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गोण्डामारा गांव जाकर मृतक के परिवार से मिले पूर्व सीएम, मदद का...

राजनगर| पूर्व मुख्यमंत्री सह स्थानीय विधायक चंपाई सोरेन रविवार को गोण्डामारा गांव जाकर वज्रपात से मरे व्यक्ति के परिजनों से मिलकर हर संभव मदद का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि वह हमेशा सहायता करते रहेंगे। उन्होंने बीडीओ को आदेश देते हुए कहा कि मृतक के परिवार को जो भी सरकारी सहायता मिलनी चाहिए, आप अपने स्तर से परिवार को मदद पहुंचाएं। इस दौरान बीडीओ मलई कुमार ने कहा कि जो भी सरकारी प्रक्रिया के तहत सरकारी लाभ होगा, परिवारों को निश्चित रूप से दिलाने का काम करेंगे। इस दौरान वकील सोरेन गुरु प्रसाद महतो दिलीप रावत विष्णु मुर्मू करमू पान आदि अनेक लोग उपस्थित थे | Source link

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हाथों से बनी राखियों ने दिलाई रांची की पूर्णिमा को अलग पहचान,...

Last Updated:June 15, 2026, 06:30 IST Ranchi Purnima Success Story: रांची की पूर्णिमा हाथ से यूनिक राखियां बनाकर अपना ब्रांड चलाती हैं. उन्होंने बताया कि जुलाई-अगस्त महीने में ही उनकी अच्छी कमाई हो जाती है. इसके अलावा वह मेले में स्टॉल लगाती हैं. साथ ही इंस्टाग्राम -फेसबुक पर प्रचार करती हैं. इसकी वजह से बेंगलुरु, दिल्ली और कोलकाता शहर तक से ऑर्डर मिलते हैं. ख़बरें फटाफट रांची: झारखंड की राजधानी रांची की रहने वाली पूर्णिमा बताती हैं कि रक्षाबंधन के 2 महीने पहले ही वह काफी सक्रिय हो जाती हैं. वह अपने हाथों से राखी बनाने का काम करती हैं और इतना यूनिक कलेक्शन बनाती हैं कि ऐसा दूसरा पीस आपको शायद ही देखने को मिले और दाम भी मात्र ₹40 से शुरू होता है. उन्होंने बताया हमारे पास मांगटीका राखी भाभी के लिए है तो भैया के लिए शिवलिंग और गणेश राखी है. आइये जानते हैं उनकी सफलता के बारे में. पूर्णिमा बताती हैं कि यह सारा कुछ वह अपने हाथों से बनाती हैं. उन्होंने अपना ब्रांड भी बनाया है, जिसके तहत ये बेचने का काम करती हैं. उनके ब्रांड का आलम यह है कि सिर्फ यह दो महीने में ही जुलाई व अगस्त में ही अच्छी खासी इनकम दे जाता है. इसके लिए सबसे जरूरी है कि आपके पास सबसे यूनिक कलेक्शन होना चाहिए. मतलब ऐसा दूसरा कलेक्शन किसी और के पास बिल्कुल भी नहीं होना चाहिए. सबसे अलग हटकर होना चाहिए कलेक्शन पूर्णिमा बताती हैं लोग राखी में अक्सर सिर्फ और सिर्फ यूनीक चीज ढूंढते हैं. उनको यूनिक थाली व राखी चाहिए. इसलिए उन्होंने शिवलिंग राखी बनाया है. अब आप बताइए ऐसा दूसरा आपको कहां पर मिलेगा. अब क्या है कि जो भी कस्टमर आते हैं. वह एक नजर में देखकर उठा लेते हैं. अगर आपको इस तरह का बिजनेस करना है तो यूनिक में कोई समझौता नहीं होना चाहिए. वहीं, दूसरी चीज, इसमें आपको बहुत ज्यादा ब्रांडिंग या फिर मार्केटिंग की जरूरत नहीं पड़ती है. साधारण तौर पर अगर आपके पास यूनिक कलेक्शन है तो आप बाजार में भी दे सकते हैं व मॉल में भी दे सकते हैं. उन्हें इतने यूनिक कलेक्शन की काफी जरूरत होती है और दूसरी बात आप मेले में अपना स्टॉल लगा सकते हैं. जैसे वह लगाती हैं. जहां पर एक-एक बार में लोग एक-एक दो-दो हजार की शॉपिंग करते हैं. इंस्टाग्राम और फेसबुक का लें सहारा आजकल सोशल मीडिया का जमाना है. ऐसे में आप इंस्टाग्राम पर पेज बनाकर अपने राखी का वीडियो डालें या फिर फेसबुक में भी इस तरह का वीडियो डाल सकते हैं. वहां से जल्दी ऑर्डर आते हैं. वहां से क्या है कि बेंगलुरु, दिल्ली व कोलकाता जैसे शहरों से आर्डर आते हैं, जैसे मुझे आते हैं. एक बात का ध्यान रखना है कि वीडियो क्वालिटी शानदार होनी चाहिए, बढ़िया से एडिट करवा लीजिए और फिर देखिए कैसे आपको ऑर्डर मिलने शुरू होते हैं. About the Author Brijendra Pratap Singh बृजेंद्र प्रताप सिंह डिजिटल-टीवी मीडिया में (2021) लगभग 5 सालों से सक्रिय हैं. मेट्रो न्यूज 24 टीवी चैनल मुंबई, ईटीवी भारत डेस्क, दैनिक भास्कर डिजिटल डेस्क के अनुभव के साथ 14 मई 2024 से News.in में सीनियर कंटें…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Ranchi,Jharkhand Source link

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नल जल योजना पर ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, मंत्री-विधायक पर साधा निशाना

भास्कर न्यूज|लोहरदगा लोहरदगा जिले के कैरो प्रखंड अंतर्गत हनहट पंचायत के ग्राम हनहट में नल-जल योजना की बदहाल स्थिति को लेकर ग्रामीणों ने नाराजगी जताई। ग्रामीणों का आरोप है कि योजना के तहत संवेदक द्वारा 5000 लीटर क्षमता का मिनी वाटर टावर व सिंटेक्स टैंक तो स्थापित कर दिया गया है, लेकिन अब तक किसी भी लाभुक को शुद्ध पेयजल उपलब्ध नहीं कराया गया है। इस संबंध में सामाजिक कार्यकर्ता पवन तिग्गा ने कहा कि नल-जल योजना झारखंड सरकार के मंत्री और विधायक की भेंट चढ़ गई है। करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद ग्रामीणों को इसका लाभ नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी के बीच लोग पेयजल संकट से जूझ रहे हैं, जबकि जिम्मेदार विभाग और जनप्रतिनिधि मौन हैं। मौके पर मौजूद भाजपा युवा नेता व जिला अध्यक्ष अजय पंकज ने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीणों को बिजली, पानी, दवा और एम्बुलेंस जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने में विफल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि जनता मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशान है, जबकि मंत्री और विधायक अपनी जिम्मेदारियों से दूर हैं। अजय पंकज ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि पीएचईडी विभाग द्वारा 15 दिनों के भीतर ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध नहीं कराया गया, तो भारतीय जनता पार्टी चरणबद्ध आंदोलन शुरू करेगी। उन्होंने कहा कि आंदोलन के दौरान उत्पन्न होने वाली किसी भी स्थिति की पूरी जिम्मेदारी विभाग की होगी। इस अवसर पर मिथुन तमैड़, गोविंद महतो, रामचंद्र गिरी, बालेश्वर महतो, जसवंत ठाकुर, उखज साहू, दुजीत ठाकुर, उमेश ठाकुर, गोपाल महतो, बबलू कुमार, सुरेंद्र महतो, उमेश साहू, दिलेश्वर भगत, मोहन साहू, श्रवण मुंडा, रामदयाल भगत, नंदकिशोर भगत, मनोज कुमार, दुर्गा देवी, बसंती देवी, वर्षा देवी, रीता देवी, नंदकिशोर नाथ शाहदेव, चंदन कुमार यादव, सीताराम यादव, कृष्णमणि यादव, सत्यनारायण महतो सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे। Source link

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आज रांची समेत 11 जिलों में बारिश की संभावना:राज्य में बीते 24...

झारखंड में पिछले 24 घंटे के दौरान मानसून की सक्रियता बढ़ने के साथ राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। सबसे अधिक बारिश कोडरमा के तिलैया में 46.4 मिमी रिकॉर्ड की गई, जबकि चंदवा में 45.2 मिमी और रांची के कांके में 42.5 मिमी बारिश हुई। इसके अलावा पूर्वी सिंहभूम में करीब 24 मिमी बारिश दर्ज की गई। रांची, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां और बोकारो समेत कई जिलों में भी बारिश हुई, जिससे तापमान में गिरावट आई और लोगों को गर्मी से राहत मिली। रांची में शाम को बदला मौसम, कई इलाकों में जलजमाव रविवार को राजधानी रांची में दिनभर तेज धूप रही और तापमान लगभग 35 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना रहा। हालांकि शाम छह बजे के बाद अचानक मौसम बदला और तेज बारिश शुरू हो गई। देर रात तक गर्जन के साथ बारिश होती रही। भारी बारिश के कारण शहर के कई इलाकों जैसे सेवा सदन पथ, जयपाल सिंह स्टेडियम के आसपास, मेन रोड और स्टेशन रोड में जलजमाव की स्थिति बन गई। वहीं, सुरक्षा के दृष्टिकोण से कई क्षेत्रों में आधे से एक घंटे तक बिजली आपूर्ति भी बाधित रही। आज 11 जिलों में बरसेंगे बादल मौसम विभाग के अनुसार सोमवार को झारखंड के दक्षिणी, मध्य और पूर्वी जिलों में बादल छाए रहेंगे और कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक हो सकती है। रांची, खूंटी, गुमला, सिमडेगा, लोहरदगा, पश्चिमी एवं पूर्वी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, रामगढ़, बोकारो और हजारीबाग में बारिश की संभावना है। कुछ स्थानों पर वज्रपात और 50-60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। लोगों को खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है। यहां उमस भरी गर्मी का अधिक रहेगा असर वहीं, राज्य के उत्तर-पश्चिमी जिलों जैसे पलामू, गढ़वा, चतरा, लातेहार, कोडरमा, गिरिडीह, देवघर, गोड्डा, पाकुड़ और साहिबगंज में बारिश की गतिविधियां अपेक्षाकृत कम रहने के कारण उमस भरी गर्मी का असर देखने को मिल सकता है। इन इलाकों में अधिकतम तापमान 37-38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है। खासकर पलामू प्रमंडल में दिन का तापमान अन्य जिलों की तुलना में अधिक रहने की संभावना है। अगले कुछ दिन जारी रहेगा बारिश मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार झारखंड में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं। समुद्र तल पर मौसमी ट्रफ पश्चिम राजस्थान से गंगेटिक पश्चिम बंगाल तक झारखंड होते हुए गुजर रही है, जिससे एक सक्रिय सिस्टम बना हुआ है। इसका असर अगले चार से पांच दिनों तक राज्य में देखने को मिल सकता है। इस दौरान कई जिलों में बारिश जारी रहने की संभावना है। जिससे तापमान में गिरावट और मौसम सुहावना बना रह सकता है। Source link

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Aaj Ka Mausam Live | Today Weather Live | 70KMPH की तूफानी...

Today Weather News Live: जून का आधा महीना गुजरने को है, लेकिन देश के कई हिस्सों में मानसून अभी भी अपनी पूरी रफ्तार नहीं पकड़ पाया है. एक तरफ पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में बादल जमकर बरसने की तैयारी में हैं, तो दूसरी तरफ उत्तर-पश्चिम भारत के कई इलाकों में आंधी, धूलभरी हवाएं और बढ़ती गर्मी लोगों की मुश्किलें बढ़ा सकती हैं. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक, आज देशभर में मौसम के कई रंग देखने को मिलेंगे. बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, जबकि राजस्थान, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा और पंजाब में तेज आंधी और गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है. वहीं महाराष्ट्र के विदर्भ और मराठवाड़ा क्षेत्रों में लू का प्रकोप जारी रह सकता है. मौसम विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिनों में मानसून महाराष्ट्र, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, ओडिशा, झारखंड और बिहार के बाकी हिस्सों में आगे बढ़ सकता है, जिससे कई राज्यों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है. हालांकि उत्तर-पश्चिम भारत में अभी भी मानसून की रफ्तार सुस्त बनी हुई है और यहां लोगों को गर्मी और उमस दोनों का सामना करना पड़ सकता है. बारिश तो आज यहां कहर ढाएगा मौसम विभाग के मुताबिक, पूर्वोत्तर भारत में सबसे अधिक बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है. अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भारी बारिश होने की संभावना है. मौसम विभाग ने अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय सहित कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. अरुणाचल प्रदेश और असम-मेघालय के कुछ इलाकों में बहुत भारी बारिश भी हो सकती है, जिससे निचले क्षेत्रों में जलभराव और भूस्खलन का खतरा बढ़ सकता है. वहीं पूर्वी भारत की बात करें तो बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में बारिश और गरज-चमक का दौर बना रहेगा. बिहार और झारखंड के कई इलाकों में बिजली गिरने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है. ओडिशा में भी गरज-चमक के साथ बारिश और 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है. पश्चिम बंगाल के उप-हिमालयी क्षेत्रों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है. बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में बारिश और गरज-चमक का दौर बना रहेगा. मध्य भारत में छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और विदर्भ क्षेत्र में मौसम सक्रिय रहेगा. यहां कई जगहों पर गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है. पश्चिम और पूर्वी मध्य प्रदेश में तेज आंधी के साथ 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाएं चलने की संभावना है. छत्तीसगढ़ और विदर्भ में भी बारिश के साथ बिजली गिरने का खतरा बना रहेगा. राजस्थान में 70KMPH की तूफानी हवा राजस्थान में मौसम सबसे ज्यादा उग्र रूप दिखा सकता है. मौसम विभाग ने पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान में थंडरस्क्वॉल यानी तेज आंधी का अलर्ट जारी किया है. यहां 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जिनके झोंके 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं. पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों में धूलभरी आंधी की भी संभावना जताई गई है. ऐसे में लोगों को खुले स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी गई है. महाराष्ट्र में दोहरी स्थिति देखने को मिलेगी. एक तरफ कोंकण और गोवा के कुछ इलाकों में उमस भरा मौसम बना रहेगा, वहीं दूसरी तरफ विदर्भ और मराठवाड़ा में हीटवेव का असर जारी रहने की संभावना है. मौसम विभाग ने मराठवाड़ा और विदर्भ के अलग-अलग इलाकों में लू चलने का अलर्ट जारी किया है. वहीं मध्य महाराष्ट्र में गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश हो सकती है. दक्षिण भारत में केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का सिलसिला जारी रहेगा. केरल और तटीय कर्नाटक में व्यापक वर्षा होने की संभावना है. तमिलनाडु और पुडुचेरी में गरज-चमक के साथ बारिश का अनुमान है. तेलंगाना और रायलसीमा में तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है. दक्षिणी राज्यों में मानसून की सक्रियता लगातार बढ़ रही है. दिल्ली में बादलों का डेरा, 60KMPH से चल सकती है आंधी राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 15 जून को आसमान आंशिक रूप से बादलों से घिरा रहेगा. मौसम विभाग के अनुसार दोपहर या शाम के समय बहुत हल्की से हल्की बारिश हो सकती है. इसके साथ ही गरज-चमक और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जिनके झोंके 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं. हालांकि बारिश की संभावना के बावजूद दिल्लीवासियों को गर्मी से तत्काल राहत मिलने की उम्मीद कम है. मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले सात दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है. न्यूनतम तापमान भी 3 से 5 डिग्री तक बढ़ सकता है, जिससे उमस और गर्मी दोनों में इजाफा होगा. यूपी में आंधी और उत्तराखंड में बारिश के आसार उत्तर प्रदेश में मौसम का मिजाज अलग-अलग क्षेत्रों में अलग रहेगा. पश्चिमी उत्तर प्रदेश में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश और तेज हवाओं की संभावना है. वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में आंधी और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है. मौसम विभाग ने 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाओं का अलर्ट जारी किया है. उत्तराखंड में अगले 24 घंटे मौसम काफी उथलपुथल वाला रहेगा. पर्वतीय जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. कई स्थानों पर गरज-चमक और बिजली गिरने की भी संभावना है. चारधाम यात्रा मार्गों पर जाने वाले यात्रियों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है क्योंकि पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और सड़क बाधित होने की आशंका बनी हुई है. बिहार-झारखंड में मानसून का असर बिहार में मानसूनी गतिविधियां धीरे-धीरे मजबूत होती दिखाई दे रही हैं. राज्य के कई हिस्सों में बादल छाए रहेंगे और गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है. कुछ इलाकों में तेज हवाएं भी चल सकती हैं. मौसम विभाग ने लोगों को बिजली गिरने के खतरे को देखते हुए सावधानी बरतने की सलाह दी है. झारखंड में भी मौसम का मिजाज बदला हुआ रहेगा. राज्य के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम

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विश्व रक्तदाता दिवस पर सरायकेला सदर अस्पताल में शपथ ग्रहण समारोह

सरायकेला| विश्व रक्तदाता दिवस के अवसर पर सरायकेला के सदर अस्पताल स्थित ब्लड बैंक सरायकेला में शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन किया गया। जिसमें ब्लड बैंक प्रभारी डॉ अनुपमा कुमारी ने उपस्थित लोगों को राष्ट्रहित एवं मानव जीवन हित में रक्तदान करने के लिए शपथ दिलाई। इस अवसर पर उन्होंने लोगों को नियमित रूप से अपना रक्त दान करने के लिए प्रेरित करते हुए शपथ दिलाई की देश में रक्त की आवश्यकता को देखते हुए स्वयं सहित अपने परिवार, दोस्तों, रिश्तेदारों, सहयोगियों और आमजन को भी नियमित रूप से सुरक्षित अवैतनिक रक्तदान करने के लिए जागरूक करेंगे। साथ ही जब भी कभी किसी को रक्त की आवश्यकता पड़ने पर बिना किसी लोग और बिना किसी भेदभाव के रक्तदान करने की शपथ दिलाई गई। ब्लड बैंक सरायकेला के लैब टेक्नीशियन अर्धेंदु कुमार सिंह सहित पूरी टीम की उपस्थिति में उन्होंने कहा कि हर किसी का प्रयास होना चाहिए कि रक्त की कमी से अपने आसपास के किसी भी व्यक्ति की जान ना जाए। Source link

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गणेश जन्म की कथा सुन कर आनंदित हुए श्रद्धालु

बोकारो | थाना मोड़ सेक्टर-3 स्थित दुर्गा मंदिर में आयोजित शिव महापुराण कथा में श्रद्धालुओं ने भगवान गणेश के जन्म और दैत्यराज जालंधर वध की पावन कथा का श्रवण किया। मंदिर के पुजारी श्री संजय पाण्डेय ने बताया कि कथावाचक व्यास संतोष पाण्डेय ने शिव पुराण के प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन किया। कथा में बताया गया कि माता पार्वती ने उबटन से बालक की रचना कर उसे द्वारपाल बनाया। भगवान शिव द्वारा रोके जाने पर हुए संघर्ष में बालक का सिर धड़ से अलग हो गया, जिसे बाद में हाथी के शिशु का सिर जोड़कर गणेश रूप दिया गया और प्रथम पूज्य होने का वरदान मिला। जालंधर वध प्रसंग में उसकी पत्नी वृंदा के सतीत्व, भगवान विष्णु की लीला और अंततः भगवान शिव द्वारा धर्म रक्षा हेतु जालंधर के वध का वर्णन किया गया। Source link

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60KM की रफ्तार से हवाएं, वज्रपात और तेज बारिश का खतरा! रांची,...

रांची: झारखंड में मानसून ने दस्तक दे दी है. आज जून को झारखंड के अधिकांश जिलों में मौसम का मिजाज बदला-बदला रहने की संभावना है. रांची मौसम विभाग के अनुसार दक्षिणी, मध्य और पूर्वी जिलों में बादल छाए रहेंगे तथा कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं. वहीं, उत्तर-पश्चिमी जिलों में गर्मी और उमस का असर अपेक्षाकृत अधिक देखने को मिल सकता है. IMD के अनुसार आज झारखंड में आंधी- तूफान के साथ बारिश की संभावना है. ऐसे में लोगों को सावधान रहने की आवश्यकता है. झारखंड के इन जिलों में बारिश की संभावना आज रांची, खूंटी, गुमला, सिमडेगा, लोहरदगा, पश्चिमी सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, रामगढ़, बोकारो और हजारीबाग में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है. वहीं, कुछ इलाकों में मेघगर्जन और वज्रपात भी हो सकता है. मौसम विभाग ने लोगों को खुले मैदान और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी है. कुछ जिलों में भारी बारिश और 50-60KM की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं. झारखंड के इन जिलों में गर्मी और उमस का अलर्ट आज झारखंड के पलामू, गढ़वा, चतरा, लातेहार, कोडरमा, गिरिडीह, देवघर, गोड्डा, पाकुड़ और साहिबगंज में बारिश की गतिविधियां अपेक्षाकृत कम रहने के कारण उमस भरी गर्मी महसूस हो सकती है. खासकर पलामू प्रमंडल के इलाकों में दिन का तापमान अन्य जिलों की तुलना में अधिक रहने का अनुमान है. ऐसे में लोगों को सावधान रहने की आवश्यकता है. इन जिलों का अधिकतम तापमान 37-38°C तक पहुंच सकता है. झारखंड में आज इतना रहेगा तापमान झारखंड में आज अधिकतम तापमान 32 से 37 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है. वहीं, पलामू और गढ़वा में अधिकतम तापमान 36-37 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जबकि रांची, गुमला, सिमडेगा और पश्चिमी सिंहभूम में तापमान 30-33 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है. न्यूनतम तापमान अधिकांश जिलों में 22 से 27 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है. ऐसे में कहा जा सकता है कि आज राज्य का अधिकतम तापमान 38°C और न्यूनतम 28°C तक रह सकता है. झारखंड के इन जिलों का मौसम रहेगा सुहावना आज रांची, नेतरहाट क्षेत्र (लातेहार), गुमला, सिमडेगा, खूंटी और पश्चिमी सिंहभूम के इलाकों में बादल और बारिश के कारण मौसम अपेक्षाकृत सुहावना रहने की संभावना है. यहां लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिल सकती है और तापमान सामान्य से नीचे रह सकता है. ऐसे में मानसून की सक्रियता के साथ राज्य में वज्रपात का खतरा भी बना हुआ है. हाल के दिनों में ठनका गिरने की घटनाओं में कई लोगों की जान जा चुकी है. ऐसे में मौसम खराब होने पर खेतों, खुले मैदानों और ऊंचे पेड़ों से दूर रहने की सलाह दी गई है. झारखंड में कल कहां-कहां हुई बारिश? झारखंड में रविवार को मानसून की सक्रियता बढ़ने के साथ झारखंड के कई हिस्सों में बारिश दर्ज की गई. सबसे अधिक वर्षा पूर्वी सिंहभूम जिले में लगभग 24 मिमी रिकॉर्ड की गई. इसके अलावा रांची, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, बोकारो और आसपास के क्षेत्रों में भी हल्की से मध्यम बारिश हुई. बारिश के कारण कई जिलों में तापमान में गिरावट दर्ज की गई और लोगों को गर्मी से राहत मिली. Source link

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No salary for 14 months… 2,000 vocational teachers protest outside CM’s residence

रांची1 दिन पहले कॉपी लिंक 14 महीने से लंबित वेतन के भुगतान की मांग को लेकर शनिवार को झारखंड के 2,000 से अधिक वोकेशनल टीचर मुख्यमंत्री आवास घेरने पहुंचे। राज्य के विभिन्न जिलों से आए शिक्षकों ने सीएम आवास के पास सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। कहा- लंबे समय से मानदेय नहीं मिलने के कारण उनके सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। प्रदर्शनकारी शिक्षकों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से सीधे मुलाकात कर अपनी समस्याओं से अवगत कराने और जल्द समाधान की मांग की। शिक्षकों का कहना है कि वेतन के अभाव में उनके बच्चों की पढ़ाई, घर का किराया, इलाज और अन्य जरूरी खर्चों को पूरा करने में परेशानी हो रही है। कई बार संबंधित विभाग और अधिकारियों के समक्ष अपनी मांगें रखीं, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई। इसी कारण उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा। प्रदर्शन के दौरान मुख्यमंत्री आवास के आसपास सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। मौके पर एसडीएम कुमार रजत, जिला शिक्षा अधीक्षक बादल राज और झारखंड एजुकेशन प्रोजेक्ट काउंसिल (जेईपीसी) के अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की। अधिकारियों ने शिक्षकों को आश्वस्त किया कि उनकी समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक पहल की जाएगी। आउटसोर्सिंग कंपनियों के भरोसे शिक्षा राज्य में युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए वर्ष 2014-15 में माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक स्तर पर व्यावसायिक शिक्षा कार्यक्रम शुरू किया गया था। इसके तहत कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों को आईटी, हेल्थकेयर, रिटेल, एग्रीकल्चर समेत विभिन्न रोजगारोन्मुखी विषय पढ़ाए जाते हैं। सरकार ने इस योजना के संचालन की जिम्मेदारी आउटसोर्सिंग कंपनियों को सौंप रखी है, जिनके माध्यम से ये टीचर नियुक्त हुए हैं। अब कंपनियां और विभाग एक-दूसरे पर ठीकरा फोड़ रहे हैं। 10 वर्षों से समय पर वेतन नहीं मिला झारखंड व्यावसायिक प्रशिक्षक संघ के प्रदेश सचिव विक्रम महतो ने कहा कि पिछले 10 वर्षों में कभी भी समय पर मानदेय का भुगतान नहीं हुआ। हर बार आंदोलन या हड़ताल के बाद ही वेतन जारी किया जाता है। उन्होंने कहा कि 2019 के बाद से मानदेय में कोई वृद्धि नहीं हुई है, जबकि महंगाई लगातार बढ़ रही है। प्रदेश सचिव ने चेतावनी दी कि जब तक बकाया वेतन का भुगतान नहीं किया जाता, तब तक वोकेशनल टीचर स्कूलों में पढ़ाने नहीं जाएंगे। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ Source link

झारखंड

खुदाई में प्रतिमा मिलने की सूचना मिलते ही आसपास के गांवों के...

भास्कर न्यूज | इटखोरी/पत्थलगड़ा चतरा जिले के इटखोरी प्रखंड के करनी गांव स्थित बामणी तालाब की खुदाई के दौरान एक प्राचीन प्रतिमा और कई पुरातात्विक अवशेष मिलने से क्षेत्र में उत्साह का माहौल है। हिंदू देवी-देवता की प्रतिमा मिलने के बाद उसे पीपल पेड़ के नीचे रख कर पूजा पाठ किया जा रहा है। तालाब से जेसीबी के माध्यम से मिट्टी निकाली जा रही थी। इसी दौरान चालक विकास कुमार दांगी की नजर काले पत्थर से बनी प्रतिमा और प्राचीन मंदिर के अवशेष पर पड़ी। प्रतिमा मिलने की सूचना फैलते ही आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंचे और विधिवत पूजा-अर्चना शुरू कर दी। ग्रामीण श्रवण कुमार वर्मा ने बताया कि तालाब की दो से तीन फीट गहराई में खुदाई के दौरान करीब ढाई से तीन फीट ऊंची यह प्रतिमा प्राप्त हुई है। ग्रामीण इसे शुभ संकेत मान रहे हैं। पुरातत्वविद् डॉ. उदेश कुमार ने प्रतिमा की पहचान उमा महेश्वरी की प्रतिमा के रूप में करते हुए बताया कि यह पाल कालीन प्रतीत होती है और इसका कालखंड 9वीं से 12वीं शताब्दी के बीच का हो सकता है। उन्होंने बताया कि यह मूर्ति शिव-पार्वती की आलिंगन मुद्रा को दर्शाती है। प्रतिमा में भगवान शिव के चरणों के नीचे नंदी तथा माता पार्वती के चरणों के नीचे सिंह अंकित है, जो दांपत्य प्रेम और पारिवारिक स्वरूप का प्रतीक माना जाता है। ^इटखोरी और उसके आसपास के क्षेत्रों से पूर्व में भी अनेक प्राचीन प्रतिमाएं प्राप्त हो चुकी हैं। इटखोरी स्थित प्राचीन भद्रकाली मंदिर तथा ऐतिहासिक बिहारी स्थान में भी इस प्रकार की प्रतिमाएं मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि इटखोरी से मयूरहंड के बीच पुरातत्व विभाग द्वारा उमा महेश्वर की 12 से 15 प्रतिमाओं की पहचान की जा चुकी है। यह क्षेत्र पाल कालीन सभ्यता और सांस्कृतिक धरोहरों का महत्वपूर्ण केंद्र रहा है। ऐसे में इस नई प्रतिमा की प्राप्ति से क्षेत्र की ऐतिहासिक महत्ता और बढ़ गई है।^ -डॉ. ललित आदित्य, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ हेरिटेज के सहायक प्रोफेसर और झारखंड के कई शोध और खुदाई का हिस्सा रहे । Source link

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