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Record UPI Transaction : एनपीसीआई ने अक्टूबर में यूपीआई पर शुल्क टालने का फैसला किया तो यूजर्स भी जमकर लेनदेन करने लगे. त्योहारी सीजन होने की वजह से अक्टूबर में कुल यूपीआई ट्रांजेक्शन पहली बार 1 लाख करोड़ प्रतिदिन के लेवल तक पहुंच गया है. इस दौरान कुल लेनदेन 31 लाख करोड़ रुपये से भी ज्यादा पहुंच गया है.
यूपीआई पर 0.4 फीसदी एमडीआर शुल्क लगाए जाने की तैयारी है.
नई दिल्ली. पिछले दिनों यूपीआई पर शुल्क लगाने की चर्चा ने खुदरा दुकानदारों और ग्राहकों के मन में कई सवाल उठाए, लेकिन आंकड़ों से पता चलता है कि न तो ग्राहक और न ही दुकानदार पर इस शुल्क का दबाव दिखा है. वैसे एनपीसीआई ने शुल्क को त्योहारों तक टाल दिया है, लेकिन आंकड़े बताते हैं कि पहली बार यूपीआई से रोजाना ट्रांजेक्शन 1 लाख करोड़ रुपये से भी ज्यादा पहुंच गया है.
त्योहारी सीजन की खरीदारी से अक्टूबर महीने में कुल यूपीआई टा्रंजेक्शन 31.53 लाख करोड़ रुपये रहा है, जो औसतन रोजाना 1 लाख करोड़ से ज्यादा है. इससे पहले सितंबर में 98 हजार करोड़ के रोजाना लेनदेन का रिकॉर्ड बना था, जो बीते महीने पहली बार 1 लाख के आंकड़े को पार कर गया. इतना ही नहीं, पहली बार यूपीआई ने एक महीने में 30 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का ट्रांजेक्शन क्रॉस किया है. इससे पहले मई महीने में सबसे ज्यादा 29.9 लाख करोड़ का रिकॉर्ड ट्रांजेक्शन हुआ था.
अक्टूबर में कितनी बार लेनदेन
देश की सबसे पसंदीदा डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म यूपीआई ने अक्टूबर महीने में 25.47 अरब ट्रांजेक्शन किया है, जो रोजाना करीब 82.1 करोड़ है. फिलहाल कुल डिजिटल ट्रांजेक्शन में यूपीआई की हिस्सेदारी 89 फीसदी पहुंच गई है और कार्ड व ऑनलाइन बैंकिंग को कहीं पीछे छोड़ दिया है. इससे पहले एक दिन में सबसे ज्यादा लेनदेन का रिकॉर्ड सितंबर में था, जब 80.2 करोड़ लेनदेन हुए. अगर महीनेभर का पिछला रिकॉर्ड देखा जाए तो अगस्त में 24.5 अरब लेनदेन रहा था.
दिवाली बाद शुल्क पर विचार
एनपीसीआई ने 2000 से ज्यादा के ट्रांजेक्शन पर एमडीआर यानी मर्चेंट डिस्काउंट रेट शुल्क लगाने का फैसला किया था, लेकिन त्योहारी सीजन को देखते हुए फिलहाल इसे टाल दिया गया. अब माना जा रहा है कि दिवाली बाद इसे दोबारा लागू करने पर विचार किया जाएगा. अनुमान है कि नवंबर के दूसरे सप्ताह में इसे दोबारा लागू करने पर बात होगी. कारोबारियों के विरोध की वजह से इसे अक्टूबर में लागू नहीं किया गया और त्योहारों तक टालने का फैसला किया गया.
यूपीआई पर कितना चार्ज लगेगा
सितंबर महीने में एनपीसीआई ने 2 हजार से ज्यादा के लेनदेन पर 0.4 फीसदी एमडीआर लगाने का फैसला किया था. इसका मतलब है कि हर 2 हजार के भुगतान पर 8 रुपये तो 10 हजार के भुगतान पर 40 रुपये का एमडीआर वसूला जाएगा. अनुमान है कि एमडीआर लगाए जाने के बाद हर साल बैंकों और भुगतान कंपनियों के पास 15 हजार करोड़ का रेवेन्यू आएगा, जिसका इस्तेमाल देश में डिजिटल इकोसिस्टम को मजबूत बनाने में किया जाएगा.
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प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्वेस्टमेंट टिप्स, टैक्स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…