भारतन्यूज़ – टॉप हेडर
News Menu Bar

Medical Courses After NEET | How to Become Doctor without MBBS: एमबीबीएस...


नई दिल्ली (Medical Courses After NEET). ‘डॉक्टर’ शब्द आते ही सफेद कोट और गले में स्टेथोस्कोप पहने एमबीबीएस डॉक्टर की तस्वीर उभरती है. हर साल नीट परीक्षा देने वाले लाखों स्टूडेंट्स सिर्फ और सिर्फ एमबीबीएस सीट के लिए ही जी-तोड़ मेहनत करते हैं. लेकिन सच यह है कि मेडिकल की दुनिया बहुत बड़ी है. अगर किसी वजह से एमबीबीएस सीट नहीं मिल पाती है तो निराश होने की बिल्कुल जरूरत नहीं है. एमबीबीएस के अलावा भी कई तरह के डॉक्टर हैं, जिनकी डिमांड भी अच्छी-खासी होती है.

दांतों की देखभाल करने वाले डेंटिस्ट से लेकर, जड़ी-बूटियों से इलाज करने वाले आयुर्वेदिक और होम्योपैथिक डॉक्टर्स तक- सभी चिकित्सा जगत के मजबूत स्तंभ हैं. इतना ही नहीं, पशुओं का इलाज करने वाले वेटरनरी डॉक्टर का स्कोप भी तेजी से बढ़ रहा है. इन क्षेत्रों में भी नाम और दाम, दोनों भरपूर मिलते हैं. अगर आपने भी नीट यूजी परीक्षा दी थी या 2027 में देने वाले हैं तो समझिए हैं कि एमबीबीएस के अलावा और कौन-कौन से डॉक्टर होते हैं और उनकी कमाई (सैलरी) कितनी होती है.

MBBS के बिना डॉक्टर कैसे बनें?

किसी भी मेडिकल कॉलेज के एमबीबीएस कोर्स में एडमिशन के लिए नीट में टॉप रैंक होना जरूरी है. अगर आपकी रैंक कुछ कम रहती है तो निराश होने की जरूरत नहीं है. आप मेडिकल के अन्य कोर्सेस की डिग्री लेकर भी डॉक्टर बन सकते हैं. मेडिकल का मतलब सिर्फ एमबीबीएस डॉक्टर होना ही नहीं है.

1. बीडीएस (BDS)- डेंटिस्ट (दांतों के डॉक्टर)

एमबीबीएस के बाद अभ्यर्थियों की दूसरी सबसे बड़ी पसंद बैचलर ऑफ डेंटल सर्जरी (BDS) है. यह कोर्स करके आप डेंटिस्ट बनते हैं. आज-कल लोग अपने दांतों की सेहत और लुक (स्माइल डिजाइनिंग) को लेकर काफी जागरूक हो चुके हैं, जिससे डेंटिस्ट्स की मांग बहुत बढ़ गई है.

सैलरी: फ्रेशर बीडीएस डॉक्टर की सरकारी या प्राइवेट नौकरी में शुरुआती सैलरी 3,00,000 से 5,00,000 रुपये सालाना तक होती है. खुद का क्लिनिक खोलने पर कमाई की कोई सीमा नहीं है.

2. बीएएमएस (BAMS)- आयुर्वेदिक डॉक्टर

ग्लोबल स्तर पर आयुर्वेद और प्राकृतिक चिकित्सा का क्रेज तेजी से लौट रहा है. बैचलर ऑफ आयुर्वेदिक मेडिसिन एंड सर्जरी (BAMS) करने वाले डॉक्टर्स को आयुर्वेदिक चिकित्सा अधिकारी कहा जाता है. सरकार भी आयुष (AYUSH) मंत्रालय के तहत इन डॉक्टर्स को खूब बढ़ावा दे रही है.

सैलरी: करियर की शुरुआत में आयुर्वेदिक डॉक्टर 3,50,000 से 6,00,000 रुपये सालाना तक आसानी से कमा लेते हैं. अनुभव बढ़ने के साथ-साथ यह ग्राफ काफी ऊपर जाता है.

3. बीएचएमएस (BHMS)- होम्योपैथिक डॉक्टर

बैचलर ऑफ होम्योपैथिक मेडिसिन एंड सर्जरी (BHMS) कोर्स के जरिए होम्योपैथी डॉक्टर बनते हैं. बिना किसी साइड इफेक्ट के गंभीर और पुरानी बीमारियों का इलाज करने के लिए लोग होम्योपैथी पर बहुत भरोसा करते हैं. लाइफस्टाइल से जुड़ी बीमारियों के बढ़ने से इनका स्कोप और बढ़ गया है.

सैलरी: होम्योपैथी डॉक्टर्स की शुरुआती सैलरी 2,50,000 से 4,50,000 रुपये सालाना के बीच होती है. खुद की प्रैक्टिस शुरू करने वाले डॉक्टर्स यहां बहुत नाम और पैसा कमाते हैं.

4. बीवीएससी एंड एएच (BVSc & AH)- वेटरनरी डॉक्टर (पशु चिकित्सक)

अगर आपको जानवरों से प्यार है तो बैचलर ऑफ वेटरनरी साइंस एंड एनिमल हस्बैंड्री बेस्ट है. यह मेडिकल कोर्स करने के बाद पशुओं के डॉक्टर बनते हैं. डेयरी फार्म्स, पोल्ट्री इंडस्ट्री, ज़ू (चिड़ियाघर) और पेट क्लिनिक (पालतू जानवरों के हॉस्पिटल) में इनकी भारी डिमांड है.

सैलरी: पशु चिकित्सकों को काफी आकर्षक पैकेज मिलते हैं. शुरुआत में इनकी सैलरी 4,00,000 से 7,00,000 रुपये सालाना तक हो सकती है, खासकर बड़े शहरों के पेट क्लिनिक्स में भारी कमाई है.

5. बीयूएमएस (BUMS)- यूनानी डॉक्टर

बैचलर ऑफ यूनानी मेडिसिन एंड सर्जरी (BUMS) भी चिकित्सा की प्राचीन और प्रभावी पद्धति है. इस कोर्स को करने के बाद आप यूनानी डॉक्टर के तौर पर प्रैक्टिस कर सकते हैं. दक्षिण एशिया और अरब देशों में इस थेरेपी की काफी मांग है.

सैलरी: यूनानी पद्धति के डॉक्टर्स की शुरुआती सैलरी 2,50,000 से 4,00,000 रुपये सालाना के आस-पास होती है. अनुभव और रिसर्च फील्ड में जाने पर यह पैकेज और बेहतर हो जाता है.



Source link

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top