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आंखों में नहीं, इरादों में है रोशनी! नेत्रहीन सुदामा और रामाशीष भाई...

Last Updated:April 30, 2026, 21:15 IST किसी ने बिल्कुल सही कहा है, मंजिल उन्हीं को मिलती है जिनके सपनों में जान होती है, क्योंकि पंखों से कुछ नहीं होता, हौसलों से उड़ान होती है. जब इंसान के इरादे मजबूत हों और दिल में कुछ कर गुजरने का जज्बा, तब कोई कमी, कोई परेशानी और कोई मजबूरी उसे आगे बढ़ने से नहीं रोक सकती. ऐसे ही हौसले और संघर्ष की मिसाल हैं वे लोग, जिन्होंने हालात से लड़कर अपनी मेहनत से सफलता की नई कहानी लिख दी. दरअसल, लातेहार जिले के सदर प्रखंड स्थित सीसी गांव के दो भाई सुदामा महतो और रामाशीष मेहता उन लोगों के लिए प्रेरणा बन गए हैं, जो छोटी-छोटी मुश्किलों में हार मान लेते हैं. जन्म से नेत्रहीन होने के बावजूद दोनों भाइयों ने अपनी जिंदगी को बोझ नहीं बनने दिया, बल्कि खेती को सहारा बनाकर पूरे परिवार की जिम्मेदारी अपने कंधों पर उठा रखी है. दोनों भाइयों ने ये साबित कर रहे हैं कि इंसान की असली ताकत उसकी आंखों में नहीं, बल्कि उसके इरादों में होती है. आंखों में भले अंधेरा हो, लेकिन मेहनत और आत्मविश्वास से उन्होंने अपने जीवन को रोशन कर दिया है. आंखों से देखने में असमर्थ ये दोनों भाई आज भी खेतों में कुदाल चलाते हैं, बुवाई करते हैं, फसल काटते हैं और मौसम के अनुसार खेती कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं. गांव के लोग जब उन्हें खेतों में काम करते देखते हैं तो हैरान रह जाते हैं. बिना आंखों की रोशनी के सिर्फ अनुभव और अंदाज के सहारे खेती करना किसी मिसाल से कम नहीं है. सुदामा महतो ने लोकल18 को बताया कि बचपन में गांव में पढ़ाई की सुविधा नहीं थी और नेत्रहीन होने के कारण शिक्षा हासिल करना मुश्किल था. ऐसे में उन्होंने पिता के साथ खेतों में काम करना शुरू किया. धीरे-धीरे खेती ही उनका जीवन बन गई. आज करीब छह एकड़ जमीन पर वे खेती करते हैं. वर्तमान समय में मक्का, पेक्ची, गेहूं और गन्ना जैसी फसलें लगी हैं. गेहूं की कटाई के बाद अब झींगी, करैला, भिंडी और मूंग की बुवाई की तैयारी है. Add News18 as Preferred Source on Google सुदामा महतो के दो बेटे हैं, जबकि रामाशीष मेहता के तीन बेटे हैं. दोनों भाई कहते हैं कि साल भर खेती ही परिवार का सहारा है. इसी कमाई से बच्चों की पढ़ाई, घर का खर्च और जीवन की जरूरतें पूरी होती हैं. एक सीजन की अच्छी फसल से खाने-पीने से लेकर बच्चों की पढ़ाई तक का खर्च निकल जाता है. रामाशीष मेहता ने कहा कि उनकी जमीन लगभग 6 एकड़ से भी अधिक है. जिसमें कुछ जमीन कुछ लोगों द्वारा हड़पा जा रहा है. वहीं सरकारी योजना का भी लाभ नहीं मिल रहा है. जिसमें सबसे जरूरी सिंचाई है. वहीं खेत में काम करने के लिए बोरी बिछाकर खुद से काम करते है. खुद मक्का और गेहूं हाथों से काटते है. संघर्ष केवल दिव्यांगता तक सीमित नहीं है. दोनों भाइयों का आरोप है कि गांव के कुछ लोगों ने उनकी जमीन के हिस्से पर कब्जा कर लिया है, जिससे खेती का क्षेत्र कम हो गया है. जोत-कोड़ और संसाधनों की भी भारी समस्या है. इसके बावजूद दोनों भाई हार मानने को तैयार नहीं हैं. सबसे दुखद बात यह है कि इतने संघर्ष के बावजूद उन्हें सरकार की किसी योजना का लाभ नहीं मिल सका है. यदि प्रशासन इन मेहनतकश भाइयों की मदद करे तो इनका जीवन और बेहतर हो सकता है. First Published : April 30, 2026, 21:15 IST Source link

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गुमला में कुएं में डूबने से महिला की मौत:पानी भरते समय हुआ...

गुमला थाना क्षेत्र के मोकरो हुडकुटोली गांव में गुरुवार को कुएं में डूबने से 48 वर्षीय सोमारी उरांव की मौत हो गई। यह हादसा पानी भरने के दौरान हुआ। परिजनों ने बताया कि सोमारी उरांव गुरुवार को अपने घर से लगभग 300 मीटर दूर स्थित कुएं में पानी भरने गई थीं। पानी भरते समय अचानक बाल्टी की रस्सी उनके हाथ में लिपट गई। बाल्टी के बड़े और भारी आकार के कारण वह संतुलन खो बैठीं और सीधे कुएं के गहरे पानी में जा गिरीं। हादसे के करीब एक घंटे बाद जब गांव के अन्य लोग कुएं पर पानी भरने पहुंचे, तो उन्होंने पानी में सोमारी की चप्पलें और प्लास्टिक की बाल्टी तैरती देखी। इससे ग्रामीणों को किसी अनहोनी की आशंका हुई। शोर मचाने पर आसपास के लोग इकट्ठा हुए और स्थानीय स्तर पर बांस के लंबे डंडे की मदद से काफी मशक्कत के बाद शव को बाहर निकाला गया। घटना की सूचना मिलने पर सुबह लगभग 10 बजे गुमला थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर कागजी कार्रवाई पूरी की और पोस्टमार्टम करवाया। Source link

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गढ़वा के दंपती ने की पलामू में महिला की हत्या:दो दिनों तक...

पलामू के रेड़मा स्थित झरना टोला में एक महिला का शव मिला था। पुलिस जांच में सामने आया कि गढ़वा के एक दंपती ने उसकी हत्या की थी। यह खुलासा गुरुवार को एसडीपीओ राजीव रंजन ने किया। पुलिस ने इस मामले में एक आरोपी महिला को गिरफ्तार किया है, जबकि उसका पति फरार है। हत्याकांड में उपेन्द्र कुमार गौतम उर्फ रोहित कुमार और उसकी पत्नी चंदा देवी (30) की संलिप्तता सामने आई है। ये दंपती मूल रूप से गढ़वा जिले के बालेखांड़ गांव के निवासी हैं और रेड़मा में उत्तम दुबे के मकान में किराए पर रहते थे। पुलिस ने चंदा देवी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि उसका पति उपेन्द्र फरार है। पुलिस पूछताछ में चंदा देवी ने बताया कि वह अपने पति के साथ मिलकर महिलाओं को घर लाकर उनसे देह व्यापार करवाती थी। घटना 22 अप्रैल की है, जब चंदा ने देह व्यापार के लिए लाई गई महिला से पहले लिए गए मोबाइल और 1000 रुपये वापस मांगे। इस बात पर दोनों के बीच विवाद बढ़ गया, जिसके बाद पति-पत्नी ने मिलकर महिला की हत्या कर दी। हत्या के बाद दंपती ने शव को कमरे में छिपाकर ताला लगा दिया और फरार हो गए। दो दिन बाद 24 अप्रैल की रात को वे वापस लौटे और शव को ठिकाने लगाने की कोशिश की। उन्होंने शव को कमरे से निकालकर बाउंड्री के बाहर फेंक दिया, जिस पर लोगों की नजर पड़ी और उन्होंने पुलिस को सूचना दी। एसपी ने एसडीपीओ राजीव रंजन के नेतृत्व में इस हत्याकांड के उद्भेदन के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया था। मृत महिला की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। आरोपी चंदा देवी भी उसकी पहचान नहीं बता पा रही है। पुलिस मृतका की पहचान के लिए सीआईजी प्रकाशन करवाएगी। फरार आरोपी उपेन्द्र कुमार गौतम का आपराधिक इतिहास भी लंबा है। उसके खिलाफ गढ़वा के रंका, डंडई, रमकंडा और पलामू के रामगढ़ में आर्म्स एक्ट, अपहरण और पॉक्सो एक्ट के कई मामले पहले से दर्ज हैं। इस कार्रवाई में एसडीपीओ राजीव रंजन, शहर थाना प्रभारी ज्योतिलाल रजवार सहित कई पुलिस पदाधिकारी और सशस्त्र बल शामिल थे। Source link

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know gumla palkot nagvanshi kings palace 52 kothri 53 darwaza history and...

Last Updated:April 30, 2026, 17:52 IST Gumla 52 kothi 53 darwaza Dharohar: झारखंड का गुमला जिला अपनी प्राकृतिक सुंदरता और ऐतिहासिक धरोहरों के लिए जाना जाता है. जिसमें पालकोट प्रखंड नागवंशी राजाओं का प्रमुख गढ़ रहा है. यहां का ’52 कोठरी 53 दरवाजा’ महल अपनी अद्भुत वास्तुकला के लिए मशहूर है. लेकिन वर्तमान में यह ऐतिहासिक धरोहर देखरेख के अभाव में खंडहर बन रही है. जानिए इस महल और पालकोट के अन्य रहस्यमयी स्थलों का गौरवशाली इतिहास. ख़बरें फटाफट गुमला: गुमला जिला चारों ओर जंगल पेड़ पौधे पहाड़ ऐतिहासिक स्थल, धार्मिक स्थल व पर्यटन स्थलों से भरा पड़ा है. इसी में से जिले का पालकोट प्रखंड है. जो नागवंशी राजाओं का गढ़ हुआ करता था. यहां देखने व घूमने लायक एक से बढ़कर एक धार्मिक व ऐतिहासिक स्थल से भरा पड़ा है. यहां नागवंशी काल के समय का प्राचीन मां दशभुजी मंदिर, सुग्रीव गुफा, शीतलपुर, मलमल पुर, निर्झर, पंपापुर, गोब्बरसिल्ली, वॉच टावर आदि एक से बढ़कर ऐतिहासिक व रहस्यमई चीजें मौजूद हैं. उसी में से एक है 52 कोठी 53 दरवाजा. जानिए इसका इतिहास. पानी कहां से आता है यह आजतक रहस्यमयीयहां मौजूद सभी चीजों का अपना धार्मिक व ऐतिहासिक महत्व है. यहां ऊंचे पहाड़ों से होकर पानी गिरता है लेकिन पानी कहां से आता है यह आजतक रहस्य बना हुआ है. चाहे कितनी भी गर्मी क्यों न पड़े यहां का पानी कभी नहीं सूखता है व पानी भी बहुत मीठा व टेस्टी होता है. गोबर सिल्ली पत्थर के ऊपर बड़ा पत्थर ऐसा लगता है मानो किसी ने सजा के रखा है. मान्यता है कि इसके ऊपर से ठेला या पत्थर फेंककर मन्नत मांगने से वह जरूर पूर्ण होती है. इसी में से एक है नागवंशी काल का 52 कोठरी 53 दरवाजा का अद्भुत व अनोखा महल. जिसे देखने के लिए सैलानियों का आना जाना लगा रहता है. लेकिन देखरेख व रखरखाव के कारण यह अनोखा महल खंडहर बन गया है. आज अपने अस्तित्व का लड़ाई लड़ रहा है. यह नागवंशी राजाओं का खास महल स्थानीय विवेक कुमार मिश्रा ने लोकल 18 को बताया कि गुमला जिले के पालकोट प्रखंड प्राकृतिक संपदाओं से भरा पड़ा है. यहां देखने व घूमने लायक एक से बढ़कर एक धार्मिक व ऐतिहासिक स्थल है. इसी में से एक है हमारे प्रखंड के लालगढ़ में स्थित 52 कोठरी 53 दरवाजा का ऐतिहासिक महल. यह नागवंशी राजाओं का महल है. यहां नागवंशी राजा अपने शासन काल के समय यहां रहा करते थे. वहीं महल से कुछ दूरी में मां दशभुजी मंदिर आज भी है. वहीं यह उनके काल का बना हुआ अद्भुत व अनोखा महल था. लेकिन देखरेख  के अभाव में यह अब खंडहर में तब्दील होते जा रहा है. वहीं उन्होंने आगे कहा कि नागवंशी राजा यहां अपनी बैठक, सभा आयोजित करते थे. लेकिन यह ऐतिहासिक धरोहर अब खंडहर बन चुकी है ,इसकी संरक्षण की आवश्यकता है ताकि आने वाले समय में हमारी आने वाली पीढ़ी इसकी बनावट व संरचना को देख सकते हैं. इस तरह से पहुंचे यह ऐतिहासिक महल उन्होंने आगे बताया किया गुमला शहर से लगभग 28 किलोमीटर की दूरी में स्थित है. यहां जाने के लिए आपको गुमला से पालकोट रोड पकड़ के पहले गोबर सिल्ली पहुंचना होगा. उसके बाद पश्चिम की ओर एक रास्ता जाता है. उस रास्ता में लगभग 2 से 3 किलोमीटर जाने पर आप यह ऐतिहासिक स्थल पहुंच जाएंगे. About the Author Amit ranjan मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Gumla,Jharkhand First Published : April 30, 2026, 17:52 IST Source link

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महुआडांड़ में स्कूली बच्चों से भरा टेंपो पलटा:हादसे में एक छात्र की...

लातेहार जिले के महुआडांड़ थाना क्षेत्र में गुरुवार को एक सड़क हादसा हुआ। बांसकरचा–लुरगुमी मुख्य पथ पर मौनाडीह गांव के पास स्कूली बच्चों से भरा एक टेंपो अनियंत्रित होकर पलट गया। इस हादसे में सातवीं कक्षा के एक छात्र की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 17 बच्चे घायल हो गए।इनमें से पांच छात्राओं की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें लातेहार रेफर किया गया है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टेंपो में क्षमता से अधिक बच्चे सवार थे। तेज रफ्तार के कारण चालक दीपक टोप्पो वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका और टेंपो सड़क किनारे पलट गया। घटना के बाद चालक मौके से फरार हो गया। मृतक छात्र की पहचान 12 वर्षीय अंकुर मिंज के रूप में हुई है, जो संत मिखाईल स्कूल का सातवीं कक्षा का छात्र था। गंभीर रूप से घायल अनुरूपा एक्का, अनुज कुमार, कॉतिक बाड़ा, साक्षी कुमारी और नेहा कुमारी को प्राथमिक उपचार के बाद लातेहार रेफर किया गया है। अन्य घायल बच्चों में आरसु मिंज, गोरीतिका केरकेट्टा, अनुज उरांव, रेशमा केरकेट्टा, सलमा बेक, अंशु मिंज, तुन एक्का, आस्था तिर्की, दिपासी केरकेट्टा, सोनू एक्का, अवेशव कुजूर और शुभम खलखो शामिल हैं। इन सभी का इलाज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र महुआडांड़ में डॉ. अमित खलखो और उनकी टीम द्वारा किया जा रहा है। सभी बच्चे संत मिखाईल स्कूल महुआडांड़ के छात्र-छात्राएं हैं। फरार चालक की तलाश जारी इधर, घटना की सूचना मिलते ही डीएसपी शिवपूजन बहेलिया और थाना प्रभारी मनोज कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। दुर्घटनाग्रस्त वाहन को जब्त कर लिया गया है और फरार चालक की तलाश जारी है। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है। स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि स्कूली बच्चों के परिवहन के लिए सुरक्षित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए और ओवरलोडिंग करने वाले वाहनों पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। Source link

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रामगढ़ में 4 साइबर अपराधी गिरफ्तार:बैंक खाते से संदिग्ध लेनदेन का खुलासा,...

रामगढ़ में चार साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों में सोनू कुमार झा, रितेश अग्रवाल उर्फ मुन्ना, रवि कुमार वर्मा(34) और राहुल कुमार गुप्ता(37) शामिल है। ये अपराधी भारतीय स्टेट बैंक के एक खाते के माध्यम से संदिग्ध लेनदेन में शामिल थे। पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय), रामगढ़-सह-थाना प्रभारी, साइबर अपराध थाना, रामगढ़ ने इस सूचना पर संहा दर्ज कर 28 अप्रैल 2026 को जांच शुरू की। जांच के दौरान पता चला कि भारतीय स्टेट बैंक का खाता संख्या 444616958956 भारत सरकार की एमएसएमई योजना के तहत उद्यम पंजीकरण के लिए ‘श्री गणेश इंटरप्राइजेज’ के नाम से खोला गया था। इस खाते के खिलाफ देश के विभिन्न राज्यों में अवैध राशि हस्तांतरण से संबंधित कुल 274 शिकायतें दर्ज थीं। खाते के तीन प्रोपराइटर थे। राहुल गुप्ता , रवि कुमार वर्मा और अजय शर्मा। पूछताछ में राहुल गुप्ता और रवि कुमार वर्मा ने बताया कि उन्होंने रितेश अग्रवाल उर्फ मुन्ना और सोनू कुमार झा के कहने पर स्टेट बैंक में करंट अकाउंट खुलवाया था। इसके बदले उन्हें सोनू कुमार झा से 1,20,000 रुपए मिले थे। आगे की पूछताछ में राहुल गुप्ता और रवि कुमार वर्मा ने नए खाते खोलने के एवज में पैसे लेने, रितेश अग्रवाल उर्फ मुन्ना और सोनू कुमार झा द्वारा ओटीपी उपलब्ध कराने, मोबाइल बैंकिंग चालू करवाने और खाते को व्हाट्सएप ग्रुप व टेलीग्राम के माध्यम से साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराने में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। पकड़े गए व्यक्तियों के मोबाइल डेटा की जांच में विभिन्न मोबाइल सिम कार्ड, बैंक खाते, पासबुक, एटीएम कार्ड, स्कैनर (क्यूआर कोड), आधार कार्ड, पैन कार्ड और लेनदेन से संबंधित व्हाट्सएप संदेश पाए गए हैं। Source link

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दिखना है स्टाइलिश, रहना है कूल? साकची बाजार में मिल रहा खास...

Last Updated:April 30, 2026, 16:14 IST Jamshedpur Best Market For Ladies Kurtis: जमशेदपुर के साकची बाजार में महिलाओं खासकर लड़कियों के लिए कुर्ती का जबरदस्त कलेक्शन आया है. 100 रुपये से शुरुआत हो रही है और 200 रुपये तक बढ़िया आइटम मिल रहे हैं. ऑफिस गोइंग हों या कॉलेज गोइंग, सबके लिए बढ़िया एक से बढ़कर एक ऑप्शन है. ख़बरें फटाफट जमशेदपुर. झुलसाती गर्मी के इस मौसम में जहां तेज धूप लोगों को घरों में रहने पर मजबूर कर रही है, वहीं जमशेदपुर के साकची बाजार से एक ऐसी खबर सामने आई है जो खासकर महिलाओं के चेहरे पर मुस्कान ला रही है. इस भीषण गर्मी के बीच साकची बाजार पूरी तरह गुलजार हो चुका है और यहां महिलाओं के लिए सस्ती, आरामदायक और ट्रेंडी कपड़ों की भरमार देखने को मिल रही है. 100 रुपये में ट्रेंडी कुर्तीबाजार में इन दिनों कुर्तियों की खास डिमांड है, जिसकी शुरुआती कीमत मात्र ₹100 से शुरू हो रही है. इतनी कम कीमत में स्टाइलिश और अच्छी क्वालिटी की कुर्ती मिलना अपने आप में एक बड़ी बात है. इसके साथ ही अगर आप पूरा सेट लेना चाहती हैं, तो मात्र ₹250 में अपर और लोअर दोनों आसानी से उपलब्ध हैं. यही वजह है कि साकची बाजार इन दिनों महिलाओं के लिए शॉपिंग का हॉटस्पॉट बन गया है. पसंद किया जाता है यह फैब्रिकदुकानदारों के अनुसार, यहां मिलने वाले ज्यादातर कपड़े रेयॉन और कॉटन फैब्रिक के बने होते हैं, जो गर्मी के मौसम के लिए सबसे बेहतर माने जाते हैं. यह कपड़े न सिर्फ मुलायम होते हैं बल्कि पहनने में बेहद आरामदायक भी होते हैं, जिससे पूरे दिन की भागदौड़ में भी कोई परेशानी महसूस नहीं होती. डिजाइन और पैटर्न की बात करें तो इस बार बाजार में लाइट कलर का ट्रेंड देखने को मिल रहा है. हल्के रंगों में बने फ्लोरल प्रिंट और मंडला आर्ट वाले डिजाइन खास आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं. ये डिजाइन देखने में जितने खूबसूरत लगते हैं, पहनने पर उतने ही स्टाइलिश भी नजर आते हैं. हर किसी के लिए कुछ ना कुछखास बात यह है कि ये कपड़े हर वर्ग की महिलाओं को ध्यान में रखकर तैयार किए गए हैं. चाहे आप कॉलेज जाने वाली छात्रा हों, ऑफिस जाने वाली महिला हों या स्कूल जाने वाली लड़की – यहां हर किसी के लिए कुछ न कुछ खास जरूर है. सस्ती कीमत, बेहतरीन क्वालिटी और लेटेस्ट डिजाइन का यह कॉम्बिनेशन महिलाओं को खूब पसंद आ रहा है. अगर आप भी इस गर्मी में खुद को स्टाइलिश और कंफर्टेबल रखना चाहती हैं, तो साकची बाजार आपके लिए एक परफेक्ट जगह साबित हो सकता है. तो देर किस बात की, इस शानदार मौके का फायदा उठाइए और अपनी पसंदीदा कुर्तियों की खरीदारी करिए, क्योंकि ऐसे ऑफर रोज-रोज नहीं मिलते. About the Author Raina Shukla बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन एंड जर्नलिज़्म में मास्टर्स, गोल्ड मेडलिस्ट. पत्रकारिता का सफर दैनिक जागरण से शुरू हुआ, फिर प्रभात खबर और ABP न्यूज़ से होते हुए News18 Hindi तक पहुंचा. करियर और देश की …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Jamshedpur,Purbi Singhbhum,Jharkhand First Published : April 30, 2026, 16:14 IST Source link

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झारखंड-बिहार सीमा पर 65 पेटी अवैध शराब जब्त:चतरा पुलिस ने पिकअप से...

चतरा पुलिस ने झारखंड-बिहार सीमा पर अवैध शराब तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। वशिष्ठ नगर जोरी थाना पुलिस ने एक विशेष गश्ती अभियान के दौरान 8 लाख रुपये मूल्य की 65 पेटी अवैध अंग्रेजी शराब जब्त की। यह कार्रवाई 29 अप्रैल की रात को की गई। पुलिस अधीक्षक (SP) अनिमेश नैथानी के निर्देश पर जिले में अवैध मादक पदार्थों और शराब की तस्करी रोकने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में जोरी थाना पुलिस थाना गेट के पास सघन वाहन चेकिंग कर रही थी। चेकिंग के दौरान एक पिकअप वाहन तेजी से थाना गेट की ओर आया। पुलिस बल को तैनात देख चालक घबरा गया और उसने पिकअप को थाना गेट के ठीक सामने खड़ा कर दिया। वाहन में ऊपर से जूट के बोरे लदे थे अंधेरे का फायदा उठाकर चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने लावारिस खड़ी पिकअप की गहनता से तलाशी ली। वाहन में ऊपर से जूट के बोरे लदे थे, जिनके नीचे शातिराना तरीके से 65 पेटी अवैध अंग्रेजी शराब करीने से छिपाई गई थी। पुलिस ने जब्त शराब के साथ माफियाओं के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली है। वरीय अधिकारियों के अनुसार, जब्त की गई शराब की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग आठ लाख रुपए आंकी गई है। पुलिस ने तत्काल प्रभाव से पिकअप और शराब की खेप को अपने कब्जे में ले लिया। इस मामले में फरार चालक और वाहन मालिक के विरुद्ध वशिष्टनगर थाना कांड संख्या- 62/2026 दर्ज किया गया है। जोरी थाना प्रभारी अमित कुमार सिंह ने बताया कि तस्कर अक्सर बिहार-झारखंड बॉर्डर का लाभ उठाकर इस रूट का इस्तेमाल करते हैं। चूंकि बिहार में शराबबंदी है। इसलिए पड़ोसी राज्यों से तस्करी की घटनाएं बढ़ जाती हैं। Source link

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चाईबासा में विवाहिता ने की आत्महत्या:दो बच्चों की मां ने फंदे से...

पश्चिमी सिंहभूम जिले के नोवामुंडी थाना क्षेत्र के डंगुवापोशी स्थित गौडदिघिया की मुखी बस्ती में एक 22 वर्षीय विवाहिता ने आत्महत्या कर ली। मृतका की पहचान सुशीला मुखी के रूप में हुई है, जिसने गमछे से फंदा लगाकर अपनी जान दे दी। उसके पति हरि मुखी पेशे से सफाई कर्मी हैं। जानकारी के अनुसार, सुशीला मुखी की मानसिक स्थिति पिछले कुछ समय से ठीक नहीं थी। घटना के समय वह घर में अकेली थी। उसकी भतीजी मुस्कान ने सबसे पहले उसे कमरे में फंदे से लटका देखा। मुस्कान के शोर मचाने पर परिजन और पड़ोसी मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक सुशीला की मौत हो चुकी थी। मृतका अपने पीछे दो छोटे बच्चे छोड़ गई है, जिनकी उम्र लगभग तीन साल और सात महीने है। मां के निधन से परिवार में गहरा शोक है। इस घटना से पूरे गांव में स्तब्धता का माहौल है। सिंदूर खाकर जान देने का प्रयास किया था परिजनों ने बताया कि सुशीला अक्सर छोटी-छोटी बातों पर तनाव में आ जाती थी और कई बार आत्महत्या की धमकी भी दे चुकी थी। कुछ समय पहले उसने सिंदूर खाकर जान देने का प्रयास किया था, लेकिन परिवार ने उसे बचा लिया था। इसके बावजूद उसकी मानसिक स्थिति में सुधार नहीं हुआ था। घटना की सूचना मिलते ही नोवामुंडी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए चाईबासा सदर अस्पताल भेज दिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और आत्महत्या के कारणों का पता लगा रही है। Source link

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ICSE Board Results: 100% नंबर लाकर रच दिया इतिहास, जमशेदपुर की शांभवी...

Last Updated:April 30, 2026, 15:25 IST ICSE Board Results: झारखंड के जमशेदपुर की छात्रा शांभवी तिवारी ने 12वीं (ISC) बायो साइंस में 100 प्रतिशत अंक हासिल कर देशभर में टॉप किया है. सेक्रेड हार्ट कॉन्वेंट स्कूल की इस उपलब्धि से परिवार, स्कूल और पूरे शहर में खुशी का माहौल है. शांभवी की सफलता को जमशेदपुर ही नहीं, पूरे राज्य के लिए गर्व का क्षण माना जा रहा है. परिवार के सदस्यों ने उनकी इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए इसे बड़ी उपलब्धि बताया है. शांभवी तिवारी बनीं देश की टॉपर जमशेदपुर: झारखंड के जमशेदपुर शहर की बेटी शांभवी तिवारी ने 12वीं (ISC) बायो साइंस में 100 प्रतिशत अंक हासिल कर देशभर में टॉप किया है. सेक्रेड हार्ट कॉन्वेंट स्कूल की छात्रा शांभवी की इस उपलब्धि से परिवार, स्कूल और पूरे शहर में खुशी का माहौल है. उनकी सफलता को जमशेदपुर के लिए गर्व का क्षण माना जा रहा है. पूरे परिवार में शांभवी की इस सफलता पर खुशी मनाई जा रही है. परिवार के लोगों को कहना है कि शांभवी की यह सफलता सिर्फ परिवार ही नहीं पूरे राज्य के लिए गर्व की बात है. पास प्रतिशत पिछले वर्षों की तरह ऊंचाबता दें कि काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशंस (CISCE) ने ICSE (10वीं) और ISC (12वीं) परीक्षा 2026 के नतीजे घोषित कर दिए हैं. इस साल भी परीक्षा का रिजल्ट काफी अच्छा रहा है. पास प्रतिशत पिछले वर्षों की तरह ऊंचा बना हुआ है. वर्ष 2025 में पास प्रतिशत 99.09%, 2024 में 99.47% और 2023 में 96.26% रहा था. इससे साफ है कि हर साल बड़ी संख्या में छात्र परीक्षा में सफल हो रहे हैं. 4 लाख से ज्यादा छात्रों ने हिस्सा लियाइस बार ICSE और ISC परीक्षाओं में 4 लाख से ज्यादा छात्रों ने हिस्सा लिया. छात्र अपना रिजल्ट आधिकारिक वेबसाइट results.cisce.org के जरिए देख सकते हैं. इसके अलावा DigiLocker, SMS और UMANG ऐप के माध्यम से भी मार्कशीट डाउनलोड करने की सुविधा दी गई है. रिजल्ट देखने के लिए छात्रों को अपना यूनिक आईडी (UID) और इंडेक्स नंबर दर्ज करना होगा. शांभवी तिवारी सभी छात्रों के लिए प्रेरणापरीक्षा में पास होने के लिए भी न्यूनतम अंक तय किए गए हैं. ICSE (10वीं) में छात्रों को कम से कम 33 प्रतिशत अंक लाने जरूरी हैं, जबकि ISC (12वीं) में पास होने के लिए 35 प्रतिशत अंक आवश्यक हैं. 12वीं का स्तर अधिक कठिन होने के कारण पासिंग मार्क्स भी थोड़ा ज्यादा रखा गया है. शांभवी तिवारी की इस सफलता ने न केवल उनके परिवार और स्कूल का नाम रोशन किया है, बल्कि अन्य छात्रों के लिए भी एक प्रेरणा पेश की है. About the Author Amita kishor न्यूज़18इंडिया में कार्यरत हैं. आजतक से रिपोर्टर के तौर पर करियर की शुरुआत फिर सहारा समय, ज़ी मीडिया, न्यूज नेशन और टाइम्स इंटरनेट होते हुए नेटवर्क 18 से जुड़ी. टीवी और डिजिटल न्यूज़ दोनों विधाओं में काम करने क…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Jamshedpur,Purbi Singhbhum,Jharkhand First Published : April 30, 2026, 15:25 IST Source link

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