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Rashmi Designer Candles Success Story: मुजफ्फरपुर की रश्मि राज ने जीविका की नौकरी छूटने के बाद सोशल मीडिया रील देखकर डिजाइनर मोमबत्तियों का बिजनेस शुरू किया. महज 2000 से शुरू हुआ यह काम आज अमेजन और फ्लिपकार्ट तक पहुंच गया है.
मुजफ्फरपुर: कहते हैं कि अगर इरादे मजबूत हों, तो एक छोटा-सा आइडिया भी बड़ी सफलता की कहानी बन सकता है. बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के सरैया प्रखंड अंतर्गत गोपी धनवत पंचायत के हरपुर बेनी गांव की रहने वाली रश्मि राज ने कुछ ऐसा ही कर दिखाया है. एक दिन मोबाइल पर रील देखते समय उन्हें डिजाइनर मोमबत्तियों का एक वीडियो दिखा. वहीं से उन्होंने इसे ही अपना नया कारोबार बनाने की ठान ली. आज उनके हाथों से बनी रंग-बिरंगी डिजाइनर मोमबत्तियां न सिर्फ मुजफ्फरपुर बल्कि आस-पास के कई जिलों में धूम मचा रही हैं. इसके साथ ही उनके प्रोडक्ट्स अमेजन, फ्लिपकार्ट, मीशो और इंडियामार्ट जैसे बड़े ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर भी बेचे जा रहे हैं.
जीविका की नौकरी छूटी, तो सोशल मीडिया को बनाया हथियार
रश्मि राज ने बीआरए बिहार विश्वविद्यालय मुजफ्फरपुर से रूरल डेवलपमेंट (ग्रामीण विकास) में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है. वह बताती हैं कि 10वीं कक्षा के बाद से ही उन्होंने काम करना शुरू कर दिया था. अपनी पढ़ाई भी जारी रखी. करीब 16 वर्षों तक उन्होंने जीविका में नौकरी की. साल 2022 में किन्हीं कारणों से उनकी नौकरी छूट गई. इसके बाद कुछ समय तक वह घर पर ही रहीं. इसी खाली समय के दौरान सोशल मीडिया पर डिजाइनर कैंडल मेकिंग की रील्स देखने के बाद उनके मन में इस क्षेत्र में हाथ आजमाने का विचार आया.
मुंबई में ली ट्रेनिंग, किचन से शुरू हुआ सफर
अपने इस सपने को धरातल पर उतारने के लिए रश्मि मुंबई में अपनी बहन के पास गईं. जहां उन्होंने 10 दिनों का प्रोफेशनल प्रशिक्षण लिया. ट्रेनिंग पूरी कर जब वह गांव लौटीं तो उन्होंने महज 2000 रुपये की शुरुआती पूंजी से अपने घर के किचन में ही डिजाइनर मोमबत्तियां बनाना शुरू कर दिया. कमाल की बात यह रही कि उन्हें अपने पहले ही ऑर्डर में लागत से चार गुना अधिक मुनाफा हुआ. इस बंपर मुनाफे ने उनके आत्मविश्वास को बढ़ा दिया और उन्होंने इसे बड़े स्तर पर व्यावसायिक रूप दे दिया.
मिठाइयों और फूलों के आकार की मोमबत्तियां, त्योहारों में भारी डिमांड
आज रश्मि राज गुलाब के फूल, रसमलाई, काजू कतली, लड्डू, इमरती और विभिन्न प्रकार के आकर्षक डिजाइनों में मोमबत्तियां तैयार करती हैं. पहली नजर में ये मोमबत्तियां बिल्कुल असली मिठाइयों जैसी दिखती हैं. खासकर दिवाली, छठ, नए साल और अन्य त्योहारों के दौरान इन डिजाइनर कैंडल्स की मांग बाजार में काफी ज्यादा बढ़ जाती है. लोग इन्हें घरों की सजावट, गिफ्टिंग और पूजा-पाठ के लिए बेहद चाव से खरीद रहे हैं.
खुद बनीं आत्मनिर्भर, गांव की महिलाओं को भी दिया रोजगार
रश्मि का यह स्टार्टअप सिर्फ उनकी कमाई का जरिया नहीं है, बल्कि यह गांव की अन्य महिलाओं के स्वावलंबन का माध्यम भी बन गया है. वर्तमान में वे अपने गांव की चार महिलाओं को रोजगार दे रही हैं. रश्मि का मानना है कि यदि महिलाएं आत्मनिर्भर बनने का दृढ़ संकल्प ले लें, तो छोटे स्तर से शुरू किया गया कोई भी काम बड़ी कामयाबी की इबारत लिख सकता है. रश्मि की यह सफलता आज बिहार की ग्रामीण महिलाओं के लिए एक बड़ी मिसाल बन चुकी है.
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मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें