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Today Weather Live | Aaj Ka Mausam Live | आज का मौसम:...


Today Weather Live: देशभर में लोग जिस मानसून का इंतजार कर रहे थे, अब उसकी आहट साफ सुनाई देने लगी है. बंगाल की खाड़ी से लेकर अरब सागर तक मौसम का सिस्टम तेजी से एक्टिव हो चुका है और इसका असर अब जमीन पर दिखाई देने लगा है. कई राज्यों में आसमान का रंग बदल चुका है, तेज हवाओं ने गर्मी की रफ्तार पर ब्रेक लगाना शुरू कर दिया है और मौसम विभाग (IMD) लगातार अलर्ट जारी कर रहा है. IMD का कहना है कि अगले कुछ घंटों और दिनों में देश के कई हिस्सों में मौसम अचानक करवट ले सकता है. कहीं धूलभरी आंधी चलेगी तो कहीं बिजली गिरने और ओलावृष्टि का खतरा रहेगा. सबसे ज्यादा चिंता उन इलाकों को लेकर है जहां 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना जताई गई है. मौसम वैज्ञानिक मान रहे हैं कि बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में बन रहे सिस्टम अब पूरे देश के मौसम को प्रभावित करेंगे. यही वजह है कि दिल्ली से लेकर बिहार, राजस्थान से लेकर ओडिशा और दक्षिण भारत तक लगातार चेतावनियां जारी की जा रही हैं. गर्मी से राहत जरूर मिलेगी, लेकिन मौसम का यह बदला हुआ रूप कई जगह परेशानी भी बढ़ा सकता है.

दक्षिण-पश्चिम मानसून अब धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा है और केरल में इसकी एंट्री के लिए परिस्थितियां लगभग पूरी तरह अनुकूल हो चुकी हैं. IMD के अनुसार अगले कुछ घंटों में मानसून केरल पहुंच सकता है, जिसके बाद दक्षिण भारत के कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का दौर शुरू होने की संभावना है. मौसम विभाग का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ, साइक्लोनिक सर्कुलेशन और द्रोणिका जैसे कई सिस्टम एक साथ सक्रिय हैं. यही वजह है कि उत्तर भारत, मध्य भारत और पूर्वी भारत में भी तेज हवाओं और बारिश की गतिविधियां बढ़ती नजर आ रही हैं. कई राज्यों में बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है. मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि जून की शुरुआत में ही मौसम का इतना एक्टिव होना इस बार मानसून के तेज रफ्तार पकड़ने का संकेत भी हो सकता है. हालांकि तेज बारिश और तूफानी हवाओं के कारण किसानों, यात्रियों और खुले इलाकों में रहने वाले लोगों को अधिक सतर्क रहने की सलाह दी गई है. आने वाले दिनों में मौसम का यह बदला हुआ मिजाज देश के बड़े हिस्से को प्रभावित कर सकता है.
  • मौसम विभाग के अनुसार देशभर में कई स्तरों पर मौसम प्रणाली सक्रिय बनी हुई है. पश्चिमी उत्तर प्रदेश के ऊपर एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना हुआ है, जबकि वहां से लेकर उत्तरी तमिलनाडु तक एक द्रोणिका फैली हुई है. इसके अलावा पूर्वोत्तर उत्तर प्रदेश, पूर्वी-मध्य अरब सागर और उत्तरी अंडमान सागर के ऊपर भी ऊपरी हवा के साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय हैं. इन सभी सिस्टम का संयुक्त असर अब देश के मौसम पर दिखाई देने लगा है. कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश और तेज हवाओं की गतिविधियां दर्ज की जा सकती हैं. मौसम विभाग ने साफ कहा है कि आने वाले दिनों में देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम तेजी से बदलता रहेगा.
  • IMD के मुताबिक इस सप्ताह केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक, पुडुचेरी, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात, महाराष्ट्र, असम, मेघालय और अंडमान-निकोबार समेत कई राज्यों में बारिश और आंधी का असर देखने को मिल सकता है. कई इलाकों में तापमान में गिरावट आएगी, जबकि कुछ क्षेत्रों में धूलभरी आंधी और ओलावृष्टि भी हो सकती है. मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी है. किसानों को भी फसल और पशुओं की सुरक्षा के लिए सतर्क रहने को कहा गया है.

दिल्ली-NCR में तेज हवाओं और बारिश का अलर्ट

दिल्ली-NCR में अगले दो दिनों के दौरान मौसम पूरी तरह बदला हुआ नजर आ सकता है. राजधानी में आंशिक बादल छाए रहने के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है. मौसम विभाग के अनुसार दोपहर और शाम के समय गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं. कई इलाकों में धूलभरी आंधी भी देखने को मिल सकती है. हवा की गति 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा रहने का अनुमान है, जबकि कुछ स्थानों पर झोंकों की रफ्तार 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है. बारिश के कारण तापमान में गिरावट होगी और लोगों को गर्मी से राहत मिल सकती है. हालांकि बिजली गिरने और अचानक तेज हवाएं चलने की आशंका को देखते हुए सतर्क रहने की सलाह दी गई है.

यूपी में आंधी-तूफान का बढ़ता खतरा

उत्तर प्रदेश में मौसम विभाग ने 4 से 6 जून तक कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया है. वाराणसी, लखनऊ, प्रयागराज, कानपुर, गोरखपुर, मेरठ, आगरा, झांसी, जौनपुर और चंदौली समेत कई जिलों में तेज हवाओं और बारिश की संभावना है. कुछ जगहों पर 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं. पिछले 24 घंटों के दौरान भी कई जिलों में तेज हवाएं दर्ज की गईं. मौसम विभाग का कहना है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश के साथ तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है. लोगों को खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है.

बिहार में बारिश और लू दोनों का असर

बिहार में मौसम का मिजाज मिला-जुला रहने वाला है. राज्य के दक्षिण-पश्चिम हिस्सों में लू चलने की संभावना है, जबकि उत्तर-पूर्वी जिलों में गरज-चमक और बारिश का असर देखने को मिल सकता है. सुपौल, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया और कटिहार समेत कई जिलों में बिजली गिरने और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है. IMD के अनुसार हवा की गति 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है. बारिश के कारण कुछ इलाकों में तापमान में गिरावट दर्ज होगी, लेकिन दक्षिणी हिस्सों में उमस और गर्मी बनी रह सकती है. मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है.

ओडिशा में चार दिन तक गरज-चमक का खतरा

ओडिशा में अगले चार दिनों तक मौसम सक्रिय बना रहने की संभावना है. IMD ने 22 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है. बालासोर, मयूरभंज, कटक, पुरी, गंजाम और खुर्दा समेत कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है. कई इलाकों में बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है. मौसम विभाग के अनुसार दोपहर और शाम के समय मौसम ज्यादा खराब हो सकता है. तेज हवाओं और बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है. लोगों को बारिश के दौरान खुले स्थानों में जाने से बचने की सलाह दी गई है.

राजस्थान में फिर लौटेगी धूलभरी आंधी

राजस्थान में एक नए पश्चिमी विक्षोभ के असर से मौसम फिर बदलने वाला है. मौसम विभाग ने जयपुर, जोधपुर, बीकानेर, जैसलमेर, बाड़मेर, कोटा और उदयपुर समेत कई जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया है. कुछ इलाकों में ओलावृष्टि भी हो सकती है. IMD के अनुसार 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ चलने की संभावना है. पश्चिमी राजस्थान में धूलभरी आंधी का असर ज्यादा देखने को मिल सकता है. मौसम में बदलाव के कारण राज्य के अधिकांश हिस्सों में तापमान 43 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहने का अनुमान है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलेगी.

मध्यप्रदेश में गरज-चमक के साथ बदलेगा मौसम

मध्यप्रदेश के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक मौसम सक्रिय बना रह सकता है. भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और रीवा समेत कई जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है. मौसम विभाग का कहना है कि तेज हवाओं के साथ कहीं-कहीं आंधी जैसी स्थिति भी बन सकती है. हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचने की संभावना है. मौसम में बदलाव के कारण दिन के तापमान में गिरावट दर्ज हो सकती है. किसानों को खेतों में काम करते समय सतर्क रहने की सलाह दी गई है.

पंजाब और हरियाणा में तेज हवाओं के साथ मौसम का यू-टर्न

  • पंजाब और हरियाणा में 4 से 6 जून के बीच मौसम का मिजाज पूरी तरह बदला हुआ नजर आ सकता है. मौसम विभाग ने दोनों राज्यों में हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक की संभावना जताई है. अमृतसर, लुधियाना, पटियाला, जालंधर, मोहाली और गुरदासपुर समेत कई जिलों में बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं. कई स्थानों पर हवा की गति 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचने का अनुमान है.
  • IMD के अनुसार कुछ इलाकों में तेज तूफानी हवाओं के झोंके 70 किलोमीटर प्रति घंटा तक जा सकते हैं. इससे पेड़ गिरने और बिजली आपूर्ति प्रभावित होने का खतरा बना रहेगा. मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है. बारिश के कारण दोनों राज्यों में तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को गर्मी से राहत मिल सकती है.

उत्तराखंड-हिमाचल में बारिश और बिजली गिरने का खतरा

  • उत्तराखंड में देहरादून, नैनीताल, हरिद्वार, चमोली और पिथौरागढ़ समेत कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है. मौसम विभाग ने गरज-चमक और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है. पर्वतीय इलाकों में अचानक मौसम खराब हो सकता है. यात्रियों और तीर्थयात्रियों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है.
  • हिमाचल प्रदेश में भी शिमला, मंडी, कुल्लू, कांगड़ा और चंबा समेत कई जिलों में बारिश और बिजली गिरने का खतरा बना हुआ है. मौसम विभाग ने 3 से 5 जून तक गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई है. कई इलाकों में तेज हवाएं भी चल सकती हैं. पर्यटन स्थलों पर जाने वाले लोगों को मौसम अपडेट देखते रहने की सलाह दी गई है.

पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

पूर्वोत्तर भारत में मानसून की गतिविधियां तेजी पकड़ रही हैं. अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में भारी बारिश की संभावना जताई गई है. मौसम विभाग के अनुसार 5 से 8 जून के बीच कई इलाकों में तेज बारिश हो सकती है. पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और जलभराव की आशंका भी जताई गई है. उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी भारी बारिश का अनुमान है. लोगों को नदी और नालों के पास जाने से बचने की सलाह दी गई है.

दक्षिण भारत में मानसून की धमाकेदार एंट्री

दक्षिण भारत में मानसून सबसे ज्यादा असर दिखाने वाला है. केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक, लक्षद्वीप और पुडुचेरी में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. मौसम विभाग के अनुसार कई इलाकों में 7 से 20 सेंटीमीटर तक बारिश हो सकती है. तमिलनाडु के 16 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है. कई जगह जलभराव और पेड़ गिरने की घटनाएं भी सामने आई हैं. IMD का कहना है कि अगले कुछ दिनों में मानसून तेजी से आगे बढ़ सकता है, जिससे दक्षिण भारत के कई हिस्सों में लगातार बारिश का दौर देखने को मिलेगा.

आखिर मौसम अचानक इतना खतरनाक क्यों हो गया?

इस समय देशभर में कई मौसम सिस्टम एक साथ सक्रिय हैं. पश्चिमी विक्षोभ, साइक्लोनिक सर्कुलेशन और द्रोणिका मिलकर मौसम को अस्थिर बना रहे हैं. बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से लगातार नमी मिल रही है, जिससे आंधी, बारिश और तेज हवाओं की गतिविधियां बढ़ गई हैं. यही कारण है कि कई राज्यों में एक साथ खराब मौसम देखने को मिल रहा है.

क्या मानसून समय से पहले आ रहा है?

मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून केरल पहुंचने के बेहद करीब है. परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल बनी हुई हैं. हालांकि इसे समय से पहले या देरी से आने की आधिकारिक घोषणा IMD ही करता है, लेकिन मौजूदा मौसम गतिविधियां संकेत दे रही हैं कि मानसून अब तेजी से आगे बढ़ सकता है.

किन राज्यों में सबसे ज्यादा खतरा है?

फिलहाल केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, ओडिशा और पूर्वोत्तर राज्यों में ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है. कई जगह 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं. भारी बारिश और बिजली गिरने का भी खतरा बना हुआ है.

क्या गर्मी से राहत मिलेगी?

हां, बारिश और तेज हवाओं के कारण कई राज्यों में तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है. दिल्ली, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में लोगों को भीषण गर्मी और लू से राहत मिलने की संभावना है. हालांकि उमस बढ़ सकती है.

खराब मौसम के दौरान लोगों को क्या सावधानी रखनी चाहिए?

मौसम विभाग ने लोगों को आंधी और बिजली गिरने के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी है. पेड़ों, बिजली के खंभों और कमजोर ढांचों से दूर रहें. तेज हवाओं के दौरान वाहन सावधानी से चलाएं और मौसम अपडेट पर नजर बनाए रखें. किसानों को भी फसलों और पशुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा गया है.



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