओर बढ़ने पर प्रशासन पूरी तरह तैयार रहेगा और लोगों की जान-माल की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे. उन्होंने कहा कि सरकार का मुख्य लक्ष्य शून्य जनहानि सुनिश्चित करना है. #WATCH | Bhubaneswar, Odisha: In the wake of Cyclone Arnab’s landfall process, Odisha’s Minister of Revenue and Disaster Management Suresh Pujari holds review meeting with senior officials to asses preparedness and precautionary measures at State Emergency Operation Centre in Bhubaneswar. He says, “The landfall process started around 1:30 a.m. early in the morning at Kakinada and started moving towards the state of Andhra Pradesh. The last information received shows that the system is stationary now…after entering the coast of Andhra Pradesh, it will start moving towards the north and northwest and reach Malkangiri…in the meantime, it is learned that it will take a few more hours to reach Odisha, and to meet the situation effectively, we have deployed 313 response teams in different locations, including 60 ODRF teams, 9 NDRF teams, and 244 fire and emergency teams. A whopping number of 2,037 shelters are ready to accommodate persons evacuated because of the cyclonic storm…high-risk pregnant women have also been shifted…all fishing boats have returned to the shore…the process of landfall is still continuing. Once it starts moving towards Odisha, our systems will be ready for the cyclonic storm, and we will take all adequate measures to safeguard the life and property of the people. There are no casualties yet, and no reports of any inconvenience to the people so far…for potential landslides, we have taken preventive measures, and some roads have been blocked in anticipation…achieving zero casualties is our primary motto.” — ANI (@ANI) October 28, 2026 October 28, 202606:34 IST Cyclone Arnab Landfall LIVE: एयर इंडिया और इंडिगो समेत कई एयरलाइंस ने उड़ानें

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धान, आलू और सब्जियों की सुरक्षा पर दें ध्यान, देवघर में भारी...

देवघरः मौसम की एक करवट किसानों की महीनों की मेहनत पर पानी फेर सकती है. खेतों में कहीं धान की फसल पककर तैयार है, तो कहीं किसान आलू, सरसों और गेहूं की खेती की तैयारी में जुटे हुए हैं. ऐसे में अगर अचानक तेज बारिश और हवा चलने लगे, तो किसानों की परेशानी बढ़ सकती है. मौसम के बदलते मिजाज को देखते हुए देवघर के किसानों को अभी से सतर्क रहने की जरूरत है. आखिर बारिश से पहले किसान कौन-कौन से जरूरी काम कर लें, ताकि फसल को कम से कम नुकसान हो? कृषि विज्ञान केंद्र के कृषि वैज्ञानिक डॉ. विवेक कश्यप ने किसानों को कुछ जरूरी सलाह दी है. क्या कहते हैं कृषि वैज्ञानिक?मौसम विभाग की ओर से 29 अक्टूबर से अगले तीन दिनों के दौरान भारी बारिश की चेतावनी दिए जाने की जानकारी के बीच किसानों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है. हालांकि, किसानों को अपने क्षेत्र के ताजा मौसम पूर्वानुमान और आधिकारिक चेतावनी पर भी नजर रखनी चाहिए. देवघर के कृषि विज्ञान केंद्र के कृषि वैज्ञानिक डॉ. विवेक कश्यप ने लोकल 18 को बताया कि बारिश आने से पहले खेतों में खड़ी फसलों की स्थिति का आकलन करना बेहद जरूरी है. खासकर उन किसानों को अधिक सतर्क रहना चाहिए, जिनकी धान की फसल पककर तैयार हो चुकी है या जो रबी फसलों की बुवाई और रोपाई की तैयारी कर रहे हैं. समय रहते कर लें धान की खेत में यह कार्य जिन किसानों के खेतों में धान की फसल पककर तैयार हो चुकी है, उन्हें मौसम को ध्यान में रखते हुए जल्द से जल्द कटाई करने पर विचार करना चाहिए. अगर किसान बारिश का इंतजार करते रहे और इसी बीच खेतों में पानी भर गया, तो कटाई में परेशानी हो सकती है. वहीं, तेज हवा और बारिश के कारण धान की फसल गिरने का खतरा भी बढ़ सकता है. इससे फसल की गुणवत्ता और कटाई के काम पर असर पड़ सकता है. हालांकि, कटाई का फैसला फसल की वास्तविक परिपक्वता और स्थानीय मौसम की स्थिति देखकर ही लेना चाहिए.जिन किसानों के लिए बारिश से पहले कटाई करना संभव नहीं है, उन्हें खेत में जलजमाव रोकने की व्यवस्था पर विशेष ध्यान देना चाहिए, ताकि पानी जमा होने से फसल को नुकसान न पहुंचे. आलू, सरसों और गेहूं की खेती करने वाले किसान भी रहें सतर्कदेवघर में कई किसान अब रबी फसलों की तैयारी में जुट गए हैं. कोई आलू की रोपाई कर रहा है, तो कोई सरसों और गेहूं की बुवाई की योजना बना रहा है. ऐसे किसानों को सलाह दी जाती है कि संभावित भारी बारिश के दौरान खेतों की नमी और मिट्टी की स्थिति को ध्यान में रखकर ही खेती से जुड़े अगले कदम उठाएं. बारिश से पहले खेत में पानी निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित करें. अत्यधिक गीली मिट्टी में जल्दबाजी में बुवाई या रोपाई करने से काम प्रभावित हो सकता है. इसलिए मौसम की स्थिति सामान्य होने और खेत की मिट्टी खेती के अनुकूल होने के बाद ही आगे बढ़ना बेहतर रहेगा. इससे किसानों को बीज, श्रम और दूसरी लागत के नुकसान से बचने में मदद मिल सकती है. बैंगन, टमाटर और मिर्च की फसल को बचाने के लिए करें ये कामजिन किसानों ने अपने खेतों में बैंगन, टमाटर, मिर्च और दूसरी सब्जियां लगा रखी हैं, उन्हें भी सावधानी बरतने की जरूरत है. तेज हवा और बारिश के दौरान पौधे झुक सकते हैं या टूट सकते हैं. ऐसे में पौधों को मजबूत बल्ले या सहारे से अच्छी तरह बांधकर रखना चाहिए. खासकर टमाटर जैसी फसलों में सहारा देने से पौधों के गिरने की आशंका कम की जा सकती है. इसके साथ ही खेतों में पानी जमा होने से रोकना भी जरूरी है, क्योंकि लंबे समय तक जलजमाव रहने से पौधों की जड़ों पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है. सब्जियों की खेती करने वाले किसान अपने खेतों और नालियों की स्थिति पहले ही जांच लें, ताकि बारिश के दौरान पानी की निकासी में परेशानी न हो. खेत में ना होने दें जलजमाव कृषि वैज्ञानिक डॉ. विवेक कश्यप की सलाह के अनुसार, बारिश से पहले किसानों को अपने खेतों की स्थिति का निरीक्षण करना चाहिए और जलनिकासी की व्यवस्था दुरुस्त रखनी चाहिए. जहां जरूरत हो, वहां पानी निकलने के रास्ते साफ रखें, ताकि खेत में लंबे समय तक जलजमाव की स्थिति न बने. किसानों को मौसम विभाग के पूर्वानुमान पर नजर रखने के साथ अपनी फसल की अवस्था के अनुसार फैसले लेने चाहिए. Source link

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आज काला बिल्ला लगा काम करेंगे राजस्व उप निरीक्षक, कल से कलमबंद...

नामकुम के राजस्व उप निरीक्षक की हत्या से आक्रोशित राजस्व उपनिरीक्षकों ने आंदोलन तेज कर दिया है। आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग होने तक कर्मचारियों का आंदोलन जारी रहेगा। इस क्रम में बुधवार को अंचल कार्यालय में राजस्व उप निरीक्षक काला बिल्ला लगाकर काम करेंगे। वहीं 29 अक्टूबर से राजस्व उप निरीक्षक कलमबंद हड़ताल पर रहेंगे। इस दौरान अंचल कार्यालय में जाति, आय, आवासीय, ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र बनाने सहित जमीन के म्यूटेशन का काम ठप हो जाएगा। संघ के मुख्य संरक्षक भरत कुमार सिन्हा ने बताया कि जब तक राजस्व उपनिरीक्षकों को सुरक्षा नहीं मिलती तब तक आंदोलन जारी रहेगा। Source link

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सामान्य पृष्ठभूमि से देश के शीर्ष तक मोदी की यात्रा कठोर परिश्रम,...

ऑड्रे हाउस में मंगलवार को डॉ. राजश्री जयंती द्वारा लिखित पुस्तक ‘नरेंद्र मोदी : आधुनिक भारत के शिल्पकार’ का लोकार्पण हुआ। मुख्य अतिथि राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार, साईंनाथ विवि के कुलपति डॉ. एसपी अग्रवाल, भाजपा के प्रदेश महामंत्री गणेश मिश्र व प्रवक्ता संदीप वर्मा ने संयुक्त रूप से पुस्तक का विमोचन किया। इस अवसर पर शहर के साहित्य, शिक्षा और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। मुख्य अतिथि राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने लेखिका को बधाई देते हुए कहा कि उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्रीय मंत्रिपरिषद में कार्य करने का अवसर मिला है। उन्होंने करीब से देखा है कि पीएम की कार्यशैली, दूरदर्शी सोच, त्वरित निर्णय और देश के विकास के प्रति समर्पण कितना अटूट है। राज्यपाल ने रेखांकित किया कि एक सामान्य परिवार से निकलकर देश के प्रधानमंत्री पद तक की नरेंद्र मोदी की जीवन-यात्रा हर भारतीय के लिए प्रेरणास्रोत है। यह पुस्तक वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प और समकालीन विकास यात्रा को बखूबी दर्शाती है। Source link

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Foreign Investment : चीन के लिए दरवाजे खोलने जा रहा भारत, 7...

Last Updated:October 28, 2026, 05:53 IST Foreign Investment : पड़ोसी देश खासकर चीन से निवेश आसान बनाने के लिए सरकार एफडीआई नियमों में ढील देने पर विचार कर रही है. साल 2019 में सरकार ने चीन के निवेश पर प्रतिबंध लगा दिया था लेकिन दोनों देशों के साथ रिश्तों में आ रही मजबूती के मद्देनजर सरकार अब दोबारा निवेश लाने पर जोर दे रही है. चीन का भारत में निवेश बढ़ाने के लिए सरकार एफडीआई को सरल बनाएगी. नई दिल्ली. सरकार भारत के साथ जमीनी सीमा साझा करने वाले देशों (चीन, पाकिस्तान, बांग्लादेश, भूटान आदि) से जुड़े विदेशी निवेश के लिए आवेदन प्रक्रिया सरल बनाने पर विचार कर रही है. ऐसी विदेशी कंपनियों के निवेश से संबंधित प्रक्रियात्मक बाधाएं दूर करने की योजना है, जिनमें इन देशों के निवेशकों की हिस्सेदारी 10 फीसदी तक है. मामले से जुड़े सूत्रों का कहना है कि सरकार ‘प्रेस नोट 2’ के तहत आवेदन प्रक्रिया सरल बनाने के लिए काम कर रही है. इसके तहत उन प्रक्रियात्मक बाधाओं को दूर करने की योजना है, जिनके लिए सरकारी मंजूरी की जरूरत नहीं है. सरकार ने मार्च में ‘प्रेस नोट 2’ के जरिए भारत के साथ भूमि सीमा साझा करने वाले चीन और अन्य देशों से जुड़े विदेशी निवेश के नियमों में ढील दी थी. इसके तहत ऐसी विदेशी कंपनियों को भारत में पूर्व सरकारी मंजूरी के बिना निवेश करने की अनुमति दी गई, जिनमें इन देशों के निवेशकों की हिस्सेदारी 10 फीसदी तक है. पहले क्या था नियमसरकार की ओर से ढील दिए जाने से पहले भारत के साथ भूमि सीमा साझा करने वाले देशों के किसी भी शेयरधारक की एक शेयर की भी हिस्सेदारी वाली विदेशी कंपनियों को भारत के किसी भी क्षेत्र में निवेश के लिए सरकारी मंजूरी लेनी पड़ती थी. हालांकि, इन निवेशों पर एफडीआई नीति की अन्य सभी शर्तें लागू रहेंगी. इनमें क्षेत्रवार सीमाएं और प्रवेश मार्ग से संबंधित नियम शामिल हैं. ऐसे निवेश के लिए उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) को पहले से निर्धारित जानकारी भी देनी होगी. देश में ही बनाए जाएंगे 100 उत्पादस्वदेशीकरण के प्रयासों के तहत डीपीआईआईटी ने 100 ऐसे उत्पादों की सूची तैयार की है, जिनका उत्पादन पूरी तरह देश में किया जाएगा. एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने बताया कि इस मामले पर अंतर-मंत्रालयी परामर्श पूरा हो चुका है. संबंधित विभागों के साथ कार्ययोजना पर चर्चा जारी है. सरकार 10 हजार करोड़ रुपये के ‘स्टार्टअप फंड ऑफ फंड्स 2.0’ के क्रियान्वयन में तेजी ला रही है. इस कोष से सरकार भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) में पंजीकृत वैकल्पिक निवेश कोषों (एआईएफ) को समर्थन देगी, जो आगे चलकर स्टार्टअप में निवेश करेंगे. About the Author Pramod Kumar Tiwari प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्‍वेस्‍टमेंट टिप्‍स, टैक्‍स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि… और पढ़ें Location : New Delhi,Delhi First Published : October 28, 2026, 05:53 IST Source link

झारखंड

झारखंड में आज आंधी-बारिश मचाएगी तांडव, रांची, गुमला… 8 जिलों में बरसेगी...

रांची: झारखंड में आज मौसम का मिजाज पूरी तरह से बदलने वाला है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज 28 अक्टूबर को झारखंड के कई जिलों में बारिश, गरज-चमक, वज्रपात और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की है. मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवाती तूफान अर्नब के प्रभाव से झारखंड में 30 अक्टूबर तक बारिश का दौर जारी रह सकता है. ऐसे में कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका है. आज रांची, खूंटी, गुमला समेत 8 जिलों में बारिश हो सकती है. जबकि पलामू, गढ़वा, लातेहार समेत 8 ही जिलों में आंधी तूफान आने की संभावना है. झारखंड में आईएमडी का बारिश का अलर्ट आज इन जिलों में हो सकती है बारिश 28 अक्टूबर को रांची, खूंटी, गुमला, सिमडेगा, लोहरदगा, सरायकेला-खरसावां, पूर्वी सिंहभूम और पश्चिमी सिंहभूम में भारी बारिश की चेतावनी है. इसके अलावा पलामू, गढ़वा, लातेहार, चतरा, हजारीबाग, बोकारो, रामगढ़ और कोडरमा समेत अन्य जिलों में भी बारिश और गरज-चमक की आशंका जताई गई है. अलग-अलग जिलों के लिए चेतावनी का स्तर और बारिश की तीव्रता अलग हो सकती है. झारखंड में आंधी तूफान के साथ बारिश का अलर्ट जानें कहां रहेगा मौसम शुष्क आज IMD ने झारखंड के 10 जिलों में मौसम शुष्क भी रह सकता है. हालांकि IMD ने झारखंड में पहले ही बारिश और आंधी-तूफान की चेतावनी दी है. इसके अलावा विशेष रूप से किसी जिले में भारी बारिश का अलर्ट जारी नहीं किया है. गोड्डा, साहिबगंज, पाकुड़, दुमका, देवघर, जामताड़ा, धनबाद, गिरिडीह समेत अन्य जिलों के लोगों को भी सावधान रहना चाहिए. रांची, पलामू समेत जानें इन जिलों का तापमान झारखंड में मौसम के उतार चढ़ाव के बीच तापमान में भी बदलाव जारी है. ऐसे में अधिकतम और न्यूनतम तापमान में भी बदलाव हो रहा है. आज रांची का न्यूनतम और अधिकतम तापमान 20°C-26°C, पलामू (डालटनगंज) का न्यूनतम और अधिकतम तापमान 22°C-28°C, बोकारो का न्यूनतम और अधिकतम तापमान 22°C-28°C, जमशेदपुर का न्यूनतम और अधिकतम तापमान 23°C- 28°C, रामगढ़ का न्यूनतम और अधिकतम तापमान 21°C-26°C, हजारीबाग का न्यूनतम और अधिकतम तापमान 17°C-26°C रह सकता है. इसके अलावा रांची, डालटनगंज, बोकारो, रामगढ़ और हजारीबाग के पूर्वानुमान में बादल और बारिश की संभावना है. वहीं, 28 अक्टूबर के उपलब्ध आंकड़ों में धनबाद का AQI लगभग 143 और रांची का करीब 105 दिखाया गया है. करवा चौथ पर जरूर होगी बारिश वहीं, 29 अक्टूबर को करवा चौथ के अवसर पर रांची और आसपास के इलाकों में बादल छाए रहने और बारिश की संभावना है. जमशेदपुर तथा बोकारो में भी गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है. जबकि शाम को चंद्रदर्शन के समय बादल बाधा बन सकते हैं, हालांकि स्थानीय स्तर पर मौसम अलग रह सकता है. ऐसे में व्रत रखने वाली महिलाएं चांद निकलने से पहले स्थानीय मौसम का अपडेट जरूर देखें. इसके अलावा छठ पूजा को लेकर अभी आईएमडी ने कोई अलर्ट जारी नहीं किया है. आंधी-तूफान में बरतें सावधानी मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए लोगों को बिजली चमकने के दौरान खुले मैदान और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए. साथ ही तेज हवा में कमजोर छतों और अस्थायी ढांचों से दूर रहें. Source link

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