BEL Army Radar Device | Enemy Detection 7 May Current Affairs
25 मिनट पहले कॉपी लिंक जानते हैं आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं… 1. क्लेयर मजूमदार बायोकॉन की नई चेयरपर्सन होंगी 6 मई को बायोफार्मास्युटिकल कंपनी बायोकॉन की फाउंडर और चेयरपर्सन किरण मजूमदार शॉ ने अपनी भांजी क्लेयर मजूमदार को उत्तराधिकारी बनाया। फॉर्च्यून इंडिया को दिए एक इंटरव्यू में किरण ने कहा कि क्लेयर कंपनी के अगले फेज को लीड करेंगी। क्लेयर मजूमदार फिलहाल ‘बिकारा थेरेप्यूटिक्स’ की फाउंडर और CEO हैं। बिकारा का मार्केट कैपिटलाइजेशन 1.6 बिलियन डॉलर से ज्यादा है। क्लेयर ने MIT और स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की है और उन्होंने कैंसर बायोलॉजी में पीएचडी की है। क्लेयर रिले थेरेप्यूटिक्स और नूरा हेल्थ के बोर्ड में भी कार्यरत हैं, जो परिवार के केयर टेकर्स को ट्रेनिंग देकर रोगियों के बेहतर सुधार लाने के लिए काम करती है। बायोकॉन की स्थापना 1978 में किरण मजूमदार ने की थी, इसका हेडक्वाटर्र बेंगलुरू में हैं। बायोकॉन मुख्य रूप से बायोसिमिलर्स, इंसुलिन, जेनेरिक फॉर्मूलेशन बनाती है। बायोकॉन 120 से ज्यादा देशों में काम करती है, जिसमें यूएस और नॉर्थ अमेरिका मुख्य हैं। किरण मजूमदार (दाएं) शॉ ने चार दशक पहले बायोकॉन की नींव रखी थी, उनकी अपनी कोई संतान नहीं है। क्लेयर मजूमदार (बाएं) उनकी भांजी हैं। 2. कुमार मंगलम बिड़ला Vi के नॉन-एग्जीक्यूटिव चेयरमैन बने 5 मई को वोडाफोन-आइडिया (Vi) के बोर्ड ने कुमार मंगलम बिड़ला को कंपनी का नॉन-एग्जीक्यूटिव चेयरमैन का पद दिया। कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंज को दी जानकारी में कुमार मंगलम बिड़ला के नाम की जानकारी दी। वर्तमान चेयरमैन रविंद्र टक्कर के पद छोड़ने के बाद कुमार मंगलम को अपॉइंट किया गया है। रविंद्र टक्कर अब बोर्ड में सिर्फ नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के पद पर रहेंगे। कुमार मंगलम अपने पिता आदित्य विक्रम बिड़ला की मौत के बाद 1995 में आदित्य बिरला ग्रुप से जुड़े थे। कुमार मंगलम चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं और लंदन बिजनेस स्कूल से उन्होंने MBA किया है। 2012 में फोर्ब्स ने कुमार मंगलम को आंत्रप्रन्योर ऑफ द ईयर अवॉर्ड दिया। 2020 में में फोर्ब्स ने कुमार मंगलम को भारत के सबसे अमीर लोगों की सूची में शामिल किया। कुमार मंगलम को 2023 में भारत सरकार ने बिजनेस में योगदान के लिए पद्म भूषण से सम्मानित किया है। वोडाफोन आइडिया लिमिटेड (Vi ) वोडाफोन आइडिया लिमिटेड को Vi के नाम से जाना जाता है, वोडाफोन इंडिया और आइडिया के मर्जर से 2018 में बनी एक प्रमुख टेलिकॉम कंपनी है। ये पूरे भारत में मोबाइल और ब्रॉडबैंड सर्विस देती है। देश के सबसे बड़े दूरसंचार ऑपरेटरों में से एक है। इसका हेडक्वाटर्र मुंबई में है। हाल ही में टेलीकॉम विभाग (DoT) ने वोडाफोन-आइडिया के एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू (AGR) में करीब 20,000 करोड़ रुपए की कटौती की है। कुमार मंगलम के चेयरमैन बनने की खबर के बाद कंपनी के शेयर 8% चढ़ चुके हैं। 3. इंडियन आर्मी और BEL ने 1476 करोड़ का MoU साइन किया 5 मई को रक्षा मंत्रालय ने इंडियन आर्मी के लिए पांच ग्राउंड-आधारित मोबाइल इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम की खरीद के लिए भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL), हैदराबाद के साथ 1,476 करोड़ के MoU पर साइन किया। नई दिल्ली के कर्तव्य भवन-2 में डिफेंस सेक्रेटरी राजेश कुमार सिंह की उपस्थिति में ये MoU साइन किया गया। MoU के तहत, इंडियन आर्मी के लिए 5 ग्राउंड-बेस्ड मोबाइल इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम (GBMES) की खरीद होगी। इस MoU के तहत GBMES को बनाने में 72% स्वदेशी सामाग्री इस्तेमाल होगी। GBMES दुश्मन के राडार का पता लगाने में मदद करेंगे और सिग्नलस को एनालाइज करेंगे। GBMES रियल टाइम इंटेलिजेंस और परस्थिति के अनुकूल काम कर सकेगा। GBMES एयर डिफेंस और इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर कैपिसिटी को बढ़ाने में मदद करेगा। GBMES से मिलिट्री कैपिसिटी, नेटवर्किंग और युद्ध क्षमता बढ़ेगी। GBMES एक जगह से दूसरी जगह ले जाने में आसान होगा। ये ट्रक के जरिए तेजी से अलग-अलग जगह तैनात किया जा सकेगा। GBMES इंडियन आर्मी को मॉर्डन बनाएगा और एडवांस टेक्नोलॉजी के साथ उन्नत इलेक्ट्रॉनिक प्रणालियों के साथ अपग्रेड करेगा। GBMES आत्मनिर्भर भारत को बढ़ावा देगा। ये घरेलू डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देगा जिससे आयात निर्भरता कम होगी। 4. केंद्रीय मंत्रिमंडल ने सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ाने की मंजूरी दी 5 मई को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने संसद में सुप्रीम कोर्ट (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक, 2026 पेश करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। नई दिल्ली में एक प्रेस ब्रीफिंग को संबोधित करते हुए, सूचना और प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसकी जानकारी दी। यदि विधेयक पास हो जाता है तो भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) को छोड़कर, सुप्रीम कोर्ट में जजों की स्वीकृत संख्या को वर्तमान 33 से बढ़ाकर 37 कर दिया जाएगा। केंद्रीय मंत्रीमंडल सुप्रीम कोर्ट (न्यायाधीशों के अधिनियम, 1956) में संशोधन करना चाहता है। सुप्रीम कोर्ट में 70 हजार से ज्यादा पेंडिंग मामले हैं उनका बैकलॉग कम हो सकेगा। जजों के बढ़ने से एक साथ ज्यादा बेंचें बैठ सकेंगी। नए जजों की नियुक्ति कॉलेजियम सिस्टम के जरिए की जाएगी कॉलेजियम में शामिल-1. भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI)2. सीनियर सुप्रीम कोर्ट जज3. भारत के राष्ट्रपति द्वारा औपचारिक नियुक्ति सुप्रीम कोर्ट एक्ट 1956 सुप्रीम कोर्ट (जजों की संख्या) 1956 अधिनियम भारतीय संविधान के अनुच्छेद 124(1) के अंतर्गत आता है। इसे 16 सितंबर 1956 को संसद में पारित किया गया था। अधिनियम के मुताबिक, मुख्य न्यायाधीश को छोड़कर, सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या को विनियमित किया जा सकता है और बढ़ाया भी जा सकता है। 1956 में इस अधिनियम के लागू होने पर सुप्रीम कोर्ट में मुख्य न्यायाधीश के अलावा जजों की संख्या 10 तय की गई थी। इसमें कई बार संशोधन भी किया गया है, 2019 में इसमें आखिरी बार संशोधन किया गया था। 5. UIDAI ने नेशनल फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी के साथ MoU साइन किया 5 मई को भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) और नेशनल फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी (NFSU)के साथ 5 साल के लिए एक MoU साइन किया। ये पार्ट्नर्शिप डिजिटल फोरेंसिक, साइबर सिक्योरिटी और बेहतर टेक्नोलॉजी रिसर्च के क्षेत्र में काम करने के लिए की गई है। इलेक्ट्रॉनिक्स और IT मंत्रालय ने कहा कि MoU सहयोग के लिए एक बेहतर स्ट्रक्चर तैयार किया जाएगा। ये समझौता AI (आर्टिफिशयल इंटेलिजेंस), ब्लॉकचेन, डीपफेक डिटेक्शन और क्रिप्टोग्राफिक टेक्नोलॉजी के लिए जॉइंट रिसर्च करेगा। ये MoU छह स्ट्रेटजिक पिलर एकेडमिक








