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रांची सहित 12 जिलों में आज भी बारिश:गर्मी से मिली राहत, अगले...

बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी और बांग्लादेश में बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन का असर मध्यप्रदेश से झारखंड तक है। जिससे रांची सहित पूरे राज्य में हुई बारिश ने गर्मी से राहत दी है। कई क्षेत्रों में ओले भी गिरे। गिरिडीह के तिसरी में ठनका गिरने से दो युवकों की मौत हो गई, मृतकों में चंदौरी निवासी स्व. प्रीतम तुरी के पुत्र नुनमुनि कुमार (24) और तनेश्वर उर्फ ठाकुर के पुत्र अमन कुमार (12) शामिल हैं। लोहरदगा के भंडरा में भी ठनका से महिला की मौत हो गई। रांची में सुबह-सुबह हुई बारिश इधर, रांची में सुबह 4.30 बजे से गरज के साथ बारिश हुई। दोपहर तक तीन से चार बार बारिश हुई। ओलावृष्टि भी हुई। कांके में 12.2 मिमी. बारिश दर्ज की गई। वहीं, धनबाद और बोकारो में 60-70 किमी. की रफ्तार से आंधी चली। हालांकि, सबसे अधिक बारिश खूंटी में 34.5 मिमी. और बेरमो में 30 मिमी. दर्ज की गई। बारिश से कई जिलों का पारा गिर गया। जमशेदपुर का अधिकतम तापमान सबसे अधिक 4.2 डिग्री गिरकर 37.5 डिग्री पर आ गया, पर रांची का 38.6 डिग्री पर बना हुआ है। खूंटी और बेरमो में सबसे अधिक वर्षा झारखंड के विभिन्न जिलों में हुई बारिश से मौसम सुहावना हो गया है। तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, सबसे अधिक वर्षा खूंटी में 34.5 मिमी और बेरमो में 30.5 मिमी दर्ज की गई। इसके अलावा कांके में 12.2 मिमी, हजारीबाग में 11.8 मिमी, बरही में 10.2 मिमी और नवाडीह में 10.0 मिमी बारिश हुई। वहीं धनबाद में 5.2 मिमी, बोकारो में 2.6 मिमी, डुमरी में 2.1 मिमी तथा पुटकी और गुमला में 2.0-2.0 मिमी वर्षा दर्ज की गई। कोडरमा में सबसे कम 1.8 मिमी बारिश हुई। बारिश के चलते लोगों को गर्मी से राहत मिली है, वहीं किसानों के लिए भी यह फायदेमंद साबित हो रही है। अलनीनो से मानसून में बारिश होगी कम वर्तमान में पश्चिमी विक्षोभ और बंगाल की खाड़ी में बनी नमी की वजह से बारिश हो रही है। इसे प्री मानसून की वर्षा भी कह सकते हैं। इसका लाभ खेतों को होगा। किसानों को चाहिए कि ऐसी स्थिति में खेत की गहरी जुताई कर जमीन को खोलकर छोड़ दें। इससे अधिक वर्षा जल जमीन के नीचे जाएगा और ग्राउंड वाटर लेवल रिचार्ज होगा। खेत खुला रहने से धूप जमीन के अंदर तक पड़ेगी। इससे बीज एवं कीट-फंगस के अंश नष्ट हो जाएंगे। इस बार अलनीनो का असर दिखेगा। मानसून में बारिश कम होगी। ऐसे में किसानों को अभी से वर्षा जल सहेजने की जरूरत है। रांची समेत 12 जिलों में आज भी बारिश मौसम विभाग के रांची केंद्र के अनुसार, अगले तीन दिनों तक अधिकतम तापमान में 4 डिग्री तक गिरावट आने की संभावना है। 30 अप्रैल को रांची, चतरा, हजारीबाग, कोडरमा, गोड्‌डा, साहेबगंज, पाकुड़, दुमका, देवघर, गिरिडीह, धनबाद और बोकारो में आंधी के साथ ओले गिर सकते हैं। 50 से 60 किमी. की रफ्तार से आंधी चलने का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, 1 से 5 मई के बीच रांची सहित कई जिलों में बारिश हो सकती है। Source link

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स्विमिंग पूल में डुबकी लगाकर मस्ती कर रहा नन्हा हाथी, सैलानियों के...

Last Updated:April 28, 2026, 06:45 IST Jamshedpur Dalma Little Elephant: जमशेदपुर के दलमा में घायल अनाथ हाथी शावक बादल को वन विभाग ने बचाकर कूलर, स्विमिंग पूल और खास खानपान की व्यवस्था किया है. यहां हथिनी का यह बच्चा सैलानियों के लिए बड़ा आकर्षण बन गया है. ख़बरें फटाफट 5महीने का हथिनी का बच्चा ( एआई फोटो ) आशीष तिवारी/जमशेदपुर: झारखंड में जमशेदपुर के चाईबासा के सारंडा जंगल में ब्लास्ट होने से एक हथिनी की मौत हो गई थी. इस दौरान उसका 2 महीने का बच्चा हाथी एक गड्ढे में गिर गया था. जहां हाथियों का झुंड बच्चे को छोड़कर चला गया. वहीं, गड्ढे में गिरने से 2 महीने के हाथी के बच्चे काफी गंभीर चोट आई थी. इसके बाद वन विभाग द्वारा रेस्क्यू कर हाथी के बच्चे को दलमा में लाया गया. इसके बाद वन विभाग की टीम अपने बच्चों की तरह उसे देखरेख और उसकी सेवा की गई. जहां समय-समय पर बोतल से दूध पिलाना, सेरोलेक्स और फल खिलाकर उसे सुलाना, खुद वन विभाग के डीएफओ और तमाम कर्मचारी उसकी सेवा में और मॉनिटरिंग करते नजर आ रहे हैं. बता दें कि आज गर्मी बढ़ते ही उसके लिए उसके बाड़े में कूलर लागया गया और खाने में तरबूज दिया जा रहा है. वहीं, एक छोटा स्विमिंग पूल बनाया गया है, जिसमें वह डुबकी लगाकर गर्मी से राहत ले सके. हालांकि दलमा में एक रजनी हाथी के साथ यह छोटा बच्चा 5 महीने का बदला हाथी सैलानियों के बीच आकर्षण का केंद्र बना हुआ है. यहां गर्मी से बचने के लिए वन विभाग द्वारा खान-पान में विशेष ध्यान दिया जा रहा है. बड़ी हाथी रजनी और छोटे हाथी बादल के बड़े को पुआल सें गहरा बंदी कर उसे भिनगा कर कूलर लगाए गए हैं, जिससे गर्मी से राहत मिल सके. बता दें कि जमशेदपुर में लगातार गर्मी अपना नया रिकॉर्ड बना रही है. शहर का पर 42 से 45 डिग्री पहुंच रहा है, इस भीषण गर्मी में आम लोगों के साथ बेजुबान जानवर भी काफी परेशान हो रहे हैं. ऐसे में वन विभाग द्वारा बेजुबा जानवरों को गर्मी से बचने के लिए विशेष तैयारी की गई है. जहां दलमा में इन दोनों रजनी हाथी के साथ छोटा 5 महीने का नन्हा हाथी बादल सैलानियों के बीच आकर्षण का केंद्र बना हुआ है. भीषण गर्मी में बादल नन्हा हाथी घंटे स्विमिंग पूल में डुबकी लगाते नजर आता है. वहीं, नहाने के बाद पूरे बारे में घूम-घूम कर अपने ऊपर मिट्टी से खेलते और दौड़ता नजर आता है. जो सैलानियों के बीच आकर्षण का केंद्र बना हुआ है, सैलानी नन्हे हाथी का वीडियो और फोटो खींचते हैं, नन्हे हाथी के बाड़े में रहने वाले रवि कुमार समय-समय पर दूध और तरबूज खिलाते हैं, जिससे पानी की कमी ना हो सके. वन विभाग के डीएफओ खुद अपने बच्चों की तरह इस नन्हे हाथी का ख्याल रखते हैं और समय-समय पर खुद मॉनिटरिंग करते हैं. जहां खाने से लेकर उसे बाहर नहा लाने तक, उन्होंने कहा कि चाईबासा के जंगलों से काफी गंभीर चोट लगी थी और इसे पहले इलाज कराया गया और 3 महीने के बाद यह स्वस्थ हुआ. आज हमारे घर के परिवार की तरह इस सब लोग मानते हैं. इसकी सेवा करते हैं, आज वन विभाग के हर कर्मचारी के बीच यह लाडला बना हुआ है, बोतल से दूध पिलाना, सेरोलेक्स खिलाना और गर्मी को देखते हुए विशेष इसके लिए ख्याल रखा जा रहा है. क्योंकि बड़ी हाथी रजनी खुद दलमा के जंगलों में घूमकर बड़े तालाब में नहा लेती है. मगर नन्हा हाथी अभी बाड़े में रहता है जिसके लिए हम लोगों ने स्विमिंग पूल बनाया है. About the Author Brijendra Pratap Singh बृजेंद्र प्रताप सिंह डिजिटल-टीवी मीडिया में (2021) लगभग 5 सालों से सक्रिय हैं. मेट्रो न्यूज 24 टीवी चैनल मुंबई, ईटीवी भारत डेस्क, दैनिक भास्कर डिजिटल डेस्क के अनुभव के साथ 14 मई 2024 से News.in में सीनियर कंटें…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Jamshedpur,Purbi Singhbhum,Jharkhand First Published : April 28, 2026, 06:23 IST Source link

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झारखंड के 11 हज यात्री आज जाएंगे मदीना

रांची | आजमीन-ए-हज के 11 हज यात्री 29 अप्रैल को मुंबई एयरपोर्ट से विमान संख्या एसवी 5937 से मदीना के लिए रवाना होंगे। इन यात्रियों में झारखंड राज्य हज कमेटी के कार्यपालक पदाधिकारी आफताब अहमद, अविदा तबस्सुम भी शामिल हैं। वहीं एक मई को 17 हज यात्री मुंबई एयरपोर्ट से रवाना होंगे। हज कमेटी के खुर्शीद अनवर ने बताया कि हज कमेटी ऑफ इंडिया, मुंबई की ओर से हज यात्रियों के लिए अच्छी व्यवस्था की गई है। हज यात्रियों के रिपोर्टिंग सिस्टम, दस्तावेज वितरण, ठहरने व अन्य आवश्यक सुविधाएं संचालित की जा रही हैं। Source link

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डोरंडा में लंगर ए गौसुल आजम का आयोजन

रांची | डोरंडा मणिटोला फिरदौस नगर स्थित खानकाह मजहरिया मुनअमिया में मंगलवार को मगरिब की नमाज के बाद लंगर ए गौसुल आजम का आयोजन किया गया। आयोजन मौलाना सैयद अलकमा शिब्ली कादरी की ओर से किया गया। फातिहा खानी, सलातो-सलाम व दुआ के साथ मजलिस संपन्न हुई। मौके पर मौलाना सैय्यद अबू राफे तीबरानी, सैय्यद अबू कुहाफा हेजाजी, सैय्यद अबू जरा हम्मादी, सैय्यद जैन कादरी आदि लोग मौजूद थे। Source link

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लावारिसों के लिए 5-स्टार ट्रीटमेंट, कैफेटेरिया, इवेंट वेन्यू…रांची का इकलौता मंदिर, जहां...

Last Updated:April 28, 2026, 07:32 IST Ranchi Unique Temple: रांची के कट्ठल मोड़ पर राधा कृष्ण मंदिर है जो आम मंदिरों से बिलकुल अलग है. यह तीन तल्ले का बना है. सबसे नीचे के तल्ले पर संत महात्मा रहते हैं, दूसरे पर मंदिर है और तीसरे पर लावारिस लोगों को आश्रय दिया जाता है. यहां के मैदान में शादी-विवाह के कार्यक्रम भी आयोजित होते हैं. ख़बरें फटाफट रांची. रांची के कट्ठल मोड पर राधा कृष्ण मंदिर है. यह रांची का सबसे बड़ा मंदिर है और यहां की खास बात यह है जो लावारिस लोग होते हैं उनको यहां लाया जाता है, उनका ट्रीटमेंट कराया जाता है. साथ ही उनका अलग डाइट चार्ट है. अलग यूनिफॉर्म होता है, वे गर्म पानी में नहाते हैं. एकदम फाइव स्टार ट्रीटमेंट मिलता है. यहां पर राधा कृष्ण भगवान की पूजा अर्चना होती है. यहां कैफेटेरिया की सुविधा से लेकर शादी विवाह के लिए जगह तक मिल जाएगी. ऐसी फैसिलिटी रांची के किसी भी मंदिर में नहीं है. इस तरह बना है तीन मंजिल मेंयहां के केयरटेकर हरीश बताते हैं यहां पर तीन तल्ले हैं और लिफ्ट की फैसिलिटी है. सबसे नीचे संत महात्माओं के रहने का एकदम फाइव स्टार उत्तम प्रबंध है. उसके ऊपर मंदिर है और सबसे ऊपर वाले तल्ले में जो लावारिस होते हैं. उनके लिए हॉल बनाया गया है. यहां पर 100 बेड हैं सबके अलग-अलग. चूंकी बहुत लोग दिमागी रूप से कमजोर हैं इसलिए उनकी सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जाता है. मिलता है फाइव स्टार ट्रीटमेंटउन्होंने बताया, इनके लिए एसी लगा है, गीजर लगा हुआ है, गर्म पानी से नहाते हैं. डॉक्टर से सलाह करके उनकी दवाइयां चलती हैं. एक मच्छर तक ना काटे उस तक का इंतजाम है. हरीश अपने हाथों में फाइल लेकर दिखाते हुए बताते हैं कि देखिए यह पहले किस हालत में आए थे, पैर में घाव, बाल बिखरे कोई सुध नहीं और आज देखकर पहचान ही नहीं पाएंगे कि ये वही आदमी हैं. सुबह से शाम तक का खाना तय हैइसके अलावा इनको खाने के लिए यहां पर डाइट चार्ट है. मंडे से लेकर सैटरडे तक, सुबह से लेकर रात तक क्या खाएंगे यह पहले से मेंशन होता है. बाहर का खाना हम इनको बिल्कुल नहीं देते. हां, अगर कोई राशन डोनेट करता है तो वह ठीक है क्योंकि यहां पर हम एकदम साफ सुथरा किचन में उनके लिए विशेष खाना तैयार करते हैं. मंदिर भी है भव्यमंदिर की बात करें तो मंदिर भी इतना भव्य है कि देखकर आपको अपनी आंखों पर यकीन ना हो, खूबसूरत नक्काशी, हर तरफ शीशे से खूबसूरत डिजाइन. हर तरफ कृष्ण भगवान की अलग-अलग लीला. उनके जन्म से लेकर महाभारत के दृश्य को मूर्ति के द्वारा बखूबी दिखाया गया है. यहां पर कई लोग तो सिर्फ यूं ही घंटे बैठने के लिए आ जाते हैं. सफेद कलर से पूरे मंदिर को पेंट किया गया है, जो दिखने में और भी रॉयल लगता है. कैफेटेरिया से लेकर शादी के लिए स्पेस तकयहां पर आपको कैफेटेरिया दिखेगा. जहां पर लोग चाय नाश्ता वगैरह कर सकते हैं यह सब सात्विक होता है. इसके अलावा पीछे की तरफ बड़ा स्पेस है. जहां पर शादी विवाह जैसे प्रोग्राम आप आराम से संपन्न करा सकते हैं. यहीं पर खाना बनता है और बिना प्याज लहसुन का सात्विक खाना, इसके लिए आपको एक निश्चित राशि चुकानी पड़ेगी. About the Author Raina Shukla बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Ranchi,Jharkhand First Published : April 28, 2026, 07:28 IST Source link

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भगवान नरसिंह की जयंती कल, पूजा व भजन होगा

रांची | भगवान नरसिंह जयंती 30 अप्रैल को मनाई जाएगी। विश्व हिंदू परिषद झारखंड सेवा विभाग और कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट के प्रांतीय प्रवक्ता संजय सर्राफ के अनुसार यह पर्व विष्णु के नरसिंह अवतार के प्राकट्य का स्मरण कराता है और सच्ची भक्ति व विश्वास की विजय का संदेश देता है। मान्यता है कि भक्त प्रह्लाद की रक्षा और अत्याचारी हिरण्यकशिपु के अंत के लिए भगवान नरसिंह प्रकट हुए। इस अवसर पर व्रत, पूजा, आरती व भजन -कीर्तन होगा। Source link

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चतरा, रांची समेत कई जिलों में हुई बारिश:गिरिडीह में वज्रपात से दो...

झारखंड के मौसम में मंगलवार से ही बदलाव साफ नजर आ रहा है। बोकारो, जमशेदपुर जैसे जिलों में जहां बारिश हुई। वहीं रांची, खूंटी, रामगढ़, हजारीबाग जैसे जिलों में बादल छाए हुए हैं। दोपहर बाद रांची, चतरा, चाईबासा, जमशेदपुर समेत कई जिलों में बारिश हुई। चतरा में तो ओलावृष्टि भी हुई। वहीं, गिरिडीह में वज्रपात से दो युवकों की मौत हो गई। जबकि इस घटना में चार लोग घायल हो गए। हादसा तिसरी थाना क्षेत्र के चंदौरी गांव में हुआ। मौसम विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक मौसम में यह बदलाव बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी और पश्चिमी विक्षोभ की वजह से हो रहा है। इस बदलाव के असर से झारखंड का मौसम पलट गया है। 3.2 डिग्री तक गिरा तापमान मंगलवार सुबह हुई बारिश से गर्मी से राहत मिली, लेकिन बेड़ो के खुखरा में वज्रपात से एक किसान की मौत हो गई। बारिश के बाद रांची समेत कई जिलों का तापमान 3.2 डिग्री तक लुढ़क गया। रांची का अधिकतम तापमान 1.7 डिग्री गिरकर 38.2 डिग्री पहुंचा। डालटनगंज का 3.2 डिग्री गिरकर 41.6 डिग्री दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार राज्य में अगले 6 दिन राहत की बारिश होगी। अगले तीन दिन में अधिकतम तापमान 6 डिग्री तक गिर सकता है। आज व कल 20 जिलों में आंधी के साथ बारिश मौसम पूर्वानुमान के मुताबिक 29 और 30 अप्रैल को रांची, बोकारो, गुमला, हजारीबाग, खूंटी, रामगढ़ समेत संथाल के जिलों में बारिश होगी। वहीं पूर्वी-पश्चिमी सिंहभूम, सिमडेगा, सरायकेला, कोडरमा, लोहरदगा, धनबाद, गिरिडीह और जामताड़ा में गर्जन, वज्रपात और आंधी की आशंका है। 30 अप्रैल को रांची समेत 13 जिलों में आंधी के साथ ओलावृष्टि की संभावना है। मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों के लिए यलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम विज्ञान केंद्र रांची की ओर से जारी पूर्वानुमान में बताया गया है कि अगले तीन घंटे में बोकारो, देवघर, धनबाद, दुमका, पूर्वी सिंहभूम, गिरिडीह, हजारीबाग, जामताड़ा, खूंटी, कोडरमा, रामगढ़, रांची, सरायकेला-खरसावां और पश्चिमी सिंहभूम जिलों के कुछ भागों में हल्के से मध्यम दर्जे की मेघ गर्जन तथा वज्रपात के साथ वर्षा होने की संभावना है। साथ में कुछ स्थानों पर तेज हवा चलेगी। हवा की रफ्तार 30-40 km/h तक देखी जा सकती है। 41.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ सराकेला का पारा मौसम में बदलाव के बाद भी ताजा आंकड़ों के अनुसार कई जिलों में अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। खासकर औद्योगिक और दक्षिणी इलाकों में गर्मी ज्यादा महसूस की जा रही है। सरायकेला-खरसावां में 41.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके बाद पूर्वी सिंहभूम (जमशेदपुर) 41.7 डिग्री, पलामू (डाल्टनगंज) 41.6 डिग्री, बोकारो 41.5 डिग्री और पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) 41.4 डिग्री के साथ क्रमशः दूसरे से पांचवें स्थान पर रहे। इन सभी जिलों में तापमान सामान्य से अधिक बना हुआ है। वहीं राजधानी रांची अपेक्षाकृत राहत में रही। यहां अधिकतम तापमान 38.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो राज्य में सबसे कम रहा। हालांकि यह भी सामान्य से 1.5 डिग्री ज्यादा है, लेकिन अन्य जिलों की तुलना में यहां गर्मी का असर थोड़ा कम है। कुछ जिलों में 24 घंटे के दौरान तापमान में बदलाव भी देखने को मिला। जहां जमशेदपुर और बोकारो में तापमान बढ़ा, वहीं डाल्टनगंज और रांची में हल्की गिरावट दर्ज की गई। Source link

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कई पीढ़ियों का है गवाह! AC को भी फेल करता है झारखंड...

Last Updated:April 29, 2026, 14:14 IST Bokaro Bargad Tree: झारखंड में बोकारो के डनडबरा स्थित कालीथान परिसर में 200 साल पुराना विशाल बरगद का पेड़ है. यह ग्रामीणों के लिए ठंडी छांव और विश्राम का अहम ठिकाना बन गया है. ग्रामीणों के अनुसार इसकी हवाएं एसी से भी ज्यादा ठंडी हैं. आइये जानते हैं इस विशाल बरगद के पेड़ के बारे में. ख़बरें फटाफट बोकारो: झारखंड में बोकारो के डनडबरा स्थित कालीथान परिसर में खड़ा विशाल बरगद का पेड़ स्थानीय इलाके के सबसे प्रसिद्ध और प्राचीन वृक्षों में गिना जाता है. यहां के स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार इस पेड़ की उम्र 200 साल से भी अधिक है और कई पीढ़ियों ने इसकी घनी छांव में सुकून के पल बिताए हैं और खासकर गर्मियों के दौरान यहां लोगों का जमावड़ा लगा रहता है. जहां लोग ठंडी हवा और प्राकृतिक शांति का आनंद लेने के लिए रुकते हैं. आइये जानते हैं इस विशाल पेड़ के बारे में. एयर कंडीशनर को फेल करता है ये पेड़ डनडबरा गांव के 80 वर्षीय बुजुर्ग रमेश चंद्र राय बताते हैं कि उनके पूर्वजों के अनुसार यह पेड़ करीब 200 साल पुराना हो सकता है और लगभग 6 पीढ़ियां इसकी छांव का लाभ ले चुकी हैं. वे बताते हैं कि इस बरगद के साथ स्थित कालीथान का काली मंदिर भी काफी प्राचीन हैं, जिनसे लोगों की गहरी आस्था जुड़ी हुई है. वहीं, बोकारो सेक्टर-8 की अर्चना सिंह कहती हैं कि वह पिछले 50 वर्षों से इस क्षेत्र में रह रही हैं और बचपन से ही इस पेड़ को देखती आ रही हैं. उनके अनुसार यह स्थान आज भी उतना ही हरा-भरा और शांतिपूर्ण है. जहां गर्मियों में पेड़ की ठंडी छांव के आगे एयर कंडीशनर भी फीका पड़ जाता है. गांव के दुसरे बुजुर्ग सीताराम महतो बताते हैं कि यह बरगद का पेड़ केवल एक पेड़ नहीं, बल्कि गांव और आसपास के क्षेत्रों के लोगों के लिए एक अहम ठिकाना है और आसपास के गांव जैसे लेवाटाड, भतुवा, रानी पोखर, चौफान और आमाटाड़ जैसे इलाकों से रोजाना आने-जाने वाले लोग यहां रुककर विश्राम करते हैं. इस कालीथान परिसर में चपाकल और पानी की भी व्यवस्था है, जिससे यात्रियों को काफी सुविधा मिलती है. लताएं ले रही हैं पेड़ का रूप उन्होंने बताया कि सुबह और दोपहर के समय सब्जी बेचने वाली महिलाएं और मछुआरे भी यहां रुककर आराम करते हैं और फिर अपने काम के लिए आगे बढ़ते हैं. वहीं, सीताराम महतो के अनुसार वे 1955 से इस पेड़ को देख रहे हैं. इसकी कई लताएं अब खुद बड़े पेड़ों का रूप ले चुकी हैं, जो इसके बढ़ती उम्र का प्रमाण हैं. About the Author Brijendra Pratap Singh बृजेंद्र प्रताप सिंह डिजिटल-टीवी मीडिया में (2021) लगभग 5 सालों से सक्रिय हैं. मेट्रो न्यूज 24 टीवी चैनल मुंबई, ईटीवी भारत डेस्क, दैनिक भास्कर डिजिटल डेस्क के अनुभव के साथ 14 मई 2024 से News.in में सीनियर कंटें…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Bokaro,Jharkhand First Published : April 29, 2026, 14:13 IST Source link

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झारखंड के 14 जिलों में ट्रेजरी घोटाले की आशंका:एजी ऑफिस और वित्त...

झारखंड में चल रहे ट्रेजरी घोटाले में कई बड़े मामले सामने आ रहे हैं। इसमें से एक बड़ा मामला यह है कि कई जिलों के एसपी ने नियम-कायदों को ताक पर रखकर अपने पदनाम से बैंक में खाते खोल रखे थे। जो पैसे सरकारी खजाने में रहने चाहिए थे, वो पैसे सीधे इन खातों में आते थे। फिर एसपी चेक के माध्यम से भुगतान करते थे। जबकि ट्रेजरी कोड में साफ कहा गया है कि जिसके लिए बिल ट्रेजरी भेजा जाएगा, भुगतान उसी के खाते में होगा। पांच जिले में मिले हैं इससे जुड़े सबूत जांच टीम को बोकारो, सरायकेला, रामगढ़, पलामू और जमशेदपुर में इसके सबूत मिले हैं। जमशेदपुर में वित्त वर्ष 2016-17 में एसपी के खाते में करीब 38 लाख रुपए आए थे, जो सिपाहियों को चेक से भुगतान किया गया था। फिलहाल 14 जिलों में ऐसी गड़बड़ी की आशंका है। एजी ऑफिस और वित्त विभाग के अधिकारी इसकी जांच में जुट गए हैं। जांच की जद में कई और एसपी व डीएसपी (डीडीओ) भी हैं। जांच में पता चला है कि सप्लायर से लेकर अन्य लोगों को किए गए भुगतान में भी कई गड़बड़ियां सामने आई हैं। वर्ष 2016-17 से ऐसे भुगतान लगातार हो रहे हैं। वित्त विभाग अब पीएमयू के डेटा बेस से इन एसपी ऑफिस से हुए भुगतान की विस्तृत जांच कर रहा है। बोकारो में डेटा हटाए गए, रिकॉर्ड भी गायब इधर, ट्रेजरी घोटाला उजागर होने के बाद पुलिस विभाग के अंदरूनी सिस्टम पर भी सवाल उठने लगे हैं। जांच में पता चला है कि वेतन निकासी से जुड़े रिकॉर्ड और खाते के डेटा से छेडछाड़ की गई है। इसमें एसपी ऑफिस से जुड़े सिस्टम भी जांच के दायरे में हैं। बोकारो में तो डेटा ही डिलीट कर दिया गया है, जबकि कुछ मामलों में रिकॉर्ड मिसिंग या बदला हुआ पाया गया है। जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि किन-किन खातों के डेटा को जान-बूझकर हटाया या छिपाया गया है। जांच एजेंसियों का मानना है कि डेटा में छेड़छाड़ और रिकॉर्ड गायब होना इस घोटाले की सबसे अहम कड़ी है। किसी एसपी ऑफिस का यह घोटाला सिर्फ एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि यह संगठित नेटवर्क के जरिए किया गया है। हालांकि फिलहाल किसी एसपी पर सीधे आरोप तय नहीं हुए हैं, लेकिन गड़बड़ी को देखते हुए जांच का दायर वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंच सकता है। क्योंकि अब इसकी भी जांच होगी कि डीआई बजट कार्यालय से लेकर डीडीओ ऑफिस में ट्रेजरी कोड का कितना उल्लंघन होता था। इनकी संपत्ति का पता लगा रही एसआईटी एसआईटी हजारीबाग से गिरफ्तार आरक्षी रजनीश कुमार सिंह, रजनीश की पत्नी खुशबू सिंह, आरक्षी धीरेंद्र सिंह, बोकारो से गिरफ्तार कौशल कुमार पांडेय और सतीश कुमार की संपत्ति की जानकारी जुटा रही है। अब तक की जांच में पता चला है कि आरक्षी रजनीश कुमार सिंह के नाम पर हजारीबाग के मसीपिढ़ी इलाके में दो मंजिला मकान है। वहीं आरक्षी धीरेंद्र सिंह का बिहार के बोधगया में एक बड़ा अपार्टमेंट है। हजारीबाग में एसआईटी ने की जांच हजारीबाग और बोकारो ट्रेजरी से हुई अवैध निकासी मामले में सीआईडी की विशेष जांच टीम (एसआईटी) हजारीबाग के लौहसिंघना थाना पहुंची। टीम ने एफआईआर के साथ जमा किए गए दस्तावेज और आरोपियों से जब्त सामग्री को अपने कब्जे में लिया। एसआईटी अब यह प​ता लगा रही है कि आरोपियों ने फर्जीवाड़ा कर निकाली गई राशि कहां निवेश किया, ताकि उन संपत्तियों की पहचान कर उन्हें जब्त करने की कार्रवाई कर सके। साथ ही सरकारी धन की वसूली हो सके। एसआईटी को पता चला है कि हजारीबाग से गिरफ्तार सिपाही शंभू कुमार ने इन पैसों का सबसे अधिक निवेश किया है। शंभू कुमार का बिहार के गयाजी जिले के पॉश इलाके एपी कॉलोनी में दो आलीशान मकान बनवाया है। पत्नी काजल कुमारी के नाम पर 18 कट्‌ठा जमीन खरीदी है। शंभू कुमार के नाम 9 व्यावसायिक और कृषि भूमि है। इनमें से बोधगया क्षेत्र में 7.84 डिसमिल जमीन भी शामिल है, जो शंभू की पत्नी काजल कुमारी और एक अन्य सहयोगी सोनी देवी के नाम पर है। एसआईटी जल्द ही इस मामले में हजारीबाग से गिरफ्तार शंभू कुमार और बोकारो से गिरफ्तार कौशल कुमार पांडेय से पूछताछ करेगी। —————————————– इसे भी पढ़ें….. ट्रेजरी घोटाला मामले में चाईबासा से चार अरेस्ट:9 साल में निकाले 27 लाख 21 हजार 717 रुपए, रिश्तेदारों के खातों में किए ट्रांसफर चाईबासा पुलिस विभाग में सामने आए ट्रेजरी घोटाले के बाद प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। इस मामले में एक सिपाही सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। जांच में सामने आया है कि सिपाही देवनारायण मुर्मू ने वर्ष 2017 से 2025 के बीच लगभग 60 अलग-अलग लेनदेन के माध्यम से 27 लाख 21 हजार 717 रुपए की फर्जी निकासी की। यह राशि उसने अपने करीबी रिश्तेदारों और परिचितों के खातों में ट्रांसफर की थी। इस खुलासे के बाद पुलिस विभाग और प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। पूरी खबर यहां पढ़ें.. Source link

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बोकारों के भर्रा कब्रिस्तान से कंकाल मिलने का मामला:डीएनए जांच के लिए...

बोकारो‎ में बीते सोमवार को भर्रा कब्रिस्तान से मिले ‎‎कंकाल की पहचान के लिए चीराचास पुलिस ‎ने सदर अस्पताल में लापता ‎‎खालिक अंसारी के माता-पिता का ब्लड‎ सैंपल लिया। पुलिस अब डीएनए जांच ‎के लिए ब्लड व कंकाल का सैंपल भेजकर ‎‎मिलान करेगी।‎ वहीं, दो आरोपी भर्रा के सलाउद्दीन और‎ गुड्‌डू को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया ‎‎गया है। बताया जाता है कि मृतक मिस्त्री का ‎‎काम करता था, ऐसे में गुड्‌डू उसके साथ ‎बतौर कर्मचारी जुड़ा हुआ था। सूत्रों के ‎अनुसार उक्त दोनों ने ही ‎‎खालिक की हत्या की‎ है। मास्टर माइंड‎ की गिरफ्तारी अभी बाकी उनके ही निशानदेही पर कंकाल बरामद ‎हुआ है। साथ ही मामले के मास्टर माइंड‎ की गिरफ्तारी अभी बाकी है। बता दें कि‎ बरमसिया ओपी क्षेत्र के अड़िता निवासी‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎ खालिक 2022 से लापता है। वह भर्रा में‎ किराए के मकान में रहता था। लापता होने‎ पर परिजनों ने चीराचास थाना में शिकायत‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎ किया, लेकिन उसकी तलाश अधूरी रह गई।‎ बेटा का कुछ पता नहीं चलने पर उसके‎ परिजन हाईकोर्ट पहुंचे। हाईकोर्ट की फटकार‎ पर चीराचास पुलिस रेस हुई और सलाउद्दीन‎ के साथ गुड्‌डू को पूछताछ के लिए उठाया।‎ पूछताछ में उन्होंने शव दफनाने की बात ‎कही, जिसके बाद पुलिस ने भर्रा कब्रिस्तान ‎से कंकाल बरामद की।‎ पुलिस आरोपियों का पक्ष ले रही: परिजन वहीं, परिजनों का आरोप है कि पुलिस पूरी‎ प्रक्रिया गोपनीय तरीके से कर रही है, ताकि ‎इसकी जानकारी सार्वजनिक न हो सके। ‎पुलिस पर आरोप लगाया है कि वह‎ आरोपियों का पक्ष ले रही है और उन्हें‎ मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है।‎ सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब डीएनए ‎रिपोर्ट अभी आनी बाकी है, तो पुलिस किस‎ आधार पर यह दावा कर रही है कि बरामद‎ कंकाल खालिक का ही है। फिलहाल हर‎ मामले में प्रेस कांफ्रेंस कर जानकारी देने ‎वाली पुलिस इस संवेदनशील मामले में ‎चुप्पी साधे हुए है, जिससे कई सवाल खड़े‎ हो रहे हैं।‎ Source link

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