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झारखंड

सदर अस्पताल की क्षमता 100 बेड की पर 300 मरीज भर्ती होकर...

भास्कर न्यूज|गुमला जिले में लगातार हो रही बारिश से मौसमी बीमारियों का प्रकोप बढ़ गया है। इसका सबसे अधिक असर सदर अस्पताल गुमला में देखने को मिल रहा है, जहां सर्दी, खांसी, बुखार और वायरल संक्रमण से पीड़ित मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। मरीजों की बढ़ती भीड़ के कारण अस्पताल की ओपीडी और वार्ड दोनों पर दबाव बढ़ गया है। सदर अस्पताल 100 बेड की क्षमता वाला अस्पताल है, लेकिन वर्तमान में यहां 300 से अधिक मरीज भर्ती होकर इलाज करा रहे हैं। सभी वार्ड पूरी तरह भर चुके हैं। स्थिति यह है कि अस्पताल प्रबंधन को अतिरिक्त बेड की व्यवस्था करनी पड़ी है और कई मरीजों का इलाज अस्पताल के बरामदे में लगाए गए बेड पर किया जा रहा है। वहीं ओपीडी में प्रतिदिन लगभग 600 से 800 मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं, जिससे चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों पर कार्यभार काफी बढ़ गया है। गुमला आदिवासी बहुल जिला है। बारिश के मौसम में बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक मौसमी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। बदलते मौसम, भीगने, दूषित पानी और संक्रमण के कारण वायरल बुखार, सर्दी-खांसी तथा अन्य बीमारियों के मरीज अधिक संख्या में अस्पताल पहुंच रहे हैं। सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. अनुपम किशोर ने बताया कि लोग मौसमी बीमारियों से बचाव के लिए गर्म एवं ताजा भोजन का सेवन करें। पीने के पानी को उबालकर या गर्म करके ही इस्तेमाल करें। सर्दी, खांसी या बुखार होने पर स्वयं दवा लेने के बजाय चिकित्सक से परामर्श लेकर उनके निर्देशानुसार दवा का सेवन करें। उन्होंने बारिश में अनावश्यक भीगने से बचने, साफ-सफाई बनाए रखने और बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत अस्पताल पहुंचकर जांच कराने की अपील की। उनका कहना है कि समय पर इलाज और सावधानी बरतने से अधिकांश मौसमी बीमारियों से बचाव संभव है। 20 जुलाई 819, 21 जुलाई 630, 22 जुलाई 644, 23 जुलाई 733, 24 जुलाई 630, 25 जुलाई 671, 26 जुलाई 582, 27 जुलाई 752। इस संबंध में शिशु रोग विशेषज्ञ चिकित्सक डॉक्टर राहुल देव उरांव ने कहा कि बच्चों को भी बारिश के मौसम में मौसमी बीमारियों से बचने के लिए बड़ों की तरह की पानी से भींगने से बचना, गर्म खाना व पानी का सेवन करना जरूरी होता है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि उनके बच्चे अगर किसी प्रकार से बीमार होते है, तो उन्हें स्वयं से दवा नहीं देनी चाहिए। किसी भी चिकित्सक से परामर्श लेकर ही दवा देने की अपील की है। Source link

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NEET UG paper leak CBI chargesheet। CBI files NEET chargesheet। पीएम मोदी...

होमताजा खबरदेश पीएम मोदी ने जो कहा वो किया, नीट पेपर लीक केस में सीबीआई ने दाखिल की चार्जशीट Last Updated:July 28, 2026, 22:54 IST NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में CBI ने 13 गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ राउज एवेन्यू कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी है. चार्जशीट में NTA के 3 सब्‍जेक्‍ट एक्‍सपर्ट, कोचिंग संचालकों और बिचौलियों के नाम शामिल हैं. जांच एजेंसी ने 360 गवाहों और 422 दस्तावेजों के साथ पुख्ता सबूत पेश किए हैं. BNS और प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट की गंभीर धाराओं में फंसे सभी आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में जेल में बंद हैं. सीबीआई मामले की जांच कर रही है. नई दिल्ली. देश के लाखों मेडिकल स्‍टूडेंट्स के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ अब न्याय का शिकंजा पूरी तरह कस चुका है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मंशा के अनुरूप तेजी से कार्रवाई करते हुए सीबीआई ने NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में 13 गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ राउज एवेन्यू कोर्ट में अपनी पहली चार्जशीट दाखिल कर दी है. सीबीआई की इस कड़े एक्शन ने साफ कर दिया है कि युवाओं के सपनों से सौदा करने वाला कोई भी गुनहगार अब कानून के शिकंजे से बच नहीं पाएगा. पीएम ने इंस्‍टाग्राम के जरिए जारी वीडियो संदेश में पेपर लीक केस की जांच के लिए जल्‍द से जल्‍द फार्स्‍ट ट्रैक कोर्ट बनाने का ऐलान किया था. 360 गवाह और मजबूत सबूत तैयारजांच एजेंसी ने कोर्ट में पेश की गई अपनी चार्जशीट में 360 गवाहों के बयान, 422 अहम दस्तावेज और 43 भौतिक साक्ष्यों (मटीरियल ऑब्जेक्ट्स) को शामिल किया है. सीबीआई की जांच में खुलासा हुआ कि पूरी साजिश को आपराधिक षड्यंत्र, धोखाधड़ी, सबूत नष्ट करने और भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत अंजाम दिया गया था. इसके साथ ही नए लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कड़ी धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है. फिलहाल मामले के सभी 13 मुख्य आरोपी जेल में बंद हैं. एक्सपर्ट्स-कोचिंग संचालक पर सीबीआई का डंडा3 मई 2026 को आयोजित हुई इस परीक्षा में धांधली की शिकायत मिलने के तुरंत बाद सीबीआई ने 12 मई को एफआईआर दर्ज की थी. जांच के लिए 72 अधिकारियों और 8 साइबर फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स की विशेष टीमें बनाई गईं. एजेंसी ने महाराष्ट्र, राजस्थान, हरियाणा और दिल्ली समेत कई राज्यों में 92 ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की. सीबीआई ने पेपर लीक के मुख्य सोर्स से लेकर लाभार्थियों तक की पूरी कड़ी का पर्दाफाश कर दिया. हैरान करने वाली बात यह है कि गिरफ्तार 13 आरोपियों में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के केमिस्ट्री, बायोलॉजी और फिजिक्स के 3 सब्‍जेक्‍ट एक्‍स्‍पर्ट भी शामिल हैं. इसके अलावा फर्जीवाड़े के जरिए प्रश्नपत्र हासिल करने वाले कोचिंग सेंटर्स के 2 संचालकों और बिचौलियों को भी दबोचा गया है. एनटीए मामले से जुड़े आरोपियों के नाम और प्रोफाइल क्रमांक नाम प्रोफाइल / भूमिका 1 मनीषा मंधारे एनटीए की जीवविज्ञान (बायोलॉजी) विशेषज्ञ 2 प्रल्हाद विठ्ठलराव कुलकर्णी एनटीए के रसायन विज्ञान (केमिस्ट्री) विशेषज्ञ 3 मनीषा संजय हवलदार एनटीए की भौतिकी (फिजिक्स) विशेषज्ञ 4 मनीषा संजय वाघमारे बिचौलिया 5 धनंजय निवृत्ति लोखंडे बिचौलिया 6 शुभम मधुकर खैरनार बिचौलिया 7 यश यादव बिचौलिया 8 मांगीलाल बिवाल बिचौलिया 9 विकास बिवाल बिचौलिया 10 दिनेश बिवाल बिचौलिया 11 डॉ. मनोज भगवानराव शिरुरे बिचौलिया 12 शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर आरसीसी कोचिंग इंस्टीट्यूट, लातूर के संचालक 13 तेजस हर्षदकुमार शाह एपीएमए कोचिंग इंस्टीट्यूट, पुणे में भौतिकी संकाय एवं मुख्य परिचालन अधिकारी (सीओओ) अकाउंट्स फ्रीज, आर्थिक तंत्र पर चोटसीबीआई ने न केवल आरोपियों को जेल पहुंचाया बल्कि उनके मनी ट्रेल की भी परतों को उधेड़ दिया है. जांच के तहत आरोपियों के कई बैंक खाते, बैंक लॉकर और एक डीमैट खाता तुरंत प्रभाव से फ्रीज कर दिया गया है. फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई के रास्ते अब साफ हो चुके हैं, जिससे साफ संदेश गया है कि धांधली करने वालों की अब खैर नहीं. About the Author Sandeep GuptaChief Sub Editor पत्रकारिता में 16 वर्षों से अधिक का सुदीर्घ अनुभव रखने वाले संदीप गुप्ता वर्तमान में News18 इंडिया में बतौर चीफ सब-एडिटर होम पेज पर जिम्‍मेदारी संभाल रहे हैं. जटिल और सामरिक विषयों को बेहद सरल भाषा में पाठकों त… और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Delhi,Delhi,Delhi Source link

झारखंड

4 युवकों को रातभर बांधकर पीटा:बकरी चोरी करने आए थे, एक की...

गुमला से कार से आए थे मुरहू मुरहू थाना क्षेत्र की रूमुतकेल पंचायत के बिंदादीरी गांव में रविवार देर रात बकरी चोरी करने आए चार युवकों को ग्रामीणों ने पकड़ लिया। आरोप है कि ग्रामीणों ने चारों की हॉकी स्टिक और लाठी-डंडों से बेरहमी से पिटाई की। इसके बाद उन्हें गांव के पास जंगल में ले जाकर पेड़ों से बांध दिया और पूरी रात वहीं रखा। सोमवार सुबह पुलिस ने तीन लोगों को मुक्त कराया। गंभीर रूप से घायल दिलदार अंसारी की इलाज के लिए सदर अस्पताल ले जाते समय रास्ते में मौत हो गई, जबकि फिरोज अंसारी का अस्पताल में इलाज चल रहा है। चौथा युवक गुड्डू अंसारी रात में ही किसी तरह वहां से भाग निकला था। जानकारी के अनुसार, रविवार रात करीब 12 बजे चारों युवक ऑल्टो कार से बिंदादीरी गांव पहुंचे थे। वे बकरियां कार में लाद रहे थे। इसी दौरान बकरियों की आवाज सुनकर ग्रामीणों की नींद खुल गई। देखते ही देखते करीब 35 से 40 ग्रामीण मौके पर जुट गए और चारों को घेर लिया। ग्रामीणों ने उनकी जमकर पिटाई की और बाद में रस्सी से बांधकर गांव के समीप जंगल में ले गए। वहां सभी को अलग-अलग पेड़ों से बांध दिया गया। रात के दौरान गुड्डू अंसारी किसी तरह बंधन से छूटकर वहां से निकलने में सफल रहा और ऑल्टो कार लेकर फरार हो गया। सोमवार सुबह घटना की सूचना मिलने पर एसडीपीओ मंगल सिंह जामुदा के नेतृत्व में पुलिस टीम गांव पहुंची। पुलिस ने जंगल से दिलदार अंसारी, फिरोज अंसारी और निजाम अंसारी को मुक्त कराया। गंभीर रूप से घायल दिलदार अंसारी को इलाज के लिए सदर अस्पताल लाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। फिरोज अंसारी की हालत गंभीर बनी हुई है, जबकि निजाम अंसारी को अपेक्षाकृत कम चोटें आई हैं। एफआईआर दर्ज, सभी आरोपी गुमला के सिसई के रहने वाले अस्पताल में भर्ती फिरोज अंसारी ने बताया कि चारों गुमला जिले के सिसई थाना क्षेत्र के बगनी गांव के रहने वाले हैं। उसका कहना है कि ग्रामीणों ने पकड़ने के बाद पूरी रात उन्हें जंगल में पेड़ों से बांधकर रखा। एसडीपीओ मंगल सिंह जामुदा ने बताया कि प्रारंभिक जांच में चारों के बकरी चोरी करने की नीयत से गांव आने की बात सामने आई है। घटना में एक व्यक्ति की मौत हुई है। घायल निजाम अंसारी के बयान पर केस दर्ज कर लिया गया है। घटना में शामिल ग्रामीणों की पहचान की जा रही है। दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। Source link

झारखंड

There were 56.61 lakh beneficiaries in January 2025, now it has become...

रांची16 घंटे पहलेलेखक: विनय चतुर्वेदी कॉपी लिंक 6.38 लाख नाम कटे, रांची में सबसे ज्यादा 64,927 और धनबाद में 53,746 महिलाओं के नाम सूची से हटाए गए मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के लाभुकों का सत्यापन पूरा हो गया। डेढ़ साल में 6.38 लाख अपात्र और फर्जी लाभुक सूची से बाहर हो गए। जनवरी 2025 में इस योजना के लाभुकों की संख्या 56.61 लाख थी, जो जुलाई 2025 में घटकर 50.23 लाख पर पहुंच गई। सत्यापन के बाद अधिकतर जिलों में जून-जुलाई की राशि लाभुकों के खाते में भेज दी गई है। ​कुछ जिलों में जुलाई की राशि ट्रांसफर करने का काम चल रहा है। जनवरी 2025 की तुलना में रांची में सबसे ज्यादा 64,927 और धनबाद में 53,746 अपात्र लाभुकों के नाम काटे गए हैं। यह योजना 18 अगस्त 2024 को शुरू हुई थी। शुरुआत में 18 से 50 साल की महिलाओं को 1000 रुपए प्रति माह सहायता राशि दी जाती थी। फिर दिसंबर 2024 में कैबिनेट की मंजूरी के बाद यह राशि बढ़ाकर 2500 रुपए कर दी गई। छह जनवरी 2025 को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रांची में एक भव्य कार्यक्रम में बढ़ी हुई राशि की पहली किस्त 56.61 लाख से अधिक महिलाओं के खाते में ट्रांसफर की थी। इसके बाद इसमें फर्जीवाड़ा शुरू हो गया। इसे देखते हुए सरकार ने सत्यापन कराने का फैसला किया। अक्टूबर में हुई पहली छंटनी के बाद लाभुकों की संख्या घटकर 51.04 लाख हो गई है। इस साल अप्रैल से एक बार फिर सत्यापन शुरू हुआ तो लाभुकों की संख्या घटकर 50.23 लाख पर पहुंच गई। जिला जनवरी 2025 जून 2026 घटे बोकारो 3,60,938 3,20,000 40,938 चतरा 1,98,238 1,75,816 22,422 देवघर 2,85,377 2,40,392 44,985 धनबाद 4,00,030 3,46,284 53,746 दुमका 2,22,310 2,03,310 19,000 पू. सिंहभूम 3,07,333 2,85,704 21,629 गढ़वा 2,42,502 2,23,412 19,090 गिरिडीह 4,72,405 4,55,518 16,887 गोड्डा 2,24,736 1,94,681 30,055 गुमला 1,75,650 1,54,235 21,415 हजारीबाग 2,92,780 2,47,367 45,423 जामताड़ा 1,61,690 1,47,453 14,237 खूंटी 93,701 86,955 6,746 कोडरमा 1,39,370 1,33,043 6,327 लातेहार 1,44,637 1,29,110 15,527 लोहरदगा 1,01,814 86,955 14,859 पाकुड़ 1,99,202 1,53,228 45,974 पलामू 3,72,937 3,44,849 28,088 रामगढ़ 1,39,502 1,27,287 12,215 रांची 4,51,083 3,86,156 64,927 साहिबगंज 1,90,198 1,71,168 19,030 सरायकेला 1,68,492 1,54,815 13,677 सिमडेगा 99,156 82,785 16,371 प. सिंहभूम 2,17,710 1,72,557 45,153 इस आधार पर हुआ सत्यापन… जिन महिलाओं की उम्र 50 साल से ज्यादा हो गई, उनके नाम हटा दिए गए। जिन खातों में बायोमेट्रिक ई-केवाईसी या आधार सीडिंग पेंडिंग थी या फर्जी खाते मिले, उनके नाम काटे गए। खाद्य आपूर्ति विभाग के राशन कार्ड डेटाबेस से मिलान किया गया। परिवार में दोहराव पाए जाने पर छंटनी हुई। जिन महिलाओं को केंद्र या राज्य की अन्य सामाजिक सुरक्षा पेंशन मिल रही थी, उन्हें अपात्र घोषित किया गया। आर्थिक रूप से संपन्न परिवारों की महिलाओं की छंटनी की गई। वैसे नाम भी काटे गए, जिनके परिवार का कोई सदस्य सरकारी कर्मचारी या पेंशनधारक मिले। लेकिन नए नाम नहीं जुड़े: इस योजना के लिए 18 से 50 वर्ष की महिलाएं पात्र होती हैं। योजना में शामिल जिन महिलाओं की उम्र 50 साल से ज्यादा हो गई, उनके नाम काट दिए गए। लेकिन 18 साल की किसी भी नई महिला का नाम योजना में शामिल नहीं किया गया। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ Source link

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Amit Shah Met Home Secretary and IB Chief: दिल्ली में अचानक गृहमंत्री...

होमताजा खबरदेश शाह से मिले होम सेक्रेटरी और आईबी चीफ, 40 मिनट चली बैठक, अब क्या होने वाला है? Last Updated:July 28, 2026, 21:58 IST मंगलवार शाम गृहमंत्री अमित शाह के साथ गृह सचिव और आईबी चीफ की एक अहम मीटिंग हुई है. यह मुलाकात करीब 40 मिनट तक चली. मौजूदा हालात को देखते हुए यह बैठक बहुत अहम है. हाल ही में प्रदर्शन खत्म हुए हैं और हालात सामान्य हो रहे हैं. इसी बीच विपक्ष ने पैलेट गन के इस्तेमाल का आरोप लगाया है. इन सभी विवादों और नेताओं के बयानों के बीच यह मीटिंग काफी अहम है. नई दिल्ली: गृहमंत्री अमित शाह से गृह सचिव गोविंद मोहन और आईबी चीफ महेश दीक्षित ने मुलाकात की है. यह मीटिंग करीब 40 मिनट तक चली. मौजूदा हालात में इस बैठक को बहुत अहम माना जा रहा है. देश में प्रदर्शन खत्म होने के बाद हालात सामान्य हो रहे हैं. प्रदर्शनकारी नेताओं के बयान भी सामने आए हैं. वहीं विपक्ष पैलेट गन के इस्तेमाल पर लगातार आरोप लगा रहा है. इन गंभीर आरोपों और सियासी बयानों के बीच यह 40 मिनट की मीटिंग काफी अहम मानी जा रही है. About the Author दीपक वर्माDeputy News Editor दीपक वर्मा की गिनती डिजिटल मीडिया के सबसे तेज और उभरते हुए चेहरों में होती है. वह न्यूज18 हिंदी के साथ डिप्टी न्यूज एडिटर के तौर पर जुड़े हैं. दीपक ने अपने करियर में कई बड़े मुकाम हासिल किए हैं… और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : New Delhi,Delhi Source link

झारखंड

जेपीएससी के पूर्व चेयरमैन को समन:आज सीआईडी के तीखे सवालों से होगा...

पूछताछ में पांच आरोपियों से मिले इनपुट के बाद भेजा समन झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी मामले में सीआईडी ने जेपीएससी के पूर्व चेयरमैन एल ख्यांगते को समन जारी किया है। उन्हें मंगलवार को पूछताछ के लिए बुलाया है। जांच एजेंसी इस मामले में गिरफ्तार पांच आरोपियों जेपीएससी की उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता कुमारी गुप्ता और परीक्षा एजेंसी टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्रा. लि. (टीडीपीएल) के निदेशक रामवीर सिंह, माकेर्टिंग मैनेजर मनोज कुमार तिवारी उर्फ अभय कुमार तिवारी, दो तकनीकी प्रोग्रामर उस्मान व एबाद से पिछले तीन दिन से पूछताछ कर रही है। तीसरे दिन सोमवार को पूछताछ के दौरान सीआईडी को कुछ इनपुट मिले। इसी के आधार पर ख्यांगते को समन जारी किया गया। अब सीआईडी ख्यांगते से टीडीपीएल को टेंडर आवंटन और परीक्षा संचालन की जिम्मेदारी सौंपनी की पूरी प्रक्रिया पर जवाब-तलब करेगी। उनसे पूछा जाएगा कि जब​ टीडीपीएल को ब्लैक लिस्ट कर दिया गया था तो उसे जेपीएससी जैसी सर्वोच्च चयन संस्था की परीक्षा संचालित करने का टेंडर कै​से दिया गया। परीक्षाओं में धांधली रोकने के लिए उन्होंने क्या कदम उठज्ञए। निगरानी तंत्र क्या था। ओएमआर शीट में हेराफेरी के बीच वे चुप क्यों रहे। क्या इन गड़बड़ियों को बढ़ावा देने या अनदेखी करने में उनकी कोई भूमिका थी।सीआईडी की टीम इन सभी बिंदुओं पर पूर्व अध्यक्ष से पूछताछ करेगी। इधर, पूछताछ से पहले एल ख्यांगते ने चुप्पी तोड़ी, कहा… मैं चुनौतियों से भागने वाला नहीं… 40 लाख रु. में सीट बिकने के आरोपों की गहराई से जांच हो सीआईडी की पूछताछ से ठीक पहले सोमवार को ख्यांगते ने चुप्पी तोड़ी। मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्होंने जो भी फैसले लिए, वे रूल्स ऑफ प्रोसीजर के तहत लिए थे। जेपीएससी की जिम्मेदारी उनके लिए बेहद चुनौतीपूर्ण थी, लेकिन वे किसी भी चुनौती से भागने वाले इंसान नहीं हैं। उनके पद संभालने से पहले कई पुरानी परीक्षाओं के परिणाम अटके थे। व्यवस्था में सुधार की सख्त जरूरत थी। उन्होंने लंबित रिजल्ट का प्रशासन शुरू कराया, परीक्षा आयोजित कराईं। प्रशासनिक सुधार करते हुए शिक्षकों की प्रोन्नति प्रक्रिया को पूरा किया। 40 लाख रुपए में सीट बिकने के आरोपों पर कहा कि ये बातें उनके संज्ञान में भी आई है। अगर इसमें रत्तीभर भी सच्चाई है तो जांच एजेंसी को इसकी तह में जाकर गहराई से जांच करनी चाहिए, ताकि दोषियों पर सख्त कार्रवाइ हो सके। पीटी या मेन्स रिजल्ट में आयोग के सदस्यों के हस्ताक्षर अनिवार्य नहीं… रिजल्ट पर आयोग के सदस्यों के हस्ताक्षर न होने के विवाद पर उन्होंने नियमों का हवाला देते हुए सफाई दी। उन्होंने कहा कि रूल ऑफ प्रोसीजर-2002 के तहत पीटी या मेन्स के रिजल्ट में आयोग के सदस्यों के हस्ताक्षर अनिवार्य नहीं होते। सिर्फ फाइनल रिजल्ट की प्रोसेसिंग के दौरान तीन सदस्यीय कमेटी स्क्रूटनी करती है। अंत में इसे चेयरमैन अप्रूव करता है। उन्होंने कहा कि संवेदनशील प्रक्रिया में अकेले फैसला लेना सही नहीं होता। आयोग में सदस्यों के साथ हुई गोपनीय बातचीत के आधार पर ही हस्ताक्षर न कराने का सर्वसम्मति से फैसला लिया गया था। एजेंसी के ब्लैकलिस्टेड होने की जानकारी नहीं थी ब्लैकलिस्टेड एजेंसी के चयन के सवाल पर पूर्व चेयरमैन ने कहा कि आयोग खुद साफ-सुथरी एजेंसी को ही काम देना चाहता है। ब्लैकलिस्टेड एजेंसी से बचता है। जिस समय एजेंसी का चयन हुआ था, उसके ब्लैकलिस्टेड होने की जानकारी आयोग को नहीं थी। यह कोई प्रशासनिक चूक थी या एजेंसी बाद में ब्लैकलिस्ट हुई, यह सीआईडी की जांच का विषय है। छह माह पहले मिली शिकायतों पर ध्यान न देने के आरोप पर उन्होंने कहा कि ईमेल पर रोजाना दर्जनों शिकायतें आती हैं। वे प्लीज लुक इनटू दिस लिखकर आगे की कार्रवाई के लिए संबंधित अधिकारी को भेज देते थे। वहीं, सीआईडी जांच के तरीके पर विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे सवालों और सीबीआई जांच की मांग पर उन्होंने कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि वे सीआईडी की जांच का पूरा सहयोग कर रहे हैं। उन्हें उम्मीद है कि रिमांड पर लिए गए आरोपियों और फाइलों की छानबीन से जांच एजेंसी जल्द ही सारा सच सामने ले आएगी। Source link

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जमीन विवाद में फायरिंग के बाद से था फरार:जमीन कारोबारी महताब उर्फ...

लंबे समय से फरार जमीन कारोबारी महताब आलम उर्फ हड्डी को रांची पुलिस ने पं बंगाल के मंदारमनी से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी जमीन विवाद में हुई सरेआम फायरिंग की घटना के बाद से फरार था। गिरफ्तारी से बचने के लिए वह लगातार अपना ठिकाना बदल रहा था। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि महताब अपनी पहचान छिपाकर कोलकाता के पास मंदारमनी इलाके में रह रहा है। सूचना मिलते रांची पुलिस ने विशेष टीम बनाई। टीम बंगाल पहुंची और योजनाबद्ध तरीके से छापेमारी कर आरोपी को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, 19 जुलाई 2026 को जमीन विवाद को लेकर हुई फायरिंग की घटना के बाद महताब आलम फरार हो गया था। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार अलग-अलग जगहों पर छापेमारी कर रही थी, लेकिन वह ठिकाना बदलकर बचता रहा। गिरफ्तार महताब आलम मूल रूप से रांची के सुकुरहुटू का रहने वाला है। वह लंबे समय से जमीन के कारोबार से जुड़ा हुआ था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि उसकी गिरफ्तारी से जमीन से जुड़े कई विवादों और अन्य आपराधिक मामलों का खुलासा हो सकता है। फिलहाल पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। उसके पूरे आपराधिक इतिहास की जांच की जा रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि फरारी के दौरान उसे किन-किन लोगों ने शरण दी और किसने उसकी मदद की। पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। Source link

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‘हर कोई जानता है कौन सा देश SAARC की एक्टिविटी रोक रहा’,...

होमताजा खबरदेश रोड़ा कौन अटका रहा, सबको पता है… मुइज्जू की अपील पर MEA ने खोल दिए धागे Last Updated:July 28, 2026, 20:53 IST India on Muizzu SAARC Statement: मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू द्वारा सार्क को फिर से सक्रिय करने की वकालत के बाद भारत ने बिना नाम लिए पाकिस्तान पर तंज कसा है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत मजबूत क्षेत्रीय सहयोग का पक्षधर है लेकिन सब जानते हैं कि सार्क को बाधित करने के लिए कौन जिम्मेदार है. 2016 उरी हमले के बाद से सार्क सम्मेलन ठप पड़ा हुआ है. भारत ने पाकिस्‍तान की क्‍लास लगाई. नई दिल्ली. मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू ने हाल ही में दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन यानी SAARC को एक बार फिर से सक्रिय करने की बात कही थी। आज विदेश मंत्रालय (MEA) ने मालदीव के राष्ट्रपति के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए बिना नाम लिए पाकिस्तान पर करारा निशाना साधा है और साफ कर दिया कि क्षेत्रीय सहयोग में रोड़ा कौन अटका रहा है, यह बात पूरे दक्षिण एशिया को पता है. विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने प्रेस वार्ता में मुइज्जू के बयान से जुड़े एक सवाल का सीधा जवाब दिया. जायसवाल ने कहा, “भारत हमेशा से एक मजबूत और प्रभावी क्षेत्रीय सहयोग का समर्थक रहा है और इसके लिए दशकों से काम करता आ रहा है. लेकिन दक्षिण एशिया में हर कोई इस बात से अच्छी तरह वाकिफ है कि कौन-सा देश और किस तरह की गतिविधियां SAARC के काम में बाधा डालने के लिए जिम्मेदार हैं.” उन्होंने सख्त लहजे में जोड़ा कि किसी भी क्षेत्रीय सहयोग के लिए नीयत और सद्भावना का होना सबसे प्राथमिक शर्त है. दरअसल, मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू ने अपने एक हालिया संबोधन में सार्क के पुनरुद्धार की वकालत की थी और सदस्य देशों के बीच मतभेदों को संवाद के जरिए सुलझाने की अपील की थी. हालांकि भारत के रुख से यह साफ है कि जब तक पड़ोसी देश अपनी आतंकवाद समर्थक नीतियों और नकारात्मक गतिविधियों को बंद नहीं करता, तब तक सार्क जैसा मंच प्रभावी नहीं हो सकता. 2016 से ठप पड़ा है सार्क सम्मेलनगौरतलब है कि SAARC भारत, बांग्लादेश, भूटान, मालदीव, नेपाल, पाकिस्तान, श्रीलंका और अफगानिस्तान का एक क्षेत्रीय समूह है. इसका आखिरी शिखर सम्मेलन साल 2014 में काठमांडू में आयोजित हुआ था. वर्ष 2016 में यह सम्मेलन इस्लामाबाद में होना तय हुआ था लेकिन उसी वर्ष 18 सितंबर को जम्मू-कश्मीर के उरी में भारतीय सैन्य शिविर पर हुए कायराना आतंकवादी हमले के बाद भारत ने आतंकवाद के माहौल में सम्मेलन में शामिल होने से साफ इनकार कर दिया था. भारत के समर्थन में बांग्लादेश, भूटान और अफगानिस्तान ने भी इस्लामाबाद बैठक का बहिष्कार कर दिया था, जिसके बाद से सार्क व्यावहारिक रूप से निष्क्रिय बना हुआ है. About the Author Sandeep GuptaChief Sub Editor पत्रकारिता में 16 वर्षों से अधिक का सुदीर्घ अनुभव रखने वाले संदीप गुप्ता वर्तमान में News18 इंडिया में बतौर चीफ सब-एडिटर होम पेज पर जिम्‍मेदारी संभाल रहे हैं. जटिल और सामरिक विषयों को बेहद सरल भाषा में पाठकों त… और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Delhi,Delhi,Delhi Source link

झारखंड

रांची में स्थायी कैट बेंच गठन मामला:हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार से पूछा,...

राजधानी रांची में केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (कैट) का स्थायी बेंच स्थापित करने की मांग को लेकर दायर जनहित याचिका पर झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। चीफ जस्टिस एमएस सोनक एवं न्यायमूर्ति राजेश शंकर की खंडपीठ ने केंद्र सरकार के आदेश पर कार्मिक विभाग और विधि एवं न्याय मंत्रालय से 14 अगस्त तक जवाब मांगा है। कोर्ट ने पूछा है कि पिछली सुनवाई में दिए गए रुख के अनुरूप अब तक कार्रवाई क्यों नहीं की गई। अगली सुनवाई 20 अगस्त को होगी। सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से एक पत्र का हवाला देते हुए कहा गया कि रांची में स्थायी कैट बेंच स्थापित करने का प्रस्ताव नहीं है, क्योंकि यहां ऐसे मामलों की संख्या कम है। इस पर खंडपीठ ने कहा कि पिछली सुनवाई में बताया गया था कि रांची में स्थायी बेंच की स्थापना की फाइल विभिन्न स्तरों पर विचाराधीन है और जल्द सकारात्मक परिणाम आएंगे। याचिकाकर्ता प्रदीप कुमार की ओर से कोर्ट को बताया गया कि पटना में कैट की स्थायी बेंच है, रांची में सर्किट बेंच संचालित है। राज्य सरकार स्थायी बेंच के लिए 2 एकड़ जमीन भी दे चुकी है। केंद्रीय कर्मियों के सेवा विवाद से जुड़े 800 से अधिक मामले लंबित हैं। स्थायी बेंच बनने से त्वरित निपटारा होगा। Source link

झारखंड

श्रावणी मेले से पहले देवघर नगरी सजकर तैयार:प्रमुख चौक, मंदिर और सरकारी...

विश्व प्रसिद्ध राजकीय श्रावणी मेला 2026 के शुभारंभ से पहले बाबा बैद्यनाथ की नगरी देवघर को पूरी तरह सजाया गया है। शहर की भव्य साज-सज्जा और रंग-बिरंगी रोशनी श्रद्धालुओं का ध्यान आकर्षित कर रही है। शाम ढलते ही पूरे शहर में भक्ति और उत्सव का माहौल बन जाता है। श्रद्धालुओं की सुविधा और मेले की भव्यता को ध्यान में रखते हुए शहर के प्रमुख चौक, मंदिर परिसर, सरकारी भवनों और मुख्य मार्गों को आकर्षक विद्युत सजावट से सजाया गया है। बाबा बैद्यनाथ मंदिर परिसर, शिवराम झा चौक, टावर चौक, बीआईडीपी (वीआईपी) चौक, देवघर रेलवे स्टेशन, उपायुक्त कार्यालय (डीसी ऑफिस) और अंबेडकर चौक सहित कई प्रमुख स्थान रंग-बिरंगी एलईडी लाइटों से जगमगा रहे हैं। रात्रि के समय ये स्थान विशेष रूप से आकर्षक दिखते हैं। दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालु और पर्यटक इन दृश्यों को अपने मोबाइल कैमरों में कैद कर रहे हैं। पूरी नगरी में आध्यात्मिक वातावरण के साथ उत्सव का माहौल बना हुआ है। जिला प्रशासन ने श्रावणी मेले के दौरान श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव प्रदान करने के लिए सुरक्षा, स्वच्छता, यातायात और सौंदर्यीकरण पर विशेष ध्यान दिया है। शहर की यह आकर्षक सजावट न केवल श्रद्धालुओं के स्वागत का प्रतीक है, बल्कि विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले की भव्यता और देवघर की धार्मिक गरिमा को भी उजागर करती है। Source link

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