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राज ठाकरे को पीएम मोदी की अपील से दिक्कत क्या है?

Last Updated:May 13, 2026, 14:17 IST महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी की अपील पर सवाल उठाए हैं. आखिर राज ठाकरे को पीएम मोदी की अपील से परेशानी क्‍या है. यह चर्चा का विषय बन गया है. पीएम मोदी ने लोगों से आर्थिक चुनौतियों और वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए अपील की है. पीएम मोदी ने लोगों से की है अपील. नई दिल्‍ली. महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी की अपील पर सवाल उठाए हैं. आखिर राज ठाकरे को पीएम मोदी की अपील से परेशानी क्‍या है. यह चर्चा का विषय बन गया है. पीएम मोदी ने लोगों से आर्थिक चुनौतियों और वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए अपील की है कि वे सोने की खरीद कम करें, गैरजरूरी विदेश यात्राओं से बचें, पेट्रोल-डीजल की खपत घटाएं, इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा दें और कंपनियां वर्क फ्रॉम होम जैसी व्यवस्था अपनाएं. पीएम मोदी ने अपने संदेश में कहा कि लोगों को सोने की खरीद कम करनी चाहिए और अनावश्यक विदेश यात्राओं से बचना चाहिए. उन्होंने पेट्रोल-डीजल की खपत घटाने पर भी जोर दिया और कहा कि जहां संभव हो, लोग इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाएं. इसके साथ ही उन्होंने कंपनियों और कर्मचारियों से वर्क फ्रॉम होम संस्कृति को बढ़ावा देने की भी अपील की, ताकि ईंधन की बचत हो और ट्रैफिक का दबाव कम किया जा सके. प्रधानमंत्री का कहना है कि छोटी-छोटी बचतें देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने में बड़ी भूमिका निभा सकती हैं. उन्होंने लोगों से जिम्मेदार नागरिक की तरह व्यवहार करने और जरूरत के मुताबिक ही खर्च करने को कहा. पीएम की इस अपील के बाद राजनीतिक स्तर पर चर्चा तेज हो गई है. कुछ लोग इसे मौजूदा वैश्विक हालात में जरूरी कदम बता रहे हैं, जबकि विपक्ष इस पर सवाल भी उठा रहा है. राज ठाकरे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्‍स पर पूछा कि जब आम लोगों से खर्च कम करने को कहा जा रहा है, तो बड़े नेता और सरकारी तंत्र खुद ऐसा क्यों नहीं कर रहे हैं? राज ठाकरे ने अपने पोस्ट में लिखा कि प्रधानमंत्री ने देशवासियों से सादगी और बचत की अपील की. लोग कम सोना खरीदें, गैरजरूरी विदेश यात्राएं टालें, ईंधन की खपत कम करें, इलेक्ट्रिक वाहनों की तरफ बढ़ें और जहां संभव हो वहां वर्क फ्रॉम होम अपनाया जाए. ठाकरे का कहना है कि अगर देश आर्थिक दबाव से गुजर रहा है, तो इसकी शुरुआत सरकार और नेताओं को खुद से करनी चाहिए. पीएम मोदी की अपील को कुछ लोग आर्थिक सतर्कता और ऊर्जा बचत की दिशा में जरूरी कदम मान रहे हैं, जबकि विपक्षी दल और कुछ क्षेत्रीय नेता इसे आम जनता पर अतिरिक्त बोझ डालने की कोशिश बता रहे हैं. सवाल उठता है कि आखिर पीएम की अपील से राज ठाकरे क्‍या परेशानी हो रही है, जबकि इस घड़ी में आम लोग देश के साथ खड़े होने को तैयार हैं. About the Author Sharad Pandeyविशेष संवाददाता करीब 20 साल का पत्रकारिता का अनुभव है. नेटवर्क 18 से जुड़ने से पहले कई अखबारों के नेशनल ब्‍यूरो में काम कर चुके हैं. रेलवे, एविएशन, रोड ट्रांसपोर्ट और एग्रीकल्चर जैसी महत्वपूर्ण बीट्स पर रिपोर्टिंग की. कैंब्रिज…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : New Delhi,New Delhi,Delhi Source link

झारखंड

NEET परीक्षा रद्द होने के बाद फिर चर्चा में हजारीबाग पेपर लीक...

Last Updated:May 13, 2026, 13:56 IST 2024 के NEET पेपर लीक मामले में झारखंड का हजारीबाग देशभर में चर्चा में आया था. जांच में पता चला कि हजारीबाग के ओएसिस स्कूल सेंटर से प्रश्नपत्र लीक हुआ था. CBI के अनुसार, मुख्य आरोपी पंकज कुमार उर्फ आदित्य ने कथित तौर पर स्कूल प्रबंधन की मिलीभगत से परीक्षा वाले दिन सुबह ही पेपर तक पहुंच बनाई थी. मामले में ओएसिस स्कूल के प्रिंसिपल एहसानुल हक और वाइस प्रिंसिपल इम्तियाज आलम को गिरफ्तार किया गया. जांच के दौरान पटना में मिले अधजले प्रश्नपत्र के सीरियल कोड का मिलान NTA के रिकॉर्ड से किया गया, जो हजारीबाग के इसी सेंटर का निकला था. हज़ारीबाग पेपर लीक की कहानी (AI इमेज) पटना: NEET UG 2026 परीक्षा रद्द होने के बाद एक बार फिर 2024 में हुए नीट पेपर लीक की कहानी सुर्खियों में आ गई है. नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने 3 मई 2026 को हुई परीक्षा को पेपर लीक के पुख्ता सबूत मिलने के बाद रद्द कर दिया है. मामले की जांच CBI को सौंप दी गई है और जल्द ही दोबारा परीक्षा की नई तारीख घोषित की जाएगी. इस पूरे घटनाक्रम के बीच लोगों को 2024 का वह मामला याद आ रहा है, जब झारखंड का हजारीबाग देश के सबसे बड़े परीक्षा घोटालों में केंद्र बनकर उभरा था. तो आइए एक बार फिर बताते हैं 2024 के नीट पेपर लीक का पूरा किस्सा. हजारीबाग नीट पेपर लीक मामला2024 में NEET-UG पेपर मामले में जांच के दौरान सामने आया था कि प्रश्नपत्र हजारीबाग के ओएसिस स्कूल परीक्षा केंद्र से लीक हुआ था. बिहार की आर्थिक अपराध इकाई (EOU) और बाद में CBI जांच में इस बात के प्रमाण मिले थे कि परीक्षा वाले दिन सुबह ही प्रश्नपत्र तक पहुंच बनाई गई थी. जांच एजेंसियों के मुताबिक, मुख्य आरोपी पंकज कुमार उर्फ आदित्य ने कथित तौर पर ओएसिस स्कूल के प्रिंसिपल एहसानुल हक और वाइस प्रिंसिपल इम्तियाज आलम की मिलीभगत से स्ट्रॉन्ग रूम में रखे पेपर तक पहुंच बनाई. आरोप है कि प्रश्नपत्र के पैकेट खोले गए, उनकी तस्वीरें ली गईं और फिर उन्हें दोबारा सील कर दिया गया. ट्रंक के साथ छेड़छाड़ के सबूतइस मामले का सबसे बड़ा सबूत पटना में मिला अधजला प्रश्नपत्र बना. जांच में जब उस पेपर के सीरियल कोड का मिलान NTA के रिकॉर्ड से किया गया तो पता चला कि वह हजारीबाग के ओएसिस स्कूल सेंटर को आवंटित प्रश्नपत्र था. इसके बाद जांच एजेंसियों का शक पूरी तरह हजारीबाग सेंटर पर केंद्रित हो गया. EOU की टीम ने हजारीबाग पहुंचकर उन दो स्टील ट्रंक को भी जब्त किया था, जिनमें प्रश्नपत्र भेजे गए थे. जांच में ट्रंक के साथ छेड़छाड़ के सबूत मिले. अधिकारियों ने पाया कि ट्रंक में अलग-अलग कुंडियां लगाई गई थीं, जिससे पेपर निकालकर दोबारा रखने की आशंका मजबूत हुई. अभिभावकों और दलालों की गिरफ्तारीCBI जांच में बाद में यह भी सामने आया कि लाखों रुपये लेकर कुछ अभ्यर्थियों को परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र और उसके उत्तर उपलब्ध कराए गए थे. हजारीबाग से लीक हुआ पेपर बिहार समेत कई राज्यों तक पहुंचा था, जिसके बाद कई छात्रों, अभिभावकों और दलालों की गिरफ्तारी हुई. वहीं, ओएसिस स्कूल के प्रिंसिपल एहसानुल हक और वाइस प्रिंसिपल इम्तियाज आलम को गिरफ्तार किया था. ओएसिस स्कूल के प्रिंसिपल एहसानुल हक उस समय हजारीबाग में हो रहे नीट परीक्षा के लिए सिटी कोऑर्डिनेटर भी थे. हजारीबाग कांड की यादें ताजा2024 के इस मामले ने देशभर में NEET परीक्षा की पारदर्शिता और सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए थे. मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा और केंद्र सरकार को जांच CBI को सौंपनी पड़ी थी. अब 2026 में फिर परीक्षा रद्द होने के बाद हजारीबाग कांड की यादें एक बार फिर ताजा हो गई हैं. About the Author Amita kishor न्यूज़18इंडिया में कार्यरत हैं. आजतक से रिपोर्टर के तौर पर करियर की शुरुआत फिर सहारा समय, ज़ी मीडिया, न्यूज नेशन और टाइम्स इंटरनेट होते हुए नेटवर्क 18 से जुड़ी. टीवी और डिजिटल न्यूज़ दोनों विधाओं में काम करने क…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Ranchi,Jharkhand Source link

झारखंड

मधुपुर पुलिस ने कुख्यात अपराधी कोल्हा यादव धराया:चोरी की कोशिश करते पकड़ा,...

देवघर जिले के मधुपुर अनुमंडल पुलिस ने अपराध नियंत्रण अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल करते हुए कुख्यात अपराधी कोल्हा यादव को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, देर रात नियमित गश्ती के दौरान पुलिस टीम रेलवे न्यू कॉलोनी इलाके में निगरानी कर रही थी। इसी दौरान एक व्यक्ति संदिग्ध हालत में लोहे की रॉड लेकर घूमता नजर आया। पुलिस वाहन को अपनी ओर आता देख वह भागने लगा। गश्ती दल ने तत्परता दिखाते हुए उसका पीछा किया और कुछ दूरी पर उसे दबोच लिया। अपराधी पर पूर्व से कई मामले दर्ज गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में आरोपी की पहचान डंगालपाड़ा निवासी 59 वर्षीय कोल्हा यादव के रूप में हुई। तलाशी के दौरान उसके पास से चोरी की वारदात में इस्तेमाल होने वाले उपकरण भी बरामद किए गए। प्रारंभिक पूछताछ में यह सामने आया कि वह रेलवे न्यू कॉलोनी क्षेत्र में चोरी की घटना को अंजाम देने की फिराक में था। पुलिस रिकॉर्ड खंगालने पर पता चला कि आरोपी के खिलाफ मधुपुर सहित जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में चोरी, लूटपाट और आर्म्स एक्ट के तहत दो दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं। लंबे समय से वह अपराध की दुनिया में सक्रिय रहा है। पुलिस को उसकी तलाश थी। अन्य मामलों के खुलासे की उम्मीद पुलिस अधिकारियों ने इस गिरफ्तारी को महत्वपूर्ण सफलता बताया है। उनका कहना है कि कोल्हा यादव की गिरफ्तारी से क्षेत्र में आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगेगा। साथ ही, आरोपी से पूछताछ के आधार पर अन्य आपराधिक घटनाओं का भी खुलासा होने की संभावना है। गिरफ्तारी के बाद आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि क्षेत्र में अपराध नियंत्रण के लिए अभियान आगे भी जारी रहेगा। Source link

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सियार के हमले से ग्रामीणों में दहशत:वन विभाग ने परिजनों को 50...

पाकुड़ मुफ्फसिल थाना क्षेत्र में सियार के हमले से एक तीन माह की बच्ची की मौत हो गई है। इस घटना के बाद सियार के बढ़ते आतंक से ग्रामीण दहशत में हैं और वन विभाग हरकत में आ गया है। डीएफओ सौरभ चंद्रा के निर्देश पर रेंजर बबलू देहरी अपनी टीम के साथ प्रभावित गांव पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों से घटना की जानकारी ली और मृतक बच्ची के पिता को 50 हजार रुपए का चेक सौंपा। इसके अतिरिक्त, सियार के हमले में घायल हुए दो अन्य लोगों को भी पांच हजार रुपए का चेक दिया गया। रेंजर बबलू कुमार ने बताया कि सियार को पकड़ने के लिए ट्रैप लगाए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में रात के समय गश्त भी की जाएगी ताकि ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के रहसपुर, लखीनारायणपुर सहित कई गांवों में लगभग 300 से 400 सियार डेरा डाले हुए हैं। ये सियार लगातार गांव के मवेशियों और बच्चों को निशाना बना रहे हैं, जिससे ग्रामीण काफी भयभीत हैं। लखीनारायणपुर गांव में एक तीन माह की बच्ची की मौत सियार के हमले में हुई है, जबकि अब तक कुल 5 से 6 बच्चे घायल हो चुके हैं। ग्रामीणों के अनुसार, सियार कई मवेशियों को भी अपना शिकार बना चुके हैं। बताया जा रहा है कि सियार गांव के बाहरी इलाकों में डेरा डाले हुए हैं और रात में बाहर निकलकर मुर्गे-मुर्गियों और बकरियों को निशाना बनाते हैं। मौका मिलने पर वे छोटे बच्चों पर भी हमला कर देते हैं। सियार के आतंक की खबर लगातार सुर्खियों में बनी हुई है। वन प्रमंडल की टीम ने प्रभावित गांवों का दौरा कर ग्रामीणों से विस्तृत जानकारी ली और सियार के संभावित ठिकानों का भी निरीक्षण किया। वन विभाग की टीम आज रात भी लखीनारायणपुर में गश्त और निगरानी करेगी। Source link

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एक बीघा में 1500 की लागत और 20000 का मुनाफा, लौकी की...

Last Updated:May 13, 2026, 13:13 IST Baraich news: बदरुल किसान ने बताया है एक बीघे में लागत बस 1500 रुपए तक आती है और मुनाफा 20000 रुपये का आराम से हो जाता है. बस इसमें लौकी के पौधों को लाइन से लाइन में लगाना होता है कियारी बनाकर. सबसे पहले खाद डालकर बिजाई कर दी जाती है इसके बाद जब पौधा निकलने लगता है. तब एक बार फिर से निराई गुड़ाई करके खाद डालकर छोड़ दिया जाता है साथ में पानी, इस तरह से दो से तीन बार निराई, गुड़ाई करनी होती है और पानी देना होता है. बहराइच: खेती करने वाले बहुत सारे किसान ऐसे हैं जो खेती से करके लखपति बन गए हैं. बस किसान को सही तरीके से खेती में सही फसल का चुनाव और फिर फसलों की सही देखरेख करनी होती है. ऐसे ही बहराइच जिले के रहने वाले बदरुल नाम के एक किसान है, जो लगभग एक अरसे से इस खास सब्जी की खेती कर 10 गुना मुनाफा बड़े आराम से कमाते आ रहे हैं. लौकी की खेती से होती है बंपर कमाई बहराइच जिले में हुजूरपुर रोड के किनारे बसा हुआ गांव बहादुरपुर, जहां के रहने वाले किसान बदरुल पिछले कई सालों से लौकी की खेती करके 10 गुना मुनाफा बड़े आराम से उठने आ रहे हैं बादल का कहना है अगर लौकी की खेती सही तरीके से की जाए तो लौकी किसानों को मालामाल बना देती है. क्योंकि इसमें बहुत ज्यादा देखरेख करने की जरूरत नहीं होती है बस खाद पानी दिया और अपने आप ग्रोथ चालू और फिर इसमें फलन भी अच्छी होती है. एक बीघा में 1500 की लागत, कमाई 20000 हजार बदरुल किसान ने बताया है एक बीघे में लागत बस 1500 रुपए तक आती है और मुनाफा 20000 रुपये का आराम से हो जाता है. बस इसमें लौकी के पौधों को लाइन से लाइन में लगाना होता है कियारी बनाकर. सबसे पहले खाद डालकर बिजाई कर दी जाती है इसके बाद जब पौधा निकलने लगता है. तब एक बार फिर से निराई गुड़ाई करके खाद डालकर छोड़ दिया जाता है साथ में पानी, इस तरह से दो से तीन बार निराई, गुड़ाई करनी होती है और पानी देना होता है. इसके बाद लौकी का पौधा अपने आप ही चलने लगता है और फल फूल देने लगता है. और फिर लौकी तैयार होने पर जैसे-जैसे लौकी तैयार होती जाती है इसे मुनाफा मिलते जाता है. अगर किसान पहली बार लौकी की खेती शुरू कर रहे हैं और जानकारी नहीं है तो हमारे किसान भाई जिले में स्थित कृषि विज्ञान केंद्र पर जाकर लौकी से संबंधित बीज या अन्य खेती संबंधित जानकारी प्राप्त कर सकते हैं जहां पर उनको सफल खेती की संपूर्ण जानकारी दी जाती है. About the Author Rajneesh Kumar Yadav मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Bahraich,Uttar Pradesh Source link

झारखंड

रांची ट्रेड मेले में 3-इन-1 का पलंग, सोफा, बेड और स्टोरेज एक...

Last Updated:May 13, 2026, 07:15 IST Ranchi Trade Mela Harmu Ground: झारखंड की राजधानी रांची के मेले में खासतौर पर एक पलंग आई हुई है, जो लोगों को खूब भा रही है. इसका आप सोफा बना सकते हैं. इसको बेड भी बना सकते हैं या फिर स्टोरेज की तरह इसको इस्तेमाल कर सकते हैं और अच्छा खासा सामान रख सकते हैं. यानी की एक ही चीज से 3 तरह से इस्तेमाल कर सकते हैं. खासतौर पर बैचलर के बीच यह काफी हिट हो रहा है. आइये जानते हैं इसके बारे में. रांची के मेले में कोलकाता से लेकर आए सुदेश बताते हैं कि वह पश्चिम बंगाल से आये हैं और इसका 15 से 20 डिलीवरी यहां पर कर भी चुके हैं, जो अकेले रहते हैं घर में या फिर जो बैचलर हैं, जिनके घर छोटे हैं. ऐसे लोगों के बीच यह काफी डिमांड में है. इसकी कीमत 39000 रुपए है और यह टीक की लकड़ी से बनी हुई है. मतलब 20 साल की वह इसकी गारंटी देते हैं. यह आराम से बिना टूटे सालों साल तक चलने वाली है. यह मजबूत लकड़ी की बनी हुई है और बढ़िया पालिश की गई है. अगर आप आर्डर करते हैं तो हम एक बार फिर से इसे पॉलिश करेंगे. इसके बाद आपके घर पहुंचा देंगे. इसके बाद सेट करेंगे. इसमें स्टोरेज के लिए दो बड़े-बड़े बॉक्स दिए गए हैं. आराम से इसके अंदर सामान रखकर लॉक कर सकते हैं. इसके अलावा रात में सोना है, तो इसे पलंग बना लीजिए. सिर्फ सिंगल ही नहीं, यह डबल बेड का पलंग बनेगा, जिसमें आराम से दो से तीन लोग सो सकते हैं. वहीं, अगर कोई गेस्ट है तो इसको सोफा सेट बना लीजिए. अगर आप अकेले सोना पसंद करते हैं तो आप सिंगल सोफे सेट जैसे तरीके में भी आराम से सो सकते हैं. यानी सिंगल या डबल दोनों कर सकते हैं जो आपको पसंद हो. Add News18 as Preferred Source on Google बता दें कि इस पलंग को देखने वालों की भीड़ लग रही है. भले ही लोगों को खरीदना हो या नहीं, लेकिन, एक बार रुक कर इस पलंग को जरूर देख रहे हैं कि आखिर क्या खास बात है. सुदेश बताते हैं कि अभी और बुकिंग आ रही है. यहां से जा रही नेहा बताती हैं कि वह अकेले रहती हैं. ऐसे में यह मेरे लिए परफेक्ट है. उन्होंने इसकी एक एडवांस बुकिंग कराई है. यह अधिक स्पेस घर में नहीं लेती और एक ही चीज से दो से तीन काम हो जाता है. अगर आप यह देखना चाहते हैं तो आ जाइए रांची के ट्रेड फेयर मेला में जो कि हरमु मैदान में 10 मई तक लगा हुआ है. इसका समय दोपहर के 3 से लेकर रात के 10:00 बजे तक रहता है. Source link

झारखंड

झारखंड के पूर्व मंत्री माधव लाल सिंह का निधन:गोमिया से चार बार...

झारखंड के पूर्व मंत्री और गोमिया विधानसभा क्षेत्र के वरिष्ठ नेता माधव लाल सिंह का बुधवार सुबह निधन हो गया। वे पिछले कुछ दिनों से बीमार चल रहे थे। तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें बोकारो के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां से गंभीर हालत में रांची रेफर किया गया। रांची के पल्स अस्पताल में इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर फैलते ही गोमिया समेत पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। समर्थकों, सामाजिक संगठनों और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। चार बार विधायक रहे, जननेता के रूप में बनाई पहचान माधव लाल सिंह गोमिया विधानसभा क्षेत्र से चार बार विधायक चुने गए थे। उन्होंने अविभाजित बिहार और बाद में झारखंड सरकार में मंत्री के रूप में भी अपनी सेवाएं दीं। लंबे समय तक वे क्षेत्रीय राजनीति के प्रमुख चेहरों में शामिल रहे। उनकी पहचान एक ईमानदार और जमीनी जननेता के रूप में थी, जो हमेशा जनता के मुद्दों को प्राथमिकता देते थे। उन्होंने विकास कार्यों के साथ-साथ जनसरोकारों से जुड़े विषयों पर सक्रिय भूमिका निभाई और लोगों के बीच मजबूत पकड़ बनाए रखी। दशकों तक राजनीति में रहा प्रभाव गोमिया विधानसभा क्षेत्र की राजनीति पर उनका प्रभाव कई दशकों तक कायम रहा। वर्ष 1977 से 2014 तक गोमिया की राजनीति मुख्य रूप से माधव लाल सिंह और छत्रुराम महतो के इर्द-गिर्द घूमती रही। इस दौरान उन्होंने कई स्थानीय मुद्दों पर आंदोलन का नेतृत्व किया और जनता की आवाज को मजबूती से उठाया। उनके निधन को झारखंड की राजनीति के लिए अपूरणीय क्षति माना जा रहा है। क्षेत्र के लोगों के बीच वे एक सहज, सुलभ और संघर्षशील नेता के रूप में हमेशा याद किए जाएंगे। Source link

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जामताड़ा में साइबर ठगों पर कार्रवाई:गेमिंग ऐप और KYC के नाम पर...

जामताड़ा साइबर थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए गेमिंग ऐप और KYC अपडेट के नाम पर लोगों से ठगी करने वाले दो साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक शंभू कुमार सिंह को मिली गुप्त सूचना के आधार पर की गई। साइबर थाना के पुलिस निरीक्षक फारूक के नेतृत्व में गठित टीम ने फतेहपुर थाना क्षेत्र के बनगड़ी गांव और कर्माटांड़ थाना क्षेत्र के डुमरिया स्थित पलाश झुंड में छापेमारी की। इस दौरान दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार अपराधियों की पहचान गुलाम मोहम्मद (30 वर्ष) और मोहम्मद मकबूल अंसारी (31 वर्ष) के रूप में हुई है। पुलिस इस कार्रवाई को साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता मान रही है। मोबाइल और सिम कार्ड बरामद गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से 7 मोबाइल फोन और 9 सिम कार्ड बरामद किए हैं। हेडक्वार्टर डीएसपी संजय कुमार सिंह ने बताया कि आरोपी सुनियोजित तरीके से लोगों को ठगी का शिकार बनाते थे। वे गेमिंग ऐप के ग्राहकों को कॉल कर रिचार्ज और कूपन के नाम पर झांसा देते थे। इसके अलावा, आरोपी लोगों को विभिन्न बैंकों के ऐप डाउनलोड करवाकर उनके खातों तक पहुंच बना लेते थे और फिर पैसे निकाल लेते थे। इतना ही नहीं, वे खुद को जियो कस्टमर केयर का कर्मचारी बताकर KYC अपडेट कराने और आकर्षक रिचार्ज ऑफर का लालच देकर भी लोगों से ठगी करते थे। पुलिस का कहना है कि आरोपी लंबे समय से इस तरह की गतिविधियों में संलिप्त थे। न्यायिक हिरासत में भेजे गए आरोपी दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। इस संबंध में साइबर थाना कांड संख्या 25/26 दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अब साइबर ठगी के मामलों में पहले से जेल जा चुके हैं। अपराधियों को निगरानी समिति के दायरे में लाया जाएगा और उन पर कड़ी नजर रखी जाएगी। पुलिस का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी, ताकि साइबर अपराध पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सके और आम लोगों को ठगी से बचाया जा सके। Source link

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Thalapathy Vijay | Thalapathy Vijay TVK Wins Floor Test | थलापति विजय...

Thalapathy Vijay TVK: थलापति विजय को जिसका था इंतजार था वही हुआ है. तमिलनाडु में एक्टर विजय बड़ी खुशखबरी मिल गई. सब उनकी टीवीके का लोहा मान गए. तमिलनाडु विधानसभा में आज यानी बुधवार को TVK की मुराद पूरी हो गई. गठबंधन के दम पर थलापति विजय ने अपना सिक्का जमा दिया. थलापति विजय का खुशखबरी तो स्टालिन की पार्टी डीएमके मुंह ताकती रह गई. जी हां, तमिलनाडु विधानसभा में थलापति विजय ने अपनी पहली अग्निपरीक्षा पास कर ली है. तमिलनाडु में टीवीके सरकार को बहुमत से काफी अधिक 144 विधायकों का समर्थन मिल गया है. दरअसल, थलापति विजय की सियासी एंट्री ब्लॉकबस्टर साबित हो रही है. तमिलनाडु में एक्टर विजय ने कमाल कर दिया है. चुनाव में पहले टीवीके को सबसे बड़ी जीत दिलाई. फिर गठबंधन वाली सरकार बना ली. अब तो थलापति विजय ने डंके की चोट पर पहली अग्निपरीक्षा पासर भी कर ली है. कांग्रेस, आईयूएमएल, वीसीके, सीपीआई और सीपीएम की मदद से टीवीके ने तमिलनाडु विधानसभा में अपना बहुमत साबित कर दिया. टीवीके सरकार को अब 144 विधायकों का समर्थन है. इसका मतलब है कि एआईडीएमके के एक गुट ने भी विजय का साथ दिया है. तमिलनाडु विधासनभा फ्लोर टेस्ट में आज क्या हुआ?दरअसल, तमिलनाडु की नई बनी सरकार, ‘तमिलगा वेट्री कझगम’ (TVK) ने आज विधानसभा में अपना बहुमत साबित कर दिया. थलापति विजय ने 144 वोटों के साथ फ्लोर टेस्ट जीत लिया. इसमें AIADMK के 25 बागी विधायकों ने भी TVK के पक्ष में वोट दिया. एआईडीएमके के 22 विधायकों ने TVK के खिलाफ वोट दिया और पांच विधायक तटस्थ रहे. वहीं, कांग्रेस, VCK, IUML और वामपंथी दलों ने विजय को समर्थन दिया. क्यों बड़ी है यह खुशखबरी?दरअसल, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली तमिलगा वेट्री कझगम (टीवीके) सरकार के लिए आज का दिन अहम था. आज यानी बुधवार को थलापति विजय की टीवीके सरकार ने तमिलनाडु विधानसभा में एक अहम विश्वास मत का सामना किया. अगर फ्लोर टेस्ट में पास नहीं होते तो विजय की सरकार गिर जाती. ऐसे में एआईएडीएमके के भीतर बढ़ती फूट के बीच सत्ताधारी गठबंधन अपना बहुमत साबित करने में सफल रहा. गौरतलब है कि हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनावों में विजय के नेतृत्व वाली टीवीके 234 सदस्यों वाली विधानसभा में 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी थी. बहुमत का आंकड़ा कितना था हालांकि, पार्टी बहुमत के आंकड़े 118 से पीछे रह गई थी. इससे सरकार गठन को लेकर अनिश्चितता पैदा हो गई थी. बाद में रविवार को कांग्रेस, सीपीआई, सीपीआई(एम), वीसीके और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के समर्थन से विजय ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. इसके बाद सत्ताधारी पार्टी की संख्या घटकर 107 रह गई, जब विजय ने उन दो विधानसभा सीटों में से एक तिरुची ईस्ट से इस्तीफा दे दिया. कार्यवाहक राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने नई सरकार को बुधवार तक सदन के पटल पर अपना बहुमत साबित करने का निर्देश दिया था. DMK ने फ्लोर टेस्ट का बहिष्कार कियाविपक्ष के नेता और DMK विधायक उदयनिधि स्टालिन ने कहा कि उनकी पार्टी फ्लोर टेस्ट में वोटिंग से दूर रहेगी. स्टालिन ने कहा कि जिन लोगों ने आपको वोट दिया था, अब उन्हें ही लगने लगा है कि उन्होंने एक बहुत बड़ी गलती कर दी है. हम यानी DMK, सदन से वॉकआउट कर रहे हैं और वोटिंग में हिस्सा नहीं लेंगे. एक धर्मनिरपेक्ष सरकार होनी चाहिए. लगभग 65% लोगों ने विजय को मुख्यमंत्री के तौर पर नकार दिया है. उनमें से ज़्यादातर लोगों ने उन्हें वोट नहीं दिया. लोग अब यही सोच रहे हैं कि यह सरकार आखिर कब तक चलेगी. सरकार ‘हॉर्स-ट्रेडिंग में नहीं, बल्कि घोड़े की रफ्तार से काम कर रही है’: विजयतमिलनाडु विधानसभा में बोलते हुए मुख्यमंत्री विजय ने उन सभी सहयोगी दलों का धन्यवाद किया जिन्होंने उनकी सरकार को अपना समर्थन दिया. उन्होंने आगे कहा कि पिछली सरकार की सभी योजनाएं जारी रहेंगी. उन्होंने यह भी कहा कि यह कोई ‘हॉर्स-ट्रेडिंग’ (खरीद-फरोख्त) वाली सरकार नहीं है, बल्कि एक ऐसी सरकार है जो घोड़े की रफ़्तार से आगे बढ़ रही है. Source link

झारखंड

Ranchi Popular Street Food: पिज्जा-मोमो, चाट-चाइनीज इस बाजार में है हर किसी...

होमफोटोलाइफ़फूड पिज्जा-मोमो, चाट-चाइनीज इस बाजार में है हर किसी के स्वाद का इंतजाम, दाम कम Last Updated:May 13, 2026, 07:30 IST Ranchi Popular Street Food: रांची में हैं और यहां का फेमस स्ट्रीट फूड ट्राई करना चाहते हैं तो मोराहाबादी ग्राउंड के पास आ जाइये. यहां आपको खाने की इतनी वैरायटी मिलेंगी कि आप कंफ्यूज हो जाएंगे, क्या खाएं, क्या छोड़ें. मीठे से लेकर तीखे तक यहां हर किसी के स्वाद का इंतजाम है. शाम के समय लोग ग्राउंड में बच्चे डांस करते हैं, लोग इवनिंग वॉक करते हैं और वेंडर्स स्टॉल भी लगाते हैं. गपशप के बीच ₹40 की भेलपुरी लेकर आप अपने लेजर टाइम को यादगार बना लेते हैं. इतनी ठंडी हवा, खूबसूरत सड़क यहां पर खासतौर पर युवाओं का जमावड़ा लगा रहता है. क्योंकि, एक तो युवाओं को पॉकेट मनी कम मिलती है और इसी कम पॉकेट मनी में वे यहां चार से पांच चीजें आराम से खा सकते हैं. अगर आप रांची के पॉपुलर फूड्स खाना चाहते हैं, खासतौर पर स्ट्रीट फूड वह भी एकदम बजट के रेट में तो आ जाइए रांची के मोरहाबादी ग्राउंड के पास. यहां पर शाम के 5:00 के बाद आपको एक से बढ़कर एक स्टॉल देखने को मिलेंगे. केक से लेकर स्प्राउट्स, सलाद, गोलगप्पे, पिज़्ज़ा, बर्गर, झालमुरी, सब कुछ एक ही जगह. चूंकी ये एरिया भी बहुत ही सुंदर है इसलिए लोग यहां पर घूमने और खाने के लिए आते हैं. यहां पर गोलगप्पे से लेकर मात्र ₹90 का हैवी लोडेड पिज़्ज़ा देखने को मिलेगा, तो वही ₹40 में एकदम स्पेशल वाला डोसा खाने को मिलेगा. डोसा बनाते हुए सुनील बताते हैं मात्र 3 घंटे के अंदर मैं 150 डोसा की बिक्री कर देता हूं. हर दिन एक निर्धारित समय पर आता हूं और सब कुछ आउट ऑफ स्टाफ हो जाता है, ₹40 का है तो बच्चे भी आसानी से अफोर्ड कर लेते हैं. Add News18 as Preferred Source on Google यहां पर केक का स्टॉल लगाने वाले पवन बताते हैं मैं अपने घर में केक बनाता हूं, चीज केक से लेकर 25 तरह के फ्लेवर हमारे पास उपलब्ध हैं और ये सब यहां पर स्टाल लगाकर बेचने का काम करता हूं. सब कुछ 2 घंटे में आउट ऑफ स्टॉक हो जाता है. लोग इतना पसंद करते हैं कि एक दिन न रहू तो फोन करके पूछते हैं कि आप कहां हो. यहां की खास बात यह है कि आप एक ही जगह बहुत सारी चीज टेस्ट कर पाएंगे. चाऊमीन से लेकर चाट तक, यहां का सब फेमस है. चाऊमीन आराम से ₹30 प्लेट आपको मिल जाएगी. साथ में चिल्ली पनीर ऐड करेंगे तो ₹20 और होंगे. ऐसे में अगर आप ₹500 में ही पार्टी करना चाहते हैं अपने दोस्तों के साथ तो यहां जरूर आइये. इतने में 4 से 5 आइटम का आराम से लुफ्त उठा सकते हैं. यहां की खास बात यह है कि महिलाएं और लड़कियां अपने घर से कुछ यूनिक आइटम बनाकर लाती हैं और एक छोटा सा टेबल लगा देती हैं और बेचने का काम करती हैं. ऐसे में आपको हर दिन कोई ना कोई यूनिक प्रोडक्ट देखने को मिलता है. जैसे कि कभी आपको ₹30 वनीला कस्टर्ड देखने को मिलेगा तो कभी मैंगो वाला. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। Source link

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