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तीन युवकों ने की नाबालिग किशोरियों से दरिंदगी का प्रयास:शोर मचाने पर...

धनबाद के पूर्वी टुंडी में रविवार रात तीन नाबालिग किशोरियों के साथ दुष्कर्म का प्रयास किया गया। हालांकि, किशोरियों के शोर मचाने और ग्रामीणों की सक्रियता के कारण आरोपी मौके से फरार हो गए, जिससे एक बड़ी वारदात टल गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। यह घटना पूर्वी टुंडी थाना क्षेत्र में हुई। देर रात तीन युवकों ने सरेराह तीन नाबालिग लड़कियों को जबरन पकड़ लिया। वे उन्हें पास के एक निर्माणाधीन भवन में ले गए, जहां उन्होंने उनके साथ दुष्कर्म करने का प्रयास किया। किशोरियों ने साहस दिखाते हुए जोर-जोर से शोर मचाना शुरू कर दिया। उनकी आवाज सुनकर आसपास के लोग और ग्रामीण घटनास्थल पर जमा होने लगे। ग्रामीणों की भीड़ को अपनी ओर आता देख तीनों आरोपी घबरा गए और तुरंत मौके से भाग निकले। घटना की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी नीतीश कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को शांत कराया और पीड़ित पक्ष की शिकायत पर पुलिस ने संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस टीम आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। पुलिस अधिकारियों ने जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया है। ग्रामीण भी आरोपियों को जल्द पकड़कर कड़ी सजा दिए जाने की मांग कर रहे हैं। Source link

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सारंडा जंगल में आईईडी विस्फोट से हाथी घायल:नक्सलियों के लगाए बम की...

पश्चिमी सिंहभूम जिले के सारंडा जंगल में एक दंतैल हाथी आईईडी विस्फोट की चपेट में आने से गंभीर रूप से घायल हो गया। यह घटना सारंडा वन प्रमंडल के कोयना वन प्रक्षेत्र अंतर्गत कोलभोंगा क्षेत्र के पास हुई। जानकारी के अनुसार, हाथी का दाहिना अगला पैर जमीन में दबे आईईडी पर पड़ा, जिससे जोरदार विस्फोट हुआ। विस्फोट के कारण हाथी के पैर में गहरा घाव हो गया है और वह चलने में असमर्थ है। आशंका है कि यह आईईडी नक्सलियों ने सुरक्षा बलों को निशाना बनाने के उद्देश्य से लगाया था। स्थानीय ग्रामीणों ने घायल हाथी को देखकर वन विभाग को सूचित किया। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम बचाव और उपचार की तैयारी में जुट गई है। हालांकि, जिस क्षेत्र में हाथी घायल पड़ा है, वहां अन्य आईईडी होने की आशंका है, जिसके कारण बचाव अभियान में अत्यधिक सावधानी बरती जा रही है। वन विभाग और सुरक्षा बल पहले पूरे इलाके की गहन जांच कर रहे हैं, ताकि किसी भी खतरे से बचा जा सके। इसके बाद ही हाथी के इलाज और सुरक्षित बचाव की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। यह घटना सारंडा क्षेत्र में नक्सल गतिविधियों के कारण वन्यजीवों और आम लोगों पर मंडरा रहे खतरे को एक बार फिर उजागर करती है। Source link

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रांची में घोंघा-डोका का क्रेज… आदिवासी सीफूड प्रोटीन से भरपूर, चिकन-मटन से...

Last Updated:May 04, 2026, 20:20 IST Ghonga Lovers In Ranchi: रांची की सड़कों पर आपको खासतौर पर एक खास तरह का आइटम देखने को मिलेगा, जिसे नॉनवेज लवर्स बहुत पसंद करते हैं. इसे घोन्घा या स्थानीय भाषा में डोका भी कहते हैं. इसे यहां के आदिवासी भी खूब पसंद करते हैं. ये प्रोटीन का काफी अच्छा सोर्स माना जाता है और मटन चिकन के विकल्प के तौर पर भी खाया जाता है. इसे पसंद करने वालों का कहना है कि टेस्ट भी एकदम जबरदस्त आता है. ग्रामीण खासतौर पर तालाब में चुनकर लाते हैं और यह ₹200 से 250 केजी तक मिलता है. कई बार कीमत और ऊपर जाती है. शेल निकालकर जो बेचते हैं, उसकी कीमत और अधिक होती है. इसे बेचने वाले रमेश बताते हैं कि हम घोंघा तालाब से चुनते हैं और फिर दोपहर के 2:00 बजे बाजार में आकर बैठ जाते हैं. एक-दो घंटे में ही यह पूरा खत्म हो जाता है. इसके अपने ही ऐसे कस्टमर होते हैं, जो इंतजार करते हैं और जैसे देखते हैं कि दुकान सज गई है, वैसे ही आकर यह तुरंत ले जाते हैं. रमेश बताते हैं, हम लोग खासतौर पर तालाब और खेत से भी चुनते हैं. जहां पर पानी का जमाव ज्यादा होता है, वहां पर यह आसानी से मिल जाता है, वहीं पर ये पनपता है. हम लोग से कई बार दवा बनाने वाली जो कंपनी होती है, वह भी लेकर जाती है. वह कहते हैं कि आंख में डालने वाला जो ड्रॉप होता है, उसमें यह काम आता है. इसमें प्रोटीन और ल्युटिन जैसे पोषक तत्व होते हैं. खरीदार ऐसा बताते हैं और हमसे खरीद कर ले जाते हैं. Add News18 as Preferred Source on Google उन्होंने आगे बताया कि खाने में चिकन मटन फेल है. जैसे चिकन मटन का स्वाद आता है, एकदम टेस्टी उससे अधिक ही आएगा, कम नहीं. बनाया भी बिल्कुल वैसे ही जाता है. जैसे आप चिकन बनाते हैं, अधिक प्याज तेल मसाले के साथ. उसी स्टाइल में इसे भी बनाया जाता है. बिल्कुल भी अलग नहीं, हम लोग इसे हमेशा खाते हैं और आज तक आंख में चश्मा लगाने की जरूरत नहीं पड़ी. यह हमारा रोजगार का भी बढ़िया विकल्प है. क्योंकि, इसके लिए कहीं दूर नहीं जाना पड़ता. बस खेत और तालाब से चुनकर लाना पड़ता है और एक दिन में आराम से 1000 तक की बिक्री हो जाती है और कभी-कभी तो 2000 तक भी. मतलब जितना क्वांटिटी अधिक चुनकर ले आएं, उतनी ही बिक्री. बरसात के मौसम में तो अधिक पानी जमता है. ऐसे में एक दिन में 2500 तक की बिक्री हो जाती है. तो यह स्वाद के साथ-साथ की कमाई का भी बढ़िया जरिया है. Source link

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मजदूरों का टिनप्लेट कंपनी गेट पर प्रदर्शन:बकाया भुगतान और नौकरी की मांग,...

जमशेदपुर में संयुक्त ट्रेड यूनियन के बैनर तले मजदूरों ने टिनप्लेट कंपनी गेट पर प्रदर्शन किया। उन्होंने अपनी मांगों को लेकर प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की और एक ज्ञापन सौंपा। यह प्रदर्शन बकाया भुगतान और 16 श्रमिकों की नौकरी की मांग को लेकर किया गया। मजदूर नेता अंबुज ठाकुर ने बताया कि नर्सरी विभाग में कार्यरत श्रमिक मेसर्स ए.बी. कंस्ट्रक्शन के तहत अगस्त 2019 से 31 अक्टूबर 2025 तक काम कर रहे थे। 31 अक्टूबर 2025 को अचानक उनकी सेवाएं समाप्त कर दी गईं। श्रमिकों का आरोप है कि नियमानुसार उन्हें अंतिम भुगतान (फाइनल सेटलमेंट) मिलना चाहिए था, जो अब तक नहीं किया गया है। 16 मजदूरों को काम पर वापस नहीं रखा जा रहा श्रमिकों के अनुसार, सेवा समाप्ति के बाद एक अन्य ठेकेदार को छह माह के लिए नर्सरी कार्य का जिम्मा मिला, जिसके तहत वे दोबारा काम करते रहे। वर्तमान में ठेका फिर से ए.बी. कंस्ट्रक्शन को दिया गया है, लेकिन ठेका मिलने के बावजूद 16 मजदूरों को काम पर वापस नहीं रखा जा रहा है। उनके बकाया भुगतान भी लंबित हैं। प्रदर्शनकारी मजदूरों ने बताया कि वे वर्षों से टिनप्लेट कंपनी में कार्यरत रहे हैं। इस दौरान कई ठेकेदार बदले, लेकिन उन्हें लगातार काम मिलता रहा। अब अचानक काम से हटाए जाने के कारण उनके सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। मजदूर नेता अंबुज ठाकुर ने प्रबंधन को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि यदि 15 दिनों के भीतर मजदूरों को काम पर वापस नहीं लिया गया और उनके बकाया राशि का भुगतान नहीं किया गया, तो संयुक्त ट्रेड यूनियन के बैनर तले एक बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा। Source link

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चाईबासा में युवक ने की आत्महत्या:पारिवारिक विवाद के बाद देर रात फंदे...

पश्चिमी सिंहभूम जिले के मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के तेलाईसूद रंगाबासा टोला में एक 23 वर्षीय युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। युवक की पहचान डोको गोप के रूप में हुई है। यह घटना देर रात की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, डोको गोप का विवाह लगभग चार वर्ष पूर्व हुआ था। स्थानीय लोगों और परिजनों ने बताया कि वह पिछले कुछ समय से मानसिक तनाव से गुजर रहा था और अक्सर छोटी-छोटी बातों पर क्रोधित हो जाता था। घटना वाले दिन डोको ने सुबह से खाना नहीं खाया था, जिस कारण उसकी पत्नी से विवाद हो गया। यह कहासुनी जल्द ही मारपीट में बदल गई। डोको गोप को कमरे में फंदे से लटका पाया स्थिति बिगड़ने पर उसकी पत्नी डरकर घर से बाहर चली गई थी। कुछ समय बाद जब वह लौटी, तो उसने डोको गोप को कमरे में फंदे से लटका पाया। पत्नी ने शोर मचाया, जिसके बाद आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलने पर मुफ्फसिल थाना पुलिस तत्काल घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया है। पुलिस इस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। प्रारंभिक जांच में पारिवारिक विवाद और मानसिक तनाव को आत्महत्या का संभावित कारण माना जा रहा है। पुलिस सभी पहलुओं पर गौर करते हुए आगे की कार्रवाई कर रही है। Source link

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मई में लगाएं ये 5 फसलें, 3 महीने में 2 लाख तक...

होमफोटोकृषि मई में लगाएं ये 5 फसलें, 3 महीने में 2 लाख तक कमाई, जानें फॉर्मूला Last Updated:May 04, 2026, 20:52 IST Cultivate These 5 Crops in May: मई का महीना किसानों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है. इस दौरान एक ओर जहां भीषण गर्मी पड़ती है, वहीं दूसरी ओर कुछ ही समय बाद मानसून के आगमन की संभावना रहती है. ऐसे में यदि किसान सही फसल का चयन नहीं करते हैं, तो उन्हें नुकसान उठाना पड़ सकता है. इसी को ध्यान में रखते हुए बोकारो के कृषि विभाग ‘आत्मा’ (ATMA) की उप परियोजना निदेशक नीरा जोजो ने किसानों के साथ मई महीने में की जाने वाली खेती को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की. उन्होंने बताया कि मई का महीना खेती के लिए सुनहरा अवसर साबित हो सकता है. यदि किसान इस समय उपयुक्त फसलों का चयन करते हैं, तो वे प्रति एकड़ 1 लाख रुपये तक की आमदनी आसानी से प्राप्त कर सकते हैं. खास बात यह है कि ये सभी फसलें लगभग 2.5 से 3 महीने के भीतर तैयार हो जाती हैं. नीरा जोजो के अनुसार, खीरा की खेती मई महीने में करना बेहद लाभदायक हो सकता है. इसकी फसल लगभग 35 दिनों में तैयार हो जाती है. प्रति एकड़ इसकी लागत करीब 25 से 30 हजार रुपये आती है, जबकि उत्पादन 100 क्विंटल तक हो सकता है. इस तरह किसान इससे लगभग 1 लाख रुपये तक की आमदनी कर सकते हैं. रेगुलर बैंगन की खेती भी मई में बुवाई करने पर जुलाई तक तैयार हो जाती है. लगभग दो महीने की अवधि वाली इस फसल का थोक बाजार भाव 20 से 40 रुपये प्रति किलो तक रहता है. अच्छी देखभाल के साथ किसान प्रति एकड़ करीब 200 क्विंटल तक उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं, जिससे उन्हें 1 से 2 लाख रुपये तक की आमदनी हो सकती है. Add News18 as Preferred Source on Google स्वीट कॉर्न की खेती भी मई में करना लाभकारी माना जाता है. इसकी लागत लगभग 20 से 25 हजार रुपये प्रति एकड़ आती है. जून-जुलाई तक तैयार होने वाली इस फसल से किसान प्रति एकड़ 80 क्विंटल तक उत्पादन हासिल कर सकते हैं और करीब 2 लाख रुपये तक का मुनाफा कमा सकते हैं. मई में टमाटर की खेती थोड़ी अधिक देखभाल मांगती है, लेकिन इससे बेहतर आमदनी की संभावना रहती है. इसमें 40 से 50 हजार रुपये प्रति एकड़ की लागत आती है और 150 से 200 क्विंटल तक उत्पादन मिल सकता है. यदि बाजार में अच्छे दाम मिलें, तो किसान 1 लाख रुपये से अधिक की कमाई कर सकते हैं. मिर्च की खेती भी किसानों के लिए एक अच्छा विकल्प है. मई में इसकी बुवाई करने पर फसल 45 से 70 दिनों में तैयार हो जाती है. किसान प्रति एकड़ 90 से 200 क्विंटल तक उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं, जिससे उन्हें 50 हजार से 1 लाख रुपये तक की आमदनी हो सकती है. अंत में नीरा जोजो ने किसानों को सलाह दी कि बेहतर उत्पादन और गुणवत्ता के लिए जैविक खाद और जैविक कीटनाशकों का उपयोग करें. इससे न केवल लागत कम होगी, बल्कि फसल की गुणवत्ता भी बेहतर होगी और किसान अधिक मुनाफा कमा सकेंगे. Source link

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रामगढ़ में CCL ने डीजल चोरी का भंडाफोड़ किया:600 लीटर तेल बरामद,...

रामगढ़ जिले के रजरप्पा थाना क्षेत्र के कोइहारा गांव में लंबे समय से चल रही डीजल चोरी का भंडाफोड़ हुआ है। सीसीएल के क्षेत्रीय सुरक्षा पदाधिकारी आशीष झा को गुप्त सूचना मिली थी, जिसके बाद सोमवार को टीम के साथ छापेमारी की गई। छापेमारी के दौरान एक घर से लगभग 600 लीटर डीजल बरामद किया गया। इसके अतिरिक्त, मौके से करीब 30 गैलन और डीजल निकालने में इस्तेमाल होने वाले पाइप भी जब्त किए गए। इतनी बड़ी मात्रा में डीजल की बरामदगी से यह संकेत मिलता है कि यह चोरी संगठित तरीके से चल रही थी। सीसीएल सुरक्षा टीम की इस अचानक कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मच गया। बताया जा रहा है कि इस गिरोह में कई लोग शामिल हो सकते हैं, जो नियमित रूप से डीजल चोरी कर बेचते थे। छापेमारी के बाद कई संदिग्ध लोग गांव से गायब भी बताए जा रहे हैं। इस घटना के सामने आने के बाद रजरप्पा पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि इतने बड़े पैमाने पर चोरी लंबे समय से चल रही थी, लेकिन पुलिस को इसकी जानकारी नहीं थी। सीसीएल की इस कार्रवाई के बाद अब पूरे नेटवर्क का खुलासा होने और इसमें शामिल सभी लोगों पर सख्त कार्रवाई की उम्मीद है। जब्त डीजल और अन्य सामान को कब्जे में लेकर आगे की जांच शुरू कर दी गई है। Source link

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लातेहार में एनडीपीएस के 4 फरार आरोपी गिरफ्तार:गुप्त सूचना पर पुलिस ने...

लातेहार जिले की बारियातू थाना पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत फरार चल रहे चार नामजद आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन सभी आरोपियों को सोमवार को न्यायिक हिरासत में लातेहार भेज दिया गया। थाना प्रभारी रंजन कुमार पासवान ने बताया कि पुलिस अधीक्षक कुमार गौरव को गुप्त सूचना मिली थी। सूचना के अनुसार, थाना क्षेत्र के विभिन्न मामलों में नामजद अभियुक्त अपने घरों में मौजूद थे। इस जानकारी के आधार पर बालूमाथ एसडीपीओ बिनोद रवानी के नेतृत्व में एक छापेमारी दल का गठन किया गया। टीम ने कार्रवाई करते हुए कांड संख्या 20/25 के फरार अभियुक्त रूपलाल यादव और राकेश साव उर्फ राकेश कुमार साहु (दोनों निवासी बान्दु, थाना लावालौंग, जिला चतरा) को गिरफ्तार किया। इसी मामले में शंकर तुरी (लेबराही, थाना बारियातू) को भी पकड़ा गया। इसके अतिरिक्त, अवैध अफीम (पोस्ता) की खेती से संबंधित कांड संख्या 77/24 के आरोपी फुलेश्वर गंझु उर्फ फुलदेव गंझू (निवासी लेबराही, बारियातू) को भी उसके घर से दबोचा गया। सभी गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। थाना प्रभारी रंजन कुमार पासवान ने कहा कि अवैध मादक पदार्थों जैसे अफीम और गांजा के खिलाफ पुलिस की लगातार कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसमें संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। Source link

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रांची की पकौड़ी वाली दीदी.. लकड़ी के चूल्हे पर बनती 25 रुपये...

Last Updated:May 04, 2026, 20:27 IST Ranchi Famous Pakori Stall: झारखंड की राजधानी रांची के मोरहाबादी ग्राउंड के ठीक सामने आपको लकड़ी के चूल्हे पर बड़ी सी कढ़ाई में पकौड़ी तलती हुई वीणा देवी दिखाई देंगी. वीणा देवी कभी पार्क में झाड़ू लगाने का काम करती थीं. लेकिन फिर उन्होंने पकौड़ी बेचना शुरू किया. आज भी वह लकड़ी की आंच पर पकौड़ी बनाती हैं. वे बेसन का 20 किलो एक झोला लेकर ही बैठती हैं, जो 2 से 3 घंटे के अंदर ही खत्म हो जाता है. 100 प्लेट की बिक्री तो आराम से हो जाती है. एक प्लेट की कीमत ₹25 होती है. हर दिन अच्छी खासी कमाई हो रही है. यहां पर आपको बड़ी-बड़ी कारों से आने वाले लोग पकौड़ी का मजा लेते नजर आएंगे. कई बार तो 25 लाख रुपए की कार से केवल ₹25 की पकौड़ी खाने के लिए उतरते हैं. यहां पर पकौड़ी खा रहे नितेश बताते हैं, मैडम यहां 25 लाख और 30 लाख की गाड़ी से सिर्फ 25-30 रुपए की पकौड़ी खाने के लिए लोग आते हैं, जैसे फॉर्च्यूनर और दूसरी बड़ी लग्जरी गाड़ियों से. यहां का स्वाद ऐसा है, एकदम क्रिस्पी व एकदम क्रंची. लकड़ी की धीमी आंच में पकता है तो इसका स्वाद और निखरकर आता है. हम लोग तो यहां के रेगुलर ग्राहक हैं, हर दूसरे दिन आते हैं. वीणा देवी बताती हैं, हम लोग बहुत ज्यादा चीजों का इस्तेमाल नहीं करते. केवल बेसन, पत्ता गोभी, थोड़ा सा प्याज, दो-तीन तरह के मसाले और नमक. बस यही चार-पांच चीजों का इस्तेमाल करते हैं. उन्होंने बताया, जितना कम चीजों का इस्तेमाल करिए उतना अच्छा है. लकड़ी की आंच की वजह से यह बहुत अच्छा पकता है. Add News18 as Preferred Source on Google जब पकौड़ी डालते हैं, उस समय तेल एकदम गरम होना चाहिए और चलाते रहना है, तभी क्रिस्पी होगा. वीणा आगे बताती हैं, यहां पर धनिया की चटनी के साथ परोसते हैं. 20 किलो बेसन तो देखते ही देखते खत्म हो जाता है. मेरा बेटा इसमें सहयोग करता है, वह परोसने का काम करता है. और मैं बनाती हूं. कभी पार्क में झाड़ू लगाती थी तो दिन का 50 रुपए मिलता था. आज दिन का 2000 तक की बिक्री होती है. देर से ही सही, पर मेरी जिंदगी बदल गई. Source link

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चाईबासा में बाइक पुलिया से टकराई, किसान की मौत:बिजली बिल जमा कर...

पश्चिमी सिंहभूम जिले के मुफ्फसिल थाना क्षेत्र अंतर्गत बारकुंडिया गांव के पास एक सड़क हादसे में 35 वर्षीय किसान देवेन्द्र बिरुवा की मौत हो गई। उनकी पत्नी सोंगा बिरुवा गंभीर रूप से घायल हो गईं। यह घटना दोपहर में हुई, जब दंपति बिजली बिल जमा कर अपने गांव लौट रहे थे। देवेन्द्र बिरुवा अपनी पत्नी सोंगा बिरुवा के साथ बाइक से टोंटो देनासाई (मंझारी थाना क्षेत्र) जा रहे थे। बारकुंडिया गांव के पास उनकी मोटरसाइकिल अनियंत्रित होकर पुलिया से टकरा गई। टक्कर के बाद देवेन्द्र बिरुवा पुलिया के नीचे जा गिरे और गंभीर रूप से घायल हो गए। उनकी पत्नी भी इस हादसे में जख्मी हो गईं। पत्नी का दायां पैर टूट गया घटना के बाद ग्रामीणों ने दोनों को बाहर निकाला और पुलिस की सहायता से सदर अस्पताल, चाईबासा पहुंचाया। अस्पताल में इलाज के दौरान चिकित्सकों ने देवेन्द्र बिरुवा को मृत घोषित कर दिया। सोंगा बिरुवा का इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार उनका दायां पैर टूट गया है और उनकी स्थिति पर नजर रखी जा रही है। मृतक देवेन्द्र बिरुवा पेशे से किसान थे और खेती-बाड़ी कर परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनके परिवार में पत्नी और एक छह साल का बच्चा है। पुलिस ने घटना की सूचना मिलते ही अस्पताल पहुंचकर शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। Source link

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