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Sushant Sinha: पहले बीजेपी के गुंडे बताया… जब एक्शन होने लगा तो...


छात्र आंदोलन के नाम पर जो लोग गुंडई कर रहे थे, जो लोग हिंसा फैला रहे थे, उनका एक एक करके हिसाब हो रहा है. ताबड़तोड़ एक्शन हो रहा है. इनकी पहचान हो चुकी है. इनकी धरपकड़ चल रही है. चाहे दिल्ली हो, चाहे बिहार हो, चाहे बंगाल हो… ऐसे लोग अब बचेंगे नहीं, जिन्होंने छात्र आंदोलन में घुसकर उत्पात मचाया, हुड़दंग किया, हिंसा फैलाई. जिन्होंने पुलिस पर हमला किया, जवानों को पीटा, उन पर पत्थर चलाए, उनके सिर फोड़े…

ऐसे लोग सोच रहे थे कि ये छात्र आंदोलन के नाम पर बच जाएंगे, इन पर कोई हाथ नहीं डालेगा, लेकिन ये लोग भूल गए कि कानून के हाथ बहुत लंबे होते हैं. और आज नहीं तो कल इनके गले तक कानून के हाथ पहुंच जाएंगे. यही काम हो रहा है, लेकिन जब ये काम हो रहा है तो इंडी वालों और कॉकरोच पार्टी वाले तिलमिला गए हैं. पहले ये लोग कह रहे थे कि जिन्होंने प्रोटेस्ट में हिंसा की, वो तो बीजेपी के गुंडे हैं, लेकिन जब एक्शन होने लगा है तो ये बवाल करने लगे कि ऐसा क्यों हो रहा है.

हिंसा फैलाने वालों का इलाज हो रहा

कॉकरोच पार्टी तो फिर से प्रोटेस्ट में बैठने की धमकी दे रही है. उधर इंडी वाले इसी को लेकर संसद में माहौल बना रहे हैं. जबकि आप देखिए कि छात्र आंदोलन में क्रिमिनल्स तक घुस गए थे. छात्र आंदोलन की आड़ लेकर पूरे देश में आग लगाने की तैयारी थी. इसीलिए आप देखिए कि सिर्फ दिल्ली के जंतर मंतर पर ही नहीं, देश के अलग अलग हिस्सों में प्रोटेस्ट के नाम पर हिंसा फैलाई गई. लेकिन अब इन हिंसा फैलाने वालों का इलाज हो रहा है.

कोलकाता में छात्र आंदोलन के नाम पर जो प्रोटेस्ट हुआ था, उसमें वही पैटर्न दिखा था कि पीएम के खिलाफ भद्दी-भद्दी बातें कहो, पब्लिक प्रॉपर्टी तोड़ो, पुलिस वालों पर हमले करो. मीडिया पर हमले करो. ये सब करने वालों पर अब पुलिस ताबड़तोड़ एक्शन ले रही है. मीडिया पर हमले के लिए भड़काने के आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है और कोलकाता में इसकी परेड कराई गई. आरोपी को नंगे पैर कोलकाता की सड़कों पर परेड कराई गई. पुलिस इनसे पूछताछ कर रही है. इसी तरह से कोलकाता में हंगामा और बवाल करने वाले लोगों को गिरफ्तार किया जा रहा है. बाकी और आरोपियों की भी धर पकड़ जारी है.

कॉकरोच पार्टी के प्रोटेस्ट के दौरान मीडिया पर हमले की कई तस्वीरें आई थी. मीडिया को जानबूझ के निशाना बनाया गया. कई पत्रकारों पर जानलेवा हमले हुए. महिला रिपोर्टर्स से बदसलूकी की गई, महिला पत्रकारों को भीड़ ने बुरी तरह से घेर के अटैक किया. दिल्ली बिहार और बंगाल तीनों जगह ऐसा देखने को मिला. इसके विरोध में कोलकाता में मीडियाकर्मियों ने विरोध मार्च निकाला. कोलकाता में पत्रकारों ने मार्च निकाला और कहा कि मीडिया पर हमले बंद होने चाहिए.

इधर बिहार में भी प्रदर्शन के दौरान हिंसा और बवाल करने वालों पर एक्शन हो रहा है. बिहार में CJP के समर्थन में हुए प्रोटेस्ट में भयंकर हंगामा हुआ था. पुलिस के साथ टकराव हुआ था. पुलिस पर पथराव भी किया गया था. इसके बाद पुलिस ने हंगामा करने वालों को ट्रेस किया और उनकी तस्वीरें चौराहों पर चिपका दी हैं. इसमें छात्रों और उनके परिवार वालों से अपील की गई है कि शांति के साथ प्रदर्शन करेंगे. नहीं तो हंगामा करने वालों पर एक्शन लिया जाएगा.

बिहार पुलिस ने हंगामा करने वाले डेढ़ सौ से ज्यादा लोगों की फोटो जारी की है. इतना ही नहीं, जैसे-जैसे इन लोगों की शिनाख्त हो रही है, और लोकेशन का पता चल रहा है. सभी को पूछताछ के लिए पुलिस ले जा रही है. अगर इन लोगों ने कुछ नहीं किया होगा तो आराम से छूट जाएंगे. लेकिन अगर किसी ने भी हंगामा, पत्थरबाजी या बवाल किया होगा तो वो धरा जाएगा.

भारत में लोगों को भड़का रहा था पाकिस्तान!

इसी तरह से पेपरलीक के खिलाफ महाराष्ट्र में भी प्रोटेस्ट हुआ था. महाराष्ट्र में भी जमकर हंगामा देखने को मिला था. पुलिस के साथ भिड़ंत की तस्वीरें सामने आई थीं. अब महाराष्ट्र की साइबर सेल की इस प्रोटेस्ट को लेकर बड़ा खुलासा किया है, जिसके मुताबिक CJP प्रोटेस्ट के दौरान पाकिस्तान-मलेशिया से सोशल मीडिया अकाउंट चल थे. साइबर सेल ने 500 से ज्यादा सोशल मीडिया अकाउंट को ट्रेस किया. इससे देश में माहौल खराब करने की कोशिश में पाकिस्तान का रोल सामने आया. पता चला कि इंस्टाग्राम, फेसबुक, X के जरिए भारत में लोगों को पाकिस्तान भड़का रहा था.

असम में भी कॉकरोच पार्टी के सपोर्ट में विरोध प्रदर्शन हुए थे. इस प्रोटेस्ट को SFI ने आयोजित किया था. आरोप है कि इस दौरान भीड़ को उकसाने वाले नारे लगाए गए. इसी पर गुवाहाटी पुलिस ने SFI के 6 लोगों को गिरफ्तार किया है. असम पुलिस के मुताबिक, प्रोटेस्ट के दौरान शांति भंग होने की आशंका थी. भीड़ को भड़काने की कोशिश की जा रही थी. गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ हो रही है. पुलिस को विदेशी फंडिंग की भी आशंका है. ऐसे में विदेशी फंडिंग के एंगल से भी जांच हो रही है.

वैसे तो जांच के बाद पता चलेगा कि विदेशी फंडिंग हुई थी या नहीं. लेकिन आप याद करिए ये वही पुरानी टूलकिट की तरह लग रहा है, और अब तो इस में ग्रेटा थनबर्ग भी शामिल हो गई हैं. वही ग्रेटा थनबर्ग जो भारत के खिलाफ विदेशों में माहौल बनाने में आगे रहती हैं.

पेपरलीक और छात्रों के नाम पर जो प्रदर्शन हुआ, उसकी एक ही डिमांड थी कि शिक्षा मंत्री का इस्तीफा होना चाहिए. लेकिन इस प्रोटेस्ट की लाइन और लेंग्थ शुरू से ही अलग दिख रही थी. प्रोटेस्ट में पीएम मोदी के लिए अपशब्द कहे गए. पोस्टर बैनर के साथ ऐसे ऐसे बयान दिए गए जो कोई भी एक्सेप्ट नहीं कर सकता है. इन सब पर अब दिल्ली पुलिस का एक्शन शुरू हो गया है.

दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को नोटिस दिया है. PM मोदी और केंद्र सरकार के खिलाफ अभद्र पोस्ट्स हटाए गए हैं. दिल्ली पुलिस ने ऐसी सैकड़ों अभद्र पोस्ट्स को चिह्नित किया. AI से बनीं अपमानजनक पोस्ट्स जांच के दायरे में हैं. दिल्ली पुलिस ने IT एक्ट के तहत नोटिस जारी किया है.

यानी जो लोग ये सोच रहे थे कि वो सोशल मीडिया पर किसी के बारे में कुछ भी अपशब्द कहेंगे और कोई एक्शन नहीं होगा तो ऐसा नहीं होगा. दिल्ली पुलिस लगातार सोशल मीडिया की निगरानी कर रही है.

ये कैसा प्रोटेस्ट?

पूरे देश ने देखा है कि जंतर मंतर पर कैसी कैसी बातें कहीं गई. शांतिपूर्ण प्रोटेस्ट ऐसे होता है कि आप किसी को गालियां दे दो, भद्दे-भद्दे इशारे किए जाएं. GenZ के नाम पर इसे जस्टिफाई भी किया जा रहा है. लेकिन क्या ऐसा काम करने वालों को परिवार वाले इसे स्वीकार करेंगे.

प्रोटेस्ट का मतलब ये नहीं है कि हिंसा की जाए, गालियां दी जाएं, लेकिन कॉकरोच पार्टी वाले इसे भी जस्टिफाई कर रहे हैं. कॉकरोच पार्टी के प्रवक्ता सौरव दास ने कहा है कि ‘सोशल मीडिया पर चल रहे मजाक से किसी को क्या दिक्कत है. जो आपके लिए ऑफेंसिव है शायद हमारे लिए ऑफेंसिव नहीं है. पुलिस को छूट दी गई तो वो इसे सेंसरशिप टूल की तरह यूज करेगी. सरकार इन सब पर ध्यान देने के बजाय हमारी मांग पर ध्यान दे. बच्चे फिलहाल चले गए हैं लेकिन वापस आने में टाइम नहीं लगेगा.’

यानी किसी को गालियां देना और उसके बारे में अभद्र कमेंट करना ये सब कॉकरोच पार्टी वालों के लिए सिर्फ मजाक है. अब ये लोग कह रहे हैं कि एक्शन क्यों हो रहा है. कॉकरोच पार्टी ने तो सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर एक्शन होता रहा तो फिर से आंदोलन करना होगा. सीजेपी ने कहा, ‘हमारे साथ हुए समझौते को तोड़ा जा रहा है. बिहार-बंगाल में सैकड़ों छात्र गिरफ्तार हुए हैं. सभी प्रदर्शनकारियों को हम लीगल मदद देंगे. 28 जुलाई तक सभी FIR वापस ली जाएं और सभी प्रदर्शनकारियों को रिहा किया जाए. आगे किसी भी प्रदर्शनकारी पर FIR ना हो. ऐसा नहीं होने पर हम फिर प्रदर्शन करेंगे.’

यही कॉकरोच पार्टी वाले कह रहे थे कि जो भी हिंसा कर रहा है वो हमारा समर्थक नहीं है. और वो हिंसा ही निंदा करते हैं. अभिजीत दीपके ने तो यहां तक कह दिया था कि जो भी हिंसा या हंगामा हो रहा है वो बीजेपी और संघ के लोग कर रहे हैं. कॉकरोच पार्टी वाले फिर से आंदोलन की धमकी दे रहे हैं और वो भी सिर्फ इसलिए कि पुलिस उन प्रदर्शनकारियों पर एक्शन ले रही है. जिन्होंने हिंसा हंगामा और गुंडई की थी.

जंतर मंतर पर जो कुछ भी हुआ, उसकी पूरी डीटेल दिल्ली पुलिस के पास है. दिल्ली पुलिस के पास 100 ऐसे वीडियो हैं, जिसमें हिंसा की पूरी तस्वीर दिख रही है. दिल्ली पुलिस का दावा है कि 20 और 22 जुलाई को हुई हिंसा से जुड़े करीब 100 CCTV वीडियो जांच का हिस्सा हैं. पुलिस के मुताबिक, इन वीडियो में प्रदर्शनकारियों की कई गतिविधियां रिकॉर्ड हुई हैं. फुटेज में भीड़ को सुरक्षा घेरा तोड़ते, पुलिस पर हमला करते, पथराव करते और सरकारी व निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाते हुए देखा जा सकता है.

2873 लोगों के आपराधिक रिकॉर्ड मिले

और ये हिंसा, गुंडई छात्रों ने तो की नहीं है. छात्रों के आंदोलन के नाम पर जो बवाल हुआ, उस पर दिल्ली पुलिस ने आज ही नई डीटेल जारी की है. जिसके बारे में जानकर आप हैरान रह जाएंगे. प्रदर्शन स्थल पर 2873 लोगों के आपराधिक रिकॉर्ड मिले हैं. इसमें से 989 लोगों का गंभीर अपराध का इतिहास रहा है. 101 लोग हत्या के मामलों में शामिल रहे हैं. 62 लोगों पर हत्या की कोशिश के मामले दर्ज हैं. 284 लोग डकैती या लूट के मामलों में शामिल रहे हैं. 61 लोगों पर रेप के मामले दर्ज हैं. 6 लोग POCSO एक्ट के मामलों में आरोपी रहे हैं. 25 लोग महिलाओं से छेड़छाड़ के मामलों में शामिल रहे हैं. 229 लोगों का आर्म्स एक्ट के तहत आपराधिक रिकॉर्ड है. 135 लोग झपटमारी के मामलों में शामिल रहे हैं. 19 लोगों पर अपहरण के मामले दर्ज हैं. 67 लोग नशीले पदार्थों और NDPS एक्ट से जुड़े मामलों में शामिल रहे हैं.

इस डीटेल से साफ है कि प्रोटेस्ट साइट और उसके आसपास मौजूद लोगों में सिर्फ छात्र ही नहीं थे. बल्कि ऐसे भी लोग थे जो आदतन अपराधी हैं. जिन पर हत्या, रेप, डकैती जैसे गंभीर केस दर्ज हैं. क्या इन पर हो रहे एक्शन का भी कॉकरोच वाले या फिर इंडी गठबंधन वाले विरोध करेंगे.



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