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देसी हुनर का कमाल या सिस्टम की नाकामी? जटिया कॉलोनी की चप्पल...

Last Updated:May 05, 2026, 12:07 IST Jatiya Colony Slipper: जटिया कॉलोनी में चप्पल बनाने की परंपरा पीढ़ियों से चली आ रही है, जहां कारीगर अपने हुनर से शानदार हस्तनिर्मित चप्पलें तैयार करते हैं. इन चप्पलों की मांग केवल स्थानीय स्तर पर ही नहीं, बल्कि देशभर में है और यहां से बड़े पैमाने पर सप्लाई की जाती है. बावजूद इसके, इस पारंपरिक उद्योग को पर्याप्त सरकारी सहयोग नहीं मिल पा रहा है. कारीगर सीमित संसाधनों और आधुनिक तकनीक की कमी के बावजूद अपने काम को जारी रखे हुए हैं. यह कुटीर उद्योग कई परिवारों की आजीविका का मुख्य साधन है, लेकिन आर्थिक सहायता और प्रोत्साहन के अभाव में इसकी वृद्धि बाधित हो रही है. यदि सरकार की ओर से उचित समर्थन मिले, तो यह उद्योग और अधिक विकसित होकर रोजगार के नए अवसर भी पैदा कर सकता है. ख़बरें फटाफट अजमेर. अजमेर धार्मिक नगरी होने के साथ-साथ अपने पारंपरिक हुनर और कारीगरी के लिए भी विशेष पहचान रखता है. यहां के प्रमुख धार्मिक स्थलों के कारण देश-विदेश से आने वाले लोग जहां आध्यात्मिक शांति पाते हैं वहीं स्थानीय स्तर पर बनने वाले हस्तशिल्प उत्पाद भी इस शहर की अलग पहचान बनाते हैं. इन्हीं में से एक है हैंडमेड लेडीज चप्पल उद्योग जो लंबे समय से जटिया समाज की अर्थव्यवस्था और परंपरा का अहम हिस्सा रहा है. अजमेर के पहरगंज स्थित जटिया कॉलोनी इस उद्योग का मुख्य केंद्र है, जहां कई परिवार पीढ़ियों से चप्पल बनाने के काम में लगे हुए हैं. पूरे शहर में लगभग चार से पांच हजार लोग, विशेष रूप से जटिया समाज के कारीगर, इस काम से जुड़े हुए हैं. खास बात यह है कि यहां कोई बड़ी फैक्ट्री नहीं है, बल्कि घरों में ही परिवार के सदस्य और मजदूर मिलकर इस काम को करते हैं. यह एक तरह का घरेलू उद्योग है जो पारंपरिक कौशल और मेहनत पर आधारित है. राजस्थान के कई शहरों में सप्लाई की जाती हैं हैंडमेड चप्पलेंजटिया कॉलोनी निवासी कारीगर राजू सबलानिया ने बताया कि यह काम उनके समाज का पुश्तैनी व्यवसाय है, जो पीढ़ी दर पीढ़ी चला आ रहा है. पहले जहां चप्पल और जूते चमड़े से बनाए जाते थे वहीं अब समय के साथ बदलाव करते हुए सिंथेटिक लेदर का उपयोग किया जा रहा है. इससे उत्पाद की लागत कम होती है और बाजार में इसकी मांग भी बनी रहती है. उन्होंने आगे बताया कि अजमेर में तैयार की गई ये हैंडमेड चप्पलें केवल स्थानीय बाजार तक सीमित नहीं हैं, बल्कि जयपुर, जोधपुर, नागौर, कुचामन, सीकर, बीकानेर, मेड़ता और भीलवाड़ा जैसे राजस्थान के कई शहरों व राजस्थान के बाहर भी  सप्लाई की जाती हैं. इससे कारीगरों को रोजगार के अवसर मिलते हैं और उनकी आजीविका चलती है. सरकार से लगाई गुहार कारीगर राजू सबलानिया का कहना है कि इस क्षेत्र से जुड़े अधिकांश कारीगर और मजदूर वर्ग से आते हैं, फिर भी उन्हें सरकार की ओर से अपेक्षित सहयोग नहीं मिल पा रहा है. खासकर मजदूर डायरी जैसी बुनियादी सुविधा का अभाव उन्हें सरकारी योजनाओं से वंचित कर रहा है. कारीगरों का मानना है कि यदि उन्हें मजदूर डायरी उपलब्ध कराई जाए, तो वे भी विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठा सकेंगे और उनका जीवन स्तर बेहतर हो सकेगा. About the Author Jagriti Dubey Hi, I am Jagriti Dubey, a media professional with 6 years of experience in social media and content creation. I started my career with an internship at Gbn 24 news channel in 2019 and have worked with many repu…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Ajmer,Rajasthan Source link

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UAE Attack India Reaction: MEA Reaction on UAE| दोस्त हुआ घायल तो...

होमताजा खबरदेश दोस्त हुआ घायल तो तड़प उठा भारत, फुजैरा अटैक पर दिया पहला रिएक्शन Last Updated:May 05, 2026, 11:03 IST India Reaction on UAE Attacks: ईरान-अमेरिका के बीच हुए युद्धविराम का अंत तब नजर आने लगा, जब होर्मुज में फायरिंग के साथ-साथ यूएई पर भी हमले हुए. फुजैरा ऑयल सेंटर में हुए हमले में 3 भारतीय भी जख्मी हो गए, जिसके बाद भारत की ओर से इस पर पहली प्रतिक्रिया दी गई है. फुजैरा हमले पर विदेश मंत्रालय की प्रतिक्रिया. India Reaction on Fujairah Attacks: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच यूनाइटेड अरब अमीरात के फुजैरा क्षेत्र में हुए हमले को लेकर भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. भारत के विदेश मंत्रालय ने इस हमले को अस्वीकार्य बताते हुए कहा है कि ऐसे मामलों का हल संवाद और कूटनीति से होना चाहिए. आपको बता दें कि यूएई के फुजैरा में हुए ईरानी हमलों में तीन भारतीय नागरिक घायल हो गए थे. MEA ने अपने बयान में कहा कि नागरिक ढांचे और निर्दोष लोगों को निशाना बनाना किसी भी स्थिति में सही नहीं है और ऐसी शत्रुतापूर्ण कार्रवाइयों को तुरंत रोका जाना चाहिए. भारत ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की है. भारत ने साफ कहा कि वह इस संकट के समाधान के लिए संवाद और कूटनीति का समर्थन करता है. मंत्रालय ने जोर देकर कहा कि पश्चिम एशिया में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए सभी देशों को बातचीत के जरिए समाधान निकालना चाहिए. दोस्त के लिए आगे आया भारत फुजैरा, यूएई का एक महत्वपूर्ण तेल और व्यापारिक केंद्र है. 4 मई को हुए ड्रोन हमले की चपेट में ये ऑयल सेंटर आया, जिससे वहां आग लग गई और अफरा-तफरी का माहौल बन गया. इस घटना ने पूरे क्षेत्र में सुरक्षा चिंताओं को और बढ़ा दिया है. यूएई, ईरान युद्ध के दौरान सबसे ज्यादा हमले झेलने वाला देश है. ईरान की ओर से यहां मौजूद अमेरिकी मिलिट्री बेसेज को जमकर निशाना बनाया गया. चूंकि भारत और संयुक्त अरब अमीरात के बीच रिश्ते बेहद अच्छे हैं और वहां बड़ी संख्या में भारतीय रहते हैं, ऐसे में भारतीय सरकार की ओर से इस पर आपत्ति दर्ज कराई गई है. भारत ने यह भी स्पष्ट किया कि वह क्षेत्र में शांति स्थापित करने के हर प्रयास का समर्थन करने के लिए तैयार है. सरकार ने कहा कि सभी मुद्दों का समाधान शांतिपूर्ण तरीके से होना चाहिए, ताकि आम लोगों की सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता बनी रहे. होर्मुज संकट पर क्या बोला भारत? भारत ने अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में सुरक्षित और निर्बाध नौवहन की आवश्यकता पर भी जोर दिया. यह जलमार्ग दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण व्यापारिक रास्तों में से एक है, जहां से बड़ी मात्रा में तेल और गैस का परिवहन होता है. MEA ने कहा कि इस रास्ते पर किसी भी तरह की रुकावट वैश्विक अर्थव्यवस्था पर गंभीर असर डाल सकती है. इसलिए सभी पक्षों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि जहाजों की आवाजाही बिना किसी बाधा के जारी रहे. आपको बता दें स्ट्रेट ऑफ होर्मुज वही रास्ता है, जहां से दुनिया का 20 फीसदी तेल आता है और यहां चल रहे गतिरोध की वजह से दुनियाभर में तेल-गैस के दाम बढ़ गए हैं. About the Author Prateeti Pandey News18 में इंटरनेशनल डेस्क पर कार्यरत हैं. टीवी पत्रकारिता का भी अनुभव है और इससे पहले Zee Media Ltd. में कार्य किया. डिजिटल वीडियो प्रोडक्शन की जानकारी है. टीवी पत्रकारिता के दौरान कला-साहित्य के साथ-साथ अंतरर…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : New Delhi,Delhi Source link

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किसान मानसून से पहले खेत में कर लें यह काम, मिट्टी का...

होमताजा खबरकृषि किसान मानसून से पहले खेत में कर लें यह काम, मिट्टी का होगा कायाकल्प Last Updated:May 05, 2026, 10:00 IST Agriculture Tips: कृषि एक्सपर्ट डॉ. एन.पी. गुप्ता ने बताया कि गर्मियों में गहरी जुताई का अपना एक वैज्ञानिक और विशेष महत्व है. वैसे तो जुताई की गहराई फसल के प्रकार पर निर्भर करती है. सामान्य फसलों के लिए 6 इंच और गन्ने जैसी गहरी जड़ों वाली फसलों के लिए 9 इंच तक जुताई करना चाहिए. इससे मिट्टी में दबे हानिकारक फंगस, बैक्टीरिया, कीटों के अंडे और लार्वा सतह पर आ जाते है जो तेज धूप या पक्षियों द्वारा नष्ट कर दिए जाते है. गर्मियों में खेतों की गहरी जुताई खेती-किसानी के लिए बेहद फायदेमंद होता है. खेत की गहरी जुताई करने से मिट्टी का कायाकल्प हो जाता है. भीषण गर्मी के दौरान जब खेत खाली होते है. तब गहरी जुताई करने से न केवल मिट्टी की उर्वरा शक्ति बढ़ती है, बल्कि हानिकारक कीटों और बीमारियों का भी प्राकृतिक रूप से अंत हो जाता है. लेकिन गहरी जुताई मानसून की पहली बारिश से पहले कर देनी चाहिए और जुताई करते समय इस बात का भी ध्यान रखें कि गहराई कितनी और किस यंत्र से जुताई करनी चाहिए. कृषि एक्सपर्ट डॉ. एन.पी. गुप्ता ने बताया कि गर्मियों में गहरी जुताई का अपना एक वैज्ञानिक और विशेष महत्व है. वैसे तो जुताई की गहराई फसल के प्रकार पर निर्भर करती है. सामान्य फसलों के लिए 6 इंच और गन्ने जैसी गहरी जड़ों वाली फसलों के लिए 9 इंच तक जुताई करना चाहिए. इससे मिट्टी में दबे हानिकारक फंगस, बैक्टीरिया, कीटों के अंडे और लार्वा सतह पर आ जाते है जो तेज धूप या पक्षियों द्वारा नष्ट कर दिए जाते है. ऐसे में माना जाता है कि बिना किसी रासायनिक के कीटनाशक के मृदा शोध हो जाता है, मिट्टी में पाए जाने वाले फंगस और हानिकारक कीट मर जाते है. कीटों और बीमारियों से प्राकृतिक बचावमिट्टी के भीतर कई प्रकार के हानिकारक जीव जैसे प्रोटोजोआ, फंगस और बैक्टीरिया लंबे समय तक सुप्त अवस्था में रहते हैं. गहरी जुताई के माध्यम से जब मिट्टी को पलटा जाता है, तो कीट ऊपर आ जाते हैं. मई-जून की चिलचिलाती धूप इन्हें पूरी तरह नष्ट कर देती है. इसके अलावा, मिट्टी के अंदर मौजूद विभिन्न सुंडियों के अंडे और लार्वा भी बाहर निकल आते हैं. इससे अगली फसल में कीटों का प्रकोप काफी हद तक कम हो जाता है और किसानों को महंगे कीटनाशकों पर निर्भर नहीं रहना पड़ता. मिट्टी की जल धारण क्षमता में सुधारगहरी जुताई का सबसे बड़ा लाभ मिट्टी की संरचना में सुधार होना है. जब मिट्टी की निचली परतों को ऊपर लाया जाता है, तो जमीन का घनत्व कम होता है और वह भुरभुरी हो जाती है. इससे मानसून की पहली बारिश का पानी जमीन के अंदर काफी गहराई तक रिस पाता है. मिट्टी की जल धारण क्षमता (Water Holding Capacity) बढ़ने से सूखे के समय भी पौधों को नमी मिलती रहती है. यह प्रक्रिया भूजल स्तर को सुधारने में भी सहायक होती है, जो लंबे समय तक मिट्टी को खेती के लिए उपजाऊ बनाने के लिए जरूरी है. नाइट्रोजन स्थिरीकरण और पोषक तत्वमानसून की पहली बारिश के साथ वातावरण में नाइट्रोजन की प्रचुर मात्रा होती है. जुताई किए हुए खेतों में यह नाइट्रोजन सीधे मिट्टी के संपर्क में आती है और गहराई तक समा जाती है. इसके अलावा, जुताई से मिट्टी में ऑक्सीजन का संचार बढ़ता है, जिससे सूक्ष्म पोषक तत्व पौधों के लिए अधिक सुलभ हो जाते हैं. यह ‘नेचुरल फर्टिलाइजेशन’ फसल की शुरुआती ग्रोथ को जबरदस्त बढ़ावा देता है. गहरी जुताई से खरपतवारों की जड़ें भी सूख जाती हैं, जिससे फसल को पूरा पोषण मिलता है. गहरी जुताई के लिए सही मार्गदर्शनकिसानों को यह ध्यान रखना चाहिए कि गहरी जुताई केवल तभी करें जब खेत खाली हो और कड़ी धूप हो. जुताई के बाद खेत को कुछ दिनों के लिए खुला छोड़ देना चाहिए ताकि सूर्य की किरणें अपना काम कर सकें. जुताई के लिए मिट्टी के प्रकार और आगामी फसल का ध्यान रखना जरूरी है. अगर खेत में गन्ने की बुआई करनी है, तो 9 इंच की गहराई जरूरी है ताकि जड़ें मजबूती से फैल सकें. About the Author Manish Rai काशी के बगल चंदौली से ताल्लुक रखते है. बिजेनस, सेहत, स्पोर्टस, राजनीति, लाइफस्टाइल और ट्रैवल से जुड़ी खबरें पढ़ना पसंद है. मीडिया में करियर की शुरुआत ईटीवी भारत हैदराबाद से हुई. अभी लोकल18 यूपी के कॉर्डिनेटर की…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Shahjahanpur,Uttar Pradesh Source link

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Bengal New bjp CM: कौन हो सकता है पश्चिम बंगाल का नया...

Pashchim Bengal ka Naya CM Kaun: पश्चिम बंगाल में भाजपा ने टीएमसी को हराकर प्रचंड जीत हासिल कर ली है. इस ऐतिहासिक विक्ट्री के बाद अब बंगाल में नए मुख्यमंत्री के नाम की रेस शुरू हो गई है. दिल्ली से बंगाल तक सबकी जुबां पर एक ही सवाल है कि अब बंगाल का अगला सीएम कौन बनेगा? भाजपा किसे बंगाल की धरती सौंपने जा रही है? अभी तक बीजेपी की ओर से मुख्यमंत्री पद के लिए कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है और न ही किसी सीएम चेहरे को आगे रखकर चुनाव लड़ा गया है, लिहाजा इस सवाल पर अभी भी गहरा सस्पेंस बना हुआ है. पार्टी लाइन से बाहर मौजूद अधिकांश लोग ममता बनर्जी को उनके गढ़ में मात देने वाले बीजेपी के कद्दावर नेता सुवेंदु अधिकारी के नाम का अनुमान लगा रहे हैं, हालांकि पार्टी के अंदर 3 और नाम भी हैं, जिन पर विशेष रूप से चर्चा हो रही है. कोलकाता के अगले सीएम का शपथ ग्रहण समारोह 9 मई को हो सकता है. इस दिन रवींद्रनाथ टैगोर की जयंती है. टेलीग्राफ में छपी रिपोर्ट के मुताबिक बीजेपी के अंदर चार नाम सबसे ज्यादा चर्चा में हैं और वे हैं, भबानीपुर से ममता बनर्जी को हराने वाले सुवेंदु अधिकारी, समिक भट्टाचार्य, उत्पल ब्रह्मचारो (उत्पल महाराज) और स्वपन दासगुप्ता. इन नामों की अटकलें लगाए जाने के पीछे क्या वजहें हैं, आइए जानते हैं.. बंगाल का बेटा बनेगा मुख्यमंत्री बता दें कि कुछ समय पहले गृहमंत्री अमित शाह ने कहा था कि बंगाल में भाजपा की जीत होती है तो अगला मुख्यमंत्री बंगाल का बेटा होगा, जो बंगाल में जन्मा हो, वहीं पढ़ा हो, बंगाली भाषा अच्छे से बोलता हो और बीजेपी का कार्यकर्ता हो. इस आधार पर यह तो तय है कि बीजेपी कोलकाता में कोई बड़ा सरप्राइज नहीं देने वाली है और पैराशूट सीएम नहीं उतारने जा रही है. यहां की कमान यहीं के नेता के हाथ रहने वाली है. सुवेंदु का नाम क्यों? सीएम पद की दौड़ में सुवेंदु अधिकारी का नाम सबसे ज्यादा जोर-शोर से लिया जा रहा है. उन्होंने इस बार दो सीटों से चुनाव लड़ा है नंदीग्राम और भवानीपुर. भवानीपुर ममता बनर्जी का अपना गढ़ था जिसमें सुवेंदु ने दीदी को पटकनी दे दी. जानकारी के मुताबिक सुवेंदु पहले 2021 में भी ममता को नंदीग्राम में हरा चुके थे, इसलिए वह नंदीग्राम से ही चुनाव लड़ना चाहते थे लेकिन अमित शाह ने उन्हें भवानीपुर से लड़ने के लिए कहा. शाह की बात मान सुवेंदु ने भवानीपुर और नंदीग्राम दो सीटों से पर्चा भरा और नंदीग्राम में 10000 से ज्यादा वोटों से और भवानीपुर में 15000 से ज्यादा वोटों से जीत हासिल कर ली. ऐसे में पार्टी के कई नेता मानते हैं कि ममता को दो बार से हराते आ रहे सुवेंदु को मुख्यमंत्री बनाना चाहिए. समिक भट्टाचार्य भी हैं मैदान में बंगाल में सीएम पद के लिए बीजेपी नेता समिक भट्टाचार्य भी मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं. वे पश्चिम बंगाल बीजेपी के राज्य अध्यक्ष हैं. बंगाल में बीजेपी के लिए मजबूत जमीन बनाने का श्रेय उन्हें जाता है. उन्होंने पुराने और नए कार्यकर्ताओं को एक साथ जोड़ा. संगठन को मजबूत किया और रिजल्ट सामने हैं. वे शिक्षित मध्यम वर्ग की छवि रखते हैं, बंगाली संस्कृति को अच्छे से जानते हैं और आरएसएस से भी जुड़े हैं. ऐसे में बीजेपी के कई नेता मानते हैं कि बिना आरएसएस के समर्थन के यह बड़ी जीत संभव नहीं थी, लिहाजा इस बार सीएम पद समिक की झोली में जा सकता है. उत्पल महाराज का नाम भी है आगे यूपी में धार्मिक फायरब्रांड सीएम की तरह पश्चिम बंगाल की सत्ता भी ऐसे ही किसी कर्मयोगी धार्मिक नेता के पास जा सकती है. इसी वजह से तीसरा नाम उत्पल ब्रह्मचारो यानि उत्पल महाराज का भी निकलकर आ रहा है. ब्रह्मचारो का नाम आरएसएस और संगठन के अंदर काफी चर्चित है. वे धार्मिक नेता हैं. उन्होंने कालीगंज सीट से चुनाव लड़ा और 76000 से भी ज्यादा वोटों के भारी अंतर से जीत हासिल की. सामाजिक सेवा के जरिए उन्होंने हिंदू वोटों को मजबूत किया है, ऐसे में संभव है कि उत्तर प्रदेश जैसा सीएम बंगाल में भी देखने को मिले. स्वप्नदास गुप्ता भी रेस में बीजेपी नेता स्वपन दासगुप्ता का नाम भी सीएम पद की रेस में है. वे जाने माने पत्रकार, लेखक और इतिहासकार हैं. उन्होंने राशबिहारी सीट से जीत हासिल की है. सोफिया से पीएचडी हैं.उनकी पढ़ाई-लिखाई और बंगाल के शिक्षित वर्ग में स्वीकार्यता उन्हें मुख्यमंत्री का मजबूत उम्मीदवार बनाती है. इसके अलावा संजीव सन्याल का नाम भी कहीं-कहीं सुनाई दे रहा है. बीजेपी विधायकों की जल्द हो रही बैठक बीजेपी के एक राष्ट्रीय नेता ने बताया कि वैसे तो बीजेपी अचानक फैसले लेने के लिए जानी जाती है, इसलिए बंगाल में भी कोई सरप्राइज हो सकता है. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह कल या परसों कोलकाता पहुंचकर बीजेपी विधायकों की बैठक लेने वाले हैं. आरएसएस की भूमिका उन्होंने कहा कि सीएम पद के चुनाव आरएसएस की भूमिका भी रहने की उम्मीद है क्योंकि संगठन ने 2017 से ही बंगाल में काम शुरू कर दिया था.उस साल आरएसएस की बैठक में बंगाल में हिंदू आबादी घटने और बांग्लादेश से आने वाले हिंदू शरणार्थियों के मुद्दे पर चिंता जताई गई थी. उसके बाद से संगठन ने बंगाल में लगातार काम किया. हालांकि अब देखना है कि आखिरकार बीजेपी किसे बंगाल का नया मुख्यमंत्री चुनेगी. Source link

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West Bengal New CM LIVE | Elections Results 2026 News Live: बंगाल...

Last Updated:May 05, 2026, 07:59 IST Election Result News LIVE: पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के नतीजों ने राजनीति में बड़ा बदलाव ला दिया है. पश्चिम बंगाल में बीजेपी पहली बार बहुमत के साथ सरकार बनाने जा रही है. जिससे तृणमूल कांग्रेस की 15 साल प…और पढ़ें पश्चिम बंगाल से लेकर तमिलनाडु तक अब बस एक ही सवाल CM कौन. (फोटो PTI) West Bengal New CM LIVE: 5 राज्यों के विधानसभा चुनाव के नतीजों ने पूरे राजनीति का नक्शा बदल दिया. पश्चिम बंगाल में पहली बार बीजेपी इतनी बड़ी जीत के साथ उभरी है कि अब सबसे बड़ा सवाल मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर खड़ा हो गया है. क्या पार्टी अनुभवी नेता सुवेंदु अधिकारी को चुनेगी या नए चेहरे पर दांव लगाएगी? वहीं तमिलनाडु में जो हुआ वह किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है. एक सुपरस्टार यानी विजय ने राजनीति में कदम रखा और सीधे सत्ता के दरवाजे तक पहुंच गया. जनता ने पारंपरिक राजनीति को झटका दिया है. यह चुनाव दिखाता है कि अब मतदाता बदलाव के लिए तैयार हैं. बंगाल और तमिलनाडु दोनों ही राज्यों में नतीजों के बाद सबसे ज्यादा चर्चा CM की कुर्सी को लेकर है. आंकड़े साफ संकेत दे रहे हैं कि पश्चिम बंगाल में बीजेपी 206 से सीटों के साथ सरकार बनाने जा रही है. जबकि तृणमूल कांग्रेस 81 पर सिमट गई है. इससे 15 साल पुरानी सत्ता का अंत माना जा रहा है. अब पार्टी के सामने सबसे बड़ी चुनौती मुख्यमंत्री का चेहरा तय करने की है. कई नाम चर्चा में हैं, लेकिन हाईकमान ने अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है. दूसरी ओर तमिलनाडु में विजय की पार्टी TVK ने 108 सीटें जीतकर इतिहास रच दिया है. यह जीत सिर्फ एक राजनीतिक सफलता नहीं, बल्कि एक नई राजनीतिक धारा की शुरुआत है, जिसने DMK को सत्ता से बाहर कर दिया है. बंगाल में CM रेस का सस्पेंस पश्चिम बंगाल में बीजेपी की ऐतिहासिक जीत के बाद मुख्यमंत्री पद को लेकर सस्पेंस गहराता जा रहा है. सुवेंदु अधिकारी का नाम सबसे आगे माना जा रहा है, लेकिन पार्टी अन्य विकल्पों पर भी विचार कर रही है. अग्निमित्रा पॉल जैसे नाम भी चर्चा में हैं, जो नए नेतृत्व की छवि पेश करते हैं. बीजेपी की इस जीत को राज्य में भगवा सुनामी कहा जा रहा है. लंबे समय से सत्ता में रही ममता बनर्जी की सरकार को इस बार बड़ा झटका लगा है. पार्टी अब ऐसा चेहरा चुनना चाहती है जो संगठन और जनता के बीच संतुलन बना सके. तृणमूल कांग्रेस के लिए यह हार आत्ममंथन का समय है. पार्टी ने लगातार तीन चुनाव जीते थे, लेकिन इस बार जनता ने बदलाव का फैसला किया. विपक्ष में बैठकर अब पार्टी की रणनीति और भी महत्वपूर्ण हो जाएगी. तमिलनाडु में विजय का उदय तमिलनाडु में विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) ने 108 सीटें जीतकर बड़ा इतिहास रच दिया है. यह जीत इसलिए खास है क्योंकि एक नए दल ने पारंपरिक राजनीति को चुनौती दी और जनता का भरोसा जीत लिया. DMK की हार और बदली राजनीति एम के स्टालिन की अगुवाई वाली DMK को इस बार सत्ता से बाहर होना पड़ा है. यह हार राज्य की राजनीति में बड़े बदलाव का संकेत है. विजय की लोकप्रियता और नई सोच ने मतदाताओं को आकर्षित किया. मुख्यमंत्री पद पर अंतिम फैसला बाकी बंगाल में बीजेपी के लिए मुख्यमंत्री का चयन सबसे अहम फैसला होगा. वहीं तमिलनाडु में विजय का CM बनना लगभग तय माना जा रहा है, लेकिन आधिकारिक घोषणा का इंतजार है. दोनों राज्यों में आने वाले दिनों में यह तस्वीर साफ होगी. राष्ट्रीय राजनीति पर असर इन चुनाव परिणामों का असर राष्ट्रीय राजनीति पर भी पड़ेगा. बंगाल में बीजेपी की जीत उसके विस्तार को दिखाती है, जबकि तमिलनाडु में विजय की जीत क्षेत्रीय दलों के लिए नया संकेत है कि राजनीति में नए चेहरे भी बड़ा बदलाव ला सकते हैं. Kerala CM Race Live: केरल में CM पद को लेकर कांग्रेस में मंथन तेज Kerala CM Race Live: केरल में कांग्रेस नीत यूडीएफ की बड़ी जीत के बाद अब सबसे अहम सवाल मुख्यमंत्री के चयन को लेकर खड़ा हो गया है. पार्टी के सामने विकल्प है कि वह एक अनुभवी और राज्यभर में स्वीकार्य चेहरे पर भरोसा करे या फिर युवा और आक्रामक नेता को आगे लाए. सीएम पद की रेस में तीन बड़े नाम सामने हैं विपक्ष के नेता वी. डी. सतीशन, पूर्व नेता विपक्ष रमेश चेन्निथला और एआईसीसी महासचिव के. सी. वेणुगोपाल जिनमें से किसी एक पर पार्टी नेतृत्व मुहर लगा सकता है. Election Result News LIVE: श्यामपुकुर में हिंसा का आरोप, TMC ने BJP पर साधा निशाना Election Result News LIVE: पश्चिम बंगाल के श्यामपुकुर सीट से टीएमसी उम्मीदवार शशि पांजा ने चुनाव के बाद हिंसा का आरोप लगाते हुए कहा कि बीजेपी कार्यकर्ताओं द्वारा इलाके में गड़बड़ी की घटनाएं सामने आई हैं और राज्यभर में टीएमसी दफ्तरों व सामाजिक क्लबों पर कब्जे की कोशिशें हो रही हैं. हालांकि इस सीट पर शशि पांजा को बीजेपी की पूर्णिमा चक्रवर्ती के हाथों हार का सामना करना पड़ा. Election Result News LIVE: एक वोट से जीत, TVK उम्मीदवार ने रचा अनोखा इतिहास Election Result News LIVE: तमिलनाडु के तिरुपत्तूर विधानसभा क्षेत्र में तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) के उम्मीदवार श्रीनिवासा सेतुपति ने सिर्फ एक वोट से जीत हासिल कर बेहद दिलचस्प मिसाल पेश की है, जब पूरी पार्टी राज्य में बड़ी जीत का जश्न मना रही है. अपनी जीत पर उन्होंने कहा कि यह जीत उनकी नहीं, बल्कि विजय और ‘व्हिसल’ चुनाव चिन्ह की है, और उन्होंने तिरुपत्तूर के मतदाताओं व पार्टी प्रमुख पर भरोसा जताने वालों का आभार जताया. Election Result News LIVE: तमिलनाडु में DMK की हार, विजय को कांग्रेस की बधाई Election Result News LIVE: तमिलनाडु में डीएमके ने हार स्वीकार कर ली है, जहां पार्टी प्रवक्ता ने कहा कि केंद्रीय नेतृत्व इस नतीजे की समीक्षा करेगा. वहीं तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) के प्रमुख विजय थलापति की बड़ी जीत पर कांग्रेस ने उन्हें बधाई दी है. कांग्रेस नेता राहुल गांधी समेत कई नेताओं ने अभिनेता से नेता बने विजय की इस शानदार सफलता की सराहना की है, जिसने राज्य की राजनीति

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‘मैं अपनी झांसी नहीं दूंगी’.. रानी लक्ष्मीबाई की वो वीरता भरी कहानी,...

Last Updated:May 05, 2026, 06:52 IST रानी लक्ष्मीबाई भारत की सबसे वीर और प्रेरणादायक महिलाओं में से एक थीं, जिन्होंने झांसी की रक्षा के लिए अंग्रेजों के खिलाफ साहसिक युद्ध लड़ा. उनका अदम्य साहस, नेतृत्व और बलिदान आज भी हर भारतीय के दिल में देशभक्ति की भावना जगाता है और हमें हर परिस्थिति में डटे रहने की प्रेरणा देता है. झांसी: वीर भूमि झांसी का नाम सुनते ही साहस की कहानी सामने आ जाती है. इस धरती पर कई वीर योद्धा हुए, जो ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ खड़े हुए. रानी लक्ष्मीबाई उस समय की सबसे बहादुर शासकों में से एक मानी जाती हैं. उनके साथ दो सौ से भी अधिक योद्धा थे, जो हर समय उनकी सेवा में तैयार रहते थे. हर सैनिक के दिल में अपने देश के लिए प्रेम था. वे सभी मिलकर अपने राज्य की रक्षा करना चाहते थे. उस समय डर का माहौल था, फिर भी झांसी के लोग पीछे नहीं हटे. हर दिन नई चुनौतियां सामने आती थीं, लेकिन सभी ने हिम्मत नहीं छोड़ी. बचपन से ही मजबूत विचारों वाली थीं रानी लक्ष्मीबाई रानी लक्ष्मीबाई बचपन से ही मजबूत विचारों वाली थीं. उन्होंने तलवार चलाना और घोड़े पर सवारी करना सीखा. उनका मन हमेशा अपने राज्य की रक्षा के लिए तैयार रहता था. जब अंग्रेजों ने झांसी पर नजर डाली, तब रानी ने साफ मना कर दिया. उन्होंने कहा कि वह अपनी जमीन नहीं देंगी. उनके शब्दों में सच्चाई थी और उनके चेहरे पर आत्मविश्वास झलकता था. सैनिक भी रानी की बात सुनकर जोश से भर जाते थे. सभी को लगता था कि वे सही मार्ग पर हैं. यह भावना सभी को एकजुट करती थी. रानी कई बार युद्ध में स्वयं आगे बढ़ती थीं एक बार ब्रिटिश हुकूमत के एक अधिकारी ने भी कहा कि इन सभी योद्धाओं में रानी लक्ष्मीबाई की वीरता का कोई मुकाबला नहीं है. यह बात दुश्मन की ओर से आई थी, फिर भी सच थी. रानी कई बार युद्ध में स्वयं आगे बढ़ती थीं. वह अपने सैनिकों का मनोबल बढ़ाती थीं. जब युद्ध शुरू होता था, तब वह सबसे आगे रहती थीं. उनके हाथ में तलवार होती थी और उनकी आंखों में साहस की चमक दिखाई देती थी. दुश्मन भी उनकी बहादुरी देखकर चकित रह जाता था. इस तरह उन्होंने कई बार अंग्रेजों को पीछे हटने पर मजबूर किया. रानी ने हार नहीं मानी झांसी का युद्ध आसान नहीं था. हर दिन नई मुश्किलें सामने आती थीं, फिर भी रानी ने हार नहीं मानी. उन्होंने अपने लोगों की रक्षा के लिए हर संभव प्रयास किया. उनके साथ लड़ने वाले योद्धा भी पूरी ताकत से डटे रहे. वे जानते थे कि यह लड़ाई अपने अधिकार के लिए है. हर सैनिक ने अपने जीवन की परवाह नहीं की. रानी का साथ देना ही उनका सबसे बड़ा कर्तव्य था. इस तरह सभी ने मिलकर दुश्मन का सामना किया. यह कहानी आज भी लोगों को प्रेरणा देती है. हिम्मत कभी नहीं हारनी चाहिए रानी लक्ष्मीबाई का नाम आज भी सम्मान के साथ लिया जाता है. उनकी बहादुरी की कहानी हर जगह सुनाई जाती है. वह एक ऐसी शासक थीं, जिन्होंने कभी डर को अपने पास नहीं आने दिया. उन्होंने अपने राज्य के लिए सब कुछ न्यौछावर कर दिया. उनका जीवन हमें सिखाता है कि हिम्मत कभी नहीं हारनी चाहिए और हमेशा सच के साथ खड़ा रहना चाहिए. झांसी की धरती आज भी उनकी याद पर गर्व महसूस करती है. उनके जैसे वीर लोग बहुत कम होते हैं. उनकी कहानी हमेशा लोगों के दिलों में जिंदा रहेगी. About the Author Vivek Kumar विवेक कुमार एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें मीडिया में 10 साल का अनुभव है. वर्तमान में न्यूज 18 हिंदी के साथ जुड़े हैं और हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की लोकल खबरों पर नजर रहती है. इसके अलावा इन्हें देश-…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Jhansi,Jhansi,Uttar Pradesh Source link

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Today Weather Live | Aaj Ka Mausam Live: 17 राज्यों में आंधी...

Aaj Ka Mausam Live: देश में मई के महीने में गर्मी के बजाय मौसम बदल गया है. दिन में धूप आने के बाद अचानक मौसम सुहावना हो जा रहा है. आंधी, बारिश, ओले और बिजली चारों का एक साथ हमला कई राज्यों में देखने को मिल रहा है. 5 मई के लिए मौसम विभाग (IMD) ने जो चेतावनी जारी की है. 70 से 75 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली आंधी न सिर्फ पेड़ों और बिजली के खंभों को गिरा सकती है, बल्कि जनजीवन को पूरी तरह ठप भी कर सकती है. सवाल यह भी है कि क्या यह सामान्य प्री-मानसून गतिविधि है या बदलते जलवायु का नया चेहरा? क्योंकि जिस तरह एक साथ 17 राज्यों में अलर्ट जारी हुआ है, वह हाल के सालों में मई के महीने में कम ही देखने को मिला है. दिलचस्प यह है कि यह मौसम सिर्फ एक क्षेत्र तक सीमित नहीं है. उत्तर भारत से लेकर पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत तक हर जगह इसका असर दिख रहा है. पश्चिमी विक्षोभ, साइक्लोनिक सर्कुलेशन और स्थानीय वेदर सिस्टम का ऐसा मेल बना है कि पूरा देश एक साथ मौसम के दबाव में है. उत्तर भारत में जहां धूल भरी आंधी और ओलावृष्टि का खतरा है, वहीं पूर्वोत्तर में तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश और भूस्खलन की आशंका है. दक्षिण भारत में भी राहत के साथ हल्की बेचैनी है क्योंकि बारिश के बावजूद गर्मी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है. ऐसे में यह जरूरी हो जाता है कि लोग न सिर्फ मौसम अपडेट पर नजर रखें, बल्कि सतर्क भी रहें. देश के कई हिस्सों में पिछले 48 घंटों में मौसम ने अचानक पलटी मारी है. तेज हवाओं के साथ हुई बारिश ने तापमान में गिरावट जरूर लाई है, लेकिन इसके साथ ही जोखिम भी बढ़ा है. कई राज्यों में ओलावृष्टि ने फसलों को नुकसान पहुंचाया है, जबकि बिजली गिरने की घटनाओं ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है. मौसम विभाग का कहना है कि यह स्थिति अगले 24 से 48 घंटों तक बनी रह सकती है. ऐसे में यात्रियों, किसानों और खुले में काम करने वाले लोगों के लिए विशेष सावधानी जरूरी है. मौसम विभाग के मुताबिक इस बदलाव के पीछे मुख्य कारण पश्चिमी विक्षोभ और हवा के ऊपरी स्तर पर बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन हैं. ये सिस्टम मिलकर पूरे उत्तर और मध्य भारत में अस्थिरता पैदा कर रहे हैं. इसका असर यह है कि दिन में गर्मी और शाम को अचानक तेज आंधी-बारिश देखने को मिल रही है. यही वजह है कि कई शहरों में मौसम का मिजाज हर कुछ घंटों में बदल रहा है. दिल्ली-NCR में मौसम का बदला मिजाज दिल्ली-एनसीआर में पिछले दो दिनों के भीतर मौसम ने ऐसा पलटा मारा है कि लोगों को गर्मी से राहत के साथ-साथ एक अलग तरह की सतर्कता भी महसूस हो रही है. धूल भरी तेज आंधी, अचानक घने बादल और फिर झमाझम बारिश इन तीनों ने मिलकर पूरे इलाके का तापमान नीचे ला दिया है. कई जगहों पर पेड़ गिरने और ट्रैफिक प्रभावित होने की खबरें भी सामने आई हैं. 5 मई को भी मौसम विभाग ने बादल छाए रहने और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है. हवा की रफ्तार 15 से 20 किलोमीटर प्रति घंटे तक रह सकती है, लेकिन आंधी के समय झोंके इससे ज्यादा तेज हो सकते हैं. सबसे बड़ी राहत यह रही कि AQI में सुधार दर्ज किया गया है, जिससे हवा पहले की तुलना में साफ हुई है और लोगों को सांस लेने में राहत मिली है. उत्तर प्रदेश में आंधी-बारिश का असर उत्तर प्रदेश में मौसम इस समय पूरी तरह से सक्रिय मोड में है और कई जिलों में लगातार बदलाव देखने को मिल रहा है. मेरठ, वाराणसी, प्रयागराज, लखनऊ, गोरखपुर, कानपुर जैसे बड़े शहरों में तेज हवाओं के साथ बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की गई है. हवा की रफ्तार 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, इससे बिजली के खंभे, पेड़ और कच्चे मकानों को नुकसान का खतरा बना हुआ है. पिछले 24 घंटों में कई जिलों में तापमान में 3 से 5 डिग्री तक गिरावट दर्ज की गई है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है. हालांकि, मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि यह राहत अस्थायी है और आंधी-तूफान के दौरान सतर्क रहना जरूरी है. बिहार में बिजली और ओलों का खतरा बिहार में मौसम का रुख इस समय सबसे ज्यादा खतरनाक माना जा रहा है क्योंकि यहां बारिश के साथ-साथ बिजली गिरने और ओलावृष्टि का खतरा भी बना हुआ है. पटना, गया, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, भागलपुर और पूर्णिया जैसे जिलों में तेज बारिश के साथ वज्रपात की आशंका जताई गई है. कई इलाकों में पहले ही ओले गिरने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, इससे किसानों की फसल को नुकसान पहुंचा है. मौसम विभाग ने खास तौर पर लोगों को खुले में न रहने, पेड़ों के नीचे खड़े न होने और मोबाइल फोन का सीमित इस्तेमाल करने की सलाह दी है. ग्रामीण इलाकों में बिजली गिरने की घटनाएं ज्यादा होती हैं, इसलिए वहां अतिरिक्त सतर्कता जरूरी है. झारखंड में भारी बारिश की चेतावनी झारखंड के कई जिलों में मौसम तेजी से बदल रहा है और भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. रांची, बोकारो, धनबाद, देवघर, गिरिडीह और दुमका जैसे इलाकों में तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना जताई गई है. हवा की गति 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो सकता है. कई इलाकों में जलभराव की स्थिति भी बन सकती है, खासकर शहरी क्षेत्रों में जहां जल निकासी की समस्या पहले से बनी रहती है. मौसम विभाग ने कहा है कि अगले 24 से 48 घंटे तक यह स्थिति बनी रह सकती है और लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है. राजस्थान में आंधी और बारिश से राहत राजस्थान में जहां कुछ दिन पहले तक भीषण गर्मी और लू का प्रकोप था वहीं अब मौसम ने राहत दी है. जयपुर, सीकर, जोधपुर, उदयपुर, अलवर और भरतपुर जैसे जिलों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है. तेज हवाओं के साथ धूल भरी आंधी भी चल सकती है,

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असम में मुस्‍ल‍िम वोट क‍िधर गया? कांग्रेस वहीं खड़ी, AIUDF हो गई...

असम में मुस्‍ल‍िम वोट क‍िधर गया? कांग्रेस वहीं खड़ी है, यानी उसका वोट‍िंग प्रत‍िशत 2021 में ज‍ितना था, लगभग उतना ही इसबार भी रहा. लेक‍िन मुस्‍ल‍िमों के दम पर असम की सियासत में किंगमेकर की भूमिका निभाने वाली बदरुद्दीन अजमल की पार्टी ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (AIUDF) का वोट प्रत‍िशत आधा हो गया. मुस्लिम बहुल सीटों पर एकछत्र राज करने वाली AIUDF को इस बार ऐसा झटका लगा है, ज‍िसकी उसने कभी कल्‍पना भी नहीं की होगी. अब सवाल ये है क‍ि आख‍िर जो मुस्‍ल‍िम वोट AIUDF से छ‍िटका, वो गया कहां? 2011 की जनगणना के अनुसार, असम की कुल जनसंख्या में मुस्लिम आबादी 34.22% थी. उस समय राज्य की कुल आबादी करीब 3.12 करोड़ थी, जिसमें से लगभग 1.06 करोड़ मुस्लिम थे. आज 15 साल हो गए, यह आंकड़ा न‍िश्च‍ित तौर पर बढ़ा होगा. कुछ स्रोतों के मुताबिक, आज यह 38% से 40% फीसदी के आसपास पहुंच गया है. सीएम ह‍िमंता ब‍िस्‍वा सरमा कई बार खुद यह आंकड़ा ग‍िना चुके हैं. अब आज के नतीजों पर आते हैं. कांग्रेस और एआईयूडीएफ के टोटल वोट जोड़ ल‍िए जाएं तो भी इसके बराबर नहीं बनते.  तो फ‍िर वोट गए कहां, क्‍या मुस्‍ल‍िमों ने बीजेपी को वोट क‍िया? AIUDF का एक वक्‍त था जलवा असम की राजनीति में लंबे समय से यह माना जाता रहा है कि बंगाली भाषी मुस्लिम मतदाता AIUDF के प्रति वफादार हैं. हालांकि, 2026 के आंकड़ों ने इस धारणा को ध्वस्त कर दिया है. चुनाव दर चुनाव मुस्लिम मतदाताओं ने यह महसूस किया कि AIUDF के साथ रहने से न केवल उनकी राजनीतिक सौदेबाजी की शक्ति कम हो रही है, बल्कि इससे सत्तारूढ़ दल को ध्रुवीकरण का मौका भी मिल रहा है. नतीजतन, जिस मुस्लिम वोट बैंक के दम पर बदरुद्दीन अजमल सत्ता की चाबी अपने पास रखते थे, उसी वोट बैंक ने अब विकल्प तलाशना शुरू कर दिया है. AIUDF का वोट शेयर 9.3% से गिरकर 5.46% पर आना यह दर्शाता है कि पार्टी के पारंपरिक आधार में जबरदस्त सेंधमारी हुई है. कांग्रेस की स्थिरता: बढ़त नहीं, पर अस्तित्व की लड़ाई जीती कांग्रेस पार्टी के लिए ये आंकड़े राहत और चिंता दोनों लेकर आए हैं. 2021 में करीब 29.7% वोट हासिल करने वाली कांग्रेस 2026 में भी लगभग उसी आंकड़े के इर्द-गिर्द खड़ी है. हालांकि, पार्टी अपनी वोट हिस्सेदारी बढ़ाने में नाकाम रही, लेकिन उसने AIUDF के पतन के बीच खुद को मुस्लिम और धर्मनिरपेक्ष मतदाताओं के लिए एकमात्र व्यावहारिक विकल्प के रूप में पेश किया. मुस्लिम मतदाताओं का एक बड़ा हिस्सा, जो पहले AIUDF की ओर जाता था, इस बार स्‍ट्रेटज‍िक वोट‍िंग के तहत कांग्रेस की ओर झुका है, ताकि वोटों का बिखराव रोका जा सके. कांग्रेस का वोट शेयर न बढ़ना यह भी संकेत देता है कि उसने ऊपरी असम और चाय बागान क्षेत्रों में खोया हुआ आधार अभी तक पूरी तरह वापस नहीं पाया है. ‘मियां’ पॉल‍िट‍िक्‍स ने पलटा पूरा खेल बदरुद्दीन अजमल की राजनीति हमेशा से धार्मिक पहचान और भाषाई अल्पसंख्यकों के अधिकारों के इर्द-गिर्द केंद्रित रही है. लेकिन मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के आक्रामक राजनीतिक रुख और राज्य में लाए गए नए कानूनों ने मुस्लिम समाज के भीतर एक नई बहस को जन्म दिया है. युवा मुस्लिम मतदाता अब केवल पहचान की राजनीति नहीं, बल्कि सुरक्षा और विकास चाहते हैं. उन्हें लगा कि AIUDF की मौजूदगी भाजपा के लिए चुनाव को ‘हिंदू बनाम मुस्लिम’ बनाने में मददगार साबित होती है. इस धारणा ने अजमल के प्रभाव को कम किया और मतदाताओं को यह सोचने पर मजबूर किया कि क्या AIUDF को वोट देना अंततः विपक्ष को कमजोर करना है. आखिर कहां गए AIUDF के वोट? अगर आंकड़ों का विश्लेषण करें, तो AIUDF का करीब 4% वोट शेयर गायब हुआ है. यह वोट सीधे तौर पर कांग्रेस में स्थानांतरित नहीं हुआ, बल्कि इसका एक हिस्सा निर्दलीयों और कुछ क्षेत्रीय दलों की ओर भी गया है. वहीं, कुछ सीटों पर मतदाताओं की उदासीनता भी देखी गई. रोचक बात यह है कि कांग्रेस का वोट शेयर वहीं खड़े रहने का मतलब है कि कांग्रेस ने अपने पुराने वोट खोए हैं और उनकी भरपाई AIUDF से आए नए वोटों से की है. यानी कांग्रेस के भीतर भी इनपुट और आउटपुट का एक चक्र चला है, जहां ग्रामीण और मध्यम वर्ग के कुछ हिंदू मतदाता भाजपा की ओर खिसके और उनकी जगह मुस्लिम मतदाताओं ने ली. भाजपा की रणनीति और विपक्ष का बिखराव असम में भाजपा ने बेहद चतुराई से ‘माइनॉरिटी वोट’ को विभाजित रखने की रणनीति पर काम किया. सरकार की कल्याणकारी योजनाओं जैसे ओरुनोदोई योजना का लाभ बिना किसी भेदभाव के सभी समुदायों तक पहुँचा, जिसने मुस्लिम समाज के एक छोटे लेकिन महत्वपूर्ण हिस्से, विशेषकर स्वदेशी मुस्लिमों Goriya, Moriya को भाजपा की ओर आकर्षित किया. जब AIUDF कमजोर हुई और कांग्रेस अपनी पुरानी स्थिति से आगे नहीं बढ़ पाई, तो इसका सीधा फायदा सत्तारूढ़ गठबंधन को हुआ. विपक्ष का गठबंधन टूटना और फिर अलग-अलग चुनाव लड़ना AIUDF के ताबूत में आखिरी कील साबित हुआ, जिससे वोटों का ऐसा बिखराव हुआ कि अजमल का किला ढह गया. क्या खत्म हो जाएगा AIUDF का वजूद? 2026 के नतीजे AIUDF के लिए अस्तित्व का संकट लेकर आए हैं. 5.46% वोट शेयर के साथ किसी भी राज्य स्तरीय पार्टी के लिए प्रासंगिक बने रहना कठिन होता है. यह चुनाव परिणाम असम की राजनीति में तीसरे ध्रुव के खात्मे की शुरुआत हो सकती है. अब राज्य की सियासत फिर से बाइपोलर हो चली है, जहां एक तरफ भाजपा के नेतृत्‍व वाला गठबंधन है और दूसरी तरफ कांग्रेस. मुस्लिम मतदाताओं ने साफ संदेश दिया है कि वे अब ऐसी पार्टी के साथ खड़े होना चाहते हैं जो दिल्ली और दिसपुर में सरकार बनाने की क्षमता रखती हो, न कि केवल कुछ सीटों पर सिमटकर रहने वाली क्षेत्रीय पार्टी के साथ. Source link

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मीन राशि वालों पर आज हनुमान जी रहेंगे मेहरबान, व्यापार में होगी...

आज मीन राशि के जातकों के लिए दिन जोश, उमंग और नए अवसरों से भरपूर रहने वाला है. आपके प्रयास और लगन का सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेगा, जिससे करियर में आगे बढ़ने के अच्छे मौके आज हाथ से निकल सकते हैं. व्यापार मे तरक्की मिलेगी और परिस्थितियां भी आपके अनुकूल रहेंगी, जिससे आत्मविश्वास में बढ़ोतरी होगी. हालांकि भागदौड़ के बीच सेहत और निजी संबंधों को नजरअंदाज न करें.  काम और जीवन के बीच संतुलन बनाए रखेंगे, तो दिन और भी सफल व सुखद साबित होगा. व्यापार से जुड़े लोगों को साझेदारी में लाभ मिलने के संकेत हैं, जिससे आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है. वहीं, आज आपका मन पूजा-पाठ या आध्यात्मिक कार्यों की ओर आकर्षित रहेगा, जिससे मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव होगा. आइए जानते है उज्जैन के प्रसिद्ध ज्योतिष आचार्य आनंद भारद्वाज से कि आज का दिन करियर, स्वास्थ और लव लाइफ मे कैसा रहेगा. मीन राशि वालों का करियर राशिफल मीन राशि के जातकों के लिए आज का दिन करियर के मामले में उम्मीद के मुताबिक नहीं रहेगा. कार्यक्षेत्र में अवसर मिलते-मिलते हाथ से निकल सकते हैं और कोई आकर्षक प्रस्ताव भी आखिरी समय पर निराश कर सकता है. भरोसेमंद व्यक्ति से अपेक्षित सहयोग नहीं मिलने से मन खिन्न रहेगा. योजनाएं अधूरी रह सकती हैं, इसलिए जल्दबाजी से बचें. गलत फैसले भविष्य में नुकसान दे सकते हैं, धैर्य रखें और सही समय का इंतजार करें. मीन राशि वालों का स्वास्थ राशिफल मीन राशि वालो का आज स्वास्थ्य के मामले में दिन सुकून और संतुलन लेकर आया है. जो लोग काफी समय से किसी शारीरिक समस्या से परेशान थे, उन्हें अब धीरे-धीरे राहत महसूस होगी. ऊर्जा का स्तर बढ़ेगा और मन भी हल्का व खुश रहेगा. हालांकि बच्चों की सेहत को नजरअंदाज न करें. नियमित दिनचर्या अपनाएं, पौष्टिक भोजन लें और मानसिक शांति बनाए रखें, इससे आप पूरे दिन तरोताजा और सकारात्मक बने रहेंगे. मीन राशि वालों का व्यापार राशिफल मीन राशि के जातकों के लिए आज का दिन व्यापार के लिहाज से शुभ संकेत दे रहा है. पहले से बनाई गई योजनाएं अब गति पकड़ेंगी और सहकर्मियों के सहयोग से अच्छे परिणाम मिल सकते हैं. नए अवसर सामने आ सकते हैं, जो भविष्य में लाभदायक साबित होंगे. पार्टनरशिप में काम करने वालों को तालमेल बनाए रखना जरूरी है, क्योंकि छोटी-छोटी बातों पर मतभेद संभव हैं. धैर्य और समझदारी से निर्णय लें, जल्दबाज़ी से बचना ही बेहतर रहेगा. मीन राशि वालों का आर्थिक राशिफलमीन राशि के जातकों के लिए आज आर्थिक मामलों में उत्साहजनक संकेत मिल रहे हैं. दिनभर कुछ खर्च बने रह सकते हैं, लेकिन पुराने निवेश से लाभ मिलने की संभावना मजबूत है. आय के नए स्रोत भी सामने आ सकते हैं, जिससे मन प्रसन्न रहेगा और आत्मविश्वास बढ़ेगा. यदि आप सोच-समझकर निर्णय लेते हैं, तो भविष्य के लिए मजबूत आर्थिक आधार तैयार कर सकते हैं और स्थायी सफलता प्राप्त करेंगे. मीन राशि वालों का लव लाइफ राशिफलमीन राशि वालों के लिए आज का दिन प्यार और रिश्तों में कुछ निराशा और दूरी लेकर आ सकता है. पार्टनर के साथ समय बिताने का अवसर कम मिल सकता है, जिससे गलतफहमियां बढ़ने की आशंका रहेगी. छोटी-छोटी बातों पर मनमुटाव हो सकता है और पुराने विवाद फिर उभर सकते हैं. कहीं बाहर जाने की योजना टल सकती है. विवाहित जीवन में भी तनाव और असहमति का माहौल रह सकता है, जिससे रिश्तों में खटास महसूस होगी. आज जरूर करें यह उपायआज आपके लिए लकी नंबर 7 रहेगा. यह अंक आपको सफलता और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करेगा. आज के दिन मीन राशि वाले जो धर्म-कर्म और दान-पुण्य में रुचि रखते हैं, उन्हें चाहिए कि आज के दिन भगवान हनुमान जी महाराज के मंदिर जाकर उन्हें गुड़, चने का भोग लगाए. उसके बाद गरीबों मे लाल रंग की वस्तुओ और बूँदी के लडू का प्रसाद का दान करें, जिससे आज का दिन बेहतर हो सके. Source link

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aaj ka panchang 5 May 2026 Budhwa mangal | आज का पंचांग,...

होमताजा खबरधर्म बुढ़वा मंगल के साथ एकदंत संकष्टी चतुर्थी, पंचांग से जानें शुभ व अशुभ मुहूर्त Last Updated:May 05, 2026, 02:31 IST Aaj Ka Panchang (आज का पंचांग), 5 May 2026: आज बुढ़वा मंगल व्रत के साथ एकदंत संकष्टी चतुर्थी का भी व्रत किया जाएगा. आज ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि के साथ ज्येष्ठा नक्षत्र, बव करण, चंद्रमा वृश्चिक उपरांत धनु राशि में है. भगवान गणेश के साथ हनुमानजी की पूजा अर्चना करने से सभी कष्टों से मुक्ति मिलती है और शुभ फल की प्राप्ति होती है. पंचांग से जानें मंगलवार 5 मई का शुभ व अशुभ मुहूर्त और योग के बारे में. Aaj Ka Panchang (आज का पंचांग), 5 May 2026: आज ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि दिन मंगलवार है. पंचांग के अनुसार, एक ओर जहां ज्येष्ठ के पहले बड़ा मंगल की शुरुआत हो रही है, वहीं दूसरी ओर भगवान गणेश को समर्पित एकदंत संकष्टी चतुर्थी का व्रत भी रखा जा रहा है. ऐसे में यह दुर्लभ संयोग भक्तों के लिए विशेष फलदायी माना जा रहा है. आज ज्येष्ठ कृष्ण चतुर्थी तिथि, ज्येष्ठा नक्षत्र, बव करण, कृष्ण पक्ष और चंद्रमा वृश्चिक उपरांत धनु राशि में तो सूर्य मेष राशि में रहने वाले हैं. आज उत्तर का दिशाशूल है. एकदंत एकदंत संकष्टी चतुर्थी के दिन भगवान गणेश के एकदंत रूप की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है. एकदंत गणेश को गणेश जी के अष्टविनायक रूपों में से एक माना जाता है. पौराणिक कथा के अनुसार, एक बार भगवान शिव से मिलने जा रहे गणेश जी को भगवान परशुराम ने रोका. विवाद के बाद परशुराम ने अपना परशु चलाया, जिससे गणेश जी का एक दांत टूट गया. तभी से वे एकदंत नाम से प्रसिद्ध हुए. मान्यता है कि इस दिन भक्त एकदंत गणेश की पूजा करने से बाधाओं का निवारण और सिद्धि की प्राप्ति होती है. एकदंत गणेश की आराधना से बुद्धि, विद्या और सौभाग्य की भी प्राप्ति होती है. इस पावन अवसर पर भक्त गणपति को मोदक, लड्डू और दुर्वा चढ़ाना श्रेयस्कर होता है. ज्येष्ठ माह के प्रत्येक मंगलवार को बुढ़वा मंगल या बड़ा मंगल के रूप में मनाया जाता है, जो भगवान हनुमान की आराधना का प्रमुख दिन होता है. मान्यता है कि इस दिन विधिपूर्वक पूजा और व्रत रखने से संकट दूर होते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि आती है. पहले बड़े मंगल का विशेष महत्व इसलिए भी है, क्योंकि इसी दिन से पूरे महीने चलने वाले व्रत और सेवा कार्यों की शुरुआत होती है. बड़े मंगल के दिन प्रातः स्नान के बाद हनुमान मंदिर जाकर पूजा-अर्चना की जाती है. लाल फूल, सिंदूर, चमेली का तेल अर्पित कर हनुमान चालीसा और सुंदरकांड का पाठ किया जाता है. ज्येष्ठ बड़े मंगल का पर्व सेवा और दान से भी जुड़ा हुआ है. इस दिन जगह-जगह भंडारे, जल सेवा और शरबत वितरण किया जाता है, जो भीषण गर्मी में राहत पहुंचाने का माध्यम बनता है. तो चलिए जानते हैं कि कब से शुभ और अशुभ मुहूर्त लग रहे हैं. आज का पंचांग (Aaj Ka Panchang), 5 मई 2026आज की तिथि- चतुर्थी तिथि पूर्ण रात्रि तकआज का नक्षत्र- ज्येष्ठा – 12:55 पी एम तक, इसके बाद मूल नक्षत्रआज का करण- बव – 06:37 पी एम तक, बालव – पूर्ण रात्रि तकआज का योग- शिव – 12:17 ए एम, 6 मई तक, सिद्ध योगआज का पक्ष- कृष्ण पक्षआज का दिन- मंगलवारचंद्र राशि- वृश्चिक उपरांत धनु राशि सूर्योदय-सूर्यास्त और चंद्रोदय-चंद्रास्त का समयसूर्योदय- 05:37 ए एमसूर्यास्त- 06:59 पी एमचन्द्रोदय- 10:35 पी एमचन्द्रास्त- 07:39 ए एम आज के शुभ योग और मुहूर्त 5 मई 2026ब्रह्म मुहूर्त: 04:12 ए एम से 04:55 ए एमअभिजीत मुहूर्त: 11:51 ए एम से 12:45 पी एमविजय मुहूर्त: 02:32 पी एम से 03:25 पी एमगोधूलि मुहूर्त: 06:57 पी एम से 07:19 पी एमनिशिता मुहूर्त: 11:56 पी एम से 12:39 ए एम, 6 मई शिववास: कैलाश पर आज के अशुभ मुहूर्त 5 मई 2026राहुकाल: 03:38 पी एम से 05:19 पी एमविडाल योग: 05:37 ए एम से 12:55 पी एमयमगण्ड: 08:58 ए एम से 10:38 ए एमदुर्मुहूर्त: 08:18 ए एम से 09:11 ए एमगुलिक काल: 12:18 पी एम से 01:58 पी एमवर्ज्य: 09:54 पी एम से 11:42 पी एमगण्ड मूल: पूरे दिनविंछुड़ो: 05:37 ए एम से 12:55 पी एमदिशाशूल- उत्तर About the Author Parag SharmaChief Sub Editor पराग शर्मा Hindi News18 Digital में Chief Sub Editor के पद पर कार्यरत हैं. वर्तमान में धर्म, ज्योतिष, ग्रह-नक्षत्र, राशि और वास्तु से जुड़ी खबरों पर काम कर रहे हैं. भारतीय धार्मिक परंपराओं, ज्योतिष शास्त्र, मेद…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Source link

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