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Bank Rule : दिल्ली में खाता खुलवाओ या बिहार के किसी गांव...


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RBI New Rule : रिजर्व बैंक ने अपने हालिया निर्देश में कहा है कि अगर कोई ग्राहक एक ही समय पर अलग-अलग शाखाओं में पैसे जमा कराते हैं तो उन्हें समान ब्याज दिया जाना चाहिए. भले ही यह शाखाएं देश के किसी भी हिस्से में क्यों न हो. साथ ही बैंकों को अपनी ब्याज दरें हर साल में सुबह 10 बजकर 10 मिनट तक अपडेट करने के लिए कहा है.

दिल्ली में खाता खुलवाओ या बिहार के किसी गांव में, हर ग्राहक को एकसमान ब्याज Zoom

बैंकों को अब सभी ग्राहकों को एक समान जमा पर समान ब्याज देना होगा.

नई दिल्ली. भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने साफ कहा है कि भले ही कोई ग्राहक दिल्ली के कनॉट प्लेस की शाखा में खाता खुलवाए या फिर बिहार के किसी गांव में. अगर उसका बैंक एक है तो उसे समान खाते पर एकसमान ब्याज भी देना होगा. आरबीआई ने गुरुवार को सभी बैंकों को निर्देश दिया है कि वे एक ही दिन समान राशि जमा किए जाने पर सभी शाखाओं में एकसमान ब्याज दर प्रदान करें और इस मामले में किसी भी तरह का भेदभाव न किया जाए.

केंद्रीय बैंक के संशोधित दिशानिर्देशों के मुताबिक, जमा (डिपॉजिट) पर दी जाने वाली ब्याज दरें (थोक जमा समेत) बैंकों की वेबसाइट पर पहले से घोषित दरों के अनुरूप ही होनी चाहिए. आरबीआई ने स्पष्ट किया कि किसी बैंक के लिए समान राशि की जमा, जो एक ही दिन स्वीकार की गई हो, उस पर अलग-अलग दरें देना स्वीकार्य नहीं होगा. रिजर्व बैंक ने कहा कि बैंकों को हर कारोबारी दिन सुबह 10 बजे तक अपनी वेबसाइट पर थोक जमा की ब्याज दरें सार्वजनिक करनी होंगी.

10 मिनट की दी है छूट
आरबीआई ने बैंकों को अपनी ब्याज दरें सार्वजनिक करने के मामले में अधिकतम 10 मिनट की छूट दी है. इसका मतलब है कि बैंकों को सुबह 10 बजकर 10 मिनट तक ब्याज दरें हर हाल में अपडेट करनी होंगी. केंद्रीय बैंक ने सभी बैंकों को तरलता कवरेज अनुपात (एलसीआर) ढांचे के तहत थोक जमा पर अलग-अलग ब्याज दर देने की सीमित छूट भी दी है, बशर्ते यह अंतर वैध वित्तीय मानकों के आधार पर हो.

1 अक्टूबर से लागू होंगे नियम
भारतीय रिजर्व बैंक (वाणिज्यिक बैंक- जमाओं पर ब्याज दर) दूसरा संशोधन निर्देश, 2026 के तहत जारी ये निर्देश एक अक्टूबर, 2026 से प्रभावी होंगे. आरबीआई ने कहा कि इस नियम को जून में जारी दिशानिर्देशों के मसौदे पर हितधारकों की प्रतिक्रिया के बाद अंतिम रूप दिया गया है. इसका मकसद सभी ग्राहकों को समान जमाओं पर बैंकों से एकसमान ब्याज दिलाना है. ऐसा नहीं होने पर बैंकों को ही जिम्मेदार माना जाएगा.

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Pramod Kumar Tiwari

प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्‍वेस्‍टमेंट टिप्‍स, टैक्‍स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…

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