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First Hydrogen Train Fare- जींद से पानीपत का सफर 70 किमी. है. इस पूरे सफर का किराया केवल 26 रुपए रखा गया है. यानी 36 पैसे प्रति किमी. यात्रियों को चुकाना होगा. वहीं, विदेशों में प्रति किमी. सफर के लिए यात्रियों को भारत के मुकाबले काफी अधिक किराया चुकाना पड़ता है.
विदेशों के मुकाबले भारत में किराया बहुत ही कम है.
Hydrogen Train Fare. देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का उद्घाटन आज हो गया है, जो जींद सोनीपत के बीच दौड़ी है. ट्रेन शुरू होने के बाद लोगों के मन में इसके किराए को लेकर कई तरह के सवाल उठ रहे होंगे. रेलवे का इसका किराया भी जारी कर दिया है. पूरा सफर करने के लिए 36 पैसे आपको चुकाना होगा. देश में चलने वाली हाइड्रोजन ट्रेन का किराया जापान, इंग्लैंड के मुकाबले महंगा है या सस्ता है. आइए जानते हैं.
जींद से पानीपत का सफर 70 किमी. है. इस पूरे सफर का किराया केवल 26 रुपए रखा गया है. यानी 36 पैसे प्रति किमी. यात्रियों को चुकाना होगा. वहीं, विदेशों में प्रति किमी. सफर के लिए यात्रियों को भारत के मुकाबले काफी अधिक किराया चुकाना पड़ता है.
इन देशों में चल रही हैं हाइड्रोजन ट्रेन
मौजूदा समय हाइड्रोजन ट्रेन जर्मनी, चीन, जापान, फ्रांस, स्वीडन और इंग्लैंड में चल रही हैं, लेकिन सबसे एडवांस तकनीक वाली जर्मनी की ट्रेन है. हाइड्रोजन ट्रेन पर्यावरण के अनुकूल है, जो जीरो उत्सर्जन वाली हैं. इसलिए ये ट्रेनें पसंद की जा रही हैं.
विदेशों में चल रही ट्रेनों का प्रति किमी. किराया
जर्मनी में हाइड्रोजन ट्रेन का औसत किराया करीब 7-10 रुपये प्रति किलोमीटर है. हालांकि किराया रूट, समय और श्रेणी पर निर्भर करता है. चीन में फोशान शहर में विश्व की पहली हाइड्रोजन ट्राम 2019 में शुरू हुई थी, लेकिन लागत और कम यात्रियों के कारण इसे 2024 में बंद कर दिया गया. वहां किराया दूरी के आधार पर 5-7 रुपये प्रति किलोमीटर था. जापान में हाइड्रोजन ट्रेनें योकोहामा-कावासाकी मार्ग पर 2022 से परीक्षण के तौर पर चल रही है, जहां किराया करीब 10-15 रुपये प्रति किलोमीटर है. इंग्लैंड में कैलिफोर्निया के रेडलैंड्स-सैन बर्नार्डिनो के बीच हाइड्रोजन ट्रेन शुरू होने वाली है, जिसका किराया अनुमानित 12-15 रुपये प्रति किलोमीटर हो सकता है. इस तरह भारत में ट्रेन का किराया बहुत ही सस्ता है.
35 ट्रेन चलाने का प्लान
रेलवे ने हाइड्रोजन हेरीटेज के तहत 35 हाइड्रोजन ट्रेन का प्लान किया है, जिसमें प्रति ट्रेन की लागत 80 करोड़ और जमीन इंफ्रास्ट्रक्चर की 70 करोड़ हेरीटेज और हिल रूट के लिए अनुमान है.
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करीब 20 साल का पत्रकारिता का अनुभव है. नेटवर्क 18 से जुड़ने से पहले कई अखबारों के नेशनल ब्यूरो में काम कर चुके हैं. रेलवे, एविएशन, रोड ट्रांसपोर्ट और एग्रीकल्चर जैसी महत्वपूर्ण बीट्स पर रिपोर्टिंग की. कैंब्रिज…और पढ़ें