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असम में मुस्‍ल‍िम वोट क‍िधर गया? कांग्रेस वहीं खड़ी, AIUDF हो गई...

असम में मुस्‍ल‍िम वोट क‍िधर गया? कांग्रेस वहीं खड़ी है, यानी उसका वोट‍िंग प्रत‍िशत 2021 में ज‍ितना था, लगभग उतना ही इसबार भी रहा. लेक‍िन मुस्‍ल‍िमों के दम पर असम की सियासत में किंगमेकर की भूमिका निभाने वाली बदरुद्दीन अजमल की पार्टी ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (AIUDF) का वोट प्रत‍िशत आधा हो गया. मुस्लिम बहुल सीटों पर एकछत्र राज करने वाली AIUDF को इस बार ऐसा झटका लगा है, ज‍िसकी उसने कभी कल्‍पना भी नहीं की होगी. अब सवाल ये है क‍ि आख‍िर जो मुस्‍ल‍िम वोट AIUDF से छ‍िटका, वो गया कहां? 2011 की जनगणना के अनुसार, असम की कुल जनसंख्या में मुस्लिम आबादी 34.22% थी. उस समय राज्य की कुल आबादी करीब 3.12 करोड़ थी, जिसमें से लगभग 1.06 करोड़ मुस्लिम थे. आज 15 साल हो गए, यह आंकड़ा न‍िश्च‍ित तौर पर बढ़ा होगा. कुछ स्रोतों के मुताबिक, आज यह 38% से 40% फीसदी के आसपास पहुंच गया है. सीएम ह‍िमंता ब‍िस्‍वा सरमा कई बार खुद यह आंकड़ा ग‍िना चुके हैं. अब आज के नतीजों पर आते हैं. कांग्रेस और एआईयूडीएफ के टोटल वोट जोड़ ल‍िए जाएं तो भी इसके बराबर नहीं बनते.  तो फ‍िर वोट गए कहां, क्‍या मुस्‍ल‍िमों ने बीजेपी को वोट क‍िया? AIUDF का एक वक्‍त था जलवा असम की राजनीति में लंबे समय से यह माना जाता रहा है कि बंगाली भाषी मुस्लिम मतदाता AIUDF के प्रति वफादार हैं. हालांकि, 2026 के आंकड़ों ने इस धारणा को ध्वस्त कर दिया है. चुनाव दर चुनाव मुस्लिम मतदाताओं ने यह महसूस किया कि AIUDF के साथ रहने से न केवल उनकी राजनीतिक सौदेबाजी की शक्ति कम हो रही है, बल्कि इससे सत्तारूढ़ दल को ध्रुवीकरण का मौका भी मिल रहा है. नतीजतन, जिस मुस्लिम वोट बैंक के दम पर बदरुद्दीन अजमल सत्ता की चाबी अपने पास रखते थे, उसी वोट बैंक ने अब विकल्प तलाशना शुरू कर दिया है. AIUDF का वोट शेयर 9.3% से गिरकर 5.46% पर आना यह दर्शाता है कि पार्टी के पारंपरिक आधार में जबरदस्त सेंधमारी हुई है. कांग्रेस की स्थिरता: बढ़त नहीं, पर अस्तित्व की लड़ाई जीती कांग्रेस पार्टी के लिए ये आंकड़े राहत और चिंता दोनों लेकर आए हैं. 2021 में करीब 29.7% वोट हासिल करने वाली कांग्रेस 2026 में भी लगभग उसी आंकड़े के इर्द-गिर्द खड़ी है. हालांकि, पार्टी अपनी वोट हिस्सेदारी बढ़ाने में नाकाम रही, लेकिन उसने AIUDF के पतन के बीच खुद को मुस्लिम और धर्मनिरपेक्ष मतदाताओं के लिए एकमात्र व्यावहारिक विकल्प के रूप में पेश किया. मुस्लिम मतदाताओं का एक बड़ा हिस्सा, जो पहले AIUDF की ओर जाता था, इस बार स्‍ट्रेटज‍िक वोट‍िंग के तहत कांग्रेस की ओर झुका है, ताकि वोटों का बिखराव रोका जा सके. कांग्रेस का वोट शेयर न बढ़ना यह भी संकेत देता है कि उसने ऊपरी असम और चाय बागान क्षेत्रों में खोया हुआ आधार अभी तक पूरी तरह वापस नहीं पाया है. ‘मियां’ पॉल‍िट‍िक्‍स ने पलटा पूरा खेल बदरुद्दीन अजमल की राजनीति हमेशा से धार्मिक पहचान और भाषाई अल्पसंख्यकों के अधिकारों के इर्द-गिर्द केंद्रित रही है. लेकिन मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के आक्रामक राजनीतिक रुख और राज्य में लाए गए नए कानूनों ने मुस्लिम समाज के भीतर एक नई बहस को जन्म दिया है. युवा मुस्लिम मतदाता अब केवल पहचान की राजनीति नहीं, बल्कि सुरक्षा और विकास चाहते हैं. उन्हें लगा कि AIUDF की मौजूदगी भाजपा के लिए चुनाव को ‘हिंदू बनाम मुस्लिम’ बनाने में मददगार साबित होती है. इस धारणा ने अजमल के प्रभाव को कम किया और मतदाताओं को यह सोचने पर मजबूर किया कि क्या AIUDF को वोट देना अंततः विपक्ष को कमजोर करना है. आखिर कहां गए AIUDF के वोट? अगर आंकड़ों का विश्लेषण करें, तो AIUDF का करीब 4% वोट शेयर गायब हुआ है. यह वोट सीधे तौर पर कांग्रेस में स्थानांतरित नहीं हुआ, बल्कि इसका एक हिस्सा निर्दलीयों और कुछ क्षेत्रीय दलों की ओर भी गया है. वहीं, कुछ सीटों पर मतदाताओं की उदासीनता भी देखी गई. रोचक बात यह है कि कांग्रेस का वोट शेयर वहीं खड़े रहने का मतलब है कि कांग्रेस ने अपने पुराने वोट खोए हैं और उनकी भरपाई AIUDF से आए नए वोटों से की है. यानी कांग्रेस के भीतर भी इनपुट और आउटपुट का एक चक्र चला है, जहां ग्रामीण और मध्यम वर्ग के कुछ हिंदू मतदाता भाजपा की ओर खिसके और उनकी जगह मुस्लिम मतदाताओं ने ली. भाजपा की रणनीति और विपक्ष का बिखराव असम में भाजपा ने बेहद चतुराई से ‘माइनॉरिटी वोट’ को विभाजित रखने की रणनीति पर काम किया. सरकार की कल्याणकारी योजनाओं जैसे ओरुनोदोई योजना का लाभ बिना किसी भेदभाव के सभी समुदायों तक पहुँचा, जिसने मुस्लिम समाज के एक छोटे लेकिन महत्वपूर्ण हिस्से, विशेषकर स्वदेशी मुस्लिमों Goriya, Moriya को भाजपा की ओर आकर्षित किया. जब AIUDF कमजोर हुई और कांग्रेस अपनी पुरानी स्थिति से आगे नहीं बढ़ पाई, तो इसका सीधा फायदा सत्तारूढ़ गठबंधन को हुआ. विपक्ष का गठबंधन टूटना और फिर अलग-अलग चुनाव लड़ना AIUDF के ताबूत में आखिरी कील साबित हुआ, जिससे वोटों का ऐसा बिखराव हुआ कि अजमल का किला ढह गया. क्या खत्म हो जाएगा AIUDF का वजूद? 2026 के नतीजे AIUDF के लिए अस्तित्व का संकट लेकर आए हैं. 5.46% वोट शेयर के साथ किसी भी राज्य स्तरीय पार्टी के लिए प्रासंगिक बने रहना कठिन होता है. यह चुनाव परिणाम असम की राजनीति में तीसरे ध्रुव के खात्मे की शुरुआत हो सकती है. अब राज्य की सियासत फिर से बाइपोलर हो चली है, जहां एक तरफ भाजपा के नेतृत्‍व वाला गठबंधन है और दूसरी तरफ कांग्रेस. मुस्लिम मतदाताओं ने साफ संदेश दिया है कि वे अब ऐसी पार्टी के साथ खड़े होना चाहते हैं जो दिल्ली और दिसपुर में सरकार बनाने की क्षमता रखती हो, न कि केवल कुछ सीटों पर सिमटकर रहने वाली क्षेत्रीय पार्टी के साथ. Source link

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मीन राशि वालों पर आज हनुमान जी रहेंगे मेहरबान, व्यापार में होगी...

आज मीन राशि के जातकों के लिए दिन जोश, उमंग और नए अवसरों से भरपूर रहने वाला है. आपके प्रयास और लगन का सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेगा, जिससे करियर में आगे बढ़ने के अच्छे मौके आज हाथ से निकल सकते हैं. व्यापार मे तरक्की मिलेगी और परिस्थितियां भी आपके अनुकूल रहेंगी, जिससे आत्मविश्वास में बढ़ोतरी होगी. हालांकि भागदौड़ के बीच सेहत और निजी संबंधों को नजरअंदाज न करें.  काम और जीवन के बीच संतुलन बनाए रखेंगे, तो दिन और भी सफल व सुखद साबित होगा. व्यापार से जुड़े लोगों को साझेदारी में लाभ मिलने के संकेत हैं, जिससे आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है. वहीं, आज आपका मन पूजा-पाठ या आध्यात्मिक कार्यों की ओर आकर्षित रहेगा, जिससे मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव होगा. आइए जानते है उज्जैन के प्रसिद्ध ज्योतिष आचार्य आनंद भारद्वाज से कि आज का दिन करियर, स्वास्थ और लव लाइफ मे कैसा रहेगा. मीन राशि वालों का करियर राशिफल मीन राशि के जातकों के लिए आज का दिन करियर के मामले में उम्मीद के मुताबिक नहीं रहेगा. कार्यक्षेत्र में अवसर मिलते-मिलते हाथ से निकल सकते हैं और कोई आकर्षक प्रस्ताव भी आखिरी समय पर निराश कर सकता है. भरोसेमंद व्यक्ति से अपेक्षित सहयोग नहीं मिलने से मन खिन्न रहेगा. योजनाएं अधूरी रह सकती हैं, इसलिए जल्दबाजी से बचें. गलत फैसले भविष्य में नुकसान दे सकते हैं, धैर्य रखें और सही समय का इंतजार करें. मीन राशि वालों का स्वास्थ राशिफल मीन राशि वालो का आज स्वास्थ्य के मामले में दिन सुकून और संतुलन लेकर आया है. जो लोग काफी समय से किसी शारीरिक समस्या से परेशान थे, उन्हें अब धीरे-धीरे राहत महसूस होगी. ऊर्जा का स्तर बढ़ेगा और मन भी हल्का व खुश रहेगा. हालांकि बच्चों की सेहत को नजरअंदाज न करें. नियमित दिनचर्या अपनाएं, पौष्टिक भोजन लें और मानसिक शांति बनाए रखें, इससे आप पूरे दिन तरोताजा और सकारात्मक बने रहेंगे. मीन राशि वालों का व्यापार राशिफल मीन राशि के जातकों के लिए आज का दिन व्यापार के लिहाज से शुभ संकेत दे रहा है. पहले से बनाई गई योजनाएं अब गति पकड़ेंगी और सहकर्मियों के सहयोग से अच्छे परिणाम मिल सकते हैं. नए अवसर सामने आ सकते हैं, जो भविष्य में लाभदायक साबित होंगे. पार्टनरशिप में काम करने वालों को तालमेल बनाए रखना जरूरी है, क्योंकि छोटी-छोटी बातों पर मतभेद संभव हैं. धैर्य और समझदारी से निर्णय लें, जल्दबाज़ी से बचना ही बेहतर रहेगा. मीन राशि वालों का आर्थिक राशिफलमीन राशि के जातकों के लिए आज आर्थिक मामलों में उत्साहजनक संकेत मिल रहे हैं. दिनभर कुछ खर्च बने रह सकते हैं, लेकिन पुराने निवेश से लाभ मिलने की संभावना मजबूत है. आय के नए स्रोत भी सामने आ सकते हैं, जिससे मन प्रसन्न रहेगा और आत्मविश्वास बढ़ेगा. यदि आप सोच-समझकर निर्णय लेते हैं, तो भविष्य के लिए मजबूत आर्थिक आधार तैयार कर सकते हैं और स्थायी सफलता प्राप्त करेंगे. मीन राशि वालों का लव लाइफ राशिफलमीन राशि वालों के लिए आज का दिन प्यार और रिश्तों में कुछ निराशा और दूरी लेकर आ सकता है. पार्टनर के साथ समय बिताने का अवसर कम मिल सकता है, जिससे गलतफहमियां बढ़ने की आशंका रहेगी. छोटी-छोटी बातों पर मनमुटाव हो सकता है और पुराने विवाद फिर उभर सकते हैं. कहीं बाहर जाने की योजना टल सकती है. विवाहित जीवन में भी तनाव और असहमति का माहौल रह सकता है, जिससे रिश्तों में खटास महसूस होगी. आज जरूर करें यह उपायआज आपके लिए लकी नंबर 7 रहेगा. यह अंक आपको सफलता और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करेगा. आज के दिन मीन राशि वाले जो धर्म-कर्म और दान-पुण्य में रुचि रखते हैं, उन्हें चाहिए कि आज के दिन भगवान हनुमान जी महाराज के मंदिर जाकर उन्हें गुड़, चने का भोग लगाए. उसके बाद गरीबों मे लाल रंग की वस्तुओ और बूँदी के लडू का प्रसाद का दान करें, जिससे आज का दिन बेहतर हो सके. Source link

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aaj ka panchang 5 May 2026 Budhwa mangal | आज का पंचांग,...

होमताजा खबरधर्म बुढ़वा मंगल के साथ एकदंत संकष्टी चतुर्थी, पंचांग से जानें शुभ व अशुभ मुहूर्त Last Updated:May 05, 2026, 02:31 IST Aaj Ka Panchang (आज का पंचांग), 5 May 2026: आज बुढ़वा मंगल व्रत के साथ एकदंत संकष्टी चतुर्थी का भी व्रत किया जाएगा. आज ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि के साथ ज्येष्ठा नक्षत्र, बव करण, चंद्रमा वृश्चिक उपरांत धनु राशि में है. भगवान गणेश के साथ हनुमानजी की पूजा अर्चना करने से सभी कष्टों से मुक्ति मिलती है और शुभ फल की प्राप्ति होती है. पंचांग से जानें मंगलवार 5 मई का शुभ व अशुभ मुहूर्त और योग के बारे में. Aaj Ka Panchang (आज का पंचांग), 5 May 2026: आज ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि दिन मंगलवार है. पंचांग के अनुसार, एक ओर जहां ज्येष्ठ के पहले बड़ा मंगल की शुरुआत हो रही है, वहीं दूसरी ओर भगवान गणेश को समर्पित एकदंत संकष्टी चतुर्थी का व्रत भी रखा जा रहा है. ऐसे में यह दुर्लभ संयोग भक्तों के लिए विशेष फलदायी माना जा रहा है. आज ज्येष्ठ कृष्ण चतुर्थी तिथि, ज्येष्ठा नक्षत्र, बव करण, कृष्ण पक्ष और चंद्रमा वृश्चिक उपरांत धनु राशि में तो सूर्य मेष राशि में रहने वाले हैं. आज उत्तर का दिशाशूल है. एकदंत एकदंत संकष्टी चतुर्थी के दिन भगवान गणेश के एकदंत रूप की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है. एकदंत गणेश को गणेश जी के अष्टविनायक रूपों में से एक माना जाता है. पौराणिक कथा के अनुसार, एक बार भगवान शिव से मिलने जा रहे गणेश जी को भगवान परशुराम ने रोका. विवाद के बाद परशुराम ने अपना परशु चलाया, जिससे गणेश जी का एक दांत टूट गया. तभी से वे एकदंत नाम से प्रसिद्ध हुए. मान्यता है कि इस दिन भक्त एकदंत गणेश की पूजा करने से बाधाओं का निवारण और सिद्धि की प्राप्ति होती है. एकदंत गणेश की आराधना से बुद्धि, विद्या और सौभाग्य की भी प्राप्ति होती है. इस पावन अवसर पर भक्त गणपति को मोदक, लड्डू और दुर्वा चढ़ाना श्रेयस्कर होता है. ज्येष्ठ माह के प्रत्येक मंगलवार को बुढ़वा मंगल या बड़ा मंगल के रूप में मनाया जाता है, जो भगवान हनुमान की आराधना का प्रमुख दिन होता है. मान्यता है कि इस दिन विधिपूर्वक पूजा और व्रत रखने से संकट दूर होते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि आती है. पहले बड़े मंगल का विशेष महत्व इसलिए भी है, क्योंकि इसी दिन से पूरे महीने चलने वाले व्रत और सेवा कार्यों की शुरुआत होती है. बड़े मंगल के दिन प्रातः स्नान के बाद हनुमान मंदिर जाकर पूजा-अर्चना की जाती है. लाल फूल, सिंदूर, चमेली का तेल अर्पित कर हनुमान चालीसा और सुंदरकांड का पाठ किया जाता है. ज्येष्ठ बड़े मंगल का पर्व सेवा और दान से भी जुड़ा हुआ है. इस दिन जगह-जगह भंडारे, जल सेवा और शरबत वितरण किया जाता है, जो भीषण गर्मी में राहत पहुंचाने का माध्यम बनता है. तो चलिए जानते हैं कि कब से शुभ और अशुभ मुहूर्त लग रहे हैं. आज का पंचांग (Aaj Ka Panchang), 5 मई 2026आज की तिथि- चतुर्थी तिथि पूर्ण रात्रि तकआज का नक्षत्र- ज्येष्ठा – 12:55 पी एम तक, इसके बाद मूल नक्षत्रआज का करण- बव – 06:37 पी एम तक, बालव – पूर्ण रात्रि तकआज का योग- शिव – 12:17 ए एम, 6 मई तक, सिद्ध योगआज का पक्ष- कृष्ण पक्षआज का दिन- मंगलवारचंद्र राशि- वृश्चिक उपरांत धनु राशि सूर्योदय-सूर्यास्त और चंद्रोदय-चंद्रास्त का समयसूर्योदय- 05:37 ए एमसूर्यास्त- 06:59 पी एमचन्द्रोदय- 10:35 पी एमचन्द्रास्त- 07:39 ए एम आज के शुभ योग और मुहूर्त 5 मई 2026ब्रह्म मुहूर्त: 04:12 ए एम से 04:55 ए एमअभिजीत मुहूर्त: 11:51 ए एम से 12:45 पी एमविजय मुहूर्त: 02:32 पी एम से 03:25 पी एमगोधूलि मुहूर्त: 06:57 पी एम से 07:19 पी एमनिशिता मुहूर्त: 11:56 पी एम से 12:39 ए एम, 6 मई शिववास: कैलाश पर आज के अशुभ मुहूर्त 5 मई 2026राहुकाल: 03:38 पी एम से 05:19 पी एमविडाल योग: 05:37 ए एम से 12:55 पी एमयमगण्ड: 08:58 ए एम से 10:38 ए एमदुर्मुहूर्त: 08:18 ए एम से 09:11 ए एमगुलिक काल: 12:18 पी एम से 01:58 पी एमवर्ज्य: 09:54 पी एम से 11:42 पी एमगण्ड मूल: पूरे दिनविंछुड़ो: 05:37 ए एम से 12:55 पी एमदिशाशूल- उत्तर About the Author Parag SharmaChief Sub Editor पराग शर्मा Hindi News18 Digital में Chief Sub Editor के पद पर कार्यरत हैं. वर्तमान में धर्म, ज्योतिष, ग्रह-नक्षत्र, राशि और वास्तु से जुड़ी खबरों पर काम कर रहे हैं. भारतीय धार्मिक परंपराओं, ज्योतिष शास्त्र, मेद…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Source link

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घरों में बर्तन मांजने वाली मह‍िला बन गई व‍िधायक, बीजेपी नेता कलिता...

होमताजा खबरदेश घरों में बर्तन मांजने वाली मह‍िला बन गई MLA, बीजेपी नेता कलिता माझी की कहानी Last Updated:May 05, 2026, 01:39 IST औसग्राम सीट पर बीजेपी की कलिता माझी ने तृणमूल के श्यामा प्रसन्न लोहार को 12535 वोट से हराया. राजनीति में आने से पहले वह घरेलू कामगार के तौर पर काम करती थी. लेकिन अब कलिता माझी विधायक बन चुकी है. ख़बरें फटाफट कलिता माझी औसग्राम सीट से जीत गई हैं. (फाइल फोटो) कोलकाता. पश्चिम बंगाल की राजनीति में इस बार एक ऐसी कहानी उभरी है, जो सिर्फ जीत-हार से कहीं आगे जाकर उम्मीद, संघर्ष और बदलाव की मिसाल बन गई. बीजेपी की कलिता माझी ने, तृणमूल कांग्रेस के श्यामा प्रसन्न लोहार को हराकर औसग्राम (SC) विधानसभा क्षेत्र संख्या 273 में जीत हासिल की है. कलिता माझी ने श्यामा प्रसन्न को 12,535 वोटों के अंतर से हराया. कलिता माझी को कुल 107692 वोट मिले, जबकि श्यामा प्रसन्न को 95157 वोटों से ही संतुष्ट करना पड़ा. इसके अलावा सीपीआई (एम) के चंचल कुमार माझी को 16478, कांग्रेस के तापस बराल को 2082 और निर्दलीय उम्मीदवार निहार कुमार हाजरा को महज 994 वोट ही मिल सके. बीजेपी सांसद पी. सी. मोहन ने ‘एक्स’ पर लिखा, “बीजेपी बंगाल की उम्मीदवार कलिता माझी, जो 4 घरों में घरेलू कामगार के तौर पर काम करती हैं और महीने के ₹2,500 कमाती हैं, ने औसग्राम निर्वाचन क्षेत्र से जीत हासिल की है. यही बीजेपी की ताकत है, जहां एक आम नागरिक भी आगे बढ़ सकता है और एक सचमुच प्रेरणादायक कहानी लिख सकता है.” औसग्राम सीट से बीजेपी उम्मीदवार कलिता माझी (Kalita Majhi) की जीत ने यह साबित कर दिया कि लोकतंत्र में आम आदमी की ताकत क्या होती है. चार घरों में घरेलू काम करके हर महीने महज 2,500 रुपये कमाने वाली कलिता माझी का सफर आसान नहीं रहा. रोज़मर्रा की ज़िंदगी की चुनौतियों से जूझते हुए उन्होंने कभी यह नहीं सोचा होगा कि एक दिन वे विधानसभा तक पहुंचेंगी. लेकिन यही भारतीय लोकतंत्र की सबसे बड़ी खूबसूरती है, जहां जमीन से जुड़ा एक साधारण नागरिक भी अपनी मेहनत और हौसले के दम पर इतिहास रच सकता है. औसग्राम जैसे क्षेत्र में, जहां लंबे समय से पारंपरिक राजनीति का असर रहा है, वहां कलिता माझी की जीत सिर्फ एक सीट की जीत नहीं, बल्कि सामाजिक बदलाव का संकेत भी मानी जा रही है. यह जीत उन लाखों लोगों के लिए उम्मीद की किरण है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखने की हिम्मत रखते हैं. About the Author Rakesh Ranjan Kumar राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Kolkata,West Bengal Source link

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Dhanu Rashifal: सावधानी हटी तो खाली हो जाएगी जेब! धनु राशि वालों...

Last Updated:May 05, 2026, 00:08 IST Aaj ka Dhanu Rashifal 05 may 2026: धनु राशि के जातकों के लिए आज का दिन आर्थिक लाभ के नए अवसर लेकर आएगा, हालांकि बढ़ते खर्चों पर लगाम लगाना जरूरी होगा. कार्यस्थल पर वरिष्ठों का साथ मिलेगा और सामाजिक मान-सम्मान में वृद्धि होगी. बेहतर स्वास्थ्य और शुभ फल के लिए आज तुलसी की पूजा अवश्य करें. जमुई: 05 मई 2026 का कई तरह के मिश्रित परिणाम लेकर आएगा. ज्योतिषाचार्य पंडित शत्रुघ्न झा बताते हैं कि आज के दिन शुक्र देव और सूर्य देव की कृपा से आर्थिक उन्नति के रास्ते खुलेंगे. साथ ही आज बुधदेव अस्त होंगे. जिससे इन राशि के जातकों को कई तरह की विशेष सावधानी भी बरतनी की जरूरत है. ज्योतिषाचार्य पंडित शत्रुघ्न झा बताते हैं कि धनु राशि के जातकों को भी जल्दीबाजी में कोई भी निर्णय नहीं लेना चाहिए. आज के दिन धैर्य के साथ अपनी रणनीतियां बनानी चाहिए. खासकर अगर आप कारोबार करते हैं, या किसी तरह का व्यापार करते हैं तो आज का दिन आपके लिए काफी सावधान होकर रहने वाला है. आज बढ़ सकते हैं आपके खर्चे ज्योतिषाचार्य बताते हैं कि धनु राशि के बारहवें में भाव में आज चंद्रमा की मौजूदगी रहेगी. जिस कारण आपके खर्चों में आज थोड़ी वृद्धि हो सकती है. उन्होंने बताया कि आज आपको किसी भी तरह की अनावश्यक खरीददारी से बचना चाहिए. साथ ही कोई भी नई वस्तु खरीदते वक्त इस बात का ध्यान अवश्य रखें कि वह आपके लिए कितना उपयोगी है. हालांकि देर शाम तक आपके खर्चे में कमी आएगी और आप थोड़ा बचत पर ध्यान देंगे. आज के दिन आपको किसी तरह के रचनात्मक प्रयास से धन लाभ की संभावना है. आज के दिन आप अपने करियर को लेकर कोई ठोस योजना बना सकते हैं. प्यार के मामले में ऐसा रहेगा दिन ज्योतिषाचार्य ने बताया कि धनु राशि के जातकों को आज कई अलग-अलग माध्यमों से धन प्राप्त हो सकता है. आज के दिन समाज में आपकी प्रतिष्ठा बढ़ सकती है. अगर आप कोई नौकरी करते हैं तो अपने कार्यस्थल पर आपको वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग प्राप्त हो सकता है. धनु राशि के जातकों की लव लाइफ अच्छी रहने वाली है. जीवन साथी के साथ आपके संबंधों में मधुरता आएगी. इसके साथ ही आज आप अपने पार्टनर के साथ किसी रोमांटिक जगह घूमने जा सकते हैं. धनु राशि के जातकों को आज अपनी सेहत को लेकर थोड़ा परेशान होना पड़ सकता है. आज तुलसी की पूजा करने से आपके जीवन में शुभता आएगी. धनु राशि के जातकों के लिए आज का शुभ रंग नारंगी और शुभ अंक 4 रहने वाला है. About the Author Amit ranjan मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Source link

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‘कोई भी फाइल ऑफिस से बाहर नहीं जाएगी’ नबन्ना से राइटर्स बिल्डिंग...

कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक नए युग की शुरुआत के साथ ही प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है. 2026 के विधानसभा चुनाव के नतीजों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ऐतिहासिक बढ़त को देखते हुए भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने राज्य के सभी महत्वपूर्ण सरकारी दफ्तरों की सुरक्षा का जिम्मा केंद्रीय सुरक्षा बलों को सौंप दिया है. यह कदम राज्य सचिवालय ‘नबन्ना’ सहित अन्य प्रमुख भवनों से सरकारी दस्तावेजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है. सोमवार दोपहर को कोलकाता और हावड़ा की सड़कों पर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब सीआरपीएफ (CRPF) और त्वरित प्रतिक्रिया दल (QRT) की गाड़ियाँ राज्य सचिवालय नबन्ना, राइटर्स बिल्डिंग, विकास भवन, जल संपद भवन और खाद्य भवन के बाहर खड़ी हो गईं. अधिकारियों के अनुसार, यह तैनाती इसलिए की गई है ताकि सत्ता हस्तांतरण के इस दौर में किसी भी प्रकार के महत्वपूर्ण सरकारी रिकॉर्ड या फाइलों को नष्ट न किया जा सके. नबन्ना, जहाँ मुख्यमंत्री कार्यालय स्थित है, अब पूरी तरह से केंद्रीय बलों की निगरानी में है. फाइलें खोली जाएंगी – अमित शाह ने दी थी चेतावनी चुनाव प्रचार के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बार-बार हुंकार भरी थी कि भाजपा की सरकार आते ही पिछले सालों के भ्रष्टाचार की सभी ‘फाइलें खोली जाएंगी’. चुनाव आयोग का यह कदम इसी कड़ी से जोड़कर देखा जा रहा है. भाजपा को आशंका थी कि चुनावी हार के डर से निवर्तमान सरकार के कुछ अधिकारी या कर्मचारी महत्वपूर्ण दस्तावेजों को गायब या नष्ट कर सकते हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी भ्रष्टाचार के मुद्दों पर टीएमसी सरकार को जमकर घेरा था. कर्मचारियों के बैग की तलाशी सूत्रों के अनुसार, नबन्ना और अन्य भवनों में ड्यूटी पर आने-जाने वाले राज्य सरकार के कर्मचारियों के बैगों की कड़ी तलाशी ली जा रही है. सुरक्षा बलों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी कर्मचारी को सचिवालय से बाहर कोई भी फाइल या आधिकारिक दस्तावेज ले जाने की अनुमति न दी जाए. निगरानी इतनी सख्त है कि हर कमरे और गलियारे पर पैनी नजर रखी जा रही है. राइटर्स बिल्डिंग का लौटेगा गौरव? दिलचस्प बात यह है कि वाम मोर्चा के शासनकाल में शक्ति का केंद्र रही ‘राइटर्स बिल्डिंग’, जिसे टीएमसी शासन में लगभग हाशिए पर धकेल दिया गया था, उसे फिर से सजाया जा रहा है. राजनीतिक हलकों में अटकलें हैं कि नई भाजपा सरकार राइटर्स बिल्डिंग को फिर से मुख्य प्रशासनिक केंद्र बना सकती है. इन भवनों के जीर्णोद्धार की योजनाएं भी चर्चा में हैं. भाजपा 200 के पार चुनाव आयोग के नवीनतम अपडेट के अनुसार, बंगाल में भाजपा 208 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है और कई सीटें जीत चुकी है, जबकि तृणमूल कांग्रेस महज 79 सीटों पर संघर्ष कर रही है. भारी बहुमत की संभावनाओं ने प्रशासनिक फेरबदल और पुरानी फाइलों की जांच के डर को और बढ़ा दिया है. पश्चिम बंगाल के सरकारी कार्यालयों में केंद्रीय बलों की तैनाती क्यों की गई है? चुनाव आयोग ने सत्ता परिवर्तन के दौरान सरकारी दस्तावेजों और महत्वपूर्ण फाइलों को नष्ट होने या चोरी होने से बचाने के लिए केंद्रीय बलों की तैनाती का आदेश दिया है. किन प्रमुख भवनों की सुरक्षा बढ़ाई गई है? राज्य सचिवालय ‘नबन्ना’, राइटर्स बिल्डिंग, विकास भवन, जल संपद भवन और खाद्य भवन में भारी सुरक्षा बल और क्यूआरटी तैनात किए गए हैं. सरकारी कर्मचारियों के लिए क्या नए नियम लागू किए गए हैं? कर्मचारियों के बैग की सघन तलाशी ली जा रही है और किसी भी कर्मचारी को कार्यालय से कोई भी फाइल बाहर ले जाने की अनुमति नहीं है. भाजपा का इन दस्तावेजों को लेकर क्या रुख रहा है? अमित शाह और पीएम मोदी ने चुनाव प्रचार के दौरान वादा किया था कि सत्ता में आने पर पिछली सरकार के भ्रष्टाचार से जुड़ी सभी फाइलें खोली जाएंगी और उनकी जांच होगी. चुनाव रुझानों में भाजपा और टीएमसी की वर्तमान स्थिति क्या है? नवीनतम रुझानों के अनुसार, भाजपा 208 सीटों पर आगे चल रही है, जबकि टीएमसी केवल 79 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है. Source link

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बीजेपी का वो ‘खेला’ जिससे पार नहीं पा सकी TMC, बंगाल के...

नई दिल्ली. पश्चिम बंगाल चुनाव में भाजपा की प्रचंड जीत का सबसे अहम फैक्टर पीएम मोदी का ‘मैजिक’ रहा. पीएम नरेंद्र मोदी की बात बंगाल की जनता के दिलों में बस गई और भाजपा को इसका फायदा मिला. ऊपर से पश्चिम बंगाल में भाजपा के फायर ब्रांड नेताओं की लगातार हो रही चुनावी सभाओं ने भी चुनाव का रुख भाजपा का तरफ मोड़ दिया. बंगाल का ‘काला जादू’ जो बेहद मशहूर है, जनता उसके हैंगआउट से बाहर आई और ‘मोदी मैजिक’ पर ध्यान केंद्रित करने में सफल रही. वोट भाजपा के पक्ष में पड़े और यह चुनाव परिणामों में साफ नजर आया. वैसे पश्चिम बंगाल में भाजपा की इस जीत के लिए जिस तरह से पार्टी के नेताओं ने कमर कसी, उतनी ही शिद्दत से पूरे चुनाव के दौरान पार्टी के पक्ष में हवा का रूख तैयार करने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी ने भी मेहनत की. वैसे भाजपा के लिए पश्चिम बंगाल में राजनीति की उपजाऊ जमीन तैयार करने के काम पार्टी की तरफ से बहुत पहले शुरू कर दिया गया था. नरेंद्र कप (फुटबॉल टूर्नामेंट) का आयोजन यहां किया गया था. इस पुरुष फुटबॉल टूर्नामेंट में 1200 टीमों ने भाग लिया और लगभग 18,000 खिलाड़ी सम्मिलित हुए. वहीं महिला फुटबॉल प्रतियोगिता में कुल 253 महिला टीमों ने हिस्सा लिया. दोनों ही आयोजनों में 18 से 25 वर्ष की आयु के युवा सम्मिलित हुए. इसके साथ ही पश्चिम बंगाल की सांस्कृतिक विरासत के रूप में पहचाने जाने वाले वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने के मौके पर सांस्कृतिक महोत्सव के दौरान पदयात्रा, पुष्पांजलि, तिरंगा वितरण, सामूहिक गायन तथा दीप प्रज्वलन जैसे आयोजन हुए. इसमें 1 लाख से अधिक लोग सम्मिलित हुए. यहां राज्य भर में भाजपा की तरफ से 9 परिवर्तन यात्रा आयोजित हुई. जिसमें 294 में से यहां के कुल 217 विधानसभा क्षेत्र कवर हुए. कुल 560 बड़े एवं छोटे कार्यक्रम में लगभग 7 लाख से अधिक लोग इससे जुड़े. इसके साथ ही भाजपा ने यहां बूथ सशक्तिकरण अभियान चलाया. यहां 70,671 बूथों पर बूथ समितियां बनाई गई एवं अन्य पर बूथ अध्यक्ष बनाए गए. इन बूथ समितियों पर 8,76,765 कार्यकर्ता नियुक्त किए गए. साथ ही वर्ष 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव एवं वर्ष 2021 के विधानसभा चुनाव के विश्लेषण के आधार पर 210 फोकस विधान सभाएं चिह्नित की गई. इसके साथ ही इसमें से सभी बूथों का विश्लेषण कर फोकस बूथ चिह्नित किए गए. इसके साथ ही साथ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राज्य सरकार की विफलताओं एवं भ्रष्टाचार के मुद्दों पर राज्य स्तरीय आरोप-पत्र जारी किए. विधानसभा स्तर पर 220 विधानसभा क्षेत्रों में यह चार्जशीट जारी की गई. ताकि जनता इसके बारे में जान सके. पूरे बंगाल में महिला एवं युवा वर्ग के 2 करोड़ से अधिक भरोसा कार्ड भरे गए. महिलाओं के लगभग 1.60 करोड़ एवं युवाओं के 40 लाख फॉर्म भरवाए गए. श्रीरामनवमी, श्री हनुमान जन्मोत्सव एवं पोइला बैसाख के अवसर पर भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा 6,250 स्थानों पर धार्मिक एवं आध्यात्मिक संगठनों के प्रमुखों से संपर्क किया गया. 2 लाख से अधिक लोगों से इस दौरान संपर्क साधा गया. इसके साथ ही 21 प्रदेशों से 9,498 बंगाली प्रवासियों ने पश्चिम बंगाल आकर भाजपा के पक्ष में प्रचार में भाग लिया. प्रदेश भर में 8,315 शक्तिकेंद्र पर नुक्कड़ सभाओं का आयोजन किया गया. इसके साथ ही 220 विधानसभाओं में रोजगार चाहने वाले युवाओं का पंजीकरण करने का अभियान ‘चाकरी चाई बांग्ला’ चलाया गया. महिलाओं को भाजपा ने अपने पक्ष में करने के लिए बूथ पर महिलाओं की 1,96,000 ड्रॉइंग रूम बैठकें आयोजित की. साथ ही 19,250 क्लब एवं एनजीओ के सदस्यों से संपर्क किया गया. इसके अलावा विधानसभा चुनाव में प्रचार के दौरान 61 राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय नेताओं के 288 सीटों पर 600 से अधिक कार्यक्रम हुए. भाजपा की तरफ से यहां ‘ब्रिगेड चलो’ विशाल जनसभा कोलकाता में हुई, जिसमें 7.5 लाख लोगों की उपस्थिति रही. सोशल मीडिया पर भी इसको खूब प्रचारित किया गया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पश्चिम बंगाल में भाजपा की जीत सुनिश्चित करने के लिए कुल 19 चुनावी सभाएं हुई एवं 2 रोड शो किए. झारग्राम में झालमुड़ी खाई, इसकी वीडियो को सोशल मीडिया के सभी प्लेटफॉर्म पर 10 करोड़ से अधिक लोगों ने देखा. हुगली नदी में नौका विहार एवं ठनठनीया काली बड़ी मंदिर में दर्शन करके भी वहां की जनता को पीएम मोदी ने संदेश दिया. भाजपा के पक्ष में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की कुल 40 सभा, रोड शो कार्यक्रम हुए. इसके साथ उन्होंने 4 संगठनात्मक बैठकों में सभी 294 विधानसभाओं के कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की. गंगासागर में पूजा अर्चना एवं कपिल मुनि आश्रम में भी उनका इस दौरान जाना हुआ. जो पश्चिम बंगाल की जनता को साफ संदेश था कि वह अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ने के लिए पुनः तैयार हो जाएं. भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन सहित केन्द्रीय नेताओं की कुल 128 विधानसभाओं में कार्यक्रम हुए. इसके साथ ही भाजपा के अन्य राज्यों के 9 मुख्यमंत्रियों की यहां कुल 101 सभाएं हुई. इसके साथ ही पश्चिम बंगाल के स्थानीय भाजपा नेताओं जैसे प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य, नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी, मिथुन चक्रवर्ती, सुकांत मजूमदार एवं दिलीप घोष सहित 25 नेताओं के कुल 232 कार्यक्रम हुए. इसके साथ हीं कोलकाता प्रेसीडेंसी में वार्ड स्तर पर वार्ड समितियों का गठन किया गया. साथ ही बूथ पर भाजपा के पक्ष में मतदान बढ़ाने के लिए पार्टी के संगठनात्मक ढांचे के अलावा चिह्नित लोगों की टीम को लगाया गया. इन सबके साथ भाजपा ने मतदाताओं को अपने पक्ष में करने के लिए नैरेटिव भी तैयार किया, जिसमें ‘बाचते चाई, बीजेपी ताई’, ‘पलटानों दरकार चाई बीजेपी सोरकार’ के साथ ‘भय आउट, भरोसा इन’ जैसे स्लोगनों ने भाजपा के पक्ष में चुनाव का रुख मोड़ दिया. Source link

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बीजेपी ने बंगाल में लूटी 100 से ज्यादा सीटें, CRPF ने मुझे...

होमताजा खबरदेश बीजेपी ने बंगाल में लूटी 100 से ज्यादा सीटें, CRPF ने मुझे धक्का मारा: ममता Last Updated:May 04, 2026, 21:33 IST ममता बनर्जी ने हार मानने से इनकार कर दिया है. उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल में अवैध काम किया है. एसआईआर से लेकर ईवीएम मशीन तक पूरी तरह लूट ली गई है. ममता बनर्जी ने कहा, ‘लूट लूट लूट हुई है हम जोरदार वापसी करेंगे. चुनाव आयोग ने जानबूझकर बीजेपी को फायदा पहुंचाया है.’ ख़बरें फटाफट ममता बनर्जी ने कहा कि पश्चिम बंगाल में बीजेपी की अनैतिक जीत हुई है. (फाइल फोटो) कोलकाता. पश्चिम बंगाल की CM ममता बनर्जी ने कहा, “BJP ने 100 से ज़्यादा सीटें लूट लीं. चुनाव आयोग, BJP का आयोग बन गया है. मैंने CO और मनोज अग्रवाल से भी शिकायत की, लेकिन वे कुछ नहीं कर रहे हैं. क्या आपको लगता है कि यह जीत है? यह एक अनैतिक जीत है, नैतिक जीत नहीं. चुनाव आयोग ने केंद्रीय बलों, PM और गृह मंत्री के साथ मिलकर जो कुछ भी किया है, वह पूरी तरह से गैर-कानूनी है. यह लूट है, लूट है, लूट है. हम ज़ोरदार वापसी करेंगे.” TMC अध्यक्ष और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा, “मुझे भी अंदर जाने नहीं दिया गया… यह पक्षपाती है. आप CRPF को देख सकते हैं. उन्होंने मुझे धक्का दिया, मारा, CRPF के ठीक सामने. उन्होंने हर जगह गुंडे लगाए हैं. मैं उम्मीदवार हूँ, फिर भी उन्होंने मुझे अंदर नहीं जाने दिया.” TMC अध्यक्ष और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा, “मैंने शिकायत की है, मनोज अग्रवाल को भी मैंने शिकायत की, मैंने पश्चिम बंगाल CEO, RO, DEO सबको शिकायत की लेकिन वे कुछ नहीं कर रहे. उन्होंने मुझे अंदर नहीं आने दिया. मेरे पास ID कार्ड है, फिर भी वे मुझे अंदर नहीं जाने दे रहे. यह नैतिक जीत नहीं है, यह अनैतिक जीत है. चुनाव आयोग, सेंट्रल फोर्स, प्रधानमंत्री और गृह मंत्री ने जो किया है वह पूरी तरह अवैध है. SIR से शुरू करके, EVM मशीन लूटकर इन्होंने यह सब जानबूझ कर किया है. लूट, लूट, लूट हुई है.” About the Author Rakesh Ranjan Kumar राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Kolkata,West Bengal Source link

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Bengal Chunav Result: ब्रत्य बसु, सुजीत बसु, उदयन गुह… ममता के इन...

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजे केवल सत्ता परिवर्तन की कहानी नहीं कह रहे बल्कि यह तृणमूल कांग्रेस (TMC) के उस सांगठनिक ढांचे के ढहने का प्रतीक है जिसे ममता बनर्जी ने सालों तक संजोया था. दोपहर 3 बजे तक के आंकड़ों के अनुसार, ममता कैबिनेट के 23 निवर्तमान मंत्री अपनी-अपनी सीटों पर पीछे चल रहे हैं. यह राज्य के राजनीतिक इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा उलटफेर माना जा रहा है जहां एक साथ इतने मंत्रियों को जनता के आक्रोश का सामना करना पड़ा है. ममता के सिपहसालारों की हार का गणितसबसे चौंकाने वाला परिणाम दमदम और बिधाननगर जैसे शहरी क्षेत्रों से आया है. शिक्षा मंत्री ब्रत्य बसु और दमकल मंत्री सुजीत बसु जैसे कद्दावर नेता अपने गढ़ बचाने में नाकाम रहे हैं. उत्तर बंगाल से लेकर दक्षिण बंगाल तक टीएमसी के मंत्रियों की हार की लहर एक समान दिखी है. उदयन गुह (दिनहाटा) और शशि पांजा जैसे चेहरों का पिछड़ना यह दर्शाता है कि सत्ता विरोधी लहर ने पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को सीधे चोट पहुंचाई है.हालांकि, इस चुनावी आपदा के बीच फिरहाद हकीम (कोलकाता पोर्ट) और शोभनदेव चटर्जी (बालीगंज) जैसे कुछ ही नाम रहे जो अपनी साख बचाने में सफल होते दिख रहे हैं. पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की मतगणना के रुझानों के अनुसार, ममता बनर्जी सरकार के कई दिग्गज मंत्री अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों में पीछे चल रहे हैं। यहाँ पिछड़ने वाले प्रमुख मंत्रियों और अपनी सीट बचाने वाले नेताओं की सूची दी गई है: पिछड़ने वाले मंत्रियों की लिस्‍टब्रत्य बसु: शिक्षा मंत्री, हारेमानस भूंइया: सिंचाई मंत्री, सबंग केंद्र से पीछे हैं.शशिकान्त महाता: उपभोक्ता संरक्षण मंत्री, सालबनी केंद्र से पीछे चल रहे हैं.स्नेहाशीष चक्रवर्ती: परिवहन मंत्री, हुगली के जांगीपाड़ा केंद्र से पीछे हैं.पुलक राय: जनस्वास्थ्य तकनीकी मंत्री, उलुबेरिया दक्षिण केंद्र से पीछे हैं.प्रदीप मजूमदार: पंचायत मंत्री, दुर्गापुर पूर्व केंद्र से पीछे चल रहे हैं.बीरबाहा हांसदा: वन मंत्री, बिनपुर केंद्र से पीछे हैं.इंद्रनील सेन: तकनीकी शिक्षा मंत्री, चंदननगर केंद्र से पीछे चल रहे हैं.सबिना यास्मिन: सिंचाई राज्य मंत्री, मोथाबाड़ी केंद्र से पीछे हैं.सुजीत बसु: दमकल मंत्री, बिधाननगर केंद्र से पीछे हैं.चंद्रीमा भट्टाचार्य: स्वास्थ्य एवं वित्त राज्य मंत्री, दमदम उत्तर केंद्र से पीछे हैं.उदयन गुह: उत्तर बंगाल विकास मंत्री, दिनहाटा केंद्र से पीछे चल रहे हैं.सिद्दीकुल्लाह चौधरी: पुस्तकालय मंत्री, मंतेश्वर केंद्र से पीछे चल रहे हैं.सत्यजीत बर्मन: निवर्तमान स्कूल शिक्षा राज्य मंत्री, हेमदाबाद केंद्र से पीछे हैं.शशि पांजा- हारेचंद्रिमा भट्टाचार्य- हारेबंकिम हाजरा- हारेअरूप बिस्वास- हारेउदयन गुहा- हारे जीत की राह पर अग्रसर मंत्रीफिरहाद हकीम: कोलकाता पोर्ट से टीएमसी प्रत्याशी, भारी मतों से जीत की ओर बढ़ रहे हैं.शोभनदेव चटर्जी: बालीगंज से टीएमसी प्रत्याशी, भारी अंतर से जीत की ओर अग्रसर हैं. क्यों हारे टीएमसी के दिग्गज?1. सत्ता विरोधी लहर : मंत्रियों के खिलाफ उनके निर्वाचन क्षेत्रों में भ्रष्टाचार और स्थानीय मुद्दों को लेकर गहरा असंतोष था, जिसका लाभ विपक्ष को मिला。 2. विभागों का खराब प्रदर्शन: शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण विभागों के मंत्रियों का पिछड़ना यह बताता है कि जनता ने नीतियों और उनके क्रियान्वयन पर नाराजगी जताई है. 3. संगठनात्मक दरार: मंत्रियों के अपनी सीटों पर पिछड़ने का मतलब है कि बूथ स्तर पर टीएमसी का मैनेजमेंट इस बार विफल रहा. सवाल-जवाब दोपहर 3 बजे तक की गणना के अनुसार टीएमसी के कितने मंत्री पीछे चल रहे थे? चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार ममता बनर्जी कैबिनेट के कुल 23 निवर्तमान मंत्री अपनी सीटों पर पीछे चल रहे थे। शिक्षा मंत्री और स्वास्थ्य मंत्री की क्या स्थिति रही? शिक्षा मंत्री ब्रत्य बसु दमदम से और स्वास्थ्य एवं वित्त राज्य मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य दमदम उत्तर सीट से पीछे चल रही थीं। क्या टीएमसी का कोई मंत्री जीत की राह पर भी है? हां, कोलकाता पोर्ट से फिरहाद हकीम और बालीगंज से शोभनदेव चटर्जी जैसे मंत्री भारी मतों से जीत की ओर अग्रसर हैं। उत्तर बंगाल में टीएमसी के किस प्रमुख मंत्री को हार का सामना करना पड़ रहा है? उत्तर बंगाल विकास मंत्री उदयन गुह दिनहाटा केंद्र से पीछे चल रहे हैं। Source link

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Last Updated:May 04, 2026, 19:29 IST Vaibhav Suryavanshi Childhood Photos: 6 साल की उम्र में पहनी पहली जर्सी और आज आईपीएल के मैदान पर छक्कों की बरसात. तस्वीरों में देखिए टीम इंडिया के उभरते सितारे वैभव सूर्यवंशी का बचपन और उनके संघर्ष की वो कहानी, जो आज करोड़ों युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी है. वर्ष 2017 की एक यादगार तस्वीर आज भी लोगों को भावुक कर देती है. उस समय वैभव सूर्यवंशी महज 6 साल के थे और अपने पिता संजीव सूर्यवंशी के साथ क्रिकेट मैच देखने गए थे. मैदान में खिलाड़ियों को जर्सी पहने देखकर उनके मन में भी वैसी ही इच्छा जगी. उन्होंने जिद की कि उन्हें भी जर्सी पहननी है. उनकी इस मासूम जिद को देखकर वहां मौजूद लोगों ने उन्हें क्रिकेट जर्सी पहनाई. उसी पल को कैमरे में कैद कर लिया गया. यह तस्वीर आज उनके शुरुआती क्रिकेट प्रेम और सपनों की पहली झलक मानी जाती है. वैभव के पिता संजीव सूर्यवंशी स्वयं भी खिलाड़ी रहे हैं, जिससे घर का माहौल पहले से ही खेल के प्रति प्रेरित करने वाला था. वैभव अक्सर अपने पिता के साथ मैच देखने जाया करते थे और वहीं से उनके अंदर क्रिकेट के प्रति रुचि विकसित हुई. उस समय वे खुद मैदान में खेलने नहीं उतरे थे, बल्कि खेल को करीब से समझ रहे थे. उनके अंदर धीरे-धीरे क्रिकेटर बनने का सपना आकार लेने लगा. पिता का मार्गदर्शन और सहयोग उनके जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा. इस खास पल को पटोरी के वरिष्ठ पत्रकार सह क्रिकेटर फुटबॉलर चंदन सांडिल्य ने अपने कैमरे में कैद किया था. यह तस्वीर दरभंगा के नागेंद्र झा स्टेडियम में आयोजित 2017 की एक क्रिकेट प्रतियोगिता के दौरान ली गई थी. उस समय यह एक सामान्य घटना थी, लेकिन आज वही तस्वीर एक बड़े सफर की शुरुआत का प्रतीक बन गई है. चंदन सांडिल्य ने बताया कि उस वक्त किसी को अंदाजा नहीं था कि यह बच्चा आगे चलकर क्रिकेट की दुनिया में इतना बड़ा नाम करेगा. Add News18 as Preferred Source on Google आज वैभव सूर्यवंशी आईपीएल जैसे बड़े मंच पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं और कम उम्र में ही अपनी अलग पहचान बना चुके हैं. उनकी बल्लेबाजी शैली, खासकर छक्के लगाने की क्षमता, उन्हें भीड़ से अलग करती है. उन्होंने अपनी पहली ही आईपीएल पारी में छक्का लगाकर सबका ध्यान अपनी ओर खींचा था. आज वह लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुके हैं. बचपन में पिता के साथ मैच देखने वाला यह बच्चा आज खुद क्रिकेट मैदान का चमकता सितारा बन गया है, जिसकी कहानी हर किसी को सपने देखने और उन्हें पूरा करने का हौसला देती है. समस्तीपुर जिले के ताजपुर प्रखंड क्षेत्र के रहने वाले वैभव सूर्यवंशी आज कम उम्र में ही क्रिकेट की दुनिया में अपनी अलग पहचान बना चुके हैं.।लेकिन उनकी सफलता की कहानी जितनी बड़ी है, उतनी ही दिलचस्प उनकी बचपन की यादें भी हैं. जब उनकी पुरानी तस्वीरों पर नजर डालते हैं, तो एक मासूम बच्चा नजर आता है, जिसकी आंखों में सपने और क्रिकेट के प्रति गहरी लगन साफ झलकती है. यही जुनून धीरे-धीरे उनके जीवन का लक्ष्य बन गया. बचपन से ही उन्हें खेल के प्रति विशेष रुचि थी, जो आगे चलकर उनके करियर की नींव बनी. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। Source link

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