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India Reaction on UAE Attacks: ईरान-अमेरिका के बीच हुए युद्धविराम का अंत तब नजर आने लगा, जब होर्मुज में फायरिंग के साथ-साथ यूएई पर भी हमले हुए. फुजैरा ऑयल सेंटर में हुए हमले में 3 भारतीय भी जख्मी हो गए, जिसके बाद भारत की ओर से इस पर पहली प्रतिक्रिया दी गई है.

फुजैरा हमले पर विदेश मंत्रालय की प्रतिक्रिया.
India Reaction on Fujairah Attacks: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच यूनाइटेड अरब अमीरात के फुजैरा क्षेत्र में हुए हमले को लेकर भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. भारत के विदेश मंत्रालय ने इस हमले को अस्वीकार्य बताते हुए कहा है कि ऐसे मामलों का हल संवाद और कूटनीति से होना चाहिए. आपको बता दें कि यूएई के फुजैरा में हुए ईरानी हमलों में तीन भारतीय नागरिक घायल हो गए थे.
MEA ने अपने बयान में कहा कि नागरिक ढांचे और निर्दोष लोगों को निशाना बनाना किसी भी स्थिति में सही नहीं है और ऐसी शत्रुतापूर्ण कार्रवाइयों को तुरंत रोका जाना चाहिए. भारत ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की है. भारत ने साफ कहा कि वह इस संकट के समाधान के लिए संवाद और कूटनीति का समर्थन करता है. मंत्रालय ने जोर देकर कहा कि पश्चिम एशिया में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए सभी देशों को बातचीत के जरिए समाधान निकालना चाहिए.
दोस्त के लिए आगे आया भारत
फुजैरा, यूएई का एक महत्वपूर्ण तेल और व्यापारिक केंद्र है. 4 मई को हुए ड्रोन हमले की चपेट में ये ऑयल सेंटर आया, जिससे वहां आग लग गई और अफरा-तफरी का माहौल बन गया. इस घटना ने पूरे क्षेत्र में सुरक्षा चिंताओं को और बढ़ा दिया है. यूएई, ईरान युद्ध के दौरान सबसे ज्यादा हमले झेलने वाला देश है. ईरान की ओर से यहां मौजूद अमेरिकी मिलिट्री बेसेज को जमकर निशाना बनाया गया. चूंकि भारत और संयुक्त अरब अमीरात के बीच रिश्ते बेहद अच्छे हैं और वहां बड़ी संख्या में भारतीय रहते हैं, ऐसे में भारतीय सरकार की ओर से इस पर आपत्ति दर्ज कराई गई है. भारत ने यह भी स्पष्ट किया कि वह क्षेत्र में शांति स्थापित करने के हर प्रयास का समर्थन करने के लिए तैयार है. सरकार ने कहा कि सभी मुद्दों का समाधान शांतिपूर्ण तरीके से होना चाहिए, ताकि आम लोगों की सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता बनी रहे.
होर्मुज संकट पर क्या बोला भारत?
भारत ने अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में सुरक्षित और निर्बाध नौवहन की आवश्यकता पर भी जोर दिया. यह जलमार्ग दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण व्यापारिक रास्तों में से एक है, जहां से बड़ी मात्रा में तेल और गैस का परिवहन होता है. MEA ने कहा कि इस रास्ते पर किसी भी तरह की रुकावट वैश्विक अर्थव्यवस्था पर गंभीर असर डाल सकती है. इसलिए सभी पक्षों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि जहाजों की आवाजाही बिना किसी बाधा के जारी रहे. आपको बता दें स्ट्रेट ऑफ होर्मुज वही रास्ता है, जहां से दुनिया का 20 फीसदी तेल आता है और यहां चल रहे गतिरोध की वजह से दुनियाभर में तेल-गैस के दाम बढ़ गए हैं.
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News18 में इंटरनेशनल डेस्क पर कार्यरत हैं. टीवी पत्रकारिता का भी अनुभव है और इससे पहले Zee Media Ltd. में कार्य किया. डिजिटल वीडियो प्रोडक्शन की जानकारी है. टीवी पत्रकारिता के दौरान कला-साहित्य के साथ-साथ अंतरर…और पढ़ें