देश के कई हिस्सों में इस वक्त मानसून अपना खूब असर दिखा रहा है. झारखंड के ऊपर बना डिप्रेशन पश्चिम-पश्चिमोत्तर दिशा में बढ़ रहा है और अगले 24 घंटे में कमजोर होकर लो प्रेशर एरिया में बदल सकता है, लेकिन इसके कमजोर पड़ने से बारिश की मुश्किलें खत्म होने वाली नहीं हैं. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, 19 अगस्त को उत्तर भारत से लेकर मध्य भारत और पूर्वोत्तर से दक्षिण भारत तक कई राज्यों में बारिश का दौर जारी रहेगा. इसका सबसे ज्यादा असर पूर्वी उत्तर प्रदेश, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पूर्वी मध्य प्रदेश पर रहेगा. पूर्वी यूपी में कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. वहीं बिहार और झारखंड में भी डिप्रेशन का असर बारिश के रूप में दिखाई देगा. दूसरी तरफ दिल्ली में मौसम सामान्य रहेगा, लेकिन राजधानी में सुबह से दोपहर और फिर शाम-रात के समय बारिश के दौर देखने को मिल सकते हैं.
दिल्ली में बादलों का डेरा, छिटपुट बरसेंगे बादल
राजधानी दिल्ली में 19 अगस्त को आसमान पर बादलों का डेरा रहेगा. IMD के पूर्वानुमान के मुताबिक, सुबह से दोपहर के बीच एक-दो दौर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. इसके बाद शाम से रात के बीच भी बहुत हल्की से हल्की बारिश का एक और दौर देखने को मिल सकता है. यानी दिल्ली वालों के लिए बुधवार का दिन पूरी तरह बारिश वाला तो नहीं होगा, लेकिन मौसम बार-बार करवट ले सकता है. कहीं हल्की फुहारें पड़ेंगी तो कहीं अचानक तेज बौछार देखने को मिल सकती है. उत्तर भारत में सक्रिय मौसम प्रणालियों और मानसून ट्रफ के असर से राजधानी में बादल छाए रहने की संभावना है. ऐसे में सुबह घर से निकलने और शाम को वापस लौटने वालों को मौसम का मिजाज देखकर निकलना बेहतर रहेगा.
यूपी में सबसे बड़ा खतरा
उत्तर प्रदेश में 19 अगस्त को मौसम सबसे ज्यादा मुसीबत ले सकता है. पूर्वी उत्तर प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश के साथ कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश का अनुमान है. मौसम विभाग ने पूर्वी यूपी में 18 से 23 अगस्त के बीच भी कई जगहों पर भारी बारिश की संभावना जताई है.
पश्चिमी उत्तर प्रदेश भी बारिश से अछूता नहीं रहेगा. 19 अगस्त को यहां भी भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है. इसके साथ ही कुछ इलाकों में गरज-चमक और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है. भारी बारिश की स्थिति में निचले इलाकों में जलभराव और स्थानीय स्तर पर यातायात प्रभावित होने की आशंका रहेगी. पूर्वी यूपी में अत्यंत भारी बारिश वाले इलाकों में विशेष सावधानी की जरूरत होगी.
उत्तराखंड में भी बारिश बढ़ाएगा मुश्किल
उत्तराखंड में 19 अगस्त को भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है. राज्य में 18 से 24 अगस्त तक बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है. पहाड़ी इलाकों में बारिश के दौरान अचानक मौसम बदलने के साथ भूस्खलन और सड़क बाधित होने जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं.
बारिश के साथ राज्य में गरज-चमक और बिजली गिरने की भी संभावना है. ऐसे में पहाड़ी सड़कों, नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में रहने या यात्रा करने वालों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत होगी. हिमाचल प्रदेश में भी 19 अगस्त को भारी बारिश की संभावना है, जबकि जम्मू-कश्मीर और आसपास के पर्वतीय क्षेत्रों में भी बारिश का असर बना रहेगा.
बिहार-झारखंड में डिप्रेशन का असर
झारखंड के ऊपर सक्रिय डिप्रेशन 18 अगस्त की सुबह करीब 10 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ रहा था. मौसम विभाग का अनुमान है कि यह सिस्टम झारखंड और बिहार से गुजरते हुए अगले 24 घंटे में कमजोर होकर अच्छी तरह चिह्नित निम्न दबाव क्षेत्र में बदल सकता है.
हालांकि सिस्टम कमजोर होगा, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि बारिश तुरंत रुक जाएगी. झारखंड में 19 अगस्त को भी अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है. 18 अगस्त को राज्य में अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट भी जारी किया गया था. गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर भी कुछ इलाकों में देखने को मिल सकता है.
बिहार में भी भारी बारिश का दौर
बिहार में 19 अगस्त को भारी बारिश का पूर्वानुमान है. राज्य के कई हिस्सों में बारिश के साथ गरज-चमक और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. डिप्रेशन के झारखंड से बिहार की ओर बढ़ने के कारण राज्य के मौसम पर इसका सीधा प्रभाव दिखाई देगा.
बिहार में बारिश का असर 19 अगस्त के बाद भी जारी रहने की संभावना है. IMD ने 21 से 23 अगस्त के बीच भी राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश का अनुमान जताया है. ऐसे में निचले इलाकों में जलभराव और स्थानीय स्तर पर जलस्तर बढ़ने जैसी स्थितियों पर नजर रखना जरूरी होगा.
MP में भी आसमान से बरसेगी आफत
मध्य प्रदेश में 19 अगस्त को भी मानसून सक्रिय रहेगा. पूर्वी मध्य प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है, जबकि पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी भारी बारिश की संभावना है. मौसम विभाग ने 18 से 22 अगस्त के बीच दोनों हिस्सों में गरज-चमक और तेज हवाओं की गतिविधियां जारी रहने का अनुमान जताया है.
खास तौर पर पूर्वी मध्य प्रदेश में भारी बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव और स्थानीय स्तर पर नदी-नालों में पानी बढ़ने की स्थिति बन सकती है. छत्तीसगढ़ में भी 19 अगस्त को भारी बारिश और गरज-चमक का असर देखने को मिल सकता है. विदर्भ में भी भारी बारिश का अलर्ट है.
बंगाल, ओडिशा और सिक्किम में भी बारिश का जोर
पूर्वी भारत के राज्यों में भी मानसून सक्रिय रहेगा. सब-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 19 अगस्त को भारी बारिश की संभावना है. गंगीय पश्चिम बंगाल में भी बारिश का दौर बना रहेगा. झारखंड और आसपास के इलाकों में सक्रिय मौसम प्रणाली का असर इन क्षेत्रों में भी दिखाई देगा.
ओडिशा में 19 अगस्त को बारिश जारी रहने की संभावना है. हालांकि यहां भारी बारिश का ज्यादा जोर 22 से 24 अगस्त के बीच देखने को मिल सकता है. 19 अगस्त की सुबह तक बंगाल की खाड़ी के उत्तरी हिस्से में समुद्र की स्थिति खराब से बहुत खराब रह सकती है. पश्चिम बंगाल-बांग्लादेश, ओडिशा और उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटों के आसपास तेज हवाएं चलने की संभावना है. मछुआरों को 19 अगस्त की सुबह तक समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है.
पूर्वोत्तर में भी बादलों का डेरा
पूर्वोत्तर भारत में 19 अगस्त को कई राज्यों में व्यापक बारिश का अनुमान है. अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय के साथ नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में बारिश हो सकती है.
असम और मेघालय में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है. इसके अलावा अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा में भी भारी बारिश हो सकती है. बारिश के साथ बिजली चमकने और गरज-चमक की गतिविधियां भी जारी रहने की संभावना है.
बाकी देश का कैसा हाल?
दक्षिण भारत के कई हिस्सों में भी 19 अगस्त को मानसून सक्रिय रहेगा. तटीय कर्नाटक में व्यापक बारिश की संभावना है, जबकि केरल, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु और कर्नाटक के दूसरे हिस्सों में भी बारिश हो सकती है.
तटीय कर्नाटक और केरल में कुछ स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान है. उत्तर आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु-पुडुचेरी में गरज-चमक के साथ 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे तक की तेज हवाएं चल सकती हैं. आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना के कुछ हिस्सों में भी तेज हवाओं और गरज-चमक का असर देखने को मिल सकता है.
पश्चिमी भारत की बात करें तो कोंकण और गोवा में 19 अगस्त को भी व्यापक बारिश जारी रहने की संभावना है. गुजरात, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा और सौराष्ट्र-कच्छ में अलग-अलग जगहों पर बारिश हो सकती है. मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में गरज-चमक की गतिविधियां भी संभव हैं. यानी देश के पश्चिमी हिस्से में भी मानसून पूरी तरह शांत होने के मूड में नहीं है.