भारतन्यूज़ – टॉप हेडर
News Menu Bar

झारखंड

झारखंड

Illegal withdrawal case… Babus who have been ‘stuck’ in the education department...

Hindi News Local Jharkhand Ranchi Illegal Withdrawal Case… Babus Who Have Been 'stuck' In The Education Department For 3 Years Will Be Transferred. रांची2 घंटे पहले कॉपी लिंक रांची झारखंड के शिक्षा विभाग में वर्षों से एक ही कार्यालय और जिले में जमे लिपिकों को लेकर बड़ी खबर है। वेतन मद में अवैध निकासी के मामलों और लगातार मिल रही शिकायतों के बीच माध्यमिक शिक्षा निदेशालय द्वारा राज्यभर के क्षेत्रीय, जिला और प्रखंड स्तरीय शिक्षा कार्यालयों में कार्यरत लिपिकों के तबादले को लेकर निर्देश जारी किए हैं। अब तीन वर्ष या उससे अधिक समय से एक ही कार्यालय में कार्यरत लिपिकों का तत्काल स्थानांतरण किया जाएगा, जबकि लंबे समय से एक ही जिले में जमे कर्मचारियों को भी दूसरे जिलों में भेजा जाएगा। माध्यमिक निदेशक राजेश प्रसाद ने भेजे पत्र में कहा है कि मुख्य सचिव के निर्देशों के आलोक में वित्तीय कार्यों से जुड़े कर्मचारियों के लंबे समय तक एक ही स्थान पर बने रहने पर रोक लगाना जरूरी है। 15 दिनों के भीतर की गई कार्रवाई की रिपोर्ट निदेशालय भेजने के लिए कहा गया है। नए निर्देश के तहत अब स्थानांतरण की कार्रवाई केवल कार्यालय बदलने तक सीमित नहीं रहेगी। लंबे समय से एक ही जिले में कार्यरत कर्मचारियों के मामले में नई व्यवस्था लागू की गई है, ताकि प्रशासनिक व्यवस्था में संतुलन और पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके। निर्देश के अनुसार, यदि कोई लिपिक पिछले 12 वर्षों के दौरान प्रतिनियुक्ति अवधि सहित कुल आठ वर्ष तक एक ही जिले में कार्यरत रहा है, तो उसका स्थानांतरण संबंधित प्रमंडल के दूसरे जिले में किया जाएगा। इसके अलावा, लगातार छह वर्षों से एक ही जिले में कार्यरत कर्मचारियों का तबादला भी अनिवार्य कर दिया गया है। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि केवल औपचारिक स्थानांतरण कर कर्मचारियों को दोबारा पुराने कार्यालय में पदस्थापित करने या प्रतिनियुक्ति के माध्यम से उसी स्थान पर वापस भेजने की प्रक्रिया पर रोक लगाई जाएगी। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ Source link

झारखंड

जहां ट्रैफिक सिग्नल नहीं, संगीत रोक लेता है कदम, पलामू का अनोखा...

Last Updated:June 14, 2026, 07:34 IST झारखंड के पलामू जिले के मेदिनीनगर में बना लता मंगेशकर चौक लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गया है. नगर निगम ने भारत रत्न स्वर्गीय लता मंगेशकर के सम्मान में इस चौक का निर्माण कराया है, जहां विशाल वीणा की प्रतिकृति, हरियाली और भारतीय संस्कृति को दर्शाती कलाकृतियां स्थापित की गई हैं. आधुनिक स्पीकरों पर दिनभर लता जी के सदाबहार गीत बजते रहते हैं, जिससे राहगीरों और स्थानीय लोगों को सुकून का एहसास होता है. करीब 68 लाख रुपये की लागत से विकसित यह स्थान अब मेदिनीनगर की सांस्कृतिक पहचान बन चुका है और संगीत प्रेमियों को खास तौर पर आकर्षित कर रहा है. Palamu News : आज के इस आधुनिक दौर में जीवन 5जी तकनीक के युग में प्रवेश कर चुकी है, लेकिन पुराने दौर के संगीतो का आकर्षण आज भी दिलों में बरकरार है. खासकर स्वर कोकिला स्वर्गीय लता मंगेशकर की मधुर आवाज आज भी लोगों को मन को भावुक कर देती है. जिसे लेकर झारखंड के पलामू जिले के मेदिनीनगर में एक ऐसा ही अनोखा चौक विकसित किया गया है, जहां से गुजरने वाले लोग केवल अपना सफर तय नहीं करते, बल्कि स्वर कोकिला के गीत की मधुर दुनिया में भी खो जाते हैं. यहां बजने वाले गीत राहगीरों को आंतरिक सुकून मिलता है और कुछ पल के लिए उन्हें भागदौड़ भरी जिंदगी से दूर ले जाते हैं. यह चौक लता मंगेशकर को है समर्पितदरअसल, मेदिनीनगर नगर निगम द्वारा शहरवासियों को एक विशेष सौगात के रूप में एक चौक का निर्माण कराया है. यह चौक का नाम भारत रत्न और महान गायिका लता मंगेशकर के सम्मान में “लता मंगेशकर चौक” रखा गया है. चौक के केंद्र में विशाल वीणा की प्रतिकृति स्थापित की गई है, जो कि संगीत और भारतीय सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है. इसके अलावा आसपास के क्षेत्रों को भी बड़े खूबसूरती और आकर्षक स्वरूप दिया गया है ताकि यह स्थान केवल यातायात का केंद्र न होकर सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक बने. भारतीय संस्कृति की मिलती है झलक चौक और उसके आसपास विकसित ग्रीन जोन में भारतीय संस्कृति और सभ्यता को पूर्ण रूप से दर्शाने वाली कई कलाकृतियां स्थापित की गई हैं. दीवारों पर कथक नृत्य की विभिन्न मुद्राओं को दर्शाती कलात्मक प्रतिकृतियां लगाई गई हैं, जो कि भारतीय शास्त्रीय कला की सुंदर झलक प्रस्तुत करती हैं. यह स्थान आने वाले लोगों को आधुनिकता के साथ-साथ भारतीय परंपराओं से भी जोड़ता है. 68 लाख की लागत से हुआ विकासइस परियोजना का निर्माण तत्कालीन नगर आयुक्त जावेद हुसैन के कार्यकाल में लगभग 68 लाख रुपये की लागत से कराया गया है. यूनियन चर्च के सामने चर्च रोड से लेकर सद्दीक मंजिल चौक तक पाथवे, फेबर ब्लॉक, आकर्षक लाइटिंग, हरियाली और पौधारोपण के माध्यम से पूरे क्षेत्र का सौंदर्यीकरण किया गया है. महिला कॉलेज, केजी स्कूल और गर्ल्स हॉस्टल तक फैले ग्रीन जोन को भी विकसित किया गया है. यहां लगाए गए आधुनिक स्पीकरों से दिनभर मधुर गीत सुनाई देते हैं. लोगों को मिलता है सुकूनस्थानीय निवासी मनोज कुमार घोष ने लोकल18 की बताया कि शाम के समय यहां का माहौल बेहद मनमोहक होता है. लोग परिवार और मित्रों के साथ यहां समय बिताने आते हैं. वहीं शंभू कुमार ने कहा कि यह मेदिनीनगर का सबसे खास और शांत स्थान बन गया है. लता मंगेशकर की सुरीली आवाज में बजते गीत लोगों को मानसिक शांति देता हैं. हालांकि स्थानीय लोग और राहगीर यहां शेड और पेयजल जैसी अतिरिक्त सुविधाओं की मांग भी कर रहे हैं, ताकि भीषण गर्मी और बारिश के दौरान लोगों को और अधिक सुविधा आसानी से मिल सके. कुल मिलाकर लता मंगेशकर चौक आज मेदिनीनगर में संगीत, संस्कृति और सुकून का नया केंद्र बनकर उभर रहा है. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Palamu,Jharkhand Source link

झारखंड

रांची भींगी… राज्य में ठनके से 8 की मौत; छह दिन के...

झारखंड में मानसून के प्रवेश के दूसरे ही दिन पूरा राज्य पानी-पानी हो गया। शनिवार को राज्य के 14 जिलों में झमाझम बारिश हुई, जबकि नौ जिलों में हल्की बूंदाबांदी हुई। सिमडेगा ऐसा जिला रहा, जहां मानसून नहीं बरसा। इस दौरान ठनका गिरने से राज्य में सात लोगों की मौत हो गई। मौसम विभाग ने कहा कि छह दिन तक सभी जिलों में 40-50 किमी की रफ्तार से हवा चलेगी। ठनका भी गिरेगा। मौसम विभाग ने इसके लिए यलो अलर्ट जारी किया है। राज्य में सबसे ज्यादा 24 एमएम बारिश पूर्वी सिंहभूम जिले के दरिसाई में हुई। वहीं रांची में दोपहर 12 बजे तेज बारिश शुरू हुई, जो दोपहर तीन बजे बूंदाबांदी में तब्दील हो गई। इसके बाद शाम छह बजे फिर बारिश का दौर शुरू हुआ। बादल और बारिश के कारण अधिकतम तापमान में 3.5 डिग्री तक की बढ़ोतरी हुई। ठनके से इनलोगों की गई जान आगे क्या…19 जून तक बारिश: 14 जून : राज्य में कुछ स्थानों पर बारिश-वज्रपात। 15 जून : गढ़वा, पलामू, चतरा, लातेहार को छोड़कर अन्य जिलों में हल्की बारिश 16 जून : हजारीबाग, गिरिडीह, कोडरमा और चतरा को छोड़ अन्य जिलों में अच्छी बारिश {17 जून : गढ़वा, पलामू, चतरा, लातेहार को छोड़कर अन्य शेष हिस्सों में बारिश {18-19 जून : राज्य के कई हिस्सों में बारिश। ठनके से पिठोरिया के काटमकुली में निराशो देवी की मौत हो गई। उधर,गढ़वा के मुकुंदपुर गांव में राम अवतार (65) और सुंडी गांव में रीना देवी (30) की मौत हो गई। चतरा में गीता देवी, कोडरमा के मरकच्चो में अभिनीत कुमार (10), धनवार के घोसकेडीह में अभिजीत राज (10) और जामताड़ा में शोएब अंसारी (10) की जान चली गई। वहीं राजनगर के सांदिरडीह में ठनके से संजय देवगम की मौत हो गई। Source link

झारखंड

झारखंड में वज्रपात और तेज बारिश का कहर:मानसून के दूसरे दिन 8...

झारखंड में मानसून के प्रवेश के दूसरे ही दिन मौसम ने भयावह रूप ले लिया। शनिवार को राज्य के अधिकांश हिस्सों में तेज बारिश और वज्रपात की घटनाओं ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया। 14 जिलों में झमाझम बारिश हुई, जबकि नौ जिलों में हल्की बूंदाबांदी दर्ज की गई। सिमडेगा एकमात्र ऐसा जिला रहा, जहां बारिश नहीं हुई। इस दौरान आकाशीय बिजली गिरने की अलग-अलग घटनाओं में कुल 8 लोगों की मौत हो गई। मौसम विभाग ने अगले छह दिनों तक तेज हवा, मेघ गर्जन और वज्रपात की आशंका जताते हुए यलो अलर्ट जारी किया है। पूर्वी सिंहभूम में सबसे अधिक बारिश शनिवार को सबसे अधिक 24 मिमी बारिश पूर्वी सिंहभूम जिले के दरिसाई में दर्ज की गई। राजधानी रांची में दोपहर 12 बजे तेज बारिश शुरू हुई, जो तीन बजे तक बूंदाबांदी में बदल गई। शाम छह बजे फिर से बारिश का दौर शुरू हुआ। बादल और लगातार बारिश के कारण अधिकतम तापमान में करीब 3.5 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। अन्य प्रमुख शहरों में भी हल्की से मध्यम बारिश हुई, जिससे मौसम सुहावना तो हुआ, लेकिन वज्रपात ने चिंता बढ़ा दी। वज्रपात से गई 8 लोगों की जान राज्य के विभिन्न जिलों में वज्रपात की घटनाओं ने कई परिवारों को गहरा आघात दिया है। पिठोरिया के काटमकुली में निराशो देवी की मौत हो गई, जबकि गढ़वा के मुकुंदपुर में राम अवतार और सुंडी गांव में रीना देवी की जान चली गई। चतरा में गीता देवी, कोडरमा के मरकच्चो में अभिनीत कुमार, धनवार के घोसकेडीह में अभिजीत राज और जामताड़ा में शोएब अंसारी की भी मौत हो गई। इसके अलावा सरायकेला-खरसावां के राजनगर क्षेत्र में संजय देवगम की वज्रपात से मृत्यु हो गई। कई अन्य लोग झुलसकर घायल भी हुए हैं। 19 जून तक बारिश का रहेगा दौर मौसम विभाग के अनुसार, राज्य में 19 जून तक बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। 14 जून को कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और वज्रपात की संभावना है। 15 जून को उत्तर-पश्चिमी जिलों को छोड़कर अन्य क्षेत्रों में बारिश हो सकती है। 16 जून को कुछ जिलों को छोड़कर शेष हिस्सों में अच्छी बारिश के आसार हैं। 17 जून से 19 जून तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में बादल छाए रहेंगे और बारिश होती रहेगी। विभाग ने लोगों को सावधानी बरतने और खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों से दूर रहने की सलाह दी है। Source link

झारखंड

जिसका डर था वही हुआ, मानसून तो देने लगा धोखा, लेकिन आफत...

Today Weather News Live: मौसम वैज्ञानिक सुपर अल नीनो को लेकर जो डर दिख जता रहे थे, वह अब सच होता दिख रहा है. इस अल नीनो का असर दक्षिण-पश्चिम मानसून पर साफ दिखने लगा है, जिसकी रफ्तार उम्मीद से धीमी बनी हुई है. जून का आधा महीना गुजरने को है, लेकिन मानसून अभी भी देश के कई हिस्सों तक पूरी ताकत के साथ नहीं पहुंच पाया है. आम तौर पर इस वक्त तक मानसून पूरे पश्चिम बंगाल, ओडिश, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र को पार कर चुका होता है. हालांकि मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक, मानसून अभी तक बिहार-झारखंड के कुछ ही हिस्सों तक पहुंच पाया है. हालांकि मानसून की इस धीमी चाल का मतलब यह बिल्कुल नहीं कि मौसम शांत है. उल्टा देश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश, आंधी, बिजली और लू का ऐसा मिश्रित असर देखने को मिल रहा है, जिसने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया है. भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार आज पूर्वोत्तर, पूर्वी और दक्षिण भारत के कई राज्यों में भारी बारिश की संभावना है, जबकि राजस्थान, मध्य प्रदेश और कुछ अन्य इलाकों में तेज आंधी-तूफान और गरज-चमक का अलर्ट जारी किया गया है. दूसरी ओर महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में लू का असर जारी रह सकता है. मौसम विभाग के मुताबिक अगले दो से तीन दिनों में कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल और दक्षिण छत्तीसगढ़ के और इलाकों में मानसून के आगे बढ़ने की संभावना है. लेकिन मानसून की मौजूदा सुस्ती ने उत्तर भारत के बड़े हिस्से को अभी भी इंतजार में रखा हुआ है. FILE PHOTO: School children play on a flooded street during heavy monsoon rains in Mumbai July 23, 2013. Torrential rains lashed Mumbai overnight, disrupting rail traffic and causing traffic chaos in many parts of the city, local media reported. REUTERS/Vivek Prakash/File Photo वहीं देशभर में मौसम को प्रभावित करने वाले प्रमुख सिस्टमों में हरियाणा और आसपास सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ, पाकिस्तान और राजस्थान के ऊपर बना चक्रवाती परिसंचरण तथा बंगाल की खाड़ी और पूर्वोत्तर भारत के ऊपर सक्रिय सिस्टम शामिल हैं. इन्हीं के प्रभाव से कई राज्यों में बारिश और तेज हवाओं की गतिविधियां देखने को मिलेंगी. पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत में बादलों का दबदबा मानसून की धीमी प्रगति के बावजूद पूर्वोत्तर भारत में बारिश का सिलसिला लगातार जारी है. असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 14 जून को भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है. कई इलाकों में बाढ़ और भूस्खलन का खतरा भी बढ़ सकता है.वहीं ओडिशा, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में भी मौसम सक्रिय रहेगा. बिहार के कुछ जिलों में भारी बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं. ओडिशा में भारी बारिश के साथ उमस भरा मौसम लोगों की परेशानी बढ़ा सकता है. दक्षिण भारत में मानसून की दस्तक तेज केरल, तटीय कर्नाटक और तमिलनाडु में मानसूनी बादल लगातार सक्रिय हैं. केरल, तमिलनाडु, पुडुचेरी और आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है. तेलंगाना में भी गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है. मानसून की रफ्तार धीमी पड़ गई है. मौसम विभाग का कहना है कि दक्षिण भारत में मानसून की स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर है और आने वाले दिनों में यहां बारिश की गतिविधियां और बढ़ सकती हैं. दिल्ली में फिर होगी गर्मी की वापसी दिल्लीवालों को फिलहाल मानसून के लिए थोड़ा और इंतजार करना पड़ सकता है. हालांकि पश्चिमी विक्षोभ के असर से राजधानी में आंशिक बादल और कुछ इलाकों में हल्की बूंदाबांदी देखने को मिल सकती है. लेकिन यह राहत ज्यादा दिनों तक नहीं टिकने वाली. IMD के अनुसार अगले पांच दिनों में दिल्ली के अधिकतम और न्यूनतम तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है. यानी राजधानी में एक बार फिर गर्मी और उमस लोगों की परीक्षा ले सकती है. दिल्ली-एनसीआर में शाम के समय तेज हवाएं चलने की संभावना है, जिससे थोड़ी राहत जरूर मिलेगी, लेकिन मानसून जैसी ठंडी फुहारों का इंतजार अभी जारी रहेगा. उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में कहीं राहत, कहीं सावधानी उत्तर प्रदेश में मौसम का असर क्षेत्रवार अलग-अलग रहेगा. पूर्वी यूपी में बादल सक्रिय रहेंगे और कई जिलों में बारिश के साथ गरज-चमक की संभावना है. कुछ जगहों पर तेज हवाएं भी चल सकती हैं. वहीं पश्चिमी यूपी में मौसम अपेक्षाकृत शांत रहेगा, हालांकि हल्की बारिश और बादलों की आवाजाही गर्मी को कुछ हद तक कम कर सकती है. किसानों के लिए यह मौसम राहत लेकर आ सकता है. उत्तराखंड में पहाड़ी इलाकों में बारिश का दौर जारी रहेगा. कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है. चारधाम यात्रा मार्गों पर फिसलन और भूस्खलन का खतरा बढ़ सकता है, इसलिए यात्रियों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है. बिहार और झारखंड में बारिश से मिलेगी राहत बिहार में 14 जून को मौसम काफी सक्रिय रहने वाला है. राज्य के कई हिस्सों में तेज बारिश, बिजली गिरने और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की गई है. कुछ जिलों में भारी बारिश भी हो सकती है. झारखंड में भी बारिश और गरज-चमक का सिलसिला जारी रहेगा. इससे तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी. हालांकि मौसम विभाग ने आकाशीय बिजली को लेकर सतर्क रहने को कहा है. राजस्थान और मध्य प्रदेश में आंधी का अलर्ट पूर्वी राजस्थान में मौसम विभाग ने 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चलने की चेतावनी जारी की है. पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों में भी धूल भरी आंधी और गरज-चमक देखने को मिल सकती है. मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में भी तेज हवाओं और बारिश की संभावना है. मौसम अचानक बदल सकता है, इसलिए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है. महाराष्ट्र में लू अभी बरकरार देश के कई हिस्से जहां बारिश का इंतजार कर रहे हैं, वहीं महाराष्ट्र के विदर्भ और मराठवाड़ा क्षेत्र में गर्मी अभी भी लोगों को परेशान कर रही है. मौसम विभाग ने इन इलाकों में हीटवेव की चेतावनी जारी की है. कोंकण और गोवा में हालांकि उमस के साथ हल्की बारिश देखने को मिल सकती है, लेकिन तापमान सामान्य से ऊपर बना रहेगा. कुल मिलाकर मानसून की रफ्तार भले

झारखंड

जामा में हादसे में साइकिल सवार की मौत

दुमका| जामा थाना क्षेत्र के लीलातरी गांव के पास शनिवार की देर शाम अज्ञात वाहन की चपेट में आने से साइकिल सवार 50 वर्षीय सदानंद हेंब्रम की मौत हो गई। मृतक लीलातरी का रहने वाला था। पुलिस ने शव कब्जे में लिया है। हादसे से नाराज लोगों ने कुछ देर के लिए जामा-भागलपुर मार्ग को जाम कर दिया। बताया जाता है कि साइकिल सवार हटिया कर साइकिल से घर की तरफ आ रहा था। गांव से कुछ आगे चार पहिया वाहन ने साइकिल में टक्कर मार दी। हादसे में सदानंद की की मौत हो गई। सूचना मिलने पर जामा थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और शव कब्जे में लिया। अब रविवार को शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। जरमुंडी एसडीपीओ नवल किशोर सिंह ने बताया कि हादसे के बाद चालक वाहन समेत भाग निकला। Source link

झारखंड

अवैध निकासी मामला…शिक्षा विभाग में 3 साल ‘जमे हुए बाबुओं’ का होगा...

रांची झारखंड के शिक्षा विभाग में वर्षों से एक ही कार्यालय और जिले में जमे लिपिकों को लेकर बड़ी खबर है। वेतन मद में अवैध निकासी के मामलों और लगातार मिल रही शिकायतों के बीच माध्यमिक शिक्षा निदेशालय द्वारा राज्यभर के क्षेत्रीय, जिला और प्रखंड स्तरीय शिक्षा कार्यालयों में कार्यरत लिपिकों के तबादले को लेकर निर्देश जारी किए हैं। अब तीन वर्ष या उससे अधिक समय से एक ही कार्यालय में कार्यरत लिपिकों का तत्काल स्थानांतरण किया जाएगा, जबकि लंबे समय से एक ही जिले में जमे कर्मचारियों को भी दूसरे जिलों में भेजा जाएगा। माध्यमिक निदेशक राजेश प्रसाद ने भेजे पत्र में कहा है कि मुख्य सचिव के निर्देशों के आलोक में वित्तीय कार्यों से जुड़े कर्मचारियों के लंबे समय तक एक ही स्थान पर बने रहने पर रोक लगाना जरूरी है। 15 दिनों के भीतर की गई कार्रवाई की रिपोर्ट निदेशालय भेजने के लिए कहा गया है। नए निर्देश के तहत अब स्थानांतरण की कार्रवाई केवल कार्यालय बदलने तक सीमित नहीं रहेगी। लंबे समय से एक ही जिले में कार्यरत कर्मचारियों के मामले में नई व्यवस्था लागू की गई है, ताकि प्रशासनिक व्यवस्था में संतुलन और पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके। निर्देश के अनुसार, यदि कोई लिपिक पिछले 12 वर्षों के दौरान प्रतिनियुक्ति अवधि सहित कुल आठ वर्ष तक एक ही जिले में कार्यरत रहा है, तो उसका स्थानांतरण संबंधित प्रमंडल के दूसरे जिले में किया जाएगा। इसके अलावा, लगातार छह वर्षों से एक ही जिले में कार्यरत कर्मचारियों का तबादला भी अनिवार्य कर दिया गया है। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि केवल औपचारिक स्थानांतरण कर कर्मचारियों को दोबारा पुराने कार्यालय में पदस्थापित करने या प्रतिनियुक्ति के माध्यम से उसी स्थान पर वापस भेजने की प्रक्रिया पर रोक लगाई जाएगी। Source link

झारखंड

आंधी-तूफान और वज्रपात! झारखंड के 9 जिलों में होगी बारिश, IMD का...

रांची: झारखंड में मानसून की दस्तक से पहले मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है. IMD के अनुसार आज झारखंड के कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश, तेज हवा और वज्रपात की संभावना है. वहीं, कुछ जिलों में उमस भरी गर्मी लोगों को परेशान कर सकती है. मौसम विभाग ने राज्य के विभिन्न हिस्सों के लिए बारिश और आंधी-तूफान को लेकर अलर्ट जारी किया है. आज झारखंड का अधिकतम तापमान ज्यादातर जिलों में 34-40°C के बीच रहेगा, जबकि न्यूनतम 24-29°C रहने वाला है. IMD के अनुसार देवघर, दुमका, जामताड़ा समेत 9 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. वहीं, पलामू, गढ़वा समेत 4 जिलों में सबसे ज्यादा गर्मी रहने वाली है. झारखंड के इन जिलों में होगी बारिश रांची मौसम विभाग के अनुसार संताल परगना और पूर्वी झारखंड के कई जिलों में आज हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. दुमका, देवघर, जामताड़ा, गोड्डा, पाकुड़, साहिबगंज, धनबाद, गिरिडीह, बोकारो, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां में कहीं-कहीं अच्छी वर्षा होने के आसार हैं. इसके अलावा दक्षिणी सिंहभूम क्षेत्र पूर्वी/पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला और रांची-खूंटी-गुमला में भी गरज-चमक वाली बारिश हो सकती है. झारखंड में आईएमडी का अलर्ट झारखंड के इन जिलों में आंधी-तूफान का अलर्ट झारखंड के अधिकांश जिलों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं. कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचने की संभावना है. लोगों को खुले मैदान, पेड़ और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी गई है. आज झारखंड में IMD ने आज आंधी और बारिश को लेकर विशेष चेतावनी जारी की है. झारखंड के इन जिलों में रहेगी सबसे ज्यादा गर्मी बारिश की गतिविधियों के बावजूद उत्तर-पश्चिमी झारखंड के कुछ जिलों में गर्मी बनी रह सकती है. पलामू, गढ़वा, चतरा और लातेहार में दिन का तापमान अन्य जिलों की तुलना में अधिक रहने का अनुमान है. पिछले दिनों भी पलामू क्षेत्र राज्य का सबसे गर्म इलाका रहा है और डाल्टनगंज का तापमान कई बार 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है. इन जिलों का तापमन अधिकतम 41°C और न्यूनतम 36°C पहुंच सकता है. झारखंड के 9 जिलों में बारिश का अलर्ट इन जिलों का मौसम रहेगा सुहाना झारखंड में बारिश और बादलों के कारण रांची, खूंटी, सिमडेगा, गुमला, लोहरदगा, पश्चिमी सिंहभूम और पूर्वी सिंहभूम में मौसम अपेक्षाकृत सुहाना रहने की संभावना है. इन जिलों में तापमान सामान्य से कम रह सकता है और लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी. यहां मौसम ज्यादा ठंडक भरा रह सकता है. झारखंड में 13 जून को इन जिलों में हुई बारिश झारखंड के कई हिस्सों में प्री-मानसून गतिविधियां सक्रिय रहीं. रांची मौसम विभाग ने पहले ही दुमका, देवघर, जामताड़ा, धनबाद, साहिबगंज, पाकुड़ और गोड्डा जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई थी. इन जिलों के अलावा पूर्वी और दक्षिणी झारखंड के कई इलाकों में भी हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई, जिससे तापमान में गिरावट आई और लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली. Source link

झारखंड

चार जून से लापता किशोरी रेलवे स्टेशन से बरामद

दुमका | चार जून से लापता 17 वर्षीय किशोरी को मुफस्सिल थाना की पुलिस ने शुक्रवार को रेलवे स्टेशन से बरामद किया। सीडब्लयूसी में उसका बयान दर्ज कराया। किशोरी की मां ने मुफस्सिल थाना में प्रेम कुमार नाम के एक युवक पर बेटी के अपहरण का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई थी। पुलिस को जांच के क्रम में पता चला कि युवक जरमुंडी के बरगो गांव का निवासी है। वह भी उसी दिन से लापता है। पुलिस ने युवक के परिजनों पर दबाव बनाया। शुक्रवार को उसने दुमका रेलवे स्टेशन पर किशोरी को छोड़ दिया। वह फरार हो गया। किशोरी की मां का बयान है कि वह अपने पति के साथ बाजार गई हुई थी। घर में बेटी और बेटा था। बेटा आम तोड़ने के लिए बगान की ओर गया था। बेटी लापता थी। मां ने मुफस्सिल थाना की पुलिस से बेटी के अपहरण की शिकायत की। बरामद किशोरी ने पुलिस को बताया कि वह रामपुरहाट गई हुई थी। उसके साथ कोई भी नहीं था। Source link

झारखंड

सेवई बांध का जलस्तर गिरा पानी के लिए ग्रामीण परेशान

सिमडेगा | सदर प्रखंड के सेवई नवा टोली गांव पहुंचे भाजपा नेता श्रद्धानंद बेसरा ने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। ग्रामीणों ने बताया कि सेवई बांध का जलस्तर लगातार गिर रहा है। पीने, नहाने, पशुओं के लिए पानी की किल्लत हो रही है। बांध की जमीन पर अतिक्रमण हो रहा है। ग्रामीणों ने कहा कि इससे भविष्य में बांध समाप्त होने का खतरा है। नवा टोली के करीब 90 जनजातीय परिवारों ने बताया कि हर घर जल-नल योजना के तहत गांव में जलमीनार और पेयजल व्यवस्था होनी थी। कुछ लोगों की मनमानी से इसे दूसरे स्थान पर शिफ्ट कर दिया गया। गांव अब भी मूलभूत सुविधा से वंचित है। ग्रामीणों की मांग पर बेसरा ने कहा कि बांध के जीर्णोद्धार, अतिक्रमण हटाने, जल-नल योजना को गांव में बहाल करने का मुद्दा विभाग और जिला प्रशासन के सामने उठाएंगे। समाधान नहीं होने तक आंदोलन की चेतावनी दी। ग्रामीणों ने उपायुक्त के नाम आवेदन सौंपा। बेसरा को बांध और गांव की स्थिति बताई। मौके पर बड़ी संख्या में महिला-पुरुष मौजूद थे। उपायुक्त कंचन सिंह ने कहा कि इस कार्य में पदस्थापित पदाधिकारियों और कर्मियों के सही टीम वर्क से यह सफलता मिली है। जिस कारण दुरुह भौगोलिक परिस्थिति के बावजूद समय से पहले यह कार्य हुआ है। उन्होंने कहा कि आगे भी यह प्रयास रहेगा कि जनगणना जैसा महत्वपूर्ण कार्य त्रुटिरहित तरीके से हो और सफलतापूर्वक संपन्न हो। सिमडेगा जिले में मकान सूचीकरण एवं मकान गणना को लेकर 11 चार्ज बनाए गए थे। इनमें एक शहरी और 10 ग्रामीण चार्ज थे। उपायुक्त के कुशल दिशा निर्देशन में 179 पर्यवेक्षक और 1080 प्रगणकों ने समर्पित भाव से कार्य किया । लगभग 40 डिग्री सेल्सियस के तापमान में भी ये प्रगणक सुदूरवर्ती ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचे और सफलतापूर्वक कार्य पूरा किया। लोगों से मकान की स्थिति, पेयजल, बिजली, घरेलू उपकरण आदि से संबंधित 33 प्रश्न पूछे गए। देश की इस पहली डिजिटल जनगणना के प्रथम चरण में मकान सूचीकरण और मकान गणना का कार्य किया गया। द्वितीय चरण में 9 फरवरी 2027 से 28 फरवरी 2027 तक जनगणना का कार्य होगा। Source link

Scroll to Top