दिल्ली के पूर्व मंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता सत्येंद्र जैन को एंटी करप्शन ब्रांच (ACB) ने गिरफ्तार कर लिया है. दिल्ली जल बोर्ड (DJB) से जुड़े कथित भ्रष्टाचार मामले में जैन के अलावा पांच अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया गया है. ACB के मुताबिक, यह मामला दिल्ली जल बोर्ड के STP को अपग्रेड और बेहतर बनाने के लिए जारी किए गए टेंडर में बड़े स्तर पर अनियमितता, टेंडर की शर्तों में कथित हेरफेर और आपराधिक साजिश से जुड़ा है. मामला विजिलेंस डायरेक्टोरेट की शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया था.
एक खास कंपनी को फायदा पहुंचाने का आरोप
एसीबी ने बताया कि मामले की जांच दिल्ली सरकार के सतर्कता निदेशालय की शिकायत के आधार पर शुरू की गई थी. शिकायत में एसटीपी के विस्तार और अपग्रेडेशन के लिए जारी टेंडर प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं, शर्तों में कथित हेरफेर और आपराधिक साजिश के आरोप लगाए गए थे.
जांच एजेंसी का आरोप है कि टेंडर की तकनीकी शर्तें इस तरह तैयार की गई थीं, जिससे एक खास तकनीक उपलब्ध कराने वाली कंपनी यूरोटेक को फायदा मिल सके. एसीबी के मुताबिक, इन शर्तों ने प्रतिस्पर्धा को सीमित किया और चयनित निजी कंपनी को अनुचित लाभ पहुंचाया.
एजेंसी ने यह भी आरोप लगाया कि प्रस्तावित पायलट स्टडी नहीं कराई गई और टेंडर में इस्तेमाल होने वाली तकनीक या मीडिया से संबंधित प्रतिबंधात्मक शर्तें जोड़ी गईं. इसके अलावा ट्रीटेड एफ्लुएंट के जरूरी मानकों को शामिल नहीं किया गया और बाद में तकनीकी शर्तों में बदलाव भी किए गए.
इलेक्ट्रॉनिक सबूतों में बातचीत का दावा
एसीबी के अनुसार, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के विश्लेषण में निजी व्यक्तियों, सरकारी अधिकारियों और बिचौलियों के बीच टेंडर की शर्तों, कॉरिजेंडम और अन्य दस्तावेजों को लेकर कथित बातचीत सामने आई है. एजेंसी का दावा है कि इनमें से कई शर्तों और दस्तावेजों को बाद में दिल्ली जल बोर्ड द्वारा जारी टेंडर नोटिस में शामिल किया गया.
जांच एजेंसी ने आरोप लगाया कि निजी पक्षों और सरकारी अधिकारियों के बीच कथित सांठगांठ थी, जिसका उद्देश्य टेंडर की शर्तों को एक खास तकनीक प्रदाता कंपनी के पक्ष में प्रभावित करना था.
1.52 करोड़ रुपये की रिश्वत का आरोप
इस मामले में एसीबी ने पैसों की लेन-देन को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए हैं. एजेंसी के मुताबिक, Euroteck से कथित तौर पर जुड़ी कंपनियों के जरिए Srijanhar और A.N. Enterprises जैसी बिचौलिया संस्थाओं को रकम ट्रांसफर की गई.
एसीबी का दावा है कि A.N. Enterprises के मालिक नागेंद्र यादव के जरिए दिल्ली जल बोर्ड के तत्कालीन CEO उदित प्रकाश राय और उनके रिश्तेदारों के बैंक खातों में रकम पहुंचाई गई. जांच एजेंसी के अनुसार, उदित प्रकाश राय को उनके और उनके रिश्तेदारों के खातों में बैंकिंग चैनल के जरिए करीब 1.52 करोड़ रुपये की कथित रिश्वत मिली.
एजेंसी का आरोप है कि इस रकम का इस्तेमाल बाद में अचल संपत्ति खरीदने में किया गया. ACB ने कहा है कि A.N. Enterprises के जरिए ट्रांसफर किए गए पैसों का स्रोत Euroteck से जुड़ा हुआ था.
ACB के मुताबिक, राजा कुमार कुर्रा, नागेंद्र यादव और अंकित श्रीवास्तव के बीच बैठकों, टेंडर की शर्तों, कॉरिजेंडम और STP परियोजनाओं से जुड़े अन्य मामलों पर कथित बातचीत की भी जांच की जा रही है. एजेंसी का आरोप है कि कुछ प्रतिबंधात्मक शर्तों को इस तरह जोड़ा या बदला गया, जिससे Euroteck Environment Pvt Ltd को फायदा मिल सके.
सत्येंद्र जैन समेत छह लोगों की गिरफ्तारी को दिल्ली जल बोर्ड के STP टेंडर मामले की जांच में अहम कार्रवाई माना जा रहा है. हालांकि, जांच एजेंसी की ओर से लगाए गए ये आरोप अभी जांच के दायरे में हैं और आरोपियों को कानून के तहत उचित प्रक्रिया और अपना बचाव करने का पूरा अधिकार है.