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E20 Petrol Controversy : Engine Problem Due To Ethanol Fuel | ई20...


E20 Petrol Ethanol Blending: ई20 पेट्रोल यानी एथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल को लेकर सरकार ने अपना स्टैंड क्लियर कर दिया है. सरकार का तर्क है कि ई20 वाले पेट्रोल से गाड़ियों को कोई दिक्कत नहीं हो रही है. लेकिन इस मुद्दे पर एक तरफ सरकार की ठोस दलीलें हैं और दूसरी तरफ पब्लिक का गुस्सा है. आम जनता अभी भी बहुत ज्यादा कंफ्यूज है. लोगों की चिंताएं दिन पर दिन बढ़ रही हैं. अभी भी बहुत सारी बातें साफ नहीं हैं. एक तरफ सरकार कह रही है कि सब ठीक है. लेकिन पब्लिक भारी तनाव में है. सरकार को पब्लिक की टेंशन भी देखनी चाहिए कि वह आखिर इतनी परेशान क्यों है. सोशल मीडिया पर लोग लगातार अपनी चिंताएं जाहिर कर रहे हैं.

कोई गुलाबी रंग के पेट्रोल का वीडियो शेयर कर रहा है. कोई पीले रंग के पेट्रोल की तस्वीरें दिखा रहा है. कुछ लोग तो एथेनॉल मिक्स पेट्रोल को रूह अफजा जैसा बता रहे हैं. अगर सब ठीक ही है तो इन वीडियो पर सरकार या प्रशासन को संज्ञान लेना चाहिए. पब्लिक के बीच जो भारी भ्रम फैला है उसे जल्द दूर करना चाहिए.

आखिर एथेनॉल वाले पेट्रोल पर नितिन गडकरी किस लॉबी की तरफ कर रहे हैं इशारा?

एथेनॉल मिक्स पेट्रोल पर सबसे ज्यादा चर्चा केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की हो रही है. नितिन गडकरी ने खुद कहा था कि सब ठीक है. लोगों को टेंशन लेने की कोई बात नहीं है. ई20 पेट्रोल को लेकर जो भ्रम फैला है उस पर गडकरी ने अपनी बात रखी. उन्होंने कहा था कि एक लॉबी उनके पीछे पड़ गई है. इस लॉबी के हित एथेनॉल मिक्स पेट्रोल आने से प्रभावित हो रहे हैं. अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि यह लॉबी आखिर कौन सी है. सरकार ने उस लॉबी को रोकने के लिए क्या कदम उठाए हैं.
इन सब के बीच अब अरविंद केजरीवाल से लेकर कांग्रेस भी इस मुद्दे को जोर शोर से उठा रहे हैं. इस मुद्दे पर अब राजनीति बहुत तेज हो गई है. विपक्ष की तरफ से सरकार से ई20 पेट्रोल को वापस लेने की मांग की जा रही है. फिलहाल देश में स्थिति काफी उलझी हुई है. ई20 पेट्रोल पर पब्लिक बहुत ज्यादा कंफ्यूज है. सरकार को यह कंफ्यूजन तुरंत दूर करना चाहिए. अगर ई20 पेट्रोल पर कोई जानबूझकर भ्रम फैला रहा है तो उसके खिलाफ सख्त एक्शन होना चाहिए.

कोई लॉबी इसके खिलाफ काम कर रही है तो उस पर भी कार्रवाई होनी चाहिए. देश में गाड़ी खराब होने और इंजन सीज होने के ढेरों दावे किए जा रहे हैं. इन सभी दावों की सच्चाई हर हाल में पब्लिक के सामने आनी चाहिए. लेकिन यह सब फिलहाल नहीं हो रहा है. इसलिए एथेनॉल वाले पेट्रोल पर कंफ्यूजन और घमासान दोनों लगातार बढ़ रहा है.

गुलाबी और पीले रंग के पेट्रोल वाले वायरल वीडियो का सच क्या है? पब्लिक क्यों भड़की?

  • नितिन गडकरी लगातार कह रहे हैं कि ई20 पेट्रोल से इंजन पर कोई फर्क नहीं पड़ता है. लेकिन फिलहाल तो उनकी बातों से पब्लिक को कोई फर्क पड़ता नहीं दिख रहा है. सोशल मीडिया पर बहुत सारे वायरल वीडियो मौजूद हैं. इन वीडियो में इंजन में प्रॉब्लम आने की बातें कही जा रही हैं. सोशल मीडिया पर पब्लिक का गुस्सा साफ देखा जा सकता है.
  • यानी पब्लिक के साथ कुछ तो गलत हो रहा होगा. तभी वो सिर्फ इतना कह देने से नहीं मान रही कि ई20 पेट्रोल से गाड़ी पर कोई असर नहीं पड़ता है. एथेनॉल पर सरकार जो कह रही है वो अपनी जगह पर सही हो सकता है. लेकिन मेन प्वाइंट ये है कि पब्लिक के अपने कंसर्न हैं. पब्लिक का कंसर्न कम होने के बजाय लगातार बढ़ रहा है. सरकार बार बार बोल रही है कि सब कुछ ठीक है. अगर सब ठीक ही है तो फिर यह बात भी किसी को देखनी होगी कि पब्लिक क्या कह रही है.
  • नितिन गडकरी बोल रहे हैं कि एक लॉबी काम कर रही है. तो सरकार को बताना चाहिए कि लॉबी कौन सी है और उस पर क्या एक्शन हो रहा है. इस मामले में थोड़ा पब्लिक का साइड लेकर भी काम करना होगा. अब इस पूरे मुद्दे पर जमकर पॉलिटिक्स भी हो रही है. सरकार ने कहा था कि ई 20 पेट्रोल से गाड़ियों के खराब होने का कोई साक्ष्य नहीं मिला है. सरकार मानती है कि इससे माइलेज जरूर कम होता है. लेकिन इसका कोई नेगेटिव असर गाड़ी के इंजन पर नहीं होता है.
  • सरकार ने जो कहा वो अपनी जगह पर है. लेकिन अलग अलग वीडियो लोग सोशल मीडिया पर शेयर कर रहे हैं. एक वीडियो में एक शख्स ने पेट्रोल पंप पर बोतल में ई20 पेट्रोल लिया. उस पेट्रोल का कलर बिल्कुल गुलाबी था. इसी तरह से एक दूसरा वीडियो भी सामने आया. एक पेट्रोल पंप पर पीले रंग का पेट्रोल मिल रहा था. जिसे देख कर वहां मौजूद लोग भी हैरान रह गए. एथेनॉल मिक्स करने की वजह से पेट्रोल का कलर बदल जाने का दावा किया जा रहा है.
  • एक और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है. इस वीडियो में लोग कह रहे हैं कि ई20 पेट्रोल का कलर तो बिल्कुल रूह आफजा जैसा हो गया है. उनका दावा है कि यह पेट्रोल गाड़ी को पूरी तरह खराब कर देगा. ये सारे वीडियो और दावे कितने सही हैं इसकी कोई पुष्टि नहीं है. लेकिन यह एकदम क्लियर है कि पब्लिक भयंकर कंफ्यूज है.
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मनीष कश्यप और कांग्रेस ने ई20 फ्यूल को लेकर सरकार पर क्यों बोला जोरदार हमला?

  1. इस मामले में जन सुराज पार्टी के नेता मनीष कश्यप ने भी ई20 पेट्रोल पर सरकार को घेरा है. मनीष कश्यप ने अपनी गाड़ी से निकले हुए पेट्रोल को पब्लिक को दिखाया. उन्होंने कहा कि इस पेट्रोल में एथेनॉल की मात्रा बहुत ज्यादा है.
  2. मनीष कश्यप ने कहा, ‘पूरे देश की गाड़ियों को खत्म कर दिया नितिन गडकरी ने. 40 लाख रुपये में मैंने गाड़ी खरीदी है. 40 लाख रुपए में, अभी नई गाड़ी है, बर्बाद कर दिया. नितिन गडकरी ने पूरे देश को बर्बाद कर दिया. नितिन गडकरी ने सिर्फ अपने बेटे को फायदा पहुंचाने के लिए. कहां से भरवाएं. हाइड्रोजन फ्यूल पर तो तुम चल सकते हो भाई, हम लोग कहां से चलेंगे बताओ ना. नई टोयोटा की गाड़ी है, इतनी भरोसेमंद गाड़ी है. क्या करें हम लोग, कहां से पेट्रोल खरीदने जाएं.’
  3. एथेनॉल मिक्स पेट्रोल के पीछे सरकार के अपने मजबूत तर्क हैं. सरकार का लक्ष्य एथेनॉल मिक्स पेट्रोल से तेल आयात बिल को कम करना है. इसके साथ ही किसानों की आय बढ़ाना और पर्यावरण की सुरक्षा करना भी सरकार का लक्ष्य है. लेकिन विपक्ष परेशान पब्लिक का मुद्दा जोर शोर से उठा रहा है. ई20 पेट्रोल पर कांग्रेस भी सरकार पर हमलावर है.
  4. कांग्रेस का कहना है कि ई20 फ्यूल बिना परीक्षण के लोगों पर थोपा गया एक प्रयोग है. ई20 पेट्रोल से आम जनता की जेब पर सीधा असर पड़ रहा है. सरकार को ई20 के लिए आम लोगों पर दबाव नहीं डालना चाहिए. इससे गाड़ियों के माइलेज पर असर पड़ रहा है और इंजन खराब हो रहे हैं. कांग्रेस का सवाल है कि एथेनॉल मिक्स होने के बाद भी पेट्रोल महंगा क्यों मिल रहा है.
  5. इतना ही नहीं अब तो कांग्रेस नेता खुद अपनी गाड़ी खराब होने का दावा कर रहे हैं. कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने कहा कि उनकी गाड़ी का इंजन ई20 पेट्रोल की वजह से सीज हुआ था. इससे पहले भी कांग्रेस के एक नेता ने अपनी कार खराब होने का बड़ा दावा किया था. दिल्ली कांग्रेस के उपाध्यक्ष मुदित अग्रवाल ने ई20 पेट्रोल से अपनी कार खराब होने का दावा किया था. मुदित अग्रवाल ने बताया कि ई20 पेट्रोल की वजह से उनकी गाड़ी का फ्यूल पंप खराब हो गया है. उन्होंने सवाल पूछा कि लोगों के आर्थिक नुकसान का जिम्मेदार आखिर कौन होगा.

एथेनॉल पॉलिसी पर कांग्रेस के हमलों का बीजेपी ने किस तरह दिया करारा जवाब?

कांग्रेस के इन तमाम हमलों पर बीजेपी ने भी जोरदार पलटवार किया है. बीजेपी का कहना है कि एथेनॉल पॉलिसी असल में कांग्रेस के समय में ही बनी थी. बीजेपी ने आरोप लगाया कि पेट्रोल में एथेनॉल मिक्स करने का काम यूपीए सरकार के दौर में शुरू हुआ था. और अब कांग्रेस खुद इसी मुद्दे पर हमला कर रही है.

यूपीए सरकार के समय एथेनॉल पॉलिसी की टाइमलाइन

साल सरकार का फैसला और एक्शन
2007 पेट्रोल में एथेनॉल मिक्स करने का पहला फैसला लिया गया था
2008 इसे पूरे देश में लागू करने की डेडलाइन तय की गई थी
2009 नेशनल पॉलिसी ऑन बायोफ्यूल की शुरुआत की गई थी
2013 यूपीए सरकार की यह पॉलिसी सरकारी गैजेट में नोटिफाई की गई थी
2017 इस पॉलिसी का मकसद 2017 तक पेट्रोल में 20 परसेंट ब्लेंड करना था

बीजेपी का कहना है कि यूपीए के समय में एथेनॉल मिक्स पेट्रोल को बहुत बड़ी योजना बताया गया था. तब कहा गया था कि इस कदम से देश की एनर्जी सिक्योरिटी मजबूत होगी. इससे देश के किसानों को बहुत बड़ा फायदा होगा. लेकिन अब वही कांग्रेस एथेनॉल मिक्स पेट्रोल पर गंदी राजनीति कर रही है.

जबकि मौजूदा सरकार लगातार कह रही है कि एथेनॉल से गाड़ियों को कोई नुकसान नहीं हो रहा है. एथेनॉल के खिलाफ प्रचार वो लोग कर रहे हैं जिनके हित इससे प्रभावित हो रहे हैं. एक खास लॉबी एथेनॉल के खिलाफ जानबूझकर माहौल बना रही है.



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