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Muhurat Trading 2026 : दिवाली के मौके पर 8 नवंबर को रविवार होने के बावजूद शेयर बाजार में ट्रेडिंग सेशन खोला जाएगा. बीएसई और एनएसई आज करीब 1 घंटे के लिए ट्रेडिंग सेशन शुरू करेंगे. इस दौरान शेयर बाजार में स्टॉक्स की खरीद-फरोख्त हो सकेगी. कई निवेशकों के मन में यह सवाल भी उठता है कि क्या इस दौरान ईटीएफ और म्यूचुअल फंड में भी ट्रेडिंग की जा सकती है.
दिवाली के मौके पर आज 1 घंटे के लिए शेयर बाजार में ट्रेडिंग होगी.
नई दिल्ली. हर साल दिवाली के मौके पर शेयर बाजार में कुछ देर के लिए मुहुर्त ट्रेडिंग होती है. इस साल भी बीएसई और एनएसई पर मुहुर्त ट्रेडिंग का समय घोषित किया जा चुका है. निवेशक भी इस खास मौके पर अपनी किस्मत आजमाने और माता लक्ष्मी का पूजन करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं. लेकिन, एक सवाल कई निवेशकों के मन में उठ रहा है कि आखिर मुहुर्त ट्रेडिंग पर सिर्फ शेयर बाजार में ही दांव लगाने का मौका मिलेगा या फिर म्यूचुअल फंड और ईटीएफ में भी निवेश किया जा सकता है.
संवत 2083 के लिए 8 नवंबर को दोपहर 2.20 बजे से 3.30 बजे तक मुहुर्त ट्रेडिंग का समय रखा गया है. बाजार में प्री-ओपनिंग सेशन का समय दोपहर 2.05 मिनट से लेकर 2.20 मिनट तक रखा गया है.इस दौरान निवेशक शेयर बाजार में स्टॉक्स की खरीद-फरोख्त कर सकते हैं. लेकिन, क्या इस दौरान म्यूचुअल फंड और एक्सचेंज ट्रेडेड फंड में भी निवेश का मौका दिया जाएगा या नहीं.
किस चीजों के लिए होती है मुहूर्त ट्रेडिंग
शेयर बाजार में मुहूर्त ट्रेडिंग के दौरान निवेशक अपने ब्रोकर के जरिये ईटीएफ खरीद या बेच सकते हैं. यह ट्रेडिंग सिर्फ लाइव ट्रेडिंग सेशन के समय ही की जा सकती है. जो निवेशक 8 नवंबर को इसमें दांव लगाएंग, उन्हें T+1 साइकल में सेटलमेंट का मौका दिया जाएगा. इसका मतलब है कि रविवार को खरीदा गया ईटीएफ आपके डीमैट खाते में एक दिन बाद यानी सोमवार को आएगा.
म्यूचुअल फंड में कैसे होगा निवेश
मुहूर्त ट्रेडिंग के दौरान म्यूचुअल फंड में निवेश का तरीका थोड़ा अलग होता है. इसमें निवेश के लिए कभी भी ऑर्डर दिया जा सकता है और इसके लिए किसी स्पेशल मुहूर्त सेशन की जरूरत नहीं होती. इसका मतलब है कि दिवाली के मौके पर मुहुर्त ट्रेडिंग के दौरान आप जितना चाहें म्यूचुअल फंड का ऑर्डर दे सकते हैं. हालांकि, इसके लिए भी आप रविवार को ऑर्डर देंगे तो वह डीमैट खाते में सोमवार को आएगा. इसकी यूनिट्स आपके खाते में 2 दिन बाद यानी बुधवार को आएगी.
क्यों फंड पर लागू होता है अलग नियम
दरअसल, म्यूचुअल फंड या इंडेक्स फंड लिस्टेड सिक्योरिटीज नहीं होते हैं, जैसा कि ईटीएफ होता है. इसका प्रोसेस सिर्फ वीकडेज पर होता है और रविवार को कई एसेट मैनेजमेंट कंपनियां ऑर्डर भी रिजेक्ट कर देती हैं. हालांकि, कुछ कंपनियां इसका ऑर्डर लेती तो हैं लेकिन यूनिट को अगले वर्किंग डेज पर ही क्रेडिट करती हैं. इसका मतलब है कि कई प्लेटफॉर्म निवेशकों के ऑर्डर लेते तो हैं, लेकिन सेबी के नियमों के तहत उसे प्रोसेस नहीं करती हैं.
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प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्वेस्टमेंट टिप्स, टैक्स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…