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राहुल गांधी पर FIR के बाद गरमाई यूपी की सियासत, क्या होगा बड़ा ‘विस्फोट’?

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Rahul Gandhi FIR News : वाराणसी में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, सांसद पप्पू यादव और अवधेश प्रसाद पर एफआईआर दर्ज होने के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में सियासी उबाल आ गया है. राम मंदिर के चंदे में गबन के आरोपों और संसद में किए गए विरोध प्रदर्शन को लेकर ‘इंडिया’ गठबंधन और भाजपा आमने-सामने हैं.

राहुल गांधी पर FIR के बाद गरमाई यूपी की सियासत, क्या होगा बड़ा 'विस्फोट'?Zoom

यूपी चुनाव 2027 से पहले राहुल गांधी पर वाराणसी में एफआईआर दर्ज.

वाराणसी. उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 (UP Assembly Election 2027) में अभी वक्त है, लेकिन राजनीतिक मंच पर दांव-पेच और जुबानी तीर अभी से चलने शुरू हो गए हैं. अयोध्या के राम मंदिर में चंदे की कथित चोरी के मुद्दे पर संसद परिसर में इंडिया गठबंधन के विरोध प्रदर्शन और नाटकीय प्रस्तुति के बाद वाराणसी के कोतवाली थाने में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, सांसद पप्पू यादव और अवधेश प्रसाद के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है. संतों की शिकायत पर धार्मिक भावनाएं आहत करने के आरोप में दर्ज इस एफआईआर ने उत्तर प्रदेश से लेकर दिल्ली तक सियासी पारा चढ़ा दिया है. कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने जहां इसे सत्ताधारी दल द्वारा ध्यान भटकाने की साजिश बताया है, वहीं 2027 के चुनाव से पहले इसे एक बड़े राजनीतिक ध्रुवीकरण की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है.

कोलकाता से तृणमूल कांग्रेस और कांग्रेस नेताओं की इस मुद्दे पर कड़ी प्रतिक्रिया सामने आई है. कांग्रेस नेता मीता चक्रवर्ती ने एफआईआर पर सवाल उठाते हुए कहा कि भगवान राम के नाम पर एकत्रित किए गए चंदे में पारदर्शिता और जवाबदेही अनिवार्य है. मीता चक्रवर्ती ने कहा, “अगर राम के नाम पर दान एकत्र किया जाता है, तो उसकी जवाबदेही तय होनी ही चाहिए. यदि नकद, सोना या चांदी चोरी हो जाती है और उसका कोई सही हिसाब-किताब नहीं होता, तो यह गंभीर सवाल खड़े करता है. यदि ट्रस्टी जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दे रहे हैं, तो यह दर्शाता है कि प्रबंधन सही नहीं था. संसद या प्रदर्शन के माध्यम से इस मुद्दे को उठाना धर्म का अपमान नहीं है. देश की जनता देख रही है कि अयोध्या में हुई गड़बड़ी ने धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई है. राहुल गांधी और विपक्षी नेताओं द्वारा संसद में इस पर बोलना किसी भी तरह से संप्रदाय या धर्म का अपमान नहीं है.”





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