Last Updated:
मध्य प्रदेश के सीआरपीएफ ट्रेनिंग कैंप में ट्रेनिंग कर रहे आठ असिस्टेंट कमांडेंट रैंक के अफसरों को शो-कॉज नोटिस जारी किया गया है. सभी अफसरों पर आरोप है कि उन्होंने सीनियर अधिकारी की तरह से आयोजित किए गए लंच में शामिल होने से इंकार कर दिया था. सीआरपीएफ मुख्यालय ने इसे आदेश की अवहेलना माना है.
सीआरपीएफ के आठ अफसरों को साहब के लंच पर ना जाना काफी भारी पड़ रहा है. (एआई इमेज)
CRPF AC Show Cause Notice: क्या किसी सीनियर के ऑफिशियल लंच में शामिल न होना भी कार्रवाई की वजह बन सकता है? केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) से एक ऐसा ही एक मामला सामने आया है. इस मामले में सीआरपीएफ के आठ अफसरों को सिर्फ बात पर शो-कॉज नोटिस थमा दिया गया है, क्योंकि उन्होंने अपने आईपीएस सीनियर के ऑफिशियल लंच में शामिल होने जाने से इंकार कर दिया था. इस इंकार की खबर दिल्ली स्थिति बल मुख्यालय तक पहुंची तो आठों अफसरों की त्यौरियों पर बल पड़ गए. इसका नतीजा यह हुआ कि आठों अफसरों से अब सवाल-जवाब का सिलसिला शुरू हो गया है.
क्या है पूरा मामला?
सूत्रों के मुताबिक, आईपीएस अफसर के लंच पर जाने से इंकार करने वाले आठों अधिकारी असिस्टेंट कमांडेंट रैंक के हैं. ये सभी अफसर करीब एक महीने पहले मध्य प्रदेश स्थित सीआरपीएफ कैंप में एक टेक्निकल ट्रेनिंग कोर्स कर रहे थे. इसी दौरान, सीआरपीएफ के जोनल हेड के तौर पर तैनात आईपीएस अधिकारी ने सभी के लिए एक ‘वर्किंग लंच’ आयोजित किया था. बताया जा रहा है कि 8 अफसरों ने इस ऑफिशियल लंच में शामिल होने से मना कर दिया. लंच पर जाने से इंकार करने वालों में एक महिला अधिकारी भी शामिल हैं.
आखिर किस बात पर हुई कार्रवाई?
सीआरपीएफ मुख्यालय ने इस घटना को आदेश की अवहेलना माना है. इसी वजह से सभी 8 अधिकारियों को शो-कॉज नोटिस जारी किया गया है. नोटिस में उनसे पूछा गया है कि उन्होंने सीनियर अधिकारी के निर्देश का पालन क्यों नहीं किया. सीआरपीएफ सूत्रों के अनुसार, सभी अधिकारियों के जवाब मिलने के बाद मामले की जांच की जाएगी. जांच पूरी होने के बाद ही तय होगा कि उनके खिलाफ कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी या नहीं. फिलहाल यह मामला CRPF के भीतर चर्चा का विषय बना हुआ है, क्योंकि कार्रवाई की वजह किसी ड्यूटी या ऑपरेशन से नहीं, बल्कि एक ऑफिशियल ‘वर्किंग लंच’ में शामिल न होना है.
क्या है लंच में शामिल न होने की असल वजह?
सूत्रों के अनुसार, बीते कुछ वर्षों से सीआरपीएफ के काडर अफसरों के मन में इस बात की नाराजगी है कि केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर आने वाले आईपीएस अधिकारियों की वजह से उनका प्रमोशन नहीं हो पा रहा है. कुछ अधिकारियों का आरोप है कि बीते 18 सालों की नौकरी के बावजूद उन्हें एक भी प्रमोशन नहीं मिला है. अपने हक को लेकर कॉडर अफसरों ने कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया था. सुप्रीम कोर्ट से सीएपीएफ अफसरों के पक्ष में फैसला भी आया था. लेकिन, इसी बीच सीएपीएफ को लेकर नया कानून आ गया. इसके बाद, अपना विरोध दर्ज कराने के लिए सीआरपीएफ में तैनात आईपीएस अफसरों की तरह से होने वाली लंच और डिनर पार्टी को नजरअंदाज करना शुरू कर दिया था.
फोर्स हेडक्वार्टर को जारी करना पड़ गया फरमान
सूत्रों के अनुसार, बीते कुछ महीनों में कई ऐसे मौके आए जब सीनियर आईपीएस अफसरों की तरफ से आयोजित किए गए लंच-डिनर में सीआरपीएफ काडर अफसर गए नहीं. कुछ अफसर लंच-डिनर में शामिल तो हुए, लेकिन उन्होंने कुछ खाने से इंकार कर दिया. ऐसे मामले संज्ञान में आने के बाद सीआरपीएफ मुख्यालय ने सख्त रुख अख्तियार करते हुए एक आदेश जारी किया. इस आदेश में साफ तौर पर कहा गया कि ऐसा करने वाले अफसरों के खिलाफ भविष्य में अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी.
About the Author
Anoop Kumar Mishra is currently serving as Assistant Editor at News18 Hindi Digital, where he leads coverage of strategic domains including aviation, defence, paramilitary forces, international…
और पढ़ें