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झारखंड

आरयू और डीएसपीएमयू में बीएड से कंप्यूटर साइंस विषय गायब, बिना प्रशिक्षण...

राज्य के हाईस्कूलों में कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई होती है। शिक्षकों के पद भी सृजित हैं। लेकिन इस विषय के शिक्षक बनने की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के लिए रांची के दो विवि में बीएड के दौरान कंप्यूटर साइंस पढ़ने का विकल्प नहीं है। इसमें रांची विवि और डीएसपीएमयू शामिल हैं। इन दोनों विवि में साइंस को मेथड पेपर के रूप में शामिल नहीं किए जाने से आईटी पृष्ठभूमि के विद्यार्थियों को परेशानी हो रही है। बीसीए, बीएससी आईटी, बीएससी सीए व एमसीए जैसी डिग्री रखने वाले विद्यार्थी शैक्षणिक योग्यता के अनुरूप विषय चुनने के विकल्प से वंचित हैं। उन्हें गणित या दूसरे विषयों का विकल्प चुनना पड़ता है। प्रिंसिपल व डीएसडब्ल्यू को छात्रों ने दिए आवेदन राजकीय शिक्षक प्रशिक्षक महाविद्यालय (जीटीटीसी), कांके के प्राचार्य डॉ. रमन कुमार झा और डीएसडब्ल्यू डॉ सुदेश कुमार साहू को दिए आवेदन देकर छात्रों ने कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई शुरू करने की मांग की है। मोर्चा महासचिव राकेश रौशन के नेतृत्व में विद्यार्थियों के प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि बोर्ड ऑफ स्टडीज और अकादमिक काउंसिल से प्रस्ताव पारित कराकर कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई शुरू की जाए। प्रतिनिधिमंडल में मार्विन टोप्पो, अमन कुमार पांडेय, अनुज कुमार, अर्पण उरांव, आशीष कुजूर समेत अन्य थे। राज्य के कई विश्वविद्यालय में कंप्यूटर की पढ़ाई हो रही विनोबा भावे विवि, हजारीबाग, कोल्हान विवि, चाईबासा में कंप्यूटर साइंस को बीएड के मेथड विषय के रूप में पढ़ाने की सुविधा है। रांची वीमेंस कॉलेज जब ऑटोनोमस था तो अपनी एकेडमिक काउंसिल में पास कराकर कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई शुरू की गई थी। आगे क्या… प्रस्ताव तैयार कर कोर्स की स्वीकृति लेनी होगी बीएड कोर्स में कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई शुरू करने के लिए प्रस्ताव तैयार किया जा सकता है। प्रस्ताव पर बोर्ड ऑफ स्टडीज और अकादमिक काउंसिल से स्वीकृति लेनी होगी। इसके साथ ही पढ़ाई शुरू होने मार्ग प्रशस्त हो जाएगा। Source link

शिक्षा

PM Modi Bilateral Talks Liechtenstein

Hindi News Career PM Modi Bilateral Talks Liechtenstein | Current Affairs 28 October 1 घंटे पहले कॉपी लिंक आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं नेशनल (NATIONAL) 1. भारत और लिकटेंस्टीन के बीच द्विपक्षीय वार्ता हुई 27 अक्टूबर को पीएम नरेंद्र मोदी और लिकटेंस्टीन के कार्यवाहक राष्ट्राध्यक्ष और प्रिंस एलोइस के बीच हैदराबाद हाउस में हाईलेवल वार्ता हुई। इस बैठक में दोनों नेताओं के बीच मुख्य रूप से व्यापार और निवेश, विज्ञान, टेक्नोलॉजी पर बात हुई। इसके साथ ही रीजनल और ग्लोबल मुद्दों पर भी दोनों प्रमुखों ने बातचीत की और इसमें पीपुल-टू-पीपुल एक्सचेंज बढ़ाने पर चर्चा हुई। प्रिंस एलोइस ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर और राष्ट्रपति मुर्मू से भी मुलाकात की। प्रिंस अपनी वाइफ युवरानी सोफी और टॉप इंडस्टरलिस्ट व ऑफिसर्स के एक हाई लेवल प्रतिनिधिमंडल के साथ चार दिन की यात्रा पर भारत आए हैं। लिकटेंस्टीन पश्चिमी यूरोप में स्विट्जरलैंड और ऑस्ट्रिया के बीच स्थित एक बेहद छोटा और समृद्ध जमीन से घिरा एक लैंडलॉक देश है। प्रिंस एलोइस इससे पहले फरवरी 2026 में नई दिल्ली में आयोजित ‘AI इम्पैक्ट समिट’ में हिस्सा लेने भारत आए थे। प्रिंस एलोइस की ये भारत यात्रा यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (EFTA) देशों के बीच द्विपक्षीय आर्थिक एवं रणनीतिक संबंधों को समझने के लिए महत्वपूर्ण भारत और लिकटेंस्टीन के बीच 1993 से डिप्लोमेटस रिलेशन हैं। 2. पीएम मोदी ने ESTIC 2026 का उद्घाटन किया 27 अक्टूबर को पीएम मोदी ने दिल्ली के भारत मंडपम में इमर्जिंग साइंस, टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन कॉन्क्लेव (ESTIC 2026) का उद्घाटन किया। ESTIC दो दिन तक चलेगा। ये साइंस-इनोवेशन से जुड़ी एक नेशनल समिट है। इसकी शुरुआत 2025 में की गई थी। इसमें एडवांस्ड मैन्यूफैक्चरिंग, एनर्जी टेकनीक, मेरीटाइम टेकनीक जैसे टॉपिक पर बात होगी। इसमें तीन नोबेल विजेता मेडिसिन में नोबेल (1993) पाने वाले सर रिचर्ड जे राबर्ट्स, फिजिक्स में नोबेल (2010) पाने वायलर सर कॉन्सटेंटिव और केमिस्ट्री में क्रायो-इलेक्ट्रॉन के लिए नोबेल (2017) पाने वाले प्रो जोआखिम फ्रेंक इसमें स्पीकर होंगे। इस कार्यक्रम का आयोजन वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद (CSIR) कर रही है। इसमें 13 मंत्रालय भी शामिल हैं। स्पोर्ट्स 3. हैरी केन, एलेक्सिया पुतेलास ‘बैलन डी’ओर अवार्ड’ 2026 जीते 26 अक्टूबर को इंग्लैंड के कप्तान और बायर्न म्यूनिख के स्टार स्ट्राइकर हैरी केन ने 2026 का बैलन डी’ओर अवार्ड जीता। हैरी ये अवॉर्ड हासिल करने वाले पहले इंग्लिश फुटबॉलर बने हैं। 25 साल बाद ये अवार्ड इंग्लैंड को मिला है। वोटिंग में हैरी ने फ्रांस के किलियान एम्बापे, स्पेन के लेमिन यामल, 2024 के विजेता रोड्री और रिकॉर्ड 8 बार के विजेता लियोनेल मेसी को पीछे छोड़ा। इसके साथ ही यामल लगातार तीसरे साल बेस्ट यंग प्लेयर चुने। वर्ल्ड कप में भी केन का प्रदर्शन शानदार रहा। उन्होंने 6 गोल किए और इंग्लैंड के लिए वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा गोल किए थे। पहली बार बैलन डी’ओर लंदन में आयोजित किया गया और 1956 में पहला बैलन डी’ओर जीतने वाले इंग्लैंड के स्टेनली मैथ्यूज को भी सम्मान दिया गया। हैरी ने पिछले सीजन क्लब और देश के लिए 73 गोल किए। वे यूरोप के टॉप स्कोरर रहे। 4. विमेंस कैटेगरी में एलेक्सिया पुतेलास की तीसरी बार जीतीं स्पेन की मिडफील्डर एलेक्सिया पुतेलास ने विमेंस बैलन डी’ओर का खिताब तीसरी बार अपने नाम किया। पुतेलास ने इससे पहले 2021 और 2022 में लगातार दो बार यह अवॉर्ड जीता था। पुतेलास ने पिछले सीजन अपनी पूर्व टीम बार्सिलोना को विमेंस चैंपियंस लीग सहित कई खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई। 32 साल की पुतेलास ने स्पेन की अपनी साथी एताना बोनमाटी के लगातार तीन साल के दबदबे को खत्म किया। बोनमाटी ने 2023, 2024 और 2025 में यह अवॉर्ड जीता था, लेकिन पैर में फ्रैक्चर के कारण इस बार शॉर्टलिस्ट में जगह नहीं बना सकीं। 32 साल की पुतेलास ने स्पेन की अपनी साथी एताना बोनमाटी के लगातार तीन साल के दबदबे को खत्म किया। पॉलिसी 5. रेलवे ने 45 पैसे ऑप्शनल बीमा योजना का विस्तार 27 अक्टूबर को इंडियन रेलवे ने अपनी ऑप्शनल बीमा स्कीम (OTIS) का विस्तार किया और पूरे देश में लागू किया है। अब रेलवे स्टेशन के आरक्षण (PRS) काउंटरों से कंफर्म या RAC टिकट लेने वाले यात्रियों को भी 45 पैसे प्रति यात्री में 10 लाख रुपए तक का बीमा कवर दिया जाएगा। इसके तहत अगर यात्रा के दौरान कोई रेल दुर्घटना होती है, तो यात्री को ₹10 लाख तक का बीमा कवर मिलेगा। हादसे में मौत होने या हमेशा के लिए अपाहिज होने पर भी परिवार को ₹10 लाख मिलेंगे। इसमें अगर शरीर का कोई एक हिस्सा खराब होता है तो ₹7.50 लाख तक की मदद दी जाएगी। साथ ही इस स्कीम में दुर्घटना में घायल होने पर अस्पताल में इलाज और भर्ती के खर्च के लिए ₹2 लाख मिलेंगे। इसके साथ ही यदि यात्री की मृत्यु होती है तो शव को घर तक ले जाने के लिए ₹10,000 अलग से दिए जाएंगे। सबसे जरूरी बात ये है कि बीमा का फायदा तभी मिलेगा जब आप काउंटर पर टिकट के पैसे UPI, QR कोड या कार्ड से डिजिटल पेमेंट करेंगे, नकद देने पर यह बीमा नहीं मिलेगा। सुप्रीम कोर्ट के 6 अक्टूबर 2026 के आदेश के बाद रेलवे ने यह फैसला लिया है, ताकि ऑफलाइन टिकट लेने वालों को भी ऑनलाइन टिकट जैसी सुरक्षा मिल सके। निधन (DEATH) चित्रकार और राज्यसभा पूर्व सदस्य जोगेन चौधरी का निधन 26 अक्टूबर को मशहूर चित्रकार और राज्यसभा के पूर्व सदस्य जोगेन चौधरी का निधन हो गया। वे 87 साल के थे। चौधरी भारत के सबसे प्रतिष्ठित समकालीन कलाकारों में से एक थे। वे 2014 से 2020 तक तृणमूल कांग्रेस के सदस्य रहे और राज्यसभा में पश्चिम बंगाल का प्रतिनिधित्व किया। चौधरी कोलकाता के गवर्नमेंट कॉलेज ऑफ आर्ट एंड क्राफ्ट से पढ़ाई की थी इसके बाद पेरिस से पढ़ाई की। चौधरी को 2001 में ‘कालिदास सम्मान’ से नवाजा गया था। वे उन्होंने राष्ट्रपति भवन में ‘कीपर ऑफ आर्ट’ और शांतिनिकेतन स्थित विश्व-भारती यूनिवर्सिटी के ‘कला भवन’ में प्रोफेसर भी रहे। चौधरी आधुनिक भारतीय चित्रकला में अपनी अनूठी शैली और रेखांकन के लिए प्रसिद्ध थे चौधरी को 2012 में पश्चिम बंगाल सरकार ने उन्हें ‘बंग विभूषण’ से सम्मानित किया। मिसलीनियस केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव आर्मेनिया

झारखंड

आरयू मास कॉम में बनेगा स्टूडियो

विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ मास कम्युनिकेशन में आधुनिक डिजिटल स्टूडियो की स्थापना को लेकर तकनीकी सर्वे किया गया। उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग और मुंबई से आई ब्रॉडकास्ट इंजीनियरिंग कंसल्टेंट्स इंडिया लिमिटेड (BECIL) की टीम ने विभाग की मौजूदा व्यवस्थाओं का जायजा लिया और प्रस्तावित इंटरैक्टिव स्टूडियो के लिए स्थल निरीक्षण किया। सर्वे टीम में बेसिल के डॉ. सुनील करे, रणजीत बेदी, प्रोबिन मंडल और एचआरडी के चंदन कुमार, अभिनव कोहली व नमदिप्ता साहु शामिल थे। वहीं सीवीएस निदेशक डॉ. स्मृति सिंह, आईटी निदेशक डॉ. राजकुमार और मास कॉम के निदेशक डॉ. बसंत कुमार झा ने टीम को विस्तृत जानकारी दी। राज्य सरकार उच्च शिक्षा में लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम (LMS) के जरिए डिजिटल लर्निंग को मजबूत कर रही है। इस परियोजना से विभाग पूरी तरह स्मार्ट क्लासरूम में तब्दील होगा और उच्च स्तरीय डिजिटल शैक्षणिक सामग्री तैयार हो सकेगी। Source link

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Crude Price : मिसाइलें बरसते ही भड़क उठा कच्चा तेल, फिर 115...

Last Updated:October 28, 2026, 09:01 IST Crude Price : ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने 28 अक्टूबर की रात सऊदी अरब की सबसे बड़ी रिफाइनरी पर हमला किया, जिससे ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतें एक बार फिर बढ़नी शुरू हो गई हैं. ब्रेंट क्रूड का भाव बढ़कर फिर 115 डॉलर प्रति बैरल के पार जा पहुंचा है, जबकि डब्ल्यूटीआई भी 101 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है. ब्रेंट क्रूड का भाव 27 अक्टूबर को 2 डॉलर नीचे आया था. नई दिल्ली. कच्चे तेल की कीमतों में एक बार फिर उछाल दिख रहा है. यह उछाल ईरान के समर्थक हूती विद्रोहियों की ओर से सऊदी अरब की रिफाइनरी पर हमला किए जाने के बाद आया है. सऊदी अरब सबसे बड़ा तेल निर्यातक देश है और रिफाइनरी पर हमला होने से मिडिल ईस्ट के साथ अन्य देशों को भी तेल की सप्लाई पर असर पड़ सकता है. इस ताजा खतरे को देखते हुए ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की डिमांड और बढ़ गई, जिसके बाद कीमतों में भी उछाल दिखा. About the Author Pramod Kumar Tiwari प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्‍वेस्‍टमेंट टिप्‍स, टैक्‍स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि… और पढ़ें Location : New Delhi,Delhi First Published : October 28, 2026, 09:01 IST Source link

झारखंड

कोडरमा की महिलाओं ने खोजा कमाई का अनोखा तरीका, गाय के गोबर...

कोडरमा: दीपावली का त्योहार नजदीक आते ही बाजारों में सजावट के सामान, दीये और आकर्षक लाइटों की मांग बढ़ गई है. इस बीच कोडरमा जिले के सतगावां प्रखंड स्थित पहलवान आश्रम में पर्यावरण संरक्षण के साथ महिलाओं को रोजगार से जोड़ने की अनूठी पहल की जा रही है. राष्ट्रीय झारखंड सेवा संस्थान की ओर से वर्ष 2004 से पर्यावरण संरक्षण की दिशा में विभिन्न प्रयास किए जा रहे हैं. इस कड़ी में अब गाय के गोबर से दीपावली के सजावटी सामान और उपयोगी उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं. सबसे खास बात यह है कि इन उत्पादों को तैयार करने के काम से आसपास के गांवों की करीब 15 युवतियां और महिलाएं जुड़ी हैं, जो इससे अच्छी आमदनी कर रही हैं. गोबर से तैयार हो रहे आकर्षक सजावटी सामान पहलवान आश्रम में गाय के गोबर से दीपावली के लिए कई तरह के उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं. इनमें आकर्षक दीये, माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की प्रतिमाएं, स्वास्तिक, ओम, घर के दरवाजों को सजाने वाले तोरण द्वार और अन्य सजावटी सामग्री शामिल हैं. इसके अलावा कार के डैशबोर्ड पर रखने के लिए छोटे आकार के गणेश जी की प्रतिमाएं तथा सुगंधित धूप कप भी तैयार की जा रही हैं. इन उत्पादों की खासियत यह है कि इन्हें बेकार समझे जाने वाले गोबर से तैयार किया जाता है. इससे एक ओर प्राकृतिक संसाधनों का बेहतर उपयोग हो रहा है. वहीं, दूसरी ओर पर्यावरण के अनुकूल उत्पादों को बढ़ावा मिल रहा है. 15 महिलाओं को मिला आजीविका का साधन राष्ट्रीय झारखंड सेवा संस्थान के सचिव मनोज दांगी ने बताया कि इस पहल के माध्यम से आश्रम के आसपास के गांवों की करीब 15 युवतियों और महिलाओं को रोजगार से जोड़ा गया है. ये महिलाएं सुबह और शाम घर के काम निपटाने के बाद दिन में आश्रम पहुंचती हैं और गोबर से अलग-अलग उत्पाद तैयार करती हैं. उन्होंने बताया कि पहले घर के कामकाज के बाद इन महिलाओं के पास पर्याप्त समय होता था, लेकिन आमदनी का कोई नियमित साधन नहीं था. अब वे अपने हुनर और मेहनत से पैसे कमा रही हैं. इससे वे अपनी जरूरतों को पूरा करने के साथ बच्चों की पढ़ाई में भी आर्थिक सहयोग दे पा रही हैं. उत्पाद तैयार करने वाली कुछ महिलाएं महीने में 15 हजार रुपये तक मेहनताना प्राप्त कर रही हैं. दीपावली के बाद भी उपयोगी रहेंगे गोबर के दीये दीपावली के दौरान घरों को रोशन करने के लिए बड़ी संख्या में दीयों का इस्तेमाल किया जाता है. त्योहार के बाद कई दीये बेकार हो जाते हैं. ऐसे में पहलवान आश्रम में तैयार किए जा रहे गोबर के दीये पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से एक बेहतर विकल्प हैं. मनोज दांगी ने बताया कि गोबर से तैयार दीये दीपावली पर घरों की सुंदरता बढ़ाने के साथ त्योहार के बाद भी उपयोगी हैं. इस्तेमाल के बाद इन्हें गमलों या बगीचे की मिट्टी में मिलाया जा सकता है. उचित तरीके से मिट्टी में मिलाने और विघटित होने पर ये जैविक पदार्थ के रूप में पौधों के लिए उपयोगी हैं. इससे अनुपयोगी सामग्री का दोबारा इस्तेमाल होगा और कचरा कम करने में मदद मिलेगी. दूध देना बंद करने वाली गायों से भी हो सकती है आमदनी मनोज दांगी ने बताया कि अक्सर अधिक उम्र होने या दूध देना बंद कर देने के बाद कुछ गायों को लोग सड़कों पर छोड़ देते हैं, लेकिन गोबर से उत्पाद तैयार करने की पहल के जरिए ऐसी गायों की सेवा हो रही है. गाय के गोबर से दीये, प्रतिमाएं, सजावटी सामान और अन्य उत्पाद तैयार कर आमदनी की संभावना है. उत्पाद निर्माण और बिक्री की उचित व्यवस्था होने पर एक गाय के गोबर से तैयार उत्पादों के माध्यम से महीने में करीब 12 से 15 हजार रुपये तक की आमदनी की जा सकता है. रांची और कोडरमा में लगेगी प्रदर्शनी पहलवान आश्रम में तैयार किए जा रहे गोबर के उत्पादों की आपूर्ति झारखंड के विभिन्न जिलों के साथ बिहार के कई जिलों में भी की जा रही है. इससे स्थानीय स्तर पर तैयार उत्पादों को दूसरे बाजारों तक पहुंचाने में मदद मिल रही है. मनोज दांगी ने बताया कि 29 अक्टूबर से 3 नवंबर तक रांची में आयोजित होने वाली प्रदर्शनी में इन उत्पादों को प्रदर्शित करने की तैयारी है. इसके अलावा जिला प्रशासन के सहयोग से कोडरमा में भी एक स्टॉल लगाने की योजना है. जहां लोग गोबर से तैयार दीपावली के सजावटी सामान और अन्य उत्पाद देख और खरीद सकेंगे. Source link

झारखंड

मेडिको सिटी के लिए 284 करोड़ स्वीकृत, गंभीर बीमारियों का इलाज राज्य...

झारखंड में आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार की दिशा में मेडिको सिटी व मेडिकल टूरिज्म परियोजना के लिए 284 करोड़ 17 लाख 24 हजार 900 रुपए की स्वीकृति दी गई है। परियोजना का उद्देश्य राज्य में आधुनिक अस्पतालों और सुपर स्पेशियलिटी चिकित्सा सेवाओं का विस्तार करना है, ताकि गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए मरीजों की दूसरे राज्यों पर निर्भरता कम हो सके। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में इस पहल को आगे बढ़ाने की बात कहते हुए स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि वह पिछले दो वर्षों से मेडिको सिटी परियोजना पर काम कर रहे हैं। इसका लक्ष्य गरीब, आदिवासी और ग्रामीण परिवारों को भी बड़े शहरों जैसी आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में प्रयास करना है। डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि झारखंड में आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं की जरूरत लंबे समय से रही है। यदि इस दिशा में 20 साल पहले पहल हुई होती, तो राज्य चिकित्सा के क्षेत्र में और आगे हो सकता था। उन्होंने कहा कि उद्देश्य आलोचना करना नहीं, बल्कि व्यवस्था में बदलाव लाना है। स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने भी परियोजना को आगे बढ़ाने में प्रशासनिक समन्वय और विभागीय टीम की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। मेडिको सिटी से स्वास्थ्य सेवाओं के साथ चिकित्सा क्षेत्र में निवेश, रोजगार और मेडिकल टूरिज्म की संभावनाएं भी जुड़ी हैं। परियोजना के क्रियान्वयन से इन सुविधाओं को विकसित करने और मरीजों तक पहुंचाने की दिशा में आगे बढ़ा जा सकेगा। मेडिको सिटी में आधुनिक चिकित्सा तकनीक, सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं और डिजिटल हेल्थ के विस्तार की संभावनाएं हैं। इसमें रोबोटिक एवं मिनिमली इनवेसिव सर्जरी, इलेक्ट्रॉनिक मेडिकल रिकॉर्ड, टेलीमेडिसिन, आधुनिक जांच सुविधाओं और गंभीर मरीजों के लिए क्रिटिकल केयर जैसी सेवाएं विकसित करने की परिकल्पना है। इन सुविधाओं का वास्तविक स्वरूप परियोजना की विस्तृत योजना और क्रियान्वयन के आधार पर तय होगा। मंत्री ने कहा कि गंभीर बीमारी, जटिल ऑपरेशन, कैंसर और हृदय रोग के इलाज के लिए झारखंड के कई मरीजों को दूसरे राज्यों का रुख करना पड़ता है, इससे इलाज के साथ यात्रा और रहने का खर्च भी बढ़ता है। मेडिको सिटी के जरिए राज्य में उन्नत जांच, विशेषज्ञ परामर्श और सर्जरी जैसी सुविधाओं का विस्तार करने का लक्ष्य है, जिससे मरीजों को अपने राज्य में बेहतर उपचार विकल्प मिल सकें। Source link

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सरकारी निर्माण में वैध चालान अनिवार्य:झारखंड लघु खनिज समनुदान नियमावली में दूसरा...

राज्य सरकार ने झारखंड में लघु खनिजों के अवैध खनन और सरकारी निर्माण कार्यों में इस्तेमाल होने वाले खनिजों की खरीद को लेकर नियम को सख्त बनाया है। खान एवं भूतत्व विभाग ने झारखंड लघु खनिज समनुदान (द्वितीय संशोधन) नियमावली, 2026 अधिसूचित की है। मंगलवार को जारी अधिसूचना में ईंट मिट्टी के अवैध खनन पर राजस्व दर के 10 गुना जुर्माने का प्रावधान किया गया है। विकास कार्यों में खनिज की खरीद के प्रमाण और नियमों की व्याख्या के लिए नए प्रावधान जोड़े गए हैं। विकास योजनाओं में इस्तेमाल होने वाले लघु खनिजों की खरीद वैध चालान के माध्यम से करने की जिम्मेदारी संबंधित कार्य विभाग, संवेदक, ठेकेदार और आपूर्तिकर्ता पर डाली गई है। नए प्रावधानों के लागू होने से सड़क, भवन और अन्य सरकारी निर्माण कार्यों में इस्तेमाल होने वाले खनिजों की खरीद और उनके वैध स्रोत की जांच भी महत्वपूर्ण हो जाएगी। संशोधन के तहत नियम-54 को नए सिरे से तय किया गया है। इसके अनुसार, कोई व्यक्ति या उसकी ओर से नियुक्त एजेंट, प्रबंधक, कर्मचारी अथवा ठेकेदार किसी क्षेत्र में बिना वैध अनुमति के ईंट के लिए मिट्टी का उत्खनन, निकासी, परिवहन या भंडारण करता है, तो इस प्रावधान का अनुपालन करना होगा। वह सबकुछ जो आपके लिए जानना जरूरी है खनिज खरीद का देना होगा हिसाब नए संशोधन में नियम-54 (ए) के बाद नियम-55 जोड़ा गया है। इसके तहत सरकार द्वारा संचालित विकास कार्यों में शामिल कार्य विभाग, संवेदक, ठेकेदार और आपूर्तिकर्ता यह सुनिश्चित करेंगे कि निर्माण में इस्तेमाल होने वाले लघु खनिज वैध चालान के माध्यम से खरीदे गए हों। अधिसूचना में खनन पट्टाधारकों और खनन लाइसेंसधारकों से वैध चालान के जरिए खनिज खरीदने का प्रावधान किया गया है। यदि खनिजों की खरीद वैध चालान के माध्यम से नहीं की गई है, तो प्रावधान के अनुसार दंडात्मक राशि जमा करनी होगी। इसके लिए खनिज के मूल्य, रॉयल्टी और अन्य निर्धारित शुल्कों को आधार बनाया गया है। केंद्र-राज्य के निर्माण कार्य दायरे में नियम में कार्य विभाग की परिभाषा भी स्पष्ट की गई है। इसके तहत केंद्र या राज्य सरकार के विभाग और उनकी ओर से निर्माण कार्य कराने वाली व्यवस्था शामिल है। कार्य ठेकेदार की परिभाषा में ऐसे व्यक्ति, फर्म, कंपनी या व्यक्तियों के संगठन को शामिल किया गया है, जिनके माध्यम से संबंधित विभाग के साथ अनुबंध के तहत काम कराया जाता है। इससे सरकारी निर्माण कार्यों में ठेकेदारों की भूमिका सीधे महत्वपूर्ण हो जाती है। निर्माण में इस्तेमाल होने वाले खनिजों के स्रोत और खरीद संबंधी दस्तावेजों को लेकर विभागीय निगरानी की जरूरत बढ़ेगी। जुर्माने में डीएमएफटी और पर्यावरणीय सेस भी होंगे शामिल नए नियम में जुर्माने की गणना के लिए अलग-अलग मदों का उल्लेख किया गया है। संशोधन के प्रभावी होने के बाद इस्तेमाल या आपूर्ति किए गए खनिजों के मामले में जुर्माना राशि में खनिज के मूल्य और रॉयल्टी के अलावा जिला खनिज फाउंडेशन (डीएमएफटी), आयकर, मैनेजमेंट शुल्क और पर्यावरणीय सेस भी होंगे। Source link

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किसान डेयरी फार्मिंग के तहत धान के पुआल को सूखे चारे के...

लखीमपुर खीरी: जिले में किसान और युवा खेती के साथ-साथ डेयरी फार्मिंग की ओर भी तेजी से आकर्षित हो रहे हैं. पशुपालन ग्रामीण क्षेत्रों में आमदनी का एक महत्वपूर्ण जरिया बनता जा रहा है. कई किसान गाय और भैंस पालकर दूध बेचने से अपनी आय बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं. हालांकि, डेयरी फार्मिंग में अच्छा मुनाफा कमाने के लिए पशुओं की सही देखभाल और उनके खानपान पर विशेष ध्यान देना जरूरी है. पशुओं को पौष्टिक और संतुलित आहार न मिलने पर उनके स्वास्थ्य के साथ-साथ दूध उत्पादन पर भी असर पड़ सकता है. ऐसे में धान की कटाई के बाद खेतों में बचने वाली पराली यानी पुआल किसानों के लिए उपयोगी साबित हो रहा है. इसका सही तरीके से इस्तेमाल करके किसान चारे की समस्या को कुछ हद तक कम कर सकते हैं और पशुपालन पर होने वाले खर्च को नियंत्रित कर सकते हैं. धान का पुआल पशुओं के लिए कितना उपयोगी इन दिनों जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में धान की कटाई का काम चल रहा है. कटाई के बाद खेतों में बड़ी मात्रा में पुआल बच जाता है. आमतौर पर किसान इसे खेतों से हटाने या निस्तारित करने की चिंता करते हैं, लेकिन पशुपालन करने वाले किसान इसका उपयोग सूखे चारे के रूप में कर सकते हैं. धान के पुआल में रेशा यानी फाइबर पाया जाता है, जो पशुओं के पाचन तंत्र के सामान्य कामकाज में मदद करता है. हालांकि, इसमें प्रोटीन, ऊर्जा और कई जरूरी पोषक तत्वों की मात्रा हरे चारे तथा अच्छे गुणवत्ता वाले दूसरे पशु आहार की तुलना में कम होती है. धान के पुआल को पशुओं के आहार में सीमित मात्रा में शामिल करना चाहिए. इसके साथ हरा चारा, दाना, खली, चोकर और जरूरत के अनुसार खनिज मिश्रण उपलब्ध कराना जरूरी है. इससे पशुओं को आवश्यक पोषक तत्व मिलते हैं और पशुओं का स्वास्थ्य बेहतर बनाए रखने में मदद मिलती है. हरे चारे की कमी में बन सकता है सहारा ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन करने वाले किसानों के सामने साल के अलग-अलग समय पर हरे चारे की उपलब्धता की समस्या आती है. गर्मियों में सूखे की स्थिति, बाढ़ के दौरान खेतों में पानी भरने और मौसम में बदलाव के कारण कई बार हरे चारे की पर्याप्त उपलब्धता नहीं हो पाती. ऐसी स्थिति में किसान सूखे चारे के रूप में धान के पुआल का इस्तेमाल कर सकते हैं. पुआल को सूखी और सुरक्षित जगह पर रखने से इसे लंबे समय तक इस्तेमाल के लिए बचाकर रखा जा सकता है. इससे किसानों को चारे की कमी के समय कुछ राहत मिलती है. जिन किसानों के पास पर्याप्त भंडारण की सुविधा है, वे धान की कटाई के समय पुआल को इकट्ठा करके रख सकते हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर पशुओं को खिलाया जा सके. पुआल को खुले में बारिश और नमी से बचाना जरूरी है. गीला, सड़ा हुआ या फफूंद लगा पुआल पशुओं के स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है. इसलिए पशुओं को खिलाने से पहले उसकी गुणवत्ता की जांच करनी चाहिए. संतुलित आहार से बढ़ सकती है दूध देने की क्षमता डेयरी फार्मिंग में पशुओं से अधिक दूध प्राप्त करने के लिए केवल अधिक मात्रा में चारा देना पर्याप्त नहीं है. पशु को उसकी उम्र, वजन, दूध उत्पादन और शारीरिक स्थिति के अनुसार संतुलित आहार देना जरूरी होता है. यदि पशु को केवल पुआल खिलाया जाता है, तो उसे पर्याप्त प्रोटीन, ऊर्जा और खनिज नहीं मिल पाएंगे. इससे दूध उत्पादन प्रभावित हो सकता है. हरे चारे की कमी से निपटने के लिए किसान साइलेज बनाने की तकनीक का भी इस्तेमाल कर सकते हैं. साइलेज बनाने में आमतौर पर मक्का, ज्वार और अन्य उपयुक्त हरे चारे को उचित नमी और हवा से सुरक्षित परिस्थितियों में किण्वित करके संरक्षित किया जाता है. इससे चारे को लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकता है. पशु चिकित्सक ने दी संतुलित आहार की सलाह इस संबंध में बातचीत करते हुए पशु चिकित्सक डॉ. हेमंत सिंह ने बताया कि इस समय धान की कटाई चल रही है. ऐसे में किसान अपने पशुओं को पुआल खिला रहे हैं. उन्होंने कहा कि पशुओं को पुआल सीमित मात्रा में खिलाना चाहिए. इसके साथ उन्हें संतुलित आहार देना भी जरूरी है, जिससे पशुओं के स्वास्थ्य को बनाए रखने और दूध उत्पादन में मदद मिल सकती है. डॉ. सिंह के अनुसार, पशुओं की खुराक में केवल सूखे चारे पर निर्भर नहीं रहना चाहिए. हरा चारा और जरूरत के मुताबिक दाना उपलब्ध कराना आवश्यक है. पशुओं को पर्याप्त पानी देना चाहिए और उनके रहने की जगह को साफ-सुथरा रखना चाहिए. यदि पशु के दूध उत्पादन में अचानक कमी आती है, वह खाना कम कर देता है या उसके स्वास्थ्य में कोई बदलाव दिखाई देता है, तो पशु चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए. Source link

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ब्रेकफास्ट में खाएं यह हेल्दी स्प्राउट सलाद, लंबे समय तक भरा रहेगा...

Last Updated:October 28, 2026, 06:54 IST Recipe: सुबह के ब्रेकफास्ट में स्प्राउट सलाद खाना सेहत के लिए बहुत फायदेमंद है. यह सिर्फ दो मिनट में बनकर तैयार हो जाता है. इसे खाने से पेट लंबे समय तक भरा रहता है. साथ ही यह वजन को कंट्रोल करने में भी मदद करता है. ख़बरें फटाफट रांचीः अगर आप ब्रेकफास्ट में कुछ टेस्टी और हेल्दी खाना चाहते हैं. जिससे वजन भी कंट्रोल रहे, तो यह स्प्राउट सलाद आपके लिए सबसे परफेक्ट है. यह सलाद मात्र 2 मिनट में बनकर तैयार हो जाता है और इसे खाने से लंबे समय तक पेट भरा रहता है. वजन घटाने और पेट के लिए फायदेमंद यह स्प्राउट सलाद न केवल खाने में स्वादिष्ट है, बल्कि सेहत के लिए भी बहुत गुणकारी है. इसे खाने से आपका पेट लंबे समय तक भरा रहता है. इसके साथ ही, यह कब्ज की समस्या को दूर करता है और आपके गट सिस्टम को भी पूरी तरह स्वस्थ रखता है. नोट करें बनाने की विधिरांची में रहने वाली दिव्या बताती हैं कि इस हेल्दी सलाद को बनाने का तरीका बहुत ही आसान है। इसे बनाने के लिए आपको नीचे दिए गए स्टेप्स को फॉलो करना होगा: चना और मूंग भिगोएं: सबसे पहले आप हरी मूंग और काले चने को रातभर पानी में भिगोकर रख दें, ताकि सुबह आप इनका इस्तेमाल आसानी से कर सकें. मूंगफली तैयार करें: इसके बाद मूंगफली लें. आप चाहें तो मूंगफली को रातभर भिगोकर भी रख सकती हैं. जिससे इसका फैट निकल जाता है. अगर आपको थोड़ा ज्यादा स्वाद चाहिए, तो आप मूंगफली को तवे पर बिना तेल के सूखा ही अच्छे से भून लें. आप अपने स्वाद के अनुसार इन दोनों में से कोई भी तरीका अपना सकती हैं. सभी चीजें मिलाएं: अब एक साफ कटोरा लें. इस कटोरे में भीगे हुए हरी मूंग, काले चने और तैयार की गई मूंगफली को अच्छी तरह मिला लें. मसाले और सब्जियां डालें: इसमें बारीक कटा हुआ प्याज, टमाटर और कटी हुई हरी मिर्च अपनी पसंद के अनुसार मिला लें. इसके ऊपर से नींबू का रस निचोड़ दें. स्वाद बढ़ाने के लिए आप इसमें थोड़ा सा सेव भुजिया भी डाल सकती हैं. हालांकि, सेव भुजिया डालना पूरी तरह ऑप्शनल है, आप चाहें तो इसे छोड़ भी सकती हैं. अब सर्व करेंअब इन सभी चीजों को आपस में अच्छी तरह मिला लें. लीजिए, आपका सिर्फ 2 मिनट में बनने वाला हेल्दी और टेस्टी स्प्राउट सलाद बिल्कुल तैयार है. About the Author Prashun Singh प्रसून सिंह को मीडिया में 7 साल काम करने का अनुभव है. खबरों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर रोचक अंजाद में पेश करना खासियत है. दैनिक भास्कर अखबार में इंटर्नशिप के साथ करियर की शुरुआत हुई. इसके बाद ETV Bharat (बिहार)… और पढ़ें Location : Ranchi,Jharkhand First Published : October 28, 2026, 06:54 IST Source link

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झारखंड में चक्रवाती तूफान अर्नब का असर:आज और कल भारी बारिश का...

बंगाल की खाड़ी में उठा चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ का प्रभाव झारखंड में बुधवार की सुबह से ही दिखने लगा है। राजधानी रांची में तड़के मेघ गर्जन और तेज हवा के साथ बारिश हुई। इसके बाद से रुक-रुक कर बारिश का दौर जारी है। न केवल राजधानी रांची, बल्कि हजारीबाग, कोडरमा, चाईबासा, देवघर, गिरिडीह, बोकारो सहित तमाम जिलों में घने काले बादल छाए हुए हैं। चक्रवात की गंभीरता को देखते हुए सभी स्कूलों में आज और कल के लिए छुट्टी घोषित कर दी गई है। रांची समेत कई जिलों में ऑरेंज-यलो अलर्ट चक्रवाती तूफान के प्रभाव को देखते हुए मौसम विभाग ने रांची सहित झारखंड के विभिन्न जिलों के लिए ऑरेंज और यलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान भारी बारिश के साथ 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवा चलने की आशंका है। लगातार बारिश से निचले इलाकों में जलजमाव और आवागमन प्रभावित होने का खतरा है। तेज हवा से पेड़ और बिजली के खंभे गिरने की आशंका भी बनी हुई है। मौसम के बदलते मिजाज को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। विशेष रूप से खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचने की जरूरत है। मौसम विभाग के अलर्ट के मद्देनजर जिला प्रशासन ने भी तैयारियां तेज कर दी हैं। स्कूल बंद, अस्पतालों में बेड रिजर्व; प्रशासन अलर्ट मोड में रांची के डीसी मंजूनाथ भजंत्री ने जिला आपदा समिति की बैठक बुलाकर अधिकारियों को अगले तीन दिनों तक अलर्ट रहने का निर्देश दिया है। एहतियात के तौर पर सभी सरकारी और निजी स्कूलों में बुधवार और गुरुवार को छुट्टी घोषित की गई है। रिम्स और सदर अस्पताल में 10-10 बेड रिजर्व रखने के साथ पर्याप्त मात्रा में खून उपलब्ध रखने का निर्देश दिया गया है। बिजली विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को भी ड्यूटी पर मुस्तैद रहने को कहा गया है, ताकि खराब मौसम के दौरान बिजली आपूर्ति बाधित होने पर जल्द बहाल की जा सके। नगर निगम को जलजमाव की स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा गया है। प्रशासन ने लोगों से मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने और आपात स्थिति में संबंधित विभागों से संपर्क करने की अपील की है। 53 वार्ड चार जोन में बंटे, 8 क्यूआरटी संभालेंगी मोर्चा रांची में चक्रवाती तूफान के प्रभाव से भारी बारिश और जलजमाव की आशंका को देखते हुए नगर निगम ने तैयारी की है। शहर के सभी 53 वार्डों को चार जोन में बांटा गया है। प्रत्येक जोन में दो-दो क्विक रिस्पॉन्स टीम (क्यूआरटी) तैनात की गई हैं। इस तरह कुल आठ टीमें 24 घंटे सक्रिय रहेंगी। इसके अलावा प्रत्येक जोन में स्वच्छता शाखा और हॉर्टिकल्चर शाखा की एक-एक नाइट टीम भी तैनात रहेगी। सफाई व्यवस्था दुरुस्त रखने और जलजमाव से निपटने के लिए 500 अतिरिक्त सफाईकर्मियों की तैनाती की गई है। नगर निगम के कंट्रोल रूम को 24 घंटे चालू रखने का निर्देश दिया गया है। टीमें निचले इलाकों, जलजमाव वाले क्षेत्रों, नदियों और बड़े नालों के जलस्तर पर नजर रखेंगी। सभी जोन में नालियों की सफाई कराई जाएगी। तेज हवा से पेड़ गिरने या डालियां झुकने की स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जाएगी। शिकायतों के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी नगर निगम ने लोगों से बारिश के दौरान जलजमाव, भरी नालियों, खुले बड़े नालों, पेड़ गिरने और अन्य नुकसान की सूचना संबंधित हेल्पलाइन पर देने की अपील की है। जिला प्रशासन के अबुआ साथी वाट्सऐप नंबर 9430328080 और नगर निगम के टोल फ्री नंबर 1800 5701235 पर सूचना दी जा सकती है। वहीं, बिजली संबंधी शिकायतों के लिए विभाग ने कंट्रोल रूम नंबर 9431135682 जारी किया है। समस्या निवारण के लिए 9031110118, 9031110119 और 9031110120 पर संपर्क कर सकते हैं। बिजली विभाग के कॉल सेंटर नंबर 1912, 18003456570, 9031110121, 9431135504 और 0651-271002 भी जारी किए गए हैं। Source link

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