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गाड़ियों में लग जाती ब्रेक… बीकानेर की मिठास में नया ट्विस्ट! आमरस...

Last Updated:May 11, 2026, 11:49 IST Bikaner Sweet News: बीकानेर की पारंपरिक मिठाइयों में अब नया स्वाद जुड़ गया है. यहां आमरस से तैयार की जा रही खास कतली लोगों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रही है. गर्मियों के मौसम में मैंगो फ्लेवर वाली इस मिठाई की मांग राजस्थान ही नहीं बल्कि देशभर में बढ़ रही है. मिठाई कारोबारियों के अनुसार आमरस कतली का स्वाद पारंपरिक कतली से अलग और बेहद खास है, जिसके कारण लोग इसे खूब पसंद कर रहे हैं. यह मिठाई बीकानेर की फूड संस्कृति को नया स्वाद और नई पहचान दे रही है. ख़बरें फटाफट बीकानेर. मिठाइयों के लिए मशहूर बीकानेर में हलवाई लगातार नए प्रयोग कर रहे हैं. काजू कतली, बादाम कतली और मिल्क स्वीट्स के बीच अब बाजार में एक नई वैरायटी लोगों को खूब पसंद आ रही है. आमरस से बनी आम कतली. गर्मियों के सीजन में तैयार होने वाली यह मिठाई स्वाद के साथ-साथ अपनी खास बनावट और लंबे समय तक खराब नहीं होने की वजह से चर्चा में है. गर्मियों के मौसम में तैयार होने वाली यह स्पेशल मिठाई स्वाद, क्वालिटी और लंबे समय तक खराब नहीं होने की वजह से लोगों की पहली पसंद बनती जा रही है. डिमांड बीकानेर के साथ-साथ दूसरे शहरों में भी तेजी सेआमतौर पर लोग काजू कतली, बादाम कतली या मिल्क बेस्ड स्वीट्स खाते हैं, लेकिन बीकानेर के हलवाइयों ने आम के रस से ऐसी कतली तैयार की है जो स्वाद में अलग होने के साथ काफी हल्की और स्पंजी भी होती है. खास बात यह है कि इसमें दूध और मावे का उपयोग नहीं किया जाता, जिससे यह लंबे समय तक सुरक्षित रहती है. यही वजह है कि इसकी डिमांड बीकानेर के साथ-साथ दूसरे शहरों में भी तेजी से बढ़ रही है. आम की तीन अलग-अलग लेयर बनाई जातीमिष्ठान व्यवसायी रूपेश अग्रवाल ने बताया कि यह आमरस की कतली पूरी तरह घर में तैयार की जाती है. करीब 10 किलो आमरस से इसकी एक खेप तैयार होती है. इसमें आम की तीन अलग-अलग लेयर बनाई जाती हैं, जिससे इसका स्वाद और लुक दोनों आकर्षक बनते हैं. उन्होंने बताया कि इस मिठाई को बनाने का आइडिया ग्राहकों की मांग के बाद आया था और अब यह उनकी दुकान की खास पहचान बन चुकी है. मुंबई जैसे शहरों में भी सप्लाई किया जाताउन्होंने बताया कि आमरस और चीनी को कढ़ाई में धीमी आंच पर कई घंटों तक पकाया जाता है. करीब 5 से 6 घंटे की मेहनत के बाद यह कतली तैयार होती है. इसमें किसी तरह के प्रिजर्वेटिव का उपयोग नहीं किया जाता, फिर भी यह दो महीने तक खराब नहीं होती. यही इसकी सबसे बड़ी खासियत मानी जा रही है. रूपेश अग्रवाल ने बताया कि यह कतली सिर्फ गर्मियों के लगभग तीन महीने ही बाजार में उपलब्ध रहती है. इस दौरान इसकी भारी मांग रहती है और बड़ी मात्रा में इसे कोलकाता और मुंबई जैसे शहरों में भी सप्लाई किया जाता है. बीकानेर आने वाले पर्यटक भी इस नई वैरायटी को खास तौर पर खरीदकर ले जा रहे हैं. नई वैरायटी अब लोगों के दिलों में खास जगह बना रहीकीमत की बात करें तो जहां काजू और बादाम की कतली 700 से 800 रुपए किलो तक बिकती है, वहीं आमरस की यह स्पेशल कतली 480 रुपए किलो में मिल रही है. स्वाद और कीमत के संतुलन के कारण यह आम लोगों की पहुंच में भी है. मिष्ठान कारोबारियों का कहना है कि आमरस से बनी यह कतली सिर्फ स्वाद ही नहीं देती, बल्कि गर्मियों में शरीर को ऊर्जा भी प्रदान करती है. बीकानेर की पारंपरिक मिठाइयों के बीच यह नई वैरायटी अब लोगों के दिलों में खास जगह बना रही है. About the Author Jagriti Dubey Hi, I am Jagriti Dubey, a media professional with 6 years of experience in social media and content creation. I started my career with an internship at Gbn 24 news channel in 2019 and have worked with many repu…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Bikaner,Rajasthan Source link

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प्रोजेक्ट स्नेह ने बदली शिवम की जिंदगी, आंखे नहीं फिर भी चला...

Last Updated:May 11, 2026, 10:48 IST Moradabad news: प्रोजेक्ट स्नेह उन जिंदगियों के लिए वरदान बन गया है. जिनकी दुनिया में सवेरा होना बंद हो गया था. यहां नेत्रहीन भाई-बहनों को सिर्फ अक्षर नहीं सिखाए जाते. उन्हें अपने पैरों पर खड़ा होना सिखाया जाता है. इसी प्रोजेक्ट से जुड़ा एक चेहरा है जिसकी कहानी रुला भी देती है और हौसला भी देती है. मुरादाबादः मुरादाबाद की गलियों में एक ऐसी रोशनी फैल रही है जिसे आंखों से नहीं, दिल से महसूस किया जाता है. प्रोजेक्ट स्नेह उन जिंदगियों के लिए वरदान बन गया है. जिनकी दुनिया में सवेरा होना बंद हो गया था. यहां नेत्रहीन भाई-बहनों को सिर्फ अक्षर नहीं सिखाए जाते. उन्हें अपने पैरों पर खड़ा होना सिखाया जाता है. इसी प्रोजेक्ट से जुड़ा एक चेहरा है जिसकी कहानी रुला भी देती है और हौसला भी देती है. एक ऐसा युवा शुरुआत में तो उसकी दुनिया में रोशनी थी लेकिन बाद मे उसके जीवन मे अंधेरा हो चुका था. आंखों की रोशनी छिनते ही उसके सारे सपने, सारी उम्मीदें बिखर गई थीं. वह पूरी तरह टूट चुका था. खुद को बोझ समझने लगा था. अपनों की आंखों में अपने लिए तरस देखकर उसका दिल बैठ जाता था. ब्रेल लिपि सीख कंप्यूटर पर चला रहा उंगलियां फिर जिंदगी में आईं शिखा गुप्ता उन्होंने सिर्फ हाथ नहीं थामा हौसला थमाया था. प्यार से समझाया कि अंधेरा आंखों में है हौसलों में नहीं है. धीरे-धीरे उसने ब्रेल लिपि सीखी, फिर कंप्यूटर की दुनिया में कदम रखा. आज उसकी उंगलियां की-बोर्ड पर ऐसे दौड़ती हैं कि देखने वाला दंग रह जाए. उसकी टाइपिंग की स्पीड सुनकर कोई मान ही नहीं सकता कि वह इस दुनिया को देख नहीं सकता. आज वह युवा आत्मनिर्भर है अपने दम पर कमाता है. और दिव्यांग होने के बाद भी अपने परिवार का सहारा बन गया है और अच्छे से पालन पोषण कर रहा है. 2015 में गई आंखों की रोशनी शिवम ने बताया कि मुझे ग्लूकोमा की बीमारी थी. 2015 में मुझे ब्लाइंडनेस आ गई थी. उसके बाद लगातार 4 साल तक मैं घर रहा था. इन चार साल के बीच में मेरी पढ़ाई पूरी तरह से छूट गई थी. उसके बाद मैं प्रोजेक्ट स्नेह से 2020 में जुड़ा था. उसमें मुझे वोकेशनल और ब्रेल मोबिलिटी आदि सिखाई गई थीं. फिर मेरे मन मैं एक उमंग जाग गई थी. क्योंकि मुझे पहले से ही पढ़ने की लगन थी. हाईस्कूल में 80% अंक के साथ पास आउट किया था. उसके बाद मेने इंटरमीडिएट किया था. जब मैं फर्स्ट ईयर में था. तब कंप्यूटर कोर्स और एंड्रॉयड चीजों को चलाने का कोर्स करने के लिए मैं देहरादून चला गया था. वहां मेने स्मार्टफोन और कंप्यूटर एक्सेस करना सीखा था फिर इंटर किया. उसके बाद ग्रैजुएशन चल रहा है. इसके साथ-साथ में आत्मनिर्भर भी बन गया हूं. और मुझे समाजसेवी शिखा गुप्ता द्वारा आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया गया है और तरह-तरह के काम सिखाए गए हैं. आज प्रोजेक्ट स्नेह में ही में कार्यरत हूं और यहीं पर अच्छे पैसे भी कमा रहा हूं और अपने परिवार का पालन पोषण भी अच्छे से कर रहा हूं. आंख नहीं  फिर भी कर रहे नौकरी प्रोजेक्ट स्नेह की फाउंडर शिखा गुप्ता ने बताया कि हमारे पास एक स्नेह वीर है. जिनका नाम शुभम है और वह संभल जिले के रहने वाले हैं. उसका इलाज चलता था. उसकी आंखों में समस्या थी. धीरे-धीरे वह पूरी तरह से दृष्टिबाधित हो गया था. इसके साथ ही वह अपने घर का अकेला लड़का है. दो बहनें है, उनका परिवार बहुत दुखी रहता था. उसे समझ नहीं आता था कि वह किस तरह से आगे बढ़ सकता है. साथ ही कैसे उनका जीवन चलेगा. फिर हमने काउंसलिंग कर उन्हें मोटिवेट किया कि अभी जीवन समाप्त नहीं हुआ है. जीवन बहुत लंबा है और इसी जीवन में बहुत कुछ कर सकते हैं. फिर हमने उसे अपने साथ जोड़कर उसे पढ़ाया लिखाया कंप्यूटर का प्रशिक्षण दिलाया और इतना आत्मनिर्भर बनाया कि वह कहीं भी आसानी से नौकरी कर अपने परिवार का पालन पोषण कर सकता है. फिर हमने उसे अपने सीएल गुप्ता नेत्र संस्थान में टीचर के तौर पर हायर कर लिया है. आज वह अच्छे पैसे कमा रहा है. उसका परिवार काफी खुश है और अपने परिवार का अच्छे से पालन पोषण कर रहा हैऔर आज अपने पैरों पर खड़ा हो गया है. About the Author Rajneesh Kumar Yadav मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Moradabad,Uttar Pradesh Source link

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Somnath Amrut Mahotsav Live | PM Modi Somnath Visit Live: आज इतिहास...

होमताजा खबरदेश LIVE: सोमनाथ में आज ऐतिहासिक दिन, PM मोदी के सामने शुरू होगा अमृत महोत्सव Last Updated:May 11, 2026, 09:47 IST Somnath Amrut Mahotsav Live: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज सोमनाथ अमृत महोत्सव में शामिल होंगे. पुनर्निर्मित सोमनाथ मंदिर के 75 वर्ष पूरे होने पर 11 पवित्र तीर्थस्थलों के जल से विशेष कुंभाभिषेकम किया जाएगा. पीएम…और पढ़ें पीएम मोदी आज सोमनाथ अमृत महोत्सव में शामिल होंगे. PM Modi Somnath Visit Live: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज गुजरात के सोमनाथ मंदिर में आयोजित ‘सोमनाथ अमृत महोत्सव’ में हिस्सा लेने पहुंचे हैं. पुनर्निर्मित सोमनाथ मंदिर के 75 वर्ष पूरे होने के अवसर पर यह आयोजन बेहद खास माना जा रहा है. मंदिर में 11 पवित्र तीर्थस्थलों के जल से विशेष कुंभाभिषेकम किया जाएगा. इसके लिए पांच फुट ऊंचे विशेष पात्र को क्रेन की मदद से मंदिर के शिखर तक पहुंचाया जाएगा. पीएम मोदी सुबह करीब 10:15 बजे मंदिर प्रांगण में विशेष महापूजा, ध्वजारोहण और धार्मिक अनुष्ठानों में शामिल होंगे. गुजरात सरकार और मंदिर ट्रस्ट की ओर से भव्य तैयारियां की गई हैं. उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने सुरक्षा और आयोजन व्यवस्थाओं की समीक्षा भी की. प्रधानमंत्री के आगमन पर जामनगर और सोमनाथ में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है. सोमनाथ मंदिर सिर्फ एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि भारतीय आस्था, संघर्ष और पुनर्निर्माण का प्रतीक माना जाता है. इतिहास में कई बार हमलों का सामना करने के बावजूद यह मंदिर हर बार फिर खड़ा हुआ. इसी ऐतिहासिक विरासत को याद करते हुए पीएम मोदी आज स्मारक डाक टिकट और विशेष सिक्का भी जारी करेंगे. कार्यक्रम में सूर्यकिरण एयर शो भी आकर्षण का केंद्र रहेगा. सोमनाथ अमृत महोत्सव के जरिए मंदिर की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है. देशभर से श्रद्धालु और संत समाज इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बनने के लिए सोमनाथ पहुंचे हैं. Somnath Amrut Mahotsav Live Updates: PM Modi Somnath Visit Live: जामनगर से सोमनाथ के लिए रवाना हुए PM मोदी, आज कई धार्मिक कार्यक्रमों में होंगे शामिल सोमनाथ अमृत महोत्सव लाइव: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जामनगर से सोमनाथ के लिए रवाना हो गए हैं, जहां वह ‘सोमनाथ अमृत महोत्सव’ के तहत आयोजित भव्य धार्मिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे. प्रधानमंत्री सुबह 09:50 बजे सोमनाथ हेलिपैड पहुंचेंगे. इसके बाद 09:50 AM से 10:15 AM तक हेलिपैड से सोमनाथ मंदिर के हमीरजी सर्कल तक भव्य रोड शो निकाला जाएगा. सुबह 10:15 बजे प्रधानमंत्री होमात्मक अतिरुद्र यज्ञ की पूर्णाहुति में शामिल होंगे. इसके बाद 10:15 AM से 11:45 AM तक विशेष पूजा, वैदिक मंत्रोच्चार, कुंभाभिषेक और अन्य धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेंगे. कार्यक्रम के बाद पीएम मोदी विशाल जनसभा को भी संबोधित करेंगे. दोपहर करीब 01:30 बजे वह सोमनाथ सर्किट हाउस पहुंचकर भोजन करेंगे और फिर 03:25 PM पर सोमनाथ हेलिपैड से रवाना होंगे. Somnath Amrut Mahotsav Live: सोमनाथ मंदिर के ऊपर होगा सूर्य किरण टीम का शानदार एयर शो पीएम मोदी सोमनाथ दर्शन लाइव: भारतीय वायुसेना की मशहूर ‘सूर्य किरण एरोबैटिक टीम’ (SKAT) आज सोमनाथ मंदिर के ऊपर रोमांचक एयर शो का प्रदर्शन करेगी. अधिकारियों के मुताबिक यह विशेष कार्यक्रम ‘सोमनाथ अमृत महोत्सव-2026’ का हिस्सा है, जो मंदिर के पुनर्निर्माण के 75 साल पूरे होने के अवसर पर आयोजित किया जा रहा है. इस भव्य समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल होंगे. एयरफोर्स की सूर्य किरण टीम अपने शानदार हवाई करतबों और रंगीन फॉर्मेशन के लिए जानी जाती है, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु और दर्शक पहुंच रहे हैं. PM Modi Somnath Visit Live: गुजरात दौरे पर PM मोदी, वडोदरा में भी कई कार्यक्रम सोमनाथ अमृत महोत्सव लाइव: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने दो दिवसीय गुजरात दौरे के तहत सोमवार को सोमनाथ मंदिर पहुंचेंगे, जहां वे पूजा-अर्चना करेंगे. इसके अलावा वह गिर सोमनाथ और वडोदरा में कई प्रशासनिक, धार्मिक और सामुदायिक कार्यक्रमों में भी हिस्सा लेंगे. पीएम मोदी रविवार रात जामनगर पहुंचे थे, जहां उनके स्वागत के लिए विशेष तैयारियां की गईं. जामनगर, सोमनाथ और वडोदरा में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं. वडोदरा में प्रधानमंत्री सरदार धाम परिसर के उद्घाटन कार्यक्रम में भी शामिल होंगे. Somnath Amrut Mahotsav Live: सोमनाथ अमृत महोत्सव में शामिल होंगे PM मोदी पीएम मोदी सोमनाथ दर्शन लाइव: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज गुजरात के गिर सोमनाथ स्थित प्रसिद्ध सोमनाथ मंदिर में आयोजित सोमनाथ अमृत महोत्सव में हिस्सा लेंगे. मंदिर के पुनर्निर्माण के 75 साल पूरे होने के मौके पर यह विशेष आयोजन किया जा रहा है. कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी विशेष पूजा-अर्चना और कई धार्मिक अनुष्ठानों में शामिल होंगे. महोत्सव से जुड़े कई दृश्य और तस्वीरें भी सामने आई हैं, जिनमें मंदिर को भव्य तरीके से सजाया गया है. इस आयोजन को लेकर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है. PM Modi Somnath Visit Live: राजनाथ सिंह बोले- सोमनाथ स्वाभिमान पर्व सनातन चेतना का प्रतीक सोमनाथ अमृत महोत्सव लाइव: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण के 75 वर्ष पूरे होने पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पूरा देश सोमनाथ स्वाभिमान पर्व मना रहा है, जो भारत की सनातन ऊर्जा और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक है. राजनाथ सिंह ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि सोमनाथ मंदिर केवल आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि भारत की आध्यात्मिक चेतना का मजबूत प्रतीक भी है. उन्होंने कहा कि यह महोत्सव आने वाली पीढ़ियों को भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक विरासत से जोड़ने का अवसर बनेगा. Source link

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अभिषेक सिंघवी का खेल, फिर थलापति विजय को CM बनाने में तारणहार...

होमताजा खबरदेश अभिषेक सिंघवी का खेल, फिर विजय को CM बनाने में तारणहार बनी 5 MLAs वाली पार्टी Last Updated:May 11, 2026, 08:40 IST Thalapathy Vijay Abhishek Singhvi: तमिलनाडु में आखिरकार TVK की सरकार बन गई. थलापति विजय ने प्रदेश के मुख्‍यमंत्री के तौर पर शपथ ले ली है. विजय को प्रदेश के टॉप पोस्‍ट तक पहुंचाने में पर्दे के पीछे एक ऐसे शख्‍स का प्रयास शामिल है, जो विपक्षी दलों के लिए सबसे बड़े संकटमोचक बने हुए हैं. इनके प्रयासों से ही अरविंद केजरीवाल जेल से बाहर आ सके थे. अभिषेक मनु सिंघवी के प्रयासों से TVK चीफ थलापति विजय तमिलनाडु के मुख्‍यमंत्री बनने में सफल रहे. (अभिषेक सिंघवी के X अकाउंट से साभार) Thalapathy Vijay Abhishek Singhvi: तमिलनाडु में तमाम तरह के राजनीतिक और कानूनी दांव-पेच के बाद थलापति विजय की अगुआई में TVK की सरकार बन गई है. राज्‍यपाल राजेंद्र अर्लेकर ने थलापति विजय को मुख्‍यमंत्री पद की शपथ दिलाई. 107 विधायकों वाली पार्टी TVK के लिए तमिलनाडु में सरकार बनाना इतना आसान नहीं रहा. पर्दे के पीछे एक ऐसे शख्‍स ने कानूनी लड़ाई लड़ी जो पिछले कई साल से विपक्ष के लिए संकटमोचक बने हुए हैं. जी हां…आपने सही समझा. कांग्रेस के सीनियर लीडर और राज्‍यसभा सदस्‍य अभिषेक मनु सिंघवी ने विजय के सामने आई कानूनी अड़चनों को दूर किया तब जाकर तमिलनाडु में TVK की सरकार बन सकी. अभिषेक सिंघवी पिछले 8-10 दिनों से लगातार पर्दे के पीछे से सक्रिय थे. मद्रास हाईकोर्ट में विजय की पार्टी के विधायक के लिए कानूनी दलीलें पेश कीं. TVK की तरफ से गवर्नर अर्लेकर को सरकार बनाने का दावा पेश करने के लिए चिट्ठी ड्राफ्ट करने में मदद की. इन तमाम कानूनी और संवैधानिक कोशिशों के बाद विजय को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया गया. विजय ने 120 विधायकों के समर्थन की चिट्ठी राज्‍यपाल को सौंपी थी. तमिलनाडु की सियासत में नई सरकार के गठन के बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता Abhishek Manu Singhvi एक बार फिर तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) के लिए कानूनी संकटमोचक बनकर उभरे हैं. रविवार को जहां कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने TVK प्रमुख सी जोसेफ विजय के मुख्यमंत्री पद की शपथ समारोह में मंच साझा किया, वहीं सिंघवी मद्रास हाईकोर्ट में TVK विधायक एस. सेतुपति के मामले में पैरवी करते नजर आए. तिरुपत्तूर विधानसभा सीट से TVK विधायक एस. सेतुपति ने पूर्व डीएमके मंत्री केआर पेरियाकरुप्पन को महज एक वोट से हराया था. इस सीट को लेकर चल रहे कानूनी विवाद को सरकार के लिए अहम माना जा रहा है, क्योंकि सत्तारूढ़ गठबंधन की बहुमत स्थिति बेहद कमजोर बताई जा रही है. ऐसे में सिंघवी की अदालत में मौजूदगी को राजनीतिक और कानूनी दोनों लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है. Kudos 2young team assisting me in researching &advising young #CM &his youthful colleagues ( #AdhavArjuna ) in trying period of last 7-10 days. Irrespective of politics, new CM deserves support. Attempts 2derail &destabilise him wl cost outsiders dear cos public is watching. pic.twitter.com/SLTexNVCrj Source link

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29000 KMPH की तूफानी रफ्तार, 2000 से 5000 KM तक सबकुछ कर...

Last Updated:May 11, 2026, 07:45 IST Agni Prime-Advanced Agni Missile: भारत अपनी मिसाइल क्षमता को लगातार बढ़ा रहा है. पिछले दिनों रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने एडवांस्‍ड अग्नि मिसाइल का सफल परीक्षण किया. यह MIRV यानी मल्टीपल इंडिपेंडेंटली टार्गेटेड री-एंट्री व्‍हीकल टेक्‍नोलॉजी से लैस है. यह मिसाइल 29000 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से 5000 से 5800 किलोमीटर तक दुश्‍मनों को खाक में मिलाने की क्षमता रखती है. वहीं, अग्नि प्राइम 2000 किलोमीटर तक तबाही लाने में कैपेबल है. भारत ने एडवांस्‍ड अग्नि मिसाइल का सफल परीक्षण किया है. यह MIRV तकनीक से लैस है, जो एक ही समय में अनेक टार्गेट को तबाह करने में सक्षम है. (फाइल फोटो/Reuters) Agni Prime-Advanced Agni Misile: भारत ने आधिकारिक तौर पर दो ऐसी बैलिस्टिक मिसाइल सिस्‍टम्‍स की पुष्टि कर दी है, जो मल्टीपल इंडिपेंडेंटली टार्गेटेबल री-एंट्री व्हीकल यानी MIRV तकनीक से लैस हैं. इनमें करीब 2000 किलोमीटर रेंज वाली अग्नि-प्राइम और 5000 किलोमीटर से अधिक मारक क्षमता वाली एडवांस्ड अग्नि मिसाइल शामिल हैं. इस घोषणा के साथ भारत उन चुनिंदा देशों की श्रेणी में शामिल हो गया है, जिनके पास ऑपरेशनल लेवल पर MIRV तकनीक मौजूद है. रक्षा विशेषज्ञ इसे भारत की परमाणु प्रतिरोधक क्षमता में बड़ा रणनीतिक बदलाव मान रहे हैं. एडवांस्‍ड अग्नि और अग्नि प्राइम भारत के लिए उस करण-अर्जुन की तरह हैं, जिनके सामने दुश्‍मनों का टिकना नामुमक‍िन है. बता दें कि मिसाइल सेगमेंट में भारत लगातार नया इतिहास रच रहा है. अग्नि सीरीज के साथ ही प्रलय और हाइपरसोनिक कैटेगरी की मिसाइलें दुश्‍मनों के लिए काल से कम नहीं हैं. भारत की तरफ से MIRV तकनीक से लैस मिसाइल्‍स को लेकर यह पुष्टि ओडिशा स्थित डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से एडवांस्ड अग्नि मिसाइल के सफल परीक्षण के बाद सामने आई है. परीक्षण के दौरान मिसाइल को कई पेलोड के साथ लॉन्च किया गया, जिन्हें हिंद महासागर क्षेत्र में अलग-अलग लक्ष्यों की ओर भेजा गया था. मिसाइल की फ्लाइट और पेलोड की सटीकता पर निगरानी रखने के लिए जमीनी और समुद्र आधारित ट्रैकिंग स्टेशनों का व्यापक नेटवर्क तैनात किया गया था. रक्षा सूत्रों के अनुसार परीक्षण में तय सभी मिशन उद्देश्य सफलतापूर्वक हासिल किए गए और भारत की एडवांस गाइडेंस सिस्‍टम तथा MIRV तकनीक की विश्वसनीयता साबित हुई. एडवांस्‍ड अग्नि मिसाइल के सफल परीक्षण ने भारत की क्षमता को और बढ़ा दिया है. (फोटो: @DRDO_India के X अकाउंट से साभार) अग्नि प्राइम और एडवांस्‍ड अग्नि मिसाइल अग्नि प्राइम को अग्नि सीरीज की नई पीढ़ी (Next Generation) की मिसाइल माना जा रहा है. यह दो चरणों वाली ठोस ईंधन आधारित, कैनिस्टराइज्ड और रोड-मोबाइल मिसाइल है, जिसकी रेंज लगभग 2000 किलोमीटर बताई गई है. अब इसकी MIRV क्षमता की पुष्टि हो चुकी है, जिसके तहत यह करीब तीन री-एंट्री व्हीकल ले जा सकती है. इसका मतलब यह है कि एक ही मिसाइल अलग-अलग लक्ष्यों पर हमला करने में सक्षम होगी. यह क्षमता भारत की रीजनल डेटरेंस स्‍ट्रैटजी को और मजबूत करेगी तथा दुश्मन की मिसाइल रक्षा प्रणाली को भेदना अधिक आसान बनाएगी. वहीं, एडवांस्ड अग्नि मिसाइल भारत की लंबी दूरी की परमाणु मारक क्षमता को नई ऊंचाई देने वाली प्रणाली मानी जा रही है. 5000 किलोमीटर से अधिक रेंज वाली यह मिसाइल छह से आठ री-एंट्री व्हीकल ले जाने में सक्षम बताई गई है. यानी एक ही मिसाइल कई रणनीतिक ठिकानों को निशाना बना सकती है. इससे भारत की सेकेंड स्ट्राइक क्षमता को मजबूती मिलेगी, जो परमाणु प्रतिरोधक रणनीति का अहम हिस्सा मानी जाती है. रक्षा मामलों के जानकारों का कहना है कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र में बदलते सुरक्षा हालात और चीन तथा पाकिस्तान की बढ़ती मिसाइल क्षमताओं के बीच यह तकनीक भारत के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है. अग्नि प्राइम vs एडवांस्‍ड अग्नि मिसाइल  अग्नि प्राइम एडवांस्‍ड अग्नि मिसाइल  भारत की नई पीढ़ी की बैलिस्टिक मिसाइल Agni Prime दो चरणों वाली कैनिस्टराइज्ड सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइल है, जिसकी मारक क्षमता 1,000 से 2,000 किलोमीटर तक बताई गई है. भारत की सबसे उन्नत बैलिस्टिक मिसाइलों में शामिल एडवांस्‍ड अग्नि मिसाइल या Agni-V ने अपनी अत्यधिक गति और लंबी मारक क्षमता के कारण वैश्विक स्तर पर ध्यान आकर्षित किया है. यह मिसाइल अधिकतम Mach 24 यानी करीब 29,400 किमी प्रति घंटे की रफ्तार हासिल कर सकती है. मिसाइल की गति हाइपरसोनिक श्रेणी में मानी जा रही है और यह संभवतः Mach 10 से Mach 15 से अधिक की रफ्तार हासिल कर सकती है, जिससे दुश्मन के लिए इसे ट्रैक करना बेहद कठिन हो जाता है. तीन चरणों वाली ठोस ईंधन आधारित यह कैनिस्टराइज्ड मिसाइल सड़क और रेल दोनों प्लेटफॉर्म से लॉन्च की जा सकती है. इसकी मारक क्षमता 5,000 किलोमीटर से अधिक बताई गई है, जबकि कुछ रिपोर्ट्स में इसकी संभावित रेंज 7,000 से 8,000 किलोमीटर तक मानी गई है. अग्नि-प्राइम में कंपोजिट प्रोपेलेंट और एल्यूमिनियम फ्यूल का इस्तेमाल किया गया है, जिससे इसे अधिक ऊर्जा, तेज एक्सेलरेशन और उच्च गति मिलती है. 9 मई 2026 को भारत ने Advanced Agni का सफल परीक्षण किया, जिसमें मल्टीपल पेलोड क्षमता का प्रदर्शन किया गया. यह परीक्षण भारत की MIRV (Multiple Independently Targetable Re-entry Vehicle) तकनीक में बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है. कैनिस्टराइज्ड लॉन्च सिस्टम की वजह से यह मिसाइल सड़क और रेल मोबाइल लॉन्चर से बेहद कम समय, यानी 10 मिनट से भी कम लॉन्च विंडो में दागी जा सकती है, जिससे इसकी तैनाती क्षमता और रणनीतिक ताकत बढ़ती है. अग्नि श्रृंखला की मिसाइलों में गति लगातार बढ़ती गई है. Agni-I Mach 5+, Agni-III करीब Mach 15 और Agni-V Mach 24 तक की रफ्तार हासिल करने में सक्षम है. वहीं भविष्य की Agni-VI मिसाइल को Mach 24+ क्षमता वाला माना जा रहा है. मिसाइल में अत्याधुनिक नेविगेशन और टर्मिनल गाइडेंस सिस्टम लगाए गए हैं, जो इसे पुराने अग्नि संस्करणों की तुलना में अधिक सटीक और आधुनिक बनाते हैं. रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार Agni-V की हाइपरसोनिक गति और MIRV क्षमता इसे मौजूदा मिसाइल रक्षा प्रणालियों के लिए बेहद कठिन लक्ष्य बनाती है. यह भारत की रणनीतिक प्रतिरोधक क्षमता को और मजबूत करने वाला कदम माना जा रहा है. क्‍या है MIRV टेक्‍नोलॉजी? MIRV तकनीक को वैश्विक स्तर पर बेहद उन्नत और जटिल सैन्य तकनीक माना जाता है. अभी तक अमेरिका, रूस, चीन, फ्रांस और ब्रिटेन जैसे सीमित

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Aaj Ka Mausam Live | Today Weather Live: आसमान में चक्रव्यूह! भूमध्य...

Today Weather News Live: इन दिनों देश के कई राज्यों में मौसम ने कंफ्यूज कर के रखा है. कभी धूल भरी आंधी, कभी बिजली की तेज गड़गड़ाहट और कभी कुछ ही मिनटों में सड़कों को भिगो देने वाली बारिश. उत्तर भारत से लेकर दक्षिण भारत तक मौसम के इस रुख से हैरान हैं. मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक इसके पीछे कई वेदर सिस्टम एक साथ सक्रिय हो गई हैं. भूमध्य सागर से उठा पश्चिमी विक्षोभ अब उत्तर भारत की तरफ बढ़ रहा है. दूसरी तरफ मन्नार की खाड़ी और दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर बन रहा दबाव मौसम को और जटिल बना रहा है. यही वजह है कि दिल्ली, यूपी, बिहार, राजस्थान, मध्य प्रदेश और पहाड़ी राज्यों में अगले 48 घंटे बेहद अहम माने जा रहे हैं. मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यह कोई बेहद खतरनाक सिस्टम नहीं है, लेकिन इसकी वजह से तेज आंधी, बिजली गिरने, ओलावृष्टि और अचानक बारिश जैसी घटनाएं कई राज्यों में परेशानी बढ़ा सकती हैं. दिल्ली-एनसीआर में दिन की गर्मी के बाद शाम को अचानक बदलते मौसम ने लोगों को पहले ही संकेत दे दिए हैं कि आने वाले घंटे आसान नहीं रहने वाले. मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ और पूर्वी हवाओं की टक्कर उत्तर भारत में तेज गतिविधियां पैदा कर सकती है. इसका असर पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, पश्चिमी यूपी, बिहार और राजस्थान के कई हिस्सों में देखने को मिलेगा. वहीं दक्षिण भारत में बंगाल की खाड़ी और मन्नार की खाड़ी के ऊपर बन रही प्रणाली भारी बारिश की वजह बन सकती है. मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यह सिस्टम कमजोर जरूर है, लेकिन कई छोटे सिस्टम जब एक साथ सक्रिय होते हैं तो स्थानीय स्तर पर बड़ा असर छोड़ सकते हैं. यही कारण है कि कई राज्यों में येलो और रेड अलर्ट जारी किए गए हैं. किसानों, यात्रियों और खुले इलाकों में काम करने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है. अगले कुछ दिनों में कहीं बारिश राहत देगी तो कहीं तेज गर्मी और उमस लोगों की मुश्किलें बढ़ा सकती हैं. पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में अगले कुछ दिनों तक बारिश और गरज-चमक का दौर जारी रह सकता है. (AI-PHOTO) मौसम विभाग के अनुसार उत्तर-पश्चिम भारत के ऊपर सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ मध्य और ऊपरी क्षोभमंडलीय स्तरों पर असर दिखा रहा है. इसके साथ ही दक्षिण-पूर्वी राजस्थान और मध्य प्रदेश के आसपास साइक्लोनिक सर्कुलेशन बने हुए हैं. इन दोनों प्रणालियों के बीच बनी गर्त रेखा मौसम को अस्थिर बना रही है. यही वजह है कि कई राज्यों में अचानक तेज हवाएं और गरज-चमक की घटनाएं बढ़ रही हैं. मौसम विभाग का अनुमान है कि 11 से 14 मई के बीच उत्तर भारत के कई हिस्सों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं. कुछ इलाकों में ओलावृष्टि और बिजली गिरने का खतरा भी रहेगा. दूसरी तरफ दक्षिण भारत में मन्नार की खाड़ी और श्रीलंका के आसपास बना साइक्लोनिक सर्कुलेशन बंगाल की खाड़ी में नए निम्न दबाव क्षेत्र को जन्म दे सकता है. इसके असर से तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में भारी बारिश की संभावना जताई गई है. मौसम विभाग ने मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी है. वहीं महाराष्ट्र और मध्य भारत के कई हिस्सों में उमस और गर्मी के बीच हल्की बारिश का दौर जारी रह सकता है. विशेषज्ञों का कहना है कि मई के महीने में इस तरह की प्री-मानसून गतिविधियां सामान्य मानी जाती हैं, लेकिन इस बार कई सिस्टम एक साथ सक्रिय होने से असर ज्यादा व्यापक दिख रहा है. दिल्ली-NCR में आंधी और बारिश का डबल असर दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद में अगले 48 घंटों के दौरान मौसम तेजी से बदल सकता है. मौसम विभाग ने हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना जताई है. हवा की रफ्तार 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. दिन में गर्मी बनी रहेगी, लेकिन शाम और रात के समय मौसम अचानक करवट ले सकता है. कई इलाकों में धूल भरी आंधी के बाद तेज बारिश होने के संकेत हैं. इससे तापमान में थोड़ी गिरावट आएगी और लोगों को गर्मी से राहत मिल सकती है. हालांकि खुले इलाकों और ऊंची इमारतों के आसपास रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है. यूपी में बिजली और बारिश का अलर्ट उत्तर प्रदेश के पश्चिमी और पूर्वी दोनों हिस्सों में मौसम सक्रिय बना रहेगा. लखनऊ, कानपुर, मेरठ, बरेली, प्रयागराज, वाराणसी और आसपास के जिलों में बादल छाने, गरज-चमक और बारिश की संभावना है. मौसम विभाग ने कई जिलों में बिजली गिरने का भी अलर्ट जारी किया है. किसानों को सलाह दी गई है कि खराब मौसम के दौरान खेतों में काम करने से बचें. पश्चिमी यूपी में तेज हवाओं के साथ धूल भरी आंधी चल सकती है, जबकि पूर्वी यूपी में गरज-चमक और हल्की से मध्यम बारिश देखने को मिल सकती है. बिहार में रेड अलर्ट ने बढ़ाई चिंता बिहार में प्री-मानसून गतिविधियां पूरी तरह सक्रिय हो चुकी हैं. पटना मौसम विज्ञान केंद्र ने राज्य के 19 जिलों के लिए येलो अलर्ट और 9 जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है. मौसम विभाग के मुताबिक अगले कुछ दिनों तक तेज आंधी, बारिश, बिजली गिरने और ओलावृष्टि की संभावना बनी रहेगी. पटना, गया, भागलपुर, मुजफ्फरपुर और दरभंगा समेत कई जिलों में मौसम अचानक बदल सकता है. लोगों को खराब मौसम के दौरान घरों में रहने और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे खड़े न होने की सलाह दी गई है. लगातार बदलते मौसम ने किसानों की चिंता भी बढ़ा दी है. राजस्थान में लू और तूफान दोनों का खतरा राजस्थान में मौसम का दोहरा रूप देखने को मिल सकता है. पश्चिमी राजस्थान में 11 से 15 मई तक लू चलने की संभावना है, जबकि पूर्वी राजस्थान में भीषण गर्मी के साथ आंधी और बारिश का असर देखने को मिल सकता है. मौसम विभाग ने बताया कि कुछ इलाकों में गर्म रातें भी दर्ज की जा सकती हैं. जयपुर, बीकानेर, जोधपुर और आसपास के क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ गरज-चमक की संभावना है. कई जगहों पर धूल भरी आंधी चल सकती है, जिससे दृश्यता प्रभावित

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दिल्ली का नया कोचिंग हॉटस्पॉट बना ये इलाका, UPSC से IIT-JEE तक...

Last Updated:May 11, 2026, 05:32 IST Delhi Coaching Hub Area: दिल्ली में लाजपत नगर, जनकपुरी वेस्ट, पीतमपुरा, नरेला और नेताजी सुभाष प्लेस तेजी से नए कोचिंग हब बन रहे हैं, सस्ता रहना खाना और अच्छी मेट्रो कनेक्टिविटी वजह से स्टूडेंट यहां ज्यादा संख्या में रहने आ रहे हैं. आईआईटी जेईई , एसएससी और सीए की तैयारी के लिए दिल्ली का लाजपत नगर अब तेजी से आगे बढ़ रहा है. कई जाने-माने बड़े कोचिंग सेंटर्स जिनका पूरे देश भर में नाम है, वो अपनी नई कोचिंग ब्रांच को अब लाजपत नगर में खोल रहे हैं. क्योंकि लाजपत नगर मेट्रो रूट भी अच्छा है और यहां पर स्टूडेंट को सारी सुविधाएं सस्ते में मिल रही हैं. जैसे रहना और खाना. इसीलिए अब यहां पर कोचिंग हब बन रहा है. यह देश की राजधानी दिल्ली का तीसरा एक ऐसा इलाका है. जहां पर नए कोचिंग सेंटर खुल रहे हैं. यानी एकदम नया ब्रांड और नई ब्रांच के साथ चाहे वो आईआईटी की हो या फिर जेईई की हो या फिर नीट या एसएससी इन सब की नई कोचिंग सेंटर्स जो खुल रहे हैं .वो अब जनकपुरी वेस्ट में खुल रहे हैं. दिल्ली का जनकपुरी वेस्ट भी अब कोचिंग हब बनकर उभर रहा है. यही वजह है कि ऐसी कोचिंग सेंटर्स जो न मुखर्जी नगर में हैं ना राजेंद्र नगर में हैं, वो नया कोचिंग सेंटर नया ब्रांड और ब्रांच लेकर के यहां पर शिफ्ट हो रहे हैं. ताकि जनकपुरी को भी नया कोचिंग हब बनाया जा सके. क्योंकि यहां पर पहले से ही कई और कोचिंग सेंटर्स भी हैं, उनको टक्कर देने के लिए नए कोचिंग सेंटर सब यहां पर खुलने लगे हैं. बात करें बेहतर पढ़ाई और नए कोचिंग सेंटर्स की तो दिल्ली का पीतमपुरा भी अब पीछे नहीं है. दिल्ली के पीतमपुरा में भी अब एक के बाद एक कोचिंग सेंटर्स खुलने लगे हैं. सबसे खास बात यह है कि पीतमपुरा में आपको पुलिस भर्ती की तैयारी, इंडियन आर्मी की तैयारी से लेकर एयरफोर्स समेत ऐसे कोचिंग सेंटर्स मिलेंगे जो सीधे तौर पर देश की सुरक्षा एजेंसी और देश के विभिन्न सुरक्षा बलों की तैयारी कराते हैं. पीतमपुरा इलाका अब ऐसे कोचिंग सेंटर के लिए काफी मशहूर हो चुका है. Add News18 as Preferred Source on Google ऐसे में अगर अब आपको दिल्ली के नए कोचिंग सेंटर खोजने हों, जहां रहना और खाना भी सस्ता हो, मेट्रो की बेहतर सुविधा हो, घूमने के लिए आसपास अच्छे इलाके हों और पढ़ाई की तैयारी के लिए एक अच्छा माहौल हो तो मुखर्जी नगर, करोल बाग और राजेंद्र नगर और लक्ष्मी नगर को भूल जाइए. बल्कि दिल्ली के लाजपत नगर, नरेला, नेताजी सुभाष प्लेस, जनकपुरी वेस्ट, पीतमपुरा और रोहिणी जैसे इलाके में अब आप जाकर तैयारी कर सकते हैं. यहां पर कोचिंग हब और कोचिंग सेंटर की कमी नहीं है. दिल्ली का नया कोचिंग इलाका जो तेजी से बनकर उभर रहा है वह है नेताजी सुभाष प्लेस. नेताजी सुभाष प्लेस की खासियत यह है कि यहां पर आईआईटी और नीट की सबसे ज्यादा कोचिंग हैं. अगर किसी स्टूडेंट को आईआईटी जेईई और नीट की तैयारी करनी हो यानी मेडिकल की तैयारी के साथ-साथ इंजीनियरिंग की तैयारी करनी हो तो नेताजी सुभाष प्लेस आ सकता है. और तो और इसकी सबसे खास बात यह है कि नेताजी सुभाष प्लेस पर तमाम बड़ी कोचिंग खुल चुकी है और यहां पर स्टूडेंट की संख्या भी बहुत ज्यादा है. यह इलाका भी रहने और खाने के लिए सस्ता है. इसीलिए यहां पर तेजी से एक के बाद एक कोचिंग सेंटर शिफ्ट हो रहे हैं. चौथे नंबर पर दिल्ली का जो नया कोचिंग हब बन रहा है, वह है नरेला. दिल्ली के नरेला में अब कई कोचिंग सेंटर खुलने वाले हैं. यहां पर नए कोचिंग सेंटर शिफ्ट हो रहे हैं, क्योंकि यह दिल्ली का आउटर इलाका है और यहां से भी बच्चे अक्सर मुखर्जी नगर या राजेंद्र नगर तक नहीं पहुंच पाते हैं. यहां से ये इलाके काफी दूर पड़ जाता है. इसीलिए अब दिल्ली विकास प्राधिकरण की ओर से दिल्ली के नरेला को नया कोचिंग का बनाया जा रहा है. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। Source link

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Thalapathy Vijay | DMK-AIADMK का वर्चस्व खत्म? गैर-ब्राह्मणवाद पर थलापति की अग्निपरीक्षा...

होमताजा खबरदेश गैर-ब्राह्मणवाद पर विजय की परीक्षा शुरू, हैरान कर देगा तमिलनाडु का सियासी खेल! Last Updated:May 11, 2026, 04:09 IST तमिलनाडु की राजनीति भारत के सबसे अनोखे राजनीतिक इतिहासों में गिनी जाती है. इसकी शुरुआत गैर-ब्राह्मण आंदोलन और जस्टिस पार्टी से हुई, जिसने सामाजिक न्याय और आरक्षण की नींव रखी. बाद में पेरियार के द्रविड़ आंदोलन, डीएमके के उदय, हिंदी विरोधी आंदोलन और एआईएडीएमके के गठन ने राज्य की राजनीति को नई दिशा द. करुणानिधि और जयललिता के दशकों लंबे सत्ता संघर्ष ने तमिलनाडु को द्विध्रुवीय राजनीति का केंद्र बना दिया. अब थलापति विजय की टीवीके पार्टी नई राजनीतिक चुनौती बनकर उभरी है, जिससे राज्य की राजनीति एक नए दौर में प्रवेश करती दिख रही है. क्‍या तमिलनाडु के नए सीएम थलापति विजय पुरानी द्रविडियन पॉलिटिक्‍स पर आगे बढ़ेंगे या फिर विकास की नई राजनीति को बढ़ावा देंगे? Tamil Nadu, Anti-Brahmin Dravidian Politics & Thalapathy Vijay: आखिरकार एक लंबे सस्‍पेंस के बाद तमिलनाडु के 13वें मुख्‍यमंत्री के तौर पर अभिनेता से राजनेता बने थलापति विजय ने शपथ ले ली है. थलापति के शपथ ग्रहण के साथ तमिलनाडु की राजनीति में एक नए युग की शुरूआत की बात कही जा रही है. हालांकि, लोगों की जिज्ञासा अभी भी यह जानने को लेकर है कि थलापति का नया युग तमिलनाडु के साथ द्रविडियन पॉलिटिक्‍स को किस दिशा में लेकर जाएगा. दरअसल यह सवाल इसलिए भी उठ रहा है, क्‍यों कि बीते कई दशकों से तमिलनाडु में द्रविडियन पॉलिटिक्‍स का बोलबाला रहा है. 1916 में ब्राह्मणों के विरोध से जन्‍मी द्रविडियन पॉलिटिक्‍स की बदलौत डीएमके और एआईएडीएमके ने बीते 1967 के बाद लेकर अब तक तमिलनाडु पर राज किया है. 2026 के विधानसभा चुनाव में जनादेश काफी हद तक डीएमके और एआईएडीएमके के खिलाफ रहा. शायद इसी वजह से भी लोगों की निगाह थलापति की तरफ है कि वह फिर जातिगत राजनीति को बढ़ावा देंगे या फिर विकास को प्राथमिकता. तमिलनाडु का हैरान करने वाला सियासी खेल! द्रविडियन राजनीति की नींव: तमिलनाडु की राजनीति की असली नींव 20वीं सदी की शुरुआत में रखी गई थी. उस समय भारत में ब्रिटिश शासन का शासन था. मद्रास प्रेसीडेंसी के अंतर्गत आने वाले प्रशासनिक और शैक्षणिक संस्थानों में ब्राह्मणों का दबदबा था. भले ही ब्राह्मण आबादी में अल्पसंख्यक थे, लेकिन वे उच्च पदों पर आसीन थे. इसी असंतोष की वजह से गैर-ब्राह्मण आंदोलन ने जन्‍म लिया. 1916 में हुआ जस्टिस पार्टी का गठन: तमिलनाडु की द्रविडियन पॉलिटिक्‍स की तरफ पहला और अहम कदम जस्टिस पार्टी का गठन था. डॉ टीएम नायर और पी त्यागराज चेट्टी जैसे दिग्गज नेताओं ने सबसे पहले ‘साउथ इंडियन लिबरल फेडरेशन’ (SILF) की स्थापना की, जिसे जनता के बीच ‘जस्टिस पार्टी’ के नाम से लोकप्रियता मिली. आगे चलकर यह पार्टी गैर-ब्राह्मण आंदोलन का प्रतीक बन गई. गैर-ब्राह्मण आंदोलन की शुरुआत: कहा जाता है कि डॉ टीएम नायर और पी त्यागराज चेट्टी ने जस्टिस पार्टी बनाकर एक तरह का सामाजिक विद्रोह कर दिया था. इस पार्टी ने मद्रास प्रेसीडेंसी में गैर-ब्राह्मणों के लिए नौकरियों, शिक्षा और राजनीतिक प्रतिनिधित्व में आरक्षण की मांग की थी. यही वो बीज था जो बाद में सामाजिक न्‍याय के सिद्धांत के तौर पर विकसित हुआ. पेरियार ने आंदोलन को दी नई दिशा: उस समय के बड़े नेताओं में एक नेता ईवी रामास्वामी भी थे, जिन्हें सभी पेरियार के नाम से जानते हैं. उनकी गिनती इस आंदोलन के सबसे कट्टर आलोचकों में होती थी. उनका मानना था कि सामाजिक न्याय के आंदोलन को राजनीति से अलग रहना चाहिए. क्योंकि, राजनीति में भ्रष्टाचार मूल विचारधारा को दूषित कर देता है. उनकी यही विचारधारा ने बाद में आंदोलन को जाति-विरोधी दिशा दी. हिंदी का शुरू हुआ तमिलनाडु में विरोध: आजादी की लड़ाई के समय कांग्रेस हिंदी को देश की भाषा बनाना चाहती थी. लेकिन तमिलनाडु के लोगों ने इसका विरोध किया. उन्हें लगा कि उन पर उत्तर भारत की संस्कृति और भाषा जबरदस्ती थोपी जा रही है. हिंदी विरोधी आंदोलन से गैर-ब्राह्मण आंदोलन को लोगों का ज्यादा समर्थन मिला. इसके बाद यह आंदोलन सिर्फ जाति की बात तक सीमित नहीं रहा, बल्कि तमिल लोगों की पहचान और सम्मान की लड़ाई बन गया. डीएमके के उदय से बंटवारे तक का सफर 1944 में बनी द्रविड़ कड़गम (डीके): जस्टिस पार्टी के पतन के बाद, द्रविड़ आंदोलन ने एक नया आकार लेना शुरू किया, जिसने तमिलनाडु की राजनीति को पूरी तरह से बदल कर रख दिया. पेरियार ने जस्टिस पार्टी का पुनर्गठन कर ‘द्रविड़ कड़गम’ का गठन किया. यह एक गैर-राजनीतिक संगठन था, जो समाज सुधार पर केंद्रित था. इसकी प्रमुख मांग एक अलग ‘द्रविड़नाडु’ की थी. वह द्रविड़ों के लिए अगल स्‍वतंत्र राष्‍ट्र चाहते थे. उन्हें लगता था कि भारत में द्रविड़ों की उपेक्षा होगी. 1949 में हुआ डीएमके का जन्म: सीएन अन्‍नादुराई (अन्‍ना) न ही पेरियार के द्रविड़नाडु की मांग का समर्थन करते थे और ना ही वह संसदीय राजनीति को नकारने के रवैये से सहमत नहीं थे. उनका मानना था कि बदलाव सिर्फ़ सड़क पर नहीं, बल्कि विधानसभा के अंदर बैठकर लाना होगा. इस मतभेद के कारण उन्होंने 1949 में ‘द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम’ (डीएमके) की स्थापना की. डीएमके ने अलग द्रविड़नाडु की मांग को छोड़कर ‘संघीय ढांचे में अधिकारों’ की मांग शुरू कर दी. 1967 की डीएमके को मिली बड़ी जीत: 1960 के दशक में कांग्रेस सरकार ने एक बार फिर हिंदी को एकमात्र राजभाषा बनाने का प्रयास शुरू कर दिया. इससे पूरे राज्य में विरोध की भयंकर आग लग गई. इन हिंदी विरोधी दंगों की अगुवाई डीएमके ने अन्‍नादुराई कर रहे थे. उनकी मांग थी कि हिंदी थोपो नहीं, अंग्रेजी बनाए रखो. 1967 के चुनावों में इस हिंदी विरोधी आंदोलन का असर दिखा. डीएमके ने भारी जीत हासिल कर कांग्रेस का लगभग सफाया कर दिया. अन्‍नादुराई बने डीएमके के पहले सीएम: विधानसभा चुनाव में जबरदस्‍त जीत के बाद डीएमके ने सीएन अन्नादुराई डीएमके को अपने पहले मुख्यमंत्री के तौर पर कुर्सी पर बैठाया. दुर्भाग्यवश, 1969 में केवल दो साल बाद उनका निधन हो गया. उनके जाने के बाद, पार्टी की कमान एम करुणानिधि के हाथों में आ गई. लेकिन 1960 के दशक के अंत तक डीएमके के भीतर सत्ता, व्यक्तित्व और विचारधारा को लेकर मतभेद पनपने लगे थे. इसी का नतीजा था कि दो टुकड़ों में बंट गई.

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मीन राशि वालों के लिए आज का दिन शुभ, करियर-व्यापार में मिलेगा...

Last Updated:May 11, 2026, 03:21 IST Aaj Ka Meen Rashifal 11 May 2026, Pisces Horoscope Today: मीन राशि वालों के लिए आज का दिन धैर्य और समझदारी से आगे बढ़ने का संकेत दे रहा है. आत्मविश्वास बनाए रखने से रुके हुए कामों में धीरे-धीरे सफलता मिलने लगेगी. कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं, जो भविष्य में लाभदायक साबित होंगी.  मीन राशि के जातकों के लिए आज का दिन आत्मचिंतन और समझदारी से आगे बढ़ने का संकेत दे रहा है. मन में नए विचार आएंगे, जो भविष्य की योजनाओं को बेहतर दिशा दे सकते हैं. व्यापार और करियर में धैर्य के साथ लिए गए फैसले लाभकारी साबित होंगे. साझेदारी के मामलों में संवाद और विश्वास बनाए रखना सफलता दिलाएगा. आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम करना फायदेमंद रहेगा. स्वास्थ्य सामान्य रहेगा और परिवार का सहयोग मनोबल बढ़ाएगा. आइए जानते हैं उज्जैन के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य आचार्य आनंद भारद्वाज से करियर, व्यापार और लव लाइफ मे आज का दिन कैसा रहेगा. मीन राशि वालों का करियर राशिफलमीन राशि वालों के लिए आज का दिन धैर्य और समझदारी से आगे बढ़ने का संकेत दे रहा है. कार्यक्षेत्र में चुनौतियां जरूर आएंगी, लेकिन सूझबूझ और शांत व्यवहार से आप परिस्थितियों को अपने पक्ष में कर सकते हैं. सहकर्मियों के साथ बेहतर तालमेल बनाने की कोशिश सफलता दिलाएगी. किसी भी निर्णय को सोच-समझकर लेना फायदेमंद रहेगा. सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास बनाए रखने से रुके हुए काम धीरे-धीरे गति पकड़ेंगे. विवादों से दूरी बनाकर चलेंगे तो मानसिक शांति बनी रहेगी और दिन संतोषजनक साबित होगा. मीन राशि वालों का व्यापार राशिफल मीन राशि के व्यापारियों के लिए आज का दिन धैर्य और समझदारी से आगे बढ़ने का संकेत दे रहा है. कुछ योजनाओं में देरी हो सकती है, लेकिन आपकी मेहनत बेकार नहीं जाएगी. नए अवसर धीरे-धीरे आपके पक्ष में बनेंगे और अनुभव से सही निर्णय लेने में मदद मिलेगी. कारोबार में सतर्कता बनाए रखना लाभकारी रहेगा. किसी भी निवेश से पहले अच्छी तरह विचार करें. आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ेंगे तो जल्द ही परिस्थितियां आपके अनुकूल होती नजर आएंगी. मीन राशि वालों का स्वास्थ राशिफल मीन राशि वालों के लिए आज का दिन सेहत के लिहाज से बेहद शानदार रहने वाला है. ऊर्जा और उत्साह से भरपूर महसूस करेंगे, जिससे हर काम में मन लगा रहेगा. पुरानी छोटी परेशानियों से राहत मिलने के संकेत हैं और मानसिक सुकून भी बना रहेगा. संतुलित आहार और समय पर भोजन आपकी फिटनेस को और बेहतर बनाएगा. परिवार में बच्चों की सेहत अच्छी रहने से घर का माहौल खुशहाल रहेगा. आज स्वास्थ्य और सकारात्मकता दोनों आपका साथ देंगे. मीन राशि वालों का आर्थिक राशिफलमीन राशि वालों के लिए आज का दिन आर्थिक रूप से शुभ संकेत लेकर आया है. आय के नए स्रोत बनने से आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी और खर्चों पर भी अच्छा नियंत्रण बना रहेगा. पुराने निवेश से लाभ मिलने की संभावना है, जिससे मन प्रसन्न रहेगा और आत्मविश्वास बढ़ेगा. किसी करीबी मित्र या सहयोगी का सहयोग आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकता है. धन संबंधी मामलों में समझदारी से लिए गए फैसले भविष्य में बेहतर परिणाम देंगे और दिन संतोष व सकारात्मकता से भरा रहेगा. मीन राशि वालों का लव लाइफ राशिफल शादीशुदा लोगों के जीवन में आपसी समझ और प्यार बढ़ेगा, जिससे घर का माहौल अच्छा और शांत बना रहेगा. जीवनसाथी से खुलकर बात करने से पुराने गिले-शिकवे भी खत्म हो सकते हैं. जो लोग प्रेम संबंध में हैं, उनके लिए आज का दिन खास और रोमांटिक रहेगा. पार्टनर के साथ अच्छे पल बिताने का मौका मिलेगा. हालांकि, बोलचाल में सावधानी रखें. गुस्से या जल्दबाजी में कही गई बात रिश्तों को चोट पहुंचा सकती है, इसलिए सोच-समझकर ही अपनी बात रखें. मीन राशि वाले जरूर करें यह उपायआज आपके लिए लकी नंबर 5 रहेगा. यह अंक आपको सफलता और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करेगा. जो जातक धर्म-कर्म में रुचि रखते हैं, वे आज भगवान शिव जी के मंदिर जाकर उन्हें पंचामत से अभिषेक कराए. उसके बाद गरीबो मे अन्य का दान करे. यह उपाय मानसिक शांति देगा और आत्मविश्वास बढ़ाएगा. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Ujjain,Madhya Pradesh Source link

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आम नागरिक को परेशानी में धकेल रहे PM मोदी, अमेरिका-ईरान जंग के...

होमताजा खबरदेश अमेरिका-ईरान जंग के 3 महीने बाद भी कोई प्लान नहीं, कांग्रेस ने PM मोदी को घेरा Last Updated:May 11, 2026, 02:34 IST पीएम मोदी ने कहा, ‘आज के समय में यह भी आवश्यक है कि पेट्रोल, गैस, डीजल और ऐसे अन्य उत्पादों का बड़े संयम के साथ उपयोग किया जाए. हमें आयातित पेट्रोलियम उत्पादों का उपयोग केवल आवश्यकता के अनुसार करना चाहिए. इससे न केवल विदेशी मुद्रा की बचत होगी बल्कि युद्ध के प्रतिकूल प्रभाव को भी कम किया जा सकेगा.’ ख़बरें फटाफट कांग्रेस ने कहा कि पीएम मोदी को भारत की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के बारे में पता नहीं. (फाइल फोटो) नई दिल्ली. कांग्रेस ने पेट्रोलियम उत्पादों का विवेकपूर्ण उपयोग करने के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान को लेकर रविवार को उन पर निशाना साधते हुए कहा कि अमेरिका-ईरान युद्ध के तीन महीने बाद भी प्रधानमंत्री इस बात से अनजान हैं कि भारत की ऊर्जा सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जाए. विपक्षी दल ने कहा कि प्रधानमंत्री का इस वैश्विक संकट से देश की अर्थव्यवस्था को अप्रभावित रखने के लिए आकस्मिक योजनाएं बनाने के बजाय लोगों को मुश्किल में डालना ‘बेहद शर्मनाक, लापरवाह और सरासर अनैतिक’ है. कांग्रेस महासचिव के. सी. वेणुगोपाल ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘ईरान-अमेरिका युद्ध के तीन महीने बीत चुके हैं और प्रधानमंत्री मोदी भारत की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने को लेकर अब भी पूरी तरह से अनजान हैं.’ वेणुगोपाल ने कहा, ‘यह बेहद शर्मनाक, लापरवाही और सरासर अनैतिकता है कि प्रधानमंत्री इस वैश्विक संकट से हमारी अर्थव्यवस्था को अप्रभावित रखने के लिए आकस्मिक योजनाएं बनाने के बजाय आम नागरिक को असुविधा में धकेल रहे हैं.’ उन्होंने कहा, ‘जब प्रधानमंत्री की एकमात्र प्राथमिकता चुनाव और छोटी मोटी राजनीति बन जाए, तो उसका परिणाम आसन्न आर्थिक तबाही के रूप में सामने आता है.’ वेणुगोपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री और उनकी सरकार को यह सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं करनी चाहिए कि भारत के पास पर्याप्त ईंधन भंडार हो और योजना की कमी के परिणामस्वरूप किसी भी नागरिक को किसी भी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े. उनकी यह टिप्पणी मोदी द्वारा इस बात पर जोर देने के बाद आई है कि केंद्र सरकार लोगों को युद्ध के प्रतिकूल प्रभावों से बचाने की कोशिश कर रही है और नागरिकों से चुनौतियों से पार पाने एवं देश की मदद करने के लिए उपाय करने का आह्वान किया है. हैदराबाद में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की तेलंगाना इकाई द्वारा आयोजित एक रैली को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने विदेशी मुद्रा बचाने के लिए पेट्रोल और डीजल का विवेकपूर्ण उपयोग, शहरों में मेट्रो रेल सेवाओं का उपयोग, कार पूलिंग, इलेक्ट्रिक वाहनों का अधिकतम उपयोग, पार्सल भेजने के लिए रेलवे सेवाओं का उपयोग और घर से काम करने जैसे उपाय सुझाए. उन्होंने कहा कि युद्ध के कारण पेट्रोल और उर्वरक की कीमतों में काफी वृद्धि हुई है. पीएम मोदी ने कहा कि जब आपूर्ति श्रृंखला पर दबाव होता है तो सरकार द्वारा संकट से निपटने के लिए विभिन्न उपायों के बावजूद मुश्किलें बढ़ जाती हैं. About the Author Rakesh Ranjan Kumar राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : New Delhi,Delhi Source link

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