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जिले में विगत दो दिनों में 72.8 एमएम बारिश के बाद किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। वहीं धान के सूखे खेतों में हरियाली छाने लगी है। रामगढ़ जिले में इस वर्ष 35 हजार हेक्टेयर भूमि पर धान की खेती लगाने का लक्ष्य है। लेकिन इस वर्ष बारिश की बेरुखी की वजह से कि
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वहीं अबतक 82.7 प्रतिशत धान रोपनी का कार्य पूरा हो गया है। वहीं दो-तीन दिनों से लगातार बारिश के बाद खेतों में धानरोपनी का कार्य अंतिम चरण में चल रहा है। मौसम विभाग के अनुसार रामगढ़ जिले में जुलाई में 320 एमएम बारिश होनी चाहिए। लेकिन जुलाई माह में इस बार जिले में इस बार औसतन बारिश से लगभग 60 एमएम कम बारिश हुई है। 31 जुलाई तक रामगढ़ जिले में 261.4 एमएम बारिश हुई है। वहीं अगस्त में दो दिनों में 72.8 प्रतिशत बारिश होने के बाद किसानों के चेहरे में खुशी देखी जा रही है। खेतों में धान के बिचड़े तैयार, धानरोपनी का कार्य अंतिम चरण में रामगढ़ जिला कृषि बाहुल क्षेत्र है। यहां के अधिकाशंत: किसान खेती-बारी पर आश्रित हैं। धान की खेती के लिए किसान खेतों की तैयारी पूरी कर ली है। अब अंतिम चरण में धानरोपनी का कार्य चल रहा है।
प्रखंड धनरोपनी गोला 90% दुलमी 89% मांडू 89% पतरातू 90% चितरपुर 80% रामगढ़ 80%