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हवाला चैट और फर्जी बिलों के साक्ष्य भी जब्त किए गए रामकृपाल सिंह कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड और उसकी सहयोगी 10 कंपनियों के तीन राज्यों में फैले ठिकानों पर आयकर विभाग की छापेमारी तीसरे दिन शनिवार को भी जारी रही। इस कार्रवाई में आयकर विभाग को करोड़ों रुपए की वित्तीय अनियमितताओं के पुख्ता प्रमाण मिले हैं। सबसे बड़ा खुलासा कंपनी के 300 करोड़ रुपए से अधिक के कैश ट्रेल को लेकर हुआ है। छानबीन के दौरान विभाग ने पाया कि 200 करोड़ रुपए का नकद लेनदेन किया गया है। कंपनी के प्रतिनिधि इसका कोई हिसाब नहीं दे सके। जांच में आयकर की टीम के हाथ कई ऐसे डिजिटल चैट लगे हैं, जिनसे स्पष्ट होता है कि प्रमुख व्यावसायिक गतिविधियों में हवाला के जरिए बड़े पैमाने पर रकम का लेन-देन किया गया है। छापेमारी में करोड़ों रुपए की बेनामी संपत्तियों के दस्तावेज मिले हैं, जिनका सत्यापन किया जा रहा है। प्राथमिक जांच के अनुसार, फर्जी बिलों के सहारे बड़े स्तर पर आयकर की चोरी की गई है। जब्त किए गए डिजिटल उपकरणों, हार्ड डिस्क और दस्तावेजों की सघन जांच के लिए दिल्ली और कोलकाता से फॉरेंसिक विशेषज्ञों की टीमों को बुलाया गया है। आयकर विभाग के 200 से अधिक अफसर तीन राज्यों में कर रहे जांच
आयकर विभाग की अनुसंधान शाखा द्वारा झारखंड, बिहार और हरियाणा के प्रमुख शहरों में एक साथ इस बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया जा रहा है। इस छापेमारी में 200 से अधिक आयकर अधिकारी और सुरक्षा बलों के जवान मुस्तैद हैं। जिन प्रमुख जगहों पर छापेमारी चल रही है, उनमें रांची के कचहरी रोड स्थित पंचवटी प्लाजा का फ्लैट नंबर 702 शामिल है, जो कंपनी के क्षेत्रीय कार्यालय के रूप में कार्यरत है। इसके अलावा बिहार के बेगूसराय स्थित कृष्णा नगर में कंपनी का मुख्य कार्यालय और हरियाणा के गुरुग्राम के सेक्टर 54 में सनसिटी शॉपिंग आर्केड स्थित कारपोरेट कार्यालय में भी गहन तलाशी और दस्तावेजों की जांच लगातार जारी है। आगे क्या…. बेनामी संपत्ति पर 30 से 60% तक लग सकती है पेनाल्टी
छापेमारी के दौरान बड़े पैमाने पर बरामद कागजातों, डिजिटल साक्ष्यों, हार्ड डिस्क और बैंक खातों के फॉरेंसिक विश्लेषण का काम जारी है। सूत्रों का कहना है कि जब्त किए गए सभी दस्तावेजों का मिलान और सत्यापन किया जा रहा है। आने वाले दिनों में जब यह प्रक्रिया पूरी होगी, तो टैक्स चोरी, संदिग्ध नकद लेनदेन और बेनामी संपत्तियों का आंकड़ा काफी बड़ा हो सकता है। इस मामले में 30% से लेकर 60% तक की पेनाल्टी लगाई जाती है।
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