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Aaj ka Vrishchik Rashi: आज धैर्य से लाभ का दिन, वृश्चिक वाले...

Last Updated:May 12, 2026, 00:03 IST Aaj ka Vrishchik Rashifal 12 may 2026: 12 मई 2026 का दिन वृश्चिक राशि वालों के लिए नई उम्मीदें और मानसिक शांति लेकर आया है. आज का दिन विशेष रूप से आत्ममंथन करने और लंबे समय से अटके हुए कार्यों को गति देने के लिए श्रेष्ठ है. सितारों की चाल बताती है कि धैर्य और समझदारी के साथ पुराने विवादों को सुलझाने में आपको बड़ी सफलता मिलेगी. बस, आज के दिन आपको आर्थिक प्रबंधन और पारिवारिक रिश्तों के बीच संतुलन बनाए रखने की जरूरत है. हल्का नीला रंग और अंक 6 आज आपके लिए सकारात्मकता लेकर आएंगे. ख़बरें फटाफट सीतामढ़ी: वृश्चिक राशि वालों के लिए 12 मई 2026 का दिन आत्ममंथन और अधूरे कार्यों को पूरा करने का संदेश लेकर आया है. सुबह के समय कोई पुरानी बात, गलती या अधूरा मामला अचानक सामने आ सकता है. मन उसे टालने या नजरअंदाज करने का करेगा. लेकिन आज परिस्थितियां यही संकेत दे रही हैं कि जो बातें लंबे समय से अधूरी हैं उन्हें सुलझाना जरूरी होगा. ज्योतिषाचार्य रूपेश चौबे के अनुसार आज का दिन बीते अनुभवों से सीख लेकर आगे बढ़ने का अवसर देगा. यदि धैर्य और समझदारी से काम लिया जाए तो मानसिक बोझ काफी हल्का हो सकता है. कार्यक्षेत्र में पुराने काम मांगेंगे ध्याननौकरी और व्यवसाय से जुड़े लोगों के लिए आज पुराने रुके कार्य दोबारा सामने आ सकते हैं. जिन योजनाओं या जिम्मेदारियों को आप टालते आ रहे थे वे आज प्राथमिकता बन सकती हैं. हालांकि शुरुआत में थोड़ी परेशानी महसूस होगी. लेकिन समय रहते काम पूरा कर लेने से आने वाले दिनों का रास्ता साफ हो जाएगा. कार्यस्थल पर वरिष्ठों की अपेक्षाएं बढ़ सकती हैं. इसलिए लापरवाही से बचना जरूरी रहेगा. ज्योतिषाचार्य रूपेश चौबे बताते हैं कि आज धैर्य और अनुशासन बनाए रखने वाले लोगों को भविष्य में लाभ मिलने के संकेत हैं. धन और रिश्तों में रखें संतुलनआर्थिक मामलों में आज कोई पुराना लेन-देन या हिसाब सामने आ सकता है. ऐसे में पैसों को लेकर पारदर्शिता बनाए रखना लाभकारी रहेगा. जल्दबाजी या भ्रम की स्थिति नुकसान पहुंचा सकती है. वहीं पारिवारिक और व्यक्तिगत रिश्तों में भी कोई पुरानी बात दोबारा उठ सकती है. ऐसे समय गुस्से या कटु शब्दों से बचना आवश्यक होगा. शांत व्यवहार और समझदारी रिश्तों को बिगड़ने से बचाएगी. पुराने विवादों को शांतिपूर्वक सुलझाने का प्रयास भविष्य के संबंधों को मजबूत करेगा. आज का उपाय और शुभ संकेतआज का विशेष उपाय यह है कि किसी पुराने दोस्त, रिश्तेदार या करीबी व्यक्ति को याद करके उसके लिए मन में अच्छा विचार रखें. इससे मानसिक शांति मिलेगी और भीतर का तनाव कम होगा. दिन का लकी नंबर 6 और लकी कलर हल्का नीला रहेगा. कुल मिलाकर आज का दिन यह सिखाएगा कि यदि अतीत की उलझनों को समय रहते संभाल लिया जाए, तो भविष्य की राह अधिक आसान और सकारात्मक बन सकती है. About the Author Amit ranjan मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Sitamarhi,Bihar Source link

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aaj ka Dhanu rashifal 12 may 2026 Sagittarius horoscope in hindi grace...

Last Updated:May 12, 2026, 00:08 IST Aaj ka Dhanu Rashifal 12 may 2026: ज्योतिष शास्त्र की दृष्टि से 12 मई 2026 का दिन बेहद महत्वपूर्ण है. आज चंद्रमा कुंभ राशि को विदाई देकर मीन राशि में प्रवेश कर रहे हैं, जहां पहले से मौजूद शनि के साथ उनकी युति होने वाली है. वहीं, देवगुरु बृहस्पति और चंद्रमा के केंद्र भाव में होने से शुभ गजकेसरी योग का निर्माण हो रहा है. ज्योतिषाचार्य पंडित शत्रुघ्न झा के अनुसार, पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र में चंद्रमा का यह संचार सभी राशियों के लिए लाभकारी सिद्ध होगा. जमुई: आज 12 मई 2026 के दिन चंद्रमा कुंभ राशि से निकल कर मीन राशि में गोचर करने वाले हैं. इसके साथ ही चंद्रमा आज के दिन पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र में संचार भी करेंगे. चंद्रमा के इस गोचर के कारण चंद्रमा और शनि के बीच युति होने वाली है. गुरु और चंद्रमा एक दूसरे से केंद्र भाव में आएंगे जिस कारण आज के दिन गजकेसरी योग का भी निर्माण होगा. ज्योतिषाचार्य पंडित शत्रुघ्न झा बताते हैं कि आज के दिन बनने वाला यह योग काफी उत्तम माना जाता है, और इसका प्रभाव सभी राशि के जातकों पर काफी अच्छा देखने को मिलता है. उन्होंने बताया कि आज के दिन धनु राशि के जातकों को विशेष रूप से लाभ हो सकता है आज के दिन आर्थिक रूप से धनु राशि के जातकों का दिन काफी समृद्ध होने वाला है. आज के दिन इन दो योगों का भी रहेगा प्रभावज्योतिषाचार्य पंडित शत्रुघ्न झा बताते हैं कि आज के दिन गजकेसरी योग के अलावा मंगल बुध और सूर्य की युति से त्रिग्रही योग का भी निर्माण होगा. इसके साथ ही आज मंगल अपनी स्वराशि मेष में रुचक राजयोग का भी निर्माण करेंगे और सूर्य मंगल की युति से आदित्य मंगल योग का भी प्रभाव रहेगा. इन सभी योग का असर धनु राशि के जातकों पर देखने को मिलेगा. उन्होंने बताया कि धनु राशि के जातकों को आज किसी बड़ी चिंता या तनाव का समाधान मिल सकता है. नौकरी और कामकाज में तेजी बनी रहेगी. पूर्व में किया गया कोई काम आपको बहुत बड़ा लाभ दिला सकता है. आज के दिन आपको आर्थिक लाभ होने की भी पूरी संभावना है. आज आपकी कोई अधूरी इच्छा पूर्ण हो सकती है. प्यार में भी अच्छा गुजरने वाला है दिन ज्योतिषाचार्य बताते हैं कि धनु राशि के जातकों की लव लाइफ आज काफी शानदार गुजरने वाली है. आज आप को किसी रिश्ते में आने का मौका मिल सकता है. शादी के लिए भी आज आपको प्रस्ताव मिल सकते हैं. इतना ही नहीं अगर आप सिंगल है तो आज के दिन आपकी मुलाकात किसी ऐसे से हो सकती है, जिससे भविष्य में आपको रिलेशनशिप में जाने का मौका मिल सकता है. धनु राशि के जातकों को आज शिक्षण कार्य में भी फायदा होगा. हालांकि सेहत के लिहाज से आज का दिन आपके लिए थोड़ी मुश्किल खड़ी कर सकता है. आज के दिन निवेश करने से भी आपको बड़ा फायदा मिल सकता है. धनु राशि के जातकों को आज भगवान सूर्य को जल चढ़ाना चाहिए. उन्होंने बताया कि आज के दिन के लिए धनु राशि के जातकों का शुभ अंक 7 रहने वाला है. About the Author Amit ranjan मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Source link

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जब चाहो नौकरी दो, जब चाहो निकालो… मजदूरों की जेब पर वार,...

होमताजा खबरदेश जब चाहो नौकरी दो, जब चाहो निकालो… मजदूरों की जेब पर वार, खरगे ने बोला हमला Last Updated:May 11, 2026, 23:12 IST मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस भारत के मजदूरों के लिए अपने दृष्टिकोण पर अडिग है. हम अपने पांच-सूत्रीय ‘श्रमिक न्याय’ एजेंडे के प्रति प्रतिबद्ध हैं. मनरेगा की बहाली और इसका शहरी क्षेत्रों तक विस्तार. राष्ट्रीय न्यूनतम मजदूरी 400 रुपए प्रतिदिन, जिसमें मनरेगा भी शामिल है. ख़बरें फटाफट मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि केंद्र सरकार ने बिना किसी सलाह के चार नए लेबर कोड लागू किए. (फाइल फोटो) नई दिल्ली. कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने देश में लागू हुए चार नए लेबर कोड पर आपत्ति जताते हुए इसे मजदूरों के हितों के लिए एक बहुत बड़ा झटका बताया है. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने बिना किसी सलाह के चार नए लेबर कोड लागू कर दिए. मल्लिकार्जुन खरगे ने एक बयान में कहा कि मोदी सरकार विधानसभा चुनाव खत्म होने का इंतजार करती रही. इसके बाद 8 और 9 मई 2026 को गजट (राजपत्र) अधिसूचना जारी करके चार मजदूर-विरोधी श्रम संहिताओं को लागू कर दिया. भारत के करोड़ों मजदूरों के लिए ये संहिताएं ‘हायर एंड फायर’ की नीति ला रही हैं. यानी नौकरी पर जब चाहे रख लो और जब चाहे निकाल दो. साथ ही ठेका (कॉन्ट्रैक्ट) पर रोजगार बढ़ेगा और ट्रेड यूनियन बनाने की गुंजाइश भी बहुत कम हो जाएगी. उन्होंने कहा कि यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि मोदी सरकार ने इन मजदूर-विरोधी संहिताओं का मसौदा तैयार किया और उन्हें बिना किसी परामर्श के लागू कर दिया. इसने 2015 के बाद से ‘भारतीय श्रम सम्मेलन’ भी नहीं बुलाया है. आजादी के बाद से मजदूरों के अधिकारों के लिए सबसे बड़ा झटका है. वेतन संहिता 2019 का जिक्र करते हुए खरगे ने कहा कि यह पूरी वेतन संरचना ‘मजदूर-केंद्रित’ नहीं, बल्कि ‘कॉर्पोरेट-केंद्रित’ है. मोदी सरकार ने न्यूनतम वेतन की गणना के लिए विशिष्ट मानदंडों को हटा दिया है. इसके बजाय, मानदंड केंद्र सरकार द्वारा विशेष या सामान्य आदेश के माध्यम से अलग से निर्धारित किए जाएंगे. न्यूनतम वेतन अब दिशानिर्देशों और मानदंडों के एक तय सेट के अनुसार निर्धारित नहीं किया जाएगा बल्कि केंद्र सरकार की मनमानी सनकों के अनुसार तय होगा. इसका परिणाम यह होगा कि न्यूनतम वेतन कम हो जाएगा. नए नियमों के तहत, मूल वेतन कुल पारिश्रमिक का 50 फीसदी या उससे अधिक होना चाहिए. कर्मचारियों के लिए ‘हाथ में आने वाले वेतन’ में भारी कमी देखने को मिलेगी. ‘वेतन’ की एक जटिल और एकल परिभाषा ने वेतन संरचना को पूरी तरह से उलट-पुलट कर दिया है, जिससे भत्ते कम हो गए हैं और भारी भ्रम पैदा हो गया है. सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों पर अतिरिक्त लागतों और डिजिटल अनुपालन का नया बोझ उनके अस्तित्व के लिए एक चुनौती बन गया है. न्यूनतम वेतन सुरक्षा में कृषि मजदूरों और घरेलू सहायकों को शामिल नहीं किया गया है. खरगे ने व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्य-दशा संहिता 2020 का जिक्र करते हुए कहा कि इस संहिता में कार्यस्थल पर सुरक्षा को नियोक्ता का अनिवार्य कर्तव्य मानने के बजाय, उसे सिर्फ व्यवसाय की एक अतिरिक्त लागत (खर्च) बना दिया गया है. यह संहिता ‘अपराध-मुक्तिकरण’ का ढांचा लाती है. सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने पर चाहे उससे गंभीर चोट या दुर्घटना ही क्यों न हो अब आपराधिक मुकदमा चलाने के बजाय सिर्फ जुर्माना भरने की व्यवस्था है. रात की शिफ्ट में काम करने वाली महिलाओं के लिए एस्कॉर्ट, ट्रांसपोर्ट और सीसीटीवी कवरेज जैसे सुरक्षा उपायों के लिए कोई ठोस, अनिवार्य मॉडल नहीं है. कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाले मजदूरों के स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए नियोक्ता की जिम्मेदारी का कोई प्रावधान नहीं है. सामाजिक सुरक्षा संहिता 2020 का जिक्र करते हुए खरगे ने कहा कि भारत के 90 फीसदी मजदूर जो असंगठित क्षेत्र में हैं, उनके लिए यह संहिता कागजी औपचारिकता से ज़्यादा कुछ साबित नहीं हुई है, क्योंकि छोटे और सूक्ष्म उद्यमों को कुछ प्रावधानों से छूट मिली हुई है. गिग वर्कर (अस्थायी कर्मचारी) के लिए फंडिंग, योगदान या बीमा का कोई स्पष्ट मॉडल नहीं है. उन्हें न तो कर्मचारी के तौर पर मान्यता दी गई है और न ही पूरी सुरक्षा दी गई है. लाभ के स्तर और समय-सीमा स्पष्ट नहीं हैं. निर्माण मज़दूरों और अन्य श्रेणियों के लिए कल्याण बोर्डों की भूमिका सीमित कर दी गई है, जिससे लाभों की पोर्टेबिलिटी (एक जगह से दूसरी जगह ले जाने की सुविधा) रुक गई है. सामाजिक सुरक्षा को संवैधानिक अधिकार के बजाय डेटा एंट्री का कामबना दिया गया है. देश के 90 फीसदी मज़दूरों को पहचान पत्र दिया जा रहा है लेकिन उन्हें कोई कानूनी गारंटी या वास्तविक लाभ नहीं मिल रहे हैं. About the Author Rakesh Ranjan Kumar राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : New Delhi,Delhi Source link

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बंगाल में ED का एक्शन: भर्ती घोटाले में ममता के मंत्री सुजीत...

होमताजा खबरदेश बंगाल में ED का एक्शन: भर्ती घोटाले में ममता के मंत्री सुजीत बोस अरेस्ट, नौकरी के बदले लिए फ्लैट्स और पैसे Last Updated:May 11, 2026, 21:57 IST कोलकाता. पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के नेता सुजीत बोस को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गिरफ्तार कर लिया. केंद्रीय एजेंसी ने यह कार्रवाई नगरपालिका भर्ती घोटाले के संबंध में की है. सूत्रों के मुताबिक, सुजीत बोस पर आरोप है कि उन्होंने करीब 150 लोगों को नौकरी दिलवाई थी. जांच में सामने आया है कि नौकरी दिलाने के बदले फ्लैट और भारी रकम ली गई थी. ईडी सूत्रों के अनुसार, कैश मैनेजमेंट का काम गौतम नाम का एक शख्स देखता था. गौतम के यहां से पहले छापेमारी में करीब 3 करोड़ रुपये मिले थे. वहीं, इस मामले में मौजूदा टीएमसी विधायक और पूर्व मंत्री रतिन घोष को भी ईडी ने पूछताछ के लिए समन किया था, लेकिन वह जांच में शामिल नहीं हुए. सूत्रों के मुताबिक, ईडी इससे पहले भी रतिन घोष को कई बार समन भेज चुकी है, लेकिन वह पूछताछ में पेश नहीं हुए. यह ख़बर बिल्कुल अभी आई है और इसे सबसे पहले आप News18Hindi पर पढ़ रहे हैं. जैसे-जैसे जानकारी मिल रही है, हम इसे अपडेट कर रहे हैं. ज्यादा बेहतर एक्सपीरिएंस के लिए आप इस खबर को रीफ्रेश करते रहें, ताकि सभी अपडेट आपको तुरंत मिल सकें. आप हमारे साथ बने रहिए और पाइए हर सही ख़बर, सबसे पहले सिर्फ Hindi.News18.com पर… News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Source link

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बंदूक चलाने के लिए हमारे कंधे का सहारा लेना पड़े तो… J&K...

Last Updated:May 11, 2026, 21:05 IST सीएम उमर अब्दुल्ला दिल्ली में मीटिंग करने वाले हैं. वह होम मिनिस्टर अमित शाह से बातचीत करेंगे. इस मीटिंग में राज्य का दर्जा बहाल करने का मुद्दा उठेगा. सीएम ने कहा कि मुलाकात में राज्या का दर्जा नहीं मिलेगा. लेकिन वह जम्मू-कश्मीर के सारे मुद्दे उठाएंगे. उमर अब्दुल्ला ने कहा कि दूरसंचार शक्तियां उपराज्यपाल को देना गलत नहीं है, वही सुरक्षा के प्रभारी हैं. (फाइल फोटो) श्रीनगर. जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सोमवार को कहा कि सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़े कार्यक्रमों के दौरान उपराज्यपाल को दूरसंचार संबंधित अधिकार देने में कुछ भी गलत नहीं है, क्योंकि सुरक्षा और कानून व्यवस्था का प्रभार उन्हीं के पास है. अब्दुल्ला ने पत्रकारों से कहा, ‘यह सही कदम है. ये अधिकार उपराज्यपाल के पास होने चाहिए. यह न तो व्यापार नियमों के विरुद्ध है और न ही पुनर्गठन अधिनियम के खिलाफ हैं.’ अब्दुल्ला ने कहा, ‘अगर मोबाइल फोन या इंटरनेट सेवाएं बंद करने की जरूरत पड़ती है, तो इसका आदेश गृह विभाग जारी करेगा, जो उपराज्यपाल की जिम्मेदारी है. इसमें हमारी कोई भूमिका नहीं है और अगर उन्हें बंदूक चलाने के लिए हमारे कंधे का सहारा लेना पड़े, तो यह हमारे लिए अच्छा नहीं होगा क्योंकि इसमें हमारी कोई भूमिका नहीं है.’ जब उनसे पूछा गया कि क्या वह केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ आगामी बैठक के दौरान राज्य का दर्जा बहाल करने का मुद्दा उठाएंगे, तो मुख्यमंत्री ने कहा कि वह जम्मू कश्मीर से जुड़े सभी मुद्दों पर बातचीत करेंगे. उन्होंने कहा, ‘काश गृह मंत्री से एक ही मुलाकात में राज्य का दर्जा बहाल हो जाता. अगर ऐसा होता तो हमें बहुत पहले ही यह मिल गया होता. लेकिन हां, मैं बैठक में राज्य का दर्जा बहाल करने सहित अन्य मुद्दे जरूर उठाऊंगा.’ मुख्यमंत्री ने जम्मू कश्मीर में शराब पर प्रतिबंध लगाने की मांग संबंधी विवादास्पद बयान पर भी स्पष्टीकरण दिया. उन्होंने कहा, ‘शराब बेचने वाली ये दुकानें उन लोगों के लिए हैं जिनके लिए इसके सेवन को लेकर कोई धार्मिक बाधाएं नहीं है. हमारी धार्मिक मान्यताएं इसकी अनुमति नहीं देतीं. समस्या यह है कि विपक्ष मेरे बयानों को तोड़-मरोड़ कर भ्रम पैदा करने की कोशिश कर रहा है.’ दरअसल गांदरबल में रविवार को पत्रकारों से बातचीत में अब्दुल्ला ने कहा था कि जो लोग शराब पीते हैं वे अपनी मर्जी से ऐसा करते हैं, कोई उन्हें दुकानों तक नहीं ले जाता है. उन्होंने कहा, ‘मैंने रविवार को गांदरबल में जो कहा, वही बात उनके (पीडीपी) वित्त मंत्री ने सदन में कही. हमने कोई नयी शराब की दुकान नहीं खोली है और हम यह सुनिश्चित करते हैं कि ये दुकानें ऐसी जगहों पर न हों जहां हमारे युवा गुमराह हो सकें.’ मुख्यमंत्री ने मंत्रिपरिषद विस्तार के बारे में कहा कि यह उचित समय पर होगा. उन्होंने कहा, ‘यह मुद्दा विपक्ष उठा रहा है. मुझे नहीं पता कि वे क्यों चिंतित हैं. सरकार का कामकाज सुचारू रूप से चल रहा है. अगला चुनाव साढ़े तीन साल बाद होना है. जब भी विस्तार या फेरबदल करना होगा, मैं पार्टी नेतृत्व से इस बारे में चर्चा करूंगा और उचित समय पर इसे करूंगा.’ About the Author Rakesh Ranjan Kumar राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Srinagar,Jammu and Kashmir Source link

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know how fish farming in flood affected area 4 lakh investment 12...

Last Updated:May 11, 2026, 20:02 IST Fish Farming in Flood Areas Tips: बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में जहां खेती करना अक्सर घाटे का सौदा साबित होता है. वहां प्रगतिशील किसान रणधीर कुमार मुन्ना ने मछली पालन का ऐसा ‘हिट फॉर्मूला’ तैयार किया है जिसने सबको हैरान कर दिया है. 7 एकड़ जमीन पर 4 लाख की लागत लगाकर वे सालाना 12 लाख का कारोबार कर रहे हैं. बिना सरकारी मदद के, निजी संसाधनों से तैयार यह प्रबंधन आज क्षेत्र के बेरोजगार युवाओं के लिए आत्मनिर्भरता की नई राह दिखा रहा है. ख़बरें फटाफट सीतामढ़ी: जिले के प्रगतिशील किसान रणधीर कुमार मुन्ना ने परंपरागत खेती से हटकर नीली क्रांति (मछली पालन) को अपनाकर स्वरोजगार की एक शानदार मिसाल पेश की है. अपनी सात एकड़ की निजी जमीन पर इस किसान ने स्वयं के खर्च से सात तालाबों का निर्माण किया है. बिना किसी शुरुआती सरकारी सहायता के उन्होंने इस बंजर दिखने वाली जमीन को लाभ के सौदे में बदल दिया है. आज वे न केवल खुद स्वावलंबी बने हैं, बल्कि अपने इस फार्म के जरिए तीन अन्य स्थानीय मजदूरों को भी नियमित रोजगार उपलब्ध करा रहे हैं. पिछले पांच वर्षों से लगातार इस क्षेत्र में सक्रिय रहकर उन्होंने यह साबित कर दिया है कि यदि सही प्रबंधन और इच्छाशक्ति हो, तो ग्रामीण इलाकों में भी बड़े व्यवसाय खड़े किए जा सकते हैं. तकनीकी प्रबंधन, स्पॉन से फिंगरलिंग तक का सफरइस मछली फार्म की सफलता का मुख्य श्रेय किसान की बेहतर तकनीकी समझ और समय प्रबंधन को जाता है. किसान रणधीर कुमार मुन्ना ने अपने सात एकड़ के फार्म को नर्सरी तालाब और बड़े तालाबों में विभाजित किया है. सबसे पहले नर्सरी तालाब में मछली का बच्चा यानी स्पॉन डाला जाता है. जब ये बच्चे विकसित होकर फिंगरलिंग बन जाते हैं, तब उन्हें बड़े तालाबों में स्थानांतरित किया जाता है. सीतामढ़ी का यह इलाका बाढ़ प्रभावित है, इसलिए किसान ने एक विशेष रणनीति अपनाई है. वे अक्टूबर के महीने से तालाबों में मछली डालना शुरू करते हैं. महज चार महीनों के भीतर उत्पादन प्राप्त कर लेते हैं.  यह सुनियोजित तरीका उन्हें जोखिम कम करने और बेहतर गुणवत्ता वाली मछली तैयार करने में मदद करता है. बाढ़ की चुनौती और साल में दो बार बंपर उत्पादनचूंकि यह क्षेत्र बाढ़ की चपेट में रहता है इसलिए जुलाई और अगस्त के दो महीनों में मछली पालन का काम रोकना पड़ता है. इसके बावजूद, किसान रणधीर कुमार मुन्ना के सटीक प्रबंधन का ही नतीजा है कि वे साल में दो बार मछलियों का उत्पादन ले पाने में सक्षम हैं. यदि क्षेत्र पूरी तरह बाढ़ से सुरक्षित होता, तो वे साल में तीन बार उत्पादन ले सकते थे. किसान का कहना है कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्र होने की वजह से सावधानी अधिक बरतनी पड़ती है, लेकिन अक्टूबर से लेकर जून तक का समय उनके लिए स्वर्ण अवसर की तरह होता है. वे बाढ़ के पानी के उतरने का इंतजार करते हैं और फिर अपनी पूरी क्षमता के साथ मछली उत्पादन के चक्र को शुरू करते हैं. जिससे उत्पादन की निरंतरता बनी रहती है. कम लागत में शानदार मुनाफा और भविष्य की उम्मीदेंआर्थिक दृष्टिकोण से देखा जाए तो यह मॉडल बेहद प्रेरणादायक है. किसान रणधीर कुमार मुन्ना ने बताया कि सात एकड़ में मछली पालन के लिए उन्हें सालाना लगभग 4 लाख की लागत आती है. इस निवेश के बदले वे सालाना 10 से 12 लाख तक का कारोबार करते हैं. जिससे तमाम खर्चे काटकर उन्हें 6 से 7 लाख का शुद्ध मुनाफा होता है. वर्तमान में वे यह सारा कार्य अपने निजी संसाधनों से कर रहे हैं. हालांकि उन्हें भविष्य में सरकारी सहयोग और योजनाओं के लाभ की भी उम्मीद है. उनकी यह कहानी क्षेत्र के अन्य युवाओं के लिए एक मार्गदर्शक का काम कर रही है, जो सरकारी नौकरी के पीछे भागने के बजाय अपनी जमीन पर ही आधुनिक तकनीकों के सहारे आत्मनिर्भर बनने का सपना देख रहे हैं. About the Author Amit ranjan मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Sitamarhi,Bihar Source link

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होमताजा खबरDelhi खत्म हो जाएंगे छोटे कारीगर? हिला एशिया का सबसे बड़ा सर्राफा बाजार कूचा महाजनी Last Updated:May 11, 2026, 18:47 IST Delhi Bullion Market Kucha Mahajani Opinion: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक साल तक सोना न खरीदने के बयान ने एशिया के सबसे बड़े सर्राफा बाजार कूचा महाजनी की नींव हिला दी है. सोमवार को बाजार में सन्नाटा रहा और व्यापारियों ने 40% तक बिक्री गिरने का दावा किया है. अब सबकी नजरें कल पीएमओ में होने वाली बैठक पर हैं. सर्राफा बाजार कूचा महाजनी के दि बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन के जनरल सेक्रेटरी अभिषेक अग्रवाल ने कहा कि पिछले साल से इस साल 40% तक बिक्री गिर गई है. बीते 15 दिनों से वैसे भी चांदनी चौक के इस बड़े सर्राफा बाजार में सन्नाटा पसरा हुआ था. आज लगातार दुकानें नहीं खुली है. व्यापारियों में एक डर है कि आगे क्या होगा? ख़बरें फटाफट नई दिल्ली: देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि लोग कम से कम एक साल तक सोना ना खरीदें. उनके इस बयान के बाद देश की राजधानी दिल्ली में मौजूद एशिया का सबसे बड़ा सर्राफा बाजार पूरी तरह से हिल गया है. व्यापारियों समेत कारीगरों में डर का माहौल है. सोमवार के दिन जब पूरा बाजार सुबह 10:00 बजे से ही ग्राहकों से गुलजार हो जाता था तो आज वहीं 12:00 तक दुकान के शटर बंद रहे और मार्केट में काफी सन्नाटा नजर आया. प्रधानमंत्री के इस बयान पर जब सर्राफा बाजार कूचा महाजनी के दि बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन के जनरल सेक्रेटरी अभिषेक अग्रवाल से बात की गई. उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अगर यह बयान दिया है तो उसके पीछे कई कारण होंगे. जिसे हम अभी नहीं देख पा रहे हैं लेकिन हो सकता है भविष्य में हमें समझ आए इस बयान के पीछे का कारण. उन्होंने कहा कि देश के नागरिक के तौर पर हम देश हित में भी हैं. एक व्यापारी के तौर पर हमें अपनी नहीं बल्कि छोटे कारीगरों की ज्यादा चिंता सता रही है. क्योंकि अगर एक साल तक सोने के व्यापार में ज्यादा गिरावट आई तो छोटे कारीगर पूरी तरह से खत्म हो जाएंगे. 40% डाउन है ब्रिकीसर्राफा बाजार कूचा महाजनी के दि बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन के जनरल सेक्रेटरी अभिषेक अग्रवाल ने कहा कि पिछले साल से इस साल 40% तक बिक्री गिर गई है. बीते 15 दिनों से वैसे भी चांदनी चौक के इस बड़े सर्राफा बाजार में सन्नाटा पसरा हुआ था. आज लगातार दुकानें नहीं खुली है. व्यापारियों में एक डर है कि आगे क्या होगा. हमारे देश की जनता भी अब सोना खरीदने से बचेगी जिस वजह से सर्राफा बाजार बुरी तरह से प्रभावित होगा. छोटे कारीगर आने वाले वक्त में कैसे अपना घर चलाएंगे एक बड़ी चिंता यह भी है. उन्होंने कहा कि जहां तक देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक साल तक सोना ना खरीदने के बयान के पीछे का कारण जो हमें समझ में आ रहा है कि यह बयान फॉरेन करेंसी से जुड़ा है क्योंकि 90% तक बाहर से ही इंपोर्ट हमारा होता है 10% डोमेस्टिक गोल्ड होता है जिसे हम गला कर नया बनाते हैं. फॉरेन करेंसी पर हमारी निर्भरता लगातार बढ़ती जा रही है. उसी को संतुलित करने के लिए उन्होंने यह बयान यकीनन दिया होगा. प्रधानमंत्री से लिया गया है वक्त सर्राफा बाजार कूचा महाजनी के दि बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन के जनरल सेक्रेटरी अभिषेक अग्रवाल ने बताया कि कई बड़े सर्राफा व्यापारियों ने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनके पीएमओ कार्यालय से वक्त लिया है. कल मंगलवार को मीटिंग हो सकती है. मीटिंग के बाद व्यापारी अपनी समस्या उनके सामने रखेंगे. उसके बाद पता चलेगा कि पीएम ने इस पर क्या फैसला लिया है लेकिन आने वाला वक्त सर्राफा बाजार के लिए अभी फिलहाल चुनौती भरा नजर आ रहा है. जबल से सोना चांदी के भाव लाखों में पहुंचे हैं तब से यह पूरी इंडस्ट्री लगातार नीचे गिर रही है. About the Author Amit ranjan मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : West Delhi,Delhi Source link

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Explainer: प्रधानमंत्री मोदी क्यों चाहते हैं कि आप एक साल तक सोना...

नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की जनता से एक ऐसी अपील की है, जिसकी आज खूब चर्चा हो रही है. 10 मई 2026 को हैदराबाद (Hyderabad) में करीब 9,400 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन करते हुए प्रधानमंत्री ने लोगों से आग्रह किया कि वे कम से कम एक साल तक सोना (Gold) न खरीदें. उन्होंने कहा कि सोना बाहर से मंगाने में बहुत सारा विदेशी पैसा खर्च होता है, इसलिए देश के हित में हमें एक साल तक सोना खरीदने से बचना चाहिए. यह बात उन्होंने खास तौर पर उन परिवारों से कही, जिनके घर में शादियां होने वाली हैं. यह सिर्फ अपील है, कोई कानून नहीं है. इसलिए यह तो नहीं पता कि कितने लोग इसे फॉलो करेंगे, मगर यह जानने में सबकी दिलचस्पी जरूर होगी कि प्रधानमंत्री ने ऐसी बात क्यों कही और इसके पीछे क्या गुना-गणित भिड़ाया गया होगा. क्यों दी गई सोना न खरीदने की सलाह? प्रधानमंत्री मोदी की यह बात कोई अचानक लिया गया फैसला नहीं है. दरअसल, इस समय दुनिया एक बड़े संकट से गुजर रही है. पश्चिम एशिया (West Asia) में चल रहे युद्ध की वजह से होर्मुज स्ट्रेट ब्लॉक है और तेल की सप्लाई में दिक्कत आ रही है. इस कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें 105 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई हैं. हाल-फिलहाल ही इसने 120 डॉलर का स्तर भी छुआ है. भारत अपनी जरूरत का करीब 85 प्रतिशत तेल विदेशों से ही खरीदता है और इसके लिए हमें बहुत ज्यादा डॉलर खर्च करने पड़ रहे हैं. ऐसी स्थिति में सरकार चाहती है कि हम उन चीजों पर पैसा बचाएं, जो बहुत जरूरी नहीं हैं, ताकि देश की अर्थव्यवस्था पर दबाव कम हो सके. भारत में सोना सिर्फ एक गहना नहीं है, बल्कि यह बचत और परंपरा का हिस्सा है. लेकिन आर्थिक नजरिए से देखें तो सोना और कच्चा तेल ही दो ऐसी चीजें हैं, जिनकी वजह से भारत का सबसे ज्यादा पैसा बाहर जाता है. प्रधानमंत्री ने साफ किया कि तेल तो फैक्ट्रियों और गाड़ियों के लिए जरूरी है, लेकिन सोने की खरीदारी को कुछ समय के लिए टाला जा सकता है. यह कोई कानूनी पाबंदी या बैन नहीं है, बल्कि प्रधानमंत्री ने इसे एक ‘नैतिक अपील’ की तरह लोगों के सामने रखा है. उन्होंने जनता से इसे एक देश सेवा के रूप में देखने को कहा है. इसके साथ ही उन्होंने तेल बचाने, वर्क फ्रॉम होम (Work From Home) अपनाने और बाहर घूमने कम जाने की भी सलाह दी है. देश की अर्थव्यवस्था पर असर भारत हर साल करीब 700 से 800 टन सोना विदेशों से मंगाता है. इस सोने के बदले हमें डॉलर में भुगतान करना पड़ता है. जब डॉलर देश से बाहर जाता है, तो देश के खजाने (विदेशी मुद्रा भंडार) पर बोझ बढ़ता है. मार्च 2026 तक भारत के पास करीब 691 अरब डॉलर का भंडार था, जो करीब 11 महीने के आयात के लिए काफी है. लेकिन अगर तेल की कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं, तो यह भंडार तेजी से खाली हो सकता है. इसीलिए सोने जैसी चीजों पर लगाम लगाकर विदेशी मुद्रा बचाना सरकार की प्राथमिकता बन गई है. प्रधानमंत्री मोदी ने जो अपील की है, उसका सबसे बड़ा असर शादियों पर पड़ सकता है. भारत में साल भर में होने वाले कुल सोने के इस्तेमाल का करीब 50 प्रतिशत हिस्सा सिर्फ शादियों में इस्तेमाल होता है. अगर देश के 1 करोड़ से ज्यादा शादियों वाले परिवार अपनी खरीदारी में थोड़ी भी कमी करते हैं, तो भारत के अरबों डॉलर बच सकते हैं. इससे भारतीय रुपया (Indian Rupee) भी मजबूत होगा और महंगाई को बढ़ने से रोकने में मदद मिलेगी. जो लोग निवेश के लिए सोना खरीदना चाहते हैं, उनके लिए सरकार ने पहले से ही डिजिटल विकल्प दिए हुए हैं. निवेश के लिए क्या हैं दूसरे विकल्प? अगर आप सोने में निवेश करना ही चाहते हैं, तो प्रधानमंत्री की इस अपील के बीच आपके पास कुछ बेहतरीन विकल्प मौजूद हैं. सरकार काफी समय से सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (Sovereign Gold Bonds) और गोल्ड ईटीएफ (Gold ETF) को बढ़ावा दे रही है. सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड एक तरह का सरकारी सर्टिफिकेट है, जिसे रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (Reserve Bank of India) जारी करता है. इसमें न तो सोने के चोरी होने का डर है और न ही शुद्धता की चिंता. इसके अलावा आप गोल्ड ईटीएफ (Gold ETF) के जरिए भी बाजार से सोना खरीद सकते हैं. इसे आप अपने डीमैट अकाउंट (Demat Account) के जरिए शेयर की तरह कभी भी खरीद और बेच सकते हैं. डिजिटल गोल्ड (Digital Gold) का भी विकल्प है, जहां आप महज कुछ रुपये से निवेश शुरू कर सकते हैं. सरकार का मकसद यह है कि लोग सोने के गहने मंगाने के बजाय इन ‘पेपर गोल्ड’ विकल्पों को चुनें. इससे लोगों की बचत भी बनी रहेगी और देश का कीमती विदेशी पैसा भी बाहर नहीं जाएगा. कुल मिलाकर, प्रधानमंत्री मोदी चाहते हैं कि इस मुश्किल समय में हर नागरिक अपनी खरीदारी के फैसलों के जरिए देश को आर्थिक मजबूती देने में मदद करे. इसके अलावा हाल ही में सरकार ने इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रिसीट (EGR) लाने की बात कही है. EGR एनएसई पर ट्रेड होने वाली डिजिटल सिक्योरिटी है, जो फिजिकल गोल्ड के स्वामित्व को दर्शाएगी है. यह SEBI रेगुलेटेड वॉल्ट्स में सुरक्षित रखे स्टैंडर्ड गोल्ड (999 या 995 प्योरिटी) पर आधारित होता है. इसे स्टॉक की तरह डीमैट अकाउंट में होल्ड किया जा सकता है, एक्सचेंज पर खरीद या बेचा सकता है, और जरूरत पड़ने पर फिजिकल गोल्ड में कन्वर्ट भी किया जा सकता है. प्रधानमंत्री मोदी ने अभी ही ‘गोल्ड फ्रीज’ की अपील क्यों की? आजकल पश्चिम एशिया के देशों में भारी तनाव और युद्ध जैसे हालात हैं. इस वजह से पूरी दुनिया में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें आसमान छू रही हैं. तेल की कीमत $100 प्रति बैरल के ऊपर ही टिकी हुई है, जो पिछले साल के मुकाबले लगभग दोगुनी है. अब समझने वाली बात यह है कि भारत अपनी जरूरत का 85% से 87% कच्चा तेल बाहर के देशों से खरीदता है. तेल खरीदने के लिए हमें विदेशी मुद्रा खासकर डॉलर में भुगतान करना पड़ता है. जब तेल महंगा

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मनमोहन के साथ व‍िजय, 20 साल पुरानी तस्‍वीर द‍िखाकर शकील अहमद ने...

होमताजा खबरदेश मनमोहन संग व‍िजय, 20 साल पुरानी तस्‍वीर द‍िखा शकील अहमद ने क्‍या याद द‍िलाया Last Updated:May 11, 2026, 16:52 IST तमिलनाडु की सियासत में ‘थलापति’ विजय का राजतिलक होते ही पुरानी यादों के पन्ने पलटने शुरू हो गए हैं. पूर्व केंद्रीय मंत्री शकील अहमद ने साल 2006 की एक दुर्लभ तस्वीर साझा कर सोशल मीडिया पर हलचल पैदा कर दी है. इस तस्वीर में तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के साथ युवा विजय नजर आ रहे हैं. शकील अहमद ने इस ‘थ्रोबैक’ फोटो के जरिए न सिर्फ विजय के कद को याद दिलाया, बल्कि उस दिलचस्प वाकये का भी जिक्र किया जब उन्हें ‘तमिल फिल्मों का शाहरुख खान’ कहा गया था. पढ़िए, शकील अहमद का पूरा लेख, शकील अहमद ने 20 साल पुरानी यह तस्‍वीर शेयर की है. पूर्व केंद्रीय मंत्री शकील अहमद ने 20 साल पुरानी एक तस्‍वीर शेयर की है. इसमें तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के साथ आज के तमिलनाडु के मुख्यमंत्री जोसेफ विजय नजर आ रहे हैं. शकील अहमद ने इस फोटो के जरिए याद दिलाया कि विजय और कांग्रेस के रिश्ते कितने पुराने और सहज रहे हैं. ऐसे समय में जब विजय ने सीएम की कुर्सी संभाली है, यह तस्वीर महज यादों का पिटारा नहीं, बल्कि नई स‍ियासी केमिस्ट्री की ओर एक बड़ा इशारा भी मानी जा रही है. शायद इसे ही विधि का विधान कहते हैं. इसे राजनीति की अनिश्चितता भी कहा जा सकता है.यह तस्वीर 12 जनवरी 2006 की है, जब भारत सरकार ने दक्षिण भारत के मशहूर त्योहार पोंगल पर एक डाक टिकट जारी किया था.इस तस्वीर में प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह , दूर संचार और सूचना प्रद्योगिकी के कैबिनेट मंत्री थिरू दयानिधि मारन और मेरे साथ तमिल भाषा की फ़िल्मों के मशहूर कलाकार और आज के तमिलनाडु के नए नए मुख्यमंत्री बने विजय भी देखे जा सकते हैं.डाक टिकट जारी तो प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह जी ने किया था और विजय ने प्रधानमंत्री से उसकी पहली कॉपी हासिल की थी. दयानिधि मारन कैबिनेट मंत्री और मैं राज्य मंत्री की हैसियत से इस समारोह में शामिल हुए थे.जब समारोह में विजय को बुलाने पर चर्चा हो रही थी तो तमिल या दक्षिण भारतीय फ़िल्मों की अपनी कम जानकारी के कारण मैंने दयानिधि मारन से पूछा था कि विजय कौन हैं?उनका जवाब था कि तमिल फ‍िल्मों के शाहरुख़ खान.करुणानिधि और निवर्तमान मुख्यमंत्री स्टालिन साहेब के परिवार से जुड़े दयानिधि मारन, डीएमके पार्टी के खुद भी एक बड़े नेता हैं और डीएमके दो तीन सबसे बड़े नेताओं में से एक स्वर्गीय मोरासली मारन के सुपुत्र हैं.विजय को उस समारोह में बुलाने का फैसला उनका ही था.यह भी एक संयोग ही है कि आज उन्हीं दयानिधि मारन की पार्टी डीएमके को हराकर विजय तमिलनाडु के मुख्यमंत्री बने हैं.तमिल फ‍िल्मों से जुड़े कई लोग तमिलनाडु के मुख्यमंत्री बन चुके हैं. इसमें पहला नाम अन्नादुरई, के करुणानिधि, एम जी रामचंद्रन, जे जयललिता जी और अब विजय.अन्ना दुराई और करुणानिधि लेखक के रूप में फ़िल्मों से जुड़े थे जबकि एम जी रामचन्दरण और जयललिता फिल्मी कलाकार रहे थे.अब फ़िल्मी कलाकार मुख्यमंत्रियों की सूची में विजय का भी नाम जुड़ गया है.विजय का पूरा नाम जोसेफ़ विजय चंद्रशेखर है. तमिल नाडु जैसे महत्वपूर्ण राज्य के मुखमंत्री बनने पर उन्हें ढेरों बधाई और शुभकामनायें. About the Author Gyanendra Mishra Mr. Gyanendra Kumar Mishra is associated with hindi.news18.com. working on home page. He has 20 yrs of rich experience in journalism. He Started his career with Amar Ujala then worked for ‘Hindustan Times Group…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Delhi,Delhi,Delhi Source link

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पश्चिम एशिया जंग से रुकेगी सप्लाई? मोदी सरकार का प्लान तैयार, राजनाथ...

होमताजा खबरदेश पश्चिम एशिया जंग से रुकेगी जरूरी सप्लाई? मोदी सरकार का प्लान तैयार Last Updated:May 11, 2026, 15:55 IST राजनाथ सिंह ने कहा कि पीएम मोदी देश को संकट से निकालने के लिए लगातार काम कर रहे हैं. सामूहिक भागीदारी की अपील से बड़ा फायदा होगा. ग्लोबल चुनौतियों का डटकर सामना किया जाएगा. इससे देश की एनर्जी सिक्योरिटी मजबूत होगी. पीएम मोदी का मैसेज काम आएगा. ऊर्जा संरक्षण पर उनका यह फोकस काबिले तारीफ है. ख़बरें फटाफट राजनाथ सिंह ने लोगों से कहा है कि वो घबराएं नहीं, किसी तरह की कोई परेशानी नहीं है. नई दिल्ली. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि सोमवार को मंत्रियों के समूह (IGoM) की पांचवीं बैठक हुई, जिसमें पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण ऊर्जा सप्लाई और जरूरी सामानों की उपलब्धता पर बने जोखिमों की समीक्षा की गई. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार लगातार काम कर रही है ताकि देश में जरूरी वस्तुओं की सप्लाई बनी रहे और किसी तरह की कमी न हो. राजनाथ सिंह ने लोगों से अपील की कि वे शांत रहें और किसी भी तरह की घबराहट से बचें, क्योंकि सरकार सप्लाई चेन में रुकावट या सामान की कमी रोकने के लिए ठोस कदम उठा रही है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की लोगों से सामूहिक भागीदारी की अपील देश को वैश्विक चुनौतियों और संकटों का सामना करने में मदद करेगी. यह आत्मनिर्भरता बढ़ाने और ऊर्जा सुरक्षा मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम है. प्रधानमंत्री का संदेश मुश्किल वैश्विक हालात में ऊर्जा और संसाधनों के संरक्षण पर भी जोर देता है. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : New Delhi,Delhi Source link

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