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PM Modi Trump Meeting:G7 समिट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन का उदाहरण दिया. उनका फेवरेट नारा Trust but Verify डोनाल्ड ट्रंप को सुनाकर सप्लाई चेन और टैरिफ नीतियों पर निशाना साधा. ये भी बताया कि रिश्ते यूं ही नहीं सुधरते.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप.
कहते हैं कि किसी को कोई बात समझ न आए, तो उसे उसकी भाषा में समझाना चाहिए. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिल्कुल वही किया. जिस रोनाल्ड रीगन को डोनाल्ड ट्रंप अपना आइकॉन मानते हैं, जिनका नारा Make America Great Again चुराकर वे सत्ता में आए हैं, उन्हीं की भाषा में पीएम मोदी ने समझाया कि जो दुनियाभर में जो आप कर रहे हैं, वो ठीक नहीं है. भारत का उदाहरण देकर बताया कि दूसरे देशों के साथ रिश्ते कैसे निभाते हैं.
मौका G7 समिट का था. पीएम मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत ही ‘भरोसे में कमी’ से की. उन्होंने कहा- आज दुनिया इंटरकनेक्टेड है. एक दूसरे पर डिपेंडेंट है. ऐसे में पार्टनरशिप का महत्व बढ़ जाता है. लेकिन ऐसी पार्टनरशिप तभी सफल होती है, जब उनके केंद्र में विश्वास हो. यह भरोसा हो कि सप्लाई चेन का इस्तेमाल हथियार के रूप में नहीं होगा. इसके बाद पीएम मोदी ने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन का उदाहरण दिया. उन्होंने कहा, रोनाल्ड रीगन कहते थे कि Trust but Verify. यह आज के समय में भी उतना ही प्रासंगिक है. भावी पीढ़ियों के प्रति हमारा दायित्व है कि हम नए युग के अनुरूप ट्रस्टेड रूल बेस्ड ऑर्डर का निर्माण करें. यह उस ट्रंप को सीधा जवाब था, जो किसी रूल बेस्ड ऑर्डर को नहीं मानते. सप्लाई चेन को हथियार बना रहे हैं. कभी टैरिफ लगा दिया तो कभी धमकी दी, तेल लोगो को ये कर देंगे, वो कर देंगे.
भारत का उदाहरण देकर समझाया
पीएम मोदी ने भारत का उदाहरण देकर दोस्ती के मायने समझाए. मोदी ने कहा, भारत ने हमेशा विश्व को एक परिवार के रूप में देखा है. हमारे सभी प्रयास सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय यानि, welfare and happiness for all के मूल सिद्धांत पर आधारित रहे हैं. जब संकट आया तो भारत ने दुनिया की मदद करना अपना दायित्व समझा. कोविड महामारी के दौरान भारत ने डेढ़ सौ से अधिक देशों को दवाइयां और vaccines भेजी. श्रीलंका में cyclone हो, अफगानिस्तान में भूकंप हो, मोजाम्बिक में floods हों, या क्यूबा और जमैका में hurricane, भारत ने सदैव Humanity First के सिद्धांत पर कार्य किया. हम पार्टनर को ऐसे ही देखते हैं. जंग ऐसे भरोसे को खत्म करती है. आज जरूरत है भरोसे को बनाए रखने की. यह सीधा ट्रंप को मैसेज था.
रीगन के नक्शेकदम पर ट्रंप
- ट्रंप रोनाल्ड रीगन को अपनी पसंद बताते हैं. अपनी फेमस किताब द आर्ट ऑफ द डील (1987) में उन्होंने रीगन की जमकर तारीफ की है . इतना ही नहीं, व्हाइट हाउस में रीगन के साथ हाथ मिलाते हुए अपनी एक फोटो भी उन्होंने लगवाई है.
- ट्रंप ने 2012 में ही रीगन के 1980 के नारे Make America Great Again को आधिकारिक तौर पर अपने नाम रजिस्टर्ड करवा लिया था. रीगन पहले डेमोक्रेट थे और बाद में रिपब्लिकन बने। ट्रंप ने भी ठीक इसी तरह अपनी राजनीतिक पार्टी बदली और रिपब्लिकन पार्टी के बड़े नेता बने.
- रीगन के पीस थ्रू स्ट्रेंथ यानी ताकत से शांति के सिद्धांत को आगे बढ़ाते हुए ट्रंप ने अमेरिकी सैन्य बजट में रिकॉर्ड बढ़ोतरी की. ट्रंप ने रीगन के सप्लाई-साइड इकोनॉमिक्स को अपनाया और 2017 में कॉर्पोरेट और व्यक्तिगत टैक्स में भारी कटौती की.
रीगन लेबनान में फंसे थे, ट्रंप ईरान में
ट्रंप ईरान में फंसे हैं, ठीक इसी तरह एक वक्त रीगन लेबनान में फंसे थ्ज्ञे. 1982 में अमेरिका ने बहुराष्ट्रीय शांति-सेना के हिस्से के रूप में लेबनान में सैनिक भेजे थे. अक्टूबर 1983 में बेरूत में अमेरिकी मरीन बैरकों पर आत्मघाती ट्रक बम हमला हुआ, जिसमें 241 अमेरिकी सैनिक मारे गए. इसके बाद रीगन प्रशासन पर दबाव बढ़ा और 1984 की शुरुआत में अमेरिका ने अधिकांश मरीन सैनिकों को लेबनान से वापस बुला लिया. अब ट्रंप भी ईरान के सामने झुकते नजर आ रहे हैं.
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Mr. Gyanendra Kumar Mishra is associated with hindi.news18.com. working on home page. He has 20 yrs of rich experience in journalism. He Started his career with Amar Ujala then worked for ‘Hindustan Times Group…और पढ़ें