भारतन्यूज़ – टॉप हेडर
News Menu Bar

BJP Assam SC ST Vote News। इंडिया गठबंधन का खेल खत्म! 2024...


होमताजा खबरदेश

2024 की जिस सेंधमारी ने रोका था बहुमत, बंगाल-असम में BJP ने किया सूपड़ा साफ

Last Updated:

BJP Assam SC ST Vote News: हाल के चुनावों में भाजपा और एनडीए ने असम और पश्चिम बंगाल की एससी-एसटी आरक्षित सीटों पर ऐतिहासिक प्रदर्शन किया है. बंगाल की 68 एससी सीटों में से भाजपा ने 51 और सभी 16 एसटी सीटों पर कब्जा कर टीएमसी को करारी शिकस्त दी है. असम में भी एनडीए ने सभी 19 एसटी सीटें जीतकर अपना वर्चस्व साबित किया. केंद्र की योजनाओं और मजबूत सामाजिक रणनीति ने इन वर्गों में भाजपा की पैठ गहरी की है.

ख़बरें फटाफट

2024 की जिस सेंधमारी ने रोका था बहुमत, बंगाल-असम में BJP ने किया सूपड़ा साफZoom

पीएम मोदी के करिश्‍में ने विपक्ष के अरमानों पर पानी फेर दिया. (PTI)

नई दिल्‍ली. असम और बंगाल के रणमैदान में प्रधानमंत्री मोदी ने ऐसी सियासी सर्जिकल स्ट्राइक की कि विपक्ष का वो पुराना तिलिस्म ताश के पत्तों की तरह ढह गया. जहां सेंध लगी थी, वहां अब भाजपा की ऐसी फौलादी दीवार खड़ी है जिसे भेदना नामुमकिन सा नजर आ रहा है. असम से लेकर बंगाल तक अनुसूचित जाति और जनजातियों ने एकतरफा भगवा बटन दबाया. जिसे इंडिया गठबंधन के सारे अरमानों पर पानी फेर दिया. 2024 लोकसभा चुनाव के दौरान इंडिया गठबंधन ने बीजेपी के इस बड़े वोटबैंक में सेंधमारी कर उन्‍हें पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने से वंचित रखा था. तब बीजेपी हिन्‍दुओं को एकजुट करने में लगी रही लेकिन तमाम विपक्षी पार्टी अनुसूचित जाति और जनजाति के वोटबैंक में सेंध लगाने में कामयाब रही थी.

असम और बंगाल में सियासी भूचाल

विपक्ष की रणनीति का अंत: 2024 के आम चुनाव में विपक्षी गठबंधन अनुसूचित जाति (SC) और जनजाति (ST) वोट बैंक में सेंध लगाने में सफल रहा था, जिससे भाजपा की हिंदू एकता की रणनीति को कड़ी चुनौती मिली थी.
असम में भाजपा का क्लीन स्वीप: भाजपा ने असम की सभी 19 एसटी (ST) आरक्षित सीटों पर कब्जा कर लिया है, जहां एनडीए ने शत-प्रतिशत जीत हासिल की.
पश्चिम बंगाल का बड़ा उलटफेर: बंगाल में भाजपा ने 68 एससी (SC) सीटों में से 51 पर ऐतिहासिक जीत दर्ज की है जबकि ममता बनर्जी की टीएमसी मात्र 17 सीटों पर सिमट गई.
एसटी सीटों पर पूर्ण वर्चस्व: बंगाल की सभी 16 एसटी सीटों पर भाजपा ने जीत हासिल कर विपक्ष के वंचित वर्ग वाले दांव को पूरी तरह नाकाम कर दिया. 16 सीटों पर भाजपा ने पूर्ण वर्चस्व हासिल किया.
तमिलनाडु: एनडीए सहयोगी अन्नाद्रमुक ने 46 एससी सीटों में से 9 और 2 एसटी सीटों में से 1 सीट पर जीत हासिल की.
पुडुचेरी: एनडीए सहयोगी ऑल इंडिया एन.आर. कांग्रेस ने 5 एससी सीटों में से 2 पर कब्जा जमाया.
मतुआ समुदाय का प्रभाव: विशेषज्ञों का मानना है कि एससी बहुल क्षेत्रों और सीमावर्ती इलाकों में मतुआ समुदाय के एकजुट समर्थन ने भाजपा के पक्ष में एकतरफा माहौल बनाया.
परिसीमन का मास्टरस्ट्रोक: असम में परिसीमन के चलते एसटी सीटों का 16 से बढ़कर 19 होना भाजपा के लिए निर्णायक साबित हुआ.

कैसे ढहा विपक्ष का किला?
2024 के लोकसभा चुनाव में विपक्ष यह नैरेटिव सेट करने में सफल रहा था कि भाजपा के आने से आरक्षित वर्गों के हितों को खतरा हो सकता है जिसकी वजह से भाजपा पूर्ण बहुमत से चूक गई थी. भाजपा हिंदू एकता की रणनीति बनाती रही लेकिन तब उसकी दाल नहीं गली थी. हालांकि, असम और बंगाल के इन ताजा नतीजों ने साबित कर दिया है कि प्रधानमंत्री मोदी की रणनीति ने उस नैरेटिव को ध्वस्त कर दिया है. इन राज्यों में अनुसूचित जाति और जनजातियों ने एकतरफा वोट डालकर यह साफ कर दिया है कि अब विपक्ष का वह सोशल इंजीनियरिंग वाला दांव बेअसर हो चुका है. उत्तर बंगाल और जंगलमहल जैसे आदिवासी क्षेत्रों में विपक्ष का लगभग सफाया होना इस बात का पुख्ता प्रमाण है.

सवाल-जवाब

असम में एनडीए ने एसटी सीटों पर कैसा प्रदर्शन किया?

असम में एनडीए ने अभूतपूर्व प्रदर्शन करते हुए सभी 19 एसटी आरक्षित सीटों पर कब्जा कर लिया. इसमें भाजपा ने अकेले 13 सीटें जीतीं, जबकि बाकी सीटें उसके सहयोगी दलों के खाते में गईं.

पश्चिम बंगाल में एससी-एसटी सीटों पर भाजपा और टीएमसी की क्या स्थिति रही?

पश्चिम बंगाल में भाजपा ने 84 एससी-एसटी सीटों में से कुल 67 पर जीत हासिल की. टीएमसी केवल 17 एससी सीटों तक सिमट गई और एसटी की सभी 16 सीटों पर उसका सूपड़ा साफ हो गया.

दक्षिण भारत में एनडीए का प्रदर्शन कैसा रहा?

दक्षिण में भी एनडीए ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई. तमिलनाडु में अन्नाद्रमुक ने 9 एससी और 1 एसटी सीट जीती, जबकि पुडुचेरी में एनआर कांग्रेस ने 2 एससी सीटों पर जीत हासिल की.

About the Author

Sandeep GuptaChief Sub Editor

डिजिटल पत्रकारिता में खबरों की गहरी समझ रखने वाले संदीप गुप्ता वर्तमान में News18 इंडिया में बतौर चीफ सब-एडिटर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. 16 वर्षों से सुदीर्घ पत्रकारीय सफर में इन्होंने अपनी कलम से जटिल विषयों को …और पढ़ें



Source link

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top