महाराष्ट्र के नासिक स्थित टीसीएस से जुड़े मामले में छत्रपति संभाजीनगर से ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के पार्षद मतीन पटेल की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं. औरंगाबाद नगर निगम (AMC) ने उनके खिलाफ अवैध निर्माण को लेकर नोटिस जारी किया है. जिन संपत्तियों पर सवाल उठाए गए हैं, उनमें वह बंगला भी शामिल है, जहां नासिक टीसीएस केस की आरोपी निदा खान कथित तौर पर छिपकर रह रही थी.
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, नगर निगम के मेयर समीर राजूरकर ने साफ कहा है कि अगर पार्षद की ओर से नोटिस का संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो उनकी इमारतों को गिराने की कार्रवाई की जाएगी. इतना ही नहीं, अगर अवैध निर्माण साबित होता है तो पार्षद की सदस्यता रद्द करने की प्रक्रिया भी शुरू हो सकती है.
मतीन के ही घर में रह रही थी निदा
नगर निगम प्रशासन ने 9 मई को मतीन पटेल को नोटिस भेजा. इनमें कौसर बाग स्थित वह मकान, जहां निदा खान के रहने की बात सामने आई, और उसी इलाके में स्थित उनका एक दफ्तर शामिल है. निगम का दावा है कि शुरुआती जांच में दोनों निर्माण पूरी तरह या आंशिक रूप से अवैध पाए गए हैं.
तीन दिन में जवाब, वरना बुलडोजर एक्शन
मेयर समीर राजूरकर ने कहा कि नियमों के तहत पार्षद को जवाब देने के लिए तीन दिन का समय दिया गया है. यदि जवाब संतोषजनक नहीं हुआ तो कानून के मुताबिक कार्रवाई होगी. उन्होंने यह भी कहा कि महाराष्ट्र नगर निगम अधिनियम के तहत यदि कोई पार्षद, उसका परिवार या आश्रित अवैध निर्माण में शामिल पाए जाते हैं तो उनकी सदस्यता रद्द की जा सकती है.
हालांकि, जब उनसे पूछा गया कि क्या निगम मतीन पटेल की सदस्यता खत्म करने की दिशा में आगे बढ़ेगा, तो उन्होंने कहा कि इस पर अंतिम फैसला सदन और नगर आयुक्त स्तर पर लिया जाएगा. फिलहाल अवैध निर्माण के मामले में कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया चल रही है.
35 वर्षीय मतीन माजिद शेख, जिन्हें मतीन पटेल के नाम से जाना जाता है, पहली बार AIMIM के टिकट पर पार्षद बने हैं. चुनावी हलफनामे के मुताबिक उन्होंने सातवीं तक पढ़ाई की है. उनके पास कृषि और गैर-कृषि जमीनों समेत कई संपत्तियां हैं.
इस बीच मतीन पटेल ने स्थानीय अदालत का दरवाजा खटखटाया है. उन्होंने नोटिस का जवाब देने के लिए 15 दिन का समय मांगा है और नगर निगम को किसी भी तरह की सख्त कार्रवाई से रोकने की मांग की है. मामले पर मंगलवार को सुनवाई हो सकती है.