महाप्रभु भगवान जगन्नाथ की विश्व प्रसिद्ध रथ यात्रा 2026 के पावन अवसर पर पुरी की पवित्र धरती भक्ति के सागर में डूबी हुई है. देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और स्वास्थ्य को सुनिश्चित करने के लिए जहां एक तरफ जिला प्रशासन मुस्तैद है, वहीं दूसरी तरफ रिलायंस फाउंडेशन ‘मानव सेवा ही माधव सेवा’ और ‘सेवा टू ह्यूमैनिटी इज सेवा टू गॉड’ के मूल मंत्र के साथ धरातल पर उतर चुका है. इस साल रिलायंस फाउंडेशन ने न केवल पारंपरिक अन्न सेवा, पेयजल वितरण और चिकित्सा सहायता में हाथ बंटाया है बल्कि इस महा-आयोजन को सुगम बनाने के लिए आधुनिक जीआईएस तकनीक और फ्रंटलाइन वर्कर्स की गरिमा से जुड़ी अनूठी पहलों को भी शामिल किया है. करीब 20 लाख से अधिक तीर्थयात्रियों की सेवा और सुरक्षा के इस महाकुंभ में फाउंडेशन का बहुआयामी डिजिटल और ऑन-ग्राउंड सपोर्ट एक नई मिसाल पेश कर रहा है.
टेक फॉर सेवा: पुरी अन्नसेवा 2026 जीआईएस प्लेटफॉर्म
रिलायंस फाउंडेशन ने भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा के दौरान योजना, निगरानी, सत्यापन और दस्तावेजीकरण को सुदृढ़ करने के लिए एक अत्याधुनिक डिजिटल “टेक फॉर सेवा” पहल के तहत पुरी अन्नसेवा 2026 जीआईएस प्लेटफॉर्म विकसित किया है. यह वेब-आधारित एप्लिकेशन पुरी में चल रही विभिन्न व्यवस्थाओं को एक ही डिजिटल स्क्रीन पर लाकर खड़ा करता है.
• जियोटैग्ड डेटा एकीकरण: इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से अन्नसेवा केंद्रों, पुलिस बूथों, वॉल रैप्स, आउटडोर होर्डिंग्स, बुलेटिन बोर्ड, पोल कियोस्क और प्रमुख मंदिरों की सटीक भौगोलिक स्थिति को मैप किया गया है.
• इंटरेक्टिव विजुअल मैप: उपयोगकर्ता इस इंटरेक्टिव मैप के जरिए संपत्तियों के वास्तविक स्थान, उनकी लाइव तस्वीरें और संबंधित विवरण देख सकते हैं. किसी विशिष्ट सुविधा को खोजना, वहां तक नेविगेट करना और ऑन-ग्राउंड तैनाती की प्रगति को ट्रैक करना इसके जरिए बेहद आसान हो गया है.
• मल्टी-डिवाइस एक्सेसिबिलिटी: यह प्लेटफॉर्म डेस्कटॉप, मोबाइल फोन और टैबलेट पर समान रूप से सुलभ है, जिससे फील्ड में काम करने वाली टीमों और सभी हितधारकों को बुनियादी ढांचे का एक सिंगल जियोस्पेशियल व्यू मिलता है. यह रीयल-टाइम स्थितिजन्य जागरूकता बढ़ाता है और त्वरित निर्णय लेने में मदद करता है.
पुलिस एड पोस्ट: विचार से लेकर फ्रंटलाइन सेवा तक का सफर
लाखों भक्तों की भीड़ को नियंत्रित करने और उनकी सहायता के लिए पुरी के महत्वपूर्ण मार्गों पर पुलिस सहायता चौकियों की भूमिका बेहद अहम है. रिलायंस फाउंडेशन ने इन पुलिस एड पोस्ट के निर्माण और स्थापना में एंड-टू-एंड सहायता प्रदान की है.
एक प्रारंभिक विचार से लेकर जमीन पर अंतिम तैनाती तक का सफर कई चरणों से होकर गुजरा: विचार- -प्रिंटिंग-फैब्रिकेशन-ब्रांडिंग-परिवहन-इंस्टॉलेशन-तैनाती.
डिजाइन विकास, गुणवत्ता आश्वासन और रणनीतिक प्लेसमेंट के माध्यम से बुनियादी सामग्रियों को सुलभ सार्वजनिक सहायता केंद्रों में बदल दिया गया. लगभग 90 पुलिस एड पोस्ट को पुरी के 50 किलोमीटर से अधिक लंबे प्रमुख तीर्थयात्री मार्गों, मुख्य चौराहों, ट्रांजिट पॉइंट्स, मेडिकल जोन और तटीय क्षेत्रों में स्थापित किया गया है. ये केंद्र न केवल ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को एक कार्यशील स्पेस देते हैं बल्कि श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षा और मार्गदर्शन का एक स्पष्ट प्रतीक बनकर उभरे हैं.
ड्यूटी पोस्ट से आगे देखभाल: फ्रंटलाइन हीरोज का सम्मान और मानवीय समर्थन
रिलायंस फाउंडेशन का मानना है कि सेवा केवल ड्यूटी पॉइंट तक ही सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि उन लोगों की भलाई का भी ध्यान रखा जाना चाहिए जो चौबीसों घंटे दूसरों की रक्षा में तैनात हैं. रथ यात्रा के दौरान पुरी में देश के सबसे बड़े सुरक्षा सुरक्षा बलों में से एक तैनात रहता है, जिन्हें रहने और फ्रेश होने के लिए अस्थायी केंद्रों की आवश्यकता होती है.
• आवास केंद्रों में स्वच्छता और गरिमा: पुरी में करीब 94 अस्थायी केंद्रों पर लगभग 13,975 अग्रिम पंक्ति के पुलिस कर्मियों के ठहरने की उम्मीद है. इतनी भीषण गर्मी, उमस और बारिश के मौसम में इन कर्मियों की बुनियादी स्वच्छता और गरिमा को बनाए रखने के लिए फाउंडेशन ने 1,000 बाल्टियां (Buckets) और 1,000 मग प्रदान किए हैं. यह छोटी लेकिन आवश्यक सहायता कर्मियों को लंबी ड्यूटी के बाद तरोताजा होने और अगली शिफ्ट के लिए ऊर्जावान होने में मदद करती है.
• अग्रणी आपातकालीन कर्मियों के लिए हाइड्रेशन सपोर्ट [फेज-I]: रथ यात्रा के दौरान सुरक्षा और राहत कार्यों में तैनात 1,400 फ्रंटलाइन आपातकालीन कर्मियों के लिए रिलायंस फाउंडेशन ने हाइड्रेशन और रिफ्रेशमेंट (पेयजल और जलपान) सहायता का विस्तार किया है. इस पहल के लाभार्थियों में आग से सुरक्षा और आपदा प्रबंधन में जुटे 840 फायर सर्विस कर्मी, भीड़ नियंत्रण में सहायक 200 होम गार्ड और तीर्थयात्री सुरक्षा में तैनात 360 सिविल डिफेंस कर्मी शामिल हैं.
कचरा प्रबंधन और स्वच्छता पहल: स्वच्छ और सुरक्षित पुरी सेवा [फेज-I]
रथ यात्रा जैसे विशाल आयोजनों में स्वच्छता बनाए रखना एक बहुत बड़ी प्रशासनिक और सामाजिक चुनौती होती है. भारी संख्या में लोगों की आवाजाही के कारण कचरा प्रबंधन को लेकर रिलायंस फाउंडेशन ने पुरी नगर पालिका (Puri Municipality) के साथ मिलकर पहले चरण के तहत एक व्यापक सफाई अभियान की रूपरेखा तैयार की.
• 10,000 कचरा बैग का वितरण: पुरी के उच्च-फुटफॉल (High-footfall) वाले संवेदनशील स्थानों पर कचरे को फैलने से रोकने के लिए 4 फीट $\times$ 2 फीट आकार के 10,000 मजबूत कचरा बैग वितरित किए गए हैं.
• 1,400 सिलिकॉन सुरक्षात्मक दस्ताने: सफाई कर्मियों और सेवा प्रदाताओं की व्यक्तिगत सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 9-इंच के 1,400 सिलिकॉन प्रोटेक्टिव ग्लव्स प्रदान किए गए हैं. यह सामग्री नगर पालिका के माध्यम से पुरी में काम करने वाले लगभग 500 सेवा हितधारकों के बीच वितरित की जा रही है ताकि स्वच्छता कार्य को सुरक्षित और संक्रमण-मुक्त तरीके से अंजाम दिया जा सके.
श्रद्धालु की यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने का सच्चा माध्यम
रिलायंस फाउंडेशन द्वारा पुरी रथ यात्रा 2026 में की जा रही यह व्यापक सेवा केवल संसाधनों की आपूर्ति तक सीमित नहीं है बल्कि यह तकनीक की शक्ति और मानवीय संवेदनशीलता का एक अनूठा संगम है. जीआईएस मैपिंग के जरिए जहां प्रशासनिक व्यवस्था को डिजिटल आंखें मिली हैं, वहीं पुलिसकर्मियों और सफाईकर्मियों के प्रति दिखाई गई छोटी-छोटी चिंताएं यह साबित करती हैं कि बड़े आयोजनों में अग्रिम पंक्ति में खड़े लोगों की गरिमा और भलाई का ध्यान रखना कितना महत्वपूर्ण है. महाप्रभु की सेवा में लगा यह समन्वित प्रयास पुरी आने वाले हर श्रद्धालु की यात्रा को सुरक्षित, स्वच्छ और सुगम बनाने का सच्चा माध्यम बन गया है.