भारतन्यूज़ – टॉप हेडर
News Menu Bar

Sonali Thudu Viral Video: टूटने वाला था 14 साल की सोनाली का...


नई दिल्ली (Sonali Thudu Viral Video). देश में आज भी लाखों बेटियों के लिए पढ़ाई करना किसी बड़े संघर्ष से कम नहीं है. उनके रास्ते में सबसे बड़ा रोड़ा उनकी काबिलियत या उनके सपने नहीं, बल्कि घर की गरीबी बनती है. हर साल न जाने कितनी ही मासूम बच्चियां सिर्फ इसलिए स्कूल जाना छोड़ देती हैं कि उनके माता-पिता के पास फीस भरने के पैसे नहीं होते. ऐसी ही एक भावुक कर देने वाली कहानी सोशल मीडिया पर हर किसी की आंखें नम कर रही है. यह कहानी झारखंड के दूरदराज गांव में रहने वाली 14 साल की सोनाली थुडू की है, जिसका नर्स बनने का सपना गरीबी की वजह से दम तोड़ने वाला था.

कहावत है ना कि जब सारे रास्ते बंद हो जाते हैं तो ऊपरवाला किसी न किसी को मसीहा बनाकर जरूर भेजता है. सोनाली थुडू की जिंदगी में वो मसीहा बनकर आए देश के मशहूर शिक्षक अलख पांडे. उन्होंने न सिर्फ सोनाली का दर्द समझा, बल्कि उसका हाथ थामकर उसे दोबारा स्कूल की दहलीज तक भी पहुंचाया. इस पूरे वाकये का बेहद इमोशनल वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसे अब तक 16 मिलियन (1.6 करोड़) से ज्यादा बार देखा जा चुका है. लोग इस वीडियो को देखकर भावुक हो रहे हैं और अलख सर के इस कदम को सलाम भी कर रहे हैं.

कच्चे मकान का अंधेरा और टूटने की कगार पर खड़ा सपना

झारखंड के एक छोटे और पिछड़े गांव में रहने वाली 14 वर्षीय सोनाली थुडू ने बचपन से एक ही सपना देखा- पढ़-लिखकर नर्स बनना और बीमार लोगों की सेवा करना. लेकिन किस्मत को कुछ और मंजूर था. हैदराबाद के छोटे-मोटे होटलों में हाउसकीपिंग का काम करने वाले उसके पिता की तबीयत अचानक बहुत ज्यादा खराब हो गई. बीमारी के कारण नौकरी छूटी तो वे वापस गांव लौट आए. घर की पूरी जिम्मेदारी सोनाली की मां के कंधों पर आ गई, जो पशुपालन (गाय-भैंस पालकर) करके किसी तरह दो वक्त की रोटी का इंतजाम करने लगीं. कच्चे मकान में रहने वाले इस परिवार के पास इतने पैसे भी नहीं थे कि वे सोनाली को आगे पढ़ा सकें. ऊपर से गांव में मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट की सुविधा भी न के बराबर थी.

View this post on Instagram

‘सर, मेरा सपना है कि मैं पढ़-लिखकर नर्स बनूं’

जब पढ़ाई जारी रखना बिल्कुल नामुमकिन लगने लगा, तभी सोनाली की मुलाकात शिक्षक अलख पांडे से हुई. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में सोनाली बेहद मासूमियत और उम्मीद भरी नजरों से अलख पांडे से कहती है- सर, मेरा सपना है कि मैं पढ़-लिखकर नर्स बनूं. बच्ची की आंखों में पढ़ने की वो तड़प और उसका पक्का इरादा देखकर अलख पांडे का दिल पिघल गया. उन्होंने बिना एक पल गंवाए सोनाली से पूछा- बताइए, आपका एडमिशन किस स्कूल में कराना है? आप कहां पढ़ना चाहती हैं? सोनाली ने तपाक से अपने पसंदीदा स्कूल ‘सेंट मैरी रेजिडेंशियल हाईस्कूल’ का नाम ले लिया.

अलख पांडे ने उसी दिन स्कूल पहुंचकर जमा की फीस

इस कहानी का सबसे खूबसूरत मोड़ इसके बाद आता है. सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के अनुसार, अलख पांडे ने केवल दिलासा नहीं दिया, बल्कि वे उसी दिन सीधे सेंट मैरी स्कूल पहुंच गए. उन्होंने वहां जाकर न सिर्फ सोनाली का एडमिशन कराया, बल्कि उसके पूरे साल की स्कूल फीस भी अपनी जेब से जमा कर दी. इस तरह 14 साल की सोनाली का नाम कक्षा 9वीं में दर्ज हो गया और उसकी जिंदगी की एक नई और सुनहरी शुरुआत हुई.

नई यूनिफॉर्म और इंटरनेट पर दुआओं की बौछार

वीडियो के आखिरी हिस्से में दिखने वाला मंजर किसी भी संवेदनशील इंसान को भावुक कर सकता है. सोनाली अपनी नई स्कूल यूनिफॉर्म पहने, पीठ पर बस्ता टांगे बेहद खुशी-खुशी नई क्लास की तरफ बढ़ती नजर आ रही है. उसके चेहरे की मुस्कान बता रही है कि उसके सपनों को पंख मिल चुके हैं. वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स अलख पांडे पर जमकर प्यार बरसा रहे हैं. एक यूजर ने लिखा- किसी जरूरतमंद बच्चे को शिक्षा का तोहफा देना दुनिया का सबसे बड़ा पुण्य है. अन्य ने कमेंट किया- ऐसे मददगार लोग हर बच्चे का हाथ थाम लें तो झुग्गियों और गांवों से भी डॉक्टर-आईएएस अफसर निकलने लगेंगे.

सोनाली की कहानी सिखाती है कि मुश्किलें चाहे कितनी भी बड़ी क्यों न हों, अगर हौसला सच्चा हो तो रास्ते खुद-ब-खुद बन जाते हैं.





Source link

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top