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झारखंड

15 से 30 मई तक पेंशन लाभुकों का होगा सत्यापन

रांची जिले में वृद्धावस्था, विधवा एवं अन्य सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं में गड़बड़ी करने वाले लाभुकों पर अब कार्रवाई करने के लिए बड़े पैमाने पर अभियान चलाया जाएगा। ऐसे लाभुकों का नाम काटा जाएगा। साथ ही जितने दिन पेंशन लिया गया है, उसकी वसूली भी की जाएगी। इसके लिए जिला प्रशासन द्वारा 15 से 30 मई तक पूरे जिले में विशेष सत्यापन अभियान चलाया जाएगा। जिला सामाजिक सुरक्षा के सहायक निदेशक ने स्पष्ट किया है कि यदि सत्यापन के दौरान कोई लाभुक अपात्र पाया जाता है या जानकारी गलत मिलती है, तो उसका पेंशन कार्ड रद्द कर दिया जाएगा। कोषांग ने सभी पेंशनधारियों से अपील की है कि वे निर्धारित अवधि में अपना भौतिक सत्यापन अनिवार्य रूप से करा लें, अन्यथा पेंशन बंद हो सकती है। गांव में पंचायत सचिव व शहर में राजस्व कर्मी करेंगे जांच ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायत सचिव एवं सहिया की मदद से लाभुकों का सत्यापन होगा, जबकि शहरी क्षेत्रों में राजस्व कर्मियों और अन्य कर्मचारियों की टीम घर-घर जाकर जांच करेगी। राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (एनएसएप-पीपीएस) पोर्टल से मिले आंकड़ों के आधार पर लाभुकों की पहचान की जाएगी। सत्यापन के दौरान लाभुकों की पात्रता, जीवित होने की स्थिति और अन्य आवश्यक दस्तावेजों की जांच होगी। Source link

झारखंड

The working style of the police station in-charges will improve, special training...

झारखंड पुलिस की कार्यप्रणाली को और प्रभावी, पारदर्शी और जनहितकारी बनाने के उद्देश्य से राज्यभर के थाने एवं ओपी प्रभारियों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत की गई है। अनुसंधान प्रशिक्षण विद्यालय, झारखंड, रांची में आयोजित इस प्रशिक्षण को 9 अलग . यह प्रशिक्षण 5, 7, 11, 14, 18, 21, 25, 28 और 29 मई 2026 को है, जिसमें राज्य के सभी जिलों के थाना और ओपी प्रभारी शामिल होंगे। कार्यक्रम का उद्देश्य पुलिस अधिकारियों की कार्यकुशलता बढ़ाना, आम जनता के साथ बेहतर व्यवहार सुनिश्चित करना और मामलों में त्वरित व निष्पक्ष कार्रवाई को मजबूती देना है। प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को पुलिस-जनता संबंध, मीडिया ब्रीफिंग के मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी), महिलाओं और बच्चों से जुड़े मामलों में बीएनएसएस के अनिवार्य प्रावधान, सर्च और सीजर की प्रक्रिया, एफएसएल टीम की भूमिका, अभियोजन से जुड़े प्रावधानों और सीसीटीएनएस से संबंधित कैप्सूल कोर्स की विस्तृत जानकारी दी जा रही है। इसमें जीडी की ऑनलाइन एंट्री, तय समयसीमा, जीरो एफआईआर और ई-साक्ष्य जैसे विषय शामिल हैं। इससे पहले कार्यक्रम का उद्घाटन मंगलवार को डीजीपी तदाशा मिश्र ने किया। मौके पर पुलिस महानिरीक्षक प्रशिक्षण ए. विजयालक्ष्मी, आईजी एसटीएफ अनूप बिरथरे, डीआईजी एसटीएफ इन्द्रजीत माहथा, डीआईजी एसआईबी संजीव कुमार, डीआईजी कार्मिक सुरेन्द्र झा आदि मौजूद थे । Source link

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Suvendu Adhikari PA Shot Death | Chandranath Rath Murder | सुवेंदु अधिकारी...

होमताजा खबरwest bengalKolkata लहूलुहान पड़े थे चंद्रनाथ, रो रहा था ड्राइवर… सुवेंदु के पीए को कैसे मारा गया? Last Updated:May 07, 2026, 02:41 IST Suvendu Adhikari PA Chandranath Rath Murder Case: पश्चिम बंगाल के मध्यमग्राम में सुवेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ की हत्या कर दी गई. 6 मई की रात घात लगाकर किए गए इस हमले में ऑस्ट्रियाई ग्लॉक पिस्टल का इस्तेमाल हुआ है. बीजेपी ने इसे सोची-समझी साजिश और सुवेंदु अधिकारी पर हमले की कोशिश करार दिया है. वहीं टीएमसी ने भी कोर्ट की निगरानी में सीबीआई जांच की मांग की है. Chandranath Rath Murder Case Details: सुवेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ की हत्या: मध्यमग्राम हत्याकांड की पूरी जानकारी. (Photo : PTI) Suvendu Adhikari PA Murder: पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और कद्दावर बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक (पीए) चंद्रनाथ रथ की सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी गई. वारदात उत्तर 24 परगना जिले के मध्यमग्राम में बुधवार (06 मई 2026) रात करीब सवा 10 बजे हुई. पुलिस की शुरुआती जांच और चश्मदीदों के बयान बताते हैं कि हमलावरों ने बाकायदा इलाके की रेकी की थी और एक सोची-समझी प्लानिंग के तहत इस हत्याकांड को अंजाम दिया. घटना उस वक्त हुई जब चंद्रनाथ अपने घर से महज 200 मीटर की दूरी पर थे. हमलावरों के पास विदेशी हथियार थे और उन्होंने जिस गाड़ी का इस्तेमाल किया, उस पर लगी नंबर प्लेट भी जाली पाई गई है. इस वारदात के बाद से मध्यमग्राम और आसपास के इलाकों में भारी तनाव है. बीजेपी ने आरोप लगाया है कि यह हमला सुवेंदु अधिकारी को डराने या शायद उन पर हमला करने की एक बड़ी साजिश का हिस्सा था. वहीं, अस्पताल पहुंचे सुवेंदु अधिकारी ने राज्य पुलिस की जांच पर अविश्वास जताते हुए सीबीआई जांच की मांग की है. बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ. (File Photo : PTI) मध्यमग्राम में बुधवार रात 10 बजे के बाद क्या-क्या हुआ? चंद्रनाथ रथ मर्डर केस की टाइमलाइन 6 मई की रात करीब 10:10 बजे : चंद्रनाथ रथ की स्कॉर्पियो जेसोर रोड स्थित मध्यमग्राम के दोहरिया इलाके में दाखिल हुई. चंद्रनाथ अपने एक साथी बुद्धदेव बेरा के साथ घर की ओर बढ़ रहे थे. रात 10:15 बजे : उनका घर सिर्फ 200 मीटर दूर था. तभी अचानक एक अनजान कार ने उनकी स्कॉर्पियो का रास्ता रोक लिया. जैसे ही गाड़ी की रफ्तार धीमी हुई, बाइक पर सवार हमलावरों ने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी. रात 10:20 बजे : गोलियों की आवाज सुनकर स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे. वहां का नजारा बेहद डरावना था. स्कॉर्पियो के भीतर चंद्रनाथ और बुद्धदेव खून से लथपथ पड़े थे. रात करीब 10:40 बजे : उन्हें पास के डाइवर्सिटी नर्सिंग होम ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने चंद्रनाथ को मृत घोषित कर दिया. उनके सीने के बाईं तरफ दो गोलियां लगी थीं. वहीं उनके साथी बुद्धदेव को तीन गोलियां लगी हैं, जिनकी हालत गंभीर बनी हुई है रात 11:30 बजे : घटना की खबर जंगल की आग की तरह फैली और वहां भारी पुलिस बल के साथ बीजेपी के बड़े नेता पहुंचने लगे. Suvendu Adhikari’s PA Shot Dead: सुवेंदु अधिकारी के पर्सनल असिस्टेंट चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या. 06 मई 2026 की रात कब क्या हुआ? (Infographics made with AI) Suvendu Adhikari PA Chandra Murder: चश्मदीद ने अपनी आंखों से क्या-क्या देखा? News18 इंडिया से बात करते हुए चश्मदीद सुशांत सरकार ने उस खौफनाक मंजर की पूरी कहानी बताई. सुशांत ने कहा कि उन्होंने घर के अंदर गोलियों की आवाज सुनी और बाहर भागे. जब वह मौके पर पहुंचे तो देखा कि एक स्कॉर्पियो खड़ी थी और उसका ड्राइवर बुरी तरह रो रहा था. ड्राइवर बार-बार कह रहा था, ‘सर, यह क्या हो गया!’ ड्राइवर ने बताया कि कुछ लोग गोलियां बरसाकर फरार हो गए हैं. सुशांत के मुताबिक, गाड़ी की दूसरी सीट पर बैठे शख्स (चंद्रनाथ) के शरीर से काफी खून निकल रहा था. वह उस वक्त जिंदा थे लेकिन कुछ बोल पाने की हालत में नहीं थे. उनके मुंह से बस हल्की आवाजें निकल रही थीं और सीना खून से लथपथ था. सुशांत और अन्य लोगों ने तुरंत ड्राइवर से कहा कि वह इन्हें लेकर अस्पताल भागे और उन्होंने खुद पुलिस को फोन किया. वारदात के समय हमलावर इतनी तेजी से आए और गए कि किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला. Source link

झारखंड

हीट वेव या किसी गंभीर बीमारी का असर, पशुओं के नाक से...

होमताजा खबरकृषि पशुओं के नाक से खून आना, हीट वेव का असर या दूसरी बीमारी का लक्षण, जानें बचाव Last Updated:April 26, 2026, 11:31 IST पशु चिकित्सक डॉ. अनिल कुमार बताते हैं कि नाक से खून आना कोई बीमारी नहीं, बल्कि एक लक्षण है, जिसके कई कारण हो सकते हैं सबसे प्रमुख कारण हीट स्ट्रेस और लू है, जिसमें नाक के अंदर मौजूद रक्त वाहिकाएं फैल जाती हैं और कई बार फटने से खून बहने लगता है. इसके अलावा पशुओं के बीच आपसी झगड़े या चोट लगने से भी नाक से रक्तस्राव हो सकता है. अन्य गंभीर कारणों में… ख़बरें फटाफट कैलाश कुमार गोप/बोकारो: गर्मियों के दिनों मे तेज धूप-गर्मी और लू के कारण शरीर का तापमान भी बिगड़ जाता है. यही वजह है कि डॉक्टर और बड़े-बुजुर्ग दोपहर में घर से निकलने के लिए मना करते हैं. इससे कई बार लोग हीट स्ट्रोक का शिकार हो जाते हैं. जैसे तेज ठंड से लोगों का हार्ट काम करना बंद कर देता है इसी तरह ज्यादा गर्मी में भी हार्ट दिक्कत कर सकता है. गर्मी इस कदर है कि थोड़ा भी लापरवाही हुई तो लोगों के और बच्चों के नाक से खून निकलने लगता है. इंसानों के साथ ही जानवरों में भी खासतौर से गाय भैंस में नाक से खून बहने की समस्या देखने को मिलती है.इससे पशुपालक काफी परेशान हो जाते हैं. इस बारे में बोकारो चास पेट क्लीनिक के पशु चिकित्सक डॉ अनिल कुमार ने गर्मियों में पशुओं के नाक से खून बहने की समस्या को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी दी है. उन्होंने बताया कि गाय या भैंस के नाक से खून आना कोई बीमारी नहीं, बल्कि एक लक्षण है, जिसके कई कारण हो सकते हैं. उन्होंने बताया कि सबसे प्रमुख कारण हीट स्ट्रेस और लू है क्योंकि अधिक गर्मी के कारण नाक के अंदर मौजूद रक्त वाहिकाएं फैल जाती हैं और नस फटने से खून बहने लगता है. इसके अलावा पशुओं के बीच आपसी झगड़े या चोट लगने से भी नाक से रक्तस्राव हो सकता है. इसकी पहचान पशुपालक आसानी से कर सकते हैं. तीसरा कारण बैक्टीरियल या वायरल संक्रमण है. इससे होने वाली कुछ बीमारियों में भी रक्त स्त्राव देखने को मिलता है. चौथा कारण परजीवी होते हैं, जो घास चरने के दौरान नाक में प्रवेश कर घाव बना देते हैं और गंभीर स्थिति में घाव के बड़ा होने के कारण लगातार नाक से रक्तस्राव होता है. कई बार लापरवाही के कारण अधिक खून बह जाने से पशु की मृत्यु भी हो जाती है. पांचवां कारण है नाक में गांठ या ट्यूमर होना है, जिससे घाव बढ़ने पर बार-बार खून बहने लगता है. इसलिए लगातार अंतराल में पशुचिकित्सक से पशु के स्वास्थ्य की जांच जरूर कराएं. ऐसे में किसी भी तरह के लक्षण दिखने पर सबसे पहले पशु चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए और जरूरी होने पर सबसे पहले ठंडा पानी और साफ कपड़ा गाय के नाक के सामने रखना चाहिए. इससे रक्त वाहिकाएं सिकुड़ती हैं और खून बहना कम होता है. इसके साथ ही पशु का सिर हल्का ऊपर रखना चाहिए ताकि रक्तस्राव कम हो. पशु को लू और धूप से बचाने के लिए छायादार और ठंडे स्थान का चयन करें और पीने के लिए ठंडा पानी उपलब्ध कराएं और संतुलित और पौष्टिक चारा दें, ताकि पशु जल्द स्वस्थ हो सके. About the Author Rajneesh Singh जी न्यूज, इंडिया डॉट कॉम, लोकमत, इंडिया अहेड, न्यूज बाइट्स के बाद अब न्यूज 18 के हाइपर लोकल सेगमेंट लोकल 18 के लिए काम कर रहा हूं. विभिन्न संस्थानों में सामान्य खबरों के अलावा टेक, ऑटो, हेल्थ और लाइफ स्टाइल बीट…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Bokaro,Jharkhand First Published : April 26, 2026, 11:31 IST Source link

व्यापार

15 हजार रुपये लगाकर 3 महीने में कमाएं 3 लाख रुपये, जानें...

होमताजा खबरमनी ₹15 हजार लगाकर 3 महीने में कमाएं ₹3 लाख, जानें कैसे करें इस बिजनेस को स्टार्ट Last Updated:September 30, 2021, 05:16 IST आजकल कई कंपनियां कॉन्ट्रैक्ट पर औषधियों की खेती करा रही है. इनकी खेती शुरू करने के लिए आपको कुछ हजार रुपए ही खर्च करने की जरूरत है, लेकिन कमाई लाखों में होती है. शुरू करें मेडिसिनल प्‍लांट की खेती नई दिल्ली. नैचुरल प्रोडक्ट और मेडिसीन का बाजार इतना बड़ा है कि इसमें लगने वाले नैचुरल प्रोडक्ट्स हमेशा मांग में रहते हैं, तो क्यों ना मेडिसिनल प्लांट की खेती के बिजनेस में हाथ आजमाया जाए. इसमें लागत तो कम है ही और लंबे समय तक कमाई भी सुनिश्चित होती है. मेडिसिनल प्‍लांट की खेती के लिए न तो लंबे चौड़े फार्म की जरूरत है और न ही इन्‍वेस्‍टमेंट की. इस फार्मिंग के लिए अपने खेत बोने की भी जरूरत नहीं है. इसे आप कॉन्ट्रैक्ट पर भी ले सकते हैं. आजकल कई कंपनियां कॉन्ट्रैक्ट पर औषधियों की खेती करा रही है. इनकी खेती शुरू करने के लिए आपको कुछ हजार रुपए ही खर्च करने की जरूरत है, लेकिन कमाई लाखों में होती है. इन चीजों की कर सकते हैं खेतीज्‍यादातर हर्बल प्‍लांट जैसे तुलसी, आर्टीमीसिया एन्‍नुआ, मुलैठी, एलोवेरा आदि बहुत कम समय में तैयार हो जाते हैं. इनमें से कुछ पौधों को छोटे छोटे गमलों में भी उगाए जा सकते हैं. इनकी खेती शुरू करने के लिए आपको कुछ हजार रुपए ही खर्च करने की जरूरत है, लेकिन कमाई लाखों में होती है. इन दिनों कई ऐसी दवा कंपनियां देश में है जो फसल खरीदने तक का कांट्रेक्‍ट करती हैं, जिससे कमाई सुनिश्चित हो जाती है. 3 महीने में 3 लाख की कमाईआमतौर पर तुलसी को धार्मिक मामलों से जोड़कर देखा जाता है लेकिन, मेडिसिनल गुण वाली तुलसी की खेती से कमाई की जा सकती है. तुलसी के कई प्रकार होते हैं, जिनसे यूजीनोल और मिथाईल सिनामेट होता है. इनके इस्‍तेमाल से कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की दवाएं बनाई जाती हैं. 1 हेक्‍टेयर पर तुलसी उगाने में केवल 15 हजार रुपए खर्च होते हैं लेकिन, 3 महीने बाद ही यह फसल लगभग 3 लाख रुपए तक बिक जाती है. तुलसी की खेती भी पतंजलि, डाबर, वैद्यनाथ आदि आयुर्वेद दवाएं बनाने वाली कंपनियां कांट्रेक्‍ट फार्मिंग करा रही हैं. जो फसल को अपने माध्‍यम से ही खरीदती हैं. तुलसी के बीज और तेल का बड़ा बाजार है. हर दिन नए रेट पर तेल और तुलसी बीज बेचे जाते हैं. जरूरी है ट्रेनिंगमेडिसिनल प्‍लांट की खेती के लिए जरूरी है कि आपके पास अच्‍छी ट्रेनिंग हो जिससे कि आप भविष्‍य में धोखा न खाएं. लखनऊ स्थित सेंट्रल इंस्‍टीट्यूट ऑफ मेडिसिनल एंड एरोमैटिक प्‍लांट (सीमैप) इन पौधों की खेती के लिए ट्रेनिंग देता है. सीमैप के माध्‍यम से ही दवा कंपनियां आपसे कांट्रेक्‍ट साइन भी करती हैं, इससे आपको इधर उधर नहीं जाना पड़ेगा. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें First Published : September 30, 2021, 05:16 IST Source link

झारखंड

खूंटपानी प्रखंड के 30 लाभुकों के बीच सिलाई मशीन का किया गया...

चाईबासा| पश्चिमी सिंहभूम जिला अंतर्गत विशेष केंद्रीय सहायता योजना के तहत मंगलवार को झारखंड राज्य लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी- जेएसएलपीएस के द्वारा चयनित खूंटपानी प्रखंड के 30 लाभुक दीदियों के बीच सिलाई मशीन का वितरण किया गया। यह वितरण कार्यक्रम अनुसूचित जनजाति आवासीय बालिका उच्च विद्यालय-चाईबासा में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के प्राचार्य श्री रविंद्र नाथ राउत के कर-कमलों द्वारा लाभुक दीदियों को सिलाई मशीन प्रदान की गई। इस अवसर पर बताया गया कि उक्त योजना का उद्देश्य महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाना है। सिलाई मशीन मिलने से दीदियां अब अपने घर से ही कपड़ा सिलाई का कार्य कर आर्थिक रूप से सशक्त बन सकेंगी। कार्यक्रम में लाभुक दीदियां, जेएसएलपीएस के कर्मी एवं विद्यालय के अन्य सदस्य उपस्थित थे। Source link

झारखंड

एक को साधिए, झारखंड में सभी सध जाएंगे: राधाकृष्ण

झारखंड कांग्रेस की अंदरूनी कलह अब खुलकर सामने आ गई है। ‘एक को साधिए, झारखंड में सब सध जाएगा’ कहकर वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश पर निशाना साधते हुए संगठन की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने प्रदेश प्रभारी के. राजू को पत्र लिखकर कहा है कि प्रदेश कांग्रेस स्थानीय और संवेदनशील मुद्दों पर लगातार मौन है, सिर्फ संगठन का आकार बढ़ाने से पार्टी मजबूत नहीं होगी। प्रदेश कमेटी की संख्या 314 से बढ़ाकर 628 भी कर दी जाए, तब भी फर्क नहीं पड़ेगा, यदि पार्टी जनता से जुड़े मुद्दों पर आवाज नहीं उठाएगी। उन्होंने कहा कि पार्टी हित की बात सार्वजनिक करना पार्टी विरोध नहीं हो सकता। यदि नेतृत्व इसे पार्टी विरोध मानता है, तो उसका हर निर्णय स्वीकार होगा। -शेष पेज 10 पर प्रधानमंत्री व भाजपा अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद के गढ़ : वित्त मंत्री मेदिनीनगर | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा कांग्रेस को ‘अर्बन नक्सलियों का गिरोह’ बताए जाने पर वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने पलटवार किया है। पलामू में मंगलवार को उन्होंने कहा-अगर कांग्रेस अर्बन नक्सलियों का गिरोह है, तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद के गढ़ हैं। वित्त मंत्री पलामू में प्रमंडलीय मुखिया सम्मेलन में शामिल होने पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस देश को आजादी दिलाने वाली पार्टी है और सत्ता नहीं, सेवा की राजनीति करती है। दरअसल, सोमवार को दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में विजय भाषण के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कांग्रेस पर नक्सल विचारधारा अपनाने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि जंगलों में कमजोर पड़ रहा नक्सलवाद अब राजनीतिक दलों के भीतर जगह बना रहा है, और कांग्रेस को ‘अर्बन नक्सलियों का गिरोह’ बताया था। महिला आरक्षण मुद्दा नहीं बन सका? -प्रदेश कांग्रेस ने शुरू से ही इसे मुद्दा बनाया। मंत्री दीपिका पांडेय सिंह, रमा खलखो, प्रदीप यादव समेत कई नेताओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। महिला कांग्रेस ने मशाल जुलूस निकाला और प्रमंडल स्तर पर कार्यक्रम चल रहे हैं। जेटेट से मगही और भोजपुरी भाषा हटाने का विरोध क्यों नहीं किया गया? – यह कैबिनेट का मामला था। जिस दिन जेटेट का प्रस्ताव पारित हुआ, उसी दिन मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने विरोध किया था। प्रदेश अध्यक्ष अकेले फैसला नहीं लेते, यह विषय पीएसी की बैठक में उठाया जाना चाहिए था। अनुसूचित जाति आयोग पर चुप्पी क्यों? -प्रदेश कांग्रेस ने ओबीसी के लिए अलग मंत्रालय बनाने और अनुसूचित जाति परामर्शदात्री समिति व आयोग को लेकर मुख्यमंत्री को पत्र लिखा था। हजारीबाग की घटनाओं पर पार्टी निष्क्रिय थी? – विष्णुगढ़ में पूर्व विधायक अंबा प्रसाद, रमा खलखो और महिला टीम गई थी। तीन अल्पसंख्यकों की हत्या के मामले में विधायक दल के उपनेता राजेश कच्छप के नेतृत्व में टीम भेजी गई थी। राधाकृष्ण लगातार सवाल उठा रहे हैं? – राधाकृष्ण किशोर को पूरा सम्मान दिया है। उन्हें अपनी बात पार्टी फोरम या वरिष्ठ नेताओं के समक्ष रखनी चाहिए। सोशल मीडिया पर सार्वजनिक करने की आवश्यकता नहीं थी। Source link

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हमलावरों ने पीछा कर गाड़ी रुकवाई और कर दिया छलनी, कैसे हुआ...

होमवीडियोदेश VIDEO: हमलावरों ने पीछा कर गाड़ी रुकवाई और कर दिया छलनी, कैसे हुआ सुवेंदु के पीए चंद्रनाथ का मर्डर? X VIDEO: हमलावरों ने पीछा कर गाड़ी रुकवाई और कर दिया छलनी, कैसे हुआ सुवेंदु के पीए चंद्रनाथ का मर्डर?   Suvendu Adhikari’s PA Chandrakant Murder: पश्चिम बंगाल के मध्यमग्राम इलाके में भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी के पीए चंद्रकांत रथ की गोली मारकर हत्या कर दी गई है. बताया जा रहा है कि हमलावर बाइक पर सवार होकर आए थे. उन्होंने पीड़ित पर नजदीक से कई राउंड फायरिंग की. गोली लगते ही चंद्रकांत जमीन पर गिर पड़े और उसकी मौके पर ही मौत हो गई. घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया. इसी बीच, बीजेपी नेता केया घोष ने दावा किया कि मृतक लंबे समय से सुवेंदु अधिकारी के साथ काम कर रहे थे. उन्होंने टीएमसी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यह किसी प्रोफेशनल हमलावर का काम लगता है. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। Source link

झारखंड

तेल की मार, रांची से दिल्ली फ्लाइट का किराया 19000 के पार

Last Updated:April 26, 2026, 23:59 IST आसमान छू रही फ्लाइट टिकट की कीमत. तेल की अस्थिरता के कारण टिकट के किराये में वृद्धि की गई है. आज दिल्ली रांची फ्लाइट का किराया 19 हजार के पार पहुंच गया है. सामान्य दिनों में यह 7-9 हजार टिकट का किराया होता था. रांची से दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और हैदराबाद समेत दूसरे महानगरों के किराए में लगातार उछाल हो रही है. रांची: अमेरिका-इजरायल और ईरान युद्ध का असर देश की ईंधन-ऊर्जा पर पड़ा है. एक तरफ जहां लोगों को खाना बनाने के लिए गैस नहीं मिल रही है. गैस की किल्लत के कारण कई लोगों के होटल और रेस्टोंरट बंद हो गए हैं. अब फ्लाइट की टिकट की कीमते भी आसमान छूने लगी हैं. तेल की अस्थिरता के कारण टिकट के किराये में वृद्धि की गई है. आज दिल्ली से रांची के लिए उड़ान भरने वाली फ्लाइट का किराया 19 हजार के पार पहुंच गया है. सामान्य दिनों में इसका टिकट 7-9 हजार रुपये का होता था. रांची से दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और हैदराबाद समेत दूसरे महानगरों के किराए में लगातार उछाल हो रहा है. आने वाले दिनों में और रूट की फ्लाइट का किराया भी तेजी से बढ़ सकता है. इससे लोगों को आवागमन में भारी मुश्किल हो जाएगी. जहां गैस सिलेंडर ना मिलने से तमाम चीजों के दाम महंगे हो रहे हैं वहीं अब तेल की अस्थिरता के कारण हवाई जहाज का किराया बढ़ रहा है. अगर समय रहते हालात नहीं सुधरते हैं तो जानकारों का कहना है कि हालात बदतर हो सकते हैं. पेट्रोल-डीजल महंगा होता है तो ट्रांसपोर्टेशन महंगा होगा. इससे वस्तुओं के दाम बढ़ेंगे. बाजार में महंगाई बढ़ जाएगी और जरूरी चीजें भी आम लोगों की पहुंच से दूर हो जाएंगी. इससे पहले भी रांची से उड़ान भरने वाली और रांची के लिए उड़ान भरने वाली डोमेस्टिक फ्लाइट्स का किराया बढ़ाया गया था. ईंधन शुल्क यानी फ्यूल सरचार्ज बढ़ाए जाने और एविएशन टर्बाइन फ्यूल की कीमतें बढ़ने से मार्च महीने में रांची से देश के विभिन्न शहरों के लिए जाने वाली फ्लाइट्स के किराए में 25 से 30 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी गई थी. अब तो जिस हिसाब से टिकट का दाम बढ़ रहा है उससे तो अंतिम समय में टिकट पाना और भी बहुत ज्यादा महंगा हो जाएगा. पहले से ही लास्ट टाइम के टिकट के लिए काफी ज्यादा चार्ज लिया जाता था. About the Author Rajneesh Singh जी न्यूज, इंडिया डॉट कॉम, लोकमत, इंडिया अहेड, न्यूज बाइट्स के बाद अब न्यूज 18 के हाइपर लोकल सेगमेंट लोकल 18 के लिए काम कर रहा हूं. विभिन्न संस्थानों में सामान्य खबरों के अलावा टेक, ऑटो, हेल्थ और लाइफ स्टाइल बीट…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Ranchi,Jharkhand First Published : April 26, 2026, 23:59 IST Source link

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50 हजार रुपये में शुरू करें ये बिजनेस, हर महीने होगी 1...

होमताजा खबरमनी 50 हजार रुपये में शुरू करें ये बिजनेस, हर महीने होगी 1 लाख की कमाई, जानें कैसे Last Updated:October 05, 2021, 15:53 IST आज हम आपको एक ऐसे बिजनेस आइडिया के बारे में बता रहें हैं जिसमें आपको अच्छा खासा फायदा होगा. इस बिजनेस को स्टार्ट करने में सरकार से 35 फीसदी तक सब्सिडी मिल जाएगी. इस बिजनेस को स्टार्ट करने में सरकार 35 फीसदी तक सब्सिडी देगी नई दिल्ली. अगर आप बिज़नेस (Buisness Idea) के लिए कृषि क्षेत्र में अपना नसीब आजमाना चाहते हैं, तो मौसम के भरोसे चलने वाली खेती के अलावा भी कई विकल्प हैं जो आपको मुनाफे की गारंटी देते हैं. इसी में से एक है मुर्गी पालन (Poultry Farming) का बिजनेस. अगर आप छोटे पैमाने पर पोल्ट्री फार्म शुरू करना चाहते हैं तो कम से कम 50,000 रूपये से 1.5 लाख रुपये के बीच खर्च आएगा. अगर छोटे स्तर यानी 1500 मुर्गियों से लेयर फार्मिंग की शुरुआत करेंगे तो आप 50 हजार से 1 लाख रुपये प्रति महीना तक कमा सकते हैं. सबसे पहले आती है पैसों की बातअगर आप छोटे पैमाने पर पोल्ट्री फार्म शुरू करना चाहते हैं तो कम से कम 50,000 रुपये से 1.5 लाख रुपये के बीच खर्च आएगा. और अगर इसी बिजनेस को और अधिक बड़े स्टार पर सेटअप करना का सोच रहें हैं तो लगभग 1.5 लाख रूपये से 3.5 लाख रूपये के बीच खर्च आता है. पोल्ट्री व्यवसाय शुरू करने के लिए कई फाइनेंशियल संस्थानों से बिज़नेस लोन लिया जा सकता है. सरकार देगी 35 फीसदी सब्सिडीपॉल्ट्री फार्म के बिजनस के लोन पर सब्सिडी करीब 25 फीसदी होती है. वहीं, SC ST वर्ग को प्रोत्साहन देने के लिए यह सब्सिडी 35 फीसदी तक हो सकती है. बता दें कि इस कारोबार की खासियत यह है कि इसमें कुछ रकम खुद लगानी होती है और बाकी की बैंक से लोन मिल जाएगा. इस तरह करें इस बिजनेस की प्लानिंगकमाई भले ही अच्छी हो लेकिन इस कारोबार में हाथ आजमाने से पहले अच्छे से ट्रेनिंग लेना जरूरी है. 1500 मुर्गियों के टारगेट से काम शुरू करना हो तो 10 फीसदी ज्यादा चूज़े खरीदने होंगे. क्योंकि असमय बीमारी की चलते मुर्गियों के मरने का खतरा होता है. अंडे से भी होगी जबरदस्त कमाईदेश में अंडे के दाम बढ़ने लगे हैं. अक्टूबर की शुरुआत से ही अंडा 7 रुपये का बिक रहा है. लेकिन हैरान करने वाली बात यह है कि अंडे के दाम बढ़ने के साथ ही मुर्गी भी बेशकीमती हो गई है. मुर्गियां खरीदने का बजट 50 हजार रुपयेएक लेयर पैरेंट बर्थ की कॉस्ट लगभग 30 से 35 रुपये होती है. यानी मुर्गियां खरीदने के लिए 50 हजार रुपये का बजट रखना होगा. अब इन्हें पालने के लिए अलग अलग तरह का खाना खिलाना पड़ता है और साथ ही मेडिकेशन पर भी खर्च करना पड़ता है. 20 हफ्तों का खर्च 3-4 लाख रुपयेलगातार 20 हफ्ते तक मुर्गियों को खिलाने का खर्च होगा करीब 1 से 1.5 लाख रुपये. एक लेयर पैरेंट बर्ड एक साल में लगभग 300 अंडे देती है. 20 हफ्ते बाद मुर्गियां अंडा देना शुरू कर देती है और साल भर तक अंडे देती है. 20 हफ्तों के बाद इनके खाने पीने पर तकरीबन 3 से 4 लाख रुपये खर्च होता है. सालाना 14 लाख रुपये से ज्यादा की कमाईऐसे में 1500 मुर्गियों से 290 अंडे प्रति वर्ष के औसत से लगभग 4,35,000 अंडे मिलते हैं. बर्बादी के बाद भी अगर 4 लाख अंडे बेच पाएं तो थोक भाव में एक अंडा 6.00 रुपये की दर से बिकता है. यानी साल भर में सिर्फ अंडे बेचकर अच्छी खासी कमाई कर सकते हैं. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें First Published : October 05, 2021, 10:04 IST Source link

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