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दलमा में ‘फुटबॉल स्टार’ बना नन्हा गजराज:फीफा वर्ल्ड कप की धूम के...

जमशेदपुर के दलमा वन्यजीव अभयारण्य में इन दिनों फीफा फुटबॉल वर्ल्ड कप की धूम का असर जंगल तक दिखाई दे रहा है। यहां का नन्हा हाथी ‘बादल’ अपने अनोखे फुटबॉल खेल से पर्यटकों के बीच किसी स्टार खिलाड़ी से कम नहीं लग रहा। जिस तरह दुनिया भर में खिलाड़ी गोल करने की जद्दोजहद में जुटे हैं, उसी तरह ‘बादल’ भी अपनी सूंड और पैरों से गेंद को किक मारकर लोगों को रोमांचित कर रहा है। पर्यटक जब उसके सामने गेंद उछालते हैं, तो वह उसे कभी हल्के तो कभी जोरदार अंदाज में धकेलता है। उसकी हर किक पर लोग तालियां बजाते हैं, मानो किसी बड़े मैच का लाइव नजारा देख रहे हों। घायल से ‘चैंपियन’ बनने तक का है सफर करीब छह महीने पहले पश्चिमी सिंहभूम के चाईबासा इलाके के जंगलों में ‘बादल’ बेहद खराब हालत में मिला था। वह अपनी मां से बिछड़ा हुआ था। उसके शरीर पर कई गंभीर घाव थे। वन विभाग की टीम ने तत्परता दिखाते हुए उसे रेस्क्यू कर दलमा लाया। यहां पशु चिकित्सकों और वनकर्मियों ने दिन-रात उसकी देखभाल की। लगातार इलाज, संतुलित आहार और विशेष निगरानी के चलते वह धीरे-धीरे स्वस्थ होता गया। आज वही ‘बादल’ पूरी तरह फिट होकर न सिर्फ दौड़ता-भागता है, बल्कि अपनी चंचल हरकतों से सबका मनोरंजन भी कर रहा है। स्विमिंग पूल में कर रहा अटखेलियां गर्मी के मौसम में ‘बादल’ का स्विमिंग पूल में खेलना भी किसी शो से कम नहीं होता। पानी में उसकी अठखेलियां देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग जुटते हैं। वह कभी सूंड से पानी उछालता है तो कभी खुद ही उसमें डुबकी लगाकर बाहर आता है। बच्चों के लिए यह अनुभव बेहद खास बन जाता है। सोशल मीडिया पर उसके वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिससे उसकी लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है। अब दलमा आने वाले पर्यटक जंगल सफारी के साथ-साथ ‘बादल’ को देखने को अपनी प्राथमिकता बना रहे हैं। दलमा की नई पहचान बना ‘बादल’ अभयारण्य में पहले से मौजूद हथिनी ‘रजनी’ पर्यटकों के बीच लोकप्रिय रही है, लेकिन ‘बादल’ की मासूमियत और खेलकूद भरे स्वभाव ने उसे अलग पहचान दिला दी है। डीएफओ सबा आलम अंसारी के अनुसार, ‘बादल’ पूरी तरह स्वस्थ है और तेजी से विकसित हो रहा है। फीफा वर्ल्ड कप के माहौल में उसका फुटबॉल प्रेम लोगों को खास तौर पर आकर्षित कर रहा है। अब हालात यह हैं कि दलमा का नाम लेते ही लोगों के जेहन में ‘फुटबॉल खेलता हाथी बादल’ जरूर आता है। Source link

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सांप के अंडे जहरीले होते हैं या नहीं, नवजात बच्चों में कितना...

Last Updated:June 15, 2026, 10:10 IST Does Snake Egg Contains Poison: सांप के अंडों को लेकर अक्सर लोगों को गलतफहमी होती है कि इनमें जहर होता है या ये हानिकारक हो सकते हैं. इस बारे में पलामू के एक्सपर्ट डॉ. डी एस श्रीवास्तव ने बताया कि अंडों से किसी प्रकार का नुकसान नहीं होता लेकिन बच्चे जरूर जहरीले होते हैं. ख़बरें फटाफट पलामू. सांप का नाम सुनते ही ज्यादातर लोगों के मन में डर पैदा हो जाता है. वहीं कई लोगों का मानना है कि सांप जितना जहरीला होता है, उसके अंडों में भी उतना ही जहर मौजूद रहता होगा. यही कारण है कि कई बार ग्रामीण इलाकों में सांप के अंडे मिलने पर लोग उन्हें छूने से भी डरते हैं. लेकिन क्या ऐसा वास्तव में होता है? इस सवाल का जवाब जानकर आप हैरान रह जाएंगे. तो चलिए इस पूरी जानकारी को सर्प विशेषज्ञ से जानते हैं. अंडों में नहीं होता जहरपलामू जिले के प्रसिद्ध सर्प विशेषज्ञ डॉ. डी. एस. श्रीवास्तव ने लोकल18 को बताया कि सांपों की विभिन्न प्रजातियों में अंडे देने और बच्चों के विकसित होने की प्रक्रिया अलग-अलग हो सकती है. लेकिन अंडों के भीतर धीरे-धीरे भ्रूण का विकास होता है और निर्धारित समय के बाद बच्चे बाहर निकलते हैं. अंडे के अंदर किसी भी प्रकार का विष या जहरीला पदार्थ नहीं पाया जाता है. यही कारण है कि कई पक्षी और अन्य जीव सांप के अंडों को भोजन के रूप में खा जाते हैं. बच्चे भी होते हैं जहरीलेडॉ. श्रीवास्तव ने आगे बताया कि जब अंडे से बच्चा बाहर निकलता है, तब वह पूरी तरह स्वतंत्र हो जाता है. चूंकि सांप के अंडे से बच्चा बनने के बाद बच्चे में उतना ही जहर होता है जितना कि उनके मां बाप में. विष ग्रंथी छोटी होने के कारण जहर की मात्रा कम होती है लेकिन विषैलेपन में कमी नहीं देखी जाती. अधिकांश सांपों में माता-पिता बच्चों की देखभाल नहीं करते. जन्म के बाद ही बच्चे अपने भोजन और सुरक्षा के लिए स्वयं जिम्मेदार हो जाते हैं. अगर बच्चा किसी विषैले प्रजाति, जैसे कोबरा, का है तो उसके शरीर में विष ग्रंथियां विकसित हो चुकी होती हैं. इसी कारण नवजात कोबरा भी अपने बचाव के लिए विष का उपयोग करने में सक्षम हो जाते हैं. अंडों से कोई खतरा नहींउन्होंने बताया कि सांप का जहर उसकी विशेष लार ग्रंथियों जिसे पॉइजन ग्लैंड कहा जाता है. यह एक विशेष प्रकार का प्रोटीनयुक्त जैविक पदार्थ होता है, जिसका उपयोग सांप अपने शिकार को काबू करने और आत्मरक्षा के लिए करता है. लेकिन यह प्रक्रिया बच्चे के शरीर में विकसित विष ग्रंथियों से जुड़ी होती है, न कि अंडे से. इसलिए यह धारणा पूरी तरह गलत है कि सांप के अंडों में जहर होता है. नये विकास का माध्यम हैंउन्होंने कहा कि लोगों को सांपों और उनके अंडों को लेकर फैली भ्रांतियों से बचना चाहिए. वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाकर ही जंगल में रहने वाले वन्यजीवों के बारे में सही जानकारी पायी जा सकती है. सांप के अंडों में जहर नहीं होता, बल्कि वे एक नए जीवन के विकास का केवल माध्यम होते हैं. About the Author Raina Shukla बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Palamu,Jharkhand Source link

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नदी सूखी… भीषण गर्मी के बीच शहर की जीवन रेखा दानरो नदी...

गढ़वा| शहर की जीवनरेखा मानी जाने वाली दानरो नदी आज अपनी बदहाली की कहानी खुद बयां कर रही है। कभी कलकल बहते स्वच्छ जल से लोगों की प्यास बुझाने वाली यह नदी अब पूरी तरह सूख चुकी है। नदी के तल में पानी की जगह झाड़ियां उग आई हैं और दूर-दूर तक सूखी धरती दिखाई देती है। स्थानीय लोगों के अनुसार दो दशक पहले दानरो नदी सालभर पानी से भरी रहती थी। सुबह-शाम नदी किनारे लोगों की चहल-पहल रहती थी। महिलाएं घरेलू कार्यों के लिए पानी भरती थीं, बच्चे नदी में खेलते थे और पशुओं की प्यास भी यहीं बुझती थी। लेकिन समय के साथ अतिक्रमण, बालू दोहन और घटते जलस्तर ने नदी की पहचान ही बदल दी। Source link

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मुहर्रम को लेकर इंतजामिया कमेटी का गठन, प्रिंस खान चुने गए सदर

भास्कर न्यूज | गढ़वा हजरत इमाम हसन और हुसैन की याद में मनाए जाने वाले मुहर्रम पर्व को लेकर सुन्नते इस्लामिया कमेटी ऑफ गढ़वा की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुहर्रम के अवसर पर आयोजित होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों को सफलतापूर्वक संपन्न कराने पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही मुहर्रम इंतजामिया इराकी मोहल्ला कमेटी का गठन किया गया। बैठक में सर्वसम्मति से मो. प्रिंस खान को कमेटी का सदर चुना गया। वहीं तारिक अनवर को सेक्रेटरी, फैजान रजा को खजांची, शाहनवाज आलम को नायब सदर, मुबारक कुरैशी को नायब सेक्रेटरी तथा फैजान मंसूरी को नायब खजांची की जिम्मेदारी सौंपी गई। नवगठित कमेटी के पदाधिकारियों ने मुहर्रम के सभी कार्यक्रमों को शांतिपूर्ण, व्यवस्थित एवं धार्मिक परंपराओं के अनुरूप संपन्न कराने का संकल्प लिया। बैठक में उपस्थित लोगों ने कहा कि इस वर्ष भी मुहर्रम के अवसर पर भव्य एवं आकर्षक ताजिया का निर्माण कराया जाएगा। ताजिया निर्माण कार्य में स्थानीय कारीगरों एवं युवाओं की सक्रिय भागीदारी रहेगी। बैठक के दौरान मुहर्रम की सातवीं तारीख को आयोजित होने वाले हजरत अब्दुल लतीफ बियाबानी रहमतुल्लाह अलैह के सालाना उर्स पाक की तैयारियों पर भी चर्चा की गई। उर्स में बड़ी संख्या में अकीदतमंदों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया। श्रद्धालुओं की सहूलियत के लिए नियंत्रक मंच, पेयजल, शरबत वितरण, प्राथमिक उपचार केंद्र तथा सिरनी वितरण की विशेष व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा साफ-सफाई एवं सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी आवश्यक कदम उठाने पर सहमति बनी। कमेटी के सदस्यों ने बताया कि मुहर्रम की नवमी और दशमी तिथि को पारंपरिक जुलूस निकाला जाएगा। जुलूस निर्धारित मार्गों से होकर गुजरेगा, जिसमें बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल होंगे। बैठक में मुख्य रूप से इमरान आलम, मो. कलीम, आमिर रजा, गुड्डू मंसूरी सहित कई लोग उपस्थित थे। Source link

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रणजी के हीरो विराट सिंह अब झारखंड प्रीमियर लीग में छोटानागपुर रॉयल्स...

Last Updated:June 15, 2026, 09:02 IST Virat Singh Becomes Captain Of Chotanagpur Royals: झारखंड टी-20 लीग में जमशेदपुर के विराट सिंह ने फिर से जिले का नाम रोशन कर दिया है. उन्हें छोटानागपुर रॉयल्स का कप्तान बनाया गया है और वे नीलामी में 13 लाख रुपये में बिके. उनसे अधिक बोली केवल दो खिलाड़ियों रॉबिन मिंज और ईशान किशन की लगी है. टीम से खिताब जीतने की उम्मीद है. झारखंड की औद्योगिक नगरी जमशेदपुर ने देश को कई प्रतिभाशाली क्रिकेटर दिए हैं, लेकिन जिन खिलाड़ियों ने अपने प्रदर्शन से सबसे अधिक पहचान बनाई है उनमें विराट बिनोद सिंह का नाम मुख्य है. बाएं हाथ के इस शानदार बल्लेबाज ने रणजी ट्रॉफी, विजय हजारे ट्रॉफी और सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में लगातार बेहतरीन प्रदर्शन कर झारखंड क्रिकेट को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है. आज विराट सिंह केवल एक बल्लेबाज नहीं, बल्कि झारखंड क्रिकेट के एक बड़े चेहरे के रूप में स्थापित हो चुके हैं. वर्ष 2026 में पहली बार आयोजित हो रही झारखंड टी-20 लीग (Jharkhand T20 League) में विराट सिंह को छोटानागपुर रॉयल्स टीम का कप्तान बनाया गया है. लीग के उद्घाटन मुकाबले में भी विराट सिंह की कप्तानी वाली छोटानागपुर रॉयल्स मैदान पर उतरी, जिससे उनके नेतृत्व पर झारखंड क्रिकेट संघ का भरोसा साफ दिखाई देता है. यह लीग राज्य के क्रिकेटरों को बड़ा मंच देने के उद्देश्य से शुरू की गई है और इसमें छह फ्रेंचाइजी टीमें हिस्सा ले रही हैं. झारखंड टी-20 लीग की नीलामी में विराट सिंह को 13 लाख रुपये की कीमत पर चुना गया, जिससे वे टूर्नामेंट के सबसे महंगे खिलाड़ियों में शामिल हो गए. उनसे ऊपर केवल रॉबिन मिंज (15.25 लाख रुपये) और ईशान किशन (14.7 लाख रुपये) रहे. विराट पर इतनी बड़ी बोली लगने का मुख्य कारण उनका अनुभव, लगातार प्रदर्शन और टीम को नेतृत्व देने की क्षमता है. घरेलू क्रिकेट में वर्षों से शानदार प्रदर्शन करने वाले विराट युवा खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणा बने हुए हैं. Add News18 as Preferred Source on Google विराट सिंह का क्रिकेट सफर जमशेदपुर से शुरू हुआ था. बहुत कम उम्र में उन्होंने झारखंड अंडर-19 टीम में जगह बनाई और बाद में भारत अंडर-19 तथा अंडर-23 टीम का भी प्रतिनिधित्व किया. उन्होंने आईपीएल में सनराइजर्स हैदराबाद के लिए खेलते हुए राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई. उनके नाम कई महत्वपूर्ण पारियां दर्ज हैं, जिनमें रणजी ट्रॉफी के शतक और सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी की मैच जिताऊ पारियां शामिल हैं. वर्तमान समय में विराट सिंह झारखंड क्रिकेट के सबसे अनुभवी खिलाड़ियों में गिने जाते हैं. उनकी कप्तानी में छोटानागपुर रॉयल्स से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है. हाल ही में खेले गए मुकाबलों में उनकी टीम ने जीत भी दर्ज की है, जिससे टीम का मनोबल काफी ऊंचा है. क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि विराट का अनुभव और शांत नेतृत्व टीम को खिताब की दौड़ में बनाए रख सकता है. जमशेदपुर के लिए यह गर्व की बात है कि शहर का एक खिलाड़ी आज राज्य की सबसे बड़ी टी-20 लीग में कप्तानी कर रहा है. विराट सिंह की सफलता यह साबित करती है कि प्रतिभा, मेहनत और अनुशासन के दम पर किसी भी मुकाम तक पहुंचा जा सकता है. आने वाले मुकाबलों में क्रिकेट प्रेमियों की निगाहें उनके बल्ले और कप्तानी दोनों पर टिकी रहेंगी, क्योंकि विराट सिंह आज झारखंड क्रिकेट की नई पहचान बन चुके हैं. Source link

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रोहितश्य रॉय बनाए गए झारखंड के नए महाधिवक्ता:राजीव रंजन का इस्तीफा हुआ...

झारखंड के महाधिवक्ता (एजी) राजीव रंजन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपने त्यागपत्र में निजी और स्वास्थ्य संबंधी कारणों का उल्लेख किया है। राजीव रंजन फरवरी 2020 में राज्य के महाधिवक्ता नियुक्त किए गए थे। तब से इस संवैधानिक पद पर कार्यरत थे। राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया। इसके साथ ही राज्य सरकार ने झारखंड हाईकोर्ट के अधिवक्ता रोहितश्य रॉय को नया महाधिवक्ता नियुक्त किया है। वहीं, अपर महाधिवक्ता अचुत्य केशव को पदोन्नत कर वरीय अपर महाधिवक्ता बनाया गया है। इस घटनाक्रम ने राज्य के राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज कर दी है। इस्तीफे को लेकर सियासी अटकलों का दौर तेज राजीव रंजन के इस्तीफे के बाद कई तरह की अटकलें सामने आ रही हैं। चर्चा है कि उनकी नियुक्ति कांग्रेस की नजदीकी और राहुल गांधी की पहल पर हुई थी। कहा जाता है कि उन्होंने राहुल गांधी से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले की पैरवी कर उन्हें राहत दिलाई थी। जिसके बाद उन्हें यह पद मिला। अब उनके अचानक इस्तीफे को लेकर राजनीतिक गलियारों में सवाल उठ रहे हैं। कुछ विश्लेषक इसे आगामी राज्यसभा चुनाव से जोड़कर देख रहे हैं, जबकि अन्य का मानना है कि महागठबंधन के भीतर चल रहे मतभेद भी इसकी एक वजह हो सकते हैं। हाई प्रोफाइल केस और सरकार से दूरी की चर्चा इस्तीफे के पीछे एक हाई प्रोफाइल केस में अपेक्षित सफलता नहीं मिलने की बात भी सामने आ रही है। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन राजनीतिक चर्चाओं में यह मुद्दा प्रमुखता से उठ रहा है। इसके अलावा, राज्य सरकार और कांग्रेस के बीच बढ़ती दूरी को भी एक अहम कारण माना जा रहा है। प्रशासनिक हलकों में भी इस फैसले को लेकर अलग-अलग व्याख्याएं सामने आ रही हैं, जिससे स्थिति और अधिक जटिल होती नजर आ रही है। भाजपा बोली- म्यूजिकल चेयर का खेल चल रहा महाधिवक्ता के इस्तीफे पर भाजपा ने हेमंत सरकार पर तीखा हमला बोला है। पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता अजय साह ने कहा कि झारखंड में शासन नहीं, बल्कि “म्यूजिकल चेयर” का खेल चल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों का भविष्य सुरक्षित नहीं है। भाजपा ने सरकार से राजीव रंजन के पूरे कार्यकाल का श्वेत पत्र जारी करने की मांग की है। पार्टी ने पूछा है कि उनके कार्यकाल में कितने मुकदमे जीते और हारे गए, बाहरी वकीलों पर कितना खर्च हुआ और राज्य को इससे क्या लाभ मिला। भाजपा ने यह भी सवाल उठाया कि यदि उनका कार्यकाल संतोषजनक था तो इस्तीफा क्यों लिया गया और यदि नहीं था तो उन्हें इतने लंबे समय तक पद पर क्यों बनाए रखा गया। Source link

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गोण्डामारा गांव जाकर मृतक के परिवार से मिले पूर्व सीएम, मदद का...

राजनगर| पूर्व मुख्यमंत्री सह स्थानीय विधायक चंपाई सोरेन रविवार को गोण्डामारा गांव जाकर वज्रपात से मरे व्यक्ति के परिजनों से मिलकर हर संभव मदद का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि वह हमेशा सहायता करते रहेंगे। उन्होंने बीडीओ को आदेश देते हुए कहा कि मृतक के परिवार को जो भी सरकारी सहायता मिलनी चाहिए, आप अपने स्तर से परिवार को मदद पहुंचाएं। इस दौरान बीडीओ मलई कुमार ने कहा कि जो भी सरकारी प्रक्रिया के तहत सरकारी लाभ होगा, परिवारों को निश्चित रूप से दिलाने का काम करेंगे। इस दौरान वकील सोरेन गुरु प्रसाद महतो दिलीप रावत विष्णु मुर्मू करमू पान आदि अनेक लोग उपस्थित थे | Source link

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हाथों से बनी राखियों ने दिलाई रांची की पूर्णिमा को अलग पहचान,...

Last Updated:June 15, 2026, 06:30 IST Ranchi Purnima Success Story: रांची की पूर्णिमा हाथ से यूनिक राखियां बनाकर अपना ब्रांड चलाती हैं. उन्होंने बताया कि जुलाई-अगस्त महीने में ही उनकी अच्छी कमाई हो जाती है. इसके अलावा वह मेले में स्टॉल लगाती हैं. साथ ही इंस्टाग्राम -फेसबुक पर प्रचार करती हैं. इसकी वजह से बेंगलुरु, दिल्ली और कोलकाता शहर तक से ऑर्डर मिलते हैं. ख़बरें फटाफट रांची: झारखंड की राजधानी रांची की रहने वाली पूर्णिमा बताती हैं कि रक्षाबंधन के 2 महीने पहले ही वह काफी सक्रिय हो जाती हैं. वह अपने हाथों से राखी बनाने का काम करती हैं और इतना यूनिक कलेक्शन बनाती हैं कि ऐसा दूसरा पीस आपको शायद ही देखने को मिले और दाम भी मात्र ₹40 से शुरू होता है. उन्होंने बताया हमारे पास मांगटीका राखी भाभी के लिए है तो भैया के लिए शिवलिंग और गणेश राखी है. आइये जानते हैं उनकी सफलता के बारे में. पूर्णिमा बताती हैं कि यह सारा कुछ वह अपने हाथों से बनाती हैं. उन्होंने अपना ब्रांड भी बनाया है, जिसके तहत ये बेचने का काम करती हैं. उनके ब्रांड का आलम यह है कि सिर्फ यह दो महीने में ही जुलाई व अगस्त में ही अच्छी खासी इनकम दे जाता है. इसके लिए सबसे जरूरी है कि आपके पास सबसे यूनिक कलेक्शन होना चाहिए. मतलब ऐसा दूसरा कलेक्शन किसी और के पास बिल्कुल भी नहीं होना चाहिए. सबसे अलग हटकर होना चाहिए कलेक्शन पूर्णिमा बताती हैं लोग राखी में अक्सर सिर्फ और सिर्फ यूनीक चीज ढूंढते हैं. उनको यूनिक थाली व राखी चाहिए. इसलिए उन्होंने शिवलिंग राखी बनाया है. अब आप बताइए ऐसा दूसरा आपको कहां पर मिलेगा. अब क्या है कि जो भी कस्टमर आते हैं. वह एक नजर में देखकर उठा लेते हैं. अगर आपको इस तरह का बिजनेस करना है तो यूनिक में कोई समझौता नहीं होना चाहिए. वहीं, दूसरी चीज, इसमें आपको बहुत ज्यादा ब्रांडिंग या फिर मार्केटिंग की जरूरत नहीं पड़ती है. साधारण तौर पर अगर आपके पास यूनिक कलेक्शन है तो आप बाजार में भी दे सकते हैं व मॉल में भी दे सकते हैं. उन्हें इतने यूनिक कलेक्शन की काफी जरूरत होती है और दूसरी बात आप मेले में अपना स्टॉल लगा सकते हैं. जैसे वह लगाती हैं. जहां पर एक-एक बार में लोग एक-एक दो-दो हजार की शॉपिंग करते हैं. इंस्टाग्राम और फेसबुक का लें सहारा आजकल सोशल मीडिया का जमाना है. ऐसे में आप इंस्टाग्राम पर पेज बनाकर अपने राखी का वीडियो डालें या फिर फेसबुक में भी इस तरह का वीडियो डाल सकते हैं. वहां से जल्दी ऑर्डर आते हैं. वहां से क्या है कि बेंगलुरु, दिल्ली व कोलकाता जैसे शहरों से आर्डर आते हैं, जैसे मुझे आते हैं. एक बात का ध्यान रखना है कि वीडियो क्वालिटी शानदार होनी चाहिए, बढ़िया से एडिट करवा लीजिए और फिर देखिए कैसे आपको ऑर्डर मिलने शुरू होते हैं. About the Author Brijendra Pratap Singh बृजेंद्र प्रताप सिंह डिजिटल-टीवी मीडिया में (2021) लगभग 5 सालों से सक्रिय हैं. मेट्रो न्यूज 24 टीवी चैनल मुंबई, ईटीवी भारत डेस्क, दैनिक भास्कर डिजिटल डेस्क के अनुभव के साथ 14 मई 2024 से News.in में सीनियर कंटें…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Ranchi,Jharkhand Source link

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नल जल योजना पर ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, मंत्री-विधायक पर साधा निशाना

भास्कर न्यूज|लोहरदगा लोहरदगा जिले के कैरो प्रखंड अंतर्गत हनहट पंचायत के ग्राम हनहट में नल-जल योजना की बदहाल स्थिति को लेकर ग्रामीणों ने नाराजगी जताई। ग्रामीणों का आरोप है कि योजना के तहत संवेदक द्वारा 5000 लीटर क्षमता का मिनी वाटर टावर व सिंटेक्स टैंक तो स्थापित कर दिया गया है, लेकिन अब तक किसी भी लाभुक को शुद्ध पेयजल उपलब्ध नहीं कराया गया है। इस संबंध में सामाजिक कार्यकर्ता पवन तिग्गा ने कहा कि नल-जल योजना झारखंड सरकार के मंत्री और विधायक की भेंट चढ़ गई है। करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद ग्रामीणों को इसका लाभ नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी के बीच लोग पेयजल संकट से जूझ रहे हैं, जबकि जिम्मेदार विभाग और जनप्रतिनिधि मौन हैं। मौके पर मौजूद भाजपा युवा नेता व जिला अध्यक्ष अजय पंकज ने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीणों को बिजली, पानी, दवा और एम्बुलेंस जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने में विफल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि जनता मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशान है, जबकि मंत्री और विधायक अपनी जिम्मेदारियों से दूर हैं। अजय पंकज ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि पीएचईडी विभाग द्वारा 15 दिनों के भीतर ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध नहीं कराया गया, तो भारतीय जनता पार्टी चरणबद्ध आंदोलन शुरू करेगी। उन्होंने कहा कि आंदोलन के दौरान उत्पन्न होने वाली किसी भी स्थिति की पूरी जिम्मेदारी विभाग की होगी। इस अवसर पर मिथुन तमैड़, गोविंद महतो, रामचंद्र गिरी, बालेश्वर महतो, जसवंत ठाकुर, उखज साहू, दुजीत ठाकुर, उमेश ठाकुर, गोपाल महतो, बबलू कुमार, सुरेंद्र महतो, उमेश साहू, दिलेश्वर भगत, मोहन साहू, श्रवण मुंडा, रामदयाल भगत, नंदकिशोर भगत, मनोज कुमार, दुर्गा देवी, बसंती देवी, वर्षा देवी, रीता देवी, नंदकिशोर नाथ शाहदेव, चंदन कुमार यादव, सीताराम यादव, कृष्णमणि यादव, सत्यनारायण महतो सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे। Source link

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आज रांची समेत 11 जिलों में बारिश की संभावना:राज्य में बीते 24...

झारखंड में पिछले 24 घंटे के दौरान मानसून की सक्रियता बढ़ने के साथ राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। सबसे अधिक बारिश कोडरमा के तिलैया में 46.4 मिमी रिकॉर्ड की गई, जबकि चंदवा में 45.2 मिमी और रांची के कांके में 42.5 मिमी बारिश हुई। इसके अलावा पूर्वी सिंहभूम में करीब 24 मिमी बारिश दर्ज की गई। रांची, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां और बोकारो समेत कई जिलों में भी बारिश हुई, जिससे तापमान में गिरावट आई और लोगों को गर्मी से राहत मिली। रांची में शाम को बदला मौसम, कई इलाकों में जलजमाव रविवार को राजधानी रांची में दिनभर तेज धूप रही और तापमान लगभग 35 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना रहा। हालांकि शाम छह बजे के बाद अचानक मौसम बदला और तेज बारिश शुरू हो गई। देर रात तक गर्जन के साथ बारिश होती रही। भारी बारिश के कारण शहर के कई इलाकों जैसे सेवा सदन पथ, जयपाल सिंह स्टेडियम के आसपास, मेन रोड और स्टेशन रोड में जलजमाव की स्थिति बन गई। वहीं, सुरक्षा के दृष्टिकोण से कई क्षेत्रों में आधे से एक घंटे तक बिजली आपूर्ति भी बाधित रही। आज 11 जिलों में बरसेंगे बादल मौसम विभाग के अनुसार सोमवार को झारखंड के दक्षिणी, मध्य और पूर्वी जिलों में बादल छाए रहेंगे और कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक हो सकती है। रांची, खूंटी, गुमला, सिमडेगा, लोहरदगा, पश्चिमी एवं पूर्वी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, रामगढ़, बोकारो और हजारीबाग में बारिश की संभावना है। कुछ स्थानों पर वज्रपात और 50-60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। लोगों को खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है। यहां उमस भरी गर्मी का अधिक रहेगा असर वहीं, राज्य के उत्तर-पश्चिमी जिलों जैसे पलामू, गढ़वा, चतरा, लातेहार, कोडरमा, गिरिडीह, देवघर, गोड्डा, पाकुड़ और साहिबगंज में बारिश की गतिविधियां अपेक्षाकृत कम रहने के कारण उमस भरी गर्मी का असर देखने को मिल सकता है। इन इलाकों में अधिकतम तापमान 37-38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है। खासकर पलामू प्रमंडल में दिन का तापमान अन्य जिलों की तुलना में अधिक रहने की संभावना है। अगले कुछ दिन जारी रहेगा बारिश मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार झारखंड में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं। समुद्र तल पर मौसमी ट्रफ पश्चिम राजस्थान से गंगेटिक पश्चिम बंगाल तक झारखंड होते हुए गुजर रही है, जिससे एक सक्रिय सिस्टम बना हुआ है। इसका असर अगले चार से पांच दिनों तक राज्य में देखने को मिल सकता है। इस दौरान कई जिलों में बारिश जारी रहने की संभावना है। जिससे तापमान में गिरावट और मौसम सुहावना बना रह सकता है। Source link

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