Baruipur Encounter: पश्चिम बंगाल में सत्ता बदलते ही अपराधियों से निपटने का तरीका भी बदल गया. बंगाल के बरुईपुर रेप-मर्डर कांड का हिसाब हो गया. बरुईपुर में बच्ची से रेप के बाद हत्या करने वाले आरोपी को पुलिस ने ठोक दिया है. जी हां, पश्चिम बंगाल पुलिस ने 12 साल की बच्ची से रेप और मर्डर केस के मुख्य आरोपी प्रभास मंडल को मंगलवार की आधीर रात को एनकाउंटर में मार गिराया. पुलिस उसे क्राइम सीन पर घटना को फिर से समझने यानी री-कंस्ट्रक्शन के लिए ले जा रही थी. तभी आरोपी ने चालाकी दिखाई और अपनी मौत को दावत दे दी. अब सवाल है कि आखिर आधी रात को ऐसा क्या हुआ कि पुलिस को उसका एनकाउंटर ही करना पड़ गया?
कैसे हुआ दरिंदे का एनकाउंटर
पुलिस के मुताबिक, यह एनकाउंटर तब हुआ, जब आरोपी प्रभाष मंडल पुलिस की सर्विस राइफल छीनकर भागने की कोशिश कर रहा था. घटना को फिर से समझने (रीकंस्ट्रक्शन) के लिए उसे मंगलवार रात अपराध वाली जगह पर ले जाया गया था. वहां, उसने कथित तौर पर उसे ले जा रहे पुलिसकर्मियों में से एक की सर्विस राइफल छीन ली और भागने की कोशिश की.
पुलिस ने बताई एनकाउंटर की पूरी कहानी
पुलिस ने कहा, ‘7 जुलाई की रात करीब 12:45 बजे बरुईपुर पुलिस स्टेशन के केस नंबर 1350/26 के जांच अधिकारी अपनी टीम और आरोपी प्रभाष मंडल के साथ बरुईपुर पुलिस स्टेशन से निकले. वे बरुईपुर पुलिस स्टेशन के तहत आने वाले सूर्यपुर में घटना वाली जगह पर क्राइम सीन का रिकंस्ट्रक्शन करने जा रहे थे. सूर्यपुर में घटना वाली जगह पर क्राइम सीन का रिकंस्ट्रक्शन शुरू करने से ठीक पहले आरोपी प्रभाष मंडल ने एक पुलिसकर्मी से हथियार छीन लिया. इसके बाद हमारी टीम पर एक राउंड गोली चलाई और मौके से भागने की कोशिश की. पुलिस की जवाबी फायरिंग में आरोपी प्रभाष मंडल घायल हो गया और उसे तुरंत बारुईपुर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया. ’
रविवार को मिला था बच्ची का शव
गौरतलब है कि रविवार सुबह बरुईपुर के सूर्यपुर इलाके में एक तालाब से 12 साल की नाबालिग लड़की का शव मिला था. आरोप है कि उसके साथ रेप और हत्या की गई थी. लड़की का शव मिलने के बाद इलाके में हिंसक विरोध-प्रदर्शन हुए और तनाव फैल गया. स्थानीय लोगों ने दोषियों की गिरफ्तारी और कड़ी सजा की मांग की. मामले की जांच के लिए छह सदस्यीय स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) बनाई गई और उसी शाम प्रवास को सबसे पहले गिरफ्तार किया गया.
कैसे पकड़े गए आरोपी
इसके बाद उससे पूछताछ के आधार पर मामले के अन्य दो आरोपियों दिवाकर सरकार और आनंद सरदार – को गिरफ्तार किया गया. आनंद सरदार ही इस मामले का मुख्य आरोपी और नाबालिग लड़की के खिलाफ हुए अपराध का मास्टरमाइंड था. पुलिस को स्थानीय लोगों ने बताया कि शनिवार दोपहर लापता होने से पहले मृतका को आरोपियों के साथ देखा गया था. जांच के दौरान अधिकारियों को इलाके से सीसीटीवी फुटेज मिला, जिसमें आरोपी प्रभाष को नाबालिग के साथ देखा गया था.
प्रभाष को एनकाउंटर वाली जगह क्यों ले गई पुलिस
उसी सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी प्रभाष को गिरफ्तार किया गया. पुलिस का दावा था कि प्रभाष जांच में सहयोग नहीं कर रहा था और विरोधाभासी जवाब दे रहा था. पुलिस घटना को फिर से समझना चाहती थी और घटनाओं के क्रम में प्रवास की भूमिका की भी जांच करना चाहती थी. इसी मकसद से जांच अधिकारी उसे मंगलवार की देर रात घटना वाली जगह पर ले गए. घटना को दोबारा दोहराने की इस प्रक्रिया के दौरान आरोपी ने साथ आए एक पुलिसकर्मी की सर्विस राइफल छीनकर भागने की कोशिश की. जब उसने उस सर्विस राइफल से पीछा कर रहे पुलिसकर्मियों पर गोली चलाई, तो पुलिसकर्मियों ने भी जवाबी फायरिंग की.