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Top Jobs 24 May SBI 7150 Posts & Railway 6565 Vacancies This...

Hindi News Career Top Jobs 24 May SBI 7150 Posts & Railway 6565 Vacancies This Week 12 मिनट पहले कॉपी लिंक इस हफ्ते निकली हैं रेलवे और बैंक समेत कई विभागों में 20,961 पदों पर नौकरियां। अगर आप भी इन पदों के लिए अप्लाई करना चाहते हैं, तो इन 6 नौकरियों की डिटेल्ड जानकारी 6 ग्राफिक्स के जरिए जानिए: पूरी खबर यहां पढ़ें पूरी खबर यहां पढ़ें पूरी खबर यहां पढ़ें पूरी खबर यहां पढ़ें पूरी खबर यहां पढ़ें पूरी खबर यहां पढ़ें . दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं… आज की सरकारी नौकरी: यूपी कृषि विभाग में 2759 भर्ती; पंजाब एंड सिंध बैंक में 635 वैकेंसी, बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन में 899 ओपनिंग्स जॉब – एजुकेशन कॉपी लिंक शेयर आज की सरकारी नौकरी: JNU में 100 पदों पर निकली भर्ती, एयरफोर्स कॉमन एडमिशन टेस्ट 2026 के लिए आवेदन शुरू, बिहार में ASI की 22 ओपनिंग्स जॉब – एजुकेशन कॉपी लिंक शेयर आज की सरकारी नौकरी: बैंक ऑफ बड़ौदा में अप्रेंटिस के 5000 पदों पर भर्ती; SBI में 7150 वैकेंसी, रेलवे में 1079 ओपनिंग्स जॉब – एजुकेशन कॉपी लिंक शेयर Source link

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Punjab Haryana High Court Recruitment 2026

Hindi News Career Punjab Haryana High Court Recruitment 2026 | 1265 Posts Sarkari Naukri Odisha JE Bharti 25 मिनट पहले कॉपी लिंक आज की सरकारी नौकरी में जानकारी राजस्थान में 3951 पदों पर निकली भर्ती, पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में 1265 नौकरी की। साथ में गुजरात मेट्रो में 383 वैकेंसी की जिसकी लास्ट डेट 28 मई तय की गई है। इन जॉब्स के बारे में पूरी जानकारी के साथ आवेदन की प्रक्रिया यहां देखिए… 1. राजस्थान में 3951 पदों पर निकली भर्ती, एज लिमिट 40 साल राजस्थान स्टाफ सिलेक्शन बोर्ड (RSSB ) ने सीनियर कंप्यूटर इंस्ट्रक्टर और बेसिक कंप्यूटर इंस्ट्रक्टर के पदों पर भर्ती निकाली है। उम्मीदवार rssb.rajasthan.gov.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। सीनियर कंप्यूटर इंस्ट्रक्टर एग्जाम 22 अगस्त और बेसिक कंप्यूटर इंस्ट्रक्टर के लिए एग्जाम 23 अगस्त को होगा। वैकेंसी डिटेल्स : पद का नाम पदों की संख्या सीनियर कंप्यूटर इंस्ट्रक्टर 322 बेसिक कंप्यूटर इंस्ट्रक्टर 3629 कुल पदों की संख्या 3649 एजुकेशनल क्वालिफिकेशन : बेसिक कंप्यूटर इंस्ट्रक्टर ग्रेजुएशन के साथ ‘A’ लेवल, PGDCA, BCA, B.Sc IT/CS या संबंधित इंजीनियरिंग डिग्री सीनियर कंप्यूटर इंस्ट्रक्टर : B.Tech / B.Sc IT / BCA / PGDCA / ‘A’ लेवल या इसके समकक्ष देवनागरी लिपि में हिंदी का नॉलेज और राजस्थानी कल्चर का नॉलेज जरूरी है। एज लिमिट : न्यूनतम : 18 साल अधिकतम : 40 साल आयु की गणना 1 जनवरी 2027 के अनुसार होगी। माध्यमिक शिक्षा विभाग में पिछली भर्ती नहीं होने के कारण अभ्यर्थियों को अधिकतम आयु सीमा में 3 साल की अतिरिक्त छूट भी मिलेगी। सैलरी : पे-मैट्रिक्स लेवल-8 – लेवल – 10 के अनुसार अन्य अलाउंस का लाभ भी मिलेगा। सिलेक्शन प्रोसेस : रिटन एग्जाम डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन मेरिट लिस्ट फीस : कैटेगरी का नाम फीस जनरल, ओबीसी 600 रुपए एससी, एसटी, पीडब्ल्यूडी 400 रुपए दिव्यांग 400 रुपए एग्जाम सिलेबस : कंप्यूटर साइंस एंड आईटी जनरल नॉलेज राजस्थान जनरल नॉलेज टीचिंग एप्टीट्यूड रीजनिंग एबिलिटी बेसिक मैथमेटिक्स एग्जाम पैटर्न : सीनियर कंप्यूटर इंस्ट्रक्टर : पेपर – 1 टॉपिक्स क्वेश्चन टोटल मार्क्स ड्यूरेशन पेपर – 1 आर्ट एंड कल्चर, हिस्ट्री, जियोग्राफी, जनरल साइंस एंड करेंट अफेयर्स ऑफ राजस्थानलॉजिकल रीजनिंग एंड एनालिटिकल एबिलिटी, डिसीजन मेकिंग एंड प्रॉब्लम सॉल्विंग, जनरल मेंटल एबिलिटी, बेसिक न्यूमरेसी, डाटा इंटरप्रिटेशन 100 100 2 घंटे पेपर – 2 पेडागॉजी, मेंटल एबिलिटी, फंडामेंटल्स ऑफ कंप्यूटर, प्रोग्रामिंग फंडामेंटल्स, ऑब्जेक्ट ओरिएंटेड प्रोग्रामिंग, डाटा स्ट्रक्चर्स एंड एलगोरिदम्स आदि 100 100 2 घंटे टोटल 200 200 4 घंटे एग्जाम पैटर्न : बेसिक कंप्यूटर इंस्ट्रक्टर : पेपर – 1 टॉपिक्स क्वेश्चन टोटल मार्क्स ड्यूरेशन पेपर – 1 आर्ट एंड कल्चर, हिस्ट्री, जियोग्राफी, जनरल साइंस एंड करेंट अफेयर्स ऑफ राजस्थानलॉजिकल रीजनिंग एंड एनालिटिकल एबिलिटी, डिसीजन मेकिंग एंड प्रॉब्लम सॉल्विंग, जनरल मेंटल एबिलिटी, बेसिक न्यूमरेसी, डाटा इंटरप्रिटेशन 100 100 2 घंटे पेपर – 2 पेडागॉजी, मेंटल एबिलिटी, फंडामेंटल्स ऑफ कंप्यूटर, प्रोग्रामिंग फंडामेंटल्स, डाटा प्रोसेसिंग, प्रोग्रामिंग फंडामेंटल्स, डाटा स्ट्रक्चसर्स एंड एलगोरिदम्स, कंप्यूटर ऑर्गेनाइजेशन एंड ऑपरेटिंग सिस्टम, कम्युनिकेशन एंड नेटवर्क कॉन्सेप्ट्स, नेटवर्क सिक्योरिटी, डाटाबेस मैनेजमेंट सिस्टम, सिस्टम एनालिसिस एंड डिजाइन, इंटरनेट ऑफ थिंग्स एंड इट्स एप्लिकेशन 100 100 2 घंटे टोटल 200 200 4 घंटे ऐसे करें आवेदन : RSSB की ऑफिशियल वेबसाइट rssb.rajasthan.gov.in पर जाएं। Recruitment सेक्शन पर क्लिक करें। Computer Instructor Recruitment 2026 लिंक पर क्लिक करें Registration करके फॉर्म भरें। जरूरी डॉक्यूमेंट्स अपलोड करके फीस जमा करें। फॉर्म सब्मिट करें। इसका प्रिंटआउट निकाल कर रखें। ऑफिशियल वेबसाइट लिंक ऑफिशियल नोटिफिकेशन लिंक 2. पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में 1265 भर्ती, 26 मई से शुरू आवेदन पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट में क्लर्क के 1265 पदों पर भर्ती निकली है। उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। कैटैगरी वाइस वैकेंसी डिटेल्स : कैटैगरी का नाम पदों की संख्या जनरल 141 डीएससी 118 ओएससी 102 बीसी-A 145 बीसी-B 101 पीडब्ल्यूबीडी 64 ईएसएम जनरल 91 ईएसएम डीएससी 21 ईएसएम ओएससी 15 ईएसएसएम बीसी – ए 39 ईएसएसएम बीसी – बी 40 ईडब्ल्यूएस 113 ईएसपी 25 एजुकेशनल क्वालिफिकेशन : ग्रेजुएशन की डिग्री कंप्यूटर का ज्ञान, खासकर वर्ड प्रोसेसिंग (MS Word) और स्प्रेडशीट (MS Excel) में एक्सपर्ट होना चाहिए। 10वीं या इसके बाद हिंदी/संस्कृत विषय पढ़ा होना चाहिए। एज लिमिट : न्यूनतम : 18 साल अधिकतम : 42 साल हरियाणा के अनुसूचित जाति (SC) और पिछड़े वर्ग (BC) के उम्मीदवार : 5 साल की छूट पीडब्ल्यूबीडी (PwBD) सामान्य वर्ग : 10 साल की छूट सिलेक्शन प्रोसेस : कंप्यूटर बेस्ड एग्जाम कंप्यूटर प्रोफिशिएंसी टेस्ट डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन फाइनल मेरिट लिस्ट जारी सैलरी : 25,500 – 81,100 रुपए प्रतिमाह फीस : जनरल (पुरुष) : 1200 रुपए जनरल (महिला) :875 रुपए एससी, बीसी, ईडब्ल्यूएस, ईएसएम, हरियाणा : 710 रुपए पीडब्ल्यूबीडी : नि:शुल्क एग्जाम पैटर्न : एग्जाम टाइप ऑब्जेक्टिव निगेटिव मार्किंग एक चौथाई अंक विषय : 1. जनरल नॉलेज 50 2. अंग्रेजी रचना 50 कुल अंक 100 ऐसे करें आवेदन : ऑफिशियल वेबसाइट highcourtchd.gov.in पर जाएं। “Apply Online” बटन पर क्लिक करें। जरूरी डिटेल्स दर्ज करें। “Submit & Proceed to Applicant Login” पर क्लिक करें। रजिस्ट्रेशन करके लॉग इन करें। जरूरी डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें और “Save and Proceed” पर क्लिक करें। फीस का भुगतान करके फॉर्म सब्मिट करें। इसका प्रिंटआउट लेकर रखें। ऑफिशियल वेबसाइट लिंक ऑफिशियल नोटिफिकेशन लिंक 3. गुजरात मेट्रो में 383 भर्ती, लास्ट डेट 28 मई गुजरात मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन में 300 से ज्यादा पदों पर भर्ती निकली है। उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट ojas.gujarat.gov.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। इस भर्ती के लिए फीस जमा करने की आखिरी तारीख 31 मई तय की गई है। इस भर्ती की जॉब लोकेशन अहमदाबाद और सूरत है। वैकेंसी डिटेल्स : पद का नाम पदों की संख्या स्टेशन कंट्रोलर, ट्रेन ऑपरेटर 89 जूनियर इंजीनियर (इलेक्ट्रिकल) 4 जूनियर इंजीनियर (इलेक्ट्रिॉनिक्स) 38 मेंटेनर (फिटर) 22 मेंटेनर (इलेक्ट्रिकल) 129 मेंटेनर (इलेक्ट्रिॉनिक्स) 101 टोटल 383 एजुकेशनल क्वालिफिकेशन : स्टेशन कंट्रोलर, ट्रेन ऑपरेटर, जूनियर इंजीनियर : संबंधित क्षेत्र में इंजीनियरिंग डिग्री या डिप्लोमा। मेंटेनर : 10वीं पास, 2 साल की आईटीआई डिग्री एज लिमिट : स्टेशन कंट्रोलर, ट्रेन ऑपरेटर, जूनियर इंजीनियर : 18 – 28 साल मेंटेनर : 18–25 साल फीस : अनरिजर्व (पुरुष): 600 रुपए एससी, एसटी, एसईबीसी, ईडब्ल्यूएस, महिला, एक्स सर्विसमैन : 300 रुपए सिलेक्शन प्रोसेस : रिटन एग्जाम साइको एप्टीट्यूड टेस्ट डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन मेडिकल एग्जाम सैलरी : पद का नाम ट्रेनिंग स्टाइपेंड ट्रेनिंग के बाद सैलरी स्टेशन कंट्रोलर, ट्रेन ऑपरेटर, जूनियर इंजीनियर 18,000 20,000 मेंटेनर 14,000 16,000

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मेंटल हेल्थ को लेकर चिंतित परिवार‎:अमेरिका में बच्चों की होम स्कूलिंग‎ पांच...

अमेरिका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया और कनाडा जैसे ‎‎देशों में बच्चों को घर में पढ़ाने यानी होम स्कूलिंग ‎का चलन तेजी से बढ़ रहा है। 2024 में अमेरिका ‎में स्कूल जाने की उम्र के करीब 32 लाख यानी ‎6% बच्चों ने घर में पढ़ाई की। यह संख्या 2019‎ के मुकाबले दोगुनी है। पहले होम स्कूलिंग मुख्य ‎रूप से परंपरावादी ईसाइयों से जुड़ी मानी जाती‎ थी। लेकिन अब दूसरे समुदायों में भी इसका‎ चलन बढ़ रहा है। कई पैरेंट्स स्कूलों में भेदभाव, ‎‎संवेदनहीन पाठ्यक्रम, सोशल मीडिया के दबाव‎ और बच्चों की मानसिक सेहत को लेकर चिंतित ‎हैं। डब्ल्यूएचओ के 44 देशों में हुए सर्वे के‎ मुताबिक स्कूल का दबाव महसूस करने वाली 15‎साल की लड़कियों की संख्या 2018 से 2022‎ के बीच 54% से बढ़कर 63% हो गई। इंग्लैंड के ‎एक सर्वे में घर में पढ़ने वाले छह में से एक बच्चे ‎की पढ़ाई पर मानसिक स्वास्थ्य का असर पाया‎ गया। हालांकि चीन, जर्मनी, ग्रीस, स्पेन औेर‎ तुर्की में इसकी अनुमति मुश्किल से मिलती है।‎ अमेरिका में सबसे ज्यादा‎ 2019-24 के बीच होम स्कूलिंग के मामले में‎ सबसे ज्यादा वृद्धि अमेरिका में हुई। यहां करीब ‎32 लाख बच्चों ने घर पर पढ़ाई की जो करीब‎ 120% की वृद्धि है। ऐसे ही ब्रिटेन में एक लाख‎12 हजार ( 105%) और ऑस्ट्रेलिया में 63‎हजार ( 95%) बच्चों ने होम स्कूलिंग की।‎ Source link

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हॉस्टल रूम में वॉर्डन के कथित चोरी का वीडियो वायरल:एग्जाम देने गए...

वॉर्डन का हॉस्टल रूम में घुसकर कथित चोरी करने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो गाजियाबाद के ABES इंजीनिरिंग कॉलेज का है। इसमें कॉलेज का वॉर्डन छात्र के रूम में घुसकर अलमारी और बाकी सामान खंगालता हुआ दिखाई दे रहा है। इस वीडियो में वॉर्डन स्टूडेंट के वॉलेट से कुछ रुपए निकालकर जेब में रखते दिखाई दे रहा है। वीडियो शेयर कर रहे यूजर्स के मुताबिक, ये घटना उस समय की है जब छात्र सेमेस्टर एग्जाम देने गए हुए थे। इसी दौरान हॉस्टल वॉर्डन सुनील कुमार, जिसे छात्र ‘मारियो’ के नाम से बुलाते हैं, कमरे में दाखिल हुआ। वीडियो में वह अलमारी, बैग और दराज खोलकर देखता नजर आता है। कुछ देर बाद वो अलमारी से छात्र का वॉलेट चेक करता है और उसमें से नकदी निकालकर जेब में रख लेता है। वीडियो में वो छात्रों के कमरे से लाइटर भी चेक करता दिखाई दे रहा है। ऑनलाइन छात्र ‘चोर वॉर्डन’ कह रहे लोग इस वीडियो को ऑनलाइन शेयर करते वॉर्डन को चोर कह रहे हैं। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद, कई छात्रों ने आरोप लगाया कि हॉस्टल में पहले भी सामान गायब होने की शिकायतें होती रही हैं। लेकिन कभी गंभीर कार्रवाई नहीं हुई। कुछ छात्रों ने दावा किया कि परीक्षा के दौरान कमरों में चोरी की घटनाएं पहले भी हुईं। कुछ यूजर्स बोलें- ‘वीडियो भ्रामक दावे के साथ शेयर हो रहा’ हालांकि, कई यूजर्स कंमेंट में इसे भ्रामक बता रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, ‘हमारे हॉस्टल के दिनों में भी ऐसा होता था। ये आमतौर पर हॉस्टल में बैन गैरकानूनी चीजें ढूंढने के लिए किया जाता था। वो (वॉर्डन) कुछ चोरी नहीं कर रहा। इसे ‘साइलेंट रेड’ कहते हैं।’ एक दूसरे यूजर ने लिखा, ‘ये थोड़ा मिसलीडिंग लग रहा है। वो बस लाइटर उठा रहा है। ज्यादा संभावना यही है कि वीडियो उसने खुद रिकॉर्ड किया हो, ताकि ये दिखा सके कि वो हॉस्टल में रहने वाले लोगों पर झूठा आरोप नहीं लगा रहा।’ कॉलेज प्रशासन की ओर से कोई बयान नहीं फिलहाल कॉलेज प्रशासन की ओर से आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। हालांकि, सोशल मीडिया पर लोग वॉर्डन के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। वीडियो तेजी से शेयर किया जा रहा है और मामले ने कॉलेज कैंपस की सुरक्षा व्यवस्था पर बहस छिड़ गई है। ——————- ये खबर भी पढ़ें… स्टूडेंट बोले-CBSE OSM में टीचर्स ने धुंधली कॉपी जांची:CBSE वेबसाइट क्रैश; री-इवैल्यूएशन फीस 100 की जगह 8000 मांग रहे सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन यानी CBSE के ऑन स्क्रिन मार्किंग सिस्टम में कई गड़बड़ियां सामने आई हैं। स्कैन की हुई धुंधली कॉपी जांचने, फीस भरने के बावजूद स्टेटस पेंडिंग दिखाने से लेकर CBSE के पोस्ट-वेरिफिकेशन के सर्वर डाउन रहने और टेक्निकल ग्लिच जैसी कई खामियां सामने आई हैं। पूरी खबर पढ़ें… Source link

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इंजेक्‍शन से ब्‍यूटी ट्रीटमेंट्स देने पर रोक लगी:सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की...

आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं- इंटरनेशनल (INTERNATIONAL) 1. चंद्रयान-3 को गोडार्ड एस्ट्रोनॉटिक्स अवार्ड मिला नेशनल (NATIONAL) 2. 12 राज्यों की 26 राज्यसभा सीटों पर चुनाव का ऐलान 3. प्रिसाइज गाइडेड ड्रोन ‘वायु अस्त्र-1’ की सफल टेस्टिंग 4. सरकार सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की 8% हिस्सेदारी बेचेगी 5. BSF की महिला टीम ने माउंट एवरेस्ट पर तिरंगा फहराया 6. CDSCO ने कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स के इंजेक्शन पर रोक लगाई आज का इतिहास ————— ये खबर भी पढ़ें.. केरलम सरकार ने देश का पहला AI विभाग बनाया:मेघालय में 13 देशों का सैन्‍य अभ्‍यास PRAGATI शुरू हुआ; 22 मई के करेंट अफेयर्स आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं-पूरी खबर पढ़ें.. Source link

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SSC CGL Recruitment 12,256 Posts

Hindi News Career SSC CGL Recruitment 12,256 Posts | Haryana 255, Odisha 606 Engineers Jobs 2026 49 मिनट पहले कॉपी लिंक आज की सरकारी नौकरी में जानकारी SSC CGL ने 12,256 पदों पर निकाली भर्ती की, हरियाणा में 255 पदों के लिए आवेदन दोबारा शुरू होने की। साथ में ओडिशा में जूनियर इंजीनियर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी होने की। इन जॉब्स के बारे में पूरी जानकारी के साथ आवेदन की प्रक्रिया यहां देखिए… 1. SSC CGL ने 12,256 पदों पर निकाली भर्ती, फीस 100 रुपए SSC CGL ने 12,256 पदों पर भर्ती निकाली है। उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट ssc.gov.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। उम्मीदवारों को 23 जून 2026 तक ऑनलाइन फीस जमा करने का मौका दिया जाएगा। 29 जून से 1 जुलाई 2026 तक फॉर्म में करेक्शन कर सकेंगे। एजुकेशनल क्वालिफिकेशन : ग्रेजुएशन की डिग्री फीस : जनरल, ओबीसी, ईडब्ल्यूएस : 100 रुपए महिलाए, एससी, एसटी, पीडब्ल्यूबीडी, एक्स सर्विसमैन : नि:शुल्क एज लिमिट : न्यूनतम : 18 साल अधिकतम : 32 साल एससी, एसटी : 5 साल की छूट अन्य पिछड़ा वर्ग : 3 साल की छूट सैलरी : 25 हजार – डेढ़ लाख रुपए प्रतिमाह अन्य अलाउंस का लाभ भी मिलेगा सिलेक्शन प्रोसेस : टियर – 1 एग्जाम टियर – 2 एग्जाम फिजिकल टेस्ट मेडिकल टेस्ट डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन सैलरी : पे लेवल 4 – 7 टियर – 1 एग्जाम : सब्जेक्ट क्वेश्चन नंबर मार्क्स जनरल इंटेलिजेंस और रीजनिंग 25 50 जनरल अवेयरनेस 25 50 क्वांटिटेव एप्टीट्यूट 25 50 इंग्लिश कॉम्प्रिहेंशन 25 50 ऐसे करें आवेदन : एसएससी की ऑफिशियल वेबसाइट ssc.gov.in पर जाएं। होमपेज पर एसएससी सीजीएल 2026 आवेदन लिंक पर क्लिक करें। अगर आपने पहले से रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है, तो पहले वन टाइम रजिस्ट्रेशन प्रोसेस पूरी करें। मांगी गई जरूरी डिटेल्स दर्ज करें। अपनी फोटो और साइन सहित स्कैन किए गए डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें। फीस का भुगतान ऑनलाइन माध्यम से करें। फॉर्म सब्मिट करें। इसका प्रिंटआउट निकाल कर रखें। ऑनलाइन आवेदन लिंक ऑफिशियल नोटिफिकेशन लिंक 2. हरियाणा में 255 पदों के लिए आवेदन दोबारा शुरू, एज लिमिट 42 साल हरियाणा लोक सेवा आयोग ने वर्ष 2026 में सहायक जिला अटॉर्नी के 255 पदों पर भर्ती के लिए दोबारा आवेदन विंडो खोलने का फैसला किया है। आवेदन प्रक्रिया 25 मई से दोबारा शुरू की जाएगी। उम्मीदवार एचपीएससी की वेबसाइट hpsc.gov.in के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। एजुकेशनल क्वालिफिकेशन : मान्यता प्राप्त संस्थान से लॉ में ग्रेजुएशन की डिग्री। 10वीं तक किसी एक भाषा हिंदी या संस्कृत में पढ़ाई की हो। बार काउंसिल में बतौर एडवोकेट के रूप में रजिस्ट्रेशन होना चाहिए। एज लिमिट : न्यूनतम : 21 साल अधिकतम : 42 साल एससी, एसटी : 5 साल की छूट ओबीसी : 3 साल की छूट सिलेक्शन प्रोसेस : स्क्रीनिंग टेस्ट सब्जेक्ट टेस्ट इंटरव्यू सैलरी : 53,100 – 1,67,800 रुपए प्रतिमाह ऐसे करें आवेदन : ऑफिशियल वेबसाइट hpsc.gov.in पर जाएं। असिस्टेंट डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी के पदों पर क्लिक करें। ऑनलाइन आवेदन लिंक पर क्लिक करके रजिस्ट्रेशन करें। फॉर्म भरें और जरूरी डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें। फॉर्म सब्मिट करें। इसका प्रिंटआउट लेकर रखें। ऑनलाइन आवेदन लिंक आवेदन दोबारा शुरू होने का नया नोटिफिकेशन 3. ओडिशा में जूनियर इंजीनियर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी, 606 वैकेंसी ओडिशा कर्मचारी चयन आयोग (OSSC) ने जूनियर इंजीनियर भर्ती 2026 का डिटेल नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। संयुक्त तकनीकी सेवा भर्ती परीक्षा (सीटीएसआरई-2025) के तहत 606 पदों पर भर्ती की जाएगी। डिपार्टमेंट वाइज वैकेंसी डिटेल्स : डिपार्टमेंट का नाम पदों की संख्या इंजीनियर इन चीफ, वाटर रिर्सोसेस 24 पंचायती राज एंड ड्रिंकिंग वाटर डिपार्टमेंट 450 म्युनिसिपल एडमिनिस्ट्रेशन एंड अर्बन डेवलपमेंट डिपार्टमेंट 132 कुल पदों की संख्या 606 एजुकेशनल क्वालिफिकेशन : सिविल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा या समकक्ष डिग्री। डिप्लोमा ओडिशा स्टेट काउंसिल ऑफ टेक्निकल एजुकेशन एंड वोकेशनल ट्रेनिंग या तकनीकी शिक्षा निदेशालय, ओडिशा द्वारा मान्यता प्राप्त संस्थान से होना चाहिए। एज लिमिट : न्यूनतम : 21 साल अधिकतम : 42 साल रिजर्व कैटेगरी के उम्मीदवारों को अधिकतम उम्र में छूट दी जाएगी। सिलेक्शन प्रोसेस : रिटन एग्जाम डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन सैलरी : पे लेवल-9 के अनुसार, 53,100 – 1,67,800 रुपए प्रतिमाह अन्य अलाउंस का लाभ भी मिलेगा। फीस : जनरल, एसईबीसी, अन्य : 500 रुपए एससी, एसटी, पीडब्ल्यूडी : नि:शुल्क एग्जाम पैटर्न : सब्जेक्ट मार्क्स ड्यूरेशन टेक्निकल 200 2 घंटे ऐसे करें आवेदन : ऑफिशियल वेबसाइट ossc.gov.in पर जाएं। ‘Apply Online’ बटन पर क्लिक करें। एक नया पेज खुलेगा, जहां रजिस्ट्रेशन करने के लिए मांगे गए डिटेल्स दर्ज करें। सब्मिट पर क्लिक करके पेज पर लॉग इन करें। सभी डॉक्यूमेंट्स अपलोड करके फॉर्म सब्मिट करें। आगे की जरूरत के लिए इसका प्रिंटआउट लेकर रखें। ऑनलाइन आवेदन लिंक ऑफिशियल नोटिफिकेशन लिंक 4. बिहार में फूड एनालिस्ट की भर्ती, बिना इंटरव्यू के सिलेक्शन बिहार तकनीकी सेवा आयोग (BTSC) ने फूड एनासिस्ट के पदों पर भर्ती निकाली है। उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट btsc.bihar.gov.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। एजुकेशनल क्वालिफिकेशन : मान्यता प्राप्त संस्थान से केमिस्ट्री, माइक्रो बायोलॉजी, डेयरी केमेस्ट्री या एग्रीकल्चर साइंस से ग्रेजुएशन या पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री। एज लिमिट : आयु की गणना 01 अगस्त, 2026 के आधार पर की जाएगी। न्यूनतम : 21 साल अधिकतम : 37 साल आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को आयु-सीमा में छूट भी दी जाएगी। सिलेक्शन प्रोसेस : रिटन एग्जाम के बेसिस पर फीस : सभी के लिए 100 रुपए एग्जाम पैटर्न : मोड कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट टोटल क्वेश्चन 100 टोटल मार्क्स 100 ड्यूरेशन 2 घंटे लैंग्वेज हिंदी और इंग्लिश क्वेश्चन टाइप एमसीक्यू निगेटिव मार्किंग 0.25 मार्क्स कैटेगरी के अनुसार क्वालिफाइंग मार्क्स : कैटेगरी का नाम न्यूनतम अंक जनरल 40% पिछड़ा वर्ग 36.5% अत्यंत पिछड़ा वर्ग 34% एससी, एसटी, महिला, पीडब्ल्यूडी 32% ऐसे करें आवेदन : ऑफिशियल वेबसाइट btsc.bihar.gov.in पर जाएं। होमपेज पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन लिंक पर क्लिक करें। मांगी गई डिटेल्स दर्ज करें। जरूरी डॉक्यूमेंट्स की स्कैन कॉपी और ऑनलाइन फीस का भुगतान करें। फॉर्म भरकर सब्मिट करें। इसका प्रिंटआउट निकाल कर रखें। ऑनलाइन आवेदन लिंक ऑफिशियल नोटिफिकेशन लिंक सरकारी नौकरी की ये खबरें भी पढ़ें SBI में 821 पदों पर निकली भर्ती; राजस्थान रिफाइनरी लिमिटेड में 129 वैकेंसी, न्यूक्लियर पावर कॉर्पोरेशन में 255 ओपनिंग्स आज की सरकारी नौकरी में जानकारी स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में 821 पदों पर भर्ती, एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी लिमिटेड में 129 वैकेंसी की। साथ में

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1.27L Apps, 3.87L Scans; Students Cite Blur Copies

Hindi News Career CBSE OSM Glitches: 1.27L Apps, 3.87L Scans; Students Cite Blur Copies 43 मिनट पहले कॉपी लिंक सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन यानी CBSE के ऑन स्क्रिन मार्किंग सिस्टम में कई गड़बड़ियां सामने आई हैं। स्कैन की हुई धुंधली कॉपी जांचने, फीस भरने के बावजूद स्टेटस पेंडिंग दिखाने से लेकर CBSE के पोस्ट-वेरिफिकेशन के सर्वर डाउन रहने और टेक्निकल ग्लिच जैसी कई खामियां सामने आई हैं। कई स्टूडेंट ने सोशल मीडिया पर अपनी जांची हुई आंसर शीट की स्कैन कॉपी शेयर की है। स्टूडेंट्स के मुताबिक, ये इतने घटिया क्वॉलिटी के स्कैन किए हुए हैं कि खुद का लिखा भी पढ़ पाना मुश्किल है। ऐसे में टीचर्स ने कॉपी कैसे चेक कर दी? एक ने स्कैन्ड आंसर शीट की फोटो शेयर करते CBSE को टैग करके लिखा है- 5 दिन समय था, 3 दिन वेबसाइट नहीं चली 12वीं के छात्रों को स्कैन की हुई कॉपी प्राप्त करने और रीवैल्यूएशन के लिए CBSE के पोस्ट-वेरिफिकेशन पोर्टल पर अप्लाई करने में भी काफी तकनीकी दिक्कतें आईं। बोर्ड ने आवेदन के लिए 19 से 23 मई तक की तारीखें तय की थीं, लेकिन स्‍टूडेंट्स का कहना है कि लगातार तीसरे दिन तक तकनीकी समस्या के चलते वेबसाइट नहीं चली। आंसर शीट की स्कैन कॉपी देखने के लिए छात्रों के पास 5 दिन थे, जिनमें से 3 दिन पोर्टल पर तकनीकी दिक्कतों के चलते बर्बाद हुए। पोर्टल पर 3 घंटे में 1,27, 146 एप्लीकेशन आईं 20 मई को शाम 7:30 बजे तक पोर्टल वापस खुला। पोर्टल खुलने के 3 घंटे में ही 1,27, 146 एप्लीकेशंस आएं। CBSE ने एप्लीकेशन डेडलाइन एक दिन बढ़ाई वेबसाइट पर तकनीकी समस्या के चलते CBSE ने आंसर कॉपी की स्कैन्ड कॉपी के लिए एप्लीकेशन डेडलाइन एक दिन बढ़ा दी। बोर्ड ने 19 तारीख को नोटिस जारी कर इसकी घोषणा की। छात्रों को 23 मई तक अपनी आंसर शीट की कॉपी के लिए अप्लाई करने का समय दिया गया है। फिर भी टेक्निकल ग्लिच की वजह से वेबसाइट नहीं चली। 20 मई को CBSE ने आधिकारिक नोटिस में दोपहर तक वेबसाइट पर तकनीकी दिक्कत ठीक होने की बात कही। हालांकि, पोर्टल पर तब भी कई दिक्कतें रही हैं। फीस कभी 3 रुपए तो कभी 69,420 रुपए दिख रहा अब भी अप्लाई करते वक्त टेक्निकल ग्लिच आ रहे हैं। स्टूडेंट्स ने कॉपी देखने के लिए अप्लाई करते वक्त कई बार फीस भरी। पेमेंट स्टेटस अब भी फेल्ड दिखाया। हालांकि, जब 3 रुपए पे किया तब पेमेंट एक्सेप्ट कर लिया। कई स्टूडेंट्स के मुताबिक, वेबसाइट पर पेमेंट 100 रुपए की बजाय 8000 दिख रहा है। शिक्षा मंत्रालय ने 17 मई को CBSE री-इवैल्यूएशन फीस में कटौती की थी। इसके तहत आंसर शीट की स्कैन कॉपी के लिए 700 की जगह 100 रुपए, मार्क्स वेरिफाई या टोटलिंग के लिए 500 की जगह 100 रुपए देने होंगे। वहीं प्रति सवाल दोबारा कॉपी जंचवाने के लिए अब 100 की जगह सिर्फ 25 रुपए ही लगेंगे। शिक्षा मंत्रालय ने 12वीं बोर्ड के रिजल्ट के बाद छात्रों के विरोध के बीच ये फैसला लिया था। ऑनलाइन कई लोग CBSE के पोर्टल के हैक होने का दावा कर रहे हैं। CBSE बोर्ड की तरफ से अब तक कोई आधिकारिक जबाव नहीं आया है। कई छात्रों ने आरोप लगाया कि फीस भरने के दो दिन बाद भी स्कैन आंसर शीट की कॉपी नहीं मिली। स्कैनिंग में सप्लीमेंट्री आंसर शीट छोड़ी एक पेरेंट ने अपने बच्चे की मार्कशीट की कॉपी में से सप्लीमेंट्री यानी एक्ट्रा शीट के गायब होने की बात कही। स्कैनिंग में सप्लीमेंट्री आंसर शीट स्कैन कर नहीं डाला गया, जबकि मेन आंसर शीट में सप्लीमेंट्री शीट का जिक्र भी है। एक स्टूडेंट ने दावा किया कि दोस्त को 1 नंबर के MCQ में सही आंसर के लिए आधा नंबर मिला। CBSE बोला- ‘वेबसाइट बिलकुल सही काम कर रही’ तमाम गड़बड़ियों के बीच CBSE ने अब तक इस पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। कुछ देर पहले किए अपने सोशल मीडिया पोस्ट में बोर्ड ने दावा किया था कि अब वेबसाइट बिलकुल सही काम कर रही है। छात्र बोले- ‘ग्रेस मार्क्स दें’ इसके गड़बड़ियों के बाद छात्रों ने ग्रेस मार्क्स देने की मांग उठाई है। उनके समर्थन में कई शिक्षक भी उतरे हैं। उनका कहना है कि इतने लंबे प्रोसेस की बजाय ग्रेस मार्क्स देकर बच्चों के रिजल्ट दोबारा जारी किए जाएं। ———————– ये खबर भी पढ़ें… CBSE ने पर-क्‍वेश्‍चन रीवैल्यूएशन फीस 100 से घटाकर 25 की:एक नंबर भी बढ़ा तो पूरी फीस वापस होगी, छात्रों के विरोध के बाद फैसला शिक्षा मंत्रालय ने सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन यानी CBSE रीवैल्यूएशन फीस में कटौती की है। अब आंसर शीट की स्कैन कॉपी के लिए 700 की जगह 100 रुपए ही देने होंगे। मार्क्स वेरिफाई या टोटलिंग के लिए 500 की जगह 100 रुपए देने होंगे। वहीं प्रति सवाल दोबारा कॉपी जंचवाने के लिए अब 100 की जगह सिर्फ 25 रुपए ही लगेंगे। शिक्षा मंत्रालय ने 12वीं बोर्ड के रिजल्ट के बाद छात्रों के विरोध के बीच ये फैसला लिया है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं… Source link

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CBSE Three Language Policy Virodh

8 मिनट पहले कॉपी लिंक शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में CBSE की थ्री लैंग्वेज पॉलिसी को 19 लोगों के एक ग्रुप ने चुनौती दी। जिसमें स्टूडेंट्स, पेरेंट्स और टीचर्स शामिल हैं। ये याचिका क्लास 9वीं में थ्री लैंग्वेज पॉलिसी लागू किए जाने के विरोध दायर की गई। इसके खिलाफ SC अलगे हफ्ते सुनवाई करेगा। CBSE ने 15 मई को एकेडमिक सेशन 2026-27 से थ्री लैंग्वेज पॉलिसी लागू करने का सर्कुलर जारी किया था। इसका नोटिफिकेशन 1 जुलाई से लागू होगा और स्टूडेंट्स को 31 मई तक तीसरी लैंग्वेज चुनने का समय दिया गया है। जस्टिस जॉयमाल्या और जस्टिस विपुल एम पंचोली की बेंच करेगी सुनवाई सीनियर एडवोकेट मुकुल रोहतगी ने इस मामले में पेरेंट्स की तरफ से पक्ष रखा। जस्टिस जॉयमाल्या और जस्टिस विपुल एम पंचोली की बैच इस पर सुनवाई करेगी। रोहतगी ने पक्ष रखते हुए कहा, ‘ये एक बेहद जरूरी जनहित याचिका है। ये CBSE की उस पॉलिसी को चुनौती दे रहे हैं जिसके तहत 9वीं में दो और भाषाएं अनिवार्य की गई हैं।’ इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट सोमवार को सुनावई कर सकता है। इस फैसले से 9वीं, 10वीं वलास के लगभग 50 लाख बच्चे प्रभावित होंगे। याचिकाकर्ताओं का आरोप CBSE बात से पलटा याचिकाकर्ताओं का कहना है कि ये फैसला CBSE के पहले के फैसले से बिल्कुल उलट है। सीबीएसई ने 9 अप्रैल को साफ कहा था कि तीसरी भाषा वाला नियम (R3) 9वीं क्लास के छात्रों पर 2029-30 सत्र तक लागू नहीं होगा। याचिका में CBSE और NCERT पर आरोप लगाया है कि ये मनमाना फैसला है। पेरेंट्स और टीचर्स का कहना है कि CBSE पहले खुद मान चुका है कि ट्रेंड टीचर्स और टेक्स्टबुक की कमी है, फिर भी स्कूलों पर इसे लागू करने का दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि अच्छी और सार्थक शिक्षा का मतलब सिर्फ एक नया विषय थोप देना नहीं होता, खासकर तब जब उसके लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर, ट्रेंड टीचर्स और पढ़ाने का सिस्टम ही मौजूद न हो। याचिकाकर्ताओं का यह भी कहना है कि यह सर्कुलर नई शिक्षा नीति 2020 की भावना के खिलाफ है। NEP में साफ कहा गया है कि किसी भी राज्य या छात्र पर कोई भाषा नहीं थोपी जाएगी। 9वीं, 10वीं क्लास के लिए थ्री लैंग्‍वेज पॉलिसी अनिवार्य 15 मई को जारी सर्कुलर में CBSE ने अपने सभी स्‍कूलों में कक्षा 9वीं और 10वीं में थ्री लैंग्‍वेज पॉलिसी अनिवार्य किया था। इसके तहत 9वीं और 10वीं के बच्‍चों को तीन भाषाओं की पढ़ाई करनी होगी। इनमें से 2 भारतीय भाषाएं होनी चाहिए। CBSC का नोटिफिकेशन 1 जुलाई से लागू होगा। इस फैसले से 9वीं और 10वीं के मिलाकर लगभग 50 लाख बच्‍चे प्रभावित होंगे। साथ ही इस साल 10 वीं के बच्चों को तीसरी भाषा का पेपर नहीं देना होगा। स्‍कूल 30 जून तक थर्ड लैंग्‍वेज चुनेंगे थ्री लैंग्‍वेज पॉलिसी के तहत, एक भारतीय और एक विदेशी भाषा के साथ एक क्षेत्रीय भाषा पढ़ाई जानी है। CBSE ने स्‍पष्‍ट किया है कि स्‍कूल, छात्रों की पसंद के अनुसार थर्ड लैंग्‍वेज चुन सकते हैं। सभी स्‍कूलों को अपनी चुनी हुई लैंग्‍वेज की जानकारी 30 जून तक बोर्ड को देनी होगी। बोर्ड ने कहा कि लैंग्वेज को लेकर ये डिसीजन हाल ही में 2026-27 के लिए रिलीज किए गए NCERT सिलेबस को देखकर लिया गया है। इस सेशन की शुरुआत अप्रैल 2026 से हो चुकी है। लेकिन स्‍कूलों को 1 जुलाई से थर्ड लैंग्‍वेज की पढ़ाई शुरू करने का निर्देश दिया गया है। 10वीं में थर्ड लैंग्‍वेज का पेपर नहीं होगा CBSE ने साफ किया है कि इस साल 10वीं बोर्ड परीक्षा में थर्ड लैंग्वेज का पेपर नहीं होगा। हालांकि, छात्रों के लिए इसकी पढ़ाई करना जरूरी रहेगा। जब तक थर्ड लैंग्वेज की नई किताबें उपलब्ध नहीं होतीं, तब तक 9वीं के छात्र 6वीं कक्षा की थर्ड लैंग्वेज की किताबों से पढ़ाई करेंगे। स्कूलों को यह भी कहा गया है कि वे पढ़ाई के लिए स्थानीय और राज्य स्तर का साहित्य उपलब्ध कराएं। इसमें कविताएं, छोटी कहानियां और अन्य साहित्यिक सामग्री शामिल होगी। 1 जुलाई से स्कूलों में किताब उपलब्ध कराने का निर्देश CBSE ने माना कि कुछ स्कूलों को भारतीय मूल की भाषाओं के लिए क्वालिफाइड टीचर्स अरेंज करने में मुश्किल हो सकती है। ऐसे में स्कूलों को इंटर स्कूल रिर्सोसेस के माध्यम से हाइब्रिड टीचिंग सपोर्ट, रिटायर लैंग्वेज टीचर की नियुक्ति और क्वालिफाइड पोस्ट ग्रेजुएट टीचर्स के हायरिंग की परमिशन भी दी गई है। CBSE तीसरी भाषा के लिए 19 भाषाओं की किताबें तैयार कर रहा CBSE और NCERT कक्षा VI R3 के लिए 19 भाषाओं में किताबें तैयार कर रहे हैं। इनमें असमिया, बंगाली, गुजराती, मराठी, तमिल और तेलुगु जैसी भाषाएं शामिल हैं। 6वीं क्‍लास में लागू हो चुका है नियम बोर्ड ने इससे पहले 9 अप्रैल को एक सकुर्लर जारी कर 6वीं क्‍लास के लिए थ्री लैंग्‍वेज पॉलिसी अनिवार्य की थी। साथ ही इस फैसले को 7 दिन के अंदर लागू करने का भी निर्देश दिया था। महाराष्ट्र थ्री लैंग्वेज पॉलिसी लागू करने वाला पहला राज्य महाराष्ट्र पिछले साल थ्री लैंग्वेज पॉलिसी लागू करने वाला देश का पहला राज्य बना था। राज्‍य में 1 से 5वीं क्लास तक के बच्चों के लिए हिंदी पढ़ना जरूरी कर दिया गया है। राज्य के सभी मराठी और अंग्रेजी मीडियम स्कूलों में नियम लागू है। 34 साल बाद नई शिक्षा नीति 2020 को लाया गया नई शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) को भारत सरकार ने 29 जुलाई, 2020 को मंजूरी दी थी। यह 34 साल बाद भारत की शिक्षा नीति में एक बड़ा बदलाव है। इससे पिछली नीति 1986 में बनाई गई थी, जिसे 1992 में अपडेट किया गया था। इसका उद्देश्य भारत की शिक्षा प्रणाली को 21वीं सदी की जरूरतों के अनुसार ढालना है, ताकि छात्र व्यावहारिक ज्ञान मिले और वे स्किल सीखें। नई शिक्षा नीति लागू करने के लिए केंद्र ने 2030 तक का लक्ष्य रखा है। शिक्षा संविधान में समवर्ती सूची का विषय है, जिसमें राज्य और केंद्र सरकार दोनों का अधिकार होता है। इसलिए यह जरूरी नहीं कि राज्य सरकारें इसे पूरी तरह अप्लाई करें। टकराव होने पर दोनों पक्षों को आम सहमति से विवाद सुलझाने का सुझाव दिया गया है। ————— NEET अगले साल से ऑनलाइन होगी:

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ईएसबी और पीएससी के भर्ती नियमों में बदलाव करेगी सरकार:दोनों ही एजेंसियों...

राज्य सरकार प्रदेश में सरकारी नौकरी के लिए भर्ती करने वाली दो एजेंसियों के भर्ती नियमों में बदलाव करने जा रही है। सामान्य प्रशासन विभाग ने इसके लिए मप्र लोक सेवा आयोग और मप्र कर्मचारी चयन मंडल के भर्ती नियमों में बदलाव का ड्राफ्ट तैयार किया है और पांच जून से इसको लेकर प्रदेश के लोगों से सुझाव मांगे हैं। प्रस्तावित नियमों के अनुसार अब मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग को छोड़कर सभी सरकारी भर्तियां कर्मचारी चयन मंडल (ईएसबी) के माध्यम से होंगी। नए नियम 1 अक्टूबर 2026 से लागू होंगे और 2013 के पुराने नियमों की जगह लेंगे। सरकार ने 5 जून 2026 तक आम जनता से सुझाव और आपत्तियां मांगी हैं। पात्रता परीक्षा और स्कोर कार्ड पर होगी भर्ती नियमों में बदलाव के लिए तैयार ड्राफ्ट में कहा गया है कि अब भर्ती प्रक्रिया “पात्रता परीक्षा” और “स्कोर कार्ड सिस्टम” पर आधारित होगी। ईएसबी हर साल तीन प्रकार की पात्रता परीक्षाएं आयोजित करेगा जो सामान्य पात्रता परीक्षा, तकनीकी पात्रता परीक्षा और शिक्षक पात्रता परीक्षा के रूप में होंगी। पात्रता परीक्षा में तय न्यूनतम अंक प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों को ही स्कोर कार्ड जारी किया जाएगा, जिसका उपयोग विभिन्न सरकारी नौकरियों में आवेदन के लिए किया जा सकेगा। सामान्य और तकनीकी पात्रता परीक्षा का स्कोर कार्ड रिजल्ट जारी होने वाले वर्ष के बाद अगले दो वर्षों की 31 दिसंबर तक वैध रहेगा, शिक्षक पात्रता परीक्षा पास करने वाले उम्मीदवार जीवनभर पात्र माने जाएंगे, लेकिन नौकरी आवेदन के लिए उनका स्कोर कार्ड भी सीमित अवधि तक ही मान्य रहेगा। एक स्कोर से कई भर्तियों में आवेदन नई व्यवस्था के तहत अभ्यर्थियों को बार-बार प्रारंभिक परीक्षाएं नहीं देनी पड़ेंगी। एक बार अच्छा स्कोर आने पर उसी स्कोर कार्ड के आधार पर कई विभागों की भर्तियों में आवेदन किया जा सकेगा। पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी, जिससे भर्ती प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सरल बनाने का दावा किया गया है। ऐसा होगा परीक्षा पैटर्न सामान्य पात्रता परीक्षा में 100 प्रश्न होंगे, जिन्हें चार हिस्सों में बांटा जाएगा। इसमें सामान्य ज्ञान, करंट अफेयर्स, मध्यप्रदेश सामान्य ज्ञान एवं योजनाएं, गणित, तार्किक क्षमता, डेटा विश्लेषण और कंप्यूटर ज्ञान से प्रश्न पूछे जाएंगे। तकनीकी पात्रता परीक्षा में भी 100 प्रश्न होंगे, जिनमें 25 प्रश्न सामान्य विषयों से और 75 प्रश्न संबंधित तकनीकी विषय से होंगे। पीएससी परीक्षा के नियम तैयार, लागू करने से पहले मांगे सुझाव उधर राज्य शासन ने मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग की भर्ती परीक्षाओं को संचालित करने के लिए नए प्रारूप नियमों को तैयार किया है और इन्हें लागू करने से पहले 5 जून 2026 तक सुझाव मांगे गए हैं। सामान्य प्रशासन विभाग के अपर सचिव अजय कटेसरिया ने बताया कि राज्य शासन द्वारा “मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग परीक्षा नियम 2026” अधिसूचित किया जाना प्रस्तावित है। प्रस्तावित नियमों के प्रारूप विभाग की वेबसाइट gad.mp.gov.in पर उपलब्ध है। प्रस्तावित नियमों के संबंध में यदि किसी व्यक्ति, संस्था या हितधारक को कोई आपत्ति या सुझाव देना हो तो वे 5 जून 2026 तक लिखित रूप में अपने सुझाव ई-मेल sogad1@mp.gov.in पर प्रेषित कर सकते हैं। साथ ही सुझाव gad.mp.gov.in पर उपलब्ध लिंक के माध्यम से भी विभाग को दिए जा सकते हैं। समयावधि के बाद प्राप्त होने वाले सुझावों पर विचार नहीं किया जाएगा। Source link

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अमेरिकी विश्वविद्यालय मानक कड़े करेगा, 3 साल बाद समीक्षा:हार्वर्ड में 20% छात्रों...

हर माता-पिता और छात्र का सपना होता है- परीक्षा में अच्छे अंक। लेकिन, दुनिया की सबसे प्रतिष्ठित हार्वर्ड यूनिवर्सिटी ने एक ऐतिहासिक फैसले में अंडरग्रेजुएट कोर्सों में ‘ए’ ग्रेड सीमित कर दिए हैं। 2027 से किसी भी क्लास में 20% छात्रों को ही ‘ए’ ग्रेड मिलेगा। इसके पक्ष में 458 फैकल्टी मेंबर्स ने वोट दिया, जबकि 201 विरोध में थे। तर्क है कि ग्रेड इन्फ्लेशन के कारण अंक असली क्षमता की पहचान का भरोसेमंद पैमाना नहीं रहे। सबका ‘ए’ ग्रेड होगा तो असाधारण प्रतिभा कैसे पहचानेंगे? दरअसल, हार्वर्ड में 2005 में करीब 24% छात्र ग्रेड ‘ए’ कैटेगरी में थे। 2025 में ये आंकड़ा 60% से ऊपर चला गया। पिछले अकादमिक सत्र में उच्चतम जीपीए पुरस्कार के लिए 55 छात्र बराबरी पर थे। यानी इतने ‘टॉपर’ थे कि ‘असली टॉपर’ की पहचान मुश्किल हो गई। येल में ‘ए’ और ‘ए माइनस’ ग्रेड 80% तक पहुंच गए। ब्राउन यूनिवर्सिटी में दो तिहाई छात्र ‘ए’ ग्रेड में थे। यानी ‘असाधारण’ धीरे-धीरे सामान्य होता गया। पिछले दो दशकों में विश्वविद्यालयों पर दबाव बढ़ा है कि छात्र खुश रहें, ताकि कोर्स इवैल्यूएशन अच्छे आएं और संस्थान प्रतियोगिता में न पिछड़े। ऐसे में, ग्रेडिंग लगातार नरम होती गई। हार्वर्ड के मनोवैज्ञानिक स्टीवन पिंकर कहते हैं कि ग्रेड इन्फ्लेशन ने विश्वविद्यालयों को मजाक बना दिया। प्रोफेसर दबाव में थे कि मानक ढीले नहीं रखे तो छात्र उनके कोर्सों से दूर हो जाएंगे। वहीं, हार्वर्ड के अर्थशास्त्री जेसन फर्मन और डेविड लैब्सन कहते हैं, ‘ज्यादातर शिक्षक सख्त ग्रेडिंग चाहते थे, पर अकेले ऐसा करने से डरते थे। छात्रों के खराब फीडबैक, कम नामांकन से उनके कॅरिअर पर असर पड़ सकता था। इसलिए पूरी फैकल्टी ने नियम बनाया।’ उनके मुताबिक, आसान ‘ए’ ग्रेड्स सीखने की प्रेरणा घटाते हैं। जब अंक तालिका छात्रों की मेधावी क्षमता में फर्क बताना बंद कर दे तो नियोक्ता रसूख और इंटर्नशिप जैसे कारकों पर ध्यान देते हैं। इससे मेरिट के बजाय विशेषाधिकार को लाभ मिलता है। एआई से औसत काम भी ‘परफेक्ट’ लग सकता है। शिक्षकों का तर्क है कि अगर विश्वविद्यालय असली प्रवीणता, मौलिकता और विश्लेषणात्मक सोच की पहचान नहीं कर पाएगा तो उसकी डिग्री पर भरोसा कमजोर होगा। दिलचस्प ये है कि प्रिंस्टन यूनिवर्सिटी ने 2000 के दशक में ऐसी ही पॉलिसी लागू की थी, लेकिन छात्रों और फैकल्टी के दबाव में 2014 में हटानी पड़ी थी। हार्वर्ड में भी छात्र इस फैसले से खुश नहीं हैं। एक सर्वे में 94% छात्रों ने विरोध जताया। छात्रों की दलील है कि सीमित ‘ए’ ग्रेड्स प्रतिस्पर्धा को जहरीला बना देंगे। कम ग्रेड के जोखिम के बीच छात्र कठिन विषय लेने से बचेंगे। हार्वर्ड तीन साल बाद इस नीति की समीक्षा करेगा। ग्रेड इन्फ्लेशन, नौकरी में मार्कशीट को तवज्जो नहीं जॉब मार्केट में ग्रेड इन्फ्लेशन का असर दिख रहा है। प्लॉस वन के अध्ययन के मुताबिक ऊंचे ग्रेड से जीपीए की ‘सिग्नलिंग वैल्यू’ कमजोर हो रही है। नियोक्ता समझ नहीं पाते कि छात्र ने वाकई महारत हासिल की है या आसान ग्रेडिंग का लाभ मिला है। कंपनियां मार्कशीट से आगे स्किल देख रही हैं। एनएसीई के सर्वे के मुताबिक, 90% नियोक्ता समस्या समाधान की योग्यता और 80% टीमवर्क के प्रमाण चाहते हैं। Source link

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