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6 मई की रात को अगर… सुवेंदु अधिकारी ने बचाई TMC के...

होमताजा खबरदेश 6 मई की रात को अगर… सुवेंदु की वजह से बच गई TMC के 5000 कार्यकर्ताओं की जान Last Updated:May 10, 2026, 23:34 IST रिजू दत्ता ने सीएम सुवेंदु अधिकारी के तारीफ की है. उन्होंने कहा कि अधिकारी ने संयम दिखाया है. अपने करीबी की नृशंस हत्या के बाद भी शांति बनाए रखी. सीएम ने सभी से कानून हाथ में न लेने की अपील की. अधिकारी के दखल से एक बहुत बड़ी हिंसा रुक गई. रिजू दत्ता के इस बयान से हड़कंप मच गया है. ख़बरें फटाफट रिजु दत्ता ने सुवेंदु अधिकारी की तारीफ की और ममता बनर्जी पर निशाना साधा. कोलकाता. तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के एक निलंबित प्रवक्ता रिजू दत्ता ने पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हलचल मचा दी है. उन्होंने नए नियुक्त मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की खुले तौर पर तारीफ़ करते हुए दावा किया है कि पश्चिम बंगाल चुनाव के नतीजे आने के बाद बीजेपी नेता के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की हाल ही में हुई हत्या के बाद, अधिकारी के दखल से ही ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पार्टी के कार्यकर्ताओं के खिलाफ बड़े पैमाने पर होने वाली हिंसा को रोका जा सका. रिजु दत्ता, जिन्हें पार्टी की अनुशासन समिति के नियमों का कथित उल्लंघन और पालन न करने के आरोप में टीएमसी ने छह साल के लिए निलंबित कर दिया है, ने कहा कि अधिकारी ने इस संवेदनशील दौर में संयम से काम लिया और अपने लंबे समय से करीबी सहयोगी की नृशंस हत्या के बाद हालात को बिगड़ने से रोकने में मदद की. न्यूज़ एजेंसी ANI से बात करते हुए दत्ता ने कहा, “सुवेंदु अधिकारी ने कम से कम 5,000 तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ताओं की जान बचाई है. उनके PA को 6 मई को गोली मारी गई थी. अगर उस रात उन्होंने बंगाल में बदले की कार्रवाई का आह्वान किया होता, तो 5,000 TMC कार्यकर्ता मारे गए होते. इसके बजाय, उन्होंने सभी से शांति बनाए रखने और कानून को अपने हाथों में न लेने की अपील की.” गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस की हार के बाद पार्टी विरोधी टिप्पणी करने के आरोप में शनिवार को पार्टी ने अपने तीन प्रवक्ताओं को छह साल के लिए निलंबित कर दिया था. तृणमूल कांग्रेस ने एक बयान जारी कर अनुशासन का उल्लंघन करने के आरोप में प्रवक्ता कोहिनूर मजूमदार, रिजू दत्ता और कार्तिक घोष को निलंबित करने की घोषणा की. तृणमूल ने इन तीन प्रवक्ताओं के निलंबन के अलावा कृष्णेंदु चौधरी और पापिया घोष को भी नोटिस जारी किए हैं. About the Author Rakesh Ranjan Kumar राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Kolkata,West Bengal Source link

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इस याद को संजोकर रखेंगे, CM चंद्रबाबू नायडू और पवन कल्याण के...

होमफोटोदेश इस याद को संजोकर रखेंगे, CM चंद्रबाबू नायडू और पवन कल्याण के आवास पर पहुंचे PM Last Updated:May 10, 2026, 22:34 IST पीएम मोदी ने हैदराबाद में आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू और उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण के आवासों पर जाकर उनसे मुलाकात की. हैदराबाद यात्रा के दौरान उन्होंने ये मुलाकातें कीं. यात्रा के दौरान उन्होंने एक जनसभा में हिस्सा लिया और कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को हैदराबाद में आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू और उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण के आवास पर जाकर उनके परिजनों से मुलाकात की. प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर मुलाकात की तस्वीरें भी शेयर कीं. पीएम मोदी ने कहा कि हैदराबाद में मैंने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू के आवास पर जाकर उनसे और उनके परिवार से मुलाकात की. उनसे मिलना और इतने विविध विषयों पर विचारों का आदान-प्रदान करना हमेशा सुखद होता है. नायडू ने इसको एक यादगार पल बताया और कहा कि इसको हमारा परिवार हमेशा संजोकर रखेगा. चंद्रबाबू नायडू ने एक पोस्ट में कहा कि आज हमारे आवास पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मेजबानी करना हमारे लिए सम्मान और खुशी की बात थी. उनके स्नेह, आत्मीयता और उदार बातचीत ने इस अवसर को हम सभी के लिए वास्तव में खास बना दिया. मैं इस उदार भाव और आंध्र प्रदेश के विकास की राह में उनके निरंतर प्रोत्साहन और समर्थन के लिए उनका आभारी हूं. Add News18 as Preferred Source on Google चंद्रबाबू नायडू, उनकी पत्नी भुवनेश्वरी, उनके बेटे और राज्य मंत्री नारा लोकेश, बहू ब्राह्मणी और पोते देवांश ने प्रधानमंत्री का स्वागत किया और उनसे बातचीत की. प्रधानमंत्री मोदी ने चंद्रबाबू नायडू के घर स्थित मंदिर में पूजा-अर्चना भी की. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण के घर भी गए. प्रधानमंत्री मोदी ने अपने ट्वीट में लिखा कि आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण गारू के आवास पर गया और उनसे तथा उनके परिवार से मुलाकात की. पवन कल्याण गारू का हालचाल पूछा और उनके अच्छे स्वास्थ्य की कामना की. प्रधानमंत्री के ट्वीट का जवाब देते हुए पवन कल्याण ने उनकी चिंता और स्नेह के लिए धन्यवाद दिया. जन सेना नेता ने लिखा कि आपने हमें जो यादें दी हैं, वे जीवन भर हमारे दिलों में बसी रहेंगी. अभिनेता-राजनेता ने इसे अपने और अपने परिवार के लिए एक बेहद खास, सम्माननीय और यादगार अवसर बताया. पवन कल्याण ने कहा कि उन्हें, उनकी पत्नी अन्ना कोनिडेला और उनके बच्चों कोनिडेला अकीरा नंदन, कोनिडेला आद्या, कोनिडेला पोलिना अंजनी और कोनिडेला मार्क शंकर के साथ प्रधानमंत्री का स्वागत करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ. उन्होंने कहा कि मेरे स्वास्थ्य के बारे में व्यक्तिगत रूप से पूछने के लिए उनका विनम्रतापूर्वक आना उनकी गर्मजोशी, स्नेह और मानवीय नेतृत्व को दर्शाता है. अपने व्यस्त कार्यक्रम और अपार जिम्मेदारियों के बावजूद, उन्होंने मिलने और अपना समर्थन देने के लिए समय निकाला, यह एक ऐसा भाव है जिसकी मैं तहे दिल से सराहना करता हूं और जिसे मैं संजो कर रखता हूं. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। Source link

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चंद्रनाथ रथ मर्डर केस अपडेट: बदमाशों ने 45 दिन पहले बना लिया...

Last Updated:May 10, 2026, 21:29 IST सुवेंदु अधिकारी के कार्यकारी सहायक चंद्रनाथ रथ की 6 मई की रात करीब साढ़े 10 बजे मध्यमग्राम के डोलतला इलाके में मोटरसाइकिल सवार हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी. हमलावरों ने उनकी गाड़ी को रोककर नजदीक से गोली चलाई और फिर फरार हो गए. ख़बरें फटाफट चंद्रनाथ रथ की 6 मई की रात को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. कोलकाता. पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक (पीए) चंद्रनाथ रथ की हत्या की जांच जारी है. जांचकर्ताओं का कहना है कि हत्या में इस्तेमाल की गई कार झारखंड से लाई गई थी और उसी कार से ऑनलाइन पैसे भेजे गए थे. एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी. इसी सुराग के आधार पर आरोपियों की तलाश जारी है. हालांकि, अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है. चंद्रनाथ की हत्या की जांच के लिए पश्चिम बंगाल पुलिस ने एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है. टीम में स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) और क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (सीआईडी) के पुलिस अधिकारी भी शामिल हैं. जांच टीम के सदस्य आरोपियों की तलाश में उत्तर प्रदेश गए हैं. जांचकर्ताओं को उम्मीद है कि इन सभी सुरागों के जरिए जल्द ही चंद्रनाथ के हत्यारे तक पहुंचा जा सकेगा और अपराधी पकड़े जाएंगे. इसके साथ ही, पुलिस ने बाली टोल प्लाजा से सीसीटीवी फुटेज भी हासिल किए हैं, जिनकी जांच की जा रही है. पैसों का भुगतान यूपीआई ​​के जरिए ऑनलाइन किया गया था, इसलिए उस माध्यम से और अधिक जानकारी जुटाने के प्रयास किए जा रहे हैं. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, इस हत्या के मामले में कई लोगों से पूछताछ की जा रही है. चंद्रनाथ की हत्या 6 मई की रात को उत्तरी 24 परगना जिले के मध्यमग्राम में गोली मारकर कर दी गई थी. चंद्रनाथ की कार के सामने अचानक एक चार-पहिया वाहन आ गया, जिसके चलते उनकी कार रुक गई. उसी समय, दोनों तरफ से दो बाइकों पर सवार होकर बदमाश आए और उन्होंने चंद्रनाथ तथा उनके ड्राइवर पर गोलियां चला दीं, जिसके परिणामस्वरूप सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक की मौके पर ही मौत हो गई. चंद्रनाथ का ड्राइवर अभी भी अस्पताल में भर्ती है. इस घटना को लेकर भाजपा ने तृणमूल कांग्रेस पर आरोप लगाए हैं. हालांकि, तृणमूल कांग्रेस ने एक बयान जारी कर घटना की निंदा की है और अदालत की निगरानी में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की मांग की है. पुलिस के अनुसार, चंद्रनाथ की हत्या की साजिश कम से कम डेढ़ महीने पहले ही रच ली गई थी. यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि उस समय उसे मारने की वजह किसके पास हो सकती थी, और क्या चंद्रनाथ का किसी से कोई झगड़ा था. पुलिस ने घटना वाले दिन ही हत्या में इस्तेमाल हुई कार को जब्त कर लिया था. कार की नंबर प्लेट नकली निकली, जिसके बाद बदमाशों की दो बाइक भी बरामद की गईं. इन बाइकों की नंबर प्लेट भी नकली हैं. ऐसा जांच को गुमराह करने के इरादे से किया गया था. About the Author Rakesh Ranjan Kumar राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Kolkata,West Bengal Source link

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PM MITRA textile park। Bangladesh News। क्‍या है भारत के पीएम मित्र...

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वारंगल (तेलंगाना) में भारत के पहले पीएम मित्र पार्क का उद्घाटन कर वैश्विक कपड़ा बाजार में एक बड़े बदलाव का शंखनाद कर दिया है. 1,695.54 करोड़ रुपये की लागत और 1,327 एकड़ में फैला यह पार्क केवल एक औद्योगिक क्षेत्र नहीं बल्कि बांग्लादेश और वियतनाम जैसे देशों के टेक्सटाइल वर्चस्व को सीधी चुनौती है. फार्म टू फॉरेन के 5F विजन के साथ भारत अब कच्चे माल के निर्यातक से बदलकर तैयार कपड़ों के वैश्विक हब बनने की राह पर है. जानकारों का मानना है कि वारंगल से शुरू हुई यह क्रांति बांग्लादेश के कपड़ा बाजार के लिए डेड एंड साबित हो सकती है. टेक्सटाइल की वैश्विक जंग में भारत का चेकमेटवारंगल में पीएम मित्र पार्क का उद्घाटन केवल एक फैक्ट्री का खुलना नहीं है बल्कि यह बांग्लादेश के उस एकाधिकार को खत्म करने की शुरुआत है जो उसने पिछले दो दशकों में बनाया था. यदि भारत के सातों पार्क इसी गति से शुरू हो गए तो आने वाले समय में दुनिया के हर बड़े स्टोर पर मेड इन बांग्लादेश की जगह मेड इन इंडिया का लेबल दिखाई देगा. PM MITRA पार्क की खूबियां और बांग्लादेश पर असर 1. लॉजिस्टिक्स की मार: एक ही छत के नीचे सब कुछबांग्लादेश के साथ सबसे बड़ी समस्या यह है कि वहां कपड़ा उद्योग बिखरा हुआ है. पीएम मित्र पार्क में स्पिनिंग, बुनाई, प्रोसेसिंग, प्रिंटिंग से लेकर गारमेंटिंग तक एक ही परिसर में होगा. इससे लॉजिस्टिक्स लागत में भारी कमी आएगी, जिससे भारतीय कपड़े वैश्विक बाजार में बांग्लादेशी कपड़ों से कहीं ज्यादा सस्ते और प्रतिस्पर्धी हो जाएंगे. 2. 5F विजन: खेत से लेकर विदेश तक का सफरभारत के पास कपास का विशाल भंडार है. अभी तक हम कच्चा कपास निर्यात करते थे और बांग्लादेश उसे प्रोसेस कर दुनिया को बेचता था. अब मोदी सरकार के 5F विजन (Farm to Fiber to Factory to Fashion to Foreign) के तहत वारंगल का किसान सीधे फैक्ट्री को कपास देगा और वहां से तैयार फैशन सीधे विदेश जाएगा. यह बांग्लादेश के’कच्चे माल के स्रोत पर सीधी चोट है. 3. बड़े पैमाने पर उत्पादनवारंगल पार्क 1,327 एकड़ में फैला है जो 24,000 से अधिक प्रत्यक्ष नौकरियां पैदा करेगा. इतनी बड़ी क्षमता वाला इंटीग्रेटेड टेक्सटाइल पार्क दुनिया में विरले ही हैं. जब उत्पादन इतने बड़े पैमाने पर होगा तो प्रति यूनिट लागत 10 से 15 प्रतिशत घटेगी, जिससे भारत उन ऑर्डर्स को हथियाने में कामयाब होगा जो अब तक ढाका जाते थे. 4. आधुनिक तकनीक और सस्टेनेबिलिटीयूरोप और अमेरिका के बड़े ब्रांड अब सस्टेनेबल टेक्सटाइल मांग रहे हैं. पीएम मित्र पार्कों को विश्व स्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर, जीरो लिक्विड डिस्चार्ज और रिन्यूएबल एनर्जी के साथ डिजाइन किया गया है. बांग्लादेश के पुराने और असुरक्षित कारखानों की तुलना में विदेशी खरीदार अब भारत के इन आधुनिक पार्कों को प्राथमिकता देंगे. 5. महिला सशक्तिकरण और लेबर एडवांटेजकपड़ा उद्योग में महिलाओं की भागीदारी सबसे अधिक होती है. वारंगल पार्क खासतौर पर महिलाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा कर रहा है. भारत की स्किल्ड लेबर और केंद्र सरकार की PLI स्कीम का दोहरा फायदा बांग्लादेश के सस्ते श्रम के मुकाबले भारत को क्वालिटी और स्पीड में आगे खड़ा कर देगा. सवाल-जवाब पीएम मित्र योजना के तहत कुल कितने पार्कों को मंजूरी मिली है? सरकार ने कुल सात साइटों को मंजूरी दी है, जिनमें तेलंगाना (वारंगल) के अलावा कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और गुजरात शामिल हैं. क्या यह पार्क वास्तव में बांग्लादेश के टेक्सटाइल मार्केट को नुकसान पहुंचाएगा? निश्चित रूप से. अब तक बांग्लादेश भारतीय कपास और धागे पर निर्भर था. अब भारत खुद उन धागों से कपड़े बनाकर सीधे निर्यात करेगा जिससे बांग्लादेश के पास वैल्यू एडिशन का मौका कम हो जाएगा और भारत के एक्सपोर्ट वॉल्यूम में भारी बढ़ोतरी होगी. वारंगल पार्क से कितनी नौकरियों की उम्मीद है? इस परियोजना से 24,400 से ज्यादा प्रत्यक्ष नौकरियां और हजारों अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा होने की उम्मीद है, जिनमें से कई नियुक्तियां पहले ही की जा चुकी हैं. Source link

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vijay tvk strategy | Tamil Nadu 2026 elections | पन्ना प्रमुख, बूथ...

(रिपोर्ट- उदित मिश्रा) 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनावों ने देश की राजनीतिक व्यवस्था को चौंका दिया. 4 मई को चुनाव आयोग ने नतीजे घोषित किए, जिसमें तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके), जो महज दो साल पुरानी पार्टी है, तमिलनाडु में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी और 59 साल से जारी द्रविड़ वर्चस्व का सिलसिला खत्म कर दिया. इन नतीजों से तमिलनाडु में पहली बार त्रिशंकु विधानसभा बनी. एआईएडीएमके ने विपक्ष का दर्जा डीएमके को गंवा दिया. निवर्तमान मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने कोलाथुर सीट हार दी, जिसे उन्होंने लगातार तीन बार जीता था. 5 मई को तमिलनाडु के सीएम एम के स्टालिन ने इस्तीफा दे दिया. टीवीके के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार विजय ने पेरंबूर और तिरुचिरापल्ली ईस्ट दोनों सीटों पर जीत दर्ज की. रविवार यानी 10 मई को विजय तमिलनाडु के सीएम बन गए. बीजेपी की नरेंद्र मोदी और अमित शाह के नेतृत्व में उभरने की कहानी पार्टी मशीन और बूथ स्तर के प्रबंधन पर आधारित थी. टीवीके ने इसे लगभग हूबहू अपनाया. पिछले साल फरवरी में टीवीके ने बड़े पैमाने पर सदस्यता अभियान की घोषणा की, जिसमें 70,000 से ज्यादा बूथ एजेंट नियुक्त करने और पार्टी की आंतरिक संरचना को 2026 विधानसभा चुनावों के लिए तैयार करने की योजना थी. फरवरी 2024 में लॉन्च के बाद, पार्टी ने नई संगठनात्मक संरचना बनाई, जिसमें 10 डिप्टी जनरल सेक्रेटरी, 10 जोनल इंचार्ज और 5 ऑर्गनाइजेशनल सेक्रेटरी नियुक्त किए, जो सभी 234 विधानसभा क्षेत्रों की देखरेख करते हैं. टीवीके ने तमिलनाडु को दक्षिण, उत्तर, डेल्टा (पूर्व) और कोंगु (पश्चिम) क्षेत्रों में बांटकर जोनवार बूथ कमेटी मीटिंग्स की योजना बनाई, जिनकी निगरानी विजय खुद करते थे. पार्टी ने राज्य में दो करोड़ सदस्य बनाने का लक्ष्य रखा बीजेपी का खास टूल ‘पन्ना प्रमुख’ सिस्टम है, जिसमें एक पार्टी कार्यकर्ता वोटर लिस्ट के एक पन्ने (करीब 30 वोटर) का जिम्मेदार होता है. टीवीके के 70,000 बूथ एजेंट 234 विधानसभा क्षेत्रों में इसी तरह का वोटर कवरेज आर्किटेक्चर है. टीवीके ने चेन्नई में महत्वपूर्ण रणनीति बैठकें की, जिसमें राज्य कार्यकारिणी और जिला सचिवों को बुलाया गया, और बूथ स्तर पर सक्रियता और फील्ड गतिविधियों के समन्वय पर फोकस किया गया. बीजेपी की गहराई में सफलता का बड़ा कारण आरएसएस है, जो दशकों पुराना कैडर नेटवर्क है और जमीनी स्तर पर भरोसा कायम करता है. टीवीके के पास इसका समकक्ष था, विजय के फैन क्लब. जुलाई 2009 में, अभिनेता विजय ने अपने फैन क्लबों, जिनकी संख्या तमिलनाडु में करीब 85,000 बताई जाती है, को विजय मक्कल इयक्कम (विजय का जन आंदोलन) नामक कल्याण संघ के तहत संगठित किया. इस संघ ने 2011 के चुनावों में एआईएडीएमके गठबंधन का समर्थन किया. कुछ समय तक निष्क्रिय रहने के बाद, संगठन ने 2021 में स्थानीय निकाय चुनावों में 169 सीटों में से 115 सीटें जीत लीं. ये साधारण फैन क्लब नहीं थे. ये एक अनुशासित और संगठित नेटवर्क में बदल गए, जो तमिलनाडु में फैला हुआ था. 1990 के दशक से यह नेटवर्क लगातार बनाया गया. जो शुरुआत में फिल्मी प्रशंसा थी, वह धीरे-धीरे संगठित सामाजिक गतिविधियों में बदल गई, जैसे रक्तदान शिविर, गरीबों के लिए कल्याण कार्य और आपदा राहत. इन प्रयासों से भरोसा बना और सामाजिक पूंजी तैयार हुई. यही पूंजी बाद में राजनीतिक आधार बन गई. रविवार को विजय का होगा शपथ समारोह. फैन क्लब पहले से ही स्थानीय समुदायों से जुड़कर मुद्दों को समझ रहे थे और जमीनी स्तर की जानकारी जुटा रहे थे. जब पार्टी औपचारिक रूप से बनी, तो यह ग्राउंडवर्क तुरंत ऑपरेशनल ताकत में बदल गया. इसी वजह से टीवीके ने राजनीतिक क्षेत्र में तैयार जमीनी उपस्थिति के साथ प्रवेश किया. यही बीजेपी ने 2012 से 2014 के बीच किया, पहले से मौजूद विचारधारा नेटवर्क को चुनावी मशीन में बदल दिया. टीवीके ने यह फैनबेस के जरिए किया, न कि धार्मिक-सांस्कृतिक नेटवर्क के जरिए. बीजेपी ने 2014 में प्रशांत किशोर का इस्तेमाल किया और फिर कई राज्य चुनावों में. टीवीके ने भी यही किया. चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने टीवीके के शीर्ष नेताओं के साथ कई बैठकें कीं, जिसमें पार्टी के लिए व्यापक रणनीति तैयार की गई. किशोर ने पार्टी नेतृत्व को विस्तृत SWOT विश्लेषण रिपोर्ट दी, जिसमें पार्टी की ताकत, कमजोरियां और सुधार के क्षेत्र बताए गए. रिपोर्ट में वोट शेयर बढ़ाने का रोडमैप दिया गया, जिसे किशोर ने 15% से 20% तक बताया. वरिष्ठ टीवीके नेताओं ने बताया कि रिपोर्ट ‘एक व्यापक दस्तावेज है, जो पार्टी की मौजूदा स्थिति का 360 डिग्री विश्लेषण करता है और चुनाव में संभावनाएं सुधारने के सुझाव देता है.’ किशोर ने इस विचार को खारिज किया कि टीवीके को एआईएडीएमके की जरूरत है, और कहा कि पार्टी स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ेगी. ‘टीवीके के पास 2026 में तमिलनाडु चुनाव जीतने का बड़ा मौका है,’ उन्होंने कहा, ‘इस वीडियो को संभालकर रखिए और नतीजों के वक्त चलाइए.’ फिलहाल पार्टी ने किसी भी तरह की टूट से इनकार किया है. (फाइल फोटो PTI) डिजिटल दबदबा, एल्गोरिदम बनाम सड़क बीजेपी का 2014 का चुनाव भारत का पहला सोशल मीडिया चुनाव कहा गया. टीवीके ने 2026 में तमिलनाडु में यही किया. टीवीके के डिजिटल आर्किटेक्ट सीटीआर निर्मल कुमार बीजेपी और एआईएडीएमके दोनों के डिजिटल वार रूम के अनुभवी थे. उनके पास आक्रामक, एल्गोरिदम-आधारित सोशल मीडिया इकोसिस्टम बनाने का विशेष ज्ञान था. विश्लेषकों ने टीवीके के मजबूत डिजिटल अभियान को विजय की सफलता का बड़ा कारण बताया, जिसमें पार्टी ने खुद को भ्रष्टाचार मुक्त और नया विकल्प बताया, जबकि द्रविड़ शासन के प्रति लोगों में थकावट महसूस हो रही थी. टीवीके की अक्टूबर 2024 की विक्रवंडी कांफ्रेंस में करीब 3 लाख लोग जुटे और इसे हर डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाइव स्ट्रीम किया गया, जैसा बीजेपी की मोदी रैलियों में होता है. टीवीके ने समझा कि ध्यान की अर्थव्यवस्था में एक बड़ा, दिखने वाला कार्यक्रम पूरे न्यूज साइकिल को बदल सकता है. रणनीतिक धैर्य, 2024 छोड़ो, 2026 पर कब्जा करो बीजेपी की सबसे कम सराही गई रणनीति रही है कि कौन सी लड़ाई छोड़नी है. मोदी की बीजेपी ने उन राज्य चुनावों में ज्यादा विस्तार नहीं किया, जहां उनका आधार नहीं था, और संसाधन जीतने योग्य लक्ष्यों के लिए बचाए. विजय ने साफ किया कि टीवीके 2024 लोकसभा चुनाव नहीं लड़ेगी, बल्कि 2026 के लिए जमीनी समर्थन बनाने पर ध्यान देगी.

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वो जो करते थे फॉलो करता था, आज उनके कमरे में चला...

होमखेलक्रिकेट संजू सैमसन को बनना था महेंद्र सिंह धोनी जैसा, सपने जैसा लगता है साथ बैठना Last Updated:May 10, 2026, 18:22 IST संजू सैमसन ने चेन्नई सुपर किंग्स के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के साथ खेलने को लेकर दिल की बात सबसे सामने रखी, उन्होंने बताया कि कैसे जब छोटे थे तो उनको खेलते देखा था. तब उनको आदर्श मानते थे और ड्रेसिंग रूम में एक साथ रहते हैं. यह अनुभव हद से ज्यादा कमाल का है. संजू सैमसन को बनना था महेंद्र सिंह धोनी जैसा, सपने जैसा लगता है साथ बैठना नई दिल्ली. संजू सैमसन ने चेन्नई सुपर किंग्स में महेंद्र सिंह धोनी के साथ ड्रेसिंग रूम साझा करने के अपने बचपन के सपने के पूरे होने को लेकर खुलकर बात की. बताया कि कैसे बचपन से ही वह इस दिग्गज विकेटकीपर-बल्लेबाज के फैन रहे हैं. सुपर किंग्स पॉडकास्ट के ताजा एपिसोड में सैमसन ने याद किया कि पहली बार उन्होंने धोनी को भारत के लिए बल्लेबाजी करते हुए देखा था और कैसे वह उनके आदर्श बन गए थे. केरल के इस बल्लेबाज ने बताया कि जब धोनी ने अपने लंबे बालों और बेखौफ बल्लेबाजी के अंदाज के साथ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखा था, तब वह स्कूल में ही थे. संजू सैमसन ने कहा, “मैं चौथी या पांचवीं क्लास में था, बहुत छोटा था. मुझे याद है कि मैंने एक लंबे बालों वाले लड़के को भारत के लिए बल्लेबाजी करने जाते हुए देखा. वह कुछ मैचों में जल्दी आउट हो जाते थे, फिर अचानक पाकिस्तान के खिलाफ शतक जड़ दिया. उन्होंने 183 रन बनाए, फिर उसके बाद लगातार बड़े स्कोर करने लगे. उसी पल से मैं उनका बड़ा फैन बन गया,” एमएस धोनी की पाकिस्तान के खिलाफ यादगार पारी. श्रीलंका के खिलाफ 183 रन की पारी ने उन्हें भारतीय क्रिकेट का बड़ा सितारा बना दिया था. सैमसन ने माना कि वह धोनी से जुड़ी हर चीज को फॉलो करते थे. “उसके बाद वह हर जगह पोस्टर, मीडिया, विज्ञापन में फॉलो करते थे. वह बूस्ट के विज्ञापनों में भी आते थे. घर में हम बूस्ट पीते थे और उसकी बोतल पर एक स्टीकर होता था. मुझे याद है कि मैंने उस पोस्टर से माही का चेहरा काटकर अपनी डायरी में चिपका लिया था.” सालों बाद बचपन की वही दीवानगी अब CSK में एक करीबी गुरु-शिष्य के रिश्ते में बदल गई है. “उस पल से लेकर आज जहां मैं हूं, क्या कहूं? मैं उनके साथ बैठता हूं, बात करता हूं, उनके साथ खेलता हूं. उनके कमरे में जाता हूं और जो भी पूछना होता है, पूछ लेता हूं. वह मुझे सलाह भी देते हैं. यह एक सपना रहा है, बल्कि सपने से भी बढ़कर. मुझे लगता है कि हर बच्चा इसका सपना देखता है और मैं खुद को बहुत भाग्यशाली मानता हूं कि यहां हूं,” About the Author Viplove Kumarchief sub editor विप्लव कुमार 2022 से न्यूज18 के साथ काम कर रहे हैं. रीडर्स के लिए दिन की शुरुआत अच्छी हो इसकी खास जिम्मेदारी उनके कंधे पर होती है. सुबह की शिफ्ट में आकर पिछले दिन हुई रोचक घटना से लेकर पूरे दिन होने वाली गतिविध…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : New Delhi,Delhi Source link

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कभी हाउसफुल से गूंजता था ये थिएटर, आज खंडहर बनी दीवारों में...

होमवीडियोदेश कभी हाउसफुल रहता था ये थिएटर, आज खंडहर में गूंजती हैं पुरानी तालियां X कभी हाउसफुल रहता था ये थिएटर, आज खंडहर में गूंजती हैं पुरानी तालियां   भद्राचलम के पुराने बाजार इलाके में खड़ा गोपालकृष्ण थिएटर आज बीते दौर की एक खामोश कहानी बन चुका है. कभी यह थिएटर शहर की शान, युवाओं की पहली पसंद और परिवारों के मनोरंजन का सबसे बड़ा केंद्र हुआ करता था. यहां नई फिल्म लगते ही टिकट खिड़की पर लंबी कतारें लगती थीं और ‘हाउसफुल’ के बोर्ड आम बात थे. एनटी रामा राव, चिरंजीवी और अक्किनेनी नागेश्वर राव जैसे दिग्गज कलाकारों की फिल्मों पर दर्शकों की सीटियां और तालियां पूरे हॉल को गूंजा देती थीं. लेकिन वक्त बदला, मनोरंजन के तरीके बदले और मल्टीप्लेक्स व डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के दौर ने सिंगल स्क्रीन थिएटरों की चमक धीरे-धीरे छीन ली. कभी सपनों से जगमगाने वाला गोपालकृष्ण थिएटर अब वीरान खंडहर में तब्दील हो चुका है. टूटी छतें, धूल से ढकी कुर्सियां और फटी हुई स्क्रीन इसकी बदहाली की कहानी बयां कर रही हैं. सोशल मीडिया पर वायरल हुई तस्वीरों ने लोगों की पुरानी यादें ताजा कर दी हैं. यह थिएटर अब सिर्फ एक इमारत नहीं, बल्कि उस दौर की आखिरी निशानी बन गया है जब सिनेमा सिर्फ फिल्म नहीं, बल्कि लोगों की भावनाओं का सबसे बड़ा उत्सव हुआ करता था. Last Updated:May 10, 2026, 17:20 ISTदेश न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। Source link

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CBSE 12th Result 2026 TIME LIVE: इंटरनेट के बिना डिजिलॉकर पर सीबीएसई...

नई दिल्ली (CBSE 12th Result 2026 TIME LIVE). सीबीएसई 12वीं रिजल्ट 2026 बहुत जल्द घोषित होने वाला है. केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड अब किसी भी वक्त सीबीएसई 12वीं रिजल्ट 2026 का डायरेक्ट लिंक ऑफिशियल वेबसाइट cbse.gov.in पर एक्टिव कर देगा. इसके साथ ही सरकारी रिजल्ट डिजिलॉकर ऐप और वेबसाइट digilocker.gov.in या उमंग ऐप पर भी चेक कर सकते हैं. डिजिलॉकर ने अपने ऐप और वेबसाइट पर Coming Soon का मेसेज अपलोड कर दिया है. इस साल सीबीएसई बोर्ड 12वीं की कॉपियां डिजिटल तरीके से चेक की गईं हैं. इससे गलती की गुंजाइश कम रहने की संभावना है. सीबीएसई 12वीं के नतीजे भारत के साथ ही दुनिया के अन्य हिस्सों में इसी बोर्ड से पढ़ाई कर रहे स्टूडेंट्स के लिए भी जारी किए जाएंगे. ईरान और इजरायल-अमेरिका युद्ध की वजह से पश्चिमी एशिया में हालात बिगड़ गए थे. इसलिए वहां सीबीएसई बोर्ड 12वीं की परीक्षाएं रद्द हो गई थीं. यूएई समेत कई देशों में रिजल्ट जारी करने के लिए ऑल्टरनेटिव मेथड अपनाया जाएगा. सीबीएसई 12वीं रिजल्ट 2026 जारी होते ही नीचे लिखे स्टेप्स से उसे चेक कर सकते हैं- स्टेप 1- सीबीएसई की ऑफिशियल वेबसाइट cbse.gov.in पर विजिट करें. स्टेप 2- CBSE 12th Result 2026 लिंक पर क्लिक करें. स्टेप 3- रोल नंबर, स्कूल नंबर और एडमिट कार्ड आईडी जैसी डिटेल्स एंटर करें. स्टेप 4- इतना करते ही सीबीएसई 12वीं रिजल्ट स्क्रीन पर डिसप्ले हो जाएगा. स्टेप 5- सीबीएसई 12वीं रिजल्ट 2026 चेक करके उसे डाउनलोड कर लें. फ्यूचर रेफरेंस के लिए प्रिंटआउट भी निकाल लें. CBSE 12th Result 2026 Date LIVE: सीबीएसई 12वीं रिजल्ट पिछले साल कब जारी हुआ था? सीबीएसई 12वीं रिजल्ट 2026 लाइव: सीबीएसई 12वीं रिजल्ट पिछले साल यानी 2025 में 13 मई को घोषित किया गया था. इस साल भी 15 मई तक 12वीं के नतीजे घोषित होने की पूरी संभावना है. CBSE 12th Topper List 2026 LIVE: क्या सीबीएसई टॉपर लिस्ट जारी करेगा? सीबीएसई 12वीं रिजल्ट 2026 लाइव: सीबीएसई मनोवैज्ञानिक दबाव कम करने के लिए ‘फर्स्ट, सेकंड, थर्ड’ की घोषणा नहीं करता. हालांकि, जो स्टूडेंट्स हर विषय में 95% से अधिक अंक लाते हैं या टॉप 0.1% में होते हैं, उन्हें बोर्ड बाद में डाक के जरिए ‘मेरिट सर्टिफिकेट’ भेजता है. CBSE 12th Result 2026 LIVE: डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के लिए QR कोड सीबीएसई 12वीं रिजल्ट 2026 लाइव: डिजिलॉकर वाली मार्कशीट के नीचे एक QR कोड होता है. कॉलेज इसे स्कैन करके तुरंत पुष्टि कर सकते हैं कि मार्कशीट असली है या नहीं. इससे फर्जीवाड़े की गुंजाइश खत्म हो जाती है. CBSE 12th Result 2026 LIVE:विषय कोड और ग्रेडिंग सिस्टम सीबीएसई 12वीं रिजल्ट 2026 लाइव: मार्कशीट में विषय के नाम के साथ उसका कोड (जैसे English-301) होता है. इसके साथ ही ‘Positional Grade’ (A1, A2, B1) भी दिया जाता है, जो बताता है कि आप उस विषय में देश के टॉप कितने प्रतिशत छात्रों में शामिल हैं. CBSE 12th Result 2026 LIVE: माइग्रेशन सर्टिफिकेट का महत्व सीबीएसई 12वीं रिजल्ट 2026 लाइव: सीबीएसई डिजिलॉकर पर मार्कशीट के साथ-साथ ‘माइग्रेशन सर्टिफिकेट’ भी जारी करता है. अगर आप स्कूल बदलकर किसी यूनिवर्सिटी (जैसे DU या BHU) में जा रहे हैं तो एडमिशन के वक्त यह सबसे जरूरी डॉक्यूमेंट होगा. CBSE Class 12th Result LIVE: इंटरनल असेसमेंट और थ्योरी का ब्रेकअप सीबीएसई 12वीं रिजल्ट 2026 लाइव: मार्कशीट में थ्योरी के 80/70 अंक और इंटरनल/प्रैक्टिकल के 20/30 अंक अलग-अलग कॉलम में होते हैं. स्टूडेंट को दोनों में अलग-अलग पास होना जरूरी नहीं है (12वीं में एग्रीगेट 33% चाहिए होता है, लेकिन प्रैक्टिकल देना अनिवार्य है). CBSE Class 12th Marksheet 2026 LIVE: प्रोविजनल मार्कशीट बनाम ओरिजिनल सीबीएसई 12वीं मार्कशीट 2026 लाइव: सीबीएसई की ऑनलाइन डाउनलोड की गई मार्कशीट पर ‘PROVISIONAL’ लिखा हो सकता है. इसका मतलब है कि यह कॉलेज में एडमिशन के लिए तुरंत इस्तेमाल की जा सकती है, लेकिन जब तक स्कूल से हार्ड कॉपी न मिले, इसे संभालकर रखना होगा. CBSE Class 12th Result LIVE: IVRS और लैंडलाइन सेवा से जानें सीबीएसई 12वीं रिजल्ट सीबीएसई 12वीं रिजल्ट 2026 लाइव: जो स्टूडेंट्स दूर-दराज के इलाकों में हैं, उनके लिए सीबीएसई इंटरएक्टिव वॉयस रिस्पांस सिस्टम नंबर जारी करता है. आप लोकल बोर्ड ऑफिस के नंबर पर कॉल करके अपना रोल नंबर बोलकर विषय-वार अंक सुन सकते हैं. DigiLocker CBSE Result Class 12th LIVE: उमंग (UMANG) ऐप का विकल्प सीबीएसई 12वीं रिजल्ट 2026 लाइव: अगर डिजिलॉकर और वेबसाइट दोनों धीमे चल रहे हैं तो ‘उमंग’ ऐप एक सरकारी एग्रीगेटर है जो सीधे बोर्ड के सर्वर से डेटा उठाता है. यहां ‘सीबीएसई’ सर्च करके रिजल्ट देखना अक्सर ज्यादा तेज होता है. CBSE Class 12th Result LIVE: रिजल्ट घोषणा की टाइमिंग का ट्रेंड सीबीएसई 12वीं रिजल्ट 2026 लाइव: सीबीएसई अक्सर दोपहर 12 बजे से 2 बजे के बीच 12वीं रिजल्ट जारी करता है. डिजिलॉकर पर अपडेट आने का मतलब है कि बोर्ड अब बस प्रेस रिलीज जारी करने और ऑफिशियल ट्विटर (अब X) हैंडल पर घोषणा करने की तैयारी में है. DigiLocker CBSE Result Class 12th LIVE: एडमिट कार्ड आईडी का महत्व सीबीएसई 12वीं रिजल्ट 2026 लाइव: कई स्टूडेंट्स केवल रोल नंबर याद रखते हैं, लेकिन सीबीएसई पोर्टल पर रिजल्ट देखने के लिए ‘एडमिट कार्ड आईडी’ भी जरूरी होती है. यह आपके एडमिट कार्ड पर ऊपर राइट साइड में लिखी होती है. इसके बिना आप लॉगिन नहीं कर पाएंगे. DigiLocker CBSE Result Class 12th LIVE: सीबीएसई बोर्ड की वेबसाइट क्रैश होने पर क्या करें? सीबीएसई 12वीं रिजल्ट 2026 लाइव: सीबीएसई के पास करोड़ों हिट्स झेलने के लिए कई मिरर साइट्स हैं. अगर cbseresults.nic.in लोड नहीं हो रही है तो स्टूडेंट्स तुरंत results.gov.in या गूगल सर्च के माध्यम से सीधे ‘सीबीएसई रिजल्ट पोर्टल’ खोजें, जहां ट्रैफिक कम हो सकता है. CBSE Class 12th Result LIVE: डिजिटल मार्कशीट की कानूनी मान्यता सीबीएसई 12वीं रिजल्ट 2026 लाइव: आईटी एक्ट 2000 के तहत, डिजिलॉकर की तरफ से जारी डिजिटल मार्कशीट को फिजिकल मार्कशीट के बराबर ही दर्जा प्राप्त है. यूनिवर्सिटी और कॉलेज एडमिशन के समय इसे ‘ओरिजिनल’ मानकर स्वीकार करने के लिए बाध्य हैं. DigiLocker CBSE Result Class 12th LIVE: बिना इंटरनेट के डिजिलॉकर एक्सेस सीबीएसई 12वीं रिजल्ट 2026 लाइव: डिजिलॉकर की सबसे बड़ी खासियत है कि एक बार रिजल्ट ‘इश्यूड डॉक्यूमेंट्स’ में सेव हो जाने के बाद आप उसे बिना इंटरनेट के भी ऐप पर देख सकते

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CBSE 12th Result 2026: सीबीएसई 12वीं रिजल्ट कुछ देर में, डिजिलॉकर पर...

नई दिल्ली (CBSE 12th Result 2026). सीबीएसई 12वीं के स्टूडेंट्स की धड़कनें तेज हो गईं हैं. महीनों का इंतजार, प्रैक्टिकल की टेंशन और बोर्ड परीक्षा कादबाव अब अपने अंतिम पड़ाव पर है. डिजिलॉकर पर सीबीएसई 12वीं रिजल्ट 2026 ‘Coming Soon’ का साइन बोर्ड लटक चुका है, जिसका सीधा सा मतलब है कि सीबीएसई किसी भी वक्त 12वीं रिजल्ट जारी कर सकता है. सोशल मीडिया से लेकर स्कूल के WhatsApp ग्रुप्स तक, सिर्फ एक ही सवाल गूंज रहा है- भाई, रिजल्ट आ गया क्या? डिजिलॉकर का ताजा अपडेट बड़ा संकेत है कि बोर्ड ने डेटा अपलोडिंग की प्रक्रिया लगभग पूरी कर ली है. अक्सर देखा गया है कि डिजिलॉकर पर स्टेटस बदलने के कुछ ही घंटों के अंदर ऑफिशियल वेबसाइट cbse.gov.in पर लिंक लाइव हो जाता है. ऐसे में स्टूडेंट्स को सलाह दी जाती है कि वे अपना रोल नंबर, स्कूल कोड और एडमिट कार्ड आईडी संभालकर रखें. सीबीएसई 12वीं रिजल्ट 2026 न केवल आपकी मेहनत का रिपोर्ट कार्ड होगा, बल्कि  कॉलेज एडमिशन की रेस में शुरुआती ‘लॉन्च पैड’ भी साबित होगा. डिजिलॉकर का ‘Coming Soon’ का क्या मतलब है? जब भी डिजिलॉकर ऐप और वेबसाइट digilocker.gov.in पर ‘सीबीएसई रिजल्ट कमिंग सून’ का बैनर दिखता है तो मान लेना चाहिए कि बोर्ड ने रिजल्ट की फाइल्स सर्वर पर चढ़ानी शुरू कर दी हैं. यह स्टूडेंट्स के लिए एक तरह का ‘प्री-नोटिफिकेशन’ है, जिससे वे अपना अकाउंट पहले से ही एक्टिवेट कर लें और बाद में उन्हें कोई दिक्कत न हो. डिजिलॉकर पर सीबीएसई 12वीं रिजल्ट 2026 कैसे देखें? सीबीएसई की वेबसाइट cbse.gov.in क्रैश होने पर डिजिलॉकर से 12वीं रिजल्ट चेक करना सबसे सही और सुरक्षित विकल्प है. आप नीचे लिखे स्टेप्स से सीबीएसई 12वीं रिजल्ट 2026 चेक कर सकते हैं- डिजिलॉकर ऐप डाउनलोड करें या digilocker.gov.in पर जाएं. अपने आधार नंबर या मोबाइल नंबर से साइन-इन करें. ‘Education’ सेक्शन में जाकर ‘CBSE’ चुनें. ‘Class XII Marksheet’ पर क्लिक करें और अपना रोल नंबर और साल दर्ज करें. सीबीएसई 12वीं डिजिटल मार्कशीट स्क्रीन पर आ जाएगी. सीबीएसई की वेबसाइट पर 12वीं रिजल्ट कैसे चेक करें? सीबीएसई का रिजल्ट मुख्य रूप से केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की ऑफिशियल वेबसाइट्स cbseresults.nic.in, cbse.nic.in और results.cbse.nic.in पर उपलब्ध होगा. इसके अलावा, उमंग (UMANG) ऐप और आईवीआरएस (IVRS) यानी फोन कॉल के जरिए भी स्टूडेंट्स अपना नतीजा सुन सकेंगे. ऑल्टरनेटिव तरीकों से पास और फेल का स्टेटस पता चल जाता है. सीबीएसई 12वीं रिजल्ट में इस बार क्या खास रहने वाला है? 2026 की बोर्ड परीक्षाओं में सीबीएसई ने मूल्यांकन प्रक्रिया को पहले से अधिक पारदर्शी बनाया है. मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो सीबीएसई 12वीं टॉपर लिस्ट 2026 आधिकारिक रूप से जारी नहीं की जाएगी, जिससे छात्रों के बीच गैर-जरूरी कॉम्पिटिशन और तनाव कम किया जा सके. हालांकि, मेरिट सर्टिफिकेट उन स्टूडेंट्स को जरूर मिलेंगे जिन्होंने विषयों में 0.1% हाईएस्ट स्कोर किया होगा. अगर डिजिलॉकर पिन (PIN) नहीं है तो क्या करें? केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने सीबीएसई से संबद्ध सभी स्कूलों को रिजल्ट से पहले ही 6 अंकों का सुरक्षा पिन (Security PIN) जारी कर दिया है. अगर आपको अपना पिन नहीं मिला है तो तुरंत अपने स्कूल से संपर्क करें. इसके बिना आप डिजिलॉकर (digilocker.gov.in) से सीबीएसई बोर्ड 12वीं की मार्कशीट डाउनलोड नहीं कर पाएंगे. सीबीएसई 12वीं रिजल्ट मन-मुताबिक नहीं होने पर क्या करें? सीबीएसई बोर्ड 12वीं के नतीजे जारी होने के बाद अगर आपको लगता है कि आपके अंक कम हैं तो आप ‘वेरिफिकेशन ऑफ मार्क्स’ के लिए आवेदन कर सकेंगे. वहीं, जो स्टूडेंट्स एक या दो विषयों में पास नहीं हो पाएंगे, उनके लिए सीबीएसई जून-जुलाई में सप्लीमेंट्री परीक्षा आयोजित करेगा. यह परीक्षा देकर आप इसी साल पास हो सकते हैं. सीबीएसई बोर्ड की वेबसाइट क्रैश होने पर क्या करें? सीबीएसई 12वीं रिजल्ट 2026 घोषित होते ही लाखों स्टूडेंट्स वेबसाइट cbse.gov.in पर एक साथ लॉगिन करेंगे. इस स्थिति में पोर्टल धीमा होना आम है. सीबीएसई बोर्ड की वेबसाइट क्रैश होने पर भी आपको घबराने की जरूरत नहीं है. अगले 15-20 मिनट में साइट फिर से सामान्य हो जाएगी.. या फिर ऊपर बताए गए ऑल्टरनेटिव तरीकों यानी डिजिलॉकर और उमंग ऐप का सहारा लें. Source link

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‘मुनीर की सेना दगाबाज, पीठ में घोंपा छुरा’, मसूद अजहर का पाकिस्‍तान...

होमताजा खबरदेश ‘मुनीर की सेना दगाबाज’, मसूद अजहर का पाकिस्‍तान आर्मी से उठा भरोसा Last Updated:May 10, 2026, 14:24 IST Jaish-e-Mohammad vs Pakistan Army: ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत ने पाकिस्‍तान और वहां सक्रिय आतंकवादी संगठनों को ऐसा जख्‍म दिया कि एक साल बाद भी वे इसके दर्द से कराह रहे हैं. आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्‍मद ने कहा कि भारत ने जब उसके ठिकानों पर अटैक किया था, तब पाकिस्‍तान आर्मी ने उसकी कोई मदद नहीं की थी. कुख्‍यात आतंकवादी मसूद अजहर के टेरर ऑर्गेनाइजेशन जैश-ए-मोहम्‍मद और पाकिस्‍तान आर्मी में ठन गई है. (फाइल फोटो/Reuters) Jaish-e-Mohammad vs Pakistan Army: ऑपरेशन सिंदूर से पाकिस्‍तान और वहां सक्रिय आतंकवादी संगठनों को ऐसा जख्‍म मिला है, जिसके दर्द से वे अभी तक कराह रहे हैं. कुख्‍यात आतंकवादी मसूद अजहर के संगठन जैश-ए-मोहम्‍मद ने पाकिस्‍तान सेना की कड़ी आलोचना की है. जैश ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान जब भारत ने अटैक किया था, तब आसिम मुनीर की सेना ने उसकी मदद नहीं की थी. बता दें कि पाकिस्‍तान आर्मी और खुफिया संगठन ISI के संरक्षण में ही जैश फलता-फूलता रहा है, ऐसे में आतंकवादी संगठन की ओर से इस तरह का बयान सामने आना कई पहलुओं की तरफ इशारा करता है. ऑपरेशन सिंदूर के बाद जैश और पाकिस्‍तान आर्मी के बीच दूरी बढ़ती जा रही है. दरअसल, जैश-ए-मोहम्मद ने पाकिस्तान आर्मी पर आरोप लगाते हुए कहा कि 7 मई 2025 को बहावलपुर में हुए भारतीय हमले के दौरान पाकिस्तान आर्मी ने उनकी कोई मदद नहीं की. सूत्रों से मिली जानकारी में यह भी सामने आया कि ऑपरेशन सिंदूर में मारे गए आतंकियों और हाफिज सईद एवं मसूद अजहर के करीबियों को बाद में सैन्य सम्मान जरूर मिला, लेकिन हमले के समय सीधे बचाव के लिए कोई आगे नहीं आया था. रिपोर्ट्स के मुताबिक, 7 मई 2025 को भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत बहावलपुर स्थित जैश-ए-मोहम्मद के मुख्यालय पर स्ट्राइक की थी. मसूद अजहर ने खुद माना था कि इस हमले में उसके परिवार के 10 सदस्य और 4 करीबी मारे गए थे. मसूद अजहर की आर्मी से ठनी कुछ पाकिस्तानी नेताओं और जैश आतंकवादियों के बयानों में यह भी दावा किया गया कि बहावलपुर और मुरीदके पर हमले के समय पाक सेना सक्रिय रूप से सामने नहीं आई. बाद में मारे गए आतंकियों के जनाजों में पाकिस्तानी सैन्य अधिकारियों की मौजूदगी देखी गई. जैश के एक शीर्ष आतंकवादी ने कहा कि मसूद अजहर के परिवार को टुकड़ों में उड़ा दिया गया और उन्हें तत्काल कोई सुरक्षा नहीं मिली. बता दें कि जैश-ए-मोहम्मद का पहली बार एक बड़ा आरोप पाकिस्तान पर लगा है कि 7 मई 2025 को बहावलपुर पर भारतीय हमले के दौरान पाकिस्तान आर्मी ने कोई मदद नहीं की. ऑपरेशन सिंदूर में मसूद अजहर के परिवार के कई सदस्य मारे गए थे. अब जैश का कहना है कि उसे बचाने के लिए कोई सामने नहीं आया था. About the Author Manish Kumar बिहार, उत्‍तर प्रदेश और दिल्‍ली से प्रारंभिक के साथ उच्‍च शिक्षा हासिल की. झांसी से ग्रैजुएशन करने के बाद दिल्‍ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में PG डिप्‍लोमा किया. Hindustan Times ग्रुप से प्रोफेशनल कॅरियर की शु…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Jammu,Jammu and Kashmir Source link

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