नई दिल्ली. अगर आप इस तपती गर्मी में सुकून की तलाश में हैं तो आज शाम सूर्यास्त के ठीक बाद अपने घर की छत पर आ जाइए क्योंकि कुदरत आसमान के कैनवास पर एक ऐसा नायाब और जादुई नजारा पेश करने जा रही है जिसे देखकर आप दंग रह जाएंगे. जून का यह महीना सिर्फ भीषण गर्मी का ही नहीं बल्कि अंतरिक्ष में होने वाली इतिहास की सबसे खूबसूरत खगोलीय और ज्योतिषीय हलचलों का गवाह बनने जा रहा है. 11 से 15 जून के बीच आसमान के पश्चिमी छोर पर तीन सबसे बड़े और चमकीले ग्रह बुध, शुक्र और बृहस्पति एक सीधी कतार में मार्च पास्ट करते हुए नजर आने वाले हैं, जिसे वैज्ञानिक भाषा में प्लैनेट परेड कहा जाता है.
अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा (NASA) के मुताबिक यह आलौकिक नजारा सिर्फ इन चार दिनों तक ही सीमित नहीं रहेगा बल्कि पूरा जून का महीना अंतरिक्ष प्रेमियों, फोटोग्राफर्स और ज्योतिष में भरोसा रखने वालों के लिए किसी महापर्व से कम नहीं होने वाला है. आइए जानते हैं कि आखिर आसमान में यह सीधी लकीर कैसे बनती है, क्या है एक्लिप्टिक का रहस्य और इसका आपकी राशि पर क्या असर होने जा रहा है.
जून के महा-आकाशीय शो से जुड़ी 5 सबसे मुख्य बातें
• तीन शुभ ग्रहों की त्रिवेणी: इस अनोखी प्लैनेट परेड में हमारे सौरमंडल के तीन सबसे महत्वपूर्ण ग्रह—बुध (Mercury), शुक्र (Venus) और बृहस्पति (Jupiter) एक साथ जुड़कर एक छोटी लेकिन बेहद आकर्षक और चमकदार कतार बना रहे हैं.
• क्या है एक्लिप्टिक का जादू: सौरमंडल के सभी ग्रह सूर्य के चारों ओर लगभग एक ही काल्पनिक चपटे रास्ते पर परिक्रमा करते हैं, जिसे खगोल विज्ञान में ‘एक्लिप्टिक’ (Ecliptic) कहा जाता है. इसी रास्ते के कारण पृथ्वी से देखने पर ऐसा भ्रम होता है जैसे सभी ग्रह एक ही लाइन में खड़े हैं.
• शुक्र और गुरु की महाजुगलबंदी: इस पूरी परेड में शुक्र (वीनस) सबसे चमकीला और खूबसूरत नजर आएगा. वह सौरमंडल के सबसे बड़े ग्रह बृहस्पति के बेहद पास दिखाई देगा, जिससे इन दोनों की चमक आसमान को और भी रोशन करेगी.
• 17 जून को चंद्रमा रचेगा दुर्लभ खेल: 17 जून को अंतरिक्ष में ‘लूनर ऑकल्टेशन’ (Lunar Occultation) नाम की एक अत्यंत दुर्लभ घटना होगी, जब चंद्रमा ठीक शुक्र ग्रह के सामने से गुजरेगा और कुछ समय के लिए ऐसा लगेगा जैसे शुक्र चंद्रमा के पीछे छिप गया हो.
• 21 जून का सबसे बड़ा दिन: इसी महीने 21 जून को ‘समर सोल्स्टिस’ होगा, जो उत्तरी गोलार्ध (भारत समेत) में साल का सबसे लंबा दिन और सबसे छोटी रात लेकर आएगा. इसी दिन से आधिकारिक तौर पर खगोलीय गर्मियों की शुरुआत होती है.
सवाल-जवाब
क्या इस प्लैनेट परेड को देखने के लिए किसी महंगे टेलीस्कोप की जरूरत पड़ेगी और बुध ग्रह को कैसे देखें?
इस अद्भुत नजारे में शामिल शुक्र और बृहस्पति ग्रह इतने चमकीले हैं कि इन्हें आप सूर्यास्त के तुरंत बाद पश्चिमी आसमान में अपनी नग्न आंखों से (बिना किसी चश्मे या दूरबीन के) आसानी से देख सकते हैं. हालांकि, बुध ग्रह सूर्य के बेहद करीब और क्षितिज के काफी नीचे रहेगा, इसलिए उसे स्पष्ट रूप से देखने के लिए आपको एक साफ पश्चिमी क्षितिज (जहां पेड़ या इमारतें न हों) और एक अच्छी दूरबीन (बायनोकुलर) की जरूरत पड़ सकती है.
ज्योतिष के अनुसार यह खगोलीय घटना किन क्षेत्रों में बड़ा बदलाव ला सकती है?
चूंकि संवाद के देवता बुध, ऐश्वर्य के देवता शुक्र और ज्ञान के देवता गुरु एक साथ आ रहे हैं, इसलिए यह समय वैश्विक और व्यक्तिगत स्तर पर करियर, व्यापारिक सौदों, उच्च शिक्षा और बैंकिंग या आर्थिक नीतियों में बड़े और सकारात्मक बदलाव ला सकता है. हालांकि इसका सटीक फल हर व्यक्ति की अपनी निजी जन्म कुंडली में ग्रहों की स्थिति पर निर्भर करता है.