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West Bengal Election Result | Vidhan Sabha Chunav Parinaam 2026 Assembly Election...

होमताजा खबरदेश LIVE:असम, तमिलनाडु, केरल, पुडुचेरी और पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव का परिणाम आज Last Updated:May 04, 2026, 05:34 IST Election Results 2026 LIVE: आज का दिन निर्णायक दिन है. आज विधानसभा चुनाव के नतीजों का दिन है. आज यानी 4 मई को पश्चिम बंगाल, असम, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरु में विधानसभा चुनावों के नतीजे एक साथ घोषित हो रहे हैं….और पढ़ें तमिलनाडु, पुडुचेरी, केरल, असम और पश्चिम बंगाल चुनाव रिजल्ट की ताजा अपडेट यहां देखिये. Assembly Election Result Live | Vidhan Sabha Chunav Parinaam 2026 LIVE : देश को जिसका इंतजार था, वो घड़ी आ गई. पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में किसकी सरकार बनेगी, आज यानी 4 मई को उसका फैसला होना है. पश्चिम बंगाल, असम, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में हुए विधानसभा चुनाव के नतीजे आज आ रहे हैं. पश्चिम बंगाल से लेकर केरल तक आज यानी सुबह 8 बजे से मतगणना शुरू हो जाएगी. काउंटिंग जैसे ही शुरू होगी, शुरुआती रुझान सामने आने लगेंगे. ये रुझान ही नतीजों की धुंधली तस्वीर पेश कर देंगे. पश्चिम बंगाल हो या केरल… हर जगह फाइट बहुत टाइट है. इसकी झलक एग्जिट पोल के नतीजों ने दिखा दी है. पश्चिम बंगाल में टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी, असम में बीजेपी के हिमंत बिस्वा सरमा, तमिलनाडु में एमके स्टालिन, केरल में लेफ्ट के पिनराई विजयन और पुडुचेरी में एन रंगास्वामी का सियासी भविष्य दांव पर है. फिलहाल, मतगणना की तैयारी पूरी हो चुकी है और चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम है. पश्चिम बंगाल से केरल तक टाइट फाइटबहरहाल, आज यानी 4 मई 2026 को नतीजे तो पांच राज्यों के आ रहे हैं. इनमें हैं पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, असम, केरल और पुडुचेरी. मगर सबसे अधिक नजर देश और दुनिया की बंगाल पर है. बंगाल में एग्जिट पोल भाजपा के पक्ष में रहे हैं. अब ऐसे में दिखने वाली बात है कि ये एग्जिट पोल रिजल्ट की भविष्यवाणी सही साबित होती है या नहीं. फिलहाल, पश्चिम बंगाल में इस बार कुछ भी हो सकता है. एग्जिट पोल ने भाजपा की सरकार की भविष्यवाणी की है. इसका मतलब है कि एग्जिट पोल सही साबित होते हैं तो ममता बनर्जी को झटका लग सकता है. केरल में पिछले दस साल से एलडीएफ की सरकार है. एग्जिट पोल की मानें तो कांग्रेस नीत यूडीएफ इस बार सत्ता में आ सकता है. वहीं असम की बात करें तो यहां फिर से भाजपा का ही भगवा झंडा लहरा सकता है. यहां भी मुख्य मुकाबला बीजेपी और कांग्रेस के बीच है. किस राज्य में कितनी सीटों पर नतीजे आ रहे हैं. पश्चिम बंगाल: 293 सीटें (कुल सीट 294, मगर एक सीट पर नतीजे अभी नहीं आएंगे.)तमिलनाडु: 234 सीटेंअसम: 126 सीटेंकेरल: 140 सीटेंपुडुचेरी: 30 सीटें Source link

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‘ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट’ पर झुके, तो हिंद महासागर दुश्मनों को सौंप देंगे,...

मान लीजिए आपके घर का पिछला दरवाजा खुला हो और मोहल्ले के सबसे बड़े गुंडे की नजर उसी दरवाजे पर गड़ी हो, तो आप क्या करेंगे? जाहिर सी बात है, सबसे पहले वहां एक मजबूत ताला जड़ेंगे. बस, ठीक यही कहानी है भारत के 72 हजार करोड़ वाले ‘ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट’ की. इन दिनों इस प्रोजेक्ट पर तगड़ा गदर कटा हुआ है. एक तरफ कुछ लोग हैं जो कह रहे हैं कि भइया, पर्यावरण बचाइए. वहीं दूसरी तरफ रणनीतिकार छाती पीट-पीट कर कह रहे हैं कि अगर कुछ ‘पीआर कैंपेन’ के चक्कर में आकर हमने ये प्रोजेक्ट रोक दिया, तो समझ लीजिए अपना हिंद महासागर हमने चीन के हाथों में थाली में सजाकर सौंप दिया. क्‍योंक‍ि भारत के ल‍िए यह गेम चेंज‍िंग प्रोजेक्‍ट है. ’ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट’ आखिर है क्या और इस पर इतना हंगामा क्यों है? भारत सरकार अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के सबसे आखिरी छोर यानी ‘ग्रेट निकोबार’ में 72,000 करोड़ रुपये की लागत से एक मेगा प्रोजेक्ट बना रही है. इसमें एक बड़ा इंटरनेशनल पोर्ट , एक इंटरनेशनल एयरपोर्ट, एक पावर प्लांट और एक नया शहर बसाने की योजना है. लेकिन, हाल के दिनों में इस प्रोजेक्ट के खिलाफ सोशल मीडिया पर एक कैंपेन सा चल पड़ा है. लेकिन एक्‍सपर्ट कह रहे क‍ि यह जानबूझकर चलाया जा रहा है ताक‍ि प्रोजेक्‍ट को रोका जा सके. इस तरह के कैंपेन देश के रणनीतिक विकास में रोड़ा अटका रहे हैं. पूर्वी मोर्चे को खाली छोड़ने का अंजाम खतरनाक क्‍यों? एक्‍सपर्ट कह रहे क‍ि अगर हम अपने पूर्वी मोर्चे को डिमिलिटराइज्ड यानी बिना सेना के और यूं ही छोड़ देते हैं… तो नतीजा भयानक होगा. दरअसल, अंडमान और निकोबार भारत का ‘पूर्वी मोर्चा’ है. अगर हम वहां अपनी नेवी को मजबूत नहीं करते हैं, वहां पोर्ट और रनवे नहीं बनाते हैं, तो वह इलाका बिल्कुल सूना रहेगा. समुद्र में जो इलाका सूना होता है, वहां धीरे-धीरे दुश्मन ताकतें अपनी पैठ बना लेती हैं. अगर भारत घरेलू विरोधों के डर से वहां विकास नहीं करेगा, तो भविष्य में जंग जैसी स्थिति में या शांति के समय में भी हम हिंद महासागर में अपनी ही चौखट पर कमजोर पड़ जाएंगे. मलक्का स्‍ट्रेट दुनिया की सबसे अहम समुद्री ‘चेकपोस्ट’ क्‍यों? ग्रेट निकोबार आईलैंड के ठीक बगल में ‘मलक्का स्‍ट्रेट’ है. यह इंडोनेशिया और मलेशिया के बीच एक बहुत ही संकरा समुद्री रास्ता है. आपको जानकर हैरानी होगी कि दुनिया भर का लगभग 40% व्यापार और चीन का 80% से ज्यादा तेल इसी पतले से रास्ते से होकर गुजरता है. ग्रेट निकोबार इस रास्ते के मुहाने पर एक ‘टोल प्लाजा’ या ‘चेकपोस्ट’ की तरह बैठा है. अगर भारत यहां अपना मजबूत नेवल बेस और समुद्री हब बना लेता है, तो वह चीन समेत किसी भी देश के जहाजों की आवाजाही पर सीधे नजर रख सकता है. युद्ध की स्थिति में भारत इस रास्ते को ब्लॉक करके दुश्मन की अर्थव्यवस्था और सेना की कमर तोड़ सकता है. एक ‘गेम चेंजिंग’ प्रोजेक्ट क्यों है यह भारत का मास्टरस्ट्रोक? एक्‍सपर्ट इसे भारत का सबसे बड़ा समुद्री मास्टरस्ट्रोक कह रहे हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि यह सिर्फ एक मिलिट्री बेस नहीं है, बल्कि एक स्ट्रैटेजिक मैरीटाइम हब है. जब यहां एक बड़ा इंटरनेशनल पोर्ट बनेगा, तो दुनिया भर के जो व्यापारिक जहाज मलक्का से गुजरेंगे, वे तेल भरवाने, मरम्मत के लिए या सामान उतारने के लिए भारत के इस पोर्ट पर रुकेंगे. इससे न सिर्फ भारत को अरबों डॉलर की कमाई होगी, बल्कि उस इलाके में भारत का दबदबा भी बढ़ेगा. जहाज सिंगापुर या कोलंबो जाने के बजाय ग्रेट निकोबार में रुकेंगे. आर्थिक तरक्की के साथ-साथ यह इंडियन नेवी के लिए एक ऐसा स्थायी ठिकाना बन जाएगा, जहां से पूरे साउथ ईस्‍ट एश‍िया पर नजर रखी जा सकेगी. यहां भारत की मौजूदगी चीन के गले की फांस क्‍यों? चीन पिछले कई सालों से स्ट्रिंग ऑफ पर्ल्स नाम की रणनीति के तहत भारत को समुद्र में घेरने की कोशिश कर रहा है. वह श्रीलंका (हंबनटोटा), पाकिस्तान (ग्वादर) और म्यांमार में अपने बंदरगाह बना चुका है. चीन की नेवी लगातार हिंद महासागर में अपनी पनडुब्बियों और युद्धपोतों की गश्त बढ़ा रही है. ऐसे में अगर भारत अपने ही निकोबार द्वीप को विकसित नहीं करेगा, तो चीन हिंद महासागर का अघोषित बॉस बन जाएगा. ग्रेट निकोबार में भारत की मौजूदगी चीन के गले की वह फांस है, जो उसे हिंद महासागर में अपनी मनमानी करने से रोकती है. Source link

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तमिलनाडु में काउंटिंग से पहले रिजॉर्ट पॉलिटिक्स, टूट-फूट से बचाने का मास्टरस्ट्रोक,...

होमताजा खबरदेश तमिलनाडु में काउंटिंग से पहले रिजॉर्ट पॉलिटिक्स, टूट-फूट से बचाने का बना प्लान Last Updated:May 04, 2026, 01:50 IST एग्जिट पोल के नतीजों के बाद विजय ने अपनी पार्टी के अंदर अलर्ट जारी किया है. विजय ने सभी विजयी कैंडिडेट्स को तुरंत पार्टी हेडक्वार्टर पनैयूर पहुंचने का ऑर्डर दिया है. एक अहम मीटिंग में विजय ने मजाकिया अंदाज में कहा कि जीत के बाद कहीं मत जाना. विजय का यह बयान तमिलनाडु की नाजुक पॉलिटिकल स्थिति की गंभीरता को साफ दिखाता है. इस भारी तैयारी के साथ टीवीके ने अपनी लीगल टीम को भी पूरी तरह एक्टिव कर दिया है. ख़बरें फटाफट एग्जिट पोल में तमिलनाडु में डीएमके और एआईडीएमके में कांटे की टक्कर बताई जा रही है. (फाइल फोटो) चेन्नई. तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में संभावित त्रिशंकु जनादेश की आशंका को देखते हुए अभिनेता-राजनेता सी. जोसेफ विजय ने अपनी पार्टी की स्थिति मजबूत करने के लिए पहले ही कदम उठा लिए हैं. तमिलगा वेट्ट्रि कझगम (टीवीके) ने 4 मई को आने वाले परिणामों से पहले संभावित ‘रिजॉर्ट राजनीति’ की तैयारी शुरू कर दी है. एग्जिट पोल के नतीजे परस्पर विरोधी संकेत दे रहे हैं- कुछ डीएमके नेतृत्व वाले गठबंधन के पक्ष में हैं, तो कुछ एआईएडीएमके गठबंधन की बढ़त दिखा रहे हैं, जबकि कुछ टीवीके के मजबूत पदार्पण का अनुमान लगा रहे हैं. ऐसे में विजय ने अपनी पार्टी के विजयी उम्मीदवारों को परिणाम के बाद किसी तरह के ‘टूट-फूट’ से बचाने के लिए कदम उठाए हैं. पार्टी सूत्रों के अनुसार, महाबलीपुरम के पास पूंजेरी में एक निजी रिसॉर्ट में निर्वाचित विधायकों को ठहराने की व्यवस्था की गई है. यह रिसॉर्ट 100 से अधिक लोगों को ठहरा सकता है और इसे परिणाम घोषित होते ही टीवीके के विजयी उम्मीदवारों को रखने के लिए तैयार किया जा रहा है. अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक, विजय ने पार्टी पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि सभी तैयारियां पूरी कर ली जाएं, जिससे संभावित कड़े चुनावी मुकाबले के बाद स्थिति को संभाला जा सके. पिछले सप्ताह एग्जिट पोल जारी होने के एक दिन बाद ही विजय ने निर्देश दिया था कि सभी विजयी उम्मीदवार तुरंत पनैयूर स्थित पार्टी मुख्यालय पहुंचें. बाद की एक बैठक में उन्होंने मजाकिया अंदाज में उम्मीदवारों से कहा कि जीत के बाद “कहीं मत जाना”, जो स्थिति की गंभीरता को दर्शाता है. लॉजिस्टिक तैयारियों के साथ-साथ विजय ने पार्टी की कानूनी टीम को भी सक्रिय कर दिया है, ताकि मतगणना के दौरान किसी भी स्थिति से निपटा जा सके. उन्होंने पार्टी के महासचिव (चुनाव अभियान प्रबंधन) आधव अर्जुना को निर्देश दिया है कि वे भारत निर्वाचन आयोग से मतगणना केंद्रों पर अतिरिक्त सुरक्षा की मांग करें ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे. इस बीच, सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कषगम (डीएमके) ने खुद को सबसे बड़ी पार्टी के रूप में सत्ता में वापसी को लेकर भरोसा जताया है. पार्टी नेतृत्व ने अपने कार्यकर्ताओं को सतर्क रहने और मतगणना प्रक्रिया पर नजर बनाए रखने के निर्देश दिए हैं. राजनीतिक स्थिति बेहद नाजुक और अनिश्चित बनी हुई है. ऐसे में तमिलनाडु में चुनाव परिणामों के बाद तीव्र राजनीतिक हलचल देखने को मिल सकती है, जहां सत्ता की लड़ाई में “रिसॉर्ट राजनीति” एक बार फिर अहम रणनीति बनकर उभर सकती है. About the Author Rakesh Ranjan Kumar राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Chennai,Tamil Nadu Source link

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काउंटिंग हुई नहीं, नतीजे आए नहीं… फिर पिनाराई विजयन ने अपने बायो...

होमताजा खबरदेश ना काउंटिंग, ना नतीजे… फिर पिनाराई विजयन ने अपने बायो से क्यों हटाया CM? Last Updated:May 04, 2026, 02:14 IST केरल में कुल 2,71,42,952 मतदाता हैं, जिनमें से 79.63 प्रतिशत ने नौ अप्रैल को 140 विधानसभा क्षेत्रों में हुए चुनाव में अपने मत डाले. राज्य की 140 सीट के लिए कुल 883 उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ा. मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय ने बताया कि मतगणना की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. 4 मई की सुबह आठ बजे से मतगणना शुरू होने की उम्मीद है और 43 स्थानों पर 140 मतगणना केंद्र बनाए गए हैं. ख़बरें फटाफट केरल के सीएम पिनाराई विजयन ने अपने बायो से ‘सीएम’ शब्द हटा दिया है. (फाइल फोटो) तिरुवनंतपुरम. केरल में विधानसभा चुनावों की मतगणना से ठीक पहले सियासी माहौल और भी दिलचस्प हो गया है. मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने अपने सोशल मीडिया प्रोफाइल में बड़ा बदलाव करते हुए अपनी बायो अपडेट कर दी है, जिसे राजनीतिक हलकों में बड़े संकेत के तौर पर देखा जा रहा है. जानकारी के मुताबिक, वोटों की गिनती से पहले प्रोफाइल में किया गया यह बदलाव महज एक औपचारिक अपडेट नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे चुनावी नतीजों को लेकर आत्मविश्वास या रणनीतिक संदेश के रूप में देखा जा रहा है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ऐसे समय पर सोशल मीडिया बायो बदलना जनता और समर्थकों के लिए एक प्रतीकात्मक संदेश भी हो सकता है. केरल की राजनीति में इस समय हर छोटी-बड़ी गतिविधि पर नजर रखी जा रही है, क्योंकि चुनाव परिणाम राज्य की सत्ता की दिशा तय करेंगे. ऐसे में मुख्यमंत्री का यह कदम चर्चा का केंद्र बन गया है और विपक्षी दल भी इस पर नजर बनाए हुए हैं. सूत्रों के अनुसार, यह बदलाव चुनावी नतीजों से पहले माहौल को साधने की कोशिश हो सकता है, जिससे समर्थकों में उत्साह और विपक्ष में दबाव का माहौल बने. हालांकि, आधिकारिक तौर पर इस बदलाव को लेकर कोई विस्तृत बयान सामने नहीं आया है. अब सभी की निगाहें मतगणना पर टिकी हैं, जहां यह साफ होगा कि मुख्यमंत्री का यह संकेत सही साबित होता है या नहीं. विजयन के निर्वाचन क्षेत्र धर्मदम में मिले विस्फोटक सामानइस बीच, मतगणना से एक दिन पहले मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के निर्वाचन क्षेत्र धर्मदम में तलाशी के दौरान पुलिस ने विस्फोटक सामग्री जब्त की. केरल की 140 विधानसभा सीट के लिए चुनाव नौ अप्रैल को हुआ था और मतगणना चार मई को होगी. अधिकारियों ने बताया कि देसी बम जैसे अवैध पटाखों के निर्माण के बारे में मिली सूचना के आधार पर, एडक्कड पुलिस की एक टीम ने मेप्पॉयिल क्षेत्र के थान्नाडा में एक घर की तलाशी ली और पांच देसी बम तथा तीन किलोग्राम से अधिक विस्फोटक पाउडर बरामद किया. पुलिस ने इस जब्ती के संबंध में नानू नामक निवासी के खिलाफ मामला दर्ज किया है. अधिकारियों के अनुसार, इस खुफिया जानकारी के आधार पर तलाशी ली गई कि परिसर में पटाखे बनाने की आड़ में विस्फोटक सामग्री का निर्माण किया जा रहा है. About the Author Rakesh Ranjan Kumar राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Thiruvananthapuram,Kerala Source link

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फ्रांस, अमेरिका, जापान को भूल जाओ… भारत के वैज्ञानिकों ने बनाया जादुई...

दुनिया के विकसित देश आज जिस तकनीक को अपनाने से कतरा रहे हैं, सुरक्षा कारणों से अपने हाथ पीछे खींच रहे हैं, उसी जटिल परमाणु तकनीक में भारत ने तिरंगा फहरा दिया है. तमिलनाडु के कलपक्कम स्थित प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर (PFBR) ने ‘क्रिटिकलिटी’ (Criticality) हासिल कर ली है. परमाणु विज्ञान की भाषा में क्रिटिकलिटी का मतलब वह बिंदु है, जहां रिएक्टर के भीतर न्यूक्लियर चेन रिएक्शन आत्मनिर्भर हो जाती है और ऊर्जा का निरंतर उत्पादन शुरू हो जाता है. यह कोई साधारण उपलब्धि नहीं है. यह भारत की लंबी परमाणु यात्रा का सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव है. हमें अगले सात सौ सालों तक ऊर्जा के मामले में ‘बेफिक्र’ कर सकता है. आमतौर पर हम जानते हैं कि किसी भी ईंधन को जलाने पर वह खत्म हो जाता है. लेकिन फास्ट ब्रीडर रिएक्टर विज्ञान के उस करिश्मे पर आधारित है, जो आम सोच के विपरीत है. जैसा कि कलपक्कम स्थित इंदिरा गांधी परमाणु अनुसंधान केंद्र (IGCAR) के निदेशक श्रीकुमार पिल्लई ने समझाया, ‘ब्रीडर रिएक्टर का मतलब है कि अगर आप रिएक्टर में X मात्रा में ईंधन डालते हैं, तो इस्तेमाल के बाद निकले ईंधन में ईंधन की मात्रा ‘X’ से ज्यादा होगी. जितनी ईंधन की खपत, उतने ईंधन बनेंगे PFBR का ‘ब्रीडिंग रेशियो’ लगभग 1.05 है. इसका मतलब है कि यह रिएक्टर जितना ईंधन खपत करेगा, उससे कहीं ज्यादा नया ईंधन पैदा करेगा. यह तकनीक यूरेनियम-238 जैसे उपजाऊ पदार्थों का उपयोग करती है, जो न्यूट्रॉन सोखकर नए प्लूटोनियम में बदल जाते हैं. PFBR का ‘ब्रीडिंग रेशियो’ लगभग 1.05 है. इसका मतलब है कि यह रिएक्टर जितना ईंधन खपत करेगा, उससे कहीं ज्यादा नया ईंधन पैदा करेगा. यह तकनीक यूरेनियम-238 जैसे उपजाऊ पदार्थों का उपयोग करती है, जो न्यूट्रॉन सोखकर नए प्लूटोनियम में बदल जाते हैं. होमी जहांगीर भाभा का वो सपना, जो अब सच हुआ भारत की यह परमाणु गाथा डॉ. होमी जहांगीर भाभा के ‘तीन चरणों वाले परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम’ पर आधारित है. पहला चरण: प्राकृतिक यूरेनियम का उपयोग कर बिजली बनाना और उप-उत्पाद (By-product) के रूप में प्लूटोनियम-239 तैयार करना. दूसरा चरण: इसी प्लूटोनियम को ईंधन के रूप में इस्तेमाल कर फास्ट ब्रीडर रिएक्टर चलाना. कलपक्कम का PFBR इसी दूसरे चरण की शुरुआत है. तीसरा चरण: थोरियम का उपयोग. थोरियम खुद सीधे ईंधन नहीं है, लेकिन फास्ट रिएक्टरों के भीतर इसे यूरेनियम-233 में बदला जा सकता है, जो आने वाली सदियों के लिए भारत का मुख्य ईंधन होगा. भारत ने 1960 के दशक के मध्य में ही प्लूटोनियम रिप्रोसेसिंग तकनीक पर काम शुरू कर दिया था और आज भारत उन गिने-चुने देशों में शामिल है जिसने ‘क्लोज्ड फ्यूल साइकिल’ में महारत हासिल की है. थोरियम का ‘ब्रह्मास्त्र’ भारत के पास दुनिया के कुल थोरियम भंडार का लगभग 25 प्रतिशत हिस्सा मौजूद है. यूरेनियम के मामले में भारत उतना संपन्न नहीं है. इसलिए थोरियम हमारे लिए ‘ऊर्जा का खजाना’ है. एक बार जब थोरियम आधारित सिस्टम पूरी तरह से तैनात हो जाएंगे, तो निदेशक श्रीकुमार पिल्लई के अनुसार, ‘भारत के लिए कम से कम 500 से 700 वर्षों की ऊर्जा सुरक्षा की गारंटी दी जा सकती है.’ दुनिया क्यों डरी, भारत क्यों अडिग रहा? जापान, फ्रांस और अमेरिका जैसे देशों ने भी फास्ट ब्रीडर रिएक्टरों पर काम किया था, लेकिन वे सफल नहीं हो सके. जापान: 1995 में जापान के ‘मोंजू’ (Monju) रिएक्टर में सोडियम लीक के कारण आग लग गई थी, जिससे जनता का भरोसा टूट गया और अंततः प्रोजेक्ट बंद करना पड़ा. फ्रांस: फ्रांस के ‘सुपरफिनिक्स’ (Superphénix) को तकनीकी समस्याओं और उच्च लागत के कारण बंद कर दिया गया. अमेरिका: अमेरिका के पास यूरेनियम की पर्याप्त आपूर्ति थी, इसलिए उन्होंने रिप्रोसेसिंग और ब्रीडर तकनीक में अपनी रुचि खो दी. भारत पीछे नहीं हट सकता था क्योंकि हमारी ऊर्जा जरूरतें आयातित तेल और गैस पर निर्भर हैं. भारत को अपनी बढ़ती अर्थव्यवस्था के लिए एक स्थिर ‘बेस लोड पावर’ की आवश्यकता थी, जिस पर वैश्विक भू-राजनीति का असर न पड़े. लिक्विड सोडियम: सबसे बड़ी चुनौती और भारत का अनुभव फास्ट ब्रीडर रिएक्टरों में लिक्विड सोडियम का उपयोग कूलेंट (शीतलक) के रूप में किया जाता है. सोडियम पानी और हवा के संपर्क में आने पर बहुत हिंसक प्रतिक्रिया करता है, जिससे आग लग सकती है. भारत का आत्मविश्वास इस मामले में बहुत मजबूत है क्योंकि हमारे पास 1985 से फास्ट ब्रीडर टेस्ट रिएक्टर (FBTR) चलाने का लगभग चार दशकों का अनुभव है. हमने सोडियम लीकेज को पकड़ने वाले सेंसर, विशेष अग्निशमन तकनीक और सोडियम की आग बुझाने के लिए खास केमिकल पाउडर तक विकसित किए हैं. ब्रीडर तकनीक का सबसे कठिन हिस्सा ‘स्टीम जनरेटर’ बनाना है जहां सोडियम और पानी के बीच पूर्ण अलगाव बनाए रखना होता है. कलपक्कम का रिएक्टर इसी दीर्घकालिक अनुभव का परिणाम है. लागत और भविष्य का रोडमैप PFBR की निर्माण लागत काफी अधिक है. लगभग 30 करोड़ रुपये प्रति मेगावाट. हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि जैसे-जैसे अनुभव बढ़ेगा और डिजाइन स्थिर होंगे, निर्माण का समय और लागत दोनों में भारी गिरावट आएगी. कलपक्कम में अब फास्ट ब्रीडर रिएक्टर 1 और 2 के डिजाइन पर काम शुरू हो चुका है. वहां एक ‘फास्ट रिएक्टर फ्यूल साइकिल फैसिलिटी’ भी बनाई जा रही है, जो परमाणु ईंधन को वहीं रिप्रोसेस और फिर से तैयार करेगी, जिससे पूरा चक्र एक ही जगह पर पूरा होगा. 2047 से पहले ऊर्जा के सेक्टर में आत्मनिर्भरता भारत का लक्ष्य 2047 तक 100 गीगावाट परमाणु क्षमता हासिल करना और 2070 तक ‘नेट जीरो’ उत्सर्जन के लक्ष्य को प्राप्त करना है. कलपक्कम आज एक ऐसी जगह बन गया है जहां भारत के परमाणु कार्यक्रम के तीनों चरण एक साथ दिखाई देते हैं- प्रेशराइज्ड हेवी वाटर रिएक्टर से लेकर फास्ट ब्रीडर और थोरियम की राह तक. कलपक्कम का अर्थ भले ही ‘पथरीली जगह’ हो, और यह सफर भी पथरीला रहा है, लेकिन PFBR की क्रिटिकलिटी ने भारत की ऊर्जा की भूख का स्थायी समाधान ढूंढ लिया है. 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सावधान वृश्चिक राशि! आज करियर-निवेश में बन रहे हैं खतरे के योग,...

Last Updated:May 04, 2026, 00:03 IST Aaj ka Vrishchik Rashifal 04 may 2026: वृश्चिक राशि के जातकों के लिए 4 मई का दिन काफी चुनौतीपूर्ण रहने वाला है. जहां आज लिया गया सही निर्णय भविष्य की दिशा बदल सकता है. ज्योतिषीय सलाह के अनुसार, आज करियर और निवेश के मामलों में किसी भी प्रकार की जल्दबाजी से बचना चाहिए और अपने रिश्तों में पूरी ईमानदारी रखनी चाहिए. आज के लिए शुभ अंक 1 और शुभ रंग हल्का सुनहरा है; संयम और विवेक का परिचय देकर आप सफलता प्राप्त कर सकते हैं. सीतामढ़ी: वृश्चिक राशि के जातकों के लिए 4 मई 2026 का दिन किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं है. ज्योतिषाचार्य रूपेश चौबे के अनुसार, आज का दिन आपके जीवन में एक महत्वपूर्ण मोड़ लेकर आने वाला है. सुबह की पहली किरण के साथ ही आपके सामने दो स्पष्ट मार्ग उभर सकते हैं एक वह जो दिखने में बहुत सरल और सुगम है. दूसरा वह जो थोड़ा कठिन है लेकिन नैतिक और व्यावहारिक रूप से बिल्कुल सही है. आज आपका असली व्यक्तित्व इसी चुनाव से परिभाषित होगा. याद रखें, आज का मूल मंत्र है आसान नहीं, बल्कि सही रास्ता चुनें. यह चुनाव न केवल आपकी मानसिक दृढ़ता की परीक्षा लेगा. बल्कि आने वाले कई महीनों के लिए आपकी प्रगति का मार्ग भी प्रशस्त करेगा. कार्यक्षेत्र में दूरदर्शिता और आर्थिक सावधानीकरियर के मोर्चे पर आज आपकी निर्णय लेने की क्षमता का कड़ा परीक्षण होगा. काम की व्यस्तता के बीच आज लिया गया कोई भी छोटा या बड़ा निर्णय आपके पेशेवर भविष्य पर गहरा असर डालने वाला है. कार्यक्षेत्र में जल्दबाजी में किसी भी दस्तावेज पर हस्ताक्षर न करें और न ही किसी के बहकावे में आएं. आर्थिक मामलों को लेकर ज्योतिषाचार्य रूपेश चौबे विशेष रूप से सतर्क रहने की सलाह देते हैं. आज आपको निवेश के ऐसे अवसर दिख सकते हैं जिनमें छोटा फायदा तुरंत नजर आए, लेकिन उनके पीछे बड़े जोखिम छिपे हो सकते हैं. लालच से बचकर रहना ही आज आपकी सबसे बड़ी वित्तीय सुरक्षा है. रिश्तों में ईमानदारी और सच्चाई की अहमियतसामाजिक और व्यक्तिगत संबंधों की बात करें तो आज का दिन दिखावे को त्यागने का है. अक्सर हम रिश्तों को बनाए रखने के लिए कृत्रिम व्यवहार का सहारा लेते हैं, लेकिन आज वृश्चिक राशि वालों के लिए नाटक या दिखावा भारी नुकसान का कारण बन सकता है. चाहे वह जीवनसाथी हो, मित्र हों या सहकर्मी, उनके साथ पूरी सच्चाई और पारदर्शिता से पेश आएं. आपकी ईमानदारी आज कड़वी लग सकती है, लेकिन वह रिश्तों की नींव को भविष्य के लिए मजबूत कर देगी. मन को शांत रखें और संवाद में स्पष्टता बनाए रखें. ताकि किसी भी प्रकार की गलतफहमी की गुंजाइश न रहे. सफलता के विशेष संकेत और अचूक उपायआज आपके लिए शुभ अंक 1 है और भाग्यशाली रंग हल्का सुनहरा रहेगा, जो आपके आत्मविश्वास में वृद्धि करेगा. निर्णय लेने की शक्ति को बढ़ाने के लिए एक विशेष उपाय अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगा. आज अपने दाएं हाथ पर थोड़ा सा गंगाजल या शुद्ध पानी छिड़कें और कम से कम 10 सेकंड के लिए आंखें बंद कर बिल्कुल शांत रहें. यह छोटी सी क्रिया आपके भीतर की अंतरात्मा की आवाज को स्पष्ट करेगी. अंततः यदि आपने आज सही मार्ग चुनने का साहस दिखाया, तो आने वाला समय आपके लिए अत्यंत सुगम और सफल होने वाला है. संयम और विवेक ही आज आपकी सबसे बड़ी शक्ति हैं. About the Author Amit ranjan मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Sitamarhi,Bihar Source link

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हैदराबाद स्काईलाइन बना टूरिस्ट डेस्टिनेशन, 360 डिग्री व्यू जीत रहा दिल, मन...

Last Updated:May 03, 2026, 22:59 IST Hyderabad Tourist Spot: सुषांग सिटी स्काईलाइन हैदराबाद में तेजी से पॉपुलर पिकनिक स्पॉट बन रहा है. यह जगह पहाड़ी पर स्थित है जहां से शहर का शानदार नजारा दिखता है. यहां से आईटी हब और गगनचुंबी इमारतों का सुंदर दृश्य मिलता है. सूर्यास्त के समय यह जगह और भी आकर्षक हो जाती है. युवाओं के लिए यह हैंगआउट और फोटोग्राफी का पसंदीदा स्थान है. आसान पहुंच और शांत माहौल इसे और खास बनाते हैं. ख़बरें फटाफट हैदराबाद. निजामों का शहर हैदराबाद सिर्फ अपनी बिरयानी और चारमीनार के लिए ही नहीं, बल्कि अपनी आधुनिक गगनचुंबी इमारतों और शानदार स्काईलाइन के लिए भी दुनिया भर में मशहूर है. हाल के दिनों में शहर के बीचों-बीच स्थित सुषांग सिटी स्काईलाइन पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए एक पसंदीदा पिकनिक स्पॉट बनकर उभरा है. अगर आप भी शहर की भागदौड़ से दूर कुछ सुकून के पल बिताना चाहते हैं और ऊंचाई से हैदराबाद का दीदार करना चाहते हैं तो यह जगह आपके लिए बेस्ट है. स्काईलाइन का अर्थ होता है वह दृश्य जहां जमीन और आसमान एक साथ मिलते हुए प्रतीत होते हैं. सुषांग सिटी स्काईलाइन एक पहाड़ी पर स्थित है, जहां से हाइटेक सिटी और जुबली हिल्स का 360-डिग्री व्यू मिलता है. पहाड़ी की ऊपरी सतह से जब आप पश्चिमी छोर की ओर देखते हैं तो गाचीबोवली की विशाल इमारतें नजर आती हैं. सूर्यास्त के समय जब सूरज की सुनहरी किरणें इन कांच की इमारतों पर पड़ती हैं तो पूरा शहर किसी फिल्मी पर्दे की तरह चमकने लगता है. पार्टी और फोटोग्राफी के लिए है परफेक्ट जगह बिहार से हैदराबाद पढ़ाई करने आए छात्र सैफ खान जैसे कई युवा अब अपनी छुट्टियों का आनंद लेने यहीं पहुंचते हैं. उनके अनुसार, दोस्तों के साथ पार्टी करने, पिकनिक मनाने और फोटोग्राफी के लिए इससे बेहतर जगह शायद ही कोई हो. यहां से न केवल आधुनिक आईटी हब दिखता है, बल्कि शहर का प्राकृतिक विस्तार भी साफ नजर आता है. ठंडी हवाएं और ऊंचाई का रोमांच इसे एक परफेक्ट हैंगआउट स्पॉट बनाता है. कब और कैसे पहुंचें यदि आप इस नजारे का लुत्फ उठाना चाहते हैं तो यात्रा से जुड़ी ये जानकारियां आपके काम आएंगी. यह स्थान जुबली हिल्स से मात्र 1 किलोमीटर और शैखपेट फ्लाईओवर के नीचे से लगभग 500 मीटर की दूरी पर स्थित है. यहां पहुंचने के लिए आप बस, ऑटो या निजी वाहन का उपयोग आसानी से कर सकते हैं. सड़क मार्ग से कनेक्टिविटी काफी अच्छी है. पर्यटकों के लिए यह सुबह 6:00 बजे से रात 9:00 बजे तक खुला रहता है. अगर आप फोटोग्राफी के शौकीन हैं तो गोल्डन ऑवर, यानी सूर्यास्त से ठीक पहले का समय सबसे बेहतरीन है. रात के समय शहर की रोशनी इसे किसी लाइट शो जैसा बना देती है. About the Author deep ranjan दीप रंजन सिंह 2016 से मीडिया में जुड़े हुए हैं. हिंदुस्तान, दैनिक भास्कर, ईटीवी भारत और डेलीहंट में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. 2022 से News18 हिंदी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. एजुकेशन, कृषि, राजनीति, खेल, लाइफस्ट…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Hyderabad,Telangana Source link

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Cyclonic Circulation Warning | Imd Cyclonic Circulation News | IMD Weather Forecast...

IMD Weather Alert: अब चिलचिलाती धूप और लू के थपेड़ों से झुलस रहे उत्तर भारत से लेकर दक्षिण भारत के राज्यों को राहत मिलने की संभावना है. आईएमडी के पूर्वानूमान के अनुसार, देश के अलग-अलग हिस्सों में 7 साइक्लोनिक सर्कुलेशन और पाकिस्तान से लगे सीमा के पास एक पश्चिमी विक्षोभ एक्टिव है. वर्तमान मौसमी प्रणाली की वजह से देश के कई हिस्सों में भारी बारिश और आंधी तूफान का पूर्वानुमान जताया गया है. मौसम विभाग (आईएमडी) के ताजा बुलेटिन के अनुसार, कल यानी 4 मई को देश का मौसम पूरी तरह से बदलने वाला है. कहीं भारी बारिश होगी, तो कहीं आसमान से ओले गिरेंगे. कुछ राज्यों में तो 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं जान-माल के लिए खतरा बन सकती हैं. मौसम विभाग ने ‘ऑरेंज’ और ‘येलो’ अलर्ट जारी करने पर मजबूर कर दिया है. आइए जानते हैं राज्यवार मौसम का पूरा हाल. मौसम विभाग ने देश के कई हिस्सों में भारी बारिश की संभावना जताई है. पूर्वोत्तर भारत के राज्यों जैसे अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में कल बादल जमकर बरसेंगे. इसके अलावा नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी भारी बारिश का अलर्ट है. पूर्वी भारत की बात करें तो बिहार, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में मानसून जैसी बारिश के आसार हैं. दक्षिण भारत के केरल और माहे के साथ-साथ तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में भी भारी वर्षा की चेतावनी दी गई है. वहीं, उत्तर भारत के पहाड़ी राज्य उत्तराखंड में भी मूसलाधार बारिश हो सकती है. कल के मौसम का अलर्ट दिल्ली में धूल भरी आंधी और बारिश का अलर्ट दिल्ली और नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम में कल धूल भरी आंधी के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है. यहां 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. तापमान में 2 से 3 डिग्री की गिरावट दर्ज की जाएगी, जिससे लोगों को लू से राहत मिलेगी. हालांकि, अचानक आने वाले तूफान से बिजली आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका है. उत्तर प्रदेश में बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी यूपी में मौसम का मिजाज सबसे ज्यादा बिगड़ा हुआ दिखेगा. मेरठ, आगरा, वाराणसी, प्रयागराज, कानपुर और लखनऊ समेत दर्जनों जिलों में तूफानी बारिश का अलर्ट है. कई जगहों पर बिजली गिरने और ओले पड़ने (Hailstorm) की संभावना जताई गई है. लखनऊ में अधिकतम तापमान 34 डिग्री और न्यूनतम 23 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की उम्मीद है. बिहार और झारखंड में तबाही! बिहार के लिए आईएमडी ने गंभीर चेतावनी जारी की है. बिहार के कई जिलों के लिए बारिश का अलर्ट जारी किया है. मौसम ने बताया कि न केवल भारी बारिश होगी, बल्कि 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से ‘थंडरस्क्वाल’ (Thundersquall) यानी विनाशकारी हवाएं चल सकती हैं. झारखंड में भी इसी तरह का मौसम बना रहेगा, जहां ओलावृष्टि के साथ आकाशीय बिजली गिरने का खतरा है. पिछले कई दिनों से भीषण गर्मी से झुलस रहे लोगों को राहत मिलने की संभावना है. 60 किमी की रफ्तार से चलेगा तूफान मध्य प्रदेश के रायसेन, विदिशा, भोपाल और ग्वालियर संभाग में मौसम विभाग ने ओलावृष्टि का अलर्ट दिया है. रायसेन और सांची के आसपास 60 किमी प्रति घंटे की तूफानी हवाएं चल सकती हैं. राज्य के पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश की संभावना है. मौसम विभाग ने बताया कि बारिश की वजह से तापमान में 7 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज हो सकती है. उत्तराखंड में ‘ऑरेंज अलर्ट’ उत्तराखंड के लिए मौसम विभाग ने बेहद सख्त निर्देश जारी किए हैं. देहरादून, टिहरी, हरिद्वार, नैनीताल और चंपावत जैसे जिलों में ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया गया है. यहां मूसलाधार बारिश के साथ आकाशीय बिजली और ओलावृष्टि की संभावना है. पर्यटकों और ट्रेकर्स को ऊंची पहाड़ियों पर न जाने की सलाह दी गई है. हिमाचल और जम्मू-कश्मीर में भी बर्फबारी और बारिश का दौर जारी रहेगा. पंजाब और हरियाणा आईएमडी ने पंजाब और हरियाणा के लिए भी अलर्ट जारी किया है. यहां गरज-चमक के साथ ओलावृष्टि और तेज हवाओं का अलर्ट है. चंडीगढ़ समेत दोनों राज्यों के अधिकांश हिस्सों में तापमान में गिरावट आएगी. साथ ही बारिश और तेज पहाड़ी हवाओं की वजह से तापमान में भारी गिरावट देखने को मिल सकता है. पूर्वोत्तर भारत और बंगाल में मौसम की स्थिति असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड और मणिपुर में अगले 48 घंटों के दौरान भारी से अति भारी बारिश होने की संभावना है. वहीं, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी बादलों का डेरा रहेगा और तूफानी हवाओं के साथ बारिश होगी. दक्षिण भारत में भारी बारिश और उमस तमिलनाडु और केरल में मानसून पूर्व की गतिविधियों के कारण भारी बारिश का अलर्ट है. नीलगिरी और कोयंबटूर जैसे इलाकों में मूसलाधार बारिश हो सकती है. हालांकि, तटीय आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में बारिश के साथ-साथ उमस भरी गर्मी लोगों को परेशान करती रहेगी. 60 किमी की रफ्तार से चलेंगी तूफानी हवाएं मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि कल कई राज्यों में ‘थंडरस्क्वाल’ की स्थिति बनेगी, जिसमें हवा की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. इस श्रेणी में बिहार, छत्तीसगढ़, तटीय आंध्र प्रदेश और पूर्वी राजस्थान को रखा गया है. इसके अलावा गांगेय पश्चिम बंगाल, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, झारखंड, मध्य प्रदेश, ओडिशा, पंजाब और विदर्भ में भी ये विनाशकारी हवाएं चल सकती हैं. ऐसी हवाओं में पेड़ उखड़ने और बिजली के खंभे गिरने का खतरा बना रहता है. राजस्थान में धूल भरी आंधी और बिजली का अलर्ट राजस्थान के लिए मौसम विभाग ने दोहरी चेतावनी जारी की है. पूर्वी राजस्थान में जहां तूफानी हवाएं चलेंगी, वहीं पश्चिमी राजस्थान में धूल भरी आंधी आने की पूरी संभावना है. मौसम विभाग ने 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाओं के साथ बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है. कल कैसा रहेगा मौसम अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, बिहार, केरल और माहे, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल और सिक्किम में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश होने की संभावना है. बिहार, छत्तीसगढ़, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, झारखंड, मध्य प्रदेश, ओडिशा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और विदर्भ में अलग-अलग जगहों पर गरज के साथ बारिश और ओले गिरने की संभावना है. बिहार, छत्तीसगढ़, तटीय आंध्र

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डोडा में भीड़ से सभी हैरान, जम्मू-कश्मीर की जनता अब बदलाव को...

होमताजा खबरदेश जम्मू-कश्मीर की जनता अब बदलाव को तैयार, मेहराज मलिक की रैली ने मचाया कोहराम Last Updated:May 03, 2026, 20:32 IST आम आदमी पार्टी ने जम्मू-कश्मीर में जनसमर्थन का बहुत स्पष्ट संकेत बताया है. पार्टी नेताओं का कहना है कि लोग मौजूदा पॉलिटिक्स से बहुत ज्यादा नाराज हैं. जनता अब अपने लिए नए विकल्प की तलाश कर रही है. ‘आप’ जेके में लोगों के लिए एक बड़ा ऑप्शन बनकर उभर रही है. इस भारी रैली को सिर्फ एक साधारण सभा बिलकुल नहीं माना जा सकता है. ख़बरें फटाफट ‘आप’ विधायक मेहराज मलिक के साथ पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल. (फाइल फोटो) श्रीनगर. जम्मू-कश्मीर की राजनीति में हलचल तेज होती दिख रही है. आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक मेहराज मलिक ने साढ़े आठ महीने बाद डोडा में जनता को संबोधित किया, जहां भारी भीड़ उमड़ पड़ी. पार्टी ने इसे सिर्फ एक सभा नहीं, बल्कि “जनता की बाढ़ और बदलाव की शुरुआत” करार दिया. इस मौके पर दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंज केजरीवाल ने भी जोरदार प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि मेहराज मलिक की रिहाई के बाद हर जगह उनका भव्य स्वागत हो रहा है, जो यह संकेत देता है कि जनता बदलाव के लिए तैयार है. केजरीवाल ने आरोप लगाया कि ‘आप’ नेताओं की गिरफ्तारी का राजनीतिक फायदा उठाने की कोशिश करने वाली बीजेपी को इसका भारी नुकसान उठाना पड़ेगा. देखिए किस तरह से आम आदमी पार्टी के रिहा हुए विधायक महराज मलिक का हर जगह जबरदस्त स्वागत हो रहा है। आम आदमी पार्टी के नेताओं को गिरफ्तार करना बीजेपी को बहुत महंगा पड़ने वाला है। https://t.co/QxOhe0sc8a Source link

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हिंद महासागर में भारत की ताकत से थर्राया ड्रैगन, ‘मलक्का डिलेमा’ से...

होमताजा खबरदेश हिंद महासागर में भारत की ताकत से थर्राया ड्रैगन, ‘मलक्का डिलेमा’ से बौखला रहा Last Updated:May 03, 2026, 19:31 IST एक्सपर्ट्स का मानना है कि भारत की रणनीति से पूर्वी हिंद महासागर में ताकत बढ़ेगी. भारत की मिलिट्री लॉजिस्टिक्स भी इस प्रोजेक्ट से मजबूत होगी. चीन के बढ़ते प्रभाव का मुकाबला करने के लिए यह रणनीति है. इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में भारत की मौजूदगी से दुश्मनों में दहशत मचेगी. चीन की समुद्री रणनीति को यह महाप्रोजेक्ट बहुत ज्यादा मुश्किल बना देगा. ख़बरें फटाफट अंडमान में कमर्शियल और मिलिट्री हब बनाने की तैयारी में भारत जुटा है. नई दिल्ली. भारत का महत्वाकांक्षी ‘ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट’ एक बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर प्लान है, जिसका मकसद देश के सबसे दक्षिणी द्वीप को एक रणनीतिक कमर्शियल और मिलिट्री हब में बदलना है. इसे इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में बड़ा बदलाव लाने वाला कदम माना जा रहा है, खासकर चीन के लिए इसके बड़े असर हो सकते हैं. भू-राजनीति में कभी-कभी ऐसे मौके आते हैं, जब कोई एक प्रोजेक्ट पूरे इलाके की रणनीति बदल देता है. ‘द संडे गार्जियन’ में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक, ‘ग्रेट निकोबार आइलैंड डेवलपमेंट प्रोजेक्ट’ भी ऐसा ही एक मौका है. करीब दस बिलियन डॉलर का यह बड़ा प्रोजेक्ट भारत के इस द्वीप को एक बड़े व्यापारिक और सैन्य केंद्र में बदलने की योजना है. इससे इंडो-पैसिफिक में ताकत का संतुलन भी बदल सकता है. यह द्वीप मलक्का स्‍ट्रेट के पास स्थित है, जो दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री रास्तों में से एक है. इस वजह से भारत को यहां से समुद्री व्यापार पर नजर रखने और जरूरत पड़ने पर असर डालने का बड़ा फायदा मिल सकता है. चीन का काफी तेल और व्यापार इसी रास्ते से गुजरता है, इसलिए यह उसकी रणनीति में एक कमजोर कड़ी मानी जाती है, जिसे ‘मलक्का डिलेमा’ कहा जाता है. विशेषज्ञों का मानना है कि ग्रेट निकोबार का विकास भारत को पूर्वी हिंद महासागर में समुद्री ताकत बढ़ाने में मदद करेगा, उसकी सैन्य लॉजिस्टिक्स मजबूत करेगा और सिंगापुर और कोलंबो जैसे विदेशी बंदरगाहों पर निर्भरता कम करेगा. यह प्रोजेक्ट इंडो-पैसिफिक में भारत की मौजूदगी बढ़ाने और चीन के बढ़ते प्रभाव का मुकाबला करने की बड़ी रणनीति का हिस्सा है. रणनीतिक फायदे के अलावा, यह प्रोजेक्ट आर्थिक रूप से भी काफी फायदेमंद हो सकता है. इससे यह द्वीप एक बड़ा लॉजिस्टिक्स और ट्रेड हब बन सकता है, जहां से वैश्विक शिपिंग ट्रैफिक आकर्षित होगा, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और क्षेत्र में कनेक्टिविटी बेहतर होगी. यह भारत के लंबे समय के समुद्री विजन को भी सपोर्ट करेगा. इस प्रोजेक्ट को जरूरी मंजूरियां मिल चुकी हैं, जिनमें नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की मंजूरी भी शामिल है. ट्रिब्यूनल ने इसकी रणनीतिक अहमियत को मानते हुए कुछ सख्त पर्यावरणीय शर्तों के साथ इसे मंजूरी दी है. रिपोर्ट में यह भी जिक्र है कि यह प्रोजेक्ट चीन की समुद्री रणनीति को मुश्किल बना सकता है. इससे इंडो-पैसिफिक के अहम समुद्री मार्गों पर भारत की पकड़ मजबूत होगी. भौगोलिक नजरिए से देखें तो अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, जो करीब 700 किलोमीटर तक फैला है, मलक्का स्‍ट्रेट के प्रवेश द्वार पर एक तरह से प्राकृतिक एयरक्राफ्ट कैरियर जैसा है, जो भारत को उसकी भौगोलिक स्थिति के कारण मिला है. इस श्रृंखला का सबसे दक्षिणी द्वीप ग्रेट निकोबार है, जो सिंगापुर, पोर्ट क्लांग और कोलंबो से लगभग बराबर दूरी पर स्थित है. यह द्वीप सिर्फ मलक्का स्‍ट्रेट के पास ही नहीं है, बल्कि उसके उत्तरी हिस्से पर एक तरह से नियंत्रण रखता है. About the Author Rakesh Ranjan Kumar राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : New Delhi,Delhi Source link

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