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DRDO Kusha Missile Test: डीआरडीओ ने लॉन्ग रेंज सरफेस-टू-एयर कुशा मिसाइल का सफल टेस्ट किया है. यह मिसाइल हवा में ही दुश्मन के फाइटर जेट और ड्रोन को राख कर सकती है. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस कामयाबी पर डीआरडीओ को बधाई दी है. इस टेस्ट के बाद भारत दुनिया के चुनिंदा देशों में शामिल हो गया है जिनके पास यह तकनीक है.
कुशा मिसाइल के सफल टेस्ट से कांपा दुश्मन, स्वदेशी एयर डिफेंस सिस्टम तैयार. (Photo : DRDO)
नई दिल्ली: डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन (DRDO) ने ओडिशा के तट पर एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से कुशा मिसाइल का पहला सफल फ्लाइट टेस्ट किया है. कुशा एक लॉन्ग रेंज सरफेस-टू-एयर मिसाइल सिस्टम है. यह आसमान में भारत का सबसे घातक हथियार बनने जा रही है. यह मिसाइल सिस्टम कई तरह के हवाई खतरों को बेअसर करने में माहिर है. यह दुश्मन के फाइटर जेट्स और खतरनाक मिसाइलों को पलक झपकते ही तबाह कर सकती है. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इसे देश के लिए एक बड़ी छलांग बताया है. राजनाथ सिंह ने कहा, ‘आज का सफल टेस्ट डिफेंस रिसर्च में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है’. इस सफलता के साथ भारत ने विदेशी हथियारों पर अपनी निर्भरता खत्म कर दी है. अब भारत पूरी तरह से स्वदेशी एयर डिफेंस सिस्टम से लैस होगा.
कुशा मिसाइल सिस्टम क्यों है दुश्मनों के लिए सबसे बड़ा काल?
- कुशा मिसाइल की मारक क्षमता बहुत ही अचूक और खतरनाक है. यह दुश्मन के अनमैन्ड एरियल व्हीकल या यूएवी को भी आसानी से मार गिरा सकती है.
- यह ऊंचे पहाड़ों से लेकर गहरे समुद्री इलाकों तक हर जगह काम करती है. यह लॉन्ग रेंज और ज्यादा ऊंचाई वाले टारगेट्स को निशाना बनाने में पूरी तरह सक्षम है.
- इसकी रडार प्रणाली बहुत शक्तिशाली है जो दुश्मन के विमानों को दूर से ही ट्रैक कर लेती है. इस आधुनिक सिस्टम के आने से भारतीय सेना की ताकत कई गुना बढ़ जाएगी.
The @DRDO_India has successfully conducted the maiden flight test of Long-Range Surface-to-Air Missile Kusha today from the APJ Abdul Kalam Island off the coast of Odisha.Kusha missile system is capable of neutralising wide variety of aerial threats including fighter jets,… pic.twitter.com/EceUgGM1HR