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Ranchi Crime News: रांची में आरएसएस(RSS) कार्यालय पर पेट्रोल बम हमले के मामले में तीन आरोपी को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस के मुताबिक उन्हें सोशल मीडिया के जरिये पाकिस्तान की ISI से निर्देश मिल रहे थे. तीनों झारखंड के रहने वाले हैं. तीनों आरोपियों में एक आरोपी 6 महीने दुबई में रहा है. जहा वो एक आपराधिक मुकदमे में जेल में भी बंद था. दुबई में ISI और भट्टी मॉड्यूल से जुड़ा ये आरोपी राणा साहब नाम का एक हैंडलर्स ने बाकायदा पेट्रोल बम बनाने का वीडियो आरोपियों को भेजा था.
आरएसएस ऑफिस पर रात में हुआ था हमला, तीन आरोपी गिरफ्तार.
रांची: रांची में 16 जून की रात हुए आरएसएस कार्यालय पर पेट्रोल बम से हमले के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. शुरुआती जांच में पता चला है कि आरोपियों ने हमला उसी रात किए गए असेंबली के बाद अंजाम दिया. जांच अधिकारियों ने बयान में कहा कि दो पेट्रोल बम बनाए गए थे. एक बम दफ्तर के गेट के बाहर बरामद हुआ. दूसरा छत पर फेंका गया था. बता दें कि इस घटना का सीसीटीवी फुटेज काफी वायरल हुआ था. इसमें दो लोग पेट्रोल बम बनाकर हमला करते दिख रहे हैं. यह घटना 16 जून यानी मंगलवार देर रात करीब 11:35 बजे की है.
तीनों आरोपी झारखंड के रहने वाले
गिरफ्तार आरोपियों में से एक रांची का रहने वाला है. दो आरोपियों का नाता झारखंड के लोहारदगा जिले से है. पुलिस ने मौके से बम बनाने का रॉ मटेरियल भी जब्त किया है. जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों को पेट्रोल बम बनाना पूरी तरह से नहीं आता था. वे ऐसा करना सीख रहे थे.
तीनों आरोपियों में एक आरोपी 6 महीने दुबई में रहा है. जहा वो एक आपराधिक मुकदमे में जेल में भी बंद था. दुबई में पाकिस्तान ISI और भट्टी मॉड्यूल से जुड़ा ये आरोपी राणा साहब नाम का एक हैंडलर्स ने बाकायदा पेट्रोल बम बनाने का वीडियो आरोपियों को भेजा था. जिसको देखकर बम तैयार किया गया था. तीनों आरोपी लगभग 20 से 22 साल के बीच के हैं. शहजाद भट्टी के तार झारखंड से भी जुड़े पाए गए हैं.
सोशल मीडिया के माध्यम से आईएसआई दे रहा था निर्देश
पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया के माध्यम से आरोपियों को भर्ती किया गया था. उन्हें पाकिस्तान की ISI से जुड़े हैंडलर्स से निर्देश मिल रहे थे. प्रारंभिक जांच में शहजाद भट्टी मॉड्यूल से जुड़ाव का शक जताया जा रहा है. आरोपियों के मोबाइल और व्हाट्सएप, बॉटम एप जैसी सेवाओं के जरिये विदेशी हैंडलर्स से संपर्क होने के सबूत मिले हैं. केस की विस्तार से जांच और रेड जारी है.
अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों की पृष्ठभूमि और सहयोगियों की तलाश जारी है. अभी तक गिरफ्तार तीनों आरोपी मुस्लिम समुदाय से संबंध रखते हैं. पर जांच प्रगति पर है. किसी भी प्रकार के समूह या समुदाय के खिलाफ अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही घोषित किए जाएंगे. पुलिस आगे की कार्रवाई और आरोप तय करने के लिए सबूतों और डिजिटल फुटप्रिंट की पड़ताल कर रही है. मामले की आगे की जानकारी मिलने पर अपडेट दिया जाएगा.
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