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लेबनान की तबाही में दिखा भारत की बेटी का दम, अब मेजर अभिलाषा के आगे झुका UN!

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Major Abhilasha Barak Profile: मेजर अभिलाषा बराक ने संयुक्त राष्ट्र (UN) के मंच पर भारत का ऐतिहासिक गौरव बढ़ाया है. उन्हें वर्ष 2025 के प्रतिष्ठित ‘यूएन मिलिट्री जेंडर एडवोकेट ऑफ द ईयर’ पुरस्कार से सम्मानित किया गया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर मेजर अभिलाषा को इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए बधाई दी है. प्रधानमंत्री ने कहा कि यह सम्मान उनकी उत्कृष्ट सेवा और संयुक्त राष्ट्र के शांतिरक्षा प्रयासों में भारत के दीर्घकालिक योगदान का प्रतीक है. उनकी यह सफलता देश की उन अनगिनत बेटियों के लिए एक बड़ी प्रेरणा है जो भारतीय सेना में शामिल होकर राष्ट्र और मानवता की सेवा करना चाहती हैं.

मेजर अभिलाषा बराक भारतीय सेना की एक जांबाज सैन्य अधिकारी हैं, जिन्हें संयुक्त राष्ट्र (UN) द्वारा वैश्विक स्तर पर अत्यंत प्रतिष्ठित ‘2025 यूनाइटेड नेशंस मिलिट्री जेंडर एडवोकेट ऑफ द ईयर’ पुरस्कार से सम्मानित किया गया है. उन्हें यह वैश्विक सम्मान लेबनान में तैनाती के दौरान स्थानीय महिलाओं और किशोरियों के बीच शानदार आउटरीच तथा सामुदायिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए मिला है.

मेजर अभिलाषा बराक वर्तमान में पश्चिम एशियाई देश लेबनान में ‘संयुक्त राष्ट्र अंतरिम बल’ (UNIFIL) में अपनी महत्वपूर्ण सेवाएं दे रही हैं. वह वहां भारतीय बटालियन के साथ तैनात ‘फीमेल एंगेजमेंट टीम’ (FET) की कमांडर के रूप में नेतृत्व कर रही हैं. इसके साथ ही वह जेंडर फोकल प्वाइंट भी हैं, जहां वह अन्य शांति सैनिकों को जेंडर संवेदीकरण का प्रशिक्षण देती हैं.

इस अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित होने से पहले भी मेजर अभिलाषा बराक ने भारतीय सैन्य इतिहास में अपना नाम सुनहरे अक्षरों में दर्ज करा लिया था. वह भारतीय सेना की पहली महिला कॉम्बैट हेलीकॉप्टर पायलट (युद्धक विमान चालक) हैं. उन्होंने आर्मी एविएशन कोर में शामिल होकर इस कठिन चुनौती को सफलतापूर्वक पार किया और देश की अनगिनत युवा बेटियों के लिए नई राहें खोल दीं.

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मेजर अभिलाषा बराक संयुक्त राष्ट्र का यह प्रतिष्ठित जेंडर एडवोकेट पुरस्कार हासिल करने वाली भारत की तीसरी सैन्य अधिकारी बन गई हैं. उनसे पहले मेजर सुमन गवानी को वर्ष 2019 में दक्षिण सूडान (UNMISS) में और मेजर राधिका सेन को वर्ष 2023 में कांगो (MONUSCO) में उनके असाधारण कार्यों के लिए संयुक्त राष्ट्र द्वारा इस वैश्विक सम्मान से नवाजा जा चुका है.

विश्व संस्था द्वारा प्रतिवर्ष 29 मई को मनाए जाने वाले ‘अंतरराष्ट्रीय संयुक्त राष्ट्र शांतिसैनिक दिवस’ के विशेष अवसर पर मेजर अभिलाषा को न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में एक भव्य समारोह में सम्मानित किया जाएगा. यह पुरस्कार वर्ष 2016 में सैन्य शांति अभियानों में लैंगिक समानता और सुरक्षा परिषद के ऐतिहासिक प्रस्ताव 1325 को जमीनी स्तर पर बढ़ावा देने के लिए शुरू किया गया था.

भारत दुनिया भर में यूएन शांति मिशनों में सबसे ज्यादा सैनिक भेजने वाले प्रमुख देशों में शामिल है. लेबनान में भारत के 642 जांबाज शांतिसैनिक तैनात हैं, जो चौथे स्थान पर हैं. मेजर अभिलाषा बराक ने वहां स्थानीय महिलाओं के अधिकारों को मजबूत करके और शांति कार्यों में लैंगिक दृष्टिकोण को बेहतर तरीके से शामिल करके अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का मान-सम्मान काफी बढ़ाया है.

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