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Success Story Of Manav in Indian Army : जयपुर के जोबनेर के मानव कुमावत भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बने, एनडीए और आईएमए से ट्रेनिंग के बाद पहली पोस्टिंग जैसलमेर में मिली है. इनके इस सफलता से पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है. मानव की यह सफलता युवाओं को प्रेरित कर रही है. मानव की कहानी सचमुच में हर मेहनती और देश सेवा के लिए ख्वाब सजाए लोगों के लिए प्रेरणादायक है.
जयपुर जिले के जोबनेर कस्बे के रहने वाले मानव कुमावत ने भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बने हैं. उनकी इस उपलब्धि से पूरे इलाके में खुशी का माहौल है. वे इसके लिए कई सालों से मेहनत कर रहे थे. मानव का कहना है कि रास्ता कितना भी कठिन हो लेकिन लगातार मेहनत से एक दिन सफलता जरूर मिलती है. उन्होंने बताया कि लेफ्टिनेंट बनाना उनका बचपन का सपना था. जो, आज पूरा हो चुका है.
मानव कुमावत ने अपनी स्कूली शिक्षा सैनिक स्कूल, चित्तौड़गढ़ से पूरी की थी. उन्होंने यहां कक्षा 6 से 12 तक की पढ़ाई वहीं से पूरी की थी. सैनिक स्कूल में पढ़ाई के दौरान उन्हें सैन्य जीवन की मूलभूत जानकारी मिली और उनमें अनुशासन, नेतृत्व क्षमता तथा राष्ट्रसेवा की भावना मजबूत हुई. इसी दौरान उन्होंने भारतीय सेना में अधिकारी बनने का लक्ष्य तय किया और उसे हासिल करने के लिए लगातार प्रयास शुरू कर दिए.
स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद मानव का चयन नेशनल डिफेंस एकेडमी (एनडीए), पुणे में हुआ. एनडीए में प्रवेश करने वाले मानव कुमावत कस्बे के पहले व्यक्ति थे. यह उनके और उनके परिवार के लिए किसी बड़ी उपलब्धि से कम नहीं थी. यहां उन्होंने लेफ्टिनेंट बनने के लिए शारीरिक और मानसिक ट्रेनिंग प्राप्त की. प्रशिक्षण के दौरान उन्होंने विभिन्न चुनौतियों का सामना करते हुए खुद को एक जिम्मेदार सैन्य अधिकारी के रूप में तैयार किया और अपने लक्ष्य की ओर मजबूती से कदम बढ़ाए.
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एनडीए का प्रशिक्षण पूरा करने के बाद मानव ने इंडियन मिलिट्री एकेडमी (आईएमए), देहरादून में एक साल के लिए विशेष सैन्य प्रशिक्षण प्राप्त किया. इस दौरान उन्हें सेना के अधिकारी के रूप में कार्य करने के लिए आवश्यक कौशल और नेतृत्व क्षमता विकसित करने का अवसर मिला. प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद उन्हें भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट के कमीशन पद पर नियुक्ति दी गई.
भारतीय सेना में अधिकारी बनने के बाद मानव कुमावत की पहली नियुक्ति राजस्थान के सीमावर्ती जिले जैसलमेर में हुई है. यह क्षेत्र सामरिक दृष्टि से काफी अहम माना जाता है. यहां उनकी जिम्मेदारी देश की सीमाओं की सुरक्षा और सैन्य दायित्वों का निर्वहन करना होगी. मानव ने कहा कि वे एनडीए और आईएमए में बेहतरीन सैन्य प्रशिक्षण प्राप्त किया है. इसी आधार पर जैसलमेर में उन्हें पोस्टिंग मिली है.
मानव के परिवार ने शिक्षा की महता को समझते हुए शुरू से ही सेना में सेना में अधिकारी बनने के उनके सपने को प्राथमिकता दी. मानव के सपने को पूरा करने के लिए उनके पिता रतनलाल कुमावत ने उनका एडमिशन सैनिक स्कूल में कराया. माता मंजू देवी ने भी उनको हमेशा उन्हें शिक्षा, अनुशासन और देशप्रेम के संस्कार दिए. उनके बड़े भाई राहुल कुमावत भी केंद्र सरकार के कोयला मंत्रालय में इंजीनियर अधिकारी हैं, जबकि भाभी अंजु कुमावत सामाजिक कार्यों में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं.
मानव कुमावत के लेफ्टिनेंट बनने पर क्षेत्र के लोगों, समाज के प्रतिनिधियों ने उन्हें शुभकामनाएं दी हैं. लोगों का कहना है कि उनकी उपलब्धि न केवल परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है. साथ ही उनकी सफलता युवाओं को सेना में करियर बनाने, अनुशासित जीवन अपनाने और राष्ट्रसेवा के लिए आगे आने की प्रेरणा भी देगी.